Murder Case

बिहार: लॉरेंस गैंग के नाम पर मंत्री के बेटे से 50 लाख की रंगदारी, धमकी देने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार   मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर में बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे कृष्ण मुरारी कुमार से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 50 लाख रुपये
बिहार: पत्नी की विदाई को लेकर विवाद में खूनी खेल, दामाद ने धारदार हथियार से ससुर की हत्या की

समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में पत्नी की विदाई को लेकर हुआ पारिवारिक विवाद खूनी वारदात में बदल गया। आरोप है कि दामाद ने अपने 45 वर्षीय ससुर विजय दास की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।   ससुराल पहुंचा था पत्नी को लेने   पुलिस के अनुसार, चांदचौर निवासी जितेंद्र दास रविवार देर रात अपनी पत्नी की विदाई कराने ससुराल पहुंचा था। किसी कारणवश विदाई नहीं होने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर जितेंद्र ने धारदार हथियार से अपने ससुर पर हमला कर दिया।   मौके पर ही हुई विजय दास की मौत   परिजनों के मुताबिक, आरोपी ने विजय दास की गर्दन पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई।   एफएसएल और डीआईयू टीम ने जुटाए साक्ष्य   घटना की सूचना मिलने पर मुसरीघरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल और जिला आसूचना इकाई (DIU) की टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।   आरोपी दामाद की तलाश में छापेमारी जारी   पुलिस ने आरोपी जितेंद्र दास की गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा लग रहा है।   पुलिस बोली- हर पहलू की होगी जांच   एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
CBI officials escort the main accused in the 2007 Barrackpore businessman Sukanta Ghosh murder case after his arrest in Gorakhpur following years of absconding under a changed identity.
19 साल बाद सीबीआई के शिकंजे में सुकांत घोष हत्याकांड का मुख्य आरोपी, गोरखपुर से हुई गिरफ्तारी

कोलकाता: करीब 19 वर्ष पुराने बैरकपुर के चर्चित सुकांत घोष हत्याकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने मामले के मुख्य आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहे शिबू कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले कई वर्षों से अपनी पहचान बदलकर अखिलेश कुमार शाही के नाम से रह रहा था। गोरखपुर से हुई गिरफ्तारी सीबीआई के अनुसार, खुफिया सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर मंगलवार को गोरखपुर के रायगंज रोड स्थित साउथ गांधी आश्रम क्षेत्र में छापेमारी कर शिबू कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद आरोपी को कोलकाता लाकर अदालत में पेश किया जाएगा। 2007 में हुई थी सर्राफा कारोबारी की हत्या मामला 6 जुलाई 2007 का है। बैरकपुर के चिड़ियामोड़ निवासी और सर्राफा कारोबारी सुकांत घोष एक फोन कॉल आने के बाद घर से व्यवसायिक काम का हवाला देकर निकले थे। अगले दिन उनका रक्तरंजित शव लाटबागान स्थित जवाहर कुंज के पास मिला था। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर धारदार हथियार से किए गए 18 वार के निशान मिले थे। मामले की शुरुआती जांच में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य आरोपी शिबू कुमार सिंह फरार हो गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर CBI ने संभाली जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए 27 अगस्त 2009 को कलकत्ता हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इसके बाद एजेंसी ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर जांच शुरू की। सीबीआई ने 31 दिसंबर 2010 को पहली चार्जशीट और 14 नवंबर 2011 को पूरक चार्जशीट दाखिल की, जिसमें शिबू कुमार सिंह सहित चार लोगों को आरोपी बनाया गया। 2016 में घोषित हुआ था भगोड़ा लगातार फरार रहने के कारण अदालत ने 15 दिसंबर 2016 को शिबू कुमार सिंह को घोषित भगोड़ा (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी पहचान बदल ली और उत्तर प्रदेश में दूसरे नाम से रहने लगा। फिरौती के आरोप भी आए थे सामने जांच के दौरान यह आरोप भी सामने आए थे कि कारोबारी सुकांत घोष से कथित तौर पर बड़ी रकम की फिरौती मांगी गई थी। रकम नहीं मिलने पर उनकी हत्या कर दी गई। हालांकि, इस पहलू पर न्यायिक प्रक्रिया अभी भी जारी है और अंतिम फैसला अदालत को करना है। मामले के निष्कर्ष तक पहुंचने की उम्मीद सीबीआई अधिकारियों का मानना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से करीब दो दशक पुराने इस बहुचर्चित हत्याकांड की जांच को निर्णायक दिशा मिलेगी। एजेंसी अब आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाएगी।  

Deepshikha जुलाई 15, 2026 0
Police investigation underway in Telangana's Nizamabad after a man was allegedly murdered in a conspiracy involving his wife, her alleged lover, and another accused.
तेलंगाना में पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश, पति को 'टॉयलेट क्लीनर' का इंजेक्शन देकर हत्या; 3 गिरफ्तार

हैदराबाद: तेलंगाना के निजामाबाद जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, एक महिला ने अपने प्रेमी और एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि घायल पति को पहले छत से धक्का दिया गया और जब वह बच गया, तो उसके शरीर में कैनुला के जरिए कथित तौर पर टॉयलेट क्लीनर और बेहोशी की दवा इंजेक्ट कर उसकी हत्या कर दी गई। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। खाड़ी देश से लौटे पति की मौत पर मां को हुआ शक पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 35 वर्षीय प्रशांत के रूप में हुई है, जो एक खाड़ी देश में काम करता था। मामले का खुलासा तब हुआ जब 1 जुलाई को प्रशांत की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्हें बेटे की मौत की सूचना तो मिली, लेकिन उसके भारत लौटने या बीमार होने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इसी आधार पर उन्होंने बहू पर संदेह जताया। पुलिस जांच में सामने आया प्रेम प्रसंग तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड की जांच में पुलिस को पता चला कि प्रशांत की पत्नी संध्या का अनिल नामक व्यक्ति से कथित प्रेम संबंध था। जांच के अनुसार, दोनों को लगता था कि प्रशांत उनके रिश्ते में बाधा है। इसके बाद उन्होंने वेंकट साई नामक व्यक्ति की मदद से हत्या की योजना बनाई। पहले छत से धक्का, फिर अस्पताल से घर लाकर हत्या पुलिस के अनुसार, 29 जून को वेंकट साई ने प्रशांत को शराब पिलाई और उसे इमारत की छत पर ले जाकर नीचे धक्का दे दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद प्रशांत की जान बच गई। इसके बाद उसे सरकारी और फिर निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में इलाज के दौरान ही घर वापस ले आए। कैनुला के जरिए कथित तौर पर टॉयलेट क्लीनर और दवा दी जांच में आरोप है कि घर लौटने के बाद भी प्रशांत के जीवित रहने पर संध्या ने अस्पताल में लगे कैनुला के जरिए उसके शरीर में कथित तौर पर टॉयलेट क्लीनर और बेहोशी की दवा का मिश्रण इंजेक्ट किया। इसके बाद उसे चारपाई से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। तीनों आरोपी गिरफ्तार पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान संध्या, अनिल और वेंकट साई ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। तीनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।  

Deepshikha जुलाई 8, 2026 0
Police investigate a house in Agra after a missing man's body was allegedly found buried beneath the bathroom floor during a murder probe.
आगरा में सनसनी: पति की हत्या कर बाथरूम के फर्श के नीचे दफनाया शव, 45 दिन तक गुमशुदगी का ड्रामा करती रही पत्नी

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला पर अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफनाने का आरोप लगा है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी महिला ने खुद ही पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस ने जांच के दौरान बाथरूम का फर्श खुदवाया, जहां से शव बरामद हुआ। गुमशुदगी की शिकायत ने खोला हत्या का राज पुलिस के मुताबिक, 45 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को पत्नी रूबी शर्मा के बयानों पर संदेह हुआ। पूछताछ में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने घर की तलाशी ली और बाथरूम का फर्श खुदवाया, जहां सुरेंद्र का शव दबा मिला। शव दबाकर ऊपर डाल दिया था कंक्रीट सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अमीषा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रूबी शर्मा ने कथित तौर पर पति की हत्या करने के बाद शव को बाथरूम के फर्श के नीचे दबा दिया और ऊपर से कंक्रीट डालकर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या के पीछे की वजह जानने के लिए उससे पूछताछ की जा रही है। शराब और घरेलू विवाद की बात सामने आई प्रारंभिक जांच और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, महिला ने पूछताछ में बताया कि पति की शराब की लत और आए दिन होने वाले घरेलू विवादों से परेशान होकर उसने करीब डेढ़ महीने पहले हत्या की थी। पुलिस अभी इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। पड़ोसियों को पहले से था शक स्थानीय निवासी गौरव दीक्षित ने बताया कि सुरेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे। सुरेंद्र मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले थे और पिछले नौ वर्षों से आगरा की रेणुका धाम कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे थे। पड़ोसियों के मुताबिक, जब सुरेंद्र कई दिनों तक दिखाई नहीं दिए तो उन्होंने रूबी शर्मा से कई बार उनके बारे में पूछा, लेकिन वह हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर बात टाल देती थी। इसी वजह से आसपास के लोगों को शक होने लगा था। पुलिस कर रही है मामले की विस्तृत जांच पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर हत्या के कारणों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आएगी।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
UP Murder Case
उत्तर प्रदेश: बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाया, फिर दोस्तों ने चाकू से गोदकर की हत्या

गाजियाबाद, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दोस्ती को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के न्यू शांति नगर में एक युवक की उसके ही दोस्तों ने जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाकर चाकू से गोदकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान मोहित शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले मे आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।   मृतक के परिजनों के अनुसार मृतक के परिजनों के अनुसार, मोहित का कुछ समय पहले अपने दोस्तों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था, लेकिन आरोपी मन ही मन रंजिश पाल बैठे थे। परिवार का आरोप है कि मोहित की हत्या की साजिश पहले से रची गई थी। पहले उसे खाटू श्याम और फिर हरिद्वार घुमाने ले जाया गया। लौटने के दो दिन बाद जन्मदिन मनाने के बहाने उसे एक दोस्त के घर बुलाया गया, जहां पहले शराब पिलाई गई और फिर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।   मोहित के भाई का आरोप  मोहित के भाई का आरोप है कि छह दोस्तों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। उनका कहना है कि कुछ आरोपियों ने मोहित को पकड़ रखा था, जबकि अन्य ने उसकी छाती पर कई बार चाकू से हमला किया। शरीर पर मिले गहरे घाव इस बात की ओर इशारा करते हैं कि हत्या बेहद बेरहमी से की गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल मोहित को एमएमजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि पार्टी के दौरान नशे की हालत में फिर से विवाद और गाली-गलौज हुई, जिसके बाद चाकू से हमला किया गया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। सभी संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
Murder Case in Deoghar
प्रेम प्रसंग में दोहरा हत्याकांड! बहू ने कुल्हाड़ी से सास और देवर को उतारा मौत के घाट

देवघर। देवघर जिले के सोनारायठाड़ी थाना क्षेत्र के उपर नवाडीह गांव में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि घर की बड़ी बहू शबाना खातून ने अपने प्रेमी इरशाद अंसारी के साथ मिलकर सास और नाबालिग देवर की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, हथौड़ा और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। मामले का खुलासा देवघर के एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने प्रेस वार्ता में किया।   शादी के बाद भी जारी था प्रेम संबंध पुलिस के अनुसार, 19 वर्षीय शबाना खातून की शादी करीब तीन महीने पहले उपर नवाडीह निवासी शाहिल अहमद से हुई थी, जो फिलहाल बाहर रहकर काम करता है। शादी से पहले ही शबाना का अपने रिश्तेदार इरशाद अंसारी से प्रेम संबंध था, जो विवाह के बाद भी जारी रहा। इरशाद का ससुराल में आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान शबाना की सास और देवर को दोनों के संबंधों की जानकारी मिल गई थी, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची।   मोबाइल पर निर्देश देता रहा प्रेमी जांच में यह भी सामने आया कि घटना की रात इरशाद लगातार मोबाइल फोन पर शबाना के संपर्क में था। पुलिस के अनुसार, वह कॉल पर वारदात को अंजाम देने के लिए निर्देश देता रहा, जबकि शबाना ने घर में कुल्हाड़ी और हथौड़े से हमला कर सास और देवर की हत्या कर दी।   घटना के बाद गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल से खून के नमूने, हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य साक्ष्य जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
Ramesh Singh Munda
रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में बड़ा मोड़, आरोपी राम मोहन सिंह मुंडा को झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत

रांची। झारखंड के चर्चित पूर्व मंत्री और तमाड़ के तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। झारखंड हाईकोर्ट ने मामले के आरोपी राम मोहन सिंह मुंडा को जमानत दे दी है। अदालत ने उनकी ओर से दायर आपराधिक याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया।   जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में आरोपी पक्ष और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत में आरोपी की ओर से यह तर्क दिया गया कि वह अब इस मामले में सरकारी गवाह (एप्रूवर) बन चुका है और उसकी गवाही भी पूरी हो चुकी है। साथ ही मुकदमे की सुनवाई अभी जारी है।   2008 में हुई थी पूर्व मंत्री की हत्या यह मामला बुंडू थाना कांड संख्या 65/2008 से जुड़ा हुआ है। 9 जुलाई 2008 को तमाड़ के तत्कालीन विधायक और पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की नक्सलियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया था। मामले की प्राथमिकी बुंडू थाना में दर्ज की गई थी।   एनआईए ने संभाली थी जांच हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई थी। जांच के दौरान एनआईए ने कई अहम साक्ष्य जुटाए और साजिश से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की। इसी क्रम में 8 जुलाई 2016 को राम मोहन सिंह मुंडा को गिरफ्तार किया गया था।   2017 में बने सरकारी गवाह मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब 23 नवंबर 2017 को एनआईए ने राम मोहन सिंह मुंडा को एप्रूवर घोषित कर दिया। इसके बाद उन्होंने जांच एजेंसी के समक्ष मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा किया और अदालत में अपनी गवाही भी दर्ज कराई। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब इस बहुचर्चित हत्याकांड की आगे की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी, जबकि राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें मामले के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

Unknown जून 9, 2026 0
Sonam Raghuvanshi granted bail in Raja Raghuvanshi murder case, family protests court decision
राजा रघुवंशी मर्डर केस: सोनम रघुवंशी को जमानत पर विवाद, परिवार का फूटा गुस्सा

शिलॉन्ग कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उठे कई सवाल इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मेघालय के शिलॉन्ग स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार में गहरा आक्रोश और दुख देखने को मिल रहा है। कोर्ट से जमानत, लेकिन सवालों के घेरे में फैसला जानकारी के मुताबिक, सोनम रघुवंशी ने लीगल एड सेल के माध्यम से जमानत याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया से जुड़े कुछ तकनीकी कारणों के आधार पर यह निर्णय लिया गया। हालांकि, इस फैसले ने पूरे मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। राजा के परिवार का दर्द: “इंसाफ की उम्मीद टूट गई” राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने कोर्ट के फैसले पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा था, लेकिन यह फैसला बेहद निराश करने वाला है। उनका कहना है कि यदि आरोपी पर गंभीर आरोप हैं, तो उसे जमानत नहीं मिलनी चाहिए थी। उन्होंने यहां तक कहा कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। भाई का आरोप: “गिरफ्तारी प्रक्रिया में खामी बनी आधार” राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि सोनम को जमानत इसलिए मिली क्योंकि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के समय आवश्यक प्रक्रिया और कारणों का सही उल्लेख नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि अब वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे। क्या है पूरा मामला? यह मामला इंदौर के राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस से जुड़ा है। आरोप है कि 21 मई 2025 को शादी के बाद राजा और उनकी पत्नी सोनम हनीमून के लिए शिलॉन्ग गए थे। कुछ दिनों बाद दोनों लापता हो गए। बाद में 2 जून को राजा का शव सोहरा इलाके के एक झरने के पास गहरी खाई से बरामद हुआ था। इस मामले में सोनम रघुवंशी सहित कई अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, जिन पर साजिश और हत्या के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि सभी आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार किया है। आगे क्या होगा? परिवार का कहना है कि वे इस फैसले को चुनौती देंगे और उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। वहीं, मामला अब फिर से कानूनी और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Karnataka police investigate woman murder in Bagalkote after husband attacked wife over affair suspicion
कर्नाटक में पत्नी की हत्या: अवैध संबंध के शक में पड़ोसी के घर घुसकर मार डाला

कर्नाटक के बागलकोट जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अवैध संबंध के शक में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की पड़ोसी के घर में कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका की पहचान 32 वर्षीय सोमू के रूप में हुई है। वह बुधवार रात टोडलाबागी गांव में अपने पड़ोसी के घर गई थीं। इसी दौरान आरोपी पति मलप्पा वहां पहुंचा और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार, मलप्पा को अपनी पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक था। उसे सूचना मिली थी कि जिस समय उसकी पत्नी पड़ोसी के घर पर थी, उसी दौरान वह व्यक्ति भी वहां आया था। गुस्से में मलप्पा मौके पर पहुंचा और विवाद के दौरान पत्नी पर हमला कर दिया। हमले में सोमू की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतका की पहले हार्ट बाईपास सर्जरी हो चुकी थी। वह अपने पीछे 9 और 7 साल के दो बच्चों को छोड़ गई हैं। Bagalkote पुलिस ने आरोपी मलप्पा को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।  

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Police investigation at Assam village after shocking murder case involving daughter and mother crime scene
असम में सनसनी: 19 वर्षीय बेटी ने मां की हत्या की, रातभर कटा सिर लेकर घूमती रही

असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां 19 वर्षीय एक युवती ने कथित तौर पर अपनी मां की बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, उसने अपनी मां का सिर धड़ से अलग कर दिया और पूरी रात उसे अपने साथ रखा। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मां की हत्या, पिता और बहन पर भी हमला यह घटना डेरामुख लालुंग गांव की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पूजा मलंग ने धारदार हथियार 'दाओ' से अपनी 42 वर्षीय मां अनुमाई मलंग पर हमला किया। हमले में मां की मौके पर ही मौत हो गई। जब पिता प्रेमेंद्र मलंग और बहन ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो पूजा ने उन पर भी हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। कटा सिर लेकर रातभर रही फरार हत्या के बाद पूजा अपनी मां का कटा हुआ सिर लेकर मौके से फरार हो गई। पुलिस और स्थानीय लोगों की तलाश के बाद उसे अगली सुबह गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय भी उसके पास कटा हुआ सिर मौजूद था, जिससे हर कोई स्तब्ध रह गया। काला जादू और नशे के एंगल से जांच स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों ने काला जादू से जुड़े होने की आशंका जताई है, जबकि कुछ का मानना है कि युवती नशे के प्रभाव में हो सकती थी। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पूजा सामग्री और हथियार बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से एक हंसिया, कैंची, तेल, सिंदूर और मिट्टी का बर्तन समेत पूजा-पाठ से जुड़ी कई वस्तुएं बरामद की हैं। इन बरामद सामानों के आधार पर पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। हत्या के कारणों की तलाश जारी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार में पहले किसी विवाद की जानकारी नहीं मिली थी। फिलहाल आरोपी के खिलाफ हत्या और घातक हथियार से हमला करने का मामला दर्ज कर लिया गया है। हत्या के पीछे की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है।  

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Delhi police escort accused Rahul Meena in IRS officer's daughter murder case
IRS अधिकारी की बेटी हत्याकांड: बायोमेट्रिक लॉकर खोलने के लिए छत से घसीटा, स्क्रूड्राइवर से तोड़ा

दिल्ली के चर्चित IRS अधिकारी की बेटी हत्याकांड में जांच के दौरान रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी राहुल मीणा ने कथित तौर पर 22 वर्षीय UPSC अभ्यर्थी के साथ दुष्कर्म के बाद उसे छत से नीचे घसीटा और बायोमेट्रिक लॉकर खोलने के लिए उसकी उंगलियों का इस्तेमाल करने की कोशिश की। जब फिंगरप्रिंट से लॉकर नहीं खुला, तो आरोपी ने स्क्रूड्राइवर और अन्य औजारों की मदद से उसे तोड़ डाला। इसके बाद वह नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गया। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी को घर की सुरक्षा व्यवस्था और अंदरूनी बनावट की पूरी जानकारी थी। वह सुबह उस समय घर में दाखिल हुआ, जब पीड़िता के माता-पिता जिम गए हुए थे। CCTV फुटेज में वह घर में प्रवेश करते और करीब एक घंटे बाद कपड़े बदलकर बैग के साथ निकलते दिखाई दिया। कोर्ट में कबूला गुनाह गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की अदालत में पेश किए जाने पर राहुल मीणा ने कहा, "मुझसे अपराध हो गया... गलती हो गई।" कोर्ट ने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। 12 घंटे में दो राज्यों में दो रेप जांच में यह भी सामने आया है कि दिल्ली आने से कुछ घंटे पहले आरोपी ने राजस्थान के अलवर में भी एक महिला से कथित दुष्कर्म किया था। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या और लूट समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।  

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Singer D4vd appears in court as shocking iCloud evidence emerges in murder investigation
अमेरिका में बड़ा सनसनीखेज मामला: मर्डर के आरोपी सिंगर D4vd के iCloud से मिला चाइल्ड पोर्न, अदालत में खुलासा

14 साल की लड़की की हत्या केस में नए गंभीर आरोप अमेरिका में इंडी पॉप सिंगर D4vd (असली नाम डेविड बर्क) से जुड़े हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में नया मोड़ सामने आया है। कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने दावा किया है कि आरोपी के iCloud अकाउंट और फोन से बड़ी मात्रा में चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) मिला है। 21 वर्षीय सिंगर पर 14 साल की लड़की सेलिस्टे रिवास हर्नांडेज़ की हत्या का आरोप है, जिनके शरीर के टुकड़े सितंबर 2025 में उनकी टेस्ला कार से बरामद हुए थे। अदालत में खुलासा: iCloud में 8 टेराबाइट डेटा लॉस एंजिल्स कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजकों ने बताया कि आरोपी के डिजिटल डिवाइसेज़ से “अत्यंत विशाल मात्रा” में डेटा मिला है। iCloud अकाउंट में लगभग 8 टेराबाइट डेटा पाया गया अभी तक केवल 1 टेराबाइट डेटा की जांच पूरी हुई है बाकी डेटा में क्या है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है अधिकारियों के अनुसार, डेटा की मात्रा इतनी अधिक है कि जांच में काफी समय लग रहा है। संवेदनशील डिजिटल सबूत, सुरक्षित सिस्टम पर जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि सभी डिजिटल फाइलें सीधे वकीलों को नहीं दी जा सकतीं। इसके बजाय, बचाव पक्ष के वकीलों को विशेष सुरक्षित सिस्टम के जरिए न्यायिक सुविधा केंद्र में जाकर सबूत देखने की अनुमति दी जा रही है। इसके अलावा वायरटैप रिकॉर्डिंग और ग्रैंड जूरी गवाही जैसे अन्य डिजिटल सबूत भी अभी सील (sealed) हैं और जल्द खुल सकते हैं। हत्या का आरोप और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के खुलासे प्रोसीक्यूटर्स के अनुसार, पीड़िता सेलिस्टे हर्नांडेज़ की मौत कई गंभीर चोटों के कारण हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि: शरीर पर तेज धार वाले हथियार से कई वार किए गए छाती, पेट और लिवर को गंभीर नुकसान हुआ शरीर के अंगों को क्षत-विक्षत किया गया सटीक मृत्यु समय अभी तक स्पष्ट नहीं है कैसे सामने आया मामला? रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता का शव सितंबर 2025 में एक टेस्ला कार से बरामद हुआ था, जो आरोपी सिंगर के नाम पर रजिस्टर्ड थी। यह कार कई हफ्तों से एक इलाके में खड़ी थी। स्थानीय लोगों को बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद जांच में यह भयावह मामला सामने आया। रिश्ते और अपहरण की जांच भी जारी जांच एजेंसियों ने यह भी दावा किया है कि आरोपी और पीड़िता के बीच कथित तौर पर संबंध थे। हालांकि यह पहलू अभी अदालत में जांच के अधीन है। पीड़िता पहले अप्रैल 2024 से लापता थी, और उसके लापता होने से लेकर घटनास्थल तक पहुंचने की पूरी कड़ी अभी स्पष्ट नहीं है। आरोपी ने आरोपों से किया इनकार डेविड बर्क ने कोर्ट में खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने हत्या, यौन अपराध और शव को क्षत-विक्षत करने जैसे सभी आरोपों से इनकार किया है। डिजिटल सबूतों से गहराता केस यह मामला अब केवल हत्या तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भारी मात्रा में डिजिटल सबूतों और गंभीर आपराधिक आरोपों की वजह से और जटिल होता जा रहा है। जांच एजेंसियां अब iCloud डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के आधार पर केस को आगे बढ़ा रही हैं।  

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
धनबाद में शुभम यादव की हत्या - मेयर संजीव सिंह समर्थक
धनबाद में दिनदहाड़े मर्डर, घर में घुसकर मेयर समर्थक को मारी गोलियां

रांची। झारखंड के धनबाद जिले में अपराधियों ने दिनदहाड़े एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। सोनारडीह थाना क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने घर में घुसकर जनता मजदूर संघ से जुड़े और मेयर संजीव सिंह के समर्थक शुभम यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है। घर में घुसकर मारी तीन गोलियां बताया जा रहा है कि घटना के समय शुभम यादव अपने दादा-दादी के साथ घर पर मौजूद था। इसी दौरान अचानक बाइक सवार अपराधी पहुंचे और घर में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बदमाशों ने उसे तीन गोलियां मारीं और मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल अवस्था में शुभम को अस्पताल पहुंचाया।   इलाज के दौरान हुई मौत घटना के बाद शुभम यादव को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अशर्फी अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया।   पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही मेयर संजीव सिंह अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। वहीं ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी और सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।   आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच पुलिस के अनुसार, मृतक शुभम यादव का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज थे। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है और प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है।

Unknown अप्रैल 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 30, 2026 0