March 20 major events

Important Events
Important Events: 20 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1602 – यूनाइटेड डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई। 1739 - नादिरशाह ने दिल्ली सल्तनत पर कब्ज़ा किया। मयूर सिंहासन के गहने चोरी किये और उन्होंने दो महीने तक दिल्ली में लूटमार की थी। 1814 – प्रिंस विलियम फ्रेडरिक नीदरलैंड का शासक बना। 1861 – अर्जेंटीना का मेंडोना शहर शक्तिशाली भूकंप की वजह से पूरी तरह से तबाह हो गया। 1904 – सी. एफ. एंड्रूज महात्मा गाँधी के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने भारत आये। 1916 – अल्‍बर्ट आइंस्‍टीन की किताब जनरल थ्‍योरी ऑफ रिलेटिवली का प्रकाशन हुआ। 1920 – लंदन से दक्षिण अफ्रीका के बीच पहली उड़ान शुरू हुई। 1956 – ट्यूनीशिया को फ्रांस से आजादी मिली। 1956 – सोवियत संघ ने परमाणु परीक्षण किया। 1964 – यूरोपियन स्पेश रिचर्स आॅर्गनाइजेशन की स्थापना हुई। 1966 – लंदन वेस्टमिनिस्टर के सेंट्रल हॉल में प्रदर्शनी के लिए रखा गया फुटबॉल वर्ल्ड कप चोरी हो गया। इसकी कीमत तीस हजार पाउंड थी। 1969 – अमेरिका के राष्ट्रपति निक्सन ने वर्ष 1970 में वियतनाम युद्ध की समाप्ति की घोषणा की। 1977 – प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी लोकसभा चुनाव में पराजित हुईं। 1981 – अर्जेंटीना के पूर्व राष्ट्रपति इसाबेल पेरोन को आठ वर्ष की सजा हुई। 1982 – फ्रांस ने परमाणु परीक्षण किया। 1987 – फूड एंड ड्रग एडमिनिशट्रेशन ने एंटी एड्स दवा AZT को मंजूरी दी। अमेरिकी सरकार द्वारा एड्स के इलाज के लिए मंजूरी दी जाने वाली यह पहली दवा थी। 1990 – नामीबिया ने 75 सालों के दक्षिण अफ्रीकी शासन से आजादी पाई थी और अर्धरात्रि में  स्वतंत्रता की घोषणा हुई। 1991 - बेगम ख़ालिदा जिया बांग्लादेश की राष्ट्रपति निर्वाचित। 1995 – टोक्यो में भूमिगत रेल मार्ग में विषैली गैस के लीक होने से 12 लोगों की मौत हो गई और 4700 लोग घायल हुए। 2002 - नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा 6 दिवसीय यात्रा पर भारत पहुँचे । 2002 - जिम्बाब्वे राष्ट्रमंडल से निलम्बित। 2003 - इराक पर अमेरिकी हमला शुरू। 2006 - अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री ने दावा किया कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में है। 2009 - न्यायमूर्ति चन्द्रमौली कुमार प्रसाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश नियुक्त हुए। 2013 - FDI World Dental Federation ने विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस की शुरुआत की। 2019 - पीएनबी घोटाला: भगोड़ा नीरव मोदी लंदन में गिरफ्तार, नहीं मिली जमानत, 29 मार्च तक जेल में रहेगा। 2020  - फिनलैंड ने दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की सूची में लगातार तीसरी बार पहला स्थान हासिल किया, भारत 144 वें स्थान पर व अफगानिस्तान सबसे कम खुशहाल देश। 2020 - रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष (2020-21) के लिए भारत की जीडीपी विकास दर का अनुमान घटाकर 5.1 प्रतिशत किया। 2021 - ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्वी तट पर मूसलाधार बारिश हुई। 2021 - महाराष्‍ट्र के रत्‍नागिरि जिले में केमिकल फैक्‍ट्री में हुए विस्‍फोट में चार लोग मारे गये। 2021 - अमरीका के रक्षा मंत्री लॉयड जेम्‍स ऑस्टिन ने विदेश मंत्री डाक्‍टर एस जयशंकर से मुलाकात में अंतर्राष्‍ट्रीय सामरिक मुद्दों पर व्‍यापक विचार-विमर्श किया। 2022 - अमेरिका और बांग्लादेश के बीच ढाका में 8वीं साझेदारी वार्ता हुई। 2022 - यमन के हौसी विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। 2022 - यूक्रेन के राष्ट्रवादियों ने मारियुपोल में 130,000 नागरिकों को बंधक बनाया गाया व रूस ने 16,000 से अधिक लोगों को निकाला। 2022 - यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन में मार्शल लॉ का विस्तार करने वाले एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए। 2022 - हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने 35वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले का उद्घाटन किया। 2023 - भारत और जापान ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्‍पीड रेल परियोजना ऋण और जापानी भाषा में सहयोग से जुड़े दो समझौतों पर हस्‍ताक्षर किये। 2023 - नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्‍प कमल दहल ने संसद में विश्‍वास मत हासिल किया व नव निर्वाचित उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। 2023 - पर्यावरण के साथ संतुलित विकास' विषय पर सिविल 20 इंडिया 2023 के स्थापना सम्मेलन का पहला पूर्ण सत्र हुआ व कार्यसमिति की बैठक नागपुर में शुरू हुई। 2024 - मुख्य युद्धक टैंकों के लिये भारत के पहले स्वदेश निर्मित 1500 हार्सपावर इंजन का पहला परीक्षण बीईएमएल मैसूरू में किया गया।   20 मार्च को जन्मे व्यक्ति   1615 - दारा शिकोह - मुग़ल बादशाह शाहजहाँ और मुमताज़ महल का सबसे बड़ा पुत्र था। 1782 - कर्नल टॉड - अंग्रेज़ अधिकारी एवं इतिहासकार, जिसे राजस्थान के इतिहास का मार्ग सर्वप्रथम प्रशस्त करने का श्रेय दिया जाता है। 1966 – नेशनल फिल्‍म अवार्ड विजेता गायिका अल्‍का याग्निक का जन्‍म कोलकाता में हुआ था। 1973 - अर्जुन अटवाल - भारतीय पहले गोल्फ खिलाड़ी। 1982 - निशा मिलेट - भारतीय की जानी-मानी तैराक। 1987 - कंगना राणावत, भारतीय अभिनेत्री।   20 मार्च को हुए निधन   1351 – दिल्ली के सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु हुई। 1727 - आइज़ैक न्यूटन - महान् गणितज्ञ, भौतिक वैज्ञानिक, ज्योतिर्विद एवं दार्शनिक थे। 1858 - रानी अवन्तीबाई लोधी भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली प्रथम महिला शहीद वीरांगना थीं। 1943 - एस. सत्यमूर्ति - भारत के क्रांतिकारी नेता थे। 1943 - शशिभूषण रथ - 'उड़िया पत्रकारिता के जनक' और स्वतंत्रता सैनानी थे। 1970 - जयपाल सिंह - भारतीय हॉकी के प्रसिद्ध खिलाड़ियों में से एक। 1972 - प्रेमनाथ डोगरा - जम्मू-कश्मीर के एक नेता थे। 1995 - रोहित मेहता - प्रसिद्ध साहित्यकार, विचारक, लेखक‍, दार्शनिक, भाष्यकार और स्वतंत्रता सेनानी थे। 1999 - प्रख्यात ब्रिटिश अमूर्त चित्रकार पैट्रिक हेरोन का निधन। 2008 - सोभन बाबू, भारतीय अभिनेता। 2011 - बोब क्रिस्टो -भारतीय फ़िल्मों के अभिनेत्री। 2014 - खुशवंत सिंह - भारत के प्रसिद्ध पत्रकार, लेखक, उपन्यासकार और इतिहासकार। 2015 - मैल्कम फ्रेजर - ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री। 2019 - 1971 युद्ध के हीरो बांग्लादेश नेवी के संस्थापक कैप्टन एमएन सामंत का निधन। 2020  - प्रदीप कुमार बनर्जी  भारतीय फ़ुटबॉल खिलाड़ी (राष्ट्रीय टीम) और प्रबन्धक का हृदयाघात से निधन। 2020  - केनी रोजर्स -अमेरिकी गायक, संगीत लेखक और अभिनेता। 2021 - शेयर बाजार रेग्युलेटर SEBI के पूर्व चेयरमैन जीवी रामाकृष्ण का 91 साल की उम्र में निधन हुआ। 2021 - पहली ओड़िशी नृत्यांगना तथा ओड़िशी नृत्यगुरू स्व. केलुचरण महापात्र की पत्नी लक्ष्मीप्रिया महापात्र का निधन हुआ। 2023 - ऑस्ट्रेलियाई रग्बी लीग प्रोप जॉन सैटलर (80) का निधन हुआ। 2023 - अर्जेंटीना के फ़ुटबॉल फ़ॉरवर्ड ओस्वाल्डो हेक्टर क्रूज़ (91) का निधन हुआ। 2023 - पाकिस्तान के प्रसिद्ध वैद्य गोपाल गंगावैश (100) का निधन हुआ। 2024 -पूर्व अंतरराष्ट्रीय एथलीट बुधवा उरांव मध्य रात्री झारखंड के जमशेदपुर में निधन हो गया।   20 मार्च के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   उत्तरगोल प्रारम्भ। महाविषुवदिन। मेला नवचण्डी प्रारम्भ (मेरठ , उ.प्र. , पंचांगभेद)। विजय गोविन्द हलंकर दिवस (मणिपुर , कन्फर्म कर लें)। श्री वनचन्द्र गोस्वामी जयन्ती (चैत्र कृष्ण छठ ,1528)। रानी अवन्तीबाई लोधी शहीदी दिवस (बलिदान दिवस)। सामाजिक अधिकारिता स्मृति दिवस (महाराष्ट्र)। अन्तर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस (International Happiness Day)। विश्व गौरेया दिवस। अंतर्राष्ट्रीय फ़्रैंकोफ़ोनी दिवस। विश्व मेंढक दिवस। फ्रेंच भाषा दिवस (संयुक्त राष्ट्र )। स्वतंत्रता दिवस (ट्यूनीशिया)। विश्व मस्तिष्क आघात /चोट जागरुकता दिवस (World Head Injury Awareness Day)। विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस (World Oral Health Day)।   कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की  कोई जिम्मेदारी नहीं है।

Anjali Kumari मार्च 20, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Crowd chaos at Nalanda Sheetla Temple during religious event causing stampede-like situation and casualties
बिहार

नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0