Significant Events of July 11

Important Events
Important Events: 11 जुलाई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1346 – लग्जमबर्ग के चार्ल्स चतुर्थ को पवित्र रोमन साम्राज्य का सम्राट बनाया गया। 1673 – नीदरलैंड और डेनमार्क के बीच रक्षा संधि पर हस्ताक्षर हुए। 1750 - नोवा के हैलिफ़ैक्स स्कॉशिया लगभग पूरी तरह से आग से नष्ट हो गया। 1776 - प्रसिद्ध ‘जेम्स कुक’ ने आज अपनी तीसरी समुद्री यात्रा शुरू की थी। 1781 - थॉमस हचिन्स ने अमेरिका के भूगोल को नामित किया। 1804 - अलेक्जेंडर हैमिल्टन को हारून बोर के साथ एक द्वंद्वयुद्ध के दौरान गोली मार दी गई और अगले दिन उसकी मृत्यु हो गई। 1832 – ब्रितानी संसद ने सती प्रथा के उन्मुलन के खिलाफ शुद्धतावादी हिंदुओं के अपील को खारिज किया। 1889 – सोवा बाजार क्लब किसी फुटबॉल टूर्नामेंट में भाग लेने वाला पहला भारतीय दल बना। 1919 - नीदरलैंड ने आठ घंटे का दिन और नि:शुल्क रविवार श्रमिकों के लिए कानून बनाया। 1921 – मंगोलिया ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की।  1922 – हॉलीवुड की स्थापना हुई। हॉलीवुड संयुक्त राज्य अमरीका के फ़िल्म उद्योग का नाम है। 1943 - अमेरिकी ने न्यू जॉर्जिया से एनोगाई की लड़ाई पर जीत हासिल की। 1975 – चीन में 2200 वर्ष पुरानी कब्रगाह खोजी गयी जिसमे सैनिकों के 3000 आदमकद मूर्तियाँ दफ़न थी। 1977 – मार्टिन लूथर किंग जूनियर को मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया गया। 1979 – अमेरिकी अंतरिक्ष प्रयोगशाला स्काई लैब धरती पर गिरी। यह हिंद महासागर और पश्चिम ऑस्ट्रेलिया में गिरी थी। 1981 - राइटर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका ने अपना 13 सप्ताह की हड़ताल समाप्त कर की। 1987 - दुनिया की आबादी ने पांच अरब का आंकड़ा पर कर लिया। संयुक्त राष्ट्र ने 11 जुलाई को जनसंख्या दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। 1987 - ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री रॉबर्ट हॉक की सरकार तीसरी अवधि के लिए चुनी गई। 1995 – अमेरिका एवं वियतनाम के बीच कूटनीतिक रिश्ते स्थापित हुए। 1995 – बोस्निया में 7000 से ज्यादा लोगों का नरसंहार किया गया। 1996 – रणवीर सेना ने बिहार के भोजपुर ज़िले के बथानी टोला गांव में कमज़ोर वर्ग के 21 लोगों की हत्या कर दी। 1997 - थाईलैंड के पटाया शहर के सबसे खराब होटल में आग लगने से 90 लोगो की मौत हो गयी। 2002 - चांग शांग दक्षिण कोरिया की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। 2003 - लाहौर में 'दोस्ती बस' और दिल्ली से 'सदा-ए-सरहद' बस का परिचालन हुआ। 2004 - एचआईवी-एड्स पर एशियाई मंत्रियों का सम्मेलन बैंकॉक में। 2004 - मुम्बई उपनगरीय में 7 रेल बम विस्फोट हुये। 2004 - पाक अधिकृत कश्मीर हास्यास्पद चुनाव सम्पन्न। 2006 – मुंबई में सीरियल धमाके हुए थे जिसमे 209 लोग मारे गए। 2007 - चर्चित चित्रकार एम.एफ़. हुसैन ने न्यूयार्क की कला प्रदर्शनी में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। 2008 – एप्पल ने आईफोन 3जी लांच किया। 2008 - पाकिस्तान के वजीरिस्तान प्रान्त में हुए एक अमेरिकी हवाई हमले में 11 लोग घायल हुए। 2019 - भारत सरकार ने परमाणु संयंत्रों के लिए आयातित उत्पादों पर बुनियादी सीमा शुल्क (BCD) माफ किया। 2019 - यूक्रेन ने दुनिया के सबसे बड़े मेटल डोम का उद्घाटन किया है जिसमें कुख्यात चेरनोबिल संयंत्र में नष्ट हो चुके रिएक्टर को शामिल किया गया है। यह 108 मीटर ऊंचा गुंबद है जिसका वजन 36,000 टन है। 2020 - नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही, 23 लोगों की मौत, दर्जनों लापता हुए (समाचार एजेंसी रॉयरटर्स की रिपोर्ट )। 2021 - राजस्थान में अलग  - अलग जगह आकाशीय बिजली गिरने से 7 बच्चों सहित 20 से ज्यादा लोगों की मौत व 21 से ज्यादा घायल हुए। UP: में भी अलग  - अलग जगह आकाशीय बिजली गिरने से 40 लोगों की मौत, 38 मवेशियों की भी जान गई। 2021 - भारतवंशी बेटी सिरिशा बांदला ने वर्जिन गैलेक्टिक की यूनिटी-22 से  अंतरिक्ष की सफल उड़ान भरी , अंतरिक्ष में चौथी बार किसी भारतीय के कदम पड़े। 2022 - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नए संसद भवन की छत पर भारत के राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ की प्रतिमा (कांस्य धातु , ऊंचाई 6.5 मीटर , वजन 9500 किलो ) का अनावरण किया। 2022 - भारत की भगवानी देवी ने 94 साल की उम्र में गोल्ड मेडल जीतकर वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में इतिहास रचा। 2022 - भारत के पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती ने नये प्रतीक-चिह्न (लोगो) का अनावरण कर अपने गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। 2023 - नेपाल में माउंट एवरेस्ट के पास हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ , छह सवार व्यक्तियों में से पांच शव बरामद हुए। 2023 - बांग्लादेश और भारत ने मंगलवार को रुपये में व्यापार लेनदेन शुरू किया। 2023 - भारत-जापान समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास 2023 (जिमेक्स23) का समापन हुआ। 2023 - दो दिवसीय विजिटर्स कॉन्फ्रेंस संपन्न हुई , राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने विजिटर कॉन्फ्रेंस 2023 के समापन समारोह को संबोधित किया। 2024 - भारतीय वायु सेना की एक टुकड़ी अभ्यास पिच ब्लैक 2024 में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंची। 2024 - अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट शादी के बंधन में बंधे। 2025 - DRDO और वायुसेना ने सुखोई-30 से  अस्त्र मिसाइल का सफल परीक्षण किया। 2025 - हरियाणा व दिल्ली में शाम 07:49 पर 3.7 तीव्रता के भूकंप के झटके आए।   11 जुलाई को जन्मे व्यक्ति   1857 - सी. शंकरन नायर - भारतीय न्यायाधीश एवं राजनेता थे। 1882 – स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक बाबा कांशी राम का जन्म काँगड़ा के दादा सीबा गाँव में हुआ। 1899 - सी एस वेंकटाचारी एक भारतीय राजनेता है और राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके । 1902 - सरदार बलदेव सिंह - भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ एवं प्रथम रक्षामंत्री थे। 1920 - वीआर नेदुचेझियान - दो बार तमिलनाडु राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहे। 1923 - टुन टुन - एक भारतीय पार्श्वगायिका और हास्य अभिनेत्री थीं। 1956 - अमिताभ घोष भारत के अंग्रेजी भाषा के साहित्यकार। 1960 – कुमार गौरव भारतीय फिल्म अभिनेता। 1967 – भारतीय मूल की अमेरिकी लेखिका झुंपा लाहिड़ी। लघु कथाओं की अपनी पहली ही किताब 'इंटरप्रेटर ऑफ मैलडीज' के लिए झुंपा को 2000 में पुलित्जर पुरस्कार मिला।   11 जुलाई को हुए निधन   1630 – रेजाबीबेह सूकिएस - कोलकाता आयी पहली विदेशी महिला बेगम। 1912 - फ़र्डिनांड मोनोयेर - प्रसिद्ध फ़्राँसीसी नेत्र रोग विशेषज्ञ थे। 1957 - आगा ख़ाँ तृतीय - शियाओं के निजारी इस्माईली मत के आध्यात्मिक नेता थे। 1994 - सेकेंड लेफ्टिनेंट रामा राघोबा राणे - परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सैनिक। 2003 - भीष्म साहनी - भारतीय लेखक। 2020 - जाने-माने प्रसारक और बीबीसी हिंदी सेवा के प्रमुख रहे कैलाश बुधवार का सुबह लंदन में निधन हो गया। 2020 - प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट अवाद बिन हसन जामी का 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 2022 - जेम्स बॉन्ड फिल्मों के लिए थीम ट्यून लिखने वाले ब्रिटिश संगीतकार मोंटी नॉर्मन (94) का निधन हुआ। 2023 - चेकोस्लोवाकिया के ब्रनो में जन्मे चर्चित उपन्यासकार मिलान कुंदेरा (94) का निधन हुआ। 2023 - ब्रिटिश व्यापारी सर पीटर इनग्राम वाल्टर्स (92) का निधन हुआ। 2023 - जापानी संगीतकार और कंडक्टर युज़ो टोयामा (92) का निधन हुआ। 2024 - अमेरिकी फुटबॉल कोच मोंटे किफिन का 84 वर्ष की आयु में निधन हुआ। 2025 - अमेरिकी रहस्य उपन्यासकार मार्टिन क्रूज़ स्मिथ (82) का निधन हुआ।   11 जुलाई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   अम्बुबाची पर्व /महोत्सव कामाख्या देवी मेला (असम , आषाढ़ के बारहवें दिन)। सरदार श्री बलदेव सिंह जयन्ती। सेकेंड लेफ़्टिनेंट श्री रामा राघोबा राणे पुण्य दिवस (परमवीर चक्र सम्मानित)। बैंक अवकाश (दूसरा शनिवार)। विश्व जनसंख्या दिवस।   कृपया ध्यान दें  यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

India vs England Series
स्पोर्ट्स

इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0