Rain Forecast

Dark monsoon clouds gather over Ranchi as heavy rain and lightning warnings are issued across Jharkhand.
Jharkhand Weather Update: 15 जुलाई से झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, रांची समेत कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

रांची: झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 जुलाई से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव (Low Pressure Area) का असर झारखंड के मौसम पर पड़ने की संभावना है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई को रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विभाग ने किसानों और आम लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के मुताबिक 16 जुलाई को रांची, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 17 जुलाई को गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा के कई हिस्सों में तेज बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। लगातार हो रही मौसमी गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग भी सतर्क है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। रांची समेत कई इलाकों में हुई बारिश मंगलवार को राजधानी रांची सहित राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बहरागोड़ा में 22 मिमी जबकि जमशेदपुर में 4.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो मंगलवार को: रांची का अधिकतम तापमान 32.1°C जमशेदपुर का 32.4°C मेदिनीनगर का 35.4°C बोकारो का 32.1°C दर्ज किया गया। अब भी सामान्य से 41% कम हुई बारिश हालांकि मानसून सक्रिय होने के बावजूद झारखंड में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 14 जुलाई 2026 के बीच राज्य में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में जहां सामान्य रूप से 326 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, वहीं अब तक केवल 193.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। राजधानी रांची की बात करें तो यहां भी सामान्य से 22 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। 14 जुलाई तक रांची में सामान्यतः 336.3 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक केवल 263.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी प्रणाली के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है, जिससे वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rain, thunderstorms, lightning, and strong winds are forecast across several districts.
Jharkhand Weather Update: 2 जुलाई को 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन राज्य के सभी जिलों में अभी तक समान रूप से बारिश नहीं हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 और 3 जुलाई के दौरान बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है और भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। 2 जुलाई को इन 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 2 जुलाई को राज्य के पांच जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इनमें शामिल हैं— लातेहार लोहरदगा गुमला सिमडेगा पश्चिमी सिंहभूम इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 से 6 जुलाई तक भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 और 4 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना बनी रहेगी। 5 जुलाई को राजधानी रांची सहित कई जिलों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं— रांची खूंटी लोहरदगा गुमला पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां सिमडेगा इसके अलावा अन्य जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 6 जुलाई को भी रांची समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। रांची में बढ़ा तापमान, जल्द मिलेगी राहत पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी रांची के अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं मेदिनीनगर के तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। रामगढ़ और बहरागोड़ा में अच्छी बारिश बुधवार को राज्य के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं— रामगढ़ – 60.5 मिमी कोडरमा – 20 मिमी जमशेदपुर – 4 मिमी चाईबासा – 2 मिमी लोहरदगा – 2 मिमी गुमला – 1 मिमी सरायकेला – 1 मिमी सबसे अधिक वर्षा बहरागोड़ा में दर्ज की गई, जहां पिछले 24 घंटों में 84.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अब भी सामान्य से काफी कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 1 जुलाई तक झारखंड में कुल 99.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 197.8 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब तक करीब 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, दुमका ऐसा जिला है जहां सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं राजधानी रांची में अभी भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे अधिक वर्षा की कमी गढ़वा और साहिबगंज जिलों में दर्ज की गई है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की भी अपील की गई है।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as rain, thunderstorms, and lightning alert issued across multiple districts.
झारखंड में अगले 5 दिनों तक बारिश का अलर्ट, वज्रपात का खतरा भी बरकरार; कई जिलों में भारी बारिश के आसार

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने लगा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि आकाशीय बिजली की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। तापमान में आएगी गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले पांच दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। रविवार को देवघर जिले के सिकटिया में सबसे अधिक 54.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोलेबिरा में 40.2 मिमी, पपुनकी में 30.8 मिमी, नोआमुंडी में 23.6 मिमी, राजधनवार में 23.2 मिमी और पालकोट में 14.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रांची में भी कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं, डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वज्रपात ने ली पांच लोगों की जान बारिश के बीच आकाशीय बिजली का कहर भी जारी है। शनिवार और रविवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात से पांच लोगों की मौत हो गई। लोहरदगा के कैरो थाना क्षेत्र के सदाबे डुमरटोली गांव में वज्रपात की चपेट में आने से ढाई वर्षीय अंकिता उरांव की मौत हो गई। गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के दुधवल गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 18 वर्षीय शहबाज अंसारी और 12 वर्षीय फैजुन खातून की जान चली गई। वहीं पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में भी वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की मौत हो गई। अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। 29 जून: पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना। 30 जून: राज्य के कई हिस्सों में वज्रपात और तेज हवा चल सकती है। कोडरमा, गिरिडीह और धनबाद सहित उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश के आसार। 1 जुलाई: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़ और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Bihar as IMD issues heatwave and rain alerts across several districts.
Bihar Rain Alert: बिहार के 14 जिलों में आज लू का खतरा, फिर अगले 6 दिनों तक आंधी-बारिश का दौर; IMD ने जारी की चेतावनी

पटना: बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में फिलहाल दो तरह की परिस्थितियां देखने को मिलेंगी। एक ओर दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं उत्तर और मध्य बिहार के कई इलाकों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी सलाहों का पालन करने की अपील की है। इन 14 जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया में आज हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इन जिलों में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। इन जिलों में बारिश और तेज हवा की संभावना उत्तर और मध्य बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें शामिल जिले हैं: पूर्वी चंपारण पश्चिम चंपारण शिवहर सीतामढ़ी मधुबनी सुपौल अररिया किशनगंज गोपालगंज सारण सीवान मुजफ्फरपुर वैशाली दरभंगा समस्तीपुर सहरसा मधेपुरा पूर्णिया कटिहार इन इलाकों में गरज के साथ बारिश, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। अगले 24 घंटे बाद बदलेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 25 जून से कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 30 जून तक उत्तर बिहार, सीमांचल और कोसी क्षेत्र में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट के आसार लगातार बारिश के कारण अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने किसानों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम नहीं करने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पटना में देर रात हुई झमाझम बारिश राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में बुधवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। करीब 20 मिनट तक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लंबे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश के बाद शहर के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।  

surbhi जून 24, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Jharkhand as thunderstorms and heavy rain alerts are issued.
झारखंड में 11 जून से बदलेगा मौसम, कई जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट

रांची: झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 11 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कई जिलों में आंधी, वज्रपात और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, झारखंड में मानसून के अगले चार दिनों में संताल परगना के रास्ते प्रवेश करने की उम्मीद जताई गई है। बुधवार शाम राजधानी रांची समेत कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। खूंटी में 11 मिमी और रांची व आसपास के क्षेत्रों में करीब 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। 11 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रांची में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 12 जून को भारी बारिश के आसार 12 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और दुमका में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रांची, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में आंधी, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 13 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  

surbhi जून 11, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand as rain, thunderstorms and strong winds are forecast
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, गरज-चमक के साथ बारिश और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं तेज हवाएं

झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। India Meteorological Department के रांची केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 4 जून को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 4 जून को राज्य के पूर्वी और उससे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं गरज-चमक और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। साथ ही कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। 5 जून को भी बारिश के आसार 5 जून को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे मध्य क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य भागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम में नमी बढ़ने के कारण लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ सकता है। रांची में अगले कुछ दिनों का मौसम राजधानी Ranchi और आसपास के इलाकों में 5 जून तक आंशिक बादल छाए रहने और गर्जन वाले बादल बनने की संभावना है। वहीं 6 और 7 जून को गरज-चमक के साथ बारिश होने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार— अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक वर्षा Hazaribagh में दर्ज की गई, जहां 2.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि अधिकांश जिलों में मौसम सामान्य बना रहा, लेकिन आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है, विशेष रूप से वज्रपात की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।  

surbhi जून 4, 2026 0
Heatwave conditions in Jharkhand as temperatures soar before forecast rain and thunderstorms
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, डालटनगंज में 44°C तापमान; पलामू-गढ़वा में लू का अलर्ट

झारखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम अब करवट लेने जा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में जहां तेज गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है, वहीं आने वाले दिनों में बारिश, आंधी और गर्जन की संभावना जताई गई है। Jharkhand के मौसम विज्ञान केंद्र ने पलामू प्रमंडल के जिलों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है, जबकि रांची और संताल परगना समेत कई इलाकों में 25 से 28 मई के बीच मौसम बदलने का अनुमान है। डालटनगंज सबसे गर्म, 44 डिग्री पहुंचा पारा रविवार को Daltonganj राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा: Jamshedpur : 40.5°C Bokaro : 42.1°C Chaibasa : 40°C Ranchi : 39°C अधिकतम, 26.6°C न्यूनतम तापमान राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा, हालांकि बहरागोड़ा में चार मिमी बारिश दर्ज की गई। पलामू-गढ़वा और चतरा में लू का खतरा मौसम विभाग ने Palamu, Garhwa और Chatra सहित उत्तर-पश्चिमी जिलों में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। 25 से 28 मई तक बारिश और तेज हवा की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 25 से 28 मई के बीच राज्य के कई हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विशेष रूप से: 25 मई को संताल परगना क्षेत्र में तेज हवा और वज्रपात की आशंका 26 और 27 मई को कई जिलों में गर्जन के साथ बारिश तेज हवाएं चलने की भी संभावना इस बदलाव से तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है। रांची में भी बदलता रहेगा मौसम Ranchi और आसपास के इलाकों में अगले पांच दिनों तक मौसम लगातार बदलता रहेगा। 25 और 27 मई को गर्जन वाले बादल बनने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक राजधानी का अधिकतम तापमान घटकर करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री तक पहुंच सकता है। लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेते रहें बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें आंधी और वज्रपात के दौरान खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न हों

surbhi मई 25, 2026 0
Jharkhand Weather update
Jharkhand Weather update: झारखंड में अगले 72 घंटे भारी, बारिश-आंधी और वज्रपात का अलर्ट

रांची। झारखंड में अगले 72 घंटों के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। रांची स्थित मौसम केंद्र ने राज्य के कई जिलों में गरज के साथ बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दक्षिणी और मध्य झारखंड के इलाकों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।   कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात का खतरा मौसम केंद्र के अनुसार खूंटी और गुमला समेत दक्षिणी झारखंड के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात की भी आशंका है। वहीं धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और लोहरदगा समेत मध्य झारखंड के जिलों में भी गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।   अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान 19 मई को उत्तर-पश्चिमी झारखंड को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है। 20 मई को पूर्वी और मध्य झारखंड में मौसम और ज्यादा सक्रिय रहेगा। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 21 मई को पलामू, गढ़वा और लातेहार को छोड़कर बाकी हिस्सों में बारिश और मेघ गर्जन की संभावना बनी रहेगी।   तापमान में भी बढ़ोतरी राज्य के कई जिलों में गर्मी का असर भी बना हुआ है। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जमशेदपुर, बोकारो और रांची में भी तापमान सामान्य से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

Unknown मई 18, 2026 0
Dark clouds and strong winds over Jharkhand as rain brings relief from extreme heatwave conditions
झारखंड में भीषण गर्मी के बीच राहत की उम्मीद, 24–26 अप्रैल के बीच बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान

  झारखंड में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच अब राहत के संकेत मिल रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में India Meteorological Department (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान ने लोगों को कुछ राहत की उम्मीद दी है। मौसम विभाग के अनुसार, 24, 25 और 26 अप्रैल के दौरान राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और तेज हवाओं की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने के आसार हैं। चार जिलों में लू का अलर्ट जारी हालांकि राहत के संकेतों के बीच मौसम विभाग ने चार जिलों–दुमका, जामताड़ा, धनबाद और बोकारो–में लू (हीटवेव) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तापमान काफी ऊंचा रहने की संभावना है, जिससे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना पूर्वानुमान के मुताबिक, 24 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं 25 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में भी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि रविवार तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। तापमान में धीरे-धीरे आएगी गिरावट आईएमडी रांची के उप निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार, अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। लेकिन इसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। डाल्टनगंज रहा सबसे गर्म पिछले 24 घंटों में पलामू के डाल्टनगंज में सबसे अधिक 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा जमशेदपुर और चाईबासा में 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में गर्मी की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। मौसम का मिला-जुला असर आने वाले दिनों में झारखंड में मौसम का मिश्रित प्रभाव देखने को मिलेगा। एक ओर लू की स्थिति बनी रहेगी, वहीं दूसरी ओर बारिश और तेज हवाएं राहत देने का काम करेंगी। यह बदलाव खासतौर पर किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे समय-समय पर मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां बरतें, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Jharkhand weather: dark clouds, possibility of rain and strong winds, people walking with umbrellas
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज: 25-26 मार्च को बादल, रामनवमी पर बारिश के आसार, कई जिलों में येलो अलर्ट

झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में 25 और 26 मार्च को आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम का यह अस्थिर रुख जारी रहेगा, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ त्योहारों और खेती पर भी असर पड़ सकता है। रामनवमी पर बारिश की संभावना इस बार रामनवमी के अवसर पर मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहने वाला है। विभाग का अनुमान है कि इस दिन हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे भगवान श्रीराम का “प्राकृतिक जलाभिषेक” भी माना जा रहा है, लेकिन इससे जुलूस और आयोजन प्रभावित हो सकते हैं। 27-28 मार्च को येलो अलर्ट मौसम केंद्र ने 27 और 28 मार्च के लिए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन दिनों 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही मेघ गर्जन, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। लोगों को खुले स्थानों, खासकर पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। 29 को राहत, 30 को फिर बदलेगा मौसम 29 मार्च को मौसम कुछ हद तक राहत देगा। हालांकि बादल बने रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना कम है। वहीं 30 मार्च को एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है और कई जिलों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री रहा। मेदिनीनगर और सरायकेला जैसे इलाकों में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में तापमान 4 से 5 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी। जमशेदपुर में भी बारिश के संकेत जमशेदपुर में भी मौसम ने राहत दी है। 27, 28 और 30 मार्च को यहां बारिश के आसार हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम रहा। बेमौसम बारिश से किसानों को नुकसान साहिबगंज जिले में बेमौसम बारिश और तेज हवा ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं, मक्का, सरसों, मटर, मसूर और चना जैसी फसलें खेतों में ही बर्बाद हो गई हैं। स्थानीय किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है। छोटे और सीमांत किसान इस नुकसान से आर्थिक संकट में आ गए हैं। जिलों में तापमान का अनुमान उत्तर-पूर्वी जिलों में अधिकतम तापमान 33 से 36 डिग्री के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम 19 से 21 डिग्री तक रहने की संभावना है। रांची, हजारीबाग और बोकारो जैसे इलाकों में तापमान थोड़ा कम रहेगा। वहीं दक्षिणी जिलों में तापमान 37 डिग्री तक पहुंच सकता है। त्योहार और मौसम की चुनौती कुल मिलाकर, झारखंड में इस सप्ताह मौसम पूरी तरह अस्थिर बना रहेगा। रामनवमी जैसे बड़े त्योहार के दौरान बारिश और तेज हवाएं प्रशासन और आम लोगों के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand sky indicating rain, thunderstorm and lightning alert by weather department
Jharkhand Weather Alert: 9–10 मार्च को बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट

  झारखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई जिलों में शनिवार से मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं। दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी झारखंड के इलाकों में मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने 9 और 10 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है।   साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को Ranchi सहित पूर्वी जिलों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 9 मार्च को उत्तर-पूर्वी और मध्य झारखंड के कई इलाकों में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। 10 मार्च को भी कई स्थानों पर इसी तरह की स्थिति बने रहने की संभावना है।   तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मार्च को राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा चल सकती है और कुछ जगहों पर वज्रपात भी हो सकता है। इसे देखते हुए लोगों को खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।   रांची में भी बारिश की संभावना राजधानी Ranchi में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। शनिवार को दिनभर आसमान में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश का एक दौर देखने को मिल सकता है। रविवार को भी ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है। हालांकि इस बारिश से तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं होगी।   तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य के कई जिलों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। Deoghar, Dhanbad, Dumka और Jamtara में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं Godda और Pakur में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिमी झारखंड के Chatra, Garhwa और Palamu में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं दक्षिणी झारखंड के East Singhbhum और Seraikela-Kharsawan में भी तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0