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BSEB Scrutiny Process Starts Today for Compartment Students

BSEB Compartment Scrutiny 2026: आज से शुरू होगी स्क्रूटनी प्रक्रिया, 29 मई तक करें आवेदन

surbhi मई 25, 2026 0
Students checking Bihar Board compartment scrutiny application details on official examination portal
BSEB Compartment Scrutiny 2026 Application

Bihar School Examination Board ने मैट्रिक और इंटर कंपार्टमेंटल-सह-विशेष परीक्षा 2026 में शामिल छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा की स्क्रूटनी प्रक्रिया आज यानी 25 मई से शुरू कर दी है। ऐसे छात्र जो अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे अब अपनी उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच के लिए आवेदन कर सकते हैं।

स्क्रूटनी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और छात्र आधिकारिक वेबसाइट BSEB Official Website के जरिए आवेदन कर सकते हैं।

29 मई तक कर सकेंगे आवेदन

बिहार बोर्ड ने स्क्रूटनी आवेदन की अंतिम तिथि 29 मई 2026 निर्धारित की है। बोर्ड के अनुसार, स्क्रूटनी के दौरान उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच की जाएगी ताकि:

  • किसी प्रश्न के अंक छूटे हों
  • अंकों के जोड़ में गलती हुई हो
  • किसी उत्तर का मूल्यांकन न हुआ हो

तो उसे सही किया जा सके।

ऐसे करें BSEB Scrutiny 2026 के लिए आवेदन

स्क्रूटनी के लिए आवेदन करने के लिए छात्र नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  1. BSEB Official Website पर जाएं।
  2. होमपेज पर दिए गए “Scrutiny Apply” लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपना Roll Code, Roll Number और जरूरी जानकारी दर्ज कर लॉगिन करें।
  4. जिस विषय की स्क्रूटनी करवानी है, उसे चुनें।
  5. ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा करें।
  6. सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें।
  7. कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

2027 से शुरू होगा ब्रिज कोर्स

Bihar School Examination Board ने यह भी घोषणा की है कि वर्ष 2027 से 10वीं में फेल होने वाले छात्रों के लिए विशेष “ब्रिज कोर्स” शुरू किया जाएगा। इसका मकसद कमजोर छात्रों को दोबारा मुख्यधारा की पढ़ाई से जोड़ना और उनकी बुनियादी समझ को मजबूत करना होगा।

छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका

बिहार बोर्ड हर साल कंपार्टमेंट और विशेष परीक्षा के जरिए उन छात्रों को दूसरा मौका देता है, जो एक या दो विषयों में सफल नहीं हो पाते। इस साल भी कंपार्टमेंट परीक्षा के परिणाम जारी किए जा चुके हैं और अब स्क्रूटनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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BSEB Compartment Scrutiny 2026: आज से शुरू होगी स्क्रूटनी प्रक्रिया, 29 मई तक करें आवेदन

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रांची। Central University of Jharkhand ने पीजी एडमिशन 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा कर दी है। विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया 20 मई से शुरू होगी। इस बार छात्रों को बड़ी राहत देते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक ही रजिस्ट्रेशन फीस में तीन अलग-अलग पीजी कोर्स चुनने की सुविधा दी है। इससे छात्रों को अलग-अलग आवेदन फॉर्म भरने और बार-बार शुल्क जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।   विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, छात्र एक ही आवेदन फॉर्म के माध्यम से अपनी पसंद के तीन कोर्स का चयन कर सकेंगे। नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को ज्यादा विकल्प देना और एडमिशन प्रक्रिया को सरल बनाना है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे छात्रों का समय और पैसा दोनों बचेगा।   CUET PG स्कोर के आधार पर मिलेगा दाखिला पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश CUET PG 2026 के स्कोर के आधार पर किया जाएगा। ऐसे में छात्रों के लिए पहले CUET PG परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही मेरिट सूची तैयार की जाएगी और उसी के अनुसार दाखिला दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि केवल वही छात्र आवेदन कर सकेंगे जिनके पास वैध CUET PG स्कोर होगा। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को संबंधित कोर्स के लिए निर्धारित पात्रता मानदंड भी पूरा करना होगा।   आरक्षित वर्ग को शुल्क में राहत सीयूजे ने आर्थिक रूप से कमजोर और आरक्षित वर्ग के छात्रों को राहत देते हुए आवेदन शुल्क में छूट देने का फैसला लिया है। सामान्य वर्ग की तुलना में एससी, एसटी और अन्य आरक्षित वर्ग के छात्रों को कम रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। विश्वविद्यालय के इस निर्णय को छात्रों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है।   पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन विश्वविद्यालय की ओर से एडमिशन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है। छात्र CUJ Official Website पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के दौरान छात्रों को जरूरी दस्तावेज, CUET PG स्कोर कार्ड और कैटेगरी सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा।   हेल्पडेस्क से मिलेगी सहायता एडमिशन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आने पर छात्र विश्वविद्यालय की ओर से जारी हेल्पडेस्क नंबर और ईमेल के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों से समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है ताकि अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके।

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