TCS

Indian stock market rallies as Sensex jumps 800 points and IT stocks lead early trading gains
Stock Market Opening: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 800 अंक उछला; IT शेयरों में फिर आया जोश

Share Market Opening, 29 July 2026: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को कारोबार की शुरुआत मजबूत तेजी के साथ की। पिछले सत्र की मामूली कमजोरी के बाद आज शुरुआती कारोबार में खरीदारी का जोर दिखाई दिया। सेंसेक्स करीब 800 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी 24,200 के स्तर के पार पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा मजबूती IT शेयरों में देखने को मिली। सुबह करीब 9:40 बजे BSE Sensex 777.71 अंक यानी 1.01% की बढ़त के साथ 77,543.63 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 218.85 अंक यानी 0.91% चढ़कर 24,204.20 पर पहुंच गया। घरेलू बाजार को वैश्विक संकेतों के साथ-साथ सेक्टरल खरीदारी से भी सपोर्ट मिला। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार के लिए एक अहम जोखिम बनी हुई है। IT शेयरों में जोरदार खरीदारी शुरुआती कारोबार में IT सेक्टर निवेशकों के पसंदीदा क्षेत्रों में रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 शेयर बढ़त के साथ खुले। Infosys सबसे मजबूत शेयरों में रहा और शुरुआती कारोबार में इसमें करीब 3.5% की तेजी दिखी। इसके अलावा L&T, HUL, TCS, Tech Mahindra, Bharti Airtel और Bajaj Finance जैसे शेयरों में भी खरीदारी रही। करीब 9:30 बजे प्रमुख शेयरों की स्थिति: Infosys: +3.23% L&T: +2.90% HUL: +2.58% Bharti Airtel: +1.61% TCS: +1.54% HDFC Bank: +1.50% HCL Tech: +1.34% Tech Mahindra: +1.21% ITC: +1.12% M&M: +1.06% Bajaj Finance: +0.95% वहीं BEL, Indigo, Asian Paints, Power Grid, Trent और Titan जैसे कुछ शेयर दबाव में रहे। Nifty में भी खरीदारी का जोर Nifty 50 में Infosys, L&T और Eternal शुरुआती कारोबार में प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहे। ब्रॉडर मार्केट में भी सकारात्मक माहौल दिखा। Nifty Midcap करीब 0.54% और Nifty Smallcap करीब 0.66% ऊपर कारोबार कर रहे थे। सेक्टर की बात करें तो Nifty IT और Nifty Chemical ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि Nifty Realty और Nifty Oil & Gas कमजोर नजर आए। रुपये में भी शुरुआती मजबूती शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे मजबूत होकर 95.70 के स्तर पर खुला। हालांकि, मुद्रा बाजार और शेयर बाजार दोनों पर वैश्विक घटनाक्रमों का असर बना रह सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल चिंता का विषय बाजार की तेजी के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच Brent crude की कीमत में करीब 5% की तेजी आई और यह लगभग $88 प्रति बैरल तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी रहने से भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है। इसलिए बाजार की आगे की दिशा में तेल की कीमतें भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। निवेशकों की नजर अब आगे के संकेतों पर बुधवार की शुरुआती तेजी से बाजार में सकारात्मक माहौल जरूर बना है, लेकिन वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। IT शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है। अब देखना होगा कि शुरुआती तेजी कारोबार के दौरान कायम रहती है या बाजार ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली का सामना करता है।  

surbhi जुलाई 29, 2026 0
TCS AI Engineer
TCS बनाएगी 8,900 AI इंजीनियरों की नई टीम, वैश्विक AI कंपनियों को टक्कर देने की तैयारी

मुंबई, एजेंसियां। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़ा दांव खेलते हुए 8,900 AI इंजीनियरों की नई टीम बनाने का ऐलान किया है। कंपनी का उद्देश्य एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए AI आधारित समाधान तैयार करना और वैश्विक स्तर पर OpenAI, Microsoft, Amazon तथा Anthropic जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करना है।    AI इंजीनियर सीधे ग्राहकों के साथ करेंगे काम   TCS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. कृतिवासन ने बताया कि नई टीम में शामिल इंजीनियर केवल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे सीधे ग्राहकों के साथ मिलकर उनकी जरूरत के मुताबिक AI समाधान विकसित करेंगे। कंपनी इन्हें "Forward Deployed Engineers" के रूप में तैयार कर रही है, ताकि AI प्रोजेक्ट्स को तेजी से लागू किया जा सके।    AI कारोबार को नई ऊंचाई देने की रणनीति   कंपनी का कहना है कि आने वाले वर्षों में AI सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसी को देखते हुए TCS बड़े पैमाने पर अपने कर्मचारियों को AI, मशीन लर्निंग और जनरेटिव AI तकनीकों में प्रशिक्षित कर रही है। कंपनी पहले ही लाखों कर्मचारियों को AI से जुड़ी स्किल्स की ट्रेनिंग दे चुकी है और अब विशेषज्ञ इंजीनियरों की अलग टीम तैयार की जा रही है।    वैश्विक AI बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा   विशेषज्ञों का मानना है कि TCS का यह कदम भारतीय आईटी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। AI तकनीक में बढ़ते निवेश के साथ भारतीय कंपनियां अब केवल आउटसोर्सिंग तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि वैश्विक AI नवाचार और एंटरप्राइज समाधान के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी कर रही हैं।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
Homemade crispy potato smileys served with tomato ketchup, perfect kids' snack for tiffin and tea time.
फ्रोजन स्माइली खरीदना छोड़ें, घर पर बनाएं कुरकुरी और स्वादिष्ट पोटैटो स्माइली

Monsoon & Kids Special Recipe: आसान सामग्री से तैयार करें बाजार जैसी क्रिस्पी पोटैटो स्माइली, बच्चों के टिफिन के लिए परफेक्ट स्नैक अगर आप रोजाना एक जैसा नाश्ता बनाकर बोर हो चुके हैं और बच्चों के लिए कुछ नया, स्वादिष्ट और मजेदार बनाना चाहते हैं, तो घर पर बनी पोटैटो स्माइली एक बेहतरीन विकल्प है। यह स्नैक बाहर से कुरकुरा और अंदर से बेहद मुलायम होता है। इसे बनाने के लिए महंगी या ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती और यह बच्चों के टिफिन, शाम की चाय या बर्थडे पार्टी के लिए भी शानदार विकल्प है। पोटैटो स्माइली बनाने के लिए आवश्यक सामग्री 3–4 मध्यम आकार के आलू 3–4 बड़े चम्मच चावल का आटा स्वादानुसार नमक 1 छोटा चम्मच घी या तेल ½ छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर (वैकल्पिक) ½ छोटा चम्मच चिली फ्लेक्स (वैकल्पिक) तलने के लिए तेल परोसने के लिए टोमैटो केचप, हरी चटनी या पसंदीदा डिप ऐसे बनाएं पोटैटो स्माइली सबसे पहले आलू को धोकर छील लें और छोटे टुकड़ों में काटकर उबाल लें। आलू पकने के बाद अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकाल दें और उन्हें अच्छी तरह मैश करें। अब मैश किए हुए आलू में चावल का आटा, नमक, घी या तेल और अपनी पसंद के अनुसार काली मिर्च या चिली फ्लेक्स डालकर मुलायम आटा तैयार करें। आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें गोल आकार दें। स्ट्रॉ या किसी गोल चीज की मदद से दो आंखें बनाएं और चम्मच के किनारे से हल्की मुस्कान का आकार दें। मध्यम आंच पर गर्म तेल में स्माइलीज को दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। अतिरिक्त तेल निकालकर इन्हें टोमैटो केचप, हरी चटनी या अपनी पसंदीदा डिप के साथ गरमागरम परोसें। क्रिस्पी स्माइली बनाने का आसान टिप आलू का अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकालें। चावल का आटा कुरकुरापन बढ़ाता है। आटा ज्यादा गीला न रखें। हमेशा मध्यम आंच पर तलें ताकि स्माइली बाहर से क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट रहें। घर पर बनी पोटैटो स्माइली न सिर्फ स्वाद में बाजार जैसी होती हैं, बल्कि ताजगी और साफ-सफाई के लिहाज से भी बेहतर विकल्प साबित होती हैं।  

anmol जुलाई 10, 2026 0
Share Market
बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 828 अंक की छलांग लगाकर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा खरीदारी का माहौल रहा और अधिकांश सेक्टरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।   आईटी, बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने दिखाई मजबूती बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह देश की प्रमुख आईटी कंपनी टीसीएस के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे रहे। बेहतर प्रदर्शन से आईटी सेक्टर में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली। व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांकों में करीब 1.5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों की रुचि केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही।   वैश्विक संकेतों का भी मिला समर्थन भारतीय बाजार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। एशियाई बाजारों में अधिकांश सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। जापान का टॉपिक्स, ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200, हांगकांग का हैंग सेंग और शंघाई कंपोजिट सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। हालांकि अमेरिकी और यूरोपीय वायदा बाजारों में हल्की कमजोरी देखने को मिली, लेकिन उसका असर भारतीय बाजार पर नहीं पड़ा।   विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कॉरपोरेट नतीजों, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल के कारण बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है। आने वाले दिनों में अन्य कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है और बाजार में सकारात्मक धारणा कायम है।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
TCS corporate branding highlights AI-driven growth strategy and potential changes to dividend policy for future investments.
AI की दौड़ में TCS बदल सकती है अपनी डिविडेंड रणनीति, भविष्य की ग्रोथ के लिए बढ़ाना पड़ सकता है निवेश

देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट लगातार हासिल कर रही है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नए AI प्रोजेक्ट जीतना ही पर्याप्त नहीं होगा। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में मजबूत बढ़त बनाए रखने के लिए कंपनी को तकनीक, इंफ्रास्ट्रक्चर और साझेदारियों पर कहीं अधिक निवेश करना पड़ सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि TCS को भविष्य में अपनी डिविडेंड नीति पर भी दोबारा विचार करना पड़ सकता है, ताकि कंपनी AI कारोबार को तेजी से विस्तार देने के लिए पर्याप्त पूंजी अपने पास रख सके। AI कारोबार बढ़ रहा, लेकिन अभी भी कुल आय का छोटा हिस्सा जून तिमाही के नतीजों में TCS ने AI कारोबार में अच्छी प्रगति दर्ज की। कंपनी का वार्षिक AI राजस्व लगभग 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में करीब 13.6 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, यह कंपनी के कुल वार्षिक राजस्व 30.5 अरब डॉलर का केवल करीब 8.5 प्रतिशत हिस्सा है। यानी AI तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल यह TCS के कुल कारोबार का सीमित हिस्सा ही बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि AI को कंपनी की कमाई का बड़ा आधार बनाने के लिए आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर निवेश की जरूरत होगी। AI में आगे रहने के लिए बढ़ानी होगी पूंजी बाजार विश्लेषकों के मुताबिक AI तकनीक में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केवल प्रोजेक्ट हासिल करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि नई तकनीकों, डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक साझेदारियों पर भी भारी खर्च करना पड़ेगा। यही कारण है कि TCS को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी पूंजी खर्च करने की रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या बदल सकती है डिविडेंड नीति? TCS लंबे समय से अपने निवेशकों को आकर्षक डिविडेंड देने वाली कंपनियों में शामिल रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 39,571 करोड़ रुपये का डिविडेंड वितरित किया, जबकि उसका अनुमानित फ्री कैश फ्लो 47,288 करोड़ रुपये रहा। पिछले तीन वित्त वर्षों में भी कंपनी ने अपने अधिकांश फ्री कैश फ्लो का बड़ा हिस्सा निवेशकों को डिविडेंड के रूप में लौटाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिर कारोबार वाली कंपनियों के लिए यह रणनीति उपयुक्त हो सकती है, लेकिन AI जैसी तेजी से बदलती तकनीक के दौर में भविष्य के विस्तार के लिए अधिक पूंजी बचाकर रखना भी जरूरी हो सकता है। कारोबार के कई संकेत अब भी मजबूत हालांकि, निवेश बढ़ाने की जरूरत के बीच TCS के कई कारोबारी संकेतक सकारात्मक बने हुए हैं। जून तिमाही में कंपनी ने 9.5 अरब डॉलर के नए ऑर्डर हासिल किए, जो ग्राहकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। इसके अलावा कर्मचारी छोड़ने की दर 13.6 प्रतिशत पर स्थिर रही। कंपनी ने इसी तिमाही में 9,279 नए कर्मचारियों की भर्ती की, जिससे कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर लगभग 5.9 लाख हो गई। इसके साथ ही TCS ने 12 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है। निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत? विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को केवल तिमाही मुनाफे या राजस्व पर ही नजर नहीं रखनी चाहिए, बल्कि यह भी देखना होगा कि TCS AI कारोबार को कितनी तेजी से बढ़ा पाती है। यदि कंपनी भविष्य की तकनीकों में आक्रामक निवेश करती है, तो आने वाले वर्षों में उसका कारोबार और मजबूत हो सकता है। हालांकि इसके लिए कंपनी को डिविडेंड और विकास के लिए होने वाले निवेश के बीच नया संतुलन बनाना पड़ सकता है। AI रणनीति पर रहेगी बाजार की नजर आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि TCS AI प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से बड़े कारोबार में बदल पाती है। यदि कंपनी तकनीकी निवेश और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने में सफल रहती है, तो AI युग में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और मजबूत हो सकती है। वहीं, डिविडेंड नीति में किसी संभावित बदलाव पर भी बाजार की खास नजर बनी रहेगी।  

surbhi जुलाई 10, 2026 0
IT sector stocks surge on Indian stock market ahead of Q1 earnings with Nifty IT Index gaining sharply.
Q1 नतीजों की उम्मीद से IT शेयरों में जोरदार तेजी, Nifty IT इंडेक्स 2% उछला

पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय नतीजों से पहले आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। मंगलवार को कारोबार की शुरुआत में Nifty IT Index करीब 2% की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। इस तेजी की अगुवाई TCS, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra जैसे दिग्गज आईटी शेयरों ने की। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को कंपनियों के तिमाही नतीजों और प्रबंधन की भविष्य की रणनीति से सकारात्मक संकेत मिलने की उम्मीद है, जिसके चलते आईटी सेक्टर में खरीदारी बढ़ी है। इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी शुरुआती कारोबार में प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में 2% से 4% तक की बढ़त दर्ज की गई। तेजी वाले प्रमुख शेयर: TCS Infosys HCLTech Tech Mahindra Wipro Coforge LTIMindtree Newgen Software हालांकि, Fractal Analytics और Zensar Technologies के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली। Q1 रिजल्ट से पहले क्यों बढ़ा उत्साह? विश्लेषकों के अनुसार, जून तिमाही के नतीजों से पहले बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। निवेशकों की नजर खास तौर पर इन बिंदुओं पर रहेगी: वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए कंपनियों का आउटलुक ग्राहकों की आईटी खर्च (Client Spending) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रणनीति मार्जिन और नए ऑर्डर यही संकेत आगे आईटी शेयरों की दिशा तय कर सकते हैं। कमजोर रह सकती है जून तिमाही की कमाई हालांकि, कई ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि आईटी कंपनियों के लिए जून तिमाही बहुत मजबूत नहीं रहने वाली है। विश्लेषकों के मुताबिक इसके पीछे प्रमुख कारण हैं: वैश्विक स्तर पर कमजोर आईटी खर्च ग्राहकों द्वारा निवेश संबंधी फैसलों में देरी आर्थिक अनिश्चितता वेतन वृद्धि और पुनर्गठन (Restructuring) की लागत AI में बढ़ता निवेश इन कारणों से कंपनियों की आय और मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। किन कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद? ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार, बड़ी आईटी कंपनियों में Infosys और Tech Mahindra के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं मिड-कैप आईटी कंपनियों में Hexaware से अच्छे नतीजों की संभावना बताई गई है। शेयर बाजार में भी लगातार पांचवें दिन तेजी आईटी शेयरों में खरीदारी के साथ घरेलू शेयर बाजार में भी लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में Nifty 50 और Sensex दोनों ही हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। स्थिर कच्चे तेल की कीमतों और बेहतर बाजार धारणा ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।  

surbhi जुलाई 7, 2026 0
Indian stock market trading screen showing Sensex surging over 500 points with strong gains in HCL Tech and IT stocks.
Share Market News: लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा उछला, HCL Tech और IT शेयरों ने दिखाई दम

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती देखने को मिली। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और शांति की उम्मीद से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 500 अंक से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 24,300 अंक के ऊपर कारोबार करता नजर आया। सुबह करीब 9:22 बजे सेंसेक्स 487.81 अंक (0.63%) की बढ़त के साथ 77,989.93 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 156.80 अंक (0.65%) मजबूत होकर 24,332.50 के स्तर पर पहुंच गया। IT सेक्टर ने संभाली बाजार की कमान सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 24 शेयर बढ़त के साथ खुले। सबसे ज्यादा तेजी HCL Technologies के शेयर में दर्ज की गई, जिसमें 4 प्रतिशत से अधिक उछाल आया। इसके अलावा Tech Mahindra, Infosys, TCS, Tata Steel, Sun Pharma, Bajaj Finserv और UltraTech Cement जैसे दिग्गज शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। आईटी सेक्टर में मजबूत निवेशकों की दिलचस्पी ने बाजार की तेजी को और मजबूती दी। इन शेयरों में दिखी गिरावट बाजार की तेजी के बावजूद कुछ शेयर दबाव में रहे। Mahindra & Mahindra के शेयर में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा SBI, Kotak Mahindra Bank, IndiGo, Titan, Adani Ports और Asian Paints जैसे शेयरों में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10 बजे तक प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन तेजी वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे— HCL Technologies: +4.31% Tech Mahindra: +2.81% Tata Steel: +2.78% Sun Pharma: +2.07% BEL: +1.88% Eternal: +1.75% Trent: +1.56% Bajaj Finserv: +1.55% TCS: +1.33% UltraTech Cement: +1.23% वहीं गिरावट वाले प्रमुख शेयर— Mahindra & Mahindra: -0.95% SBI: -0.67% Kotak Mahindra Bank: -0.38% IndiGo: -0.34% Titan: -0.33% Adani Ports: -0.28% ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी मजबूती देखने को मिली। Nifty Midcap Index करीब 0.21% चढ़ा। Nifty Smallcap Index में लगभग 0.47% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स में Nifty Metal और Nifty IT सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। दूसरी ओर Nifty Bank और Nifty PSU Bank अपेक्षाकृत कमजोर रहे। निवेशकों का बढ़ा भरोसा विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद, विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी ने भारतीय शेयर बाजार को लगातार तीसरे दिन बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार का सकारात्मक रुख जारी रह सकता है।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
TCS faces major setback after US Supreme Court declines appeal in trade secrets dispute
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से झटका, TCS को 70 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त नुकसान; कुल देनदारी 220 मिलियन डॉलर पहुंची

ट्रेड सीक्रेट्स मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज की भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक Tata Consultancy Services (TCS) को अमेरिका में चल रहे ट्रेड सीक्रेट्स विवाद में बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की अपील सुनने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद TCS को 70 मिलियन डॉलर (करीब 590 करोड़ रुपये) का अतिरिक्त एकमुश्त खर्च दर्ज करना पड़ेगा। इस फैसले के बाद मामले में कंपनी की कुल वित्तीय देनदारी लगभग 220 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। पहली तिमाही में दर्ज होगा विशेष खर्च TCS ने अपने बयान में कहा कि वह वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 70 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त "एक्सेप्शनल चार्ज" दर्ज करेगी। इसमें हर्जाना, ब्याज और कानूनी खर्च शामिल होंगे। कंपनी पहले ही इस मामले के लिए 150 मिलियन डॉलर का प्रावधान कर चुकी थी। अब नए प्रावधान के साथ कुल राशि 220 मिलियन डॉलर हो जाएगी। DXC टेक्नोलॉजी के पक्ष में रहा फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 15 जून को DXC Technology के पक्ष में दिए गए 168 मिलियन डॉलर के हर्जाने के फैसले को बरकरार रखा। यह मामला DXC की पूर्ववर्ती कंपनी Computer Sciences Corporation (CSC) द्वारा 2019 में दायर किए गए मुकदमे से जुड़ा है। क्या है पूरा विवाद? मुकदमे के अनुसार, TCS पर आरोप लगाया गया था कि उसने बीमा कंपनी Transamerica के लगभग 2,200 कर्मचारियों को नियुक्त किया और उनके आंतरिक सिस्टम तक पहुंच का उपयोग करते हुए जीवन बीमा प्रबंधन के लिए एक प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म विकसित किया। DXC का दावा था कि इस प्रक्रिया में उसके ट्रेड सीक्रेट्स और गोपनीय व्यावसायिक जानकारियों का अनुचित इस्तेमाल किया गया। 2023 में जूरी ने लगाया था 210 मिलियन डॉलर का जुर्माना साल 2023 में अमेरिकी जूरी ने TCS को जानबूझकर ट्रेड सीक्रेट्स चोरी करने का दोषी मानते हुए 210 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने की सिफारिश की थी। हालांकि बाद में अमेरिकी जिला न्यायाधीश ने इस राशि को घटाकर 168 मिलियन डॉलर कर दिया था। इसमें: 56 मिलियन डॉलर क्षतिपूर्ति (Compensatory Damages) 112 मिलियन डॉलर दंडात्मक हर्जाना (Punitive Damages) शामिल था। इसके बाद 2025 में अमेरिकी अपीलीय अदालत ने भी इस फैसले को बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट में क्या थी TCS की दलील? TCS का कहना था कि DXC ने वास्तविक वित्तीय नुकसान साबित नहीं किया है, इसलिए उसे अनुचित लाभ (Unjust Enrichment) के आधार पर हर्जाना नहीं मिलना चाहिए। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि दंडात्मक हर्जाने की राशि अत्यधिक है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की समीक्षा करने से इनकार कर दिया, जिससे निचली अदालतों का फैसला प्रभावी हो गया। मुनाफे पर कितना असर? TCS का जनवरी-मार्च तिमाही का शुद्ध लाभ 137.18 अरब रुपये (लगभग 1.45 अरब डॉलर) रहा था। विश्लेषकों के अनुसार 70 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त प्रावधान कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति के मुकाबले सीमित प्रभाव डालेगा, लेकिन यह एक बार का बड़ा खर्च जरूर माना जाएगा। निवेशकों की नजर अगले नतीजों पर अब निवेशकों की निगाह TCS के आगामी तिमाही परिणामों पर रहेगी, जहां यह विशेष खर्च कंपनी की आय और लाभ पर असर डालता दिखाई देगा। हालांकि कंपनी का मुख्य व्यवसाय और परिचालन प्रदर्शन फिलहाल मजबूत बना हुआ है।  

surbhi जून 16, 2026 0
corporate news
TCS में AI का बड़ा विस्तार: तीन साल में इंसानी कर्मचारियों के बराबर होंगे डिजिटल वर्कर्स

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक Tata Consultancy Services (TCS) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बड़ा विजन पेश किया है। कंपनी के चेयरमैन Natarajan Chandrasekaran ने घोषणा की है कि अगले तीन वर्षों में टीसीएस में कार्यरत AI एजेंट्स यानी डिजिटल वर्कर्स की संख्या कंपनी के इंसानी कर्मचारियों के बराबर हो सकती है।   टीसीएस की 31वीं वार्षिक आम बैठक में बोलते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि AI तकनीक को लेकर नौकरी जाने की आशंकाएं बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही हैं। उनके अनुसार, AI आईटी उद्योग के लिए अब तक का सबसे बड़ा अवसर साबित होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की अधिकांश कंपनियां आने वाले वर्षों में तकनीक पर अपना निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं और इसका बड़ा हिस्सा AI पर खर्च होगा।   AI कारोबार में तेज़ी से बढ़ रही कमाई टीसीएस के अनुसार, कंपनी की AI आधारित आय हर तिमाही लगभग 22 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही तक AI से होने वाली वार्षिक कमाई 2.5 बिलियन डॉलर (करीब 20 हजार करोड़ रुपये) तक पहुंच गई है।   पांच रणनीतिक क्षेत्रों पर फोकस कंपनी ने AI आधारित भविष्य की तैयारी के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित किया है। इनमें पुरानी तकनीकों का आधुनिकीकरण, सप्लाई चेन और ग्राहक सेवाओं में AI का उपयोग, AI एजेंट्स का सुरक्षित संचालन, सरकारों के लिए सॉवरेन AI सिस्टम विकसित करना और फैक्ट्रियों व गोदामों में रोबोटिक्स आधारित फिजिकल AI का इस्तेमाल शामिल है।   मजबूत वित्तीय प्रदर्शन टीसीएस का कारोबार भी लगातार मजबूत बना हुआ है। वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय 4.6 प्रतिशत बढ़कर 2.67 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि शुद्ध मुनाफा 8.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 52,820 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसके अलावा कंपनी को 40.7 बिलियन डॉलर से अधिक के नए ऑर्डर मिले हैं, जो उसके मजबूत भविष्य की ओर संकेत करते हैं।

Unknown जून 9, 2026 0
Woman employee distressed in office environment highlighting workplace harassment and corporate negligence
TCS नासिक केस में चौंकाने वाला खुलासा: शिकायत पर चुप रहने की सलाह, पीड़िताओं ने लगाए गंभीर आरोप

  नासिक स्थित TCS की शाखा से सामने आए यौन उत्पीड़न मामले ने कॉर्पोरेट जगत में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। जहां एक ओर दफ्तरों में सुरक्षित और पेशेवर वातावरण की उम्मीद की जाती है, वहीं इस मामले में पीड़िताओं ने डर, दबाव और अनदेखी का माहौल होने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद भी नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाई पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों, यहां तक कि ऑपरेशन हेड तक से शिकायत की, लेकिन हर बार उन्हें नजरअंदाज किया गया। एक महिला के मुताबिक, जब उसने सीधे शीर्ष अधिकारी से शिकायत की, तो उसे कहा गया–“क्यों खुद को हाइलाइट करना है, जाने दो।” यह प्रतिक्रिया न केवल असंवेदनशीलता दर्शाती है, बल्कि कंपनी की शिकायत प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है। ‘खुद सावधान रहो’ कहकर टाल दिया गया मामला पीड़िता ने बताया कि उसने जून 2023 में अपने ट्रेनिंग और क्वालिटी मैनेजर को मौखिक रूप से पूरी घटना की जानकारी दी थी। लेकिन कार्रवाई के बजाय उसे सलाह दी गई कि आरोपी का व्यवहार पहले से खराब है, इसलिए वह खुद ही सतर्क रहे और अकेले रहने से बचे। टीम लीडर ने भी इसी तरह का रवैया अपनाया। ट्रेनिंग के दौरान शुरू हुआ उत्पीड़न महिला कर्मचारी के अनुसार, आरोपी ने ट्रेनिंग के समय ही उसे अकेले पाकर नजदीकी बढ़ाने की कोशिश की थी। इसके बाद उसने लगातार पीछा करना, घूरना और अनुचित तरीके से छूना शुरू कर दिया। साथ ही, इस बात को किसी से न बताने का दबाव भी बनाया गया। शिकायत के बाद बढ़ी प्रताड़ना और बदनाम करने की कोशिश पीड़िता का आरोप है कि जब आरोपी को शिकायत की जानकारी मिली, तो उसने बदले की भावना से अफवाहें फैलानी शुरू कर दीं। ऑफिस में उसके चरित्र को लेकर गलत बातें कही गईं और निजी जीवन पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। काम के दबाव से मानसिक प्रताड़ना का आरोप महिला का यह भी कहना है कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने काम के जरिए उसे परेशान करने की कोशिश की। सिस्टम में बदलाव कर कॉल्स की संख्या असामान्य रूप से बढ़ा दी गई, जिससे उस पर अत्यधिक दबाव बनाया गया। पीड़िता ने बताया कि गुड़ी पड़वा के दिन भी एक अन्य आरोपी ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया और आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए बाहर चलने का प्रस्ताव रखा। जांच के दायरे में कंपनी प्रबंधन अब इस पूरे मामले की पुलिस जांच जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या कंपनी के अन्य अधिकारी भी आरोपियों को बचाने में शामिल थे। यह मामला केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कॉर्पोरेट सेक्टर में महिला सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करता है।  

surbhi अप्रैल 22, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 27, 2026 0