Made by Google

Google Pixel 11
Google ने Pixel 11 सीरीज़ का पहला आधिकारिक टीज़र जारी किया, नए 'Pixel Glow' डिज़ाइन की दिखाई झलक

नई दिल्ली, एजेंसियां। Google ने अपनी आगामी Pixel 11 स्मार्टफोन सीरीज़ का पहला आधिकारिक टीज़र जारी कर दिया है। टीज़र में कंपनी ने नए 'Pixel Glow' डिज़ाइन की झलक दिखाई है, जिसमें पहले के मुकाबले अधिक प्रीमियम फिनिश, नए कैमरा मॉड्यूल और आकर्षक रंग विकल्प देखने को मिले हैं। टीज़र सामने आने के बाद Pixel 11 सीरीज़ को लेकर टेक जगत में उत्सुकता काफी बढ़ गई है। कंपनी पहले ही पुष्टि कर चुकी है कि Pixel 11 सीरीज़ को 12 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले 'Made by Google' इवेंट में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा।   नए डिज़ाइन पर रहेगा खास फोकस   जारी किए गए टीज़र के अनुसार Pixel 11 सीरीज़ में Google ने डिज़ाइन को पहले से अधिक आधुनिक बनाने पर जोर दिया है। 'Pixel Glow' फिनिश के कारण फोन की बैक पैनल लाइट के अनुसार अलग-अलग शेड में चमकती नजर आएगी। कैमरा बार को भी नया लुक दिया गया है, जबकि प्रीमियम मेटल फ्रेम और स्लिम प्रोफाइल इसकी खासियत मानी जा रही है।   AI फीचर्स भी होंगे पहले से बेहतर   रिपोर्ट्स के मुताबिक Pixel 11 सीरीज़ में Google का नया Tensor G6 चिपसेट, उन्नत Gemini AI फीचर्स, बेहतर कैमरा प्रोसेसिंग और ऑन-डिवाइस AI क्षमताएं मिल सकती हैं। कंपनी इस सीरीज़ के जरिए AI आधारित स्मार्टफोन अनुभव को और बेहतर बनाने पर जोर दे रही है।   12 अगस्त को होंगे कई बड़े ऐलान   'Made by Google' इवेंट में Pixel 11 के साथ Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL, Pixel 11 Pro Fold और Pixel Watch 5 जैसे नए डिवाइस भी पेश किए जाने की उम्मीद है। लॉन्च के तुरंत बाद कई बाजारों में प्री-ऑर्डर भी शुरू हो सकते हैं।   लॉन्च से पहले बढ़ी उत्सुकता   आधिकारिक टीज़र जारी होने के बाद Pixel 11 सीरीज़ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में Google इसके कैमरा, AI फीचर्स, कीमत और उपलब्धता से जुड़ी अन्य जानकारियों का भी खुलासा कर सकता है।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Google Pixel 11 Series smartphones showcased ahead of the Made by Google event with AI features and 256GB storage highlights.
Google Pixel 11 Series: 12 अगस्त को होगा लॉन्च, 256GB स्टोरेज और Pixel Glow फीचर पर टिकी नजर

Google ने अपने सालाना Made by Google इवेंट की तारीख का ऐलान कर दिया है। कंपनी 12 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले इस इवेंट में नई Pixel 11 Series और Pixel Watch 5 पेश कर सकती है। लॉन्च से पहले सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार स्मार्टफोन सीरीज में स्टोरेज, AI फीचर्स और कीमत तीनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 12 अगस्त को लॉन्च होगी Pixel 11 Series Made by Google इवेंट में कंपनी के इन डिवाइसों से पर्दा उठने की उम्मीद है: Google Pixel 11 Google Pixel 11 Pro Google Pixel 11 Pro XL Google Pixel 11 Pro Fold Google Pixel Watch 5 लीक्स के अनुसार, फोन का डिजाइन पिछले मॉडल से मिलता-जुलता रहेगा, जबकि Pro और Fold मॉडल पहले से अधिक पतले हो सकते हैं। 256GB स्टोरेज बन सकता है नया बेस वेरिएंट रिपोर्ट्स के मुताबिक Google इस बार 128GB बेस स्टोरेज को हटाकर 256GB स्टोरेज से शुरुआत कर सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यूजर्स को अधिक फोटो, वीडियो, ऐप्स और AI फीचर्स इस्तेमाल करने के लिए अतिरिक्त स्टोरेज मिलेगा, जिससे प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में Pixel की प्रतिस्पर्धा और मजबूत हो सकती है। Pixel Glow फीचर क्या है? लीक्स में एक नए Pixel Glow फीचर की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि यह फोन के पीछे LED आधारित नोटिफिकेशन सिस्टम होगा, जो: कॉल आने पर मैसेज नोटिफिकेशन चार्जिंग स्टेटस अन्य महत्वपूर्ण अलर्ट को अलग-अलग लाइट संकेतों के जरिए दिखा सकता है। हालांकि कंपनी ने अभी इस फीचर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। AI हार्डवेयर की वजह से बढ़ सकती है कीमत रिपोर्ट्स के अनुसार AI आधारित हार्डवेयर और महंगे कंपोनेंट्स की वजह से Pixel 11 Series की कीमत पिछले मॉडल्स से अधिक हो सकती है। संभावित अंतरराष्ट्रीय कीमतें: Pixel 11: लगभग 899 डॉलर Pixel 11 Pro: लगभग 1,099 डॉलर Pixel 11 Pro XL: लगभग 1,299 डॉलर Pixel 11 Pro Fold: लगभग 1,899 डॉलर हालांकि लॉन्च से पहले इन कीमतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Pixel Watch 5 में भी मिल सकते हैं बड़े बदलाव इसी इवेंट में Pixel Watch 5 के लॉन्च होने की भी उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार: डिजाइन में बड़े बदलाव की संभावना कम है। कंपनी नया Tensor आधारित प्रोसेसर इस्तेमाल कर सकती है। इससे AI फीचर्स और स्मार्ट परफॉर्मेंस बेहतर होने की उम्मीद है। बैटरी और वास्तविक प्रदर्शन की जानकारी लॉन्च के बाद ही सामने आएगी। भारतीय बाजार के लिए क्यों है खास? भारत में Pixel स्मार्टफोन्स की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। बेहतर कैमरा, क्लीन एंड्रॉयड अनुभव और लंबे सॉफ्टवेयर अपडेट की वजह से यह सीरीज प्रीमियम यूजर्स की पसंद बनती जा रही है। यदि 256GB स्टोरेज बेस मॉडल में मिलता है, तो भारतीय ग्राहकों को अधिक वैल्यू मिल सकती है। वहीं संभावित कीमत बढ़ने के बाद Pixel 11 Series की टक्कर Samsung Galaxy S Series, Apple iPhone और OnePlus के फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स से और कड़ी हो सकती है।  

surbhi जुलाई 13, 2026 0
Google Pixel
Google Pixel 11 सीरीज की लॉन्च डेट तय, AI फीचर्स और नए Tensor चिप के साथ होगी एंट्री

नई दिल्ली, एजेंसियां। टेक दिग्गज Google अपनी अगली फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज Google Pixel 11 को लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी ने 12 अगस्त 2026 को "Made by Google" इवेंट आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें नई Pixel सीरीज पेश किए जाने की उम्मीद है। इस इवेंट में Pixel 11, Pixel 11 Pro और अन्य Pixel डिवाइस लॉन्च किए जा सकते हैं।   AI फीचर्स पर रहेगा Google का फोकस   Google Pixel 11 सीरीज में कंपनी अपने Gemini AI को और ज्यादा बेहतर तरीके से इंटीग्रेट कर सकती है। नए स्मार्टफोन में AI आधारित कैमरा फीचर्स, स्मार्ट एडिटिंग, बेहतर वॉयस असिस्टेंट और ऑन-डिवाइस AI प्रोसेसिंग जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।   नए Tensor G6 प्रोसेसर की चर्चा   रिपोर्ट्स के मुताबिक Pixel 11 सीरीज में नया Tensor G6 चिपसेट दिया जा सकता है। यह प्रोसेसर बेहतर परफॉर्मेंस, तेज AI प्रोसेसिंग और पावर एफिशिएंसी के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा कैमरा और डिस्प्ले में भी बड़े अपग्रेड मिलने की संभावना जताई जा रही है।   Pixel 11 Pro और Fold मॉडल भी हो सकते हैं लॉन्च   Google इस बार Pixel 11 सीरीज के साथ Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold जैसे मॉडल भी पेश कर सकता है। हालांकि कंपनी ने अभी तक सभी डिवाइस की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।   कीमत में बढ़ोतरी की संभावना   लीक रिपोर्ट्स के अनुसार, Pixel 11 सीरीज की कीमत पिछली पीढ़ी की तुलना में ज्यादा हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Google बेस मॉडल में ज्यादा स्टोरेज विकल्प दे सकता है, जिसके कारण कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है।   लॉन्च के बाद बढ़ेगी AI स्मार्टफोन की प्रतिस्पर्धा   Pixel 11 सीरीज के जरिए Google का लक्ष्य स्मार्टफोन में AI अनुभव को और मजबूत करना है। कंपनी Apple और Samsung जैसे प्रतिस्पर्धियों को टक्कर देने के लिए कैमरा, सॉफ्टवेयर और AI क्षमताओं पर बड़ा दांव लगा रही है।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0