Police Investigation

पीड़ित लड़की का प्रतीकात्मक चित्र, अपराध और उत्पीड़न दर्शाता दृश्य
रजरप्पा में नाबालिग से दुष्कर्म, 3 आरोपी धराये

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। 3 युवकों ने इस घटना को अंजाम दिया। तीनों को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद परिजनों ने थाना में आवेदन देकर मामला दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।   सुनसान जगह पर वारदातः जानकारी के अनुसार, 30 मार्च की शाम बारलोंग इलाके के एक सुनसान स्थान पर इस वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता के साथ तीन युवकों ने जबरदस्ती की। घटना के बाद युवती ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। 24 घंटे के अंदर तीनों आरोपी गिरफ्तारः मामला सामने आते ही रजरप्पा थाना पुलिस हरकत में आ गई। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई और चितरपुर इलाके में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कौन हैं आरोपीः पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान अयान अनवर (निवासी रहमत नगर, लाइनपार, चितरपुर), मो. तौफिक (निवासी ईदगाह मोहल्ला, चितरपुर) और मो. असफाक (निवासी एलबी रोड, चितरपुर) के रूप में हुई है।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
Police investigating crime scene in Visakhapatnam murder case, highlighting relationship dispute and shocking incident
विशाखापट्टनम में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: रिश्तों की उलझन में गई जान

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से एक बेहद सनसनीखेज और परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने देश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला कुछ हद तक चर्चित श्रद्धा वॉकर हत्याकांड की याद दिलाता है, हालांकि हर मामला अपने संदर्भ और परिस्थितियों में अलग होता है। क्या है पूरा मामला? पुलिस के मुताबिक, आरोपी रविंद्र, जो पहले से शादीशुदा है, का 29 वर्षीय महिला मोनिका के साथ संबंध था। यह घटना उस समय हुई, जब उसकी पत्नी घर पर मौजूद नहीं थी। बताया जा रहा है कि: आरोपी ने महिला को अपने घर बुलाया दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ गुस्से में आकर आरोपी ने महिला की हत्या कर दी घटना के बाद आरोपी ने सबूत छिपाने की कोशिश की, लेकिन बाद में खुद पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। कैसे खुला मामला? इस केस का खुलासा तब हुआ जब आरोपी खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपराध कबूल किया। इसके बाद पुलिस जब उसके घर पहुंची, तो वहां से कई अहम सबूत बरामद हुए। घर से शव के अवशेष मिले कुछ हिस्से अलग-अलग स्थानों पर फेंके जाने की आशंका एक विशेष टीम बाकी सबूतों की तलाश में जुटी पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हत्या अचानक हुई या पहले से योजना बनाई गई थी। जांच में क्या सामने आ रहा है? जांच एजेंसियां कई पहलुओं पर काम कर रही हैं: दोनों के बीच संबंधों की प्रकृति विवाद की असली वजह क्या यह हत्या पूर्व-नियोजित थी आरोपी का आपराधिक इतिहास यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि व्यक्तिगत रिश्तों में बढ़ता तनाव किस हद तक खतरनाक हो सकता है। समाज के लिए चेतावनी इस तरह की घटनाएं केवल अपराध की कहानी नहीं होतीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी होती हैं। रिश्तों में संवाद, धैर्य और समझ की कमी कई बार दुखद परिणामों तक पहुंचा देती है।  

surbhi मार्च 30, 2026 0
Massive copper theft from transformer at Pithoria grid Ranchi, police investigation led by DSP underway
रांची के पिठोरिया ग्रिड से 1000 किलो तांबे की चोरी: ट्रांसफार्मर बना निशाना, डीएसपी के नेतृत्व में जांच तेज

रांची से एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है, जिसने बिजली व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिठोरिया थाना क्षेत्र के सत कनादू गांव स्थित बिजली ग्रिड से करीब 1000 किलोग्राम तांबा चोरी कर लिया गया। इस चोरी की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। ट्रांसफार्मर को बनाया निशाना जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने एसएसटी 33/4 KV ट्रांसफार्मर को निशाना बनाया और उसमें लगे तांबे को निकालकर फरार हो गए। इतनी बड़ी मात्रा में तांबे की चोरी यह संकेत देती है कि वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी योजना बनाई गई थी। डीएसपी के नेतृत्व में जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी Amar Kumar Pandey के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उनके साथ इंस्पेक्टर असित मोदी, थाना प्रभारी सतीश पांडे और एसआई संतोष यादव भी मौजूद थे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। तकनीकी टीम और डॉग स्क्वायड की मदद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता ली है। साथ ही डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम को भी बुलाया गया है, ताकि अपराधियों के बारे में ठोस सुराग मिल सके। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस चोरी के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। बिजली आपूर्ति पर असर की आशंका इस बड़ी चोरी के बाद इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए तेजी से काम कर रहा है, ताकि आम लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। जल्द गिरफ्तारी का दावा पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Jharkhand police transferring Prince Khan’s aides from Dhanbad to Ranchi for airport restaurant firing case investigation
धनबाद एनकाउंटर के बाद बड़ी कार्रवाई: प्रिंस खान के गुर्गे रांची शिफ्ट, एयरपोर्ट रेस्टोरेंट फायरिंग केस में जांच तेज

मुठभेड़ के बाद पुलिस का एक्शन, आरोपियों को रांची लाया गया धनबाद: झारखंड में अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गों को धनबाद से रांची शिफ्ट कर दिया गया है। ये सभी आरोपी रांची एयरपोर्ट स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई गोलीबारी और हत्या के मामले में शामिल बताए जा रहे हैं। रांची एयरपोर्ट थाना की पुलिस टीम रविवार को धनबाद पहुंची और जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दो आरोपियों को अपने साथ रांची ले गई। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भागाबांध में हुई थी पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ जानकारी के मुताबिक, 16 मार्च को धनबाद के भागाबांध इलाके में पुलिस और प्रिंस खान गिरोह के गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस एनकाउंटर में तीन अपराधी घायल हो गए थे। घायलों में पलामू के चैनपुर निवासी अमन सिंह उर्फ मनीष उर्फ कुबेर और वासेपुर के लाला टोला निवासी अफजल अमन उर्फ बाबर उर्फ राजा खान शामिल हैं। इनके अलावा विक्की डोम भी इस मुठभेड़ में घायल हुआ था। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही रांची भेजे गए आरोपी मुठभेड़ के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए धनबाद के SNMMCH अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज पूरा होने के बाद जैसे ही उन्हें छुट्टी मिली, रांची पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें अपने कब्जे में ले लिया और रांची शिफ्ट कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से रांची में पूछताछ की जाएगी, जिससे मामले के कई अहम खुलासे हो सकते हैं। एक आरोपी पहले ही भेजा जा चुका है जेल इस केस में घायल तीसरे आरोपी विक्की डोम को धनबाद पुलिस पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। वहीं बाकी आरोपियों को अब रांची लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। रेस्टोरेंट में फायरिंग और हत्या का गंभीर आरोप पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों पर रांची एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट में फायरिंग करने और एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुठभेड़ के जरिए इन्हें पकड़ लिया था। अब इस पूरे मामले में पुलिस अन्य फरार अपराधियों की भी तलाश कर रही है। अपराधियों पर सख्ती जारी, पुलिस का अभियान तेज झारखंड पुलिस लगातार संगठित अपराध के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। इस कार्रवाई को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Police investigating brick kiln site in Chatra where worker’s body was found in a pit
चतरा में मजदूर की संदिग्ध मौत से हड़कंप: ईंट भट्ठा मालिक पर हत्या का आरोप, गड्ढे में मिला शव

कैरलीबार पंचायत में सनसनीखेज घटना चतरा जिले के वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कैरलीबार पंचायत में एक ईंट भट्ठा मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय विनोद गंझू के रूप में हुई है, जो करमा पंचायत के मदनपुर गांव का रहने वाला था। काम के लिए गया, घर नहीं लौटा परिजनों के अनुसार, विनोद गंझू गुरुवार को कैरलीबार पंचायत के निमियाटांड़ स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने गया था। यह भट्ठा विनोद भारती और सोनू भारती नामक दो भाइयों का बताया जा रहा है। काम के सिलसिले में वह वहीं रुक गया, लेकिन रात में घर वापस नहीं लौटा। पार्टी के बाद गायब हुआ मजदूर स्थानीय जानकारी के मुताबिक, भट्ठा जलाने के बाद रात में मजदूरों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान शराब और मुर्गा की पार्टी भी हुई, जिसमें विनोद गंझू शामिल था। इसके बाद वह अचानक लापता हो गया। सुबह गड्ढे में मिला शव शुक्रवार सुबह विनोद गंझू का शव भट्ठे के पास एक गड्ढेनुमा जगह से बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप मृतक की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों ने ईंट भट्ठा मालिकों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह सामान्य हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या है। परिजन दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। परिजन वशिष्ठ नगर थाना में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया भी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज फिलहाल यह मामला संदिग्ध मौत का माना जा रहा है, लेकिन परिजनों के आरोपों ने इसे हत्या का मामला बना दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना के बाद मजदूरों की सुरक्षा और कार्यस्थल की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आने वाली रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आ सके।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
Woman teacher files complaint after ₹32 lakh fraud by friend in Gumla Jharkhand case
दोस्ती में धोखा! गुमला में महिला टीचर से 32 लाख की ठगी, भरोसे का हुआ बड़ा खेल

झारखंड के गुमला में सनसनीखेज मामला झारखंड के गुमला जिले से दोस्ती और भरोसे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला शिक्षक ने अपनी ही करीबी दोस्त पर 32 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग हैरान हैं कि किस तरह भरोसे का फायदा उठाकर इतनी बड़ी धोखाधड़ी की गई। साधारण पहचान से गहरी दोस्ती, फिर हुआ धोखा पीड़िता (परिवर्तित नाम प्रमिला) एक आर्मी स्कूल में शिक्षिका हैं। उन्होंने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी रेखा मिंज मूल रूप से गुमला की रहने वाली है और फिलहाल रांची के अरगोड़ा इलाके में रहती है। दोनों के बीच पहले सामान्य जान-पहचान थी, जो समय के साथ गहरी दोस्ती में बदल गई। कोयला कारोबार में निवेश का दिया झांसा आरोप है कि रेखा मिंज ने प्रमिला को कोयला कारोबार में निवेश करने का लालच दिया। उसने कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया। भरोसे में आकर प्रमिला ने अलग-अलग किस्तों में पैसे देना शुरू किया, जो बढ़ते-बढ़ते 32 लाख रुपये तक पहुंच गया। कर्ज लेकर और जमीन बेचकर जुटाई रकम इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता ने इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए कर्ज लिया और अपनी जमीन तक बेच दी। उसे उम्मीद थी कि निवेश से उसे अच्छा मुनाफा मिलेगा, लेकिन न तो कोई फायदा मिला और न ही मूल रकम वापस हुई। पैसे मांगने पर आरोपी ने तोड़ा संपर्क जब पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपी लगातार टालमटोल करती रही। बाद में उसने संपर्क भी बंद कर दिया। इससे पीड़िता को यकीन हो गया कि वह ठगी का शिकार हो चुकी है, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में जुटी, पूछताछ जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो शामिल नहीं है। लोगों के लिए चेतावनी यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि आर्थिक मामलों में बिना जांच-पड़ताल के किसी पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश से पहले पूरी जानकारी लें और जल्दबाजी में फैसला न करें।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
SSB Jawan died after shooting himself with service rifle
झारखंड में SSB जवान की संदिग्ध आत्महत्या: ‘क्रिकेट खेलने जा रहा हूं’ कहकर निकले, कैंप में खुद को मारी गोली

झारखंड के चतरा जिले से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) के एक जवान ने अपने ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे कैंप में हड़कंप मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कैंप में देर रात चली गोली, मचा हड़कंप यह घटना चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र स्थित शिला ओपी पिकेट की है, जहां सशस्त्र सीमा बल की 35वीं बटालियन तैनात है। मंगलवार रात करीब 10 बजे अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। साथी जवान जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि जवान खून से लथपथ पड़ा हुआ था। मृतक की पहचान देवघर जिले के रहने वाले प्रह्लाद कुमार सिंह के रूप में हुई है। सर्विस राइफल से खुद को मारी गोली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जवान ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। घटना के तुरंत बाद पुलिस और SSB के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिवार में मचा कोहराम बुधवार सुबह जैसे ही जवान का शव अस्पताल पहुंचा, परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के भाई ने बताया कि मंगलवार शाम को ही उनकी आखिरी बातचीत हुई थी और उस समय सब कुछ सामान्य लग रहा था। अचानक इस घटना की खबर मिलने से पूरा परिवार सदमे में है। ‘क्रिकेट खेलने जा रहा हूं’ कहकर निकले थे परिजनों के अनुसार, घटना के दिन शाम करीब 5 बजे प्रह्लाद सिंह ने फोन पर बताया था कि वे क्रिकेट खेलने जा रहे हैं और उसके बाद प्रार्थना सभा में शामिल होंगे। लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनके आत्महत्या की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया। पीछे छोड़ गए परिवार 2017 में SSB में भर्ती हुए थे 2018 में शादी हुई थी एक छोटी बच्ची के पिता थे हाल ही में एक महीने की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटे थे   हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस और SSB प्रशासन आत्महत्या के कारणों की जांच कर रहे हैं। मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद या अन्य किसी कारण को ध्यान में रखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। अभी तक आत्महत्या की असली वजह सामने नहीं आ सकी है। गंभीर सवाल छोड़ गई घटना यह घटना न केवल सुरक्षा बलों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि तनाव और दबाव की स्थिति में समय रहते मदद मिलना कितना जरूरी है।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Theft in Gumla with valuables
गुमला में बड़ी चोरी: बंद घर को बनाया निशाना, 18 लाख के गहने और नकदी लेकर फरार हुए चोर

गुमला: झारखंड के गुमला शहर के रामनगर इलाके में चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां अज्ञात चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाकर लाखों की संपत्ति उड़ा ली। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। दरवाजा तोड़कर घर में घुसे चोर पीड़िता मधुछन्दा सेनगुप्ता, जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं, ने बताया कि घटना के समय घर के सभी सदस्य बाहर गए हुए थे। इसी मौके का फायदा उठाकर चोरों ने मुख्य दरवाजा तोड़ दिया और घर के अंदर घुस गए। इसके बाद उन्होंने अलमारी और अन्य जगहों को खंगालते हुए कीमती सामान चोरी कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गहनों से लेकर नकदी तक सब कुछ गायब चोरी किये गए सामानों में सोने के दो नेकलेस, पांच लॉकेट, कंगन, झुमका, बाली, टॉप्स, पांच अंगूठियां और पांच मंगलसूत्र सेट शामिल हैं। इसके अलावा चांदी के चार चैन, पांच जोड़ी पायल, तीन सिंदूरदानी और चांदी का  बिछिया भी चोर ले गए। पीड़िता के अनुसार, इन आभूषणों की कुल कीमत करीब 18 लाख रुपये है। वहीं, चोर लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद भी साथ ले गए। किसान विकास पत्र भी चुरा ले गए बदमाश चोरों ने सिर्फ गहनों और नकदी तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि घर में रखे डाकघर के किसान विकास पत्र (KVP) भी अपने साथ ले गए। यह प्रमाणपत्र वर्ष 2018 में ही परिपक्व हो चुका था, जिससे साफ है कि चोरों ने पूरे घर की बारीकी से तलाशी ली। इलाके में दहशत, लोगों ने बढ़ाई सुरक्षा की मांग घटना के बाद रामनगर क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। सीसीटीवी फुटेज के सहारे जांच तेज मामले की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पीड़िता ने प्रशासन से चोरी किये गए सामान की जल्द बरामदगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Coal-laden Hyva truck overturned on Chatra–Gaya road causing fatal accident and traffic jam
चतरा में कोयला लदा हाईवा पलटा, चालक की मौत; कई वाहनों की टक्कर से लगा लंबा जाम

  चतरा: झारखंड के चतरा जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। चतरा–गया मुख्य मार्ग पर स्थित संघरी घाटी में कोयला लदा हाईवा अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पीछे से आ रहे कई वाहनों की आपस में टक्कर हो गई और सड़क पर लंबा जाम लग गया।   मृत चालक की पहचान मृतक चालक की पहचान Aditya Rana के रूप में हुई है। वह झारखंड के Latehar जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के सेरम पंडरिया गांव के निवासी थे और भोला राणा के पुत्र बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार आदित्य राणा कोयला लदा हाईवा लेकर चतरा–गया मार्ग से गुजर रहे थे, तभी संघरी घाटी के पास वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया।   घाटी में पलटा हाईवा, कई वाहनों की टक्कर बताया जा रहा है कि घाटी के मोड़ के पास हाईवा अचानक नियंत्रण खो बैठा और पलट गया। भारी वाहन के पलटते ही पीछे से आ रहे कई छोटे-बड़े वाहन समय पर ब्रेक नहीं लगा सके और आपस में टकरा गए। दुर्घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दी।   सड़क पर लगा लंबा जाम हादसे के बाद चतरा–गया मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने का काम शुरू किया।   शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया सदर थाना प्रभारी Avdhesh Kumar Singh ने बताया कि हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।   अस्पताल पहुंचे परिजन, मचा कोहराम घटना की जानकारी मिलते ही मृतक चालक के परिजन अस्पताल पहुंचे। शव देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और अस्पताल परिसर में शोक का माहौल बन गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि संघरी घाटी क्षेत्र में अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं, इसलिए यहां सड़क सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए जाने की जरूरत है।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
Deadly stabbing in Pakur on Holi leaves man dead, police investigating
होली पर खूनी वारदात: पाकुड़ में चाकूबाजी से अधेड़ की मौत, इलाके में दहशत

पुरानी रंजिश में घात लगाकर हमला झारखंड के पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के तलवाडंगा नंदीपाड़ा में होली के दिन चाकूबाजी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस हमले में अधेड़ देवराज सरकार उर्फ नेमुआ की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। मृतक के पिता मेघनाथ सरकार के अनुसार, उनका बेटा जैसे ही घर से बाहर निकला, पहले से घात लगाए बैठे करीब आठ से दस लोगों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने धारदार हथियार से लगातार कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों का आरोप है कि यह हमला पुरानी दुश्मनी के कारण किया गया। हालांकि पुलिस अभी इस एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। अस्पताल पहुंचने से पहले ही हालत हुई नाजुक घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल देवराज सरकार को इलाज के लिए सोना जोड़ी सदर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक उसकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मनीष कुमार ने बताया कि पीड़ित के शरीर पर चार से पांच बार चाकू से वार किया गया था। ज्यादा खून बहने के कारण उसकी स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने शुरू की छानबीन नगर थाना प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हमला योजनाबद्ध तरीके से किया गया था। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। इलाके में दहशत, परिजनों की गिरफ्तारी की मांग घटना के बाद तलवाडंगा नंदीपाड़ा इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग इस वारदात से सहमे हुए हैं, वहीं मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन रो-रोकर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द पकड़कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।  

surbhi मार्च 5, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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