Phil Salt

IND VS ENG 5th T20
भारत-इंग्लैंड T20 सीरीज का अंतिम मुकाबला आज, सम्मान बचाने उतरेगी टीम इंडिया; इंग्लैंड की नजर दमदार जीत के साथ सीरीज खत्म करने पर

साउथैम्पटन, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का पांचवां और अंतिम मुकाबला आज साउथैम्पटन के द रोज़ बाउल मैदान पर खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार मैच शाम 7:00 बजे शुरू होगा। सीरीज में पिछड़ चुकी टीम इंडिया के सामने आखिरी मुकाबला जीतकर सम्मान बचाने की चुनौती है, जबकि इंग्लैंड जीत के साथ सीरीज का शानदार समापन करना चाहेगा।   भारत के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई   श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन इस सीरीज में उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में निरंतरता की कमी देखने को मिली। ऐसे में अंतिम मुकाबला जीतकर टीम सकारात्मक संदेश देना चाहेगी।   इंग्लैंड का आत्मविश्वास बुलंद   हैरी ब्रूक की अगुआई वाली इंग्लैंड टीम पूरे दौरे में शानदार लय में नजर आई है। चौथे T20 में फिल सॉल्ट और हैरी ब्रूक की विस्फोटक पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से हराया था। अब मेजबान टीम उसी लय को बरकरार रखते हुए सीरीज का समापन जीत के साथ करना चाहेगी।   प्लेइंग इलेवन में हो सकते हैं बदलाव   भारतीय टीम प्रबंधन अंतिम मुकाबले में कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दे सकता है। गेंदबाजी संयोजन में बदलाव के साथ बल्लेबाजी क्रम में भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है, ताकि आगामी वनडे सीरीज से पहले सही संयोजन तलाशा जा सके।   वनडे सीरीज से पहले आखिरी मौका   यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए T20 सीरीज का अंतिम मैच है। इसके बाद दोनों टीमें वनडे सीरीज की तैयारियों में जुट जाएंगी। भारत के लिए यह मैच आत्मविश्वास हासिल करने का अच्छा अवसर माना जा रहा है।

abhishek singh जुलाई 11, 2026 0
Kanta Toli Traffic Update
कांटा टोली से सिरम टोली तक अब बिना यू-टर्न दौड़ेंगे वाहन

रांची। रांची में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ी राहत मिली है। सिरम टोली फ्लाईओवर के नीचे का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब कांटा टोली फ्लाईओवर से सिरम टोली तक वाहनों की आवाजाही सीधे शुरू हो गई है। पिछले लगभग एक वर्ष से सिरम टोली फ्लाईओवर के निर्माण के कारण वाहन चालकों को कांटा टोली फ्लाईओवर से उतरकर चुटिया थाना के पास यू-टर्न लेना पड़ता था, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि क्षेत्र में रोजाना लंबा जाम भी लगता था।   यू-टर्न खत्म, सफर हुआ आसान नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब वाहन चालकों को चुटिया थाना होकर घूमकर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। कांटा टोली फ्लाईओवर से उतरने के बाद वाहन सीधे सिरम टोली और आगे अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। इससे ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है और लोगों का सफर पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हो गया है।   स्थानीय लोगों ने जताई खुशी स्थानीय निवासियों ने इस बदलाव का स्वागत किया है। मनोज कुमार टोप्पो ने कहा कि पिछले एक वर्ष से जाम और लंबा रास्ता लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था, लेकिन अब राहत मिली है। वहीं अमन मिंज ने कहा कि पहले यू-टर्न की वजह से कई लोग फ्लाईओवर का उपयोग ही नहीं करते थे। मुकेश कुमार पंडित का कहना है कि अब चुटिया होकर घूमने की जरूरत खत्म हो गई है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। पिंटू सिंह ने उम्मीद जताई कि सिरम टोली फ्लाईओवर का पूरा निर्माण होने के बाद यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी।   पूरा होने पर और मिलेगी राहत वर्तमान में कांटा टोली फ्लाईओवर पूरी तरह चालू है, जबकि सिरम टोली फ्लाईओवर का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने के बाद राजेंद्र चौक, मेकॉन, रेलवे स्टेशन, पटेल चौक, स्टेशन रोड और सुजाता चौक जैसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे रांची में यातायात का नया और अधिक सुगम नेटवर्क विकसित होगा।

anjali kumari जुलाई 10, 2026 0
Shreyas Iyer Statement
लगातार सीरीज हार के बाद श्रेयस अय्यर का बयान, टीम की हार के लिए बताया बड़ा कारण

ब्रिस्टल, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ T20 सीरीज में लगातार हार के बाद भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर के बयान पर चर्चा तेज हो गई है। इंग्लैंड ने चौथे T20 मुकाबले में भारत को 9 विकेट से हराकर सीरीज अपने नाम कर ली, जिसके बाद अय्यर ने टीम के प्रदर्शन पर सफाई देते हुए कहा कि भारतीय टीम अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है।   श्रेयस अय्यर ने किसे ठहराया जिम्मेदार?   श्रेयस अय्यर ने किसी एक खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराया, बल्कि टीम के सामूहिक प्रदर्शन को हार की वजह बताया। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों के साथ टीम एक नए संयोजन को तैयार कर रही है और इस प्रक्रिया में गलतियां होना स्वाभाविक है।   158 रन का लक्ष्य नहीं था पर्याप्त   चौथे T20 में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 158 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड ने इसे आसानी से हासिल कर लिया। अय्यर ने माना कि यह स्कोर जीत के लिए पर्याप्त नहीं था और टीम को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में सुधार की जरूरत है।   हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट ने भारत से छीनी जीत   इंग्लैंड की ओर से हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह दबाव में डाल दिया। दोनों की तेज पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने लक्ष्य को महज 13.5 ओवर में हासिल कर लिया।   अय्यर के बयान पर उठे सवाल   लगातार सीरीज हार के बाद अय्यर का "टीम ट्रांजिशन में है" वाला बयान क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि सिर्फ बदलाव का हवाला देने के बजाय टीम को अपनी रणनीति और प्रदर्शन में सुधार करना होगा।   अब सम्मान बचाने की चुनौती   इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम के सामने अब शनिवार को होने वाले आखिरी मुकाबले में जीत दर्ज कर सम्मान बचाने की चुनौती होगी। टीम मैनेजमेंट की नजरें अगले मैच में प्लेइंग इलेवन और रणनीति में बदलाव पर रहेंगी।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
IND VS ENG 4th T20
चौथे टी20 में इंग्लैंड का दबदबा, भारत को 9 विकेट से हराकर पहली बार जीती द्विपक्षीय टी20 सीरीज

ब्रिस्टल, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 9 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज अपने नाम कर ली।   श्रेयस अय्यर ने अकेले संभाली भारतीय पारी   टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन बनाए। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार संघर्ष करते हुए 49 गेंदों में नाबाद 80 रन बनाए, जिसमें कई आकर्षक चौके और छक्के शामिल रहे। उनके अलावा शिवम दुबे ने 22 रन का योगदान दिया, जबकि बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके।   आर्चर और टंग ने भारत को नहीं संभलने दिया   इंग्लैंड की ओर से तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 20 रन देकर 2 विकेट लिए। जॉश टंग ने भी 2 विकेट झटके और भारतीय बल्लेबाजी पर लगातार दबाव बनाए रखा। दोनों गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।   ब्रूक और सॉल्ट ने भारत से छीन ली जीत   159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत में एक विकेट गंवाया, लेकिन इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक और सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। ब्रूक ने सिर्फ 35 गेंदों में नाबाद 79 रन, जबकि सॉल्ट ने 42 गेंदों में नाबाद 59 रन बनाए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 146 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को 13.5 ओवर में ही जीत दिला दी।   भारतीय गेंदबाज रहे बेअसर   भारत की ओर से अर्शदीप सिंह को एकमात्र विकेट मिला। बाकी गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। ब्रूक और सॉल्ट ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया।   इंग्लैंड ने रचा इतिहास   इस जीत के साथ इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ अपनी पहली द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीत दर्ज की। वहीं भारत को लगातार हार का सामना करना पड़ा और टीम की बल्लेबाजी व गेंदबाजी दोनों पर सवाल उठने लगे हैं। अब दोनों टीमें शनिवार को सीरीज के अंतिम मुकाबले में आमने-सामने होंगी, जहां भारत सम्मान बचाने और इंग्लैंड क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगा।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
JSCA Stadium Stampede
JSCA Stadium Stampede: JPL फाइनल मैच के 15 दिन बाद 150 अज्ञात पर FIR  दर्ज

रांची। रांची के धुर्वा स्थित झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) स्टेडियम में 24 जून को झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) 2026 के फाइनल मैच के दौरान हुई भगदड़ और तोड़फोड़ के मामले में आखिरकार प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। घटना के 15 दिन बाद धुर्वा थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर हीरालाल साह के लिखित आवेदन पर 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच (सनहा संख्या-31/26) पूरी होने के बाद यह  कार्रवाई की है।   कैसे  हुई अफरा तफरा जैसी हाल? एफआईआर में आरोप है कि कुछ लोगों ने जबरन मुख्य प्रवेश द्वार और बैरिकेडिंग तोड़कर स्टेडियम में प्रवेश करने की कोशिश की, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार फाइनल मुकाबले के लिए बड़ी संख्या में फ्री पास जारी किए गए थे। इसके अलावा आम दर्शकों के लिए भी प्रवेश निशुल्क रखा गया था, जिसके कारण स्टेडियम की क्षमता से अधिक लोग पहुंच गए। सुरक्षा जांच के बाद दर्शकों को अंदर भेजा जा रहा था, लेकिन क्षमता पूरी होने पर मुख्य गेट बंद कर दिया गया। इसके बाद बाहर मौजूद भीड़ के एक हिस्से ने जबरन अंदर घुसने का प्रयास किया।   रांची पुलिस अब स्टेडियम के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। एसपी ने बताया कि फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

anjali kumari जुलाई 10, 2026 0
England players celebrate after bowling out India for 76 in the third T20I at Trent Bridge.
IND vs ENG: 76 रन पर ढेर हुई टीम इंडिया, इंग्लैंड ने 125 रन से रौंदा; सीरीज पर किया कब्जा

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए मैच में 202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया केवल 76 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड ने यह मुकाबला 125 रन से जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। यह भारत के टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे बड़ी हार (रनों के अंतर से) मानी जा रही है। साथ ही 76 रन टीम इंडिया का टी20 इंटरनेशनल में दूसरा सबसे कम स्कोर भी है। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने बनाए 201 रन टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 201/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। ओपनर फिल सॉल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि सैम करन ने नाबाद 41 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। भारत की ओर से प्रिंस यादव ने शुरुआती झटके देकर मैच में वापसी की कोशिश की, जबकि हर्षित राणा ने लगातार दो विकेट लेकर इंग्लैंड पर दबाव बनाया। हालांकि अंतिम ओवरों में इंग्लैंड ने तेजी से रन जोड़ते हुए बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। 202 रन के जवाब में 76 पर सिमटी टीम इंडिया लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले में ही टीम ने पांच विकेट गंवा दिए और मैच पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में चला गया। डेब्यू कर रहे वैभव सूर्यवंशी ने दो शानदार छक्कों के साथ कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन उनकी पारी 13 रन पर समाप्त हो गई। इसके बाद कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका और पूरी टीम सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन पर ऑलआउट हो गई। आर्चर और टंग ने मचाई तबाही इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। जोफ्रा आर्चर – 3 विकेट जॉश टंग – 4 विकेट दोनों गेंदबाजों की तेज और सटीक गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह असहाय नजर आए। सीरीज जीतने के करीब पहुंचा इंग्लैंड पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार दो मैच जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। अब शेष दो मुकाबलों में जीत मिलने पर भी भारत सीरीज अपने नाम नहीं कर सकता। भारतीय टीम के लिए यह हार बल्लेबाजी और रणनीति दोनों मोर्चों पर कई सवाल खड़े करती है। अब टीम अगले मुकाबलों में सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।  

surbhi जुलाई 8, 2026 0
Phil Salt expected to rejoin Royal Challengers Bengaluru ahead of IPL playoffs after recovering from finger injury
आरसीबी के लिए खुशखबरी, फिल सॉल्ट की IPL में वापसी तय

Phil Salt जल्द ही आईपीएल में वापसी करने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Royal Challengers Bengaluru के स्टार ओपनर इस हफ्ते के आखिर तक भारत लौट सकते हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि वह शुक्रवार को Sunrisers Hyderabad के खिलाफ मुकाबले में खेलेंगे या नहीं। उंगली की चोट के कारण थे बाहर फिल सॉल्ट 18 अप्रैल को Delhi Capitals के खिलाफ मैच के दौरान चोटिल हो गए थे। बाउंड्री बचाने की कोशिश में डाइव लगाते समय उनके बाएं हाथ की उंगली में चोट लगी थी। इसके बाद से वह लगातार टीम से बाहर चल रहे थे। चोट के बाद सॉल्ट इंग्लैंड लौट गए थे, जहां उन्होंने परिवार के साथ समय बिताते हुए रिकवरी पर ध्यान दिया। प्लेऑफ में पहुंच चुकी है RCB फिल सॉल्ट की गैरमौजूदगी के बावजूद आरसीबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर लिया है। टीम के क्वालिफायर-1 में पहुंचने की संभावना भी काफी मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट प्लेऑफ से ठीक पहले कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगा। यही वजह है कि अगर सॉल्ट पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आराम दिया जा सकता है। जैकब बेथेल नहीं छोड़ पाए खास असर सॉल्ट की जगह इंग्लैंड के ही Jacob Bethell को मौका मिला था, लेकिन वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने पिछले सात मैचों में सिर्फ 96 रन बनाए और उनका सर्वोच्च स्कोर 27 रन रहा। अब उनकी जगह पर खतरा मंडराता दिख रहा है, खासकर तब जब Venkatesh Iyer ने पंजाब किंग्स के खिलाफ शानदार नाबाद 73 रन की पारी खेलकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। कप्तान रजत पाटीदार की भी वापसी संभव आरसीबी के कप्तान Rajat Patidar भी जल्द वापसी कर सकते हैं। पिछले मैच में Kartik Tyagi की तेज बाउंसर हेलमेट पर लगने के बाद वह धर्मशाला नहीं गए थे। स्टैंड-इन कप्तान Jitesh Sharma ने मैच के बाद बताया कि पाटीदार की हालत अब बेहतर है और वह शुक्रवार के मैच तक टीम से जुड़ सकते हैं। अगर फिल सॉल्ट और रजत पाटीदार दोनों वापसी करते हैं, तो प्लेऑफ से पहले आरसीबी के सामने प्लेइंग इलेवन को लेकर दिलचस्प चयन चुनौती खड़ी हो सकती है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Virat Kohli with RCB teammates as Padikkal and Venkatesh Iyer compete for number 3 spot
IPL 2026: ओपनिंग तय, लेकिन नंबर-3 पर सस्पेंस बरकरार - RCB में इन दो धुरंधरों के बीच कड़ी टक्कर

Royal Challengers Bengaluru के लिए IPL 2026 से पहले टीम कॉम्बिनेशन का सबसे बड़ा सवाल नंबर-3 बल्लेबाजी को लेकर खड़ा हो गया है। जहां ओपनिंग जोड़ी लगभग तय मानी जा रही है, वहीं तीसरे नंबर पर कौन उतरेगा, इस पर फैंस और एक्सपर्ट्स की नजरें टिकी हैं। कोहली-साल्ट करेंगे पारी की शुरुआत इस सीजन में Virat Kohli और Phil Salt ओपनिंग करते नजर आएंगे। पिछले सीजन में इस जोड़ी ने टीम को कई मजबूत शुरुआत दिलाई थी, जिससे इस बार भी उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। नंबर-3 के लिए दो बड़े दावेदार तीसरे नंबर के लिए टीम के पास दो विस्फोटक बल्लेबाज मौजूद हैं: Devdutt Padikkal   Venkatesh Iyer   दोनों ही खिलाड़ी मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं और पहले भी IPL में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। पडिक्कल बनाम अय्यर: किसे मिलेगा मौका? पडिक्कल पिछले सीजन में इसी नंबर पर खेल चुके हैं और कुछ अहम पारियां भी खेली थीं। वहीं, अय्यर के पास भी फर्स्ट डाउन आकर आक्रामक बल्लेबाजी करने का अनुभव है, खासकर KKR के लिए उन्होंने कई बार यह भूमिका निभाई है। RCB ने अय्यर को इस सीजन ऑक्शन में करीब 7 करोड़ रुपये में खरीदा,जिससे टीम मैनेजमेंट का उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? पूर्व भारतीय क्रिकेटर Suresh Raina का मानना है कि टीम मैनेजमेंट पडिक्कल को नंबर-3 पर बरकरार रख सकती है। रैना के मुताबिक, लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन और टीम बैलेंस को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु की पिचें अय्यर के खेल के अनुकूल हैं। टीम कॉम्बिनेशन पर असर अगर अय्यर को नंबर-3 पर मौका मिलता है, तो पडिक्कल की भूमिका पर सवाल खड़े हो सकते हैं। वहीं, कप्तान Rajat Patidar को मिडिल ऑर्डर में अपनी जगह तय करनी होगी। IPL 2026 का आगाज Indian Premier League 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है, जहां पहले मुकाबले में RCB की भिड़ंत सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से होगी। डिफेंडिंग चैंपियन RCB के सामने इस बार खिताब बचाने की बड़ी चुनौती होगी।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

India vs England Series
स्पोर्ट्स

इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0