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Petrol and diesel price board displaying stable fuel rates across major Indian cities on 22 May 2026.
Petrol Diesel Price Today 22 May 2026: दिल्ली से पटना तक स्थिर रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, कुछ शहरों में मामूली बदलाव

देशभर में 22 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव के बावजूद तेल कंपनियों ने आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और गुरुग्राम जैसे प्रमुख शहरों में फ्यूल रेट स्थिर बने हुए हैं, जबकि बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ शहरों में हल्की बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी-ईरान तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितता के बावजूद घरेलू बाजार में फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश की जा रही है। यही वजह है कि आज आम लोगों की जेब पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। महानगरों में पेट्रोल के ताजा दाम देश की राजधानी New Delhi में पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रही। वहीं Mumbai में पेट्रोल 107.55 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। Kolkata और Chennai में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। पेट्रोल के प्रमुख रेट शहर आज का रेट (₹/लीटर) बदलाव लखनऊ 98.45 +0.05 नोएडा 98.49 -0.42 पटना 109.89 +0.02 भागलपुर 110.69 +0.20 दरभंगा 110.33 +0.31 गया 110.98 +0.49 मुजफ्फरपुर 109.99 -0.51 रांची 102.13 +0.41 जमशेदपुर 102.26 +0.33 नई दिल्ली 98.64 स्थिर मुंबई 107.55 -0.04 कोलकाता 109.66 -0.04 चेन्नई 104.51 -0.06 बेंगलुरु 107.12 स्थिर डीजल के दाम भी लगभग स्थिर डीजल की कीमतों में भी आज ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। New Delhi और Mumbai में डीजल के दाम स्थिर रहे, जबकि बिहार और झारखंड के कुछ शहरों में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया। पटना, गया और मुजफ्फरपुर में डीजल सस्ता हुआ है, जिससे स्थानीय उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है। वहीं रांची और दरभंगा में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। डीजल के प्रमुख रेट शहर आज का रेट (₹/लीटर) बदलाव लखनऊ 91.78 +0.05 नोएडा 92.11 -0.10 पटना 95.58 -0.33 भागलपुर 96.53 +0.06 दरभंगा 96.32 +0.29 गया 96.39 -0.09 मुजफ्फरपुर 96.34 -0.14 रांची 97.04 +0.34 जमशेदपुर 97.13 +0.26 नई दिल्ली 91.58 स्थिर मुंबई 94.08 स्थिर कोलकाता 96.07 स्थिर चेन्नई 96.13 -0.08 गुरुग्राम 91.81 -0.20 भोपाल 95.91 +0.21 तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी करती हैं। राज्यों में लगने वाले वैट और स्थानीय टैक्स की वजह से अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।  

surbhi मई 22, 2026 0
Fuel station worker refilling petrol as fuel prices rise again across major Indian cities.
फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 5 दिनों में दूसरी बढ़ोतरी; जानें आपके शहर में नई कीमतें

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। पिछले पांच दिनों में यह दूसरी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। महानगरों में पेट्रोल-डीजल के नए दाम मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 91 पैसे महंगा होकर 107.59 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। कोलकाता कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में सबसे अधिक 96 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां पेट्रोल अब 109.70 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल 94 पैसे महंगा होकर 96.07 रुपये प्रति लीटर हो गया है। चेन्नई चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे बढ़कर 104.49 रुपये प्रति लीटर हो गया, जबकि डीजल की कीमत 86 पैसे बढ़ने के बाद 96.11 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। 15 मई को भी बढ़े थे दाम इससे पहले 15 मई को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की थी। उस समय दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया था। उसी दिन अन्य महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में तेज उछाल देखा गया था। कोलकाता में पेट्रोल 108.74 रुपये, मुंबई में 106.68 रुपये और चेन्नई में 103.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था। वहीं डीजल की कीमत कोलकाता में 95.13 रुपये, मुंबई में 93.14 रुपये और चेन्नई में 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गई थी। आम लोगों पर बढ़ेगा असर लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का सीधा असर आम जनता की दैनिक जिंदगी पर पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका असर खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।  

surbhi मई 19, 2026 0
Commercial LPG cylinder price hike from May 1 impacts restaurants and small businesses in India
कमर्शियल LPG सिलेंडर पर बड़ा झटका: 1 मई से ₹993 महंगा, घरेलू गैस कीमत स्थिर

देशभर में महंगाई के मोर्चे पर एक और बड़ा झटका सामने आया है। 1 मई से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹993 की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। राजधानी दिल्ली में अब इस सिलेंडर की नई कीमत ₹3,071.50 हो गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे व्यवसायों पर पड़ेगा, जहां LPG का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। तेल कंपनियों द्वारा लिया गया यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पहले से ही कारोबारी लागत बढ़ी हुई है। लगातार दूसरे महीने कीमतों में इजाफा होने से छोटे व्यापारियों के लिए खर्च संभालना और मुश्किल हो सकता है। पिछले महीने भी 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹195 से ₹218 तक बढ़ाए गए थे, वहीं 5 किलो वाले मिनी सिलेंडर की कीमत में करीब ₹51 का इजाफा हुआ था। घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, कीमत में कोई बदलाव नहीं जहां कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ है, वहीं आम जनता के लिए राहत की खबर है। 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में इसकी कीमत अभी ₹913 पर ही बनी हुई है। इससे पहले 7 मार्च को इसमें ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी। हर महीने की पहली तारीख को तय होते हैं दाम देश की प्रमुख तेल कंपनियां–इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम–हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इनकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और रुपये-डॉलर के उतार-चढ़ाव के आधार पर तय होती हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.72 प्रति लीटर और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर मिल रहा है। पिछले साल मार्च में ₹2 प्रति लीटर की कटौती के बाद से इनके दाम स्थिर बने हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बनी वजह कमर्शियल LPG की कीमतों में इस तेज बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन में रुकावट के चलते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50% तक की वृद्धि हो चुकी है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम मार्ग पर असर पड़ने से वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर अब घरेलू बाजार में भी दिखने लगा है।  

surbhi मई 1, 2026 0
Fuel station displaying petrol and diesel prices as vehicles refuel in an Indian city.
टंकी फुल कराने से पहले जान लें रेट: 13 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल कीमतों में स्थिरता, कुछ शहरों में हलचल

नई दिल्ली: सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट जारी कर दिए हैं। आज देश के ज्यादातर बड़े शहरों में ईंधन की कीमतों में स्थिरता देखने को मिली है, जबकि कुछ शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। ऐसे में अगर आप अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने जा रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले लेटेस्ट रेट जरूर जान लें। पेट्रोल के दाम: कहां बढ़े, कहां राहत देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। वहीं  दिल्ली और कोलकाता में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, चेन्नई, नोएडा और गुरुग्राम में पेट्रोल की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिहार के भागलपुर में सबसे ज्यादा 45 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पटना और गया में मामूली गिरावट से लोगों को राहत मिली है। प्रमुख शहरों में पेट्रोल रेट (₹/लीटर) मुंबई: ₹103.54 कोलकाता: ₹105.41 बेंगलुरु: ₹102.92 चेन्नई: ₹100.93 (+0.13) नई दिल्ली: ₹94.77 गुरुग्राम: ₹95.65 (+0.14) नोएडा: ₹95.16 (+0.39) भागलपुर: ₹106.66 (+0.45) गया: ₹105.94 (–0.17) पटना: ₹105.23 (–0.10) रांची: ₹97.86 (–0.58) भोपाल: ₹106.63 (+0.18) डीजल के दाम: कहां सस्ता, कहां महंगा डीजल की कीमतों में भी आज ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। मुंबई में डीजल ₹90.03 प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि  दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर बना हुआ है। झारखंड की राजधानी रांची में डीजल की कीमत में ₹0.58 की बड़ी गिरावट आई है, जो ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए राहत भरी खबर है। दूसरी ओर नोएडा में डीजल ₹0.42 महंगा हो गया है। प्रमुख शहरों में डीजल रेट (₹/लीटर) मुंबई: ₹90.03 कोलकाता: ₹92.02 बेंगलुरु: ₹90.99 चेन्नई: ₹92.48 (+0.09) नई दिल्ली: ₹87.67 गुरुग्राम: ₹88.10 (+0.12) नोएडा: ₹88.31 (+0.42) भागलपुर: ₹92.81 (+0.42) गया: ₹92.15 (–0.16) पटना: ₹91.49 (–0.10) रांची: ₹92.62 (–0.58) भोपाल: ₹91.99 (+0.16) क्यों बदलते हैं हर दिन दाम? भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और केंद्र व राज्य सरकारों के टैक्स पर निर्भर करती हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाले बदलावों का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। SMS से ऐसे जानें अपने शहर का रेट घर बैठे मोबाइल से भी आप पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम चेक कर सकते हैं: Indian Oil: RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें

surbhi अप्रैल 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Deepshikha जून 5, 2026 0