फाइनेंस

LTTS Hold Rating, Target ₹3380

L&T Technology Services पर ICICI Securities की ‘Hold’ सलाह, ₹3380 का टारगेट तय

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
LTTS company logo with stock market chart showing target price and hold rating
LTTS Stock Hold Rating ICICI Securities

 

इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सर्विस सेक्टर की प्रमुख कंपनी Larsen & Toubro Technology Services (LTTS) को लेकर ICICI Securities ने ‘Hold’ रेटिंग बरकरार रखी है। 23 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने LTTS के लिए ₹3380 का टारगेट प्राइस तय किया है।

Q4FY26 में रेवेन्यू मिस, लेकिन कुछ पॉजिटिव संकेत

कंपनी ने Q4FY26 में अपेक्षा से कम रेवेन्यू दर्ज किया, जिसका मुख्य कारण SWC बिजनेस से डाइवेस्टमेंट का असर रहा। हालांकि, रिपोर्ट में कुछ सकारात्मक पहलुओं की भी पहचान की गई है:

  • ऑटोमोटिव सेगमेंट में स्थिरता के संकेत
  • सस्टेनेबिलिटी बिजनेस में लगातार ग्रोथ और डिमांड
  • “Lakshya 31” प्रोग्राम के तहत FY31 तक 13–15% रेवेन्यू CAGR का अनुमान
  • Q4FY26 तक रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया पूरी

ग्रोथ पर दबाव, EPS अनुमान में कटौती

ब्रोकरेज ने हाई-टेक वर्टिकल में अपेक्षाकृत धीमी ग्रोथ को देखते हुए FY27–28 के लिए EPS अनुमान में 5–6% की कटौती की है। इसका असर कंपनी के मिड-टर्म ग्रोथ आउटलुक पर पड़ सकता है।

क्यों बरकरार है ‘Hold’ रेटिंग

ICICI Securities का कहना है कि LTTS के लिए आगे की राह में मजबूत निष्पादन (execution) बेहद महत्वपूर्ण होगा, खासकर बदलते बिजनेस माहौल में।
ब्रोकरेज ने 22x के वन-ईयर फॉरवर्ड P/E मल्टीपल के आधार पर मार्च 2027 के लिए ₹3380 का टारगेट प्राइस तय किया है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत

‘Hold’ रेटिंग का मतलब है कि मौजूदा निवेशक अपने शेयर होल्ड कर सकते हैं, लेकिन नए निवेश के लिए फिलहाल इंतजार करना बेहतर हो सकता है, जब तक कंपनी की ग्रोथ और मार्जिन में स्पष्ट सुधार नहीं दिखता।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

फाइनेंस

View more
Share Market
शेयर बाजार गुलजार, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को शानदार शुरुआत करते हुए निवेशकों को राहत दी। वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीद तथा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के शुरुआती घंटों में बीएसई सेंसेक्स 850 अंकों से अधिक उछलकर करीब 74,700 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी लगभग 23,400 के स्तर के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी ने निवेशकों के मजबूत भरोसे का संकेत दिया।   किन सेक्टर्स ने सबसे ज्यादा दम दिखाया? बाजार की इस रैली में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। रियल्टी सेक्टर सबसे बड़ा गेनर रहा, जबकि ऑटो, मीडिया और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों ने बाजार को मजबूत सहारा दिया, वहीं एफएमसीजी, फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टरों में भी लगातार बढ़त बनी रही। हालांकि, आईटी सेक्टर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा और इसमें केवल मामूली तेजी देखने को मिली।   दुनियाभर के बाजारों का क्या है हाल ? वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने भी भारतीय बाजार की तेजी को बल दिया। एशियाई बाजारों में जापान का टोपिक्स इंडेक्स और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 उल्लेखनीय बढ़त के साथ कारोबार करते रहे। वहीं, हैंग सेंग फ्यूचर्स, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी हरे निशान में रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।

abhishek singh जून 12, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty decline amid geopolitical tensions and oil price surge.

Share Market Update: पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक टूटा

Gold and silver coins and bars representing falling precious metal prices in global market.

Gold Silver Price Today: गिरते-गिरते छह महीने के निचले स्तर पर पहुंचा सोना, चांदी भी हुई सस्ती

Indian currency notes with digital misinformation alert and RBI fact check verification notice.

Fact Check: क्या 30 जून से भारत में चलेंगे प्लास्टिक के नोट? RBI ने वायरल दावों की बताई सच्चाई

Gold - Silver Price Today
Gold-Silver Price Today: सोना और चांदी हुए सस्ते

नई दिल्ली, एजेंसियां। सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। पिछले कुछ दिनों से रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची कीमतों में अब नरमी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण घरेलू बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। शादी-ब्याह के सीजन और निवेश के लिहाज से यह खरीदारों के लिए राहत भरा समय माना जा रहा है।   प्रमुख शहरों में सोने के भाव 11 जून 2026 को दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,49,010 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,36,600 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,48,860 प्रति 10 ग्राम रही। वहीं चेन्नई में सोना सबसे महंगा रहा, जहां 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,50,550 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।   चांदी की कीमतों में भी नरमी सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में चांदी का भाव ₹2.50 लाख प्रति किलोग्राम रहा। जबकि चेन्नई, भुवनेश्वर, हैदराबाद और केरल में चांदी ₹2.60 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती नजर आई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों के चलते चांदी में अभी भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।   कीमतों में बदलाव की क्या है वजह? विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों की स्थिति, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की मांग का सीधा असर सोना-चांदी की कीमतों पर पड़ता है। हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी बुलियन बाजार को प्रभावित किया है।   खरीदारी से पहले रखें ये सावधानियां सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क की जांच जरूर करें और मेकिंग चार्ज की तुलना करें। वहीं चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता और पक्का बिल लेना न भूलें। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा नरमी के बीच समझदारी से खरीदारी करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

abhishek singh जून 11, 2026 0
Sensex Nifty Update

शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक गिरा, निफ्टी 23150 से नीचे

Share Market News

मामूली बढ़त के साथ बंद  हुआ शेयर बाजार

Stock Market

Stock Market: शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा उछला; निफ्टी 23,330 के पार

Gold and silver price board showing sharp decline in bullion rates on June 10, 2026.
Gold Silver Price Today 10 June 2026: बाजार खुलते ही धड़ाम हुए सोना-चांदी, चांदी ₹4,500 और सोना ₹2,900 हुआ सस्ता

नई दिल्ली: 10 जून 2026 को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी के दाम में करीब ₹4,500 की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना लगभग ₹2,900 तक सस्ता हो गया। कीमती धातुओं में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। क्यों गिरे सोना और चांदी के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंका बढ़ गई है। उच्च ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव बनाता है। इसी वजह से निवेशकों की बिकवाली बढ़ी और दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। MCX पर शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट चांदी: करीब ₹4,500 की गिरावट सोना: लगभग ₹2,900 सस्ता हालांकि, दिनभर के कारोबार के दौरान कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और अंतिम बंद भाव शुरुआती स्तर से अलग हो सकते हैं। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में: पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, और डॉलर की चाल सोना और चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग बढ़ने से कीमती धातुओं में फिर से तेजी भी लौट सकती है।  

surbhi जून 10, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty gains with Reliance Industries leading the rally.

Share Market Update: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 400 अंक उछला, रिलायंस में सबसे ज्यादा बढ़त

Coal mining and trading concept illustrating India's new Coal Exchange Rules 2026 for market-based pricing.

Coal Exchange Rules 2026: अब बाजार तय करेगा कोयले का दाम, देश में खुलेंगे कोल एक्सचेंज

Gold Silver Price

सोना-चांदी हुआ सस्ता, खरीदारों के लिए सुनहरा मौका

0 Comments

Top week

Former Tamil Nadu BJP leaders resign and join Annamalai’s new political movement in Chennai
राजनीति

तमिलनाडु बीजेपी में बढ़ी टूट, अन्नामलाई के बाद उपाध्यक्ष और प्रदेश सचिव ने भी छोड़ी पार्टी

Deepshikha जून 6, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?