Vaibhav Suryavanshi

India and Afghanistan will play a three-match T20I series in Delhi, with young batter Vaibhav Suryavanshi attracting attention.
भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज में एक्शन में दिख सकते हैं वैभव सूर्यवंशी, 13 सितंबर से शुरू होगा मुकाबला

नई दिल्ली: श्रीलंका के बाद भारतीय क्रिकेट टीम का अगला बड़ा मुकाबला अफगानिस्तान के खिलाफ होने जा रहा है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सितंबर में भारत के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की तारीखों का ऐलान किया है। खास बात यह है कि पूरी सीरीज नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेली जाएगी। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी रहेगी। हालांकि उनकी टीम में जगह और प्लेइंग इलेवन में चयन की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन को देखते हुए इस सीरीज में उनके संभावित एक्शन को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। 13, 15 और 17 सितंबर को होंगे मुकाबले अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अनुसार भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी20 मैच खेले जाएंगे। तारीख मुकाबला स्थान 13 सितंबर 2026 पहला टी20 अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली 15 सितंबर 2026 दूसरा टी20 अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली 17 सितंबर 2026 तीसरा टी20 अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली यानी क्रिकेट फैंस के लिए सितंबर में लगातार तीन बड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे। भारत में ही अफगानिस्तान करेगा ‘होम’ सीरीज की मेजबानी इस सीरीज की सबसे खास बात इसका आयोजन है। अफगानिस्तान भारत की जमीन पर ही भारत के खिलाफ अपनी ‘होम’ सीरीज की मेजबानी करेगा। अफगानिस्तान पहले भी भारत को अपने घरेलू मुकाबलों के लिए वैकल्पिक होम वेन्यू के रूप में इस्तेमाल करता रहा है। लखनऊ, देहरादून और ग्रेटर नोएडा में अफगानिस्तान ने अन्य टीमों के खिलाफ मुकाबले खेले हैं। लेकिन भारत के खिलाफ भारतीय जमीन पर द्विपक्षीय सीरीज की मेजबानी करना उसके लिए नया अनुभव होगा। वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी निगाहें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है। ऐसे में आगामी टी20 सीरीज में उनके संभावित चयन को लेकर फैंस के बीच खास उत्साह है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें भारतीय टीम की अंतिम सूची में जगह मिलेगी या वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनेंगे। इसलिए फिलहाल उनकी भागीदारी को संभावित माना जाना चाहिए, आधिकारिक नहीं। बांग्लादेश दौरे पर भी पड़ा असर अफगानिस्तान के खिलाफ सितंबर में होने वाली सीरीज का असर भारत के प्रस्तावित बांग्लादेश दौरे पर भी पड़ सकता है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 1 से 13 सितंबर के बीच भारत के खिलाफ वनडे और टी20 मैचों की योजना बनाई थी। अब अफगानिस्तान सीरीज की तारीखें सामने आने के बाद दोनों कार्यक्रमों में टकराव की स्थिति बन रही है। ऐसे में भारतीय टीम के बांग्लादेश दौरे की संभावना कमजोर मानी जा रही है। क्रिकेट फैंस के लिए सितंबर होगा खास भारत-अफगानिस्तान सीरीज टी20 क्रिकेट के लिहाज से खास रहने वाली है। एक तरफ भारतीय टीम अपनी युवा प्रतिभाओं को आजमाने की कोशिश कर सकती है, वहीं अफगानिस्तान की टीम राशिद खान समेत अपने टी20 विशेषज्ञ खिलाड़ियों के साथ कड़ी चुनौती पेश कर सकती है। दिल्ली में होने वाले तीनों मुकाबले क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है।  

surbhi अगस्त 12, 2026 0
Shikhar Dhawan on Vaibhav Suryavanshi
शिखर धवन ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर दिया बड़ा बयान, बोले- उम्र नहीं प्रदर्शन देखना चाहिए

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। धवन ने कहा कि अगर वैभव सीनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं तो उनके चयन या भविष्य का आकलन करते समय सिर्फ उनकी कम उम्र को आधार नहीं बनाना चाहिए।   वैभव की बल्लेबाजी से प्रभावित हैं धवन   धवन ने वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में बड़े गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह वह बेखौफ होकर खेल रहे हैं, वह बेहद प्रभावशाली है।   उन्होंने खास तौर पर जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह जैसे गेंदबाजों के खिलाफ वैभव के बड़े शॉट लगाने की क्षमता को उल्लेखनीय बताया। धवन के मुताबिक, कम उम्र में वैभव ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह अपने आप में खास है।   टीम इंडिया में जगह बनाने की चुनौती   हालांकि धवन ने यह भी माना कि भारतीय टीम के शीर्ष क्रम में जगह बनाना आसान नहीं होगा। जब धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली लंबे समय तक भारतीय टीम के शीर्ष क्रम का हिस्सा थे, तब किसी नए खिलाड़ी के लिए अपनी जगह बनाना मुश्किल था।   उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा शीर्ष क्रम अच्छा प्रदर्शन कर रहा हो तो उसे तुरंत बदलना संभव नहीं होता। ऐसे में वैभव को मौके का इंतजार करते हुए निराश नहीं होना चाहिए।   कम उम्र में मिली सफलता को संभालना जरूरी   धवन ने वैभव की प्रतिभा को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि युवा बल्लेबाज के पास आगे बढ़ने के लिए काफी समय है। इतनी कम उम्र में मिली सफलता के बावजूद उसे लगातार सीखते हुए अपने खेल को और मजबूत करना होगा।   धवन के बयान से साफ है कि वह वैभव को भारतीय क्रिकेट का संभावित भविष्य मानते हैं, लेकिन साथ ही उनका मानना है कि युवा खिलाड़ी को प्रदर्शन, निरंतरता और सही मानसिकता पर ध्यान देना चाहिए।

anjali kumari अगस्त 8, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi
बटलर की बड़ी भविष्यवाणी, बोले- वैभव सूर्यवंशी तोड़ सकते हैं मेरा टी20 रन रिकॉर्ड

नई दिल्ली, एजेंसियां। इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है। बटलर का मानना है कि 15 वर्षीय वैभव भविष्य में उनका टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। बटलर ने युवा बल्लेबाज की प्रतिभा और आक्रामक बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की है।   वैभव की प्रतिभा से प्रभावित बटलर   जोस बटलर ने वैभव सूर्यवंशी को बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज बताया। उनका मानना है कि इतनी कम उम्र में वैभव जिस तरह से टी20 क्रिकेट खेल रहे हैं, वह उन्हें भविष्य का बड़ा स्टार बनाता है।   बटलर के मुताबिक वैभव में बड़े स्तर पर रन बनाने की क्षमता है और अगर उनका करियर इसी तरह आगे बढ़ता रहा तो वह आने वाले वर्षों में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।   टी20 रिकॉर्ड पर भी बटलर की नजर   बटलर हाल ही में पुरुष टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने हैं। ऐसे में उनका यह कहना कि वैभव भविष्य में उनका रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं, युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए बड़ी तारीफ मानी जा रही है।   वैभव की कम उम्र और उनके सामने मौजूद लंबे करियर को देखते हुए बटलर को लगता है कि भारतीय बल्लेबाज के पास इस रिकॉर्ड को पार करने का पर्याप्त समय और क्षमता है।   भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उम्मीद   वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही टी20 क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े शॉट लगाने की क्षमता ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है।   अब बटलर की भविष्यवाणी के बाद वैभव पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर और बढ़ गई है। हालांकि, टी20 में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड तोड़ना लंबी अवधि की चुनौती है और इसके लिए वैभव को लगातार कई वर्षों तक उच्च स्तर का प्रदर्शन करना होगा।

anjali kumari अगस्त 7, 2026 0
Ajinkya Rahane shares advice for young batter Vaibhav Suryavanshi, urging patience before expecting success in international cricket.
अजिंक्य रहाणे की वैभव सूर्यवंशी को सलाह: IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट में बड़ा अंतर, जल्दबाजी से बचें

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अहम सलाह दी है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले रहाणे का मानना है कि 15 वर्षीय बल्लेबाज पर अभी से बड़ी उम्मीदों का बोझ डालना सही नहीं होगा, क्योंकि IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर और दबाव पूरी तरह अलग होता है। 'इंटरनेशनल क्रिकेट का दबाव अलग होता है' एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान अजिंक्य रहाणे ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को समय दिया जाना चाहिए ताकि वह अपने खेल को स्वाभाविक रूप से विकसित कर सकें। उन्होंने कहा कि लोग पहले से ही युवा खिलाड़ी से बड़ी उम्मीदें लगा रहे हैं, लेकिन यह उसके विकास के लिए सही नहीं है। रहाणे ने कहा, "वैभव ने अभी केवल दो IPL सीजन खेले हैं। IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जमीन-आसमान का अंतर होता है। देश के लिए खेलते समय दबाव कहीं ज्यादा होता है। IPL में कुछ ओवरों में तेजी से रन बनाना अलग बात है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वही प्रदर्शन दोहराना कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। इसलिए उसे बिना अतिरिक्त दबाव के अपना खेल खेलने देना चाहिए।" इंग्लैंड में संघर्ष, जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार वापसी वैभव सूर्यवंशी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ की थी, जहां शुरुआती तीन पारियों में उन्होंने 14, 13 और 15 रन बनाए। हालांकि इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 50, 20 और 81 रन की पारियां खेलीं और अपनी प्रतिभा का दम दिखाया। मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट पर उठाए सवाल वहीं, पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड दौरे से पहले आयरलैंड के खिलाफ ही अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका मिल जाना चाहिए था। कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि IPL 2026 में ऑरेंज कैप जीतने वाले बल्लेबाज को शुरुआती मौके देने से उसका आत्मविश्वास और बढ़ता। उनके अनुसार, आयरलैंड दौरे पर खेलने से वैभव की झिझक खत्म हो जाती और इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में वह ज्यादा सहज महसूस करते। 'स्पेशल खिलाड़ी को स्पेशल मौका मिलना चाहिए' मोहम्मद कैफ ने कहा कि वैभव केवल कुछ अच्छी पारियों के कारण चर्चा में नहीं आए, बल्कि पूरे IPL सीजन में लगातार शानदार प्रदर्शन कर ऑरेंज कैप जीती। ऐसे खिलाड़ी को टीम में सिर्फ रिजर्व रखकर पानी पिलाने के बजाय मैदान पर मौका मिलना चाहिए था। उनका मानना है कि सही समय पर अवसर मिलने से युवा खिलाड़ी का आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों बेहतर हो सकते हैं।  

surbhi अगस्त 6, 2026 0
ICC Rankings 2026
ICC Rankings: वैभव सूर्यवंशी ने लगाई 230 स्थान की छलांग, टी20 के टॉप-50 बल्लेबाजों में बनाई जगह

दुबई, एजेंसियां। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ताजा रैंकिंग में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शानदार छलांग लगाते हुए टी20 बल्लेबाजों की सूची में 230 स्थान ऊपर चढ़कर 48वें स्थान पर जगह बना ली है। वहीं, भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में फिर से नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है।   वैभव के शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम   15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज में 50.33 की औसत से 151 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतक भी लगाए। इसी प्रदर्शन के दम पर वह पहली बार टी20 बल्लेबाजों की टॉप-50 रैंकिंग में पहुंचने में सफल रहे। उनके खाते में अब 536 रेटिंग अंक हैं।   गिल वनडे में फिर नंबर-1 बल्लेबाज   वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के डेरिल मिशेल को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। मिशेल इस साल जनवरी से नंबर-1 पर काबिज थे, लेकिन अब गिल ने एक बार फिर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाज का स्थान अपने नाम कर लिया है।   इशान किशन टी20 में शीर्ष पर बरकरार   टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में इशान किशन 910 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर कायम हैं। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान दूसरे स्थान पर हैं। वहीं तिलक वर्मा दो पायदान ऊपर छठे और भारतीय टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर सात स्थान की छलांग लगाकर 24वें स्थान पर पहुंच गए हैं।   गेंदबाजों और टेस्ट रैंकिंग में भी बदलाव   टी20 गेंदबाजों की सूची में रवि बिश्नोई 31 स्थान की छलांग लगाकर 41वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि वरुण चक्रवर्ती तीन स्थान नीचे खिसकने के बावजूद शीर्ष-10 में बने हुए हैं। टेस्ट रैंकिंग में वेस्टइंडीज के जस्टिन ग्रीव्स और पाकिस्तान के मोहम्मद अब्बास को भी हालिया शानदार प्रदर्शन का फायदा मिला है, जबकि बाबर आजम टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में 15वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

anjali kumari जुलाई 30, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi named East Zone vice-captain for Duleep Trophy 2026 ahead of red-ball cricket challenge
Duleep Trophy 2026: वैभव सूर्यवंशी को मिली उपकप्तानी, रेड-बॉल क्रिकेट में रिकॉर्ड चिंताजनक; अब होगी बड़ी परीक्षा

Duleep Trophy 2026: भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान बनाया गया है। 15 सदस्यीय टीम की कप्तानी विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन करेंगे। हाल ही में भारत के लिए डेब्यू करने और जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव के सामने अब रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने की चुनौती है। 15 साल के वैभव ने टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से काफी सुर्खियां बटोरी हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने दो अर्धशतक लगाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी जीता। लेकिन दलीप ट्रॉफी का फॉर्मेट पूरी तरह अलग है। यहां नई लाल गेंद की स्विंग और सीम, लंबी पारियां खेलने की चुनौती और धैर्य की परीक्षा बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होती है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कैसा है वैभव का रिकॉर्ड? टी20 क्रिकेट में धमाल मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी का फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड अभी उतना प्रभावशाली नहीं रहा है। बिहार की ओर से खेलते हुए उन्होंने अब तक 8 फर्स्ट क्लास मैचों की 12 पारियों में 207 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 17.25 है और स्ट्राइक रेट करीब 90 का है। उनके नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सिर्फ एक अर्धशतक है। ये आंकड़े बताते हैं कि रेड-बॉल क्रिकेट में वैभव को अभी लंबा सफर तय करना है। हालांकि, उनकी कम उम्र और सीमित अनुभव को देखते हुए दलीप ट्रॉफी उनके लिए खुद को बेहतर बनाने और बड़े स्तर पर अपनी बल्लेबाजी साबित करने का महत्वपूर्ण मंच हो सकता है। यूथ टेस्ट में दिखा है वैभव का दम फर्स्ट क्लास क्रिकेट के आंकड़े भले ही अभी बहुत प्रभावशाली नहीं हैं, लेकिन यूथ टेस्ट क्रिकेट में वैभव ने अपनी क्षमता जरूर दिखाई है। 2024 और 2025 में उन्होंने 6 यूथ टेस्ट खेले और 331 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत करीब 33 रहा, जबकि स्ट्राइक रेट 137 का था। उनके नाम दो शतक भी हैं और सर्वोच्च स्कोर 113 रन रहा। ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ वैभव ने सिर्फ 58 गेंदों में शतक लगाकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार उदाहरण पेश किया था। दलीप ट्रॉफी में क्यों महत्वपूर्ण होगी वैभव की भूमिका? दलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी मिलना वैभव के लिए सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। ईस्ट जोन की टीम में उनसे रन बनाने के साथ-साथ नेतृत्व समूह में योगदान की भी उम्मीद होगी। रेड-बॉल क्रिकेट में उन्हें अपनी बल्लेबाजी की शैली में बदलाव करना पड़ सकता है। सीम और स्विंग के खिलाफ नई गेंद को संभालना, लंबे समय तक क्रीज पर टिकना और धैर्य के साथ रन बनाना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। अगर वैभव इस टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हैं तो यह उनके रेड-बॉल करियर के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। 23 अगस्त से शुरू होगी दलीप ट्रॉफी दलीप ट्रॉफी 2026 की शुरुआत 23 अगस्त से होगी। टूर्नामेंट में पांच जोन की टीमें हिस्सा लेंगी। पहला मुकाबला ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच होगा, जबकि दूसरा मैच नॉर्थ जोन और वेस्ट जोन के बीच खेला जाएगा। इन दोनों मुकाबलों को क्वार्टर फाइनल के तौर पर खेला जाएगा। वहीं सेंट्रल जोन और साउथ जोन को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली है। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 6 सितंबर से खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी का रेड-बॉल रिकॉर्ड फर्स्ट क्लास मैच: 8 पारियां: 12 रन: 207 औसत: 17.25 अर्धशतक: 1 यूथ टेस्ट: 6 यूथ टेस्ट रन: 331 यूथ टेस्ट शतक: 2 सर्वोच्च यूथ टेस्ट स्कोर: 113 अब सवाल यह है कि टी20 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी रेड-बॉल क्रिकेट की परीक्षा में कितना सफल हो पाते हैं। दलीप ट्रॉफी उनके लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि खुद को लंबे फॉर्मेट के लिए तैयार साबित करने का बड़ा मौका होगी।  

surbhi जुलाई 30, 2026 0
दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए ईस्ट जोन टीम के कप्तान बने ईशान किशन
ईस्ट जोन की कमान ईशान किशन के हाथ, दलीप ट्रॉफी टीम में झारखंड का दबदबा

रांची। झारखंड क्रिकेट के लिए गर्व की खबर है। भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन को दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए ईस्ट जोन टीम का कप्तान बनाया गया है। 15 सदस्यीय टीम में झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के पांच खिलाड़ियों को जगह मिली है, जो राज्य के घरेलू क्रिकेट की मजबूत मौजूदगी को दर्शाता है।   वैभव सूर्यवंशी बने उपकप्तान   बिहार के 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है। कम उम्र में मिली यह जिम्मेदारी उनके शानदार प्रदर्शन का सम्मान मानी जा रही है। अब उन्हें नेतृत्व क्षमता दिखाने का भी बड़ा मौका मिलेगा।   झारखंड के खिलाड़ियों का दबदबा   ईस्ट जोन की टीम में कप्तान ईशान किशन के अलावा विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र, ऑलराउंडर अनुकूल रॉय, बल्लेबाज विराट सिंह और युवा ओपनर शिखर मोहन को भी शामिल किया गया है। वहीं, शरनदीप सिंह को स्टैंडबाय खिलाड़ी बनाया गया है। टीम के कोच रतन कुमार और फिजियो रंचल चौधरी भी झारखंड से हैं, जिससे टीम में राज्य की भागीदारी और मजबूत हुई है।   झारखंड क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि   ईशान किशन को कप्तानी मिलना सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि झारखंड क्रिकेट के लिए भी बड़ी सफलता माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य के खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जिसका असर अब राष्ट्रीय स्तर पर टीम चयन में भी साफ दिखाई दे रहा है।   शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम   युवा बल्लेबाज शिखर मोहन ने पिछले रणजी ट्रॉफी सत्र में 613 रन बनाकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। वहीं, कुमार कुशाग्र ने अपनी विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी से प्रभावित किया। अनुकूल रॉय और विराट सिंह भी लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अब इन खिलाड़ियों को मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलेगा, जिससे उनके खेल को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 30, 2026 0
2027 वनडे वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा के साथ वैभव सूर्यवंशी के ओपनिंग करने पर पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर का बयान
वर्ल्ड कप में रोहित के साथ वैभव सूर्यवंशी करें पारी की शुरुआत, पूर्व विकेटकीपर ने की बड़ी मांग

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट में इन दिनों युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कम उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव को लेकर पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज फारुख इंजीनियर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर भारत को 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मजबूत टीम बनानी है तो रोहित शर्मा के साथ वैभव सूर्यवंशी को सलामी बल्लेबाज के रूप में तैयार किया जा सकता है।   फारुख इंजीनियर ने दी रोहित-वैभव ओपनिंग जोड़ी की सलाह   फारुख इंजीनियर का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में बड़े स्तर पर मैच जिताने की क्षमता है। उन्होंने भारतीय टीम मैनेजमेंट को सुझाव दिया कि वैभव को वनडे क्रिकेट में जल्द मौका देकर रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग का विकल्प तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर जरूरत पड़े तो शुभमन गिल को बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेजा जा सकता है। फारुख इंजीनियर के अनुसार रोहित और वैभव की जोड़ी आक्रामक शुरुआत देने में सक्षम हो सकती है।   कम उम्र में वैभव ने बनाई खास पहचान   बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम उम्र में क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अंडर-19 स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया और आईपीएल में भी अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी वैभव ने प्रभाव छोड़ा है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 मुकाबले में उन्होंने तेज अर्धशतक लगाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।   रोहित शर्मा के साथ भविष्य की रणनीति पर चर्चा   रोहित शर्मा लंबे समय से भारतीय वनडे टीम के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए टीम इंडिया लगातार भविष्य की रणनीति पर काम कर रही है। पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को जोड़ना जरूरी होगा।   हालांकि अभी तक भारतीय टीम मैनेजमेंट या चयनकर्ताओं की ओर से वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम में ओपनर के रूप में शामिल करने को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।   वैभव के सामने फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन की चुनौती   युवा खिलाड़ी की प्रतिभा को देखते हुए क्रिकेट जगत में उनकी जमकर तारीफ हो रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक सफल रहने के लिए फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन बेहद जरूरी होगा। भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ ने भी वैभव के खेल में सुधार के लिए फिटनेस पर ध्यान देने की बात कही है।   अगर वैभव लगातार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले समय में वह भारतीय क्रिकेट के बड़े नामों में शामिल हो सकते हैं।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 28, 2026 0
VVS Laxman Praise
VVS लक्ष्मण ने वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की, बोले- वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सारे रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता रखता है

हरारे, एजेंसियां। भारत के कार्यवाहक मुख्य कोच VVS लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की। लक्ष्मण ने कहा कि पिछले छह महीनों में वैभव की परिपक्वता, खेल की समझ और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता में जबरदस्त सुधार हुआ है। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि युवा बल्लेबाज इसी तरह मेहनत करता रहा तो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकता है।   'वैभव हर मैच और हर अभ्यास सत्र से सीखता है'   लक्ष्मण ने कहा कि वैभव की सबसे बड़ी खासियत उसकी सीखने की इच्छा है। उन्होंने बताया कि युवा बल्लेबाज सिर्फ मैच ही नहीं, बल्कि हर अभ्यास सत्र के बाद भी अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करता है और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता है। कोच के अनुसार यही गुण उसे कम उम्र में बड़े मंच पर सफल बना रहा है।   फिटनेस में सुधार की जरूरत पर भी दिया जोर   हालांकि VVS लक्ष्मण ने यह भी कहा कि वैभव को अपनी ओवरऑल फिटनेस पर और काम करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि तीसरे टी20 के दौरान चोट लगने के बावजूद वैभव मैदान पर बने रहना चाहता था, लेकिन फिजियो की सलाह पर उसे बाहर जाना पड़ा। लक्ष्मण ने कहा कि यही जज़्बा उसे आगे ले जाएगा, लेकिन लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर बनाने के लिए फिटनेस पर विशेष ध्यान देना होगा।   जिम्बाब्वे दौरे पर रहे सबसे सफल बल्लेबाज   वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में 151 रन बनाए, जिसमें एक 18 गेंदों का अर्धशतक और अंतिम मुकाबले में 81 रन की शानदार पारी शामिल रही। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया। भारत ने यह श्रृंखला 3-0 से अपने नाम की।

anjali kumari जुलाई 28, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi celebrates after a match-winning innings for India during the Zimbabwe T20I series as selection debate intensifies.
Vaibhav Suryavanshi: 'ये बच्चा जिसे रिप्लेस करेगा, उसे वापस नहीं आने देगा', इरफान पठान के पोस्ट से चर्चा तेज, क्या बदलेगा टीम इंडिया का ओपनिंग कॉम्बिनेशन?

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। तीन मैचों की टी20 सीरीज में दो अर्धशतक लगाकर उन्होंने न केवल 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब जीता, बल्कि टीम इंडिया में अपनी दावेदारी भी मजबूत कर दी। उनके प्रदर्शन के बाद पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, टीम चयन को लेकर फिलहाल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) या टीम मैनेजमेंट की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इसलिए संजू सैमसन या किसी अन्य खिलाड़ी के भविष्य को लेकर फिलहाल केवल अटकलें ही लगाई जा रही हैं। इरफान पठान का पोस्ट बना चर्चा का विषय हरारे में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 49 गेंदों पर 81 रनों की शानदार पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 8 चौके और 4 छक्के लगाए। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा की गेंद पर लगाया गया उनका 102 मीटर लंबा छक्का भी खूब चर्चा में रहा। वैभव की इस विस्फोटक बल्लेबाजी से प्रभावित होकर इरफान पठान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "जिसकी भी जगह ये बच्चा लेगा, उसे वापस नहीं आने देगा। वैभव सूर्यवंशी कितना स्पेशल है?" इरफान की इस टिप्पणी के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच टीम इंडिया के भविष्य के ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। क्या संजू सैमसन की जगह खतरे में है? सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने इरफान पठान के पोस्ट को संजू सैमसन से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। हालांकि, इरफान ने अपने पोस्ट में किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया था। संजू सैमसन हाल के दौर में भारतीय टी20 टीम के लिए ओपनर और विकेटकीपर की भूमिका निभाते रहे हैं। हालांकि, हालिया सीरीज में वह लगातार बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं रहे। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर भी बैठना पड़ा था। दूसरी ओर, वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर मिले अवसर का शानदार उपयोग करते हुए चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। अभिषेक शर्मा की फॉर्म भी बनी चर्चा का विषय भारतीय टीम के एक अन्य ओपनर अभिषेक शर्मा भी हाल के मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उनकी पिछली कुछ पारियों में लगातार कम स्कोर दर्ज हुए हैं, जिससे टीम मैनेजमेंट के सामने ओपनिंग संयोजन को लेकर विकल्पों पर विचार करने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी का शानदार प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए सकारात्मक विकल्प जरूर बनकर उभरा है। टीम चयन का फैसला प्रदर्शन और रणनीति पर होगा भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना और उसे लंबे समय तक बरकरार रखना लगातार अच्छे प्रदर्शन पर निर्भर करता है। युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से प्रतिस्पर्धा और मजबूत होती है, जिसका फायदा अंततः टीम को मिलता है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि वैभव सूर्यवंशी की सफलता से किसी खिलाड़ी का करियर प्रभावित होगा। आने वाली सीरीज, खिलाड़ियों की फॉर्म, फिटनेस और टीम की रणनीति के आधार पर ही चयनकर्ता अंतिम फैसला लेंगे। इतना जरूर है कि जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि वह भविष्य में भारतीय टीम के लिए एक मजबूत दावेदार बन चुके हैं।  

surbhi जुलाई 27, 2026 0
IND VS ZIM 3rd T20
भारत-जिम्बाब्वे तीसरा टी20 आज, क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला आज (26 जुलाई) हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले दो मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है। अब कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम इंडिया की नजर जिम्बाब्वे का 3-0 से क्लीन स्वीप करने पर होगी, जबकि मेजबान टीम सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।   सीरीज जीत के बाद बेंच स्ट्रेंथ को मिल सकता है मौका   दूसरे टी20 के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिए थे कि अंतिम मुकाबले में टीम संयोजन में बदलाव हो सकता है। तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की हैमस्ट्रिंग चोट के कारण उनकी उपलब्धता पर संशय बना हुआ है। ऐसे में भारतीय टीम कुछ युवा खिलाड़ियों को मौका देकर अपनी बेंच स्ट्रेंथ भी आजमा सकती है। हालांकि टीम का लक्ष्य जीत का सिलसिला जारी रखते हुए सीरीज में क्लीन स्वीप करने का होगा।   युवा खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें   भारत के लिए इस सीरीज में ईशान किशन, तिलक वर्मा, वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी में भी युवा खिलाड़ियों ने प्रभावित किया है। तीसरे मुकाबले में भी इन खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जबकि जिम्बाब्वे अपने घरेलू मैदान पर आखिरी मैच जीतकर सीरीज का अंत सकारात्मक तरीके से करना चाहेगा।

abhishek singh जुलाई 26, 2026 0
Sunil Joshi
भारतीय क्रिकेट टीम की रणनीति पर सुनील जोशी का बयान, जिम्बाब्वे टी20 से पहले गेंदबाजी संयोजन पर नजर

हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले से पहले भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच सुनील जोशी ने टीम की रणनीति और युवा खिलाड़ियों को लेकर अपनी राय रखी है। जोशी ने कहा कि टीम का ध्यान सही गेंदबाजी संयोजन तैयार करने और खिलाड़ियों को लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने पर है।   गेंदबाजी संयोजन को लेकर चल रही तैयारी   सुनील जोशी ने संकेत दिए कि जिम्बाब्वे जैसी परिस्थितियों में गेंदबाजों का सही इस्तेमाल बेहद महत्वपूर्ण होगा। टीम मैनेजमेंट पावरप्ले, मिडिल ओवर और डेथ ओवरों के लिए प्रभावी संयोजन तैयार करने पर काम कर रहा है। युवा गेंदबाजों को मौके देकर भविष्य की मजबूत टीम बनाने की कोशिश भी जारी है।   वैभव सूर्यवंशी की गेंदबाजी पर भी बोले जोशी   भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन की तारीफ करते हुए सुनील जोशी ने कहा कि फिलहाल उनका मुख्य ध्यान बल्लेबाजी पर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वैभव की गेंदबाजी क्षमता को भी धीरे-धीरे विकसित किया जाएगा और इसके लिए उन्हें बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आगे काम करने का मौका मिलेगा।   मयंक यादव की वापसी से बढ़ी टीम की ताकत   पहले टी20 मुकाबले में तेज गेंदबाज मयंक यादव ने शानदार वापसी करते हुए प्रभावी गेंदबाजी की थी। चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद मयंक ने जिम्बाब्वे के खिलाफ किफायती प्रदर्शन किया और टीम की तेज गेंदबाजी को मजबूती दी।   रवि बिश्नोई के प्रदर्शन पर भी नजर   सुनील जोशी ने स्पिन गेंदबाज रवि बिश्नोई के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि बिश्नोई ने अपनी रन-अप में कुछ बदलाव किए हैं, जिसका फायदा उन्हें गेंदबाजी में मिल रहा है। टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की तकनीकी कमियों को दूर करने पर लगातार काम कर रहा है।   युवा खिलाड़ियों को मिल रहा है मौका   जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टीम में कई युवा खिलाड़ियों को अवसर दिया गया है। पहले टी20 में वैभव सूर्यवंशी ने शानदार अर्धशतक लगाकर सबका ध्यान खींचा था, जबकि मयंक यादव ने गेंद से प्रभावित किया। अब दूसरे मुकाबले में टीम की नजर सीरीज जीतने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी होगी।   टीम इंडिया की नजर सीरीज पर कब्जा करने पर   पहले मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम आत्मविश्वास से भरी हुई है। दूसरे टी20 में जीत दर्ज कर टीम इंडिया सीरीज अपने नाम करना चाहेगी, जबकि जिम्बाब्वे की कोशिश सीरीज में वापसी करने की होगी।

abhishek singh जुलाई 25, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi celebrates his explosive half-century against Zimbabwe in the first T20I as Shashi Tharoor praises his innings.
Vaibhav Suryavanshi: 19 गेंदों की विस्फोटक पारी ने जीता शशि थरूर का दिल, बोले- 'क्या अद्भुत प्रतिभा है'

Vaibhav Suryavanshi Record: जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी। महज 19 गेंदों में 50 रन की तूफानी पारी खेलकर उन्होंने न सिर्फ भारत को आसान जीत दिलाई, बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। उनकी इस शानदार पारी से प्रभावित होकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी खुले दिल से उनकी तारीफ की और उन्हें भारतीय क्रिकेट का उज्ज्वल भविष्य बताया। शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर की तारीफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर वैभव सूर्यवंशी की पारी की सराहना की। उन्होंने लिखा, "वैभव! भारत के लिए पहला अर्धशतक और वह भी सिर्फ 18 गेंदों में। क्या अद्भुत प्रतिभा है! आज के लिए इतना काफी है, लेकिन भविष्य में मैं ऐसी कई और शानदार पारियों का इंतजार करूंगा।" थरूर की इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर भी वैभव सूर्यवंशी की जमकर चर्चा होने लगी। क्रिकेट प्रशंसकों के साथ-साथ कई पूर्व खिलाड़ी और खेल प्रेमियों ने भी युवा बल्लेबाज के प्रदर्शन की सराहना की। 19 गेंदों में खेली मैच जिताऊ पारी हरारे में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भारत को 126 रन का लक्ष्य मिला था। वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर लगातार हमला बोला। उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 4 शानदार छक्के शामिल रहे। उनकी पारी का स्ट्राइक रेट 263.16 रहा। वैभव की विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने लक्ष्य सिर्फ 13.2 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। सबसे कम उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक इस धमाकेदार पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आलोचकों को दिया करारा जवाब वैभव सूर्यवंशी के लिए यह पारी बेहद खास रही क्योंकि इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ अपने शुरुआती टी20 मुकाबलों में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे। डेब्यू सीरीज में उन्होंने 14, 13 और 15 रन की पारियां खेली थीं, जिसके बाद उनकी बल्लेबाजी पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि जिम्बाब्वे के खिलाफ इस विस्फोटक अर्धशतक के साथ उन्होंने सभी आलोचनाओं का जवाब बल्ले से दिया और साबित कर दिया कि वह भारतीय क्रिकेट की सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट का नया सितारा वैभव सूर्यवंशी की यह पारी सिर्फ एक अर्धशतक नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास, आक्रामक सोच और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की क्षमता का भी प्रमाण है। जिस तरह उन्होंने दबाव में बल्लेबाजी की, उससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट के अहम खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं। युवा बल्लेबाज की इस यादगार पारी ने न सिर्फ टीम इंडिया की जीत आसान बनाई, बल्कि देशभर के क्रिकेट प्रेमियों को भविष्य के एक नए सुपरस्टार की झलक भी दिखा दी।

surbhi जुलाई 24, 2026 0
Indian fast bowler Mayank Yadav celebrates his comeback after 21 months with a Player of the Match performance against Zimbabwe.
Mayank Yadav Statement: मयंक यादव 21 महीने बाद भारत के लिए खेले, कहा- इतनी कम उम्र में मुझे इतना कुछ देखना पड़ रहा है

Mayank Yadav Comeback: भारतीय टीम के युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव ने करीब 21 महीने बाद टीम इंडिया की जर्सी में शानदार वापसी करते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया। लगातार चोटों से जूझने के बाद मैदान पर लौटे मयंक ने न सिर्फ मैच की पहली ही गेंद पर विकेट चटकाया, बल्कि चार ओवर में सिर्फ 18 रन देकर दो विकेट हासिल किए और 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार भी अपने नाम किया। मैच के बाद उन्होंने अपने कठिन दौर और वापसी के सफर पर खुलकर बात की। चोटों से जूझते हुए की दमदार वापसी आईपीएल 2024 में 150 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी कर सुर्खियां बटोरने वाले मयंक यादव को उसी साल भारत के लिए डेब्यू करने का मौका मिला था। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ तीन टी20 मुकाबले खेले, लेकिन इसके बाद लगातार चोटों ने उनके करियर की रफ्तार थाम दी। आईपीएल 2025 में वह केवल दो मैच खेल सके, जबकि 2026 सीजन में भी सिर्फ चार मुकाबलों तक सीमित रहे। लंबे रिहैब और फिटनेस संघर्ष के बाद आखिरकार उन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर टीम इंडिया में वापसी का मौका मिला। '22-23 साल की उम्र में इतना कुछ देखना पड़ा' मैच के बाद मीडिया से बातचीत में मयंक यादव ने अपने संघर्ष को याद करते हुए कहा, "खुद को मोटिवेटेड रखना बहुत मुश्किल था। लगभग दो साल का यह गैप मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। मैं सिर्फ 22-23 साल का था और इतनी कम उम्र में मुझे बहुत कुछ देखना पड़ा। लेकिन बचपन से देश के लिए खेलने का सपना था। यही सोच मुझे लगातार प्रेरित करती रही कि एक दिन फिर भारत के लिए खेलूंगा और पहले जैसा प्रदर्शन करूंगा।" मयंक का यह बयान बताता है कि चोटों से लड़ाई सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद कठिन होती है। स्पीड नहीं, टीमवर्क पर रहता है फोकस जिम्बाब्वे दौरे पर मयंक यादव के साथ युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव और अशोक शर्मा भी टीम का हिस्सा हैं। तीनों अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन मयंक का कहना है कि उनके बीच गति की नहीं, बल्कि रणनीति की चर्चा होती है। उन्होंने कहा, "हम स्पीड के बारे में ज्यादा बात नहीं करते। हमारी बॉन्डिंग काफी अच्छी है। पहले ओवर के बाद मैंने जो मदद पिच से महसूस की, उसे अशोक और प्रिंस के साथ साझा किया। हमने चर्चा की कि बल्लेबाजों पर लगातार दबाव कैसे बनाया जाए।" पहले ही ओवर में दिलाई सफलता मयंक यादव ने मैच की पहली गेंद पर ही विकेट लेकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में सिर्फ 18 रन खर्च किए और दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। जिम्बाब्वे की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन ही बना सकी। वेस्ली मधेवेरे ने सबसे अधिक 39 रन बनाए। भारत ने आसानी से दर्ज की जीत 126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 14वें ओवर में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल रहे। ईशान किशन ने 35 रन जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने 28 रन बनाकर भारत की जीत सुनिश्चित की। संघर्ष के बाद मिली सफलता लगातार चोटों और लंबे इंतजार के बाद मयंक यादव की यह वापसी भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छी खबर है। उन्होंने साबित कर दिया कि मुश्किल दौर चाहे कितना भी लंबा क्यों न हो, अगर आत्मविश्वास और मेहनत बनी रहे तो वापसी हमेशा संभव होती है। आने वाले मुकाबलों में भी उनसे ऐसी ही तेज और प्रभावी गेंदबाजी की उम्मीद रहेगी।  

surbhi जुलाई 24, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi
वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में जड़ा पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक, भारत के लिए बनाया नया रिकॉर्ड

हरारे, एजेंसियां। भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में इतिहास रच दिया। महज 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर उन्होंने भारत की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज करियर का पहला अर्धशतक लगाने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 126 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल करते हुए सात विकेट से शानदार जीत दर्ज की।    बेखौफ बल्लेबाजी से बदला मैच का रुख   लक्ष्य का पीछा करने उतरे वैभव ने शुरुआत से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर हमला बोला। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और लगातार बड़े शॉट लगाकर विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। उनकी तूफानी पारी में कई चौके और छक्के शामिल रहे।   कप्तान और क्रिकेट जगत ने की जमकर तारीफ   मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने वैभव की बल्लेबाजी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी दबाव के निडर क्रिकेट खेला। क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी उनकी पारी को भारतीय क्रिकेट के लिए भविष्य की बड़ी उम्मीद बताया। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का प्रदर्शन करने वाले वैभव सूर्यवंशी अब भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। उनकी इस पारी ने न केवल नया रिकॉर्ड बनाया, बल्कि टीम इंडिया को सीरीज में 1-0 की बढ़त दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई।

abhishek singh जुलाई 24, 2026 0
IND VS ZIM
भारत ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज का आगाज़

हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पहला मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जिसके बाद जिम्बाब्वे की टीम पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी। सीरीज के पहले ही मुकाबले में दोनों टीमें जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से मैदान में उतरी हैं। मैच की शुरुआत में ही भारत को शानदार सफलता मिली और मयंक यादव ने पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई।   श्रेयस अय्यर की कप्तानी में नई शुरुआत, युवा खिलाड़ियों पर रहेगी नजर   इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टीम नए संयोजन के साथ मैदान में उतरी है। इस सीरीज में कई युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने टीम को संतुलित प्रदर्शन दिलाने और युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। चयनकर्ताओं की नजर भी इस सीरीज में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी रहेगी।   हरारे की पिच पर गेंदबाजों की परीक्षा, रोमांचक मुकाबले की उम्मीद   हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद देने के लिए जानी जाती है, जबकि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों की भूमिका अहम हो सकती है। भारतीय गेंदबाज शुरुआती विकेट लेकर जिम्बाब्वे पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे, वहीं मेजबान टीम बड़े स्कोर के लक्ष्य के साथ बल्लेबाजी कर रही है।   भारत की प्लेइंग इलेवन   भारत की प्लेइंग इलेवन में वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और डेब्यू कर रहे अशोक शर्मा शामिल हैं।   भारत इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में शुरुआती बढ़त हासिल करना चाहेगा, जबकि जिम्बाब्वे घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर उलटफेर करने की कोशिश करेगा। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला सीरीज की दिशा तय करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

abhishek singh जुलाई 23, 2026 0
Shreyas Iyer Vaibhav Suryavanshi
वैभव सूर्यवंशी पर कप्तान श्रेयस अय्यर का भरोसा, जिम्बाब्वे टी20 सीरीज से पहले दिया बड़ा बयान

हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच आज से शुरू हो रही तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का खुलकर समर्थन किया है। अय्यर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में वैभव ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन उन्हें भरोसा है कि युवा बल्लेबाज ने अपनी गलतियों से सीख ली है और अब वह पहले से अधिक मजबूत होकर वापसी करेगा।   श्रेयस अय्यर बोले— 'डर के बिना खेलो'   मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बिना किसी दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ी असफलता के डर से खेलेगा तो वह अपनी पूरी क्षमता नहीं दिखा पाएगा। कप्तान ने उम्मीद जताई कि वैभव इस दौरे पर अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन करेंगे।   वैभव ने कहा— 'चार महीनों में बहुत कुछ सीखा'   15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने भी सीरीज से पहले कहा कि पिछले चार महीनों में उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने हर अनुभव से सीखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान जिम्बाब्वे दौरे में अच्छा प्रदर्शन कर भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत करने पर है।   बड़ी पारी का इंतजार   वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि उन्हें पहले मुकाबले में अंतिम एकादश में मौका मिलता है या नहीं। यदि मौका मिलता है तो यह उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बड़ा अवसर होगा।   हरभजन सिंह ने भी की जमकर तारीफ   पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने भी हाल ही में वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में जिस तरह का निडर क्रिकेट वैभव खेल रहे हैं, वह बेहद खास है और उनमें भविष्य का बड़ा स्टार बनने की क्षमता है।

abhishek singh जुलाई 23, 2026 0
IND VS ZIM
भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज का आज पहला मुकाबला, युवा खिलाड़ियों की परीक्षा पर रहेगी सभी की नजर

हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पहला मुकाबला आज हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम इस सीरीज में नई शुरुआत के इरादे से उतरेगी। टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है, जबकि कई युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रेमियों और चयनकर्ताओं की खास नजर रहेगी।   युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका   भारतीय टीम में वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, हर्ष दुबे, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह और सूर्यांश शेडगे जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका मिला है। इनमें से कुछ खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर सकते हैं। चयनकर्ता इस सीरीज को भविष्य की टीम तैयार करने के अहम अवसर के रूप में देख रहे हैं।   श्रेयस अय्यर के नेतृत्व पर भी नजर   टी20 टीम की कप्तानी संभाल रहे श्रेयस अय्यर के सामने टीम को जीत की राह पर वापस लाने की चुनौती है। मैच से पहले उन्होंने खिलाड़ियों से निडर होकर खेलने और असफलता के डर से मुक्त रहने की अपील की। अय्यर का मानना है कि आक्रामक सोच के साथ खेलने से ही टीम बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।   सिकंदर रजा की कप्तानी में चुनौती देगा जिम्बाब्वे   मेजबान जिम्बाब्वे की टीम की कमान अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा के हाथों में होगी। टीम में तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी, रिचर्ड नगरावा और नए विकेटकीपर-बल्लेबाज तफाद्ज़वा त्सिगा को शामिल किया गया है। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर जिम्बाब्वे भारत को कड़ी टक्कर देने की कोशिश करेगा।   हरारे की पिच पर तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद   हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और उछाल मिलने की संभावना है। ऐसे में दोनों टीमों के बल्लेबाजों के लिए नई गेंद का सामना करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। मैच आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाजी अपेक्षाकृत आसान होने की उम्मीद है।   सीरीज में लय हासिल करने का मौका   यह तीन मैचों की टी20 सीरीज भारत के लिए केवल जीत हासिल करने का अवसर नहीं, बल्कि आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी का भी अहम मंच है। यदि युवा खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं, तो आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम चयन में उन्हें मजबूत दावेदार माना जा सकता है।

abhishek singh जुलाई 23, 2026 0
Yuvraj Singh, Vaibhav Suryavanshi, Abhishek Sharma
युवराज सिंह ने वैभव सूर्यवंशी को दिया नया नाम, बोले- 'मैं टर्मिनेटर, अभिषेक टर्मिनेटर-4 और वैभव टर्मिनेटर-6'

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने वैभव की आक्रामक बल्लेबाज़ी से प्रभावित होकर उन्हें नया नाम "टर्मिनेटर-6" दिया। युवराज ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में अब निडर बल्लेबाज़ों की नई पीढ़ी तैयार हो चुकी है और वैभव उनमें सबसे खास खिलाड़ियों में से एक हैं।   'मैं टर्मिनेटर, अभिषेक टर्मिनेटर-4 और वैभव टर्मिनेटर-6'   युवराज सिंह ने मजाकिया अंदाज़ में कहा, "मैं टर्मिनेटर हूं, अभिषेक शर्मा टर्मिनेटर-4 हैं और वैभव सूर्यवंशी टर्मिनेटर-6 हैं।" उन्होंने कहा कि आज के युवा बल्लेबाज़ पहले से कहीं अधिक आक्रामक और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं तथा किसी भी गेंदबाज़ के खिलाफ खुलकर खेलने से नहीं डरते।   वैभव के उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी   युवराज ने वैभव सूर्यवंशी को "भविष्य का बड़ा खिलाड़ी" बताते हुए कहा कि वह बेहद गंभीर, मेहनती और सीखने के इच्छुक क्रिकेटर हैं। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर वैभव भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं। युवराज ने यह भी संकेत दिया कि अगर मौका मिला तो वह वैभव का मार्गदर्शन करने के लिए तैयार हैं।   युवा खिलाड़ियों की निडर सोच की सराहना   पूर्व भारतीय स्टार ने कहा कि मौजूदा दौर के बल्लेबाज़ टी20 क्रिकेट की वजह से शुरुआत से ही आक्रामक खेलने के आदी हैं। उन्होंने अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि यही निडर रवैया भारतीय क्रिकेट को भविष्य में और मजबूत बनाएगा।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
IND VS ZIM
जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान, वैभव सूर्यवंशी को मौका, संजू सैमसन बाहर

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए तीन मैचों की टी20 सीरीज हेतु 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। चयनकर्ताओं ने युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को टीम में बरकरार रखा है, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज़ संजू सैमसन को टीम से बाहर कर दिया गया है। वहीं, रिंकू सिंह की टीम में वापसी हुई है और प्रभसिमरन सिंह, अशोक शर्मा और यश ठाकुर को पहली बार राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है।   श्रेयस अय्यर की कप्तानी में उतरेगी टीम इंडिया   इंग्लैंड दौरे के बाद अब जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में भी टीम इंडिया की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में रहेगी। चयनकर्ताओं ने एक बार फिर युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है।   23 जुलाई से शुरू होगी टी20 सीरीज   भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज 23 जुलाई से हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शुरू होगी। तीनों मुकाबले हरारे में ही खेले जाएंगे। यह सीरीज आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।   युवा खिलाड़ियों पर रहेगी नजर   इस दौरे में वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह और अन्य युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विशेष नजर रहेगी। चयन समिति का मानना है कि यह सीरीज भविष्य की भारतीय टी20 टीम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।   जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत की टी20 टीम   श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा और मयंक यादव।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
IND VS ENG 2nd T20
दूसरे टी20 में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हराया, 191 रन का लक्ष्य किया हासिल

मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने रोमांचक अंदाज में 4 विकेट से जीत दर्ज कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 190/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने 19 ओवर में 191/6 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।   ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने संभाली भारतीय पारी   टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत तेज रही। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 49 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल रहे। अंत में तिलक वर्मा की उपयोगी पारी की बदौलत भारत ने 190/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए।   जैकब बेथेल की विस्फोटक पारी ने पलटा मैच   191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। फिल सॉल्ट और जोस बटलर पहले ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में नाबाद 76 रन बनाए। उन्हें हैरी ब्रूक (39 रन) और टॉम बैंटन (39 रन) का अच्छा साथ मिला। इंग्लैंड ने 19वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर मुकाबला जीत लिया।   अर्शदीप की शानदार गेंदबाजी भी नहीं बचा सकी भारत को   भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 40 रन देकर 3 विकेट झटके। अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को एक-एक सफलता मिली, लेकिन डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके। मैच का निर्णायक मोड़ रवि बिश्नोई का 17वां ओवर रहा, जिसमें इंग्लैंड ने तेजी से 29 रन बटोरे और जीत की नींव रखी।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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JPSC नियुक्ति घोटाला: अभय तिवारी से जुड़े सिंडिकेट का नेटवर्क कई राज्यों तक, दर्जनों परीक्षाएं जांच के घेरे में

kalpana अगस्त 13, 2026 0