लॉर्ड्स, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में हार के बाद भारतीय गेंदबाज़ी पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। निर्णायक मुकाबले में इंग्लैंड ने 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और पूरी सीरीज में भारतीय गेंदबाज़ लगातार दबाव में नजर आए। तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में डेथ ओवरों की गेंदबाज़ी और नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता दोनों में कमी साफ दिखाई दी। इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों ने किया जमकर प्रहार पूरी सीरीज में इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों ने भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए रखा। तीसरे वनडे में बेन डकेट (141), जैकब बेथेल (91) और जो रूट (नाबाद 74) ने बड़ी पारियां खेलीं। भारतीय गेंदबाज़ शुरुआती विकेट लेने में नाकाम रहे और बीच के ओवरों में भी रनगति पर लगाम नहीं लगा सके। डेथ ओवरों में बढ़ी मुश्किलें विश्लेषकों का मानना है कि भारत की सबसे बड़ी कमजोरी डेथ ओवरों में सामने आई, जहां इंग्लैंड ने लगातार तेजी से रन बटोरे। आखिरी 10 ओवरों में भारतीय गेंदबाज़ न तो रन रोक पाए और न ही नियमित अंतराल पर विकेट निकाल सके, जिससे विपक्षी टीम बड़े स्कोर तक पहुंच गई। बुमराह की कमी पर हुई चर्चा पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ की अनुपस्थिति ने भारतीय आक्रमण को कमजोर किया। नई गेंद से स्विंग, बीच के ओवरों में नियंत्रण और डेथ ओवरों की सटीक यॉर्कर की कमी पूरी सीरीज में महसूस हुई। आगे सुधार की चुनौती सीरीज हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन अब गेंदबाज़ी संयोजन की समीक्षा करेगा। आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों को देखते हुए डेथ ओवरों की रणनीति, अतिरिक्त तेज़ गेंदबाज़ों की तैयारी और बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करना टीम की प्राथमिकता माना जा रहा है।
रांची। हर साल 16 जुलाई को दुनिया भर में विश्व सर्प दिवस (World Snake Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों में सांपों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनसे जुड़े भ्रम दूर करना और पर्यावरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को समझाना है। झारखंड जैसे राज्यों में, जहां मानसून के दौरान सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, यह दिन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से अप्रैल 2026 तक झारखंड में स्नेकबाइट के 9,438 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान कई लोगों की जान भी गई है। हर साल बढ़ रहे हैं स्नेकबाइट के मामले स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2022 में 392, 2023 में 1,647, 2024 में 2,760 और 2025 में 4,078 स्नेकबाइट के मामले दर्ज किए गए। अप्रैल 2026 तक ही 561 मामले सामने आ चुके हैं। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और चिकित्सकों को केंद्र सरकार की स्नेकबाइट उपचार संबंधी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। झारखंड में 40 से 50 प्रजाति के सांप वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक झारखंड में 40 से 50 प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं। इनमें इंडियन कोबरा (नाग), कॉमन करैत, बैंडेड करैत, रसेल वाइपर और बांस पिट वाइपर प्रमुख विषैले सांप हैं। वहीं धामिन, ग्रीन वाइन स्नेक और वुल्फ स्नेक जैसी कई प्रजातियां विषहीन हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश सांप इंसानों पर हमला नहीं करते और वे पर्यावरण में चूहों व अन्य कीटों की संख्या नियंत्रित कर पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। सांप काटने पर झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल जाएं डॉक्टरों का कहना है कि सांप काटने की स्थिति में घबराने के बजाय मरीज को शांत रखें और जितनी जल्दी हो सके अस्पताल पहुंचाएं। प्रभावित अंग को स्थिर रखें, रस्सी या कपड़ा कसकर न बांधें और झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय समय पर एंटी स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध कराना सबसे प्रभावी इलाज है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
कार्डिफ, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला गुरुवार को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान में खेला जाएगा। पहला मुकाबला छह विकेट से जीतकर टीम इंडिया सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी है। अब भारतीय टीम की नजर इंग्लैंड के खिलाफ लगातार चौथी वनडे सीरीज जीतने पर होगी। भारत ने इससे पहले 2021 में घरेलू मैदान पर 2-1, 2022 में इंग्लैंड में 2-1 और 2025 में भारत में 3-0 से सीरीज अपने नाम की थी। कार्डिफ में शानदार रहा है भारत का रिकॉर्ड कार्डिफ में भारतीय टीम का रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। टीम इंडिया को इस मैदान पर आखिरी वनडे हार 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ मिली थी। इसके बाद भारत ने यहां 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका को हराया, जबकि 2014 में इंग्लैंड को 133 रन से शिकस्त दी थी। ऐसे में भारतीय टीम आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी। गिल, अक्षर और बुमराह पर रहेंगी नजरें कप्तान शुभमन गिल शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने इस साल सात वनडे मैचों में 453 रन बनाए हैं और पहले वनडे में भी 80 रनों की कप्तानी पारी खेली थी। हालांकि उन्हें हल्की चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा था, लेकिन दूसरे मुकाबले में उनके खेलने की उम्मीद है। वहीं अक्षर पटेल ने पहले मैच में नाबाद अर्धशतक लगाने के साथ चार विकेट भी झटके थे। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी से भारतीय गेंदबाजी और मजबूत हुई है, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा भी लगातार विकेट निकाल रहे हैं। इंग्लैंड वापसी की कोशिश में इंग्लैंड की उम्मीदें अनुभवी बल्लेबाज जो रूट पर टिकी होंगी, जिन्होंने पहले वनडे में नाबाद 76 रन बनाए थे। कप्तान हैरी ब्रूक की टीम गेंदबाजी संयोजन में बदलाव कर चौथे तेज गेंदबाज को मौका दे सकती है। पिच और मौसम बल्लेबाजी के अनुकूल सोफिया गार्डन्स की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना है, लेकिन बाद में बल्लेबाजी आसान हो जाती है। पिछले वर्षों में यहां लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। मौसम साफ रहने और बारिश की संभावना नहीं होने से पूरे 50 ओवर का मुकाबला होने की उम्मीद है। भारत इस मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।
बर्मिंघम, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेला जाएगा। टी20 सीरीज में 0-4 की करारी हार झेलने के बाद भारतीय टीम अब वनडे फॉर्मेट में दमदार वापसी के इरादे से मैदान में उतरेगी। कप्तान शुभमन गिल के सामने टीम का आत्मविश्वास लौटाने के साथ-साथ सीरीज में बढ़त हासिल करने की चुनौती होगी। रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से बढ़ी ताकत वनडे सीरीज में टीम इंडिया को अपने अनुभवी खिलाड़ियों का साथ मिलेगा। रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह की वापसी से भारतीय टीम काफी मजबूत नजर आ रही है। मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर और केएल राहुल पर बड़ी जिम्मेदारी होगी, जबकि गेंदबाजी में बुमराह, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। इंग्लैंड भी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगा दूसरी ओर, इंग्लैंड टी20 सीरीज की शानदार जीत के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा। टीम की कमान हैरी ब्रूक के हाथों में होगी, जबकि जोस बटलर, जैकब बेथेल और जो रुट जैसे खिलाड़ी बल्लेबाजी को मजबूती देंगे। मेजबान टीम की कोशिश होगी कि वनडे सीरीज की शुरुआत भी जीत के साथ की जाए। विश्व कप की तैयारी के लिहाज से अहम सीरीज यह वनडे सीरीज दोनों टीमों के लिए आगामी आईसीसी वनडे विश्व कप की तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जा रही है। भारत जहां टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड अपनी जीत की लय को बरकरार रखते हुए सीरीज में शुरुआती बढ़त हासिल करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हुई है जो भारतीय समयानुसार 3:30 PM से खेला जायेगा।
मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट पूरे करते हुए यह मुकाम हासिल करने वाले भारत के पहले स्पिनर बनने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ अक्षर अब भारत के उन चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 या उससे अधिक विकेट लिए हैं। हैरी ब्रूक का विकेट लेकर पूरा किया शतक अक्षर पटेल ने इंग्लैंड की पारी के दौरान खतरनाक बल्लेबाज हैरी ब्रूक को आउट कर अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया। इस विकेट के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। अक्षर से पहले कोई भी भारतीय स्पिनर टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 विकेट के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया था। भारत के चौथे गेंदबाज बने इस उपलब्धि के साथ अक्षर पटेल टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट लेने वाले भारत के चौथे गेंदबाज बन गए। उनसे पहले यह कारनामा तेज गेंदबाजों हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह कर चुके हैं। अब अक्षर इस विशिष्ट सूची में शामिल होने वाले पहले भारतीय स्पिनर हैं। हार के बीच भी यादगार रहा दिन हालांकि भारत को दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अक्षर पटेल की यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार बन गई। क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी निरंतरता और सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन की सराहना की है।
दुबई, एजेंसियां। इंग्लैंड के हैरी ब्रूक ICC टेस्ट बैटर रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने करियर में दूसरी बार यह पोजिशन हासिल की है। बुधवार को जारी रैंकिंग में उन्होंने इंग्लैंड के ही जो रूट को पीछे छोड़ा। ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड दूसरे और जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा हुआ है। वे 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में 126 रन की पारी खेली थी। ब्रूक को अर्धशतक का फायदा मिला न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट में ब्रूक ने अर्धशतक जड़ा था। इंग्लैंड ने यह मैच 115 रनों से जीता। इस प्रदर्शन का फायदा ब्रूक को रैंकिंग में मिला। दिसंबर 2024 में भी हैरी ब्रूक पहली बार नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बने थे। ट्रेविस हेड दूसरे स्थान पर पहुंचे लॉर्ड्स टेस्ट में जो रूट का बल्ला शांत रहा था। वे दोनों पारियों में 1 और 8 रन ही बना सके। इस प्रदर्शन के चलते रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड अब दुनिया के दूसरे नंबर के टेस्ट बल्लेबाज बन गए हैं। भारतीय स्टार शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा ताजा रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों को भी फायदा हुआ है। अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जड़ने वाले शुभमन गिल दो पायदान ऊपर चढ़कर आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के बेन डकेट तीन स्थान के सुधार के साथ 15वें नंबर पर आ गए हैं। जेमी स्मिथ 5 पायदान चढ़कर 23वें और न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स 15 स्थान चढ़कर 40वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में गस एटकिंसन की टॉप-10 में एंट्री बॉलर्स में भारत के जसप्रीत बुमराह नंबर 1 पोजिशन पर कायम हैं। लॉर्ड्स टेस्ट की आखिरी पारी में 30 रन देकर 5 विकेट लेने वाले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को फायदा हुआ है। वे टेस्ट रैंकिंग में 7 पायदान ऊपर चढ़कर 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वे ऑलराउंडर्स की लिस्ट में भी दो स्थान के सुधार के साथ छठे नंबर पर आ गए हैं। लंबे ब्रेक के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे काइल जैमीसन 22वें और ओली रॉबिन्सन 23वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि नाथन स्मिथ 16 पायदान चढ़कर 43वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे रैंकिंग: पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर ICC की ताजा वनडे (ODI) रैंकिंग में भी बड़े बदलाव हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद ने 6 विकेट चटकाए, जिससे वे वनडे गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। शाहीन शाह अफरीदी भी 7 विकेट लेने के बाद चार पायदान चढ़कर 9वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के नाथन एलिस 13 स्थान के सुधार के साथ 31वें नंबर पर पहुंच गए हैं। मीरपुर वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 विकेट लेने वाले बांग्लादेश के नाहिद राणा 23 पायदान चढ़कर 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे बल्लेबाजों में श्रीलंका के कुसल मेंडिस 12वें, जनिथ लियानगे 22वें और बांग्लादेश के तंजीद हसन 33वें स्थान पर पहुंच गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।