Yashasvi Jaiswal

Rohit Sharma and Hardik Pandya during a training session before India's ODI series against Afghanistan.
IND vs AFG: रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या की वापसी, विराट कोहली बाहर! अफगानिस्तान के खिलाफ ऐसी हो सकती है भारत की प्लेइंग XI

नई दिल्ली: अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए तैयार है। 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के मद्देनजर यह सीरीज टीम इंडिया के लिए नए खिलाड़ियों को परखने और सही संयोजन तलाशने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। इस बीच भारतीय टीम से जुड़ी बड़ी खबर यह है कि अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली इस सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे, जबकि रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या फिट होकर टीम में वापसी करने के लिए तैयार हैं। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में किसे मिलेगा मौका? विराट कोहली की अनुपस्थिति में युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में टीम प्रबंधन उन्हें शीर्ष क्रम में मौका दे सकता है। रोहित शर्मा फिटनेस टेस्ट पास कर चुके हैं और उनके शुभमन गिल के साथ पारी की शुरुआत करने की उम्मीद है। मिडिल ऑर्डर पर होगी बड़ी जिम्मेदारी मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनके साथ विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल टीम को मजबूती देंगे। हार्दिक पंड्या ऑलराउंडर की भूमिका में टीम का संतुलन बनाएंगे, जबकि वाशिंगटन सुंदर बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकते हैं। कुलदीप यादव संभालेंगे स्पिन विभाग स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी कुलदीप यादव के कंधों पर रहने की संभावना है। उनके साथ वाशिंगटन सुंदर दूसरे स्पिन विकल्प के तौर पर नजर आ सकते हैं। तेज गेंदबाजी विभाग में अर्शदीप सिंह के साथ प्रसिद्ध कृष्णा को मौका मिल सकता है। वहीं युवा खिलाड़ी गुरनूर ब्रार को भी डेब्यू का अवसर मिलने की चर्चा है। अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की संभावित प्लेइंग XI रोहित शर्मा शुभमन गिल यशस्वी जायसवाल श्रेयस अय्यर केएल राहुल (विकेटकीपर) हार्दिक पंड्या वाशिंगटन सुंदर कुलदीप यादव अर्शदीप सिंह गुरनूर ब्रार प्रसिद्ध कृष्णा कप्तानी को लेकर स्थिति रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रेयस अय्यर को सीमित ओवरों में नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, हालांकि अंतिम फैसला टीम प्रबंधन की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। सीरीज पर रहेंगी सभी की नजरें रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या की वापसी, विराट कोहली की गैरमौजूदगी और युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी इस सीरीज को और दिलचस्प बना रही है। टीम इंडिया की नजरें न सिर्फ सीरीज जीतने पर होंगी, बल्कि भविष्य के लिए मजबूत संयोजन तैयार करने पर भी रहेंगी।  

surbhi जून 10, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi touches Sanjiv Goenka’s wife’s feet after explosive IPL innings for Rajasthan Royals
विस्फोटक पारी के बाद वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल, संजीव गोयनका की पत्नी के पैर छूकर लिया आशीर्वाद

Vaibhav Suryavanshi ने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और संस्कार से भी क्रिकेट फैंस का दिल जीत लिया। Rajasthan Royals और Lucknow Super Giants के बीच खेले गए अहम मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों में 93 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 10 छक्के और 7 चौके शामिल रहे। वैभव की इस धमाकेदार पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 220 रनों का बड़ा लक्ष्य 19.1 ओवर में हासिल कर लिया और मुकाबला 7 विकेट से अपने नाम कर लिया। लेकिन मैच खत्म होने के बाद जो दृश्य देखने को मिला, उसने सोशल मीडिया पर अलग ही चर्चा छेड़ दी। मैच के बाद दिखे वैभव के संस्कार मुकाबला खत्म होने के बाद Sanjiv Goenka खुद मैदान पर पहुंचे और वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी की तारीफ की। इसी दौरान जब संजीव गोयनका की पत्नी वहां पहुंचीं, तो वैभव ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया और फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह पल कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल media पर वायरल हो गया। फैंस वैभव की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और सम्मान की खूबसूरत मिसाल बताया। राजस्थान की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ की रेस में खुद को मजबूती से बनाए रखा है। टीम फिलहाल अंक तालिका में चौथे स्थान पर बनी हुई है। लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव के अलावा Dhruv Jurel ने नाबाद 53 रन और Yashasvi Jaiswal ने 43 रनों की अहम पारी खेली। अब राजस्थान के लिए अगला मुकाबला बेहद अहम होने वाला है। टीम को 24 मई को Mumbai Indians के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, तभी प्लेऑफ का टिकट लगभग पक्का हो सकेगा। सोशल मीडिया पर छाए वैभव वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के साथ-साथ उनका व्यवहार भी चर्चा का विषय बन गया है। क्रिकेट फैंस का मानना है कि इतनी कम उम्र में मैदान पर आक्रामक खेल और मैदान के बाहर विनम्रता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Yashasvi Jaiswal
डोप टेस्ट मिस करने पर मुश्किल में यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के दो युवा सितारे यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा डोप टेस्ट से जुड़े मामले में मुश्किलों में घिर गए हैं। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने दोनों खिलाड़ियों को डोप टेस्ट के लिए तय स्थान पर मौजूद नहीं रहने के कारण नोटिस जारी किया है। एजेंसी ने इसे “वेयर अबाउट फेल्योर” के तहत मिस टेस्ट माना है।   तय स्थान पर नहीं मिले खिलाड़ी जानकारी के मुताबिक, NADA के डोप कंट्रोल अधिकारी 17 दिसंबर 2025 को यशस्वी जायसवाल का सैंपल लेने पहुंचे थे, लेकिन वह निर्धारित स्थान पर नहीं मिले। वहीं, शेफाली वर्मा का डोप टेस्ट 7 नवंबर 2025 को होना था, लेकिन वह भी तय समय पर मौजूद नहीं थीं। दोनों खिलाड़ी रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (RTP) का हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें अपने ठिकाने और समय की जानकारी पहले से देनी होती है।   क्या होता है वेयर अबाउट फेल्योर? डोप टेस्ट यह जांचने के लिए किया जाता है कि किसी खिलाड़ी ने प्रतिबंधित दवा या सप्लीमेंट का सेवन तो नहीं किया। RTP में शामिल खिलाड़ियों को अपने लोकेशन की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करनी होती है, ताकि अधिकारी किसी भी समय सैंपल ले सकें। अगर खिलाड़ी तय स्थान पर नहीं मिलता, तो उसे “मिस टेस्ट” माना जाता है।   दो साल के बैन का खतरा NADA ने दोनों खिलाड़ियों को सफाई देने का एक और मौका दिया है। हालांकि, अगर किसी खिलाड़ी के खिलाफ 12 महीनों में तीन बार मिस टेस्ट रिकॉर्ड हो जाएं, तो इसे एंटी डोपिंग नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में खिलाड़ी पर दो साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।   फिलहाल खेल में सक्रिय हैं दोनों खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल इस समय आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे हैं, जबकि शेफाली वर्मा दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय महिला टीम का हिस्सा हैं।

Unknown मई 9, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi smashing a massive six during IPL 2026 for Rajasthan Royals
वैभव सूर्यवंशी का तूफान: 15 साल का ‘वंडर बॉय’ बदल सकता है IPL का इतिहास, क्रिस गेल का महारिकॉर्ड खतरे में

आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स का 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi अपने धमाकेदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को हैरान कर रहा है। जिस आक्रामक अंदाज में वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह इस सीजन में आईपीएल इतिहास के कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वैभव ने महज 16 गेंदों में 43 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 3 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि दिग्गजों के रिकॉर्ड पर भी खतरे की घंटी बजा दी है। क्रिस गेल का ‘महारिकॉर्ड’ खतरे में आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड Chris Gayle के नाम है, जिन्होंने 2012 में 59 छक्के लगाए थे। लेकिन इस सीजन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 9 मैचों में ही 37 छक्के जड़ दिए हैं। उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह रिकॉर्ड अब ज्यादा दूर नहीं लगता। वहीं Abhishek Sharma का 2024 में 42 छक्कों का आंकड़ा भी खतरे में है, जिसे वैभव जल्द पार कर सकते हैं। दुनिया के टॉप गेंदबाज भी नहीं बच पाए वैभव की बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनका निडर रवैया है। उन्होंने Jasprit Bumrah और Josh Hazlewood जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ भी आक्रामक खेल दिखाया है। उनका आत्मविश्वास और बड़े शॉट खेलने की क्षमता उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाती है। रिकॉर्डतोड़ स्ट्राइक रेट और ऑरेंज कैप की दौड़ वैभव सूर्यवंशी इस सीजन 238.10 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट और 44.44 की औसत से रन बना रहे हैं। वह ऑरेंज कैप की रेस में भी सबसे आगे चल रहे हैं। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के पहले बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने एक ही सीजन में 230+ के स्ट्राइक रेट से 400 रन का आंकड़ा पार किया है। RR के लिए गेम-चेंजर बनते वैभव Yashasvi Jaiswal के साथ उनकी साझेदारी राजस्थान रॉयल्स के लिए इस सीजन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। दोनों की आक्रामक शुरुआत ने टीम को कई मैचों में मजबूत स्थिति दिलाई है। IPL में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के (Top Records) 59 – क्रिस गेल (2012) 52 – आंद्रे रसेल (2019) 51 – क्रिस गेल (2013) 44 – क्रिस गेल (2011) 42 – अभिषेक शर्मा (2024)

surbhi अप्रैल 30, 2026 0
Young cricketer Vaibhav Suryavanshi hitting sixes against Jasprit Bumrah in IPL 2026 match
15 साल के वैभव सूर्यवंशी का धमाका, बुमराह पर बरसे 5 छक्के – IPL में मचा तहलका

आईपीएल 2026 में एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया के दिग्गज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी चौंका दिया। महज 15 साल के इस युवा खिलाड़ी ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने मैच का रुख ही बदल दिया। गुवाहाटी में दिखा तूफानी खेल राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए इस मुकाबले में शुरुआत से ही राजस्थान का दबदबा रहा। बारिश के कारण मैच 11 ओवर का कर दिया गया, लेकिन इस छोटे मुकाबले में भी बड़े रिकॉर्ड बन गए। वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 14 गेंदों में 39 रन ठोक दिए, जिसमें 5 शानदार छक्के शामिल थे। खास बात यह रही कि उन्होंने बुमराह की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए। जायसवाल के साथ मिलकर मचाया कहर यशस्वी जायसवाल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 32 गेंदों में नाबाद 77 रन बनाए। दोनों की जोड़ी ने मिलकर सिर्फ 5 ओवर में 80 रन जोड़ दिए और टीम को 11 ओवर में 150 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। मुंबई की टीम रही बेबस 151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम कभी मैच में वापसी नहीं कर पाई और 9 विकेट खोकर सिर्फ 123 रन ही बना सकी। तीन मैच में वैभव का प्रदर्शन CSK के खिलाफ: 17 गेंद में 52 रन GT के खिलाफ: 18 गेंद में 31 रन MI के खिलाफ: 14 गेंद में 39 रन क्यों खास है ये पारी? इतनी कम उम्र में दुनिया के टॉप गेंदबाज के खिलाफ इस तरह की बल्लेबाजी ने वैभव सूर्यवंशी को रातों-रात स्टार बना दिया है। उनकी निडर बल्लेबाजी ने यह दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद मजबूत है।  

surbhi अप्रैल 8, 2026 0
IPL 2026
IPL-26 वैभव और जायसवाल के तूफान में उड़ी मुंबई, राजस्थान ने 27 रन से हराया

गुवाहाटी, एजेंसियां। राजस्थान रॉयल्स (RR) ने IPL-2026 के 13वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) को 27 रन से हरा दिया। मंगलवार को मिली इस जीत से रॉयल्स की टीम 19वें सीजन की पॉइंट्स टेबल के टॉप पर आ गई है। टीम ने लगातार तीसरा मैच जीता है। वहीं, मुंबई लगातार दूसरा मैच हारी है। बारिश से बाधित मैच में वैभव-जायसवाल की आंधी गुवाहाटी में बारिश के कारण मैच ढाई घंटे की देरी से शुरू हुआ। इसे 11-11 ओवर का कर दिया गया था। टॉस हारकर बैटिंग कर रही राजस्थान ने तीन विकेट पर 150 रन बनाए। जवाब में मुंबई 9 विकेट पर 123 रन ही बना सकी। यशस्वी जायसवाल प्लेयर ऑफ द मैच रहे। उन्होंने अर्धशतकीय पारी खेली।  जायसवाल की फिफ्टी, वैभव के साथ 80 रन जोड़े राजस्थान की ओर से यशस्वी जायसवाल ने 32 बॉल पर 77 रनों की पारी खेली। उन्होंने 10 चौके और 4 छक्के लगाए। वहीं, वैभव सूर्यवंशी ने 14 बॉल पर 39 रन बनाए। दोनों ने 80 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप की। राजस्थान के 76 प्रतिशत रन सिर्फ बाउंड्री से आये।

Unknown अप्रैल 8, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Deepshikha जून 5, 2026 0