नई दिल्ली: फैशन की दुनिया में साल 2026 में डेनिम बरमूडा शॉर्ट्स, जिन्हें जॉर्ट्स भी कहा जाता है, सबसे बड़े स्ट्रीटवियर ट्रेंड के रूप में उभरकर सामने आए हैं। कभी इन्हें स्टाइल करना मुश्किल माना जाता था, लेकिन अब यही परिधान युवाओं से लेकर फैशन प्रेमियों की पहली पसंद बन गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आरामदायक होने के साथ-साथ बेहद स्टाइलिश भी है और इसे अलग-अलग मौकों पर आसानी से पहना जा सकता है। चाहे ऑफिस जाना हो, दोस्तों के साथ आउटिंग, छुट्टियां बितानी हों या शाम की पार्टी, डेनिम बरमूडा शॉर्ट्स हर मौके पर शानदार लुक देते हैं। सही कपड़ों और एक्सेसरीज़ के साथ इन्हें आसानी से कैजुअल या एलिगेंट स्टाइल में बदला जा सकता है। 1. टी-शर्ट के साथ डेनिम बरमूडा शॉर्ट्स अगर आप रोजमर्रा के लिए आरामदायक और स्टाइलिश लुक चाहते हैं, तो मिडी लंबाई वाले डेनिम बरमूडा शॉर्ट्स को फिटेड या ओवरसाइज टी-शर्ट के साथ पहनें। इसके साथ बैले फ्लैट्स, स्नीकर्स या किटन हील्स आपके लुक को और आकर्षक बना सकते हैं। 2. सफेद बरमूडा शॉर्ट्स और ओवरसाइज शर्ट गर्मी के मौसम में ऑफिस या फॉर्मल लुक के लिए सफेद बरमूडा शॉर्ट्स के साथ ओवरसाइज लिनेन या कॉटन शर्ट बेहतरीन विकल्प है। यह स्टाइल सादगी, आराम और एलिगेंस का शानदार मेल है। बैले फ्लैट्स या लोफर्स इस लुक को और निखारते हैं। 3. फेमिनिन टॉप के साथ बरमूडा शॉर्ट्स अगर आप क्लासी और मॉडर्न लुक चाहती हैं, तो डार्क डेनिम बरमूडा शॉर्ट्स के साथ रफल, वन-शोल्डर या फिटेड टॉप पहनें। इसके साथ सैंडल, स्टाइलिश बेल्ट, सनग्लासेस और स्ट्रक्चर्ड बैग आपके पूरे लुक को खास बना देंगे। 4. रंगीन बरमूडा शॉर्ट्स और धारीदार टी-शर्ट सिर्फ नीले डेनिम तक सीमित न रहें। बटर येलो या अन्य हल्के रंगों के बरमूडा शॉर्ट्स इस साल काफी पसंद किए जा रहे हैं। इन्हें धारीदार टी-शर्ट या पोलो टॉप के साथ पहनकर प्रीपी स्टाइल हासिल किया जा सकता है। लोफर्स, फ्लैट सैंडल और बड़ा पेंडेंट इस लुक को पूरा करते हैं। 5. फुटबॉल जर्सी के साथ बरमूडा शॉर्ट्स स्पोर्टी फैशन भी इस साल ट्रेंड में है। हल्के रंग के डेनिम बरमूडा शॉर्ट्स के साथ फुटबॉल जर्सी या शर्ट पहनकर स्पोर्टी-चिक लुक बनाया जा सकता है। इसके साथ आकर्षक स्नीकर्स पूरे लुक को और स्टाइलिश बना देते हैं। आखिर क्यों ट्रेंड में हैं बरमूडा शॉर्ट्स? डेनिम बरमूडा शॉर्ट्स आराम, फैशन और बहुउपयोगिता का बेहतरीन मेल हैं। इन्हें दिन और रात दोनों समय आसानी से पहना जा सकता है। इनकी लंबाई सामान्य शॉर्ट्स की तुलना में अधिक होने के कारण ये अधिक सलीकेदार और मॉडर्न लुक देते हैं। स्टाइलिंग के आसान टिप्स घुटनों के आसपास तक की लंबाई वाले बरमूडा शॉर्ट्स चुनें। ढीले शॉर्ट्स के साथ फिटेड टॉप या शर्ट को टक-इन करके पहनें। बेल्ट, सनग्लासेस और स्टाइलिश बैग से लुक को बेहतर बनाएं। अवसर के अनुसार स्नीकर्स, लोफर्स, सैंडल, बैले फ्लैट्स या किटन हील्स चुनें। कम लेकिन आकर्षक एक्सेसरीज़ पहनें ताकि लुक संतुलित और मॉडर्न दिखे।
अगर आप ऐसी साड़ी की तलाश में हैं जिसे ऑफिस, फैमिली फंक्शन, ब्रंच या वीकेंड आउटिंग हर जगह आसानी से पहना जा सके, तो सॉफ्ट कॉटन साड़ी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। हल्के वजन, आरामदायक फैब्रिक और एवरग्रीन लुक की वजह से ये साड़ियां रोजमर्रा की वॉर्डरोब का अहम हिस्सा बनती जा रही हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें साधारण तरीके से भी स्टाइल किया जा सकता है और एक्सेसरीज़ के साथ आसानी से पार्टी लुक भी दिया जा सकता है। सॉफ्ट कॉटन साड़ी खरीदते समय किन फैब्रिक्स पर दें ध्यान? अलग-अलग फैब्रिक अपनी अलग खूबसूरती और उपयोगिता रखते हैं। अपनी जरूरत के अनुसार इनमें से विकल्प चुन सकते हैं। मलमल (Mulmul): बेहद मुलायम, हल्की और गर्मियों के लिए आदर्श। जामदानी कॉटन: पारंपरिक बुनाई और खूबसूरत टेक्सचर। चंदेरी-कॉटन ब्लेंड: हल्की चमक के साथ एलिगेंट लुक। कोटा कॉटन: पतला, हवादार और बेहद आरामदायक। खादी कॉटन: टेक्सचर वाला फैब्रिक, जो ऑफिस और फॉर्मल लुक के लिए उपयुक्त माना जाता है। रंग और डिजाइन कैसे चुनें? रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए हल्के और क्लासिक रंग सबसे बेहतर माने जाते हैं। सफेद इंडिगो ब्लू हल्का गुलाबी हल्दी पीला पत्तों जैसा हरा मिट्टी जैसा भूरा मदर रेड स्ट्राइप्स, चेक्स और पतले बॉर्डर वाली साड़ियां भी काफी बहुउपयोगी होती हैं और आसानी से अलग-अलग मौकों पर पहनी जा सकती हैं। ब्लाउज से बदल सकता है पूरा लुक एक ही कॉटन साड़ी को अलग-अलग ब्लाउज के साथ पहनकर नया स्टाइल बनाया जा सकता है। मैचिंग ब्लाउज से क्लासिक लुक रिब्ड टैंक टॉप के साथ मॉडर्न स्टाइल कॉलर वाली शर्ट के साथ पावर ड्रेसिंग ब्लैक स्लीवलेस ब्लाउज के साथ ऑफिस से डिनर तक का लुक स्टाइलिंग के आसान टिप्स सिल्वर ज्वेलरी के साथ पहनें। फ्लैट सैंडल या कोल्हापुरी चप्पल चुनें। मिनिमल मेकअप और बिंदी से एथनिक लुक निखारें। हैंडलूम बैग या स्लिंग बैग के साथ स्टाइल पूरा करें। पहली बार खरीद रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान अगर पहली बार कॉटन साड़ी खरीद रहे हैं, तो बहुत ज्यादा स्टार्च वाली या भारी बॉर्डर वाली साड़ियों से बचें। सॉफ्ट कॉटन साड़ियों की खूबसूरती उनकी सहजता और आराम में होती है। समय के साथ ये और भी मुलायम हो जाती हैं और पहनने में ज्यादा आरामदायक महसूस होती हैं।
नई दिल्ली: पिछले कुछ वर्षों में कोरियन फैशन का प्रभाव दुनिया भर में तेजी से बढ़ा है। कपड़ों के बाद अब कोरियन फुटवियर भी फैशन इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना रहा है। साल 2026 में ऐसे कई कोरियन शू ट्रेंड्स सामने आए हैं, जो स्टाइल, कम्फर्ट और मिनिमल डिजाइन का शानदार मेल पेश करते हैं। यही वजह है कि ये फुटवियर फैशन लवर्स की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। अगर आप अपने वॉर्डरोब में ऐसे जूते शामिल करना चाहते हैं जो जींस, स्कर्ट, ड्रेस और कैजुअल आउटफिट्स के साथ आसानी से मैच हो जाएं, तो ये सात कोरियन शू ट्रेंड्स आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। 1. पॉइंटेड-टो प्लेटफॉर्म शूज़ इस साल पॉइंटेड-टो प्लेटफॉर्म शूज़ सबसे चर्चित ट्रेंड्स में शामिल हैं। इनका डिजाइन पारंपरिक कोरियन Beoseon Toe स्टाइल से प्रेरित है, जिसे आधुनिक लुक के साथ तैयार किया गया है। एलिवेटेड टो, इलास्टिक स्ट्रैप और हैंडमेड फिनिश इन्हें बेहद खास बनाते हैं। यह फुटवियर एंकल-लेंथ जींस, मिडी स्कर्ट और सिंपल ड्रेसेज़ के साथ बेहद आकर्षक दिखाई देता है। इसका मिनिमल डिजाइन पूरे लुक को प्रीमियम टच देता है। 2. ब्रिक-रेड मैरी जेन फ्लैट्स मैरी जेन फ्लैट्स ने 2026 में दमदार वापसी की है। ब्रिक-रेड रंग और डायगोनल स्ट्रैप वाला यह डिजाइन क्लासिक स्टाइल को आधुनिक फैशन से जोड़ता है। करीब 3 सेंटीमीटर की लो हील होने के कारण ये पूरे दिन आरामदायक रहते हैं। फ्लोरल स्कर्ट, लिनेन ड्रेस और सॉलिड कलर आउटफिट्स के साथ इनकी स्टाइलिंग बेहतरीन लगती है। 3. ब्राउन वेज हील्स अगर आपको हील्स पहनना पसंद है लेकिन कम्फर्ट भी उतना ही जरूरी है, तो ब्राउन वेज हील्स शानदार विकल्प हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें कई घंटों तक आसानी से पहना जा सकता है। 2026 में ब्राउन शेड सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले रंगों में शामिल है। हल्के रंग के कपड़ों के साथ ये शूज़ पूरे लुक का आकर्षण बन जाते हैं। 4. ब्लैक स्ट्रैपी फ्लैट्स ब्लैक फ्लैट्स हमेशा से फैशन का हिस्सा रहे हैं, लेकिन कोरियन डिजाइन इन्हें बिल्कुल नया रूप देता है। क्रिंकल्ड लेदर, आकर्षक स्ट्रैप्स और क्लासिक डिजाइन इन्हें ऑफिस, कैजुअल आउटिंग, डेट या किसी भी सेमी-फॉर्मल मौके के लिए परफेक्ट बनाते हैं। यह ऐसा फुटवियर है जो लंबे समय तक ट्रेंड में बना रह सकता है। 5. जेली फिनिश थॉन्ग सैंडल Y2K फैशन की वापसी के साथ जेली फिनिश वाली थॉन्ग सैंडल्स भी एक बार फिर लोकप्रिय हो गई हैं। हल्की, रंग-बिरंगी और बेहद आरामदायक ये सैंडल्स समर सीजन, बीच वेकेशन और कैजुअल आउटिंग के लिए शानदार विकल्प हैं। इनका ट्रेंडी लुक युवाओं के बीच खासा पसंद किया जा रहा है। 6. 'अग्ली' क्लॉग्स ओवरसाइज और चंकी फुटवियर का ट्रेंड 2026 में भी जारी है। इसी ट्रेंड का हिस्सा हैं 'अग्ली' क्लॉग्स, जो अपने अलग डिजाइन और बेहतरीन कम्फर्ट के लिए चर्चा में हैं। बैगी जींस, कार्गो पैंट और ओवरसाइज टी-शर्ट के साथ इनकी स्टाइलिंग बेहद आकर्षक लगती है। स्ट्रीट फैशन पसंद करने वालों के लिए यह बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है। 7. हाइब्रिड एथलेटिक शूज़ स्नीकर और स्पोर्ट्स सैंडल का मिश्रण कहे जाने वाले हाइब्रिड एथलेटिक शूज़ उन लोगों के लिए बनाए गए हैं जो स्टाइल के साथ-साथ पूरे दिन आराम भी चाहते हैं। इनमें शानदार ग्रिप, हल्का वजन और ट्रैवल-फ्रेंडली डिजाइन मिलता है। ब्राउन और ऑलिव ग्रीन जैसे अर्थी शेड्स इस साल सबसे ज्यादा ट्रेंड में हैं और लगभग हर तरह के कैजुअल आउटफिट के साथ आसानी से मैच हो जाते हैं। आखिर क्यों बढ़ रही है कोरियन शूज़ की लोकप्रियता? कोरियन फुटवियर की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे कई वजहें हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं— मिनिमल और मॉडर्न डिजाइन प्रीमियम लेदर और बेहतर क्वालिटी स्टाइल के साथ बेहतरीन कम्फर्ट जींस, स्कर्ट, ड्रेसेज़ और ट्राउजर समेत लगभग हर आउटफिट के साथ आसान मैचिंग लंबे समय तक चलने वाली मजबूत क्वालिटी कोरियन फुटवियर की खासियत यह है कि ये सिर्फ फैशनेबल दिखने के लिए नहीं बनाए जाते, बल्कि पूरे दिन आरामदायक अनुभव देने पर भी बराबर ध्यान दिया जाता है। यही वजह है कि 2026 में ये दुनिया भर के फैशन ट्रेंड्स में अपनी मजबूत जगह बना चुके हैं और स्टाइल के साथ कम्फर्ट चाहने वालों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
बारिश का मौसम आते ही फैशन और कम्फर्ट के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में विंडचीटर (Windcheater) इस सीजन का सबसे उपयोगी और स्टाइलिश फैशन पीस बनकर उभरा है। कभी केवल ट्रैकिंग या स्कूल ट्रिप्स तक सीमित रहने वाला विंडचीटर अब हाई-स्ट्रीट और लग्जरी फैशन का अहम हिस्सा बन चुका है। हल्का, मौसम के अनुकूल और स्टाइलिश डिजाइन वाला आधुनिक विंडचीटर न सिर्फ बारिश और हवा से बचाता है, बल्कि आपके पूरे लुक को भी नया आयाम देता है। अगर आप इस मॉनसून अपने वार्डरोब को अपडेट करना चाहती हैं, तो यहां जानिए विंडचीटर को स्टाइल करने के 7 शानदार तरीके। 1. कैप्री पैंट्स के साथ करें पेयर कैप्री पैंट्स एक बार फिर फैशन में वापसी कर रही हैं। क्रॉप्ड विंडचीटर और स्लिम फिट कैप्री का कॉम्बिनेशन बेहद मॉडर्न और आरामदायक लुक देता है। इस लुक को और बेहतर बनाने के लिए: बैले फ्लैट्स पहनें ओवरसाइज्ड सनग्लासेज़ जोड़ें मिनिमल एक्सेसरीज़ रखें यह आउटफिट कैफे डेट, ट्रैवल और कैजुअल आउटिंग के लिए परफेक्ट है। 2. बबल स्कर्ट के साथ बनाएं फन और फैशनेबल लुक अगर आप कुछ अलग ट्राय करना चाहती हैं, तो वॉल्यूमिनस बबल स्कर्ट के साथ टेक्निकल विंडचीटर बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह कॉम्बिनेशन: ट्रेंडी और यंग लुक देता है बारिश के मौसम में प्रैक्टिकल रहता है गैलरी विजिट या वीकेंड आउटिंग के लिए परफेक्ट है स्लीक सैंडल्स और सिंपल हेडबैंड के साथ इसे पूरा किया जा सकता है। 3. डेनिम के साथ क्लासिक कॉम्बिनेशन जब जींस और व्हाइट टी-शर्ट वाला लुक थोड़ा बोरिंग लगने लगे, तब रंगीन विंडचीटर उसे नया जीवन दे सकता है। स्टाइल टिप्स: रेड या ब्राइट कलर विंडचीटर चुनें डेनिम के साथ गोल्ड ज्वेलरी जोड़ें रेन-फ्रेंडली फुटवेयर पहनें यह लुक कैजुअल और स्टाइलिश दोनों दिखाई देता है। 4. शॉर्ट्स के साथ एक्सपेरिमेंट करें बारिश के मौसम में शॉर्ट्स और विंडचीटर का कॉम्बिनेशन बेहद आरामदायक रहता है। आप: प्रिंटेड विंडब्रेकर चुन सकती हैं कॉटन पोलो टी-शर्ट के साथ लेयर कर सकती हैं स्नीकर्स के साथ लुक पूरा कर सकती हैं यह आउटफिट स्ट्रीट स्टाइल और फैशन वीक इंस्पायर्ड वाइब देता है। 5. समर ड्रेस के ऊपर पहनें विंडचीटर बारिश के बावजूद अपनी पसंदीदा समर ड्रेस को अलमारी में बंद करने की जरूरत नहीं है। एक हल्का और रंगीन विंडचीटर: ड्रेस को बारिश से बचाता है आउटफिट में लेयरिंग जोड़ता है स्टाइल और कम्फर्ट दोनों देता है ब्रंच, शॉपिंग या ट्रैवल के लिए यह लुक शानदार रहता है। 6. कुलॉट्स के साथ बनाएं एलिगेंट लुक वाइड और फ्लोई कुलॉट्स के साथ विंडचीटर का कॉम्बिनेशन मॉडर्न फैशन प्रेमियों के लिए बेहतरीन विकल्प है। इस लुक की खासियत: टेक्सचर और सिल्हूट का शानदार संतुलन बारिश के मौसम में आराम ब्लैक मोनोक्रोम स्टाइल में और भी आकर्षक रबर रेन बूट्स इसके साथ शानदार लगते हैं। 7. सलवार-कमीज़ के साथ इंडो-वेस्टर्न ट्विस्ट भारतीय परिधान के साथ विंडचीटर पहनना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सही कलर कॉम्बिनेशन इसे बेहद स्टाइलिश बना सकता है। ध्यान रखें: रंगों का संतुलन बनाए रखें हल्के प्रिंट्स चुनें सिंपल फ्लैट्स और मिनिमल ज्वेलरी पहनें यह लुक पारंपरिक और आधुनिक फैशन का खूबसूरत मेल पेश करता है। क्यों बन गया है विंडचीटर मॉनसून का फैशन स्टार? आज के विंडचीटर पहले जैसे भारी और साधारण नहीं रहे। अब ये: हल्के और सांस लेने योग्य फैब्रिक में आते हैं स्टाइलिश कट और रंगों में उपलब्ध हैं बारिश और हवा दोनों से सुरक्षा देते हैं लगभग हर आउटफिट के साथ आसानी से मैच हो जाते हैं मॉनसून 2026 में विंडचीटर सिर्फ एक जरूरत नहीं, बल्कि फैशन स्टेटमेंट बन चुका है।
गर्मी के मौसम में आरामदायक कपड़ों की बात हो तो शॉर्ट्स हमेशा पसंदीदा विकल्प रहे हैं। लेकिन फैशन की दुनिया में अब शॉर्ट्स केवल कैज़ुअल या बीचवियर तक सीमित नहीं हैं। स्प्रिंग/समर 2026 के रनवे पर कई बड़े फैशन हाउस ने इन्हें नए और लग्जरी अंदाज में पेश किया है। Emporio Armani ने हाई-वेस्टेड टेलर्ड शॉर्ट्स को प्रमोट किया, जबकि Calvin Klein ने पायजामा-इंस्पायर्ड स्टाइल को नया ट्रेंड बनाया। वहीं Dolce & Gabbana, Max Mara और Balmain जैसे ब्रांड्स ने भी शॉर्ट्स को एलिगेंट फैशन स्टेटमेंट के रूप में पेश किया। अगर आप मिनी लेंथ को छोड़ना नहीं चाहतीं, तो 2026 में इन 5 स्टाइलिश तरीकों से शॉर्ट्स को अपने लुक का हिस्सा बना सकती हैं। 1. सैटिन शॉर्ट्स: ग्लैमरस और वर्सेटाइल विकल्प सैटिन या लिंजरी-इंस्पायर्ड शॉर्ट्स इस सीजन का सबसे ट्रेंडी फैशन पीस माने जा रहे हैं। ये दिन और रात दोनों समय आसानी से स्टाइल किए जा सकते हैं। दिन में इन्हें सिंपल टी-शर्ट और बैले फ्लैट्स के साथ पहनें, जबकि शाम के लिए डीप नेक टॉप और हील्स के साथ पेयर कर सकती हैं। इनका सॉफ्ट और लग्जरी लुक इन्हें खास बनाता है। 2. लिनन शॉर्ट्स: कम्फर्ट और क्लास का परफेक्ट कॉम्बिनेशन लिनन शॉर्ट्स 2026 की वॉर्डरोब का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुके हैं। चाहे टेलर्ड कट हो या लंबा डिजाइन, ये गर्मियों में आराम के साथ एलिगेंस भी देते हैं। ब्लाउज, पोलो टी-शर्ट या हल्के फॉर्मल टॉप के साथ इन्हें पहनकर आप ऑफिस मीटिंग या सिटी आउटिंग के लिए भी स्टाइलिश लुक पा सकती हैं। 3. कॉटन शॉर्ट्स: हर मौके के लिए परफेक्ट हल्के कॉटन या सॉफ्ट डेनिम फैब्रिक वाले शॉर्ट्स भी इस सीजन में काफी लोकप्रिय हैं। हाई-वेस्ट, बेल्टेड या ड्रॉस्ट्रिंग डिजाइन वाले शॉर्ट्स पूरे दिन आरामदायक महसूस कराते हैं। इनके साथ बोहो शर्ट्स, ब्लेज़र या समर क्रॉप टॉप का कॉम्बिनेशन बेहद आकर्षक लगता है। 4. डेनिम शॉर्ट्स: हमेशा ट्रेंड में रहने वाला क्लासिक फैशन डेनिम शॉर्ट्स का ट्रेंड कभी पुराना नहीं होता। 2026 में अलग-अलग रंगों और डिजाइन में डेनिम शॉर्ट्स देखने को मिल रहे हैं। ओवरसाइज्ड शर्ट, बेसिक टी-शर्ट और किटन-हील थॉन्ग सैंडल्स के साथ इन्हें स्टाइल करके आप एक चिक और मॉडर्न लुक पा सकती हैं। 5. पैटर्न्ड शॉर्ट्स: रंगों और प्रिंट्स का मजेदार एक्सपेरिमेंट अगर आप अपने लुक में थोड़ा फन और कलर जोड़ना चाहती हैं, तो पैटर्न्ड शॉर्ट्स बेहतरीन विकल्प हैं। पोल्का डॉट्स, फ्लोरल प्रिंट्स, स्ट्राइप्स और लोगो डिजाइनों वाले शॉर्ट्स इस सीजन में खूब पसंद किए जा रहे हैं। ये आपके समर लुक को फ्रेश और प्लेफुल बनाने का काम करते हैं। 2026 का फैशन मंत्र इस साल शॉर्ट्स सिर्फ कैज़ुअल कपड़े नहीं, बल्कि एक एलिवेटेड फैशन स्टेटमेंट बन चुके हैं। सही फैब्रिक, कट और स्टाइलिंग के साथ इन्हें ऑफिस मीटिंग से लेकर डिनर डेट और वेकेशन तक हर मौके पर पहना जा सकता है।
भारत में लंबे समय तक सोना और हीरे की ज्वेलरी महिलाओं के जीवन में विरासत, शादी या किसी खास पारिवारिक समारोह के जरिए आती रही है। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। नई पीढ़ी की महिलाएं किसी गिफ्ट या प्रस्ताव का इंतजार करने के बजाय अपनी मेहनत की कमाई से खुद के लिए फाइन ज्वेलरी खरीद रही हैं। अब ज्वेलरी सिर्फ भावनात्मक या पारिवारिक धरोहर नहीं रह गई है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, उपलब्धि और व्यक्तिगत पसंद का प्रतीक बनती जा रही है। पहली सैलरी से खुद को दे रही हैं खास तोहफा कई युवा महिलाएं अपनी पहली नौकरी या किसी बड़े करियर माइलस्टोन को यादगार बनाने के लिए खुद को ज्वेलरी गिफ्ट कर रही हैं। 24 वर्षीय कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट इंद्राणी भट्टाचार्जी ने अपनी पहली सैलरी से खुद के लिए सोने की अंगूठी खरीदी। उनके मुताबिक, यह अनुभव उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता का अहसास दिलाने वाला था। वहीं 29 वर्षीय कंटेंट राइटर प्राची गोडबोले ने अपनी पहली नौकरी मिलने के बाद खुद को लैब-ग्रोन डायमंड ब्रेसलेट गिफ्ट किया। उनके अनुसार, पहले हीरे सिर्फ सगाई या शादी से जुड़े प्रतीक लगते थे, लेकिन अब वे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं। उपलब्धियों का जश्न बन रही है ज्वेलरी 35 वर्षीय फैशन डिजाइनर दीक्षा जायसवाल ने कई वर्षों तक बचत करने के बाद कोच्चि के एक ज्वेलर से अपने लिए 18 कैरेट गोल्ड और 5 कैरेट रूबी वाली कस्टम रिंग बनवाई। उनका कहना है कि किसी और के गिफ्ट का इंतजार करने के बजाय खुद को यह अवसर देना अपने आप में एक उपलब्धि थी। रिपोर्ट में भी सामने आया नया ट्रेंड BoF-McKinsey State of Fashion 2026 रिपोर्ट के अनुसार, 42 प्रतिशत महिलाएं पहले की तुलना में अब खुद के लिए ज्यादा ज्वेलरी खरीद रही हैं। यह ट्रेंड आने वाले वर्षों में ज्वेलरी इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ग्रोथ ड्राइवर्स में से एक माना जा रहा है। रोजमर्रा की जिंदगी के लिए चुन रही हैं हल्की और उपयोगी ज्वेलरी आज की महिलाएं भारी पारंपरिक गहनों की जगह ऐसी फाइन ज्वेलरी पसंद कर रही हैं, जिन्हें रोजाना पहना जा सके। कई बिजनेस वुमन और प्रोफेशनल महिलाओं का मानना है कि लॉकर में बंद रहने वाले भारी गहनों की बजाय हल्के, स्टाइलिश और बहुउपयोगी डिजाइन ज्यादा व्यावहारिक हैं। लैब-ग्रोन डायमंड बने युवाओं की पसंद महंगे प्राकृतिक हीरों के मुकाबले लैब-ग्रोन डायमंड युवा महिलाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इनकी शुरुआती कीमत 6,000 से 10,000 रुपये के बीच होने के कारण यह एक किफायती विकल्प बनकर उभरे हैं। कई महिलाएं अब अपनी पसंद, जीवन के नए अध्याय या व्यक्तिगत उपलब्धियों को यादगार बनाने के लिए कस्टमाइज्ड रिंग्स और डायमंड ज्वेलरी खरीद रही हैं। ज्वेलरी का बदलता मतलब जहां पहले ज्वेलरी किसी रिश्ते, विरासत या समारोह का प्रतीक होती थी, वहीं अब यह महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत पहचान का हिस्सा बनती जा रही है। अब महिलाएं सिर्फ ज्वेलरी पाने का इंतजार नहीं कर रहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर, अपने समय पर और अपनी कमाई से उसे चुन रही हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सफेद रंग को हमेशा से सादगी, शालीनता और एलिगेंस का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि सफेद रंग के कपड़े हर मौसम और हर अवसर पर फैशन का हिस्सा बने रहते हैं। हालांकि कई लोगों की शिकायत होती है कि सफेद ड्रेस पहनने पर उनका चेहरा फीका या डल दिखाई देता है। फैशन विशेषज्ञों के अनुसार, सही स्टाइलिंग के जरिए सफेद आउटफिट में भी बेहद आकर्षक और ग्लोइंग लुक पाया जा सकता है। स्किन टोन के अनुसार चुनें सही शेड सफेद रंग के कई शेड होते हैं और हर शेड हर स्किन टोन पर एक जैसा नहीं लगता। गेहुंआ या सांवली त्वचा वाले लोगों पर ऑफ-व्हाइट, आइवरी और क्रीम शेड अधिक आकर्षक लगते हैं। वहीं, गोरी त्वचा पर प्योर व्हाइट और स्नो व्हाइट जैसे शेड चेहरे की चमक को और बढ़ाते हैं। फैब्रिक का चुनाव भी है जरूरी व्हाइट आउटफिट का लुक केवल रंग से नहीं बल्कि उसके फैब्रिक से भी प्रभावित होता है। गर्मियों में कॉटन, लिनन और रेयॉन जैसे हल्के और आरामदायक कपड़े बेहतर विकल्प माने जाते हैं। अगर ड्रेस में चिकनकारी, लेस या हल्की एम्ब्रॉयडरी हो तो वह और अधिक स्टाइलिश दिखाई देती है। कंट्रास्ट से बनाएं लुक खास पूरी तरह सफेद लुक की बजाय उसमें कंट्रास्ट जोड़ने से व्यक्तित्व और निखरकर सामने आता है। सफेद शर्ट के साथ ब्लैक ट्राउजर, ऑफ-व्हाइट कुर्ती के साथ डार्क प्लाजो या रंगीन दुपट्टा आपके लुक को अधिक आकर्षक बना सकता है। यह चेहरे को भी बेहतर तरीके से हाईलाइट करता है। मेकअप से बढ़ेगी चेहरे की रौनक सफेद ड्रेस के साथ हल्का लेकिन संतुलित मेकअप बेहद जरूरी है। रेड, बरगंडी, मैरून या हॉट पिंक शेड की लिपस्टिक चेहरे को फ्रेश और ग्लोइंग लुक देती है। हल्का काजल, मस्कारा और सॉफ्ट ब्लश भी चेहरे की खूबसूरती बढ़ाते है। सफेद आउटफिट के साथ सिल्वर, ऑक्सिडाइज्ड या पर्ल ज्वेलरी बेहद खूबसूरत लगती है। वहीं वेस्टर्न लुक के लिए मिनिमल गोल्डन एक्सेसरीज क्लासी टच देती हैं। सही ज्वेलरी, फुटवियर और बैग के साथ आपका व्हाइट लुक और भी स्टाइलिश बन सकता है।
फैशन की दुनिया में Y2K ट्रेंड की वापसी के साथ बैगी जींस एक बार फिर बड़ा स्टाइल स्टेटमेंट बन चुकी हैं। ढीली, आरामदायक और बेहद वर्सेटाइल ये जींस अब सिर्फ कैजुअल पहनावे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्ट्रीट स्टाइल से लेकर लग्जरी फैशन रैंप तक अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। स्प्रिंग-समर 2026 कलेक्शन्स में Chanel, Dior और Bottega Veneta जैसे बड़े फैशन हाउस ने बैगी डेनिम को प्रमुख ट्रेंड्स में शामिल किया है। पहले जहां बैगी जींस को सिर्फ स्नीकर्स के साथ पहना जाता था, वहीं अब फैशन एक्सपर्ट्स इसे लोफर्स, पंप्स, बैलेरिना, किटन हील्स और रबर क्लॉग्स जैसे फुटवियर के साथ स्टाइल कर रहे हैं। इसी वजह से यह ट्रेंड पहले से ज्यादा मॉडर्न और एक्सपेरिमेंटल बन गया है। 1. क्लासिक बैगी जींस के साथ नॉर्मकोर लोफर्स सुपरमॉडल Bella Hadid ने क्लासिक इंडिगो बैगी जींस को लोफर्स और फिटेड ब्लेजर के साथ पहनकर इस ट्रेंड को नया ट्विस्ट दिया है। टैंक टॉप, प्लेड ओवरशर्ट और लेदर ब्लेजर के साथ यह लुक काउबॉय वाइब और सोफिस्टिकेशन का बेहतरीन मिश्रण बन जाता है। 2. लाइट बैगी जींस और फिशनेट बैलेरिना समर 2026 में फिशनेट मैरी जेन बैलेरिना तेजी से ट्रेंड कर रही हैं। इन्हें हल्के नीले बैगी जींस और पेस्टल रफल ब्लाउज के साथ पहनकर सॉफ्ट रोमांटिक लुक तैयार किया जा सकता है। यह आउटफिट कैजुअल होते हुए भी बेहद आकर्षक लगता है। 3. प्रिंटेड बैगी जींस के साथ टू-टोन हील्स अगर आप बोल्ड फैशन स्टेटमेंट चाहती हैं तो प्रिंटेड या बोहेमियन स्टाइल बैगी जींस को टू-टोन हील्स के साथ पहनें। व्हाइट ट्वीड जैकेट और एलीगेंट एक्सेसरीज इस लुक को और ज्यादा क्लासी बनाते हैं। यह स्टाइल आजकल फैशन-फॉरवर्ड महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। 4. फ्रेयड बैगी जींस और किटन हील्स 2000 के दशक से प्रेरित स्टाइलिंग फिर से ट्रेंड में है। फ्रेयड हेम बैगी जींस के साथ लॉन्ग ब्लाउज या मिनी ड्रेस पहनकर किटन हील्स के साथ स्टाइल करना इस सीजन का बड़ा ट्रेंड माना जा रहा है। यह लुक रेट्रो और मॉडर्न फैशन का परफेक्ट मेल है। 5. लाइट बैगी जींस और व्हाइट पंप्स लाइट वॉश बैगी जींस को व्हाइट पॉइंटेड पंप्स और क्रॉप्ड ब्लेजर के साथ पहनना स्प्रिंग-समर 2026 का एलिगेंट स्ट्रीट-स्टाइल फॉर्मूला बन चुका है। यह लुक मिनिमल होने के बावजूद बेहद ग्लैमरस दिखाई देता है। 6. इक्रू ब्लू बैगी जींस और रेड हील्स रॉ ब्लू या इक्रू बैगी जींस के साथ ब्राइट रेड हील्स पहनना इस साल का सबसे स्टैंडआउट ट्रेंड है। सेलर-स्टाइल टॉप्स और स्टेटमेंट हील्स इस आउटफिट को इवनिंग-रेडी बना देते हैं। डेट नाइट या खास मौकों के लिए यह लुक बेहद उपयुक्त माना जा रहा है। 7. क्लासिक बैगी जींस और रबर क्लॉग्स अगर आप आसान और आरामदायक स्टाइल चाहती हैं तो क्लासिक बैगी जींस को व्हाइट टी-शर्ट और रबर क्लॉग्स के साथ पहनें। यह लुक आरामदायक होने के साथ-साथ ट्रेंडी भी लगता है। शॉपिंग, ट्रैवल या वीकेंड आउटिंग के लिए यह सबसे आसान विकल्प है। बैगी जींस अब सिर्फ एक कैजुअल डेनिम ट्रेंड नहीं रह गई हैं। सही फुटवियर और लेयरिंग के साथ इन्हें दिन से रात तक के फैशनेबल लुक में बदला जा सकता है। यही वजह है कि 2026 में भी यह ट्रेंड फैशन प्रेमियों की वार्डरोब में मजबूती से बना हुआ है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।