वैभव सूर्यवंशी

Yuvraj Singh, Vaibhav Suryavanshi, Abhishek Sharma
युवराज सिंह ने वैभव सूर्यवंशी को दिया नया नाम, बोले- 'मैं टर्मिनेटर, अभिषेक टर्मिनेटर-4 और वैभव टर्मिनेटर-6'

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने वैभव की आक्रामक बल्लेबाज़ी से प्रभावित होकर उन्हें नया नाम "टर्मिनेटर-6" दिया। युवराज ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में अब निडर बल्लेबाज़ों की नई पीढ़ी तैयार हो चुकी है और वैभव उनमें सबसे खास खिलाड़ियों में से एक हैं।   'मैं टर्मिनेटर, अभिषेक टर्मिनेटर-4 और वैभव टर्मिनेटर-6'   युवराज सिंह ने मजाकिया अंदाज़ में कहा, "मैं टर्मिनेटर हूं, अभिषेक शर्मा टर्मिनेटर-4 हैं और वैभव सूर्यवंशी टर्मिनेटर-6 हैं।" उन्होंने कहा कि आज के युवा बल्लेबाज़ पहले से कहीं अधिक आक्रामक और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं तथा किसी भी गेंदबाज़ के खिलाफ खुलकर खेलने से नहीं डरते।   वैभव के उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी   युवराज ने वैभव सूर्यवंशी को "भविष्य का बड़ा खिलाड़ी" बताते हुए कहा कि वह बेहद गंभीर, मेहनती और सीखने के इच्छुक क्रिकेटर हैं। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर वैभव भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं। युवराज ने यह भी संकेत दिया कि अगर मौका मिला तो वह वैभव का मार्गदर्शन करने के लिए तैयार हैं।   युवा खिलाड़ियों की निडर सोच की सराहना   पूर्व भारतीय स्टार ने कहा कि मौजूदा दौर के बल्लेबाज़ टी20 क्रिकेट की वजह से शुरुआत से ही आक्रामक खेलने के आदी हैं। उन्होंने अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि यही निडर रवैया भारतीय क्रिकेट को भविष्य में और मजबूत बनाएगा।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
IND VS ZIM
जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान, वैभव सूर्यवंशी को मौका, संजू सैमसन बाहर

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए तीन मैचों की टी20 सीरीज हेतु 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। चयनकर्ताओं ने युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को टीम में बरकरार रखा है, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज़ संजू सैमसन को टीम से बाहर कर दिया गया है। वहीं, रिंकू सिंह की टीम में वापसी हुई है और प्रभसिमरन सिंह, अशोक शर्मा और यश ठाकुर को पहली बार राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है।   श्रेयस अय्यर की कप्तानी में उतरेगी टीम इंडिया   इंग्लैंड दौरे के बाद अब जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में भी टीम इंडिया की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में रहेगी। चयनकर्ताओं ने एक बार फिर युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है।   23 जुलाई से शुरू होगी टी20 सीरीज   भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज 23 जुलाई से हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शुरू होगी। तीनों मुकाबले हरारे में ही खेले जाएंगे। यह सीरीज आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।   युवा खिलाड़ियों पर रहेगी नजर   इस दौरे में वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह और अन्य युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विशेष नजर रहेगी। चयन समिति का मानना है कि यह सीरीज भविष्य की भारतीय टी20 टीम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।   जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत की टी20 टीम   श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा और मयंक यादव।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
IND VS ENG 2nd T20
दूसरे टी20 में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हराया, 191 रन का लक्ष्य किया हासिल

मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने रोमांचक अंदाज में 4 विकेट से जीत दर्ज कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 190/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने 19 ओवर में 191/6 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।   ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने संभाली भारतीय पारी   टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत तेज रही। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 49 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल रहे। अंत में तिलक वर्मा की उपयोगी पारी की बदौलत भारत ने 190/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए।   जैकब बेथेल की विस्फोटक पारी ने पलटा मैच   191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। फिल सॉल्ट और जोस बटलर पहले ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में नाबाद 76 रन बनाए। उन्हें हैरी ब्रूक (39 रन) और टॉम बैंटन (39 रन) का अच्छा साथ मिला। इंग्लैंड ने 19वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर मुकाबला जीत लिया।   अर्शदीप की शानदार गेंदबाजी भी नहीं बचा सकी भारत को   भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 40 रन देकर 3 विकेट झटके। अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को एक-एक सफलता मिली, लेकिन डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके। मैच का निर्णायक मोड़ रवि बिश्नोई का 17वां ओवर रहा, जिसमें इंग्लैंड ने तेजी से 29 रन बटोरे और जीत की नींव रखी।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi
वैभव सूर्यवंशी का धमाकेदार T20I डेब्यू, इंग्लैंड के खिलाफ खेली निडर पारी

मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे बेबी बॉस के नाम से मशहूर वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यादगार डेब्यू किया। महज 15 साल की उम्र में भारतीय टीम की जर्सी पहनने वाले वैभव ने अपने पहले ही मैच में बेखौफ बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हालांकि भारत को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन युवा बल्लेबाज की पारी चर्चा का केंद्र रही।    डेब्यू मैच में दिखाई आक्रामक बल्लेबाजी   भारत की पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए। अपनी छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी में उन्होंने 2 शानदार छक्के लगाए और शुरुआत से ही इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। उनके आत्मविश्वास और शॉट चयन की क्रिकेट विशेषज्ञों ने जमकर तारीफ की।    सबसे कम उम्र में भारत के लिए T20I खेलने वालों में शामिल   वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय टी20 खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला और उन्होंने अपने पहले ही मैच में सकारात्मक संकेत दिए।    भविष्य के स्टार के रूप में देख रहे विशेषज्ञ   पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलने की क्षमता है। हालांकि डेब्यू मैच में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उनके आत्मविश्वास, आक्रामक अंदाज और दबाव में खेलने की क्षमता ने यह संकेत दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक नया प्रतिभाशाली बल्लेबाज मिल सकता है। अब सभी की नजर सीरीज के अगले मुकाबलों में उनके प्रदर्शन पर रहेगी।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
IND VS ENG T20
भारत-इंग्लैंड टी20 सीरीज कल से शुरू, नए दौर की शुरुआत पर दोनों टीमों की नजर

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज 1 जुलाई से होगा। पहला मुकाबला चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में भारतीय समयानुसार रात 10:00 बजे खेला जाएगा। यह सीरीज दोनों टीमों के लिए नए टी20 चक्र की शुरुआत मानी जा रही है और 2028 टी20 विश्व कप की तैयारियों की दिशा में अहम साबित होगी।   टीम इंडिया पर वापसी का दबाव   आयरलैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में हार के बाद भारतीय टीम बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को अवसर देकर टीम के नए संयोजन को परखना चाहते हैं। पूर्व कप्तान Sunil Gavaskar ने भी युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को पहले मैच में मौका देने की वकालत की है।   इंग्लैंड को घरेलू मैदान का भरोसा   इंग्लैंड की टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। मेजबान टीम संतुलित बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी आक्रमण के दम पर भारत को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है।   पांच मैचों की होगी सीरीज   भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज के मुकाबले 1, 4, 7, 9 और 11 जुलाई को खेले जाएंगे। इसके बाद दोनों टीमें तीन मैचों की वनडे सीरीज में आमने-सामने होंगी।

abhishek singh जून 30, 2026 0
IND VS IRE 2nd T20
IND vs IRE: दूसरे टी20 में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी, वैभव सूर्यवंशी को फिर नहीं मिला मौका

बेलफास्ट, एजेंसियां। भारत और आयरलैंड के बीच दूसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। पहले मैच में मिली 34 रन की हार के बाद भारतीय टीम सीरीज बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरी है।   प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे का डेब्यू    इस मुकाबले में भारत ने प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं। प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला है। वहीं, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लगातार दूसरे मैच में भी अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली है, जिससे उनके डेब्यू का इंतजार और बढ़ गया है।   पहले टी20 में आयरलैंड ने भारत को हराकर इतिहास रचा था। अब मेजबान टीम पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने की कोशिश करेगी, जबकि भारत के सामने सीरीज 1-1 से बराबर करने की चुनौती है।  

abhishek singh जून 28, 2026 0
Shreyas Iyer Vaibhav Suryavanshi
भारत-आयरलैंड टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज, टीम इंडिया के सामने सीरीज बचाने की चुनौती

बेलफास्ट, एजेंसियां। भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा और अंतिम मुकाबला आज (28 जून) बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा। पहले टी20 में आयरलैंड ने भारत को 34 रन से हराकर इतिहास रच दिया था, ऐसे में आज का मुकाबला टीम इंडिया के लिए 'करो या मरो' जैसा बन गया है। अगर भारत जीतता है तो सीरीज 1-1 से बराबर होगी, जबकि हार की स्थिति में आयरलैंड पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज अपने नाम कर लेगा।   श्रेयस अय्यर की कप्तानी की अग्निपरीक्षा   यह सीरीज कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी अहम मानी जा रही है। पहले मैच में भारतीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। मैच से पहले अय्यर ने कहा कि भारतीय टीम अपनी गलतियों से सीखते हुए दूसरे मुकाबले में मजबूत वापसी करने के इरादे से उतरेगी।   वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर टिकी नजरें   दूसरे टी20 में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। पहले मैच में उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी, लेकिन दूसरे मुकाबले में टीम प्रबंधन उन्हें मौका दे सकता है। हालांकि अंतिम फैसला टॉस से पहले ही स्पष्ट होगा।   पिच और मौसम रिपोर्ट   बेलफास्ट की पिच बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों के लिए मददगार मानी जाती है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, हालांकि पूरे मुकाबले के धुलने की आशंका कम है।   कब और कहां देखें मुकाबला?   भारत और आयरलैंड के बीच दूसरा टी20 मुकाबला आज शाम 6:00 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू होगा। मैच का सीधा प्रसारण टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा।

abhishek singh जून 28, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi Sachin Tendulkar
15 साल के वैभव सूर्यवंशी रच सकते हैं इतिहास, आज भारत-आयरलैंड मुकाबले में टूट सकता है सचिन तेंदुलकर का 36 साल पुराना रिकॉर्ड

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और आयरलैंड के बीच आज खेले जाने वाले पहले टी20 मुकाबले में सभी की नजर 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिकी है। यदि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है, तो वह भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 36 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच सकते हैं।   सचिन का रिकॉर्ड टूटने की दहलीज पर   सचिन तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अब वैभव सूर्यवंशी इससे कम उम्र में डेब्यू कर भारतीय क्रिकेट के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने की दहलीज पर हैं।   आईपीएल से टीम इंडिया तक का सफर   वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में अपने आक्रामक बल्लेबाजी प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। अब क्रिकेट प्रशंसकों को उनके डेब्यू का इंतजार है।   नए कप्तान श्रेयस अय्यर की भी होगी परीक्षा   आयरलैंड दौरे के साथ भारतीय टी20 टीम नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में नए अभियान की शुरुआत कर रही है। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम से सीरीज में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।   क्रिकेट प्रेमियों की नजरें बेलफास्ट पर   भारतीय टीम आयरलैंड के साथ 2 टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी जिसका पहला टी20 मुकाबला आज बेलफास्ट में खेला जाएगा। अगर वैभव सूर्यवंशी को इस मैच में अंतिम एकादश में जगह मिलती है, तो यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक यादगार दिन बन सकता है।

abhishek singh जून 26, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi
वैभव सूर्यवंशी को मिली पहली टीम इंडिया जर्सी, भावुक हुए 15 वर्षीय स्टार बोले- 'इस एहसास को शब्दों में बयां नहीं कर सकता'

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे बेबी बॉस के नाम से मशहूर वैभव सूर्यवंशी के लिए 23 जून का दिन बेहद खास रहा। महज 15 साल की उम्र में उन्हें पहली बार टीम इंडिया की आधिकारिक जर्सी मिली। जर्सी मिलने के बाद वैभव सूर्यवंशी भावुक हो गए और कहा कि यह उनके क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा पल है। अब माना जा रहा है कि आयरलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है।   IPL 2026 के शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम   वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने कई विस्फोटक पारियां खेलीं और पूरे सीजन में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया। उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के बाद ही चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह दी।   जर्सी पहनकर हुए भावुक   BCCI द्वारा साझा किए गए वीडियो में वैभव पहली बार टीम इंडिया की जर्सी हाथ में लेते और पहनते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने कहा, "यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सपना था। इस एहसास को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।" उनकी भावुक प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और क्रिकेट प्रशंसक उन्हें बधाई दे रहे हैं।   आयरलैंड दौरे पर हो सकता है डेब्यू   रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने का मौका मिल सकता है। अगर ऐसा होता है तो वह भारतीय क्रिकेट के सबसे युवा टी20 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे।   रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन से बनाई पहचान   हाल ही में भारत-ए की ओर से खेलते हुए वैभव ने श्रीलंका-ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया और चयनकर्ताओं का भरोसा और मजबूत किया।   भारतीय क्रिकेट का नया सितारा   क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। उनकी निडर बल्लेबाजी, तेज रन बनाने की क्षमता और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाता है। टीम इंडिया के प्रशंसकों की नजर अब उनके संभावित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर टिकी हुई है।

abhishek singh जून 25, 2026 0
Yuvraj Singh Vaibhav Suryavanshi
बड़े खिलाड़ी बन गए वैभव, युवराज को भी पीछे छोड़ा

दांबुला, एजेंसियां। महज 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका-ए के खिलाफ ट्राई नेशन सीरीज के फाइनल में ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। दांबुला में खेले गए खिताबी मुकाबले में वैभव ने केवल 29 गेंदों पर 94 रन ठोककर भारत-ए की 66 रन की शानदार जीत की नींव रखी। उनकी इस यादगार पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।   11 गेंदों में फिफ्टी, टूटा युवराज सिंह का रिकॉर्ड इतना ही नहीं वैभव ने अपनी पारी के दौरान सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो लिस्ट-ए क्रिकेट ही नहीं, बल्कि किसी भी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में किसी भारतीय द्वारा लगाया गया सबसे तेज अर्धशतक बन गया। बता दे इससे पहले यह रिकॉर्ड युवराज सिंह के नाम था, जिन्होंने 2007 टी20 विश्व कप में 12 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी। वैभव की फास्टेस्ट फिफ्टी में 5 चौके और 5 छक्के शामिल रहे और उन्होंने इस दौरान सिर्फ एक डॉट बॉल खेली। वैभव ने अपने पुरे पारी में 10 चौके और 8 छक्के लगाई। हालांकि वह शतक से महज छह रन दूर रह गए, लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने श्रीलंका-ए की वापसी की उम्मीदें खत्म कर दीं।   'मुझ पर कोई दबाव नहीं था' मैच के बाद पुरस्कार समारोह में वैभव ने कहा कि फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भी उन्होंने किसी तरह का दबाव महसूस नहीं किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती 10 ओवर के लिए बनाई गई रणनीति पर अमल किया और वही उनकी सफलता की कुंजी बनी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके थे, लेकिन कोचों से बातचीत के बाद उनका आत्मविश्वास लौटा।   हर बड़े मैच में चमक रहे वैभव 2026 में वैभव सूर्यवंशी लगातार बड़े मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। अंडर-19 विश्व कप फाइनल में 175 रन, आईपीएल प्लेऑफ में विस्फोटक पारियां और अब ट्राई सीरीज फाइनल में 94 रन की धमाकेदार पारी ने साबित कर दिया है कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। इस प्रदर्शन के बाद जल्द ही भारतीय सीनियर टी20 टीम में उनके डेब्यू की संभावनाएं भी मजबूत हो गई हैं।

abhishek singh जून 22, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi Record
Vaibhav Suryavanshi ने तोड़ा 20 साल पुराना रिकॉर्ड, भारत ने श्रीलंका को 66 रनों से हराया

कोलंबो, एजेंसियां। Vaibhav Suryavanshi: भारतीय क्रिकेट के बेबी बॉस वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका-ए के खिलाफ खेले जा रहे ट्राई सीरीज के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने 11 गेंदो में 50 ओवर के क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी जमाई है। उन्होंने 20 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। इसके साथ ही भारत ने ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 66 रनों से हरा दिया। Vaibhav Suryavanshi ने 29 गेंदों में 94 रन ठोंके फाइनल मैच में ओपनिंग करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों का सामना करते हुए 94 रनों की आतिशी पारी खेली। वैभव की इस तूफानी पारी की बदौलत इंडिया-ए ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। वैभव के अलावा कप्तान तिलक वर्मा ने 67, अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों पर 39, प्रियांश आर्या ने 39 और कुमार कुशाग्र ने 36 रनों का अहम योगदान दिया।  बिखर गई श्रीलंका की टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका-ए की टीम दबाव में बिखर गई और 41 ओवरों के बाद 7 विकेट खोकर 281 रन ही बना सकी। कौशल्य वीरात्ने का 20 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा वैभव सूर्यवंशी से पहले 50 ओवर के क्रिकेट (लिस्ट-ए) में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड श्रीलंका के कौशल्य वीरात्ने के नाम था। वीरात्ने ने साल 2006 में रागामा क्रिकेट क्लब के लिए खेलते हुए 12 गेंदों पर फिफ्टी जड़ी थी। वैभव ने अब महज 11 गेंदों में यह कारनामा कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से लिखवा लिया है। Vaibhav Suryavanshi ने एबी डिविलियर्स को पीछे छोड़ा अगर वनडे इंटरनेशनल (ODI) की बात करें, तो सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड संयुक्त रूप से एबी डिविलियर्स (2015) और वेस्टइंडीज के मैथ्यू फोर्ड (2025) के नाम है, जिन्होंने 16-16 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। लेकिन, वैभव ने सीनियर लेवल के 50 ओवर फॉर्मेट (List-A) में इन दिग्गजों को भी पीछे छोड़ते हुए 11 गेंदों में तबाही मचा दी है।

abhishek singh जून 22, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi Dream
वैभव सूर्यवंशी का बड़ा सपना, भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेलना चाहते हैं युवा बल्लेबाज

रांची। भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इन दिनों लगातार सुर्ख़ियों में हैं। वैभव ने टीम इंडिया में मौका मिलने के बाद अपने भविष्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। युवा खिलाड़ी ने अपने अंदाज में साफ तौर पर कहा कि उनका लक्ष्य भारत के लिए सिर्फ एक फॉर्मेट खेलना यानि T20 तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट यानि टेस्ट, वनडे और T20 में खेलना चाहते हैं। टीम इंडिया के लिए खेलना सबसे बड़ा सपना वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि भारतीय टीम की जर्सी पहनना हर युवा क्रिकेटर का सपना होता है और उन्हें मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि वह लगातार मेहनत कर खुद को हर फॉर्मेट के लिए तैयार करना चाहते हैं। कम उम्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी कम उम्र में टीम इंडिया तक पहुंचने वाले वैभव पर अब बड़ी जिम्मेदारी भी होगी। हाल के प्रदर्शन ने उन्हें क्रिकेट जगत में अलग पहचान दिलाई है और चयनकर्ताओं का भरोसा भी बढ़ाया है। परिवार और कोच को दिया श्रेय युवा बल्लेबाज ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, कोच और सपोर्ट स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा कि बिना उनके सहयोग के यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स की नजरें टिकीं वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें लेकर चर्चा तेज है और फैंस आगामी मुकाबलों में उनके प्रदर्शन का इंतजार कर रहे हैं।  

Unknown जून 7, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi BCCI Permission
बिहार के वैभव सूर्यवंशी को लेकर BCCI का बड़ा फैसला, माता-पिता के साथ यात्रा की अनुमति

नई दिल्ली एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वैभव सूर्यवंशी को आगामी विदेशी दौरे (आयरलैंड और इंग्लैंड) पर अपने माता-पिता के साथ यात्रा करने की विशेष अनुमति दी है। यह फैसला वैभव की कम उम्र और उनके पहले बड़े इंटरनेशनल दौरे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बोर्ड का मानना है कि विदेशी माहौल और लंबे दौरे के दौरान परिवार का साथ होने से खिलाड़ी को मानसिक रूप से मदद मिलेगी। वैभव सूर्यवंशी पहली बार भारतीय सीनियर टीम के साथ विदेश दौरे पर शामिल हो रहे हैं। नियमों में छूट  आमतौर पर बीसीसीआई के नियमों के अनुसार विदेशी दौरों पर खिलाड़ियों को परिवार साथ रखने की अनुमति नहीं होती है , या समय-सीमा तय होती है। लेकिन वैभव सूर्यवंशी के मामले में बोर्ड ने नियमों में खास बदलाव किया है और यह बदलाव वैभव की उम्र और मानसिक आराम को ध्यान में रखते हुए किया गया है। 

Unknown जून 7, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi
वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, टीम इंडिया में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने

मुंबई, एजेंसियां। Vaibhav Suryavanshi : वैभव सूर्यवंशी को भारत के टी-20 टीम में जगह मिल गई है। यह खबर तब सामने आई जब बीसीसीआई ने इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरे पर जाने के लिए टीम इंडिया की घोषणा की। वैभव सूर्यवंशी को पहली बार टीम इंडिया में जगह मिली है, जो उनके आईपीएल 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन का इनाम है। वैभव सूर्यवंशी अभी श्रीलंका में इंडिया ए की टीम के साथ हैं। IPL 2026 में किया शानदार प्रदर्शन वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। वे आईपीएल में सबसे अधिक रन (776) बनाने वाले खिलाड़ी बने थे। उनका स्ट्राइक रेट (237.30) भी सबसे ज्यादा था और उन्होंने छक्के (72) भी सबसे अधिक मारे थे। वैभव सूर्यवंशी अभी महज 15 साल के हैं। उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट के दिग्गजों की नजर थी और सभी एक सुर में यह मांग कर रहे थे कि वैभव को टीम इंडिया में जगह दी जाए। बिहार के रहने वाले हैं वैभव सूर्यवंशी वैभव सूर्यवंशी बिहार के समस्तीपुर के जिले के रहने वाले हैं। उन्हें अपने पिता से क्रिकेट की कोंचिंग मिली है। वे बचपन से ही क्रिकेट में रुचि लेते हैं और अभी उनकी शिक्षा भी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने 10वीं का बोर्ड भी नहीं दिया है।

Unknown जून 6, 2026 0
Russian President Vladimir Putin speaking at SPIEF 2026 while praising India's independent foreign policy.
SPIEF 2026 में पुतिन का भारत पर बड़ा बयान, बोले- राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेता है भारत

  सेंट पीटर्सबर्ग: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) 2026 में भारत की विदेश नीति और रणनीतिक स्वतंत्रता की सराहना करते हुए कहा कि भारत एक संप्रभु देश है और अपने फैसले स्वयं करता है। पुतिन ने कहा कि भारत ने हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी है और किसी बाहरी दबाव या निर्देश के आधार पर नीतियां नहीं बनाई हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस के साथ भारत के ऊर्जा और आर्थिक संबंधों को लेकर पश्चिमी देशों में लगातार चर्चा हो रही है। भारत की रणनीतिक स्वायत्तता का किया उल्लेख फोरम के दौरान बोलते हुए पुतिन ने कहा कि भारत और चीन जैसे बड़े देश अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप स्वतंत्र निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के निर्णय लेने के अधिकार और उसकी स्वतंत्र विदेश नीति का सम्मान किया जाना चाहिए। रूसी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में देशों को अपने हितों के अनुसार नीतियां तय करने का अधिकार है और इस सिद्धांत पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। रूस-भारत संबंधों को बताया मजबूत पुतिन ने भारत को रूस का महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग जारी है और यह संबंध आपसी हितों तथा विश्वास पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूस और भारत के बीच सहयोग को प्रभावित करने के लिए किसी प्रकार का बाहरी दबाव प्रभावी नहीं होगा। रूसी तेल खरीद को लेकर चर्चा में रहे थे भारत-अमेरिका संबंध पिछले कुछ वर्षों में रूस से तेल आयात को लेकर भारत और अमेरिका के बीच कई बार चर्चा हुई है। यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर व्यापक आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, जबकि भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए रूसी तेल की खरीद जारी रखी। भारत सरकार लगातार यह कहती रही है कि उसकी विदेश नीति और आर्थिक फैसले राष्ट्रीय हितों तथा ऊर्जा सुरक्षा की आवश्यकताओं के आधार पर तय किए जाते हैं। वैश्विक मंच पर फिर चर्चा में भारत की विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में अपनी स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति को आगे बढ़ा रहा है। रूस, अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ समानांतर संबंध बनाए रखने की भारत की नीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है।  

Deepshikha जून 6, 2026 0
Young cricket star Vaibhav Suryavanshi celebrates after a record-breaking IPL 2026 season with Orange Cap
776 रन, 72 छक्के और ऑरेंज कैप के बावजूद टीम इंडिया का टिकट नहीं! वैभव सूर्यवंशी पर आकाश चोपड़ा का बड़ा बयान

आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को चौंकाने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को लेकर टीम इंडिया में चयन की चर्चाएं तेज हैं। महज 15 साल की उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले इस युवा खिलाड़ी ने पूरे सीजन में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra का मानना है कि फिलहाल भारतीय टी20 टीम में उनके लिए जगह बनाना आसान नहीं होगा। आकाश चोपड़ा ने क्यों जताई मुश्किल? आकाश चोपड़ा ने अपने विश्लेषण में कहा कि भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग और टॉप ऑर्डर की जगह पहले से ही मजबूत खिलाड़ियों के पास है। उनके अनुसार Sanju Samson और Abhishek Sharma शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने कहा कि संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया था और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। वहीं अभिषेक शर्मा लगातार शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और लंबे समय से टी20 क्रिकेट के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं। ऐसे में केवल आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर इन खिलाड़ियों को बाहर कर वैभव को तुरंत मौका देना चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगा। आईपीएल 2026 में वैभव का ऐतिहासिक प्रदर्शन वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में जिस तरह बल्लेबाजी की, उसने सभी को प्रभावित किया। आईपीएल 2026 में वैभव के आंकड़े: मैच: 16 रन: 776 स्ट्राइक रेट: 237 ऑरेंज कैप विजेता 72 छक्के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड उन्होंने इस दौरान दिग्गज बल्लेबाज Chris Gayle का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया और आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। एलिमिनेटर और दूसरे क्वालीफायर जैसे बड़े मुकाबलों में भी उन्होंने दबाव में शानदार बल्लेबाजी कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। अभी इंतजार, लेकिन मौका दूर नहीं आकाश चोपड़ा का मानना है कि वैभव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और भविष्य में टीम इंडिया का अहम हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि मौजूदा प्रतिस्पर्धा को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय टीम में नियमित जगह बनाने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। श्रीलंका ट्राई सीरीज में होगी अग्निपरीक्षा वैभव को आगामी त्रिकोणीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। यह टूर्नामेंट 9 जून से श्रीलंका में शुरू होगा और फाइनल 21 जून को खेला जाएगा। इस सीरीज में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नजर में काफी अहम रहेगा। यदि वह यहां भी आईपीएल जैसी बल्लेबाजी दोहराते हैं, तो टीम इंडिया का दरवाजा उनके लिए और तेजी से खुल सकता है। भविष्य का सुपरस्टार? 15 साल की उम्र में जिस तरह वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में बल्लेबाजी की है, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। फिलहाल टीम इंडिया में जगह भले मुश्किल दिख रही हो, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहा तो राष्ट्रीय टीम में चयन केवल समय की बात होगी।  

surbhi जून 5, 2026 0
Kumar Sangakkara praises Vaibhav Sooryavanshi after his record-breaking IPL 2026 season for Rajasthan Royals
वैभव सूर्यवंशी को जल्द मिलेगा टीम इंडिया का बुलावा? कुमार संगकारा ने दिया बड़ा बयान

आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित करने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi को जल्द ही भारतीय टीम में मौका मिल सकता है। ऐसा मानना है राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच Kumar Sangakkara का, जिन्होंने टीम के क्वालिफायर-2 से बाहर होने के बाद वैभव की जमकर सराहना की। गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार के साथ राजस्थान रॉयल्स का आईपीएल 2026 का सफर खत्म हो गया, लेकिन 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में ऐसा प्रदर्शन किया जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। "बहुत जल्द मिलेगा इंटरनेशनल कॉल-अप" संगकारा ने मैच के बाद कहा कि वैभव ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह बल्लेबाजी की है, उससे साफ है कि वह किसी भी स्तर की चुनौती के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, "वैभव ने इस सीजन में जो कुछ दिखाया है, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुझे पूरा विश्वास है कि उसे बहुत जल्द भारतीय टीम से बुलावा मिलेगा।" संगकारा के मुताबिक वैभव ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि ओपनिंग साझेदारी की जिम्मेदारी भी शानदार तरीके से निभाई और पूरे सीजन परिपक्वता के साथ बल्लेबाजी की। रिकॉर्डतोड़ सीजन ने बढ़ाई दावेदारी Vaibhav Sooryavanshi ने आईपीएल 2026 में 16 पारियों में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा, जो टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे बेहतरीन स्ट्राइक रेट्स में शामिल है। उनके कुल 776 रनों में से 684 रन सिर्फ चौकों और छक्कों से आए, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। क्वालिफायर-2 में भी उन्होंने 47 गेंदों में 96 रन की शानदार पारी खेली, हालांकि टीम को जीत नहीं दिला सके। वैभव की तैयारी से प्रभावित हैं संगकारा संगकारा ने बताया कि राजस्थान रॉयल्स का कोचिंग स्टाफ वैभव के दिमाग पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालता। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज टीम मीटिंग्स में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हैं, गेंदबाजों की वीडियो स्टडी करते हैं और हर मैच से पहले गहन तैयारी करते हैं। संगकारा ने कहा, "हम उनके दिमाग में अनावश्यक बातें नहीं भरना चाहते। वह साफ सोच के साथ बल्लेबाजी करते हैं और वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।" मुश्किल हालात में भी राजस्थान ने किया कमाल आईपीएल 2026 के दौरान राजस्थान रॉयल्स को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम के अहम खिलाड़ी Sam Curran चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर रहे, जबकि Riyan Parag और Ravindra Jadeja भी सीजन के अंतिम चरण में फिटनेस समस्याओं से जूझते रहे। इसके बावजूद राजस्थान ने प्लेऑफ तक का सफर तय किया। संगकारा ने युवा गेंदबाजों Yash Raj Punja और Brijesh Sharma के प्रदर्शन की भी सराहना की। रियान पराग की कप्तानी को बताया शानदार राजस्थान रॉयल्स के कप्तान Riyan Parag ने पहली बार पूरे सीजन टीम की कमान संभाली। संगकारा ने उनकी कप्तानी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दबाव के बावजूद टीम को बेहतरीन तरीके से संभाला और मैदान पर अच्छे फैसले लिए। उन्होंने कहा, "रियान का पहला पूरा कप्तानी सीजन शानदार रहा। वह लगातार सीख रहे हैं और अगले सीजन में और बेहतर होकर लौटेंगे।" नौवें स्थान से प्लेऑफ तक का सफर पिछले सीजन राजस्थान रॉयल्स अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही थी, लेकिन इस बार टीम ने सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए प्लेऑफ में जगह बनाई। संगकारा का मानना है कि टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी जिस जज्बे के साथ खेला, वह भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, "शायद टूर्नामेंट शुरू होने से पहले किसी ने नहीं सोचा था कि हम प्लेऑफ तक पहुंचेंगे। लेकिन मेहनत, विश्वास और टीम भावना ने इसे संभव बनाया।" हालांकि राजस्थान फाइनल में जगह नहीं बना सकी, लेकिन वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा सितारे ने फ्रेंचाइजी और भारतीय क्रिकेट दोनों के भविष्य को लेकर उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं।  

surbhi मई 30, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi sitting emotional in the dugout after Rajasthan Royals' IPL 2026 playoff defeat
डगआउट के कोने में सिमटे वैभव सूर्यवंशी, हार के बाद छलक पड़े आंसू

आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालिफायर में राजस्थान रॉयल्स का खिताब जीतने का सपना टूट गया। गुजरात टाइटंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्थान को 7 विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस हार के बाद सबसे भावुक दृश्य युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi का रहा, जिनकी आंखों में टूर्नामेंट से बाहर होने का दर्द साफ दिखाई दिया। राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 214 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। टीम की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने 96 रनों की शानदार और आक्रामक पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी ने राजस्थान को बड़े स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन गेंदबाज इस लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके। गुजरात टाइटंस ने 18.4 ओवर में सिर्फ 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और फाइनल का टिकट कटाया। हार के बाद टूट गए वैभव सूर्यवंशी मैच समाप्त होते ही वैभव सूर्यवंशी बेहद निराश और भावुक नजर आए। मैदान पर उनकी हताशा साफ दिखाई दे रही थी। इस दौरान अनुभवी खिलाड़ी Ravindra Jadeja उन्हें समझाते और हौसला बढ़ाते हुए दिखाई दिए। हालांकि हार का दर्द इतना गहरा था कि वैभव खुद को संभाल नहीं सके। वे सीधे डगआउट की ओर लौट गए और अपनी कैप से चेहरा छिपाने की कोशिश करने लगे। कैमरों में कैद हुई उनकी नम आंखें और मायूस चेहरा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। क्रिकेट प्रशंसक इस तस्वीर को सीजन की सबसे भावुक तस्वीरों में से एक बता रहे हैं। 776 रन बनाकर भी नहीं दिला सके ट्रॉफी व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से यह सीजन वैभव सूर्यवंशी के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा। युवा बल्लेबाज ने 16 मैचों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। पूरे टूर्नामेंट में उनकी बल्लेबाजी विपक्षी टीमों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी रही। लेकिन क्रिकेट एक टीम गेम है और शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन के बावजूद वे राजस्थान रॉयल्स को चैंपियन नहीं बना सके। यही बात हार के बाद उनके चेहरे पर साफ दिखाई दी। एक हफ्ते में चार बार टूटा दिल वैभव सूर्यवंशी के लिए पिछले कुछ दिन बेहद मुश्किल रहे। वे इस सीजन में तीन बार शतक के बेहद करीब पहुंचकर चूक गए। लखनऊ के खिलाफ 93 रन हैदराबाद के खिलाफ 97 रन गुजरात के खिलाफ 96 रन हर बार शतक से कुछ कदम दूर रुकना उनके लिए निराशाजनक रहा। इसके बाद गुजरात के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में टीम की हार ने इस दर्द को और बढ़ा दिया। रिकॉर्ड्स से भरा रहा सीजन हालांकि ट्रॉफी हाथ नहीं लगी, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। पूरे सीजन में 72 छक्के लगाए। सबसे कम उम्र में 700 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। सिर्फ 440 गेंदों में 1000 आईपीएल रन पूरे कर सबसे तेज यह उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ी बने। 700 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में 237 से ज्यादा स्ट्राइक रेट के साथ नया रिकॉर्ड बनाया। इन उपलब्धियों ने उन्हें आईपीएल 2026 के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। तीसरी बार फाइनल में पहुंचा गुजरात दूसरी ओर Gujarat Titans ने आईपीएल इतिहास में तीसरी बार फाइनल में जगह बनाई है। टीम इससे पहले 2022 में अपने डेब्यू सीजन में खिताब जीत चुकी है, जबकि 2023 में फाइनल तक पहुंचकर उपविजेता रही थी। अब गुजरात एक बार फिर ट्रॉफी जीतने के इरादे से फाइनल में उतरेगी।  

surbhi मई 30, 2026 0
Young cricketer Vaibhav Suryavanshi batting during IPL 2026 as Dinesh Karthik advises against Sachin comparisons.
वैभव सूर्यवंशी की तुलना सचिन तेंदुलकर से न करें, दिनेश कार्तिक ने दी बड़ी सलाह

आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर रहे युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को लेकर भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज Dinesh Karthik ने बड़ा बयान दिया है। कार्तिक ने कहा कि इतनी कम उम्र में शानदार प्रदर्शन कर रहे वैभव की तुलना महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar से करना सही नहीं होगा। ‘अगला सचिन’ कहना ठीक नहीं एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान Dinesh Karthik ने कहा कि वैभव जो कर रहे हैं वह बेहद खास है, लेकिन लोगों को उन्हें “अगला सचिन” कहना शुरू नहीं करना चाहिए। कार्तिक ने कहा कि: “वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं और इस उम्र में उनका प्रदर्शन शानदार है। लेकिन सचिन ने जो हासिल किया था, वह असाधारण था। वैभव के सामने आने वाली चुनौतियां अलग होंगी।” उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों पर जरूरत से ज्यादा उम्मीदों का दबाव डालना सही नहीं है। मैदान से ज्यादा बाहर की चुनौतियां Dinesh Karthik का मानना है कि आज के दौर में युवा खिलाड़ियों के सामने सोशल मीडिया, लोकप्रियता और मानसिक दबाव जैसी चुनौतियां ज्यादा हैं। उन्होंने कहा: “सचिन के सामने मैदान के अंदर और बाहर दोनों तरह की चुनौतियां थीं। लेकिन वैभव को खेल के बाहर की चीजों को संभालना सीखना होगा।” कार्तिक ने साफ कहा कि वैभव के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन करियर को लंबे समय तक सफल बनाए रखने के लिए मानसिक मजबूती भी बेहद जरूरी होगी। आईपीएल ने बदल दी क्रिकेट की तस्वीर Indian Premier League को लेकर भी कार्तिक ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि 2008 से लेकर अब तक आईपीएल पूरी तरह बदल चुका है और यह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले खेल टूर्नामेंट्स में शामिल हो गया है। उनके मुताबिक: आईपीएल ने युवा खिलाड़ियों को बड़ा मंच दिया है क्रिकेट अब एक मजबूत करियर विकल्प बन चुका है इस लीग ने कई खिलाड़ियों की जिंदगी बदल दी है शानदार फॉर्म में चल रहे हैं वैभव Vaibhav Suryavanshi इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। Rajasthan Royals की ओर से खेलते हुए उन्होंने 13 मैचों में 579 रन बनाए हैं। इस दौरान: 1 शतक 3 अर्धशतक भी उनके बल्ले से निकले हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स दोनों को प्रभावित किया है। क्या सचिन जैसी उम्मीदें बनेंगी दबाव? क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी युवा खिलाड़ी की तुलना जल्दी किसी दिग्गज से करना उसके करियर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसलिए वैभव को अपनी अलग पहचान बनाने का समय देना जरूरी है।  

surbhi मई 22, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi smashing a massive six during IPL 2026 for Rajasthan Royals
वैभव सूर्यवंशी का तूफान: 15 साल का ‘वंडर बॉय’ बदल सकता है IPL का इतिहास, क्रिस गेल का महारिकॉर्ड खतरे में

आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स का 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi अपने धमाकेदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को हैरान कर रहा है। जिस आक्रामक अंदाज में वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह इस सीजन में आईपीएल इतिहास के कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वैभव ने महज 16 गेंदों में 43 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 3 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि दिग्गजों के रिकॉर्ड पर भी खतरे की घंटी बजा दी है। क्रिस गेल का ‘महारिकॉर्ड’ खतरे में आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड Chris Gayle के नाम है, जिन्होंने 2012 में 59 छक्के लगाए थे। लेकिन इस सीजन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 9 मैचों में ही 37 छक्के जड़ दिए हैं। उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह रिकॉर्ड अब ज्यादा दूर नहीं लगता। वहीं Abhishek Sharma का 2024 में 42 छक्कों का आंकड़ा भी खतरे में है, जिसे वैभव जल्द पार कर सकते हैं। दुनिया के टॉप गेंदबाज भी नहीं बच पाए वैभव की बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनका निडर रवैया है। उन्होंने Jasprit Bumrah और Josh Hazlewood जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ भी आक्रामक खेल दिखाया है। उनका आत्मविश्वास और बड़े शॉट खेलने की क्षमता उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाती है। रिकॉर्डतोड़ स्ट्राइक रेट और ऑरेंज कैप की दौड़ वैभव सूर्यवंशी इस सीजन 238.10 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट और 44.44 की औसत से रन बना रहे हैं। वह ऑरेंज कैप की रेस में भी सबसे आगे चल रहे हैं। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के पहले बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने एक ही सीजन में 230+ के स्ट्राइक रेट से 400 रन का आंकड़ा पार किया है। RR के लिए गेम-चेंजर बनते वैभव Yashasvi Jaiswal के साथ उनकी साझेदारी राजस्थान रॉयल्स के लिए इस सीजन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। दोनों की आक्रामक शुरुआत ने टीम को कई मैचों में मजबूत स्थिति दिलाई है। IPL में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के (Top Records) 59 – क्रिस गेल (2012) 52 – आंद्रे रसेल (2019) 51 – क्रिस गेल (2013) 44 – क्रिस गेल (2011) 42 – अभिषेक शर्मा (2024)

surbhi अप्रैल 30, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi and Abhishek Sharma hitting sixes during IPL 2026 matches in action.
Vaibhav vs Abhishek: IPL में नई जंग, आंकड़ों में कौन है असली ‘सिक्सर किंग’?

IPL का मंच हमेशा से नए सितारों को जन्म देने के लिए जाना जाता है, लेकिन जब महज 15 साल का खिलाड़ी दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाजों के सामने बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करता है, तो क्रिकेट जगत चौंक उठता है। इस समय चर्चा के केंद्र में हैं Vaibhav Suryavanshi, जिनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने अनुभवी खिलाड़ियों को भी चुनौती दे दी है। वहीं दूसरी ओर Abhishek Sharma लंबे समय से अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते रहे हैं। लेकिन IPL 2026 में दोनों के प्रदर्शन की तुलना ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कम उम्र में बड़ा धमाका वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में IPL डेब्यू कर इतिहास रच दिया। 14 साल की उम्र में मैदान पर उतरकर उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपनी निडरता का परिचय दिया। दूसरी तरफ, अभिषेक शर्मा ने 2018 में अपने डेब्यू मैच में ही 46 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक क्रिकेट की झलक दिखाई है। IPL 2026: आंकड़ों की सीधी टक्कर मौजूदा सीजन में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। 4 मैचों में 200 रन औसत: 50.00 स्ट्राइक रेट: 266.67 18 चौके और 18 छक्के उनकी 26 गेंदों में 78 रनों की पारी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। वहीं अभिषेक शर्मा भी पीछे नहीं हैं: 4 मैचों में 129 रन औसत: 32.25 स्ट्राइक रेट: 218.64 28 गेंदों में 74 रन की विस्फोटक पारी हालांकि आंकड़ों के हिसाब से इस समय वैभव बढ़त बनाए हुए हैं। करियर आंकड़े क्या कहते हैं? वैभव ने IPL 2025 में 7 मैचों में 252 रन बनाए थे, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 206.55 रहा। कम मैचों में ही उन्होंने अपनी छाप छोड़ दी। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा का अनुभव कहीं ज्यादा है। उन्होंने अब तक 81 मैचों में 1945 रन बनाए हैं, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 165.81 रहा है। पावरप्ले में तेजी से रन बनाने में उनका कोई मुकाबला नहीं रहा। क्या बदल रहा है भारतीय टी20 का भविष्य? अभिषेक शर्मा ने जिस तरह आक्रामक बल्लेबाजी की नई परिभाषा गढ़ी, वैभव सूर्यवंशी उसी राह पर चलते हुए उसे और आगे ले जाते दिख रहे हैं। इतनी कम उम्र में इस स्तर की निडरता यह संकेत देती है कि भारतीय टी20 क्रिकेट का भविष्य और भी आक्रामक और रोमांचक होने वाला है।  

surbhi अप्रैल 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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