WEST BENGAL

महुआ मोइत्रा के खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया
महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, कोर्ट में पेश न होने पर हुई कार्रवाई

कृष्णनगर, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की एक अदालत ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में बार-बार समन के बावजूद अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होने के बाद की गई। अदालत ने वारंट की तामील की रिपोर्ट 28 अगस्त 2026 तक पेश करने का निर्देश दिया है।   कई बार समन के बावजूद पेश नहीं हुईं     अदालत के अनुसार, महुआ मोइत्रा को मामले में कई बार पेश होने के लिए समन जारी किए गए थे। इसके बावजूद वह अदालत में उपस्थित नहीं हुईं। उनके वकील की ओर से भी अदालत को बताया गया कि वह व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होंगी। इसके बाद अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया।     आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है मामला     यह मामला महुआ मोइत्रा की 12 जून 2026 की सोशल मीडिया टिप्पणी से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनकी टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। हालांकि, ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं, जिन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।     28 अगस्त तक मांगी गई वारंट की रिपोर्ट     कृष्णनगर की अदालत ने पुलिस को वारंट की तामील की रिपोर्ट 28 अगस्त तक अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है। फिलहाल वारंट जारी होना अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के बराबर नहीं है; मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 20, 2026 0
कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट होटल में भीषण आग की खबर
कोलकाता के होटल में भीषण आग, 9 लोगों की मौत की खबर, कई झुलसे

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार देर रात एक होटल में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। हादसे में करीब 9 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि कई लोग झुलस गए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक मृतकों में 6 पुरुष, 2 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक अस्पताल या प्रशासन की ओर से मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।   मिर्जा गालिब स्ट्रीट के होटल में लगी आग   जानकारी के अनुसार, आग कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक होटल में देर रात करीब 2 बजे लगी। होटल से धुआं निकलता देखकर लोगों ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। देखते ही देखते आग कई कमरों तक फैल गई और पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। आग के साथ होटल के अंदर घना काला धुआं भर गया, जिससे कई लोग अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही दमकल की चार गाड़ियां और डिजास्टर मैनेजमेंट फोर्स की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।   60 लोगों को सुरक्षित निकाला गया   पुलिस के मुताबिक, बचाव दल ने होटल से करीब 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, नौ लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में इन सभी की मौत होने की खबर सामने आई। धुएं की चपेट में आने से छह अन्य लोगों के बीमार होने की भी जानकारी है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   AC या शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका   शुरुआती जांच में आग लगने की वजह एयर कंडीशनर में खराबी या शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। आग कम से कम चार कमरों तक फैल गई थी। हालांकि, आग की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने होटल और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी है। होटल के मालिक का अभी पता नहीं चल पाया है, जबकि मैनेजर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।   होटल की फायर सेफ्टी पर उठे सवाल   हादसे के बाद होटल में आग से सुरक्षा के इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जांच अधिकारी होटल के फायर सेफ्टी सिस्टम, बिजली की वायरिंग, AC की स्थिति, इमरजेंसी एग्जिट और जरूरी लाइसेंस की जांच कर रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आग लगने के समय होटल में कितने लोग मौजूद थे और क्या उन्हें समय पर इसकी सूचना दी गई थी। साथ ही, यह जांच भी की जा रही है कि लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं।   तारापीठ के बाद कोलकाता में दूसरा बड़ा होटल अग्निकांड   गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को पश्चिम बंगाल के तारापीठ में भी एक होटल में भीषण आग लगी थी। उस हादसे में भी नौ लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। लगातार दो होटल अग्निकांडों के बाद पश्चिम बंगाल में होटल और गेस्टहाउस की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ranjan kumar tiwari अगस्त 19, 2026 0
महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार नोटिस दिया
महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष को दिया विशेषाधिकार नोटिस, तीन अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

कोलकाता, एजेंसियां। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर स्थित सर्किट हाउस में देर रात कमरा खाली कराने के मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने नदिया जिले के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर संसदीय प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन और अवमाननापूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया है।   देर रात सर्किट हाउस खाली करने को कहा     महुआ मोइत्रा के अनुसार, वह 14 अगस्त की शाम करीब 6:15 बजे नदिया सर्किट हाउस पहुंची थीं। उन्हें कमरा आवंटित किया गया और शाम को चाय तथा रात में भोजन भी उपलब्ध कराया गया। इसके बाद रात करीब 9:47 बजे अतिरिक्त जिलाधिकारी ने उन्हें फोन कर सर्किट हाउस खाली करने को कहा। कारण पूछने पर कथित तौर पर बताया गया कि यह आदेश ऊपर से आया है।     तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग     मोइत्रा ने अपने नोटिस में नदिया के जिलाधिकारी श्रीकांत पाली, अतिरिक्त जिलाधिकारी नृपेंद्र सिंह और नाजरेथ डिप्टी कलेक्टर अनामिका बेरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का आग्रह किया है।   मोइत्रा का आरोप है कि उन्हें देर रात सर्किट हाउस खाली करने के लिए कहा गया, जबकि पहले से उनकी बुकिंग थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें कोई वैकल्पिक ठहरने की व्यवस्था नहीं दी गई।   सांसदों के प्रोटोकॉल का उठाया मुद्दा     महुआ मोइत्रा ने अपने नोटिस में सांसदों के लिए निर्धारित सरकारी प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए कहा कि अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर आए सांसद को निर्धारित सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने इस घटना को अपने संसदीय दायित्वों के निर्वहन में बाधा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।   उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि भविष्य में उनके निर्वाचन क्षेत्र में दौरे के दौरान उन्हें बिना किसी दबाव या उत्पीड़न के संसदीय जिम्मेदारियां निभाने की सुविधा मिले।   माकपा सांसद ने भी जांच की मांग की     मामले में माकपा सांसद के. राधाकृष्णन ने भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक मौजूदा महिला सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर मामला है और सांसदों की सुरक्षा एवं संसदीय गरिमा से जुड़े प्रोटोकॉल को स्पष्ट किया जाना चाहिए।   महुआ मोइत्रा की ओर से दिए गए विशेषाधिकार नोटिस के बाद यह मामला अब संसद के स्तर पर जांच और कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि, संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 18, 2026 0
कोलकाता में 200 साल पुरानी इमारत ढहने के बाद राहत बचाव अभियान
कोलकाता में 200 साल पुरानी तीन मंजिला इमारत ढही, महिला की मौत; कई लोग मलबे में फंसे

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार सुबह भारी बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। जोराबागान इलाके की ब्रजदुलाल स्ट्रीट में करीब 200 साल पुरानी तीन मंजिला इमारत का एक हिस्सा ढह गया। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की सूचना है। राहत और बचाव अभियान जारी है। बताया जा रहा है कि हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग बाहर निकले तो देखा कि पुरानी इमारत का हिस्सा गिर चुका था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और इमारत के पिछले हिस्से से कई लोगों को बाहर निकाला।   महिला की मौत, परिवार के लोग भी सुरक्षित निकाले गए   हादसे में उर्मिला सौ नाम की महिला की मौत हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, महिला सुबह तड़के ही घर से बाहर निकली थीं, जिसके कुछ देर बाद मकान का हिस्सा ढह गया। बचाए गए लोगों में मृतका के पति और उनके दो बेटे भी शामिल हैं।   इमारत को पहले ही खाली घोषित किया गया था   जानकारी के अनुसार, ब्रजदुलाल स्ट्रीट नंबर 31 स्थित यह मकान करीब 200 साल पुराना है। बताया जा रहा है कि नगरपालिका ने काफी समय पहले इमारत को खाली घोषित कर दिया था, इसके बावजूद करीब 20 लोग इसमें रह रहे थे। मकान के सामने की गली काफी संकरी है और इमारत में आने-जाने का रास्ता भी सीमित है। इस वजह से राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।   एनडीआरएफ की टीम मौके पर   घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कर्मी मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मदद से अब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 18, 2026 0
तारापीठ के होटल में भीषण आग की तस्वीर
प. बंगाल के तारापीठ के होटल में भीषण आग, 6 की मौत; कई लोग घायल

तारापीठ (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में सोमवार तड़के एक होटल में भीषण आग लगने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। हादसे में चार अन्य लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर है। सूचना मिलते ही रामपुरहाट से फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।   रिसेप्शन से शुरू हुई आग   स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग सबसे पहले होटल के रिसेप्शन क्षेत्र में लगी। घटना तड़के उस समय हुई, जब होटल में ठहरे अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। नींद में होने के कारण लोगों को आग लगने की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। देखते ही देखते आग होटल के अन्य हिस्सों तक फैल गई और कमरों में धुआं भर गया। फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। धुएं के कारण कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। गंभीर रूप से बीमार लोगों को इलाज के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया है।   सावन के सोमवार के कारण होटल में थी भीड़   सावन के पवित्र महीने का सोमवार होने के कारण इन दिनों तारापीठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तारापीठ पहुंच रहे हैं। इसके चलते इलाके के ज्यादातर होटल श्रद्धालुओं से भरे हुए हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के समय इस होटल में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री ठहरे हुए थे।   शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका   होटल प्रबंधन ने शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। फायर डिपार्टमेंट की टीम भी आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस और प्रशासन मृतकों की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं। हादसे के बाद होटल और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के OBC-A और OBC-B प्रमाणपत्र रद्द किए
कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, OBC-A और OBC-B के तहत जारी प्रमाणपत्र रद्द

कोलकाता, एजेंसियां। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में OBC-A और OBC-B श्रेणियों के तहत संशोधित नियमों के आधार पर जारी किए गए सभी OBC प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि ये दोनों श्रेणियां अब राज्य में वैध रूप से अस्तित्व में नहीं हैं। यह फैसला 12 अगस्त 2026 को न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा और न्यायमूर्ति अनुज सिंह की खंडपीठ ने सुनाया।   2025 के बाद जारी प्रमाणपत्र भी प्रभावित     अदालत के फैसले का असर खास तौर पर उन OBC प्रमाणपत्रों पर पड़ेगा, जो पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा लागू संशोधित व्यवस्था के तहत जारी किए गए थे। रिपोर्टों के अनुसार, 2025 में OBC-A और OBC-B श्रेणियों में जारी किए गए नए प्रमाणपत्र भी अब वैध नहीं माने जाएंगे।   अदालत के आदेश के बाद ऐसे प्रमाणपत्र रखने वाले लोगों को फिलहाल सामान्य श्रेणी में माना जाएगा। इसका सीधा असर सरकारी नौकरियों, शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले और आरक्षण के लाभ पर पड़ सकता है।   OBC-A और OBC-B व्यवस्था पर क्यों उठा विवाद?     पश्चिम बंगाल में OBC समुदायों को OBC-A और OBC-B में बांटने की व्यवस्था को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था। 2010 के बाद OBC सूची में कई समुदायों को शामिल किए जाने और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठे थे।   2024 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने OBC सूची में शामिल 66 समुदायों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला दिया था और राज्य को नए सर्वे के आधार पर सूची तैयार करने का निर्देश दिया था। बाद में राज्य सरकार ने नए सर्वे के आधार पर OBC सूची में बदलाव किया। हालांकि, प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को लेकर विवाद जारी रहा।   नई सरकार ने खत्म कर दी थी दोहरी श्रेणी     2026 में पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद OBC-A और OBC-B की दोहरी व्यवस्था को खत्म करके एकल OBC श्रेणी लागू करने का फैसला किया गया। नई सरकार ने पिछली सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर चुनौती को भी वापस ले लिया।   इसके बाद संशोधित व्यवस्था के तहत जारी OBC-A और OBC-B प्रमाणपत्रों का कानूनी आधार कमजोर हो गया और अब हाईकोर्ट ने इन्हें रद्द करने का आदेश दिया है।   सरकारी नौकरी और दाखिले पर पड़ेगा असर     फैसले का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ सकता है, जिन्होंने इन प्रमाणपत्रों के आधार पर आरक्षण का लाभ लेकर नौकरी, भर्ती प्रक्रिया या शैक्षणिक दाखिले में आवेदन किया था। अदालत के आदेश के मुताबिक ऐसे प्रमाणपत्र अब आरक्षण के लिए मान्य नहीं होंगे और संबंधित लोगों को सामान्य श्रेणी में माना जाएगा।   हालांकि, इस फैसले के व्यावहारिक असर को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आगे स्पष्टीकरण और आवश्यक निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

ranjan kumar tiwari अगस्त 13, 2026 0
पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन में चार नए सदस्यों की नियुक्ति
पश्चिम बंगाल सेंट्रल स्कूल सर्विस कमीशन में चार नए सदस्यों की नियुक्ति, तीन रामकृष्ण मिशन से

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल सरकार ने वेस्ट बंगाल सेंट्रल स्कूल सर्विस कमीशन (WBSSC) में चार नए सदस्यों की नियुक्ति की है। इस संबंध में 11 अगस्त 2026 को राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।   तीन सदस्य रामकृष्ण मिशन से   नई नियुक्तियों में रामकृष्ण मिशन से जुड़े तीन संन्यासी शामिल हैं। इनमें स्वामी आत्मप्रियानंद, स्वामी शास्त्रज्ञानंद और स्वामी तत्त्सारानंद के नाम शामिल हैं। चौथी सदस्य के तौर पर आईआईएम कोलकाता की स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट ग्रुप की प्रोफेसर रम्या तारकाडा वेंकटेश्वरन को नियुक्त किया गया है। स्वामी आत्मप्रियानंद रामकृष्ण मिशन विवेकानंद एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (RKMVERI) के प्रो-चांसलर और सचिव हैं। स्वामी शास्त्रज्ञानंद रामकृष्ण मिशन आश्रम, नरेंद्रपुर के सचिव हैं, जबकि स्वामी तत्त्सारानंद बेलूर मठ के ट्रस्टी और रामकृष्ण मिशन की गवर्निंग बॉडी के सदस्य हैं।   नियुक्तियां तुरंत प्रभावी   राज्य सरकार की अधिसूचना के मुताबिक चारों नए सदस्य तत्काल प्रभाव से अपना काम शुरू करेंगे। वे अगले आदेश तक आयोग में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। नियुक्ति पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन अधिनियम, 1997 की धारा 3(4) के तहत की गई है। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पहले से ही काफी महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। 2025 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है।   शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर भी असर   WBSSC के चेयरमैन दुष्यंत नारियाला ने हाल में भर्ती प्रक्रिया को लेकर जानकारी दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की शिक्षक भर्ती में करीब 39 हजार उम्मीदवारों की प्रक्रिया में से लगभग 15 हजार उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा चुका है। इसके अलावा 2016 की अपर प्राइमरी भर्ती में लंबित 1,177 नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी भी दी गई है। वहीं, कक्षा 11वीं-12वीं के शिक्षकों को 14 अगस्त को सिफारिश पत्र देने की योजना पर भी संशय जताया गया है। आयोग की ओर से भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है।   भर्ती विवाद के बीच महत्वपूर्ण नियुक्ति   पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक विवादों के बीच रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2016 की भर्ती प्रक्रिया को रद्द किए जाने के बाद आयोग को नए सिरे से नियुक्तियां करने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी पड़ी है। ऐसे समय में चार नए सदस्यों की नियुक्ति से आयोग के कामकाज और भर्ती प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 13, 2026 0
पश्चिम बंगाल में फुटबॉल खेलने के बाद 14 वर्षीय किशोर की मौत
West Bengal: सीने पर लगी फुटबॉल, घर लौटते ही बिगड़ी तबीयत; 14 वर्षीय खिलाड़ी की मौत

जलपाईगुड़ी। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी में फुटबॉल खेलने के बाद एक 14 वर्षीय किशोर की अचानक मौत हो गई। मृतक की पहचान हिमाद्री दास सरकार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि खेल के दौरान गेंद उसके सीने पर जोर से लगी थी। घर लौटने और नहाने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन और स्थानीय लोग उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।   खेल के दौरान सीने पर लगी थी गेंद   हिमाद्री धूपगुड़ी ब्लॉक के दौकिमारी इलाके का रहने वाला था। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, वह दौकिमारी स्कूल के मैदान में फुटबॉल खेल रहा था। इसी दौरान गेंद उसके सीने पर तेज गति से लगी। शुरुआत में उसे दर्द हुआ, लेकिन उसने खेल जारी रखा और बाद में घर लौट आया। घर पहुंचने के बाद उसने नहाया। इसके कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।   घर में मची चीख-पुकार   परिजनों के मुताबिक, हिमाद्री को अचानक तेज दर्द होने लगा और उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसकी आवाज सुनकर पड़ोसी भी घर पहुंच गए। देखते ही देखते किशोर बेहोश हो गया। इसके बाद उसे तुरंत धूपगुड़ी उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   फुटबॉल का था बेहद शौक   परिवार के अनुसार, हिमाद्री को बचपन से फुटबॉल खेलने का शौक था। वह आसपास के कई मैदानों में नियमित रूप से खेलता था। दौकिमारी हाई स्कूल का मैदान और बरानी का मैदान उसके पसंदीदा स्थानों में शामिल थे। स्थानीय निवासी मिथुन सरकार ने बताया कि हिमाद्री दोपहर करीब दो बजे फुटबॉल खेलने गया था। खेल खत्म करने के बाद वह घर लौटा और कुछ देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।   मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं   पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर आशंका है कि सीने पर लगी चोट और उसके बाद हुई स्वास्थ्य संबंधी जटिलता मौत की वजह हो सकती है। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल भेजने की तैयारी की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। हिमाद्री की अचानक मौत से उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख जताया है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
पश्चिम बंगाल में 26,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर संकट
West Bengal Teacher Recruitment: 26,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अटकी

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में 26,000 शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों की नई भर्ती प्रक्रिया पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को 31 अगस्त 2026 तक पूरा करने की समय सीमा तय की थी, लेकिन स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) के मुताबिक मौजूदा स्थिति में तय समय के भीतर भर्ती पूरी करना संभव नहीं है। अब आयोग सुप्रीम कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगने की तैयारी कर रहा है।   31 अगस्त की समय सीमा में भर्ती पूरी करना मुश्किल   स्कूल सर्विस कमीशन के अध्यक्ष दुष्यंत नारियाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 26,000 रिक्तियों पर भर्ती की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी नहीं हो पाएगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में आगे की प्रक्रिया शुरू करना भी चुनौतीपूर्ण है। SSC अब कानूनी सलाह लेकर सुप्रीम कोर्ट में अतिरिक्त समय मांगने की तैयारी कर रहा है।   सिफारिशी पत्र पाने वाले उम्मीदवार भी असमंजस में   भर्ती प्रक्रिया रुकने से उन उम्मीदवारों की चिंता बढ़ गई है, जिन्हें पहले ही सिफारिशी पत्र मिल चुके हैं। इन उम्मीदवारों की नियुक्ति कब और कैसे होगी, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। SSC आरक्षण व्यवस्था, विशेष रूप से जातिगत आरक्षण नीति को लागू करने के कानूनी पहलुओं पर भी अपने वकीलों से सलाह ले रहा है।   26,000 नौकरियां रद्द होने के बाद शुरू हुई थी नई प्रक्रिया   शिक्षक भर्ती में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले में अदालत के आदेश के बाद करीब 26,000 शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों की नियुक्तियां रद्द कर दी गई थीं। इसके बाद नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस नई भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 31 अगस्त की समय सीमा तय की थी। इस दौरान नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों के वेतन को लेकर भी अदालत के निर्देश रहे हैं।   सत्यापन और काउंसलिंग पर लगी रोक   भर्ती प्रक्रिया से जुड़े उम्मीदवारों के अनुसार कक्षा 9वीं और 10वीं के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सत्यापन प्रक्रिया चल रही थी, जबकि कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए काउंसलिंग जारी थी। अब नोटिस जारी कर इन प्रक्रियाओं को रोक दिया गया है। आयोग की ओर से प्रक्रिया रोकने के पीछे नए नियमों को लागू किए जाने से जुड़े मुद्दों का हवाला दिया गया है।   आरक्षण नियमों को लेकर भी पेच   भर्ती प्रक्रिया में OBC आरक्षण से जुड़े नियमों को लेकर भी कानूनी और प्रशासनिक जटिलताएं बनी हुई हैं। SSC इन प्रावधानों को लागू करने के तरीके पर कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहा है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया के दोबारा शुरू होने की तारीख को लेकर भी उम्मीदवारों में असमंजस बना हुआ है।   हजारों उम्मीदवारों का भविष्य अधर में   भर्ती प्रक्रिया के रुकने से हजारों अभ्यर्थियों के सामने फिर अनिश्चितता खड़ी हो गई है। एक तरफ सुप्रीम कोर्ट की तय समय सीमा नजदीक आ रही है, वहीं दूसरी ओर सत्यापन, काउंसलिंग और आरक्षण संबंधी प्रक्रियाएं अटक गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सुप्रीम कोर्ट SSC को अतिरिक्त समय देता है या नहीं, और नई भर्ती प्रक्रिया कब तक दोबारा पटरी पर लौटती है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
सुनील बंसल से मिले समिक भट्टाचार्य और सुवेंदु अधिकारी
समिक भट्टाचार्य और सुवेंदु अधिकारी की दिल्ली में सुनील बंसल से मुलाकात, बंगाल के संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा

पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और CM सुवेंदु अधिकारी की दिल्ली में सुनील बंसल से अहम मुलाकात नई दिल्ली, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बुधवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल से मुलाकात की। बैठक में पश्चिम बंगाल के राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ चाय बागान और कपड़ा क्षेत्र के श्रमिकों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।   चाय बागान और कपड़ा श्रमिकों के मुद्दे पर चर्चा     बैठक में पश्चिम बंगाल के चाय बागान और कपड़ा क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। इन क्षेत्रों से जुड़े श्रमिकों की स्थिति और उनकी मांगों को लेकर भाजपा नेतृत्व के बीच विचार-विमर्श हुआ।   पश्चिम बंगाल में चाय बागान क्षेत्र खासतौर पर उत्तर बंगाल की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस मुद्दे पर भाजपा के शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत को अहम माना जा रहा है।   दिल्ली में भाजपा नेतृत्व के साथ बैठक     सुवेंदु अधिकारी और समिक भट्टाचार्य की सुनील बंसल के साथ यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद पार्टी संगठन और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने पर जोर है।   बैठक में राज्य से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक मामलों पर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में बैठक के दौरान लिए गए किसी बड़े संगठनात्मक फैसले का उल्लेख नहीं किया गया है।   बंगाल में सरकार और संगठन के बीच समन्वय पर जोर     पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनकी मुलाकात को राज्य में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.  

ranjan kumar tiwari अगस्त 5, 2026 0
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी
पश्चिम बंगाल सरकार ने DA में 20% बढ़ोतरी की, 1 अक्टूबर 2026 से कर्मचारियों को मिलेगा 38% महंगाई भत्ता

पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, DA में 20% बढ़ोतरी; 1 अक्टूबर से मिलेगा लाभ कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी किया है। नई दर 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाला कुल DA 38 प्रतिशत हो जाएगा।   अक्टूबर से बढ़ेगा महंगाई भत्ता     राज्य सरकार के नए आदेश के मुताबिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अक्टूबर 2026 से संशोधित दर पर महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाएगा। DA में इस बढ़ोतरी से बड़ी संख्या में राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा मिलेगा।   महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की आय में राहत देना है। नई दर लागू होने के बाद कर्मचारियों की मासिक आय में भी बढ़ोतरी होगी।   कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा लाभ     DA बढ़ोतरी का लाभ केवल सेवारत कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य सरकार के पात्र पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों को भी संशोधित दर के अनुसार लाभ मिलेगा।   हालांकि, वास्तविक अतिरिक्त राशि कर्मचारी के मूल वेतन या पेंशन के आधार पर अलग-अलग होगी। यानी हर कर्मचारी को मिलने वाली बढ़ी हुई रकम समान नहीं होगी।   राज्य सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन     DA बढ़ोतरी को लागू करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। इसमें नई दर और इसके लागू होने की तारीख से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।   सरकार के इस फैसले के बाद लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।   कर्मचारियों की बढ़ेगी मासिक आय     नई DA दर लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन में महंगाई भत्ते के रूप में मिलने वाली राशि बढ़ जाएगी। पेंशनभोगियों को भी संशोधित दर के अनुसार अधिक पेंशन मिलेगी।   1 अक्टूबर 2026 से 38 प्रतिशत DA लागू होने के बाद राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आर्थिक स्थिति में कुछ राहत आने की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ा वित्तीय लाभ माना जा रहा है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 5, 2026 0
Flooded roads and landslides disrupt life across several Indian states amid heavy monsoon rains
देशभर में बारिश का कहर: बंगाल में 4 की मौत, उत्तराखंड में 200 यात्री फंसे, केरल-कर्नाटक में रेड अलर्ट

Rain Alert: देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और कई राज्यों में भारी बारिश जनजीवन पर भारी पड़ रही है। पश्चिम बंगाल में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि उत्तराखंड के चमोली में भूस्खलन के कारण करीब 200 यात्री फंस गए हैं। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। बंगाल में बिजली गिरने से 4 की मौत पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है। उत्तराखंड में भूस्खलन से चारधाम यात्रा प्रभावित उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के बाद पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे करीब 200 यात्री रास्ते में फंस गए। सड़क साफ करने का काम जारी है। इसके अलावा: यमुनोत्री मार्ग पर स्यानाचट्टी के पास विशाल बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। गंगोत्री हाईवे पर जमीन धंसने और सड़क में दरारें आने की सूचना है। ऋषिकेश में गंगा नदी चेतावनी स्तर के करीब पहुंचने पर SDRF को तैनात किया गया है। केरल में सामान्य से 181% अधिक बारिश केरल में 1 से 4 अगस्त के बीच 205.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 181 प्रतिशत अधिक है। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं और लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए: खोए हुए दस्तावेज दोबारा जारी करने, स्कूली बच्चों को नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने, राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने की घोषणा की है। कर्नाटक में रेड अलर्ट तटीय कर्नाटक के उडुपी जिले में 189 मिमी बारिश दर्ज की गई है। नेत्रावती समेत कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। मौसम विभाग ने तटीय और पहाड़ी जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश में जलभराव लगातार बारिश के कारण: हरियाणा के अंबाला और झज्जर में सड़कें जलमग्न हो गईं। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, मथुरा और मुजफ्फरनगर सहित कई शहरों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ। आगरा में खराब मौसम के चलते कुछ स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई, जबकि वृंदावन के कई इलाकों में चार फीट तक पानी भर गया। असम में बाढ़ का संकट जारी असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। दो और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है। राज्य में करीब 1.22 लाख लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। IMD की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है। लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।  

kalpana अगस्त 5, 2026 0
BJP leader Dilip Ghosh alleges foreign forces behind student protests in India
छात्र आंदोलन पर दिलीप घोष का हमला, बोले- भारत को बांग्लादेश-पाकिस्तान बनाने की हो रही कोशिश

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष और प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत को बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी स्थिति में धकेलने की कोशिश की जा रही है। साथ ही दावा किया कि प्रदर्शनकारियों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें पहले भी नाकाम रही हैं और इस बार भी सफल नहीं होंगी। 'भारत को बांग्लादेश बनाने की कोशिश हो रही है' कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान दिलीप घोष ने कहा कि कुछ लोग भारत में वैसा ही माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जैसा पहले बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका में जन आंदोलनों के दौरान देखने को मिला था। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों का उद्देश्य देश में अस्थिरता पैदा करना है, लेकिन ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी। 'प्रदर्शनकारी विदेशी ताकतों की कठपुतली' दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल कुछ लोग विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में आंदोलन से जुड़े कई लोगों को भी अब एहसास हो गया है कि उन्हें केवल मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार, कुछ पेशेवर समूह माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। संसद सत्र को बताया आसान निशाना उन्होंने कहा कि संसद सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शन करना इसलिए आसान होता है, क्योंकि उस समय बड़ी संख्या में मीडिया मौजूद रहती है। घोष के मुताबिक, प्रदर्शनकारी इसी का फायदा उठाकर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। 'मोदी सरकार सही समय पर फैसला लेगी' दिलीप घोष ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और गृह मंत्री अमित शाह हालात पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उचित समय पर उचित निर्णय लेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार कोई कड़ा कदम उठाती है, तो विपक्ष उसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश करेगा। किसान आंदोलन का दिया उदाहरण दिलीप घोष ने अपने बयान में किसान आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह पहले हुए आंदोलनों से विपक्ष को अपेक्षित परिणाम नहीं मिले, उसी तरह वर्तमान छात्र आंदोलन भी सफल नहीं होगा। उनके अनुसार, जनता का व्यापक समर्थन आंदोलन के साथ नहीं है और विपक्ष चुनाव में हारने के बाद ऐसे आंदोलनों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।  

kalpana जुलाई 23, 2026 0
West Bengal announces direct Europe flights, new airport and metro expansion projects
बंगाल में परिवहन क्रांति का ऐलान: कोलकाता से यूरोप की सीधी उड़ानें, कल्याणी में एयरपोर्ट और दुर्गापुर-सिलीगुड़ी में मेट्रो

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के परिवहन और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़ी योजनाओं का ऐलान किया है। उन्होंने कोलकाता से यूरोप और लंदन के लिए सीधी उड़ानें बहाल करने, कल्याणी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने, दुर्गापुर और सिलीगुड़ी में मेट्रो परियोजनाएं शुरू करने तथा कोलकाता में वाटर मेट्रो सेवा लाने की घोषणा की। मुख्य बातें कोलकाता से यूरोप और लंदन के लिए सीधी उड़ानें फिर शुरू करने की तैयारी। कल्याणी में नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की योजना। जोका से दमदम एयरपोर्ट तक मेट्रो विस्तार में तेजी। दुर्गापुर-आसनसोल और सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी के बीच मेट्रो परियोजना का प्रस्ताव। कोलकाता में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की सैद्धांतिक मंजूरी। परिवहन निगमों के डिपो में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन और बड़ी संख्या में ई-बस व सीएनजी बसें शामिल करने की योजना। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बेहतर परिवहन व्यवस्था से निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। क्या बोले मुख्यमंत्री? 50 नई एसी बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से पश्चिम बंगाल के परिवहन ढांचे को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान कोलकाता का यूरोपीय देशों से सीधा हवाई संपर्क खत्म हो गया था, जिसे अब दोबारा बहाल किया जाएगा। मेट्रो और एयरपोर्ट पर फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि जोका से दमदम एयरपोर्ट तक मेट्रो विस्तार का लंबित मुद्दा उनकी सरकार ने तेजी से सुलझाया है। साथ ही, कल्याणी में नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया जा रहा है। ई-बस और वाटर मेट्रो राज्य सरकार ने परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए ई-बसों और सीएनजी बसों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके अलावा, कोलकाता में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने का भी फैसला लिया गया है। रोजगार और निवेश पर जोर मुख्यमंत्री का कहना है कि आधुनिक परिवहन नेटवर्क से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन विभाग राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।  

kalpana जुलाई 22, 2026 0
West Bengal SIA
बंगाल में NIA जैसी जांच एजेंसी बनाने की तैयारी, अमित शाह की बैठक में SIA गठन का प्रस्ताव सामने आया

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में आतंकवाद, संगठित अपराध और देश विरोधी गतिविधियों से निपटने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) के गठन का प्रस्ताव सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में राज्य में NIA की तर्ज पर एक विशेष जांच एजेंसी बनाने की जरूरत पर चर्चा की गई।   कानून-व्यवस्था और सुरक्षा मुद्दों पर हुई चर्चा   बैठक में पश्चिम बंगाल में आतंकवाद, कट्टरपंथ, अवैध हथियारों, नशा तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में ऐसी विशेष एजेंसी की आवश्यकता पर जोर दिया गया, जो गंभीर मामलों की जांच तेजी से कर सके।   SIA को मिल सकती है विशेष जांच की जिम्मेदारी   प्रस्तावित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) को आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच के लिए विशेष अधिकार दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इसके गठन और अधिकारों को लेकर अंतिम फैसला राज्य सरकार और संबंधित विभागों की प्रक्रिया के बाद ही होगा।   केंद्र ने सुरक्षा तंत्र मजबूत करने पर दिया जोर   अमित शाह की बैठक में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने पर चर्चा हुई।   राजनीतिक बहस भी तेज   SIA गठन के प्रस्ताव को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई है। जहां बीजेपी इसे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में जरूरी कदम बता रही है, वहीं विपक्षी दल केंद्र के इस कदम को लेकर सवाल उठा सकते हैं।   अभी प्रस्ताव, अंतिम निर्णय बाकी   फिलहाल पश्चिम बंगाल में SIA के गठन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह अभी प्रस्ताव और चर्चा के स्तर पर है। आगे राज्य और केंद्र के बीच समन्वय के बाद ही इसकी रूपरेखा तय होगी।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Amul Dairy Plant
हावड़ा में अमूल के ₹700 करोड़ डेयरी प्लांट की नींव, बंगाल में बढ़ेगा निवेश और रोजगार के अवसर

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के सांकराइल फूड पार्क में अमूल के नए इंटीग्रेटेड डेयरी प्लांट की नींव रखी गई है। करीब ₹700 करोड़ की लागत से बनने वाले इस डेयरी कॉम्प्लेक्स को राज्य में खाद्य प्रसंस्करण और डेयरी क्षेत्र के बड़े निवेश के रूप में देखा जा रहा है। परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 1000 से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।   अमूल का बड़ा निवेश, डेयरी नेटवर्क को मिलेगी मजबूती   इस परियोजना के जरिए अमूल पश्चिम बंगाल में अपने डेयरी नेटवर्क का विस्तार करेगा। नए प्लांट में दूध प्रसंस्करण, डेयरी उत्पादों का निर्माण और आधुनिक भंडारण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे राज्य के किसानों और दुग्ध उत्पादकों को भी बेहतर बाजार उपलब्ध होने की संभावना है।   सांकराइल फूड पार्क में विकसित होगा डेयरी कॉम्प्लेक्स   अमूल का यह इंटीग्रेटेड डेयरी कॉम्प्लेक्स हावड़ा के सांकराइल फूड पार्क में स्थापित किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह परियोजना क्षेत्र में खाद्य उद्योग को बढ़ावा देगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगी।   किसानों को मिलेगा फायदा   डेयरी प्लांट के शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्रों के दुग्ध उत्पादकों को अमूल के नेटवर्क से जुड़ने का मौका मिलेगा। इससे दूध की खरीद, प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन मजबूत होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।   रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा   राज्य सरकार ने कहा है कि इस निवेश से पश्चिम बंगाल में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। प्लांट से जुड़े परिवहन, पैकेजिंग, सप्लाई और अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।   बंगाल में निवेश बढ़ाने पर जोर   अमूल की यह परियोजना पश्चिम बंगाल में बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने की कोशिशों का हिस्सा मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Calcutta High Court stays demolition of Abhishek Banerjee's constituency office
अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक, जुलाई अंत तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आमतला स्थित निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय पर चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने जुलाई के अंत तक परिसर में किसी भी तरह की तोड़फोड़ या बदलाव पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। रविवार को हुई विशेष सुनवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस राजा बसु चौधरी की एकल पीठ ने रविवार को विशेष अदालत लगाकर सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि विवादित इमारत से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज अगली सुनवाई में पेश किए जाएं। 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी ने दी थी चुनौती ध्वस्तीकरण कार्रवाई को 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान बताया गया कि विवादित भवन इसी कंपनी के स्वामित्व में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व दावों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी इस कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रहे हैं। नियमित पीठ करेगी विस्तृत सुनवाई हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जुलाई के अंत तक यथास्थिति बनी रहेगी। इसके बाद मामले की विस्तृत सुनवाई नियमित पीठ के समक्ष होगी, जहां दोनों पक्षों की दलीलों पर विस्तार से विचार किया जाएगा। प्रशासन ने क्यों शुरू की थी कार्रवाई? दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने शनिवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इमारत को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की थी। प्रशासन का दावा है कि भवन बिना स्वीकृत नक्शे के बनाया गया था और निर्माण में भवन नियमों का उल्लंघन हुआ था, इसलिए कार्रवाई की गई। अभिषेक बनर्जी ने आरोपों को बताया गलत अभिषेक बनर्जी ने प्रशासन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह उनका आधिकारिक निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय है। उनका दावा है कि भवन वैध रूप से खरीदी गई जमीन पर बनाया गया है और निर्माण के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक मंजूरियां ली गई थीं। अब अगली सुनवाई पर टिकी नजर हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रुक गई है। अब इस राजनीतिक और कानूनी विवाद पर अंतिम तस्वीर जुलाई के अंत में होने वाली अगली सुनवाई के बाद ही साफ हो सकेगी।  

kalpana जुलाई 20, 2026 0
Union Home Minister Amit Shah at the foundation ceremony of Amul's mega dairy plant in West Bengal
अमित शाह ने बंगाल में अमूल के 700 करोड़ के डेयरी प्लांट की रखी आधारशिला, वामपंथ और टीएमसी पर साधा निशाना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बनने वाले अमूल के मेगा डेयरी प्लांट की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में आया राजनीतिक बदलाव आजादी के बाद देश के किसी भी राज्य में हुए सबसे अलग परिवर्तनों में से एक है। उन्होंने वामपंथी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकारों पर राज्य के विकास को पीछे धकेलने का आरोप भी लगाया। 'वामपंथ और टीएमसी ने बंगाल को पीछे धकेला' पूर्वी कोलकाता के न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर से परियोजना का डिजिटल शिलान्यास करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य ने पहले 30 वर्षों तक वामपंथी शासन और उसके बाद 15 वर्षों तक टीएमसी सरकार देखी। उनके अनुसार, इन दोनों सरकारों के कार्यकाल में बंगाल के विकास को नुकसान पहुंचा, जबकि अब जनता बदलाव चाहती है। घुसपैठ और कानून-व्यवस्था पर हुई समीक्षा अपने तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य स्तर पर घुसपैठ रोकने, कानून-व्यवस्था मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। 700 करोड़ की अमूल परियोजना से किसानों को मिलेगा लाभ अमित शाह ने कहा कि हावड़ा में बनने वाला अमूल का यह डेयरी संयंत्र राज्य के डेयरी सेक्टर के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा और इससे लाखों दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ेगी। परियोजना की प्रमुख बातें: कुल निवेश: लगभग 700 करोड़ रुपये दूध प्रसंस्करण क्षमता: प्रतिदिन 30 लाख लीटर उत्पादन क्षमता: रोजाना 10 लाख किलोग्राम (1,000 टन) दही और अन्य डेयरी उत्पाद लाभार्थी: 1.25 लाख से अधिक डेयरी किसान, जिनमें 30 हजार से ज्यादा महिला किसान शामिल हैं। पूर्वी भारत में मजबूत होगा डेयरी नेटवर्क उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य पूर्वी भारत में सहकारी डेयरी नेटवर्क को मजबूत करना और किसानों को दूध बेचने के लिए स्थायी एवं भरोसेमंद बाजार उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। यह कार्यक्रम अमित शाह के तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे का अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम था। समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और अन्य गणमान्य लोगों ने भी हिस्सा लिया।  

kalpana जुलाई 20, 2026 0
Amit Shah
अमित शाह का पश्चिम बंगाल दौरा आज से, सीमा सुरक्षा और कानून व्यवस्था की करेंगे समीक्षा

कोलकाता, एजेंसियां। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज से पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरे के दौरान उनका मुख्य फोकस सीमा सुरक्षा, कानून व्यवस्था, प्रशासनिक स्थिति और विकास योजनाओं की समीक्षा पर रहेगा।   BSF जवानों से करेंगे मुलाकात   अमित शाह अपने दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वह सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात कर सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। खासतौर पर बांग्लादेश सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।   कानून व्यवस्था और नए आपराधिक कानूनों पर समीक्षा   गृह मंत्री राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति और केंद्र द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा करेंगे। इसके अलावा राज्य प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दे सकते हैं।   विकास परियोजनाओं का भी लेंगे जायजा   अमित शाह के कार्यक्रम में कई विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं। वह BSF से संबंधित परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी कर सकते हैं।   राजनीतिक नजरिए से भी अहम दौरा   अमित शाह का यह बंगाल दौरा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी राजनीतिक रणनीति और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Murshidabad Train Van Accident
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बड़ा हादसा, ट्रेन की चपेट में आई स्कूल वैन; बच्चों समेत कई लोगों की मौत

मुर्शिदाबाद, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया। यहां रेलवे क्रॉसिंग पार कर रही एक स्कूल वैन को यात्री ट्रेन ने जोरदार टक्कर मार दी।    कर्णसुबर्णा रेलवे क्रॉसिंग के पास हुआ हादसा   जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना अजीमगंज-कटवा रेलखंड पर कर्णसुबर्णा स्टेशन और गोविंदापुर रेलवे गेट के बीच हुई। स्कूल वैन बच्चों को लेकर जा रही थी, तभी रेलवे ट्रैक पार करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए।   दो छात्रों समेत तीन लोगों की मौत   हादसे में शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो स्कूली बच्चों समेत कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या चार बताई गई है, जिसमें तीन छात्र शामिल होने की बात कही गई है। कई घायल छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है।   रेलवे ने जांच के आदेश दिए   घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। शुरुआती जांच में रेलवे क्रॉसिंग की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रेलवे की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है।   इलाके में मचा हड़कंप   हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घटना से इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
West Bengal Sand Smuggling
बंगाल में अवैध बालू तस्करी पर मंत्री का सख्त एक्शन, 12 से 14 बालू लदे डंपर पकड़कर पुलिस को सौंपे

बीरभूम, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में अवैध बालू तस्करी के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। कृषि मंत्री और मयूरेश्वर के विधायक दुध कुमार मंडल ने गुरुवार को खुद सड़क पर उतरकर अवैध बालू परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की। मंत्री ने बिना वैध दस्तावेजों के बालू लेकर जा रहे करीब 12 से 14 डंपरों को रोककर पुलिस के हवाले कर दिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में बालू माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया, जबकि स्थानीय लोगों ने मंत्री के कदम का स्वागत किया।   शिकायतों के बाद मंत्री ने संभाली कमान जानकारी के अनुसार, मंत्री को पिछले कई दिनों से अवैध बालू तस्करी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि कई वाहन बिना आवश्यक अनुमति और वैध कागजात के बालू का परिवहन कर रहे हैं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए मंत्री स्वयं सड़क पर पहुंचे और संदिग्ध डंपरों की जांच शुरू कराई। इस दौरान कई वाहनों को रोका गया और दस्तावेजों की जांच में अनियमितता मिलने पर उन्हें तत्काल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।   घटनास्थल पर जुटी भीड़, पुलिस ने संभाला मोर्चा मंत्री की कार्रवाई की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए। कुछ समय के लिए इलाके में तनाव जैसी स्थिति भी बनी, लेकिन पुलिस ने हालात को जल्द ही नियंत्रित कर लिया। पकड़े गए सभी डंपरों की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।   अवैध कारोबार पर नहीं होगी कोई रियायत कृषि मंत्री दुध कुमार मंडल ने स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध बालू खनन और तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को इस अवैध कारोबार पर स्थायी रोक लगाने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई में लापरवाही बरती गई तो और कड़े कदम उठाए जाएंगे। मंत्री की इस पहल के बाद स्थानीय लोगों ने भी अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

anjali kumari जुलाई 16, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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शेयर बाजार में गिरावट, Sensex 71 अंक टूटा; Nifty 24,400 के नीचे बंद

abhishek singh अगस्त 14, 2026 0