नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्र प्रदर्शनों के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल ने सोशल मीडिया पर छात्रों के लिए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का समान अवसर मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने शिक्षा को भारत के भविष्य की सबसे मजबूत नींव बताया। शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति और आपसी सम्मान पर दिया जोर शुभमन गिल ने अपने संदेश में लिखा कि उन्हें उन सभी युवाओं का सम्मान है जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को करुणा, आपसी सम्मान और संवाद के साथ आगे बढ़ना चाहिए तथा हर निर्णय में छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हालांकि उन्होंने अपने संदेश में किसी राजनीतिक दल, संगठन, छात्र आंदोलन या नीट विवाद का सीधे उल्लेख नहीं किया। सोशल मीडिया पर संदेश की हुई व्यापक चर्चा गिल का यह संदेश सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे छात्रों के पक्ष में सकारात्मक संदेश बताया, जबकि कुछ ने कहा कि उन्होंने किसी विशेष मुद्दे पर प्रत्यक्ष टिप्पणी नहीं की। फिलहाल शुभमन गिल का यह बयान शिक्षा, युवाओं के भविष्य और शांतिपूर्ण संवाद के महत्व पर केंद्रित माना जा रहा है।
दुबई, एजेंसियां। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने जून 2026 के लिए 'प्लेयर ऑफ द मंथ' पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। पुरुष वर्ग में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ और महिला वर्ग में इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज डैनी वायट-हॉज को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। दोनों खिलाड़ियों ने जून महीने में अपनी-अपनी टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। नाथन स्मिथ ने टेस्ट सीरीज में बिखेरा जलवा 27 वर्षीय नाथन स्मिथ ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार गेंदबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक 2-1 सीरीज जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने पूरी सीरीज में 16 विकेट हासिल किए और अपनी सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारत के शुभमन गिल और बांग्लादेश के मोसादेक हुसैन को पीछे छोड़ते हुए यह पुरस्कार जीता। डैनी वायट-हॉज को विश्व कप प्रदर्शन का मिला इनाम महिला वर्ग में इंग्लैंड की ओपनर डैनी वायट-हॉज को महिला टी20 विश्व कप में लगातार शानदार बल्लेबाजी के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने कई अहम पारियां खेलीं और इंग्लैंड को नॉकआउट चरण तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनके आक्रामक अंदाज और निरंतर प्रदर्शन की ICC ने सराहना की। दोनों खिलाड़ियों ने जताई खुशी पुरस्कार मिलने के बाद नाथन स्मिथ ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए बेहद खास है और वह इसे पूरी टीम के साथ साझा करना चाहते हैं। वहीं डैनी वायट-हॉज ने कहा कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर अच्छा प्रदर्शन करना हमेशा यादगार रहता है और ICC का यह सम्मान उनके आत्मविश्वास को और बढ़ाएगा। ICC हर महीने करता है सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन ICC का 'प्लेयर ऑफ द मंथ' पुरस्कार हर महीने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एक पुरुष और एक महिला खिलाड़ी को दिया जाता है। विजेताओं का चयन ICC विशेषज्ञ पैनल और प्रशंसकों के वोट के आधार पर किया जाता है।
लंदन, एजेंसियां। भारत के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में शानदार 138 रन की पारी खेलने के बाद रोहित ने स्पष्ट कहा कि उनका पूरा ध्यान भारत का प्रतिनिधित्व करने और टीम की सफलता में योगदान देने पर है। "मेरा काम देश के लिए खेलना है" मैच के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से बातचीत में रोहित शर्मा ने कहा कि उनका काम बल्लेबाजी करना और देश के लिए खेलना है। उन्होंने कहा कि बाहरी चर्चाओं से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और उनका फोकस केवल मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने पर है। लॉर्ड्स में खेली यादगार पारी रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक वनडे में 110 गेंदों पर 138 रन की शानदार पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का एक यादगार शतक रहा और लंबे समय बाद उन्होंने तीन अंकों का आंकड़ा छुआ। हालांकि उनकी शानदार पारी के बावजूद भारत मैच और सीरीज जीतने से चूक गया। अटकलों पर लगाया विराम पिछले कुछ दिनों से ऐसी चर्चाएं चल रही थीं कि लॉर्ड्स वनडे रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो सकता है। लेकिन उनके बयान के बाद इन अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। कप्तान शुभमन गिल ने भी कहा कि रोहित ने टीम को संन्यास के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। आलोचनाओं पर भी दिया जवाब रोहित शर्मा ने कहा कि क्रिकेट करियर की शुरुआत से ही उनके बारे में चर्चाएं और आलोचनाएं होती रही हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "अगर कोई शोर नहीं होगा, तो मजा भी नहीं आएगा।" उन्होंने दोहराया कि उनका लक्ष्य केवल भारतीय टीम की सफलता में योगदान देना है।
लॉर्ड्स, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला इंग्लैंड ने 27 रन से जीतकर 2-1 से अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में रोहित शर्मा की 138 रन की शानदार पारी और विराट कोहली (74) तथा शुभमन गिल (77) के अर्धशतक भी भारत को जीत नहीं दिला सके। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 387/3 का विशाल स्कोर बनाया, जिसके जवाब में भारत 360/7 ही बना सका। डकेट और बेथेल ने रखी जीत की नींव टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत शानदार रही। बेन डकेट ने करियर की सर्वश्रेष्ठ 141 रन की पारी खेली, जबकि जैकब बेथेल ने 91 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 192 रन जोड़कर भारत के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। अंत में जो रूट (नाबाद 74) और जोस बटलर (13 गेंदों में नाबाद 41) ने तेज रन बटोरकर टीम को 387 रन तक पहुंचाया। रोहित का शतक, लेकिन नहीं मिली जीत 388 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने 147 रन की शानदार शुरुआत दिलाई। रोहित ने 110 गेंदों पर 138 रन बनाए, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। गिल ने 77 और विराट कोहली ने 74 रन की उपयोगी पारी खेली, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से भारत लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका। सैम करन बने जीत के हीरो इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। उन्होंने मैच के अहम मोड़ पर विराट कोहली, केएल राहुल समेत कई महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को आउट कर भारत की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इंग्लैंड ने जीती सीरीज इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। भारत के लिए रोहित शर्मा की यादगार पारी हार के कारण फीकी पड़ गई, जबकि इंग्लैंड ने घरेलू मैदान पर दमदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष रैंकिंग वाली भारतीय टीम के खिलाफ महत्वपूर्ण सीरीज जीत दर्ज की।
कार्डिफ, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए भारत को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई है। इंग्लैंड की जीत के हीरो अनुभवी बल्लेबाज जो रूट रहे, जिन्होंने दबाव के बीच 99 रन की नाबाद मैच जिताऊ पारी खेली। उन्हें उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। भारत की बल्लेबाजी रही उतार-चढ़ाव भरी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 44 ओवर में 233 रन बनाए। कप्तान शुभमन गिल और विराट कोहली ने अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन मध्यक्रम लगातार अंतराल पर विकेट गंवाता रहा। निचले क्रम के बल्लेबाज भी बड़ी साझेदारी नहीं कर सके, जिसके कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने से चूक गई। जो रूट ने संभाली इंग्लैंड की पारी 234 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन जो रूट ने एक छोर संभालकर जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी की। उन्होंने 99 रन की नाबाद पारी खेलते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। ऑलराउंडर गस एटकिंसन ने भी अहम समय पर 23 रन की उपयोगी पारी खेलकर रूट का अच्छा साथ निभाया। शुभमन गिल ने मानी मध्यक्रम की गलती मैच के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार का कारण मध्यक्रम का जल्दी आउट होना बताया। उन्होंने कहा कि टीम अच्छी स्थिति में थी, लेकिन लगातार विकेट गिरने से बड़ा स्कोर नहीं बन सका। गिल ने यह भी कहा कि अब टीम तीसरे और निर्णायक मुकाबले में वापसी करने की पूरी कोशिश करेगी। अब लॉर्ड्स में होगा निर्णायक मुकाबला सीरीज का तीसरा और अंतिम वनडे 19 जुलाई को लॉर्ड्स में खेला जाएगा। दोनों टीमें सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस निर्णायक मुकाबले पर टिकी है, जहां तय होगा कि यह सीरीज किसके नाम होगी।
रांची। हर साल 16 जुलाई को दुनिया भर में विश्व सर्प दिवस (World Snake Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों में सांपों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनसे जुड़े भ्रम दूर करना और पर्यावरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को समझाना है। झारखंड जैसे राज्यों में, जहां मानसून के दौरान सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, यह दिन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से अप्रैल 2026 तक झारखंड में स्नेकबाइट के 9,438 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान कई लोगों की जान भी गई है। हर साल बढ़ रहे हैं स्नेकबाइट के मामले स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2022 में 392, 2023 में 1,647, 2024 में 2,760 और 2025 में 4,078 स्नेकबाइट के मामले दर्ज किए गए। अप्रैल 2026 तक ही 561 मामले सामने आ चुके हैं। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और चिकित्सकों को केंद्र सरकार की स्नेकबाइट उपचार संबंधी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। झारखंड में 40 से 50 प्रजाति के सांप वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक झारखंड में 40 से 50 प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं। इनमें इंडियन कोबरा (नाग), कॉमन करैत, बैंडेड करैत, रसेल वाइपर और बांस पिट वाइपर प्रमुख विषैले सांप हैं। वहीं धामिन, ग्रीन वाइन स्नेक और वुल्फ स्नेक जैसी कई प्रजातियां विषहीन हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश सांप इंसानों पर हमला नहीं करते और वे पर्यावरण में चूहों व अन्य कीटों की संख्या नियंत्रित कर पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। सांप काटने पर झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल जाएं डॉक्टरों का कहना है कि सांप काटने की स्थिति में घबराने के बजाय मरीज को शांत रखें और जितनी जल्दी हो सके अस्पताल पहुंचाएं। प्रभावित अंग को स्थिर रखें, रस्सी या कपड़ा कसकर न बांधें और झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय समय पर एंटी स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध कराना सबसे प्रभावी इलाज है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
कार्डिफ, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला गुरुवार को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान में खेला जाएगा। पहला मुकाबला छह विकेट से जीतकर टीम इंडिया सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी है। अब भारतीय टीम की नजर इंग्लैंड के खिलाफ लगातार चौथी वनडे सीरीज जीतने पर होगी। भारत ने इससे पहले 2021 में घरेलू मैदान पर 2-1, 2022 में इंग्लैंड में 2-1 और 2025 में भारत में 3-0 से सीरीज अपने नाम की थी। कार्डिफ में शानदार रहा है भारत का रिकॉर्ड कार्डिफ में भारतीय टीम का रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। टीम इंडिया को इस मैदान पर आखिरी वनडे हार 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ मिली थी। इसके बाद भारत ने यहां 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका को हराया, जबकि 2014 में इंग्लैंड को 133 रन से शिकस्त दी थी। ऐसे में भारतीय टीम आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी। गिल, अक्षर और बुमराह पर रहेंगी नजरें कप्तान शुभमन गिल शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने इस साल सात वनडे मैचों में 453 रन बनाए हैं और पहले वनडे में भी 80 रनों की कप्तानी पारी खेली थी। हालांकि उन्हें हल्की चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा था, लेकिन दूसरे मुकाबले में उनके खेलने की उम्मीद है। वहीं अक्षर पटेल ने पहले मैच में नाबाद अर्धशतक लगाने के साथ चार विकेट भी झटके थे। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी से भारतीय गेंदबाजी और मजबूत हुई है, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा भी लगातार विकेट निकाल रहे हैं। इंग्लैंड वापसी की कोशिश में इंग्लैंड की उम्मीदें अनुभवी बल्लेबाज जो रूट पर टिकी होंगी, जिन्होंने पहले वनडे में नाबाद 76 रन बनाए थे। कप्तान हैरी ब्रूक की टीम गेंदबाजी संयोजन में बदलाव कर चौथे तेज गेंदबाज को मौका दे सकती है। पिच और मौसम बल्लेबाजी के अनुकूल सोफिया गार्डन्स की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना है, लेकिन बाद में बल्लेबाजी आसान हो जाती है। पिछले वर्षों में यहां लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। मौसम साफ रहने और बारिश की संभावना नहीं होने से पूरे 50 ओवर का मुकाबला होने की उम्मीद है। भारत इस मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।
कार्डिफ, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को सोफिया गार्डन्स, कार्डिफ में खेला जाएगा। पहले वनडे में जीत दर्ज कर 1-0 की बढ़त बना चुकी शुभमन गिल की अगुआई वाली भारतीय टीम इस मुकाबले को जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगी। वहीं हैरी ब्रूक की कप्तानी वाली इंग्लैंड की टीम वापसी कर सीरीज 1-1 से बराबर करने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। पहले वनडे में भारत ने बनाई बढ़त पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की थी। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलित खेल के दम पर भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। अब दूसरे मैच में जीत के साथ सीरीज पर कब्जा करने का मौका होगा। टीम संयोजन पर रहेगी नजर दूसरे वनडे से पहले भारतीय टीम को कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर चिंता है। अंतिम प्लेइंग इलेवन का फैसला मैच से ठीक पहले फिटनेस और पिच की परिस्थितियों को देखते हुए लिया जाएगा। इंग्लैंड के लिए करो या मरो का मुकाबला सीरीज में बने रहने के लिए इंग्लैंड के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी है। हार की स्थिति में भारत सीरीज पर अजेय बढ़त बना लेगा, इसलिए मेजबान टीम पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। मैच की अहम जानकारी मुकाबला: भारत बनाम इंग्लैंड, दूसरा वनडे तारीख: 16 जुलाई 2026 स्थान: सोफिया गार्डन्स, कार्डिफ समय: भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे सीरीज की स्थिति: भारत 1-0 से आगे
बर्मिंघम, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का शानदार आगाज़ करते हुए पहले मुकाबले में 6 विकेट से जीत दर्ज की। एजबेस्टन में खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। शुभमन गिल ने खेली कप्तानी पारी कप्तान शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 80 रन बनाए और भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। हालांकि पारी के दौरान उन्हें ऐंठन (क्रैम्प) की शिकायत हुई, जिसके चलते उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने पारी को संभालते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। अक्षर पटेल बने जीत के हीरो ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले गेंदबाजी में 4 विकेट झटके और फिर नाबाद 57 रन की पारी खेली। उनके साथ वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन बनाए। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए अक्षर पटेल को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इंग्लैंड की पारी लड़खड़ाई टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन 61 रन तक बिना विकेट गंवाने के बाद उसने तेजी से विकेट खो दिए। जो रूट (76)* और लियाम डॉसन (68) ने पारी संभालते हुए टीम को 258 रन तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर भारत के सामने कम साबित हुआ। भारत ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर इंग्लैंड के एजबेस्टन में लंबे समय से चले आ रहे वनडे दबदबे को भी खत्म कर दिया।
चेन्नई में 55% बारिश की आशंका चेन्नई, एजेंसियां। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की सीरीज का तीसरा वनडे आज 20 जून को चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा। भारत पहले ही सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है और अब उसकी नजर क्लीन स्वीप पर होगी। मौसम डाल सकता है बाधा मौसम मैच में बाधा डाल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार चेन्नई में शनिवार को बारिश की 55% संभावना है। अफगानिस्तान को पहली जीत का इंतजार भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 6 वनडे मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 5 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला टाई रहा है। अफगानिस्तान आज तक भारत के खिलाफ कोई वनडे मैच नहीं जीत सका है। दोनों टीमों के बीच एकमात्र टाई मैच 2018 में खेला गया था। मौजूदा सीरीज दोनों देशों के बीच पहली बाइलेटरल वनडे सीरीज है। बरार सीरीज के टॉप विकेट टेकर वापसी कर रहे ईशान किशन ने दूसरे वनडे में 79 गेंदों पर 125 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान शुभमन गिल भी बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने पहले मैच में नाबाद 84 रन बनाए, जबकि दूसरे वनडे में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 154 रन जड़े। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने दूसरे मैच में 48 रन की तेज पारी खेली। गेंदबाजी में इस सीरीज से इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले गुरनूर बरार सबसे सफल रहे हैं और अब तक सबसे ज्यादा विकेट ले चुके हैं। गुरबाज अफगानिस्तान के टॉप स्कोरर अफगानिस्तान के लिए इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन रहमानुल्लाह गुरबाज ने बनाए हैं। उन्होंने दो मैचों में 143 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 170.23 का रहा है। गुरबाज ने सीरीज में एक शतक भी लगाया है। गेंदबाजी में नांगेलिया खरोटे ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपने एकमात्र मैच में 4 विकेट लिए है। हर्षित राणा स्क्वॉड में शामिल जांघ की चोट के कारण लखनऊ वनडे से बाहर रहने वाले सीम बॉलिंग ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी ने शुक्रवार को चेपॉक के नेट्स में बिना किसी परेशानी के गेंदबाजी की और वे आज वापसी कर सकते हैं। घुटने की सर्जरी से रिकवर होने के बाद हर्षित राणा को तीसरे वनडे के लिए टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारने की संभावना कम है, उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच इस साल फरवरी में खेला था। चेन्नई में 29वां वनडे खेला जाएगा चेन्नई की पिच आमतौर पर स्पिनरों के लिए मददगार मानी जाती है, हालांकि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुकाबला चेपॉक की पिच नंबर 4 पर खेला जाएगा, जो कि लाल मिट्टी की है और यहां अच्छा बाउंस (उछाल) मिलने की उम्मीद है। मैच से दो दिन पहले चेन्नई में कुछ बारिश हुई थी, लेकिन मैच से एक दिन पहले मौसम साफ रहा। इस मैदान पर अब तक 28 वनडे खेले गए हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 15 और चेज करने वाली टीम ने 12 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर/केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश रेड्डी, कुलदीप यादव/हर्ष दुबे, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा/अर्शदीप सिंह। अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, राशिद खान, नांगेलिया खरोटे, मोहम्मद सलीम, अल्लाह गजनफर, बिलाल सामी।
श्रेयस ने कोहली को पीछे छोड़ा, ईशान-गिल ने एक ही ओवर में शतक लगाए लखनऊ, एजेंसियां। भारत ने दूसरे वनडे में अफगानिस्तान को 170 रन से हरा दिया। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भारतीय टीम 402 रन पर ऑलआउट हो गई। वनडे क्रिकेट के इतिहास में पहली बार किसी टीम ने 400 से ज्यादा रन बनाने के बाद अपने सभी विकेट गंवाए। बुधवार को शुभमन गिल (154 रन) और ईशान किशन (125 रन) ने एक ही ओवर में अपने-अपने शतक पूरे किए। श्रेयस अय्यर ने विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया। वे सबसे तेज 3000 वनडे रन बनाने वाले दूसरे भारतीय बने। मैच के दौरान दरविश रसूली को चोटिल होने पर स्ट्रेचर से मैदान से बाहर ले जाया गया। पहली बार 2 भारतीयों ने 80 से कम गेंद में शतक लगाया गिल ने 77 और किशन ने 71 गेंद में शतक पूरा किया। इसके साथ ही दोनों ने भारतीय क्रिकेट में एक नया रिकॉर्ड बनाया। वनडे क्रिकेट में पहली बार दो भारतीय बल्लेबाजों ने एक ही पारी में 80 या उससे कम गेंद में शतक लगाया।
दुबई, एजेंसियां। इंग्लैंड के हैरी ब्रूक ICC टेस्ट बैटर रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने करियर में दूसरी बार यह पोजिशन हासिल की है। बुधवार को जारी रैंकिंग में उन्होंने इंग्लैंड के ही जो रूट को पीछे छोड़ा। ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड दूसरे और जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा हुआ है। वे 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में 126 रन की पारी खेली थी। ब्रूक को अर्धशतक का फायदा मिला न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट में ब्रूक ने अर्धशतक जड़ा था। इंग्लैंड ने यह मैच 115 रनों से जीता। इस प्रदर्शन का फायदा ब्रूक को रैंकिंग में मिला। दिसंबर 2024 में भी हैरी ब्रूक पहली बार नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बने थे। ट्रेविस हेड दूसरे स्थान पर पहुंचे लॉर्ड्स टेस्ट में जो रूट का बल्ला शांत रहा था। वे दोनों पारियों में 1 और 8 रन ही बना सके। इस प्रदर्शन के चलते रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड अब दुनिया के दूसरे नंबर के टेस्ट बल्लेबाज बन गए हैं। भारतीय स्टार शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा ताजा रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों को भी फायदा हुआ है। अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जड़ने वाले शुभमन गिल दो पायदान ऊपर चढ़कर आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के बेन डकेट तीन स्थान के सुधार के साथ 15वें नंबर पर आ गए हैं। जेमी स्मिथ 5 पायदान चढ़कर 23वें और न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स 15 स्थान चढ़कर 40वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में गस एटकिंसन की टॉप-10 में एंट्री बॉलर्स में भारत के जसप्रीत बुमराह नंबर 1 पोजिशन पर कायम हैं। लॉर्ड्स टेस्ट की आखिरी पारी में 30 रन देकर 5 विकेट लेने वाले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को फायदा हुआ है। वे टेस्ट रैंकिंग में 7 पायदान ऊपर चढ़कर 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वे ऑलराउंडर्स की लिस्ट में भी दो स्थान के सुधार के साथ छठे नंबर पर आ गए हैं। लंबे ब्रेक के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे काइल जैमीसन 22वें और ओली रॉबिन्सन 23वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि नाथन स्मिथ 16 पायदान चढ़कर 43वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे रैंकिंग: पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर ICC की ताजा वनडे (ODI) रैंकिंग में भी बड़े बदलाव हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद ने 6 विकेट चटकाए, जिससे वे वनडे गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। शाहीन शाह अफरीदी भी 7 विकेट लेने के बाद चार पायदान चढ़कर 9वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के नाथन एलिस 13 स्थान के सुधार के साथ 31वें नंबर पर पहुंच गए हैं। मीरपुर वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 विकेट लेने वाले बांग्लादेश के नाहिद राणा 23 पायदान चढ़कर 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे बल्लेबाजों में श्रीलंका के कुसल मेंडिस 12वें, जनिथ लियानगे 22वें और बांग्लादेश के तंजीद हसन 33वें स्थान पर पहुंच गए हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में अपनी बल्लेबाजी का कौशल दिखाते हुए पहली पारी में रनों का अम्बार लगा दिया। टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी 127 ओवरों में 8 विकेट खोकर 564 रनों के विशाल स्कोर पर घोषित की। भारत की ओर से कप्तान शुभमन गिल और अनुभवी केएल राहुल ने शानदार शतकीय पारियां खेलीं जिससे भारतीय टीम 564 रनों का विशाल स्कोर खड़ी कर सकी। टॉप भारतीय बल्लेबाजों का कमाल अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में भारत की शुरुआत अच्छी रही। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (24 रन) के जल्दी आउट होने के बाद केएल राहुल और साई सुदर्शन ने टीम इंडिया के पारी को संभाला। राहुल ने बेहद सधे हुए अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 165 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से शानदार 100 रन बनाए। वहीं, नंबर तीन पर आए साई सुदर्शन ने उनका बखूबी साथ निभाया और 104 गेंदों में 13 चौकों की मदद से 81 रनों की आक्रामक पारी खेली। इन दोनों के बीच हुई बेहतरीन साझेदारी ने टीम इंडिया के बड़े स्कोर की मजबूत नींव रखी। कप्तान शुभमन गिल का एक और शतक इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने 177 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौके और 1 छक्के की बदौलत 126 रनों की कप्तानी पारी खेली। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने भी मध्यक्रम में तेजी से रन बटोरे और मात्र 121 गेंदों में 6 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के लगाते हुए 81 रन ठोक दिए। हालांकि, ध्रुव जुरेल (19 रन) बड़ी पारी नहीं खेल पाए लेकिन निचले क्रम में वाशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रनों का बहुमूल्य योगदान देकर भारत का स्कोर 550 के पार पहुंचाया। अंत में मानव सुथार (28 रन) और मोहम्मद सिराज (22 रन) ने भी छोटे लेकिन उपयोगी कैमियो खेले। मोहम्मद सलीम सैफी बने संकटमोचक दूसरी तरफ,अफगानिस्तान के गेंदबाजी लाइनअप पर एक नजर डालें तो तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम सैफी अफगानिस्तान टीम के इकलौते संकटमोचक बनकर इस मैच में उभरे। सैफी ने 27 ओवरों में 140 रन खर्च कर 6 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इनके अलावा जियाउर रहमान शरिफी और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी को 1-1 विकेट मिली।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने पहली पारी में मजबूत पकड़ बना ली है। भारतीय बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम इंडिया बड़ा स्कोर खड़ा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर और मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी से खेलते हुए टीम को बड़े स्कोर की ओर पहुंचा दिया है। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही संभलकर खेलते हुए रन गति को बनाए रखा और धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाते रहें। दूसरे दिन के लंच तक भारतीय टीम ने 6 विकेट खोकर 475 रन बना लिए हैं। वाशिंगटन सुंदर 14 और मानव सुथर 9 रन बनाकर क्रीज़ पर डटे हुए हैं। अफगानिस्तान के तरफ से सलीम सफी 4 विकेट लेकर अभी तक सबसे सफल गेंदबाज हैं। भारत का लक्ष्य पहली पारी में 500 रन से अधिक का स्कोर खड़ा करना मैच के मौजूदा हालात को देखते हुए भारत का लक्ष्य अब पहली पारी में 500 रन या उससे अधिक का स्कोर खड़ा करना है, जिससे गेंदबाजों को बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिल सके। शुभमन गिल खेले कप्तानी पारी टीम इंडिया के टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने 177 गेंद खेलकर 126 रनों की कप्तानी पारी खेली जिसके बदौलत टीम इंडिया अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी है।
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से मात देकर शानदार जीत दर्ज की। यह मैच शुरुआत से ही हाई-स्कोरिंग और उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन अंत के ओवरों में गुजरात की कमजोर बल्लेबाजी और आरसीबी की सधी हुई गेंदबाजी ने पूरा खेल बदल दिया। गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने हार के बाद खुलकर अपनी टीम की खामियों को स्वीकार किया और बताया कि आखिर कहां मैच हाथ से निकल गया। आखिरी ओवर बने हार की सबसे बड़ी वजह: शुभमन गिल शुभमन गिल ने कहा कि गुजरात टाइटंस 16वें से 19वें ओवर के बीच पूरी तरह मैच पर पकड़ खो बैठी। उन्होंने बताया कि: 17वें, 18वें और 19वें ओवर में एक भी बाउंड्री नहीं लग सकी इसी वजह से टीम का स्कोर उम्मीद से काफी कम रह गया टीम जिस टोटल की ओर बढ़ रही थी, वह पूरा नहीं हो सका गिल के मुताबिक, यही वह निर्णायक मोड़ था जिसने मैच का रुख बदल दिया। मिडिल ओवर्स में भी नहीं मिला जरूरी ब्रेकथ्रू गिल ने गेंदबाजी विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पावरप्ले के बाद टीम सही स्थिति में थी, लेकिन विकेट निकालने में नाकाम रही। उन्होंने स्वीकार किया कि: शुरुआती ओवर्स में प्रदर्शन ठीक रहा लेकिन मिडिल ओवर्स में दबाव बनाए नहीं रखा जा सका विकेट न मिलने की वजह से आरसीबी को वापसी का मौका मिल गया विराट कोहली का जीवनदान साबित हुआ टर्निंग पॉइंट मैच का एक अहम मोड़ तब आया जब विराट कोहली को शुरुआती ओवरों में जीवनदान मिला। वाशिंगटन सुंदर ने मोहम्मद सिराज की गेंद पर उनका आसान कैच छोड़ दिया, तब कोहली बिना खाता खोले खेल रहे थे। इसके बाद कोहली ने अपनी पारी को संभालते हुए आरसीबी को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। साई सुदर्शन की शतकीय पारी, फिर भी नहीं मिला फायदा गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 205/3 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसमें सबसे बड़ा योगदान रहा: साई सुदर्शन का 58 गेंदों पर शानदार 100 रन एक समय GT 16 ओवर में 170/2 पर थी और 220+ स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी, लेकिन 16वें ओवर में सुदर्शन के आउट होने के बाद रनगति धीमी पड़ गई। आरसीबी की गेंदबाजी ने पलटा मैच आरसीबी के गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में कमाल का प्रदर्शन किया। सुयश शर्मा भुवनेश्वर कुमार जोश हेजलवुड इन तीनों ने मिलकर अगले ओवरों में गुजरात को पूरी तरह रोक दिया और लगातार तीन ओवरों में एक भी बाउंड्री नहीं दी, जिससे दबाव पूरी तरह आरसीबी की ओर चला गया।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।