मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज

Gold Silver Rate
Gold Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल, खरीदारी से पहले जानें ताजा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। पिछले सप्ताह लगातार गिरावट के बाद सोमवार को दोनों कीमती धातुओं ने मजबूती के साथ कारोबार किया। ऐसे में गहनों की खरीदारी या सोने-चांदी में निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए ताजा भाव जानना जरूरी हो गया है।   मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज  मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में 294 रुपये (0.21 प्रतिशत) की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद इसकी कीमत 1,41,200 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी में और अधिक तेजी देखने को मिली। चांदी के वायदा भाव 1,618 रुपये (0.75 प्रतिशत) बढ़कर 2,18,021 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करते दिखाई दिए।   घरेलू खुदरा बाजार में भी कीमतों में तेजी का असर साफ नजर आया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, चांदी का खुदरा भाव 2,16,110 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और ज्वेलर्स के मार्जिन के कारण कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।   बाजार विशेषज्ञों का क्या है कहना  बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई आर्थिक और भू-राजनीतिक कारणों ने सोने-चांदी की मांग को बढ़ाया है। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, वैश्विक महंगाई की चिंता, आर्थिक मंदी की आशंका और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है। सोना परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए वैश्विक अस्थिरता के दौर में इसकी मांग बढ़ जाती है।   विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को खरीदारी से पहले ताजा बाजार भाव की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Gold-Silver Price
सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, खरीदारी का सुनहरा मौका

नई दिल्ली, एजेंसियां। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार को सोना करीब एक प्रतिशत और चांदी दो प्रतिशत से अधिक टूट गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमती धातुओं पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बना हुआ है, हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह खरीदारी का अवसर भी हो सकता है।   एमसीएक्स पर सोना और चांदी में तेज गिरावट एमसीएक्स पर अगस्त वायदा सोना सुबह मामूली कमजोरी के साथ 1,46,566 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, लेकिन दिन में बिकवाली बढ़ने से यह करीब 1,566 रुपये गिरकर 1,45,351 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। वहीं सितंबर वायदा चांदी 1,999 रुपये की गिरावट के साथ 2,34,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली और कारोबार के दौरान 5,296 रुपये यानी 2.24 प्रतिशत टूटकर 2,30,803 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल गई।   वैश्विक बाजार और विशेषज्ञों की राय अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी का असर देखने को मिला। कॉमेक्स पर सोना 4,141 डॉलर प्रति औंस और चांदी 61.41 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती रही। कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, सोने के लिए 1,45,000 रुपये का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह 1,46,500 से 1,47,000 रुपये के रेजिस्टेंस जोन को पार करता है, तो कीमतें 1,48,000 रुपये तक पहुंच सकती हैं। वहीं चांदी के लिए 2,32,000 रुपये के नीचे बंद होना और कमजोरी का संकेत माना जा रहा है।   प्रमुख शहरों में बदले दाम, कच्चा तेल चढ़ा इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग शहरों में 22 और 24 कैरेट सोने तथा चांदी की खुदरा कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। ब्रेंट क्रूड करीब एक प्रतिशत बढ़कर 72.77 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 69.32 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और डॉलर की चाल आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेगी।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
Gold Silver Rate
जुलाई के पहले दिन सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली, एजेंसियां। जुलाई महीने की शुरुआत सर्राफा बाजार में गिरावट के साथ हुई है। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का असर घरेलू बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) दोनों पर देखने को मिला। शादी-ब्याह के सीजन के बीच आई इस नरमी से ग्राहकों को राहत मिली है, जबकि निवेशक बाजार की अगली चाल पर नजर बनाए हुए हैं।   एमसीएक्स पर सोना-चांदी में तेज गिरावट एमसीएक्स पर सुबह के कारोबार में अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1.08 फीसदी से अधिक टूटकर 1,40,998 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 2.24 फीसदी की गिरावट के साथ 2,23,451 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकवाली के कारण घरेलू कीमतों पर दबाव बना हुआ है।   देशभर में खुदरा कीमतों में भी नरमी इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता समेत देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला। वहीं खुदरा बाजार में चांदी का भाव करीब 2,24,460 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जबकि कुछ बाजारों में इसकी कीमत 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक रही।   खरीदारों के लिए अच्छा अवसर, विशेषज्ञों की सलाह बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहा है तो मौजूदा गिरावट उसके लिए अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार में ताजा भाव की जानकारी लेना, हॉलमार्क की जांच करना और केवल विश्वसनीय जौहरियों से ही खरीदारी करना जरूरी है। इससे ग्राहकों को सही गुणवत्ता और उचित कीमत का लाभ मिल सकेगा।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
Gold Silver Price Update
Gold-Silver Price: भू-राजनीतिक तनाव घटते ही सोना-चांदी हुए सस्ते

नई दिल्ली, एजेंसियां। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेत मिलते ही सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) माने जाने वाले सोना और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों में कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला, जिससे निवेशकों के बीच मुनाफावसूली बढ़ गई।   सोने में 2.35 फीसदी, चांदी में 3.58 फीसदी की गिरावट   एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद भाव 1,49,309 रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर दिन के दौरान 1,45,800 रुपये तक पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में यह करीब 2.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,45,802 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, जुलाई डिलीवरी वाली चांदी में भी तेज कमजोरी रही। चांदी का भाव 8,515 रुपये यानी 3.58 प्रतिशत टूटकर 2,29,057 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसका निचला स्तर 2,28,800 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।   वैश्विक बाजार में भी दबाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। कॉमेक्स गोल्ड करीब 2.4 प्रतिशत फिसलकर 4,141 डॉलर के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि कॉमेक्स सिल्वर में 4.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 63.45 डॉलर के आसपास ट्रेड करता दिखा।   विशेषज्ञ बोले- लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, डॉलर की मजबूती, तेल की बढ़ती कीमतों और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। हालांकि उनका मानना है कि यह गिरावट बाजार की सामान्य चाल का हिस्सा है, न कि किसी बुनियादी कमजोरी का संकेत।   विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय के निवेशकों के लिए सोना अब भी एक महत्वपूर्ण निवेश विकल्प बना हुआ है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, केंद्रीय बैंकों की लगातार सोने की खरीद और बढ़ते सरकारी कर्ज को देखते हुए आने वाले वर्षों में कीमती धातुओं की अहमियत बरकरार रह सकती है।

abhishek singh जून 19, 2026 0
Gold Silver Rate
सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, तीन दिन की तेजी पर लगा ब्रेक

नई दिल्ली, एजेंसियां। नई दिल्ली में लगातार तीन दिनों से जारी सोने और चांदी की तेजी पर अब ब्रेक लग गया है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में नरमी और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से जुड़ी खबरों के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है, जिससे कीमती धातुओं के दामों में गिरावट दर्ज की गई है।   वायदा बाजार में नरमी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत आज गिरावट के साथ हुई। जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी की कीमत करीब 0.5% गिरकर 2,50,001 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, जबकि अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना भी हल्की कमजोरी के साथ 1,52,842 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सुरक्षित निवेश की मांग में कमी के चलते कीमतों पर दबाव बना है।   शहरों में अलग-अलग रेट देश के विभिन्न शहरों में सोने की कीमतों में स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण अंतर देखने को मिला। दक्षिण भारत के तिरुवनंतपुरम में सोना सबसे महंगा रहा, जहां 24 कैरेट सोना 1,53,280 रुपये और 22 कैरेट 1,40,507 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। चेन्नई भी महंगे शहरों में शामिल रहा। इसके विपरीत, राजधानी दिल्ली में सोना सबसे सस्ता रहा, जहां 24 कैरेट सोना 1,52,470 रुपये और 22 कैरेट 1,39,764 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध रहा। मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी कीमतें लगभग समान स्तर पर दर्ज की गईं।   चांदी की कीमत स्थिर देशभर में चांदी का खुदरा भाव लगभग स्थिर रहा और यह 2,50,260 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता दिखा। बाजार में फिलहाल सीमित उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिससे निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।   आगे बाजार की दिशा पर नजर विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। वैश्विक बाजार अब अमेरिका-ईरान वार्ता के अंतिम परिणाम और केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों पर नजर बनाए हुए हैं। इन्हीं कारकों के आधार पर आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय होगी।

abhishek singh जून 16, 2026 0
Gold Silver Price
सोना-चांदी हुआ सस्ता, खरीदारों के लिए सुनहरा मौका

नई दिल्ली, एजेंसियां।  सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मंगलवार, 9 जून 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, मध्य पूर्व में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते कीमती धातुओं के दाम दबाव में रहे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इजरायल-ईरान के बीच बने नाजुक युद्धविराम, बढ़ती महंगाई और ऊंची ब्याज दरों की आशंकाओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसका असर सीधे सोने और चांदी की कीमतों पर देखने को मिला। एमसीएक्स पर लाल निशान में कारोबार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना 388 रुपये टूटकर 1,53,396 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी 2,457 रुपये की गिरावट के साथ 2,43,932 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। गौरतलब है कि पिछले कारोबारी सत्र में भी सोने में 2 प्रतिशत से अधिक और चांदी में करीब 7 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका असर आज भी बाजार में दिखाई दिया। खुदरा बाजार में भी नरमी हाजिर बाजार में चांदी की खुदरा कीमत 2,45,960 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। वहीं देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में भी 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव में कमी देखी गई। हालांकि स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्कों के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। निवेशकों को सावधानी की सलाह विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक हालात स्थिर नहीं होते और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले आधिकारिक बाजार दरों और आईबीजेए (IBJA) के भाव की जांच करने की सलाह दी गई है।

Unknown जून 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 30, 2026 0