देवघर

Shravani Mela 2026
श्रावणी मेला 2026: देवघर-जसीडीह स्टेशन पर चौबीसों घंटे मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा, डॉक्टर और एंबुलेंस रहेंगे तैनात

देवघर। श्रावणी मेले में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रेलवे और जिला स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक चिकित्सा व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली है। मेला अवधि के दौरान जसीडीह, देवघर और बैद्यनाथधाम रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत इलाज मिल सके।   जसीडीह स्टेशन पर दो डॉक्टरों की रहेगी तैनाती जसीडीह रेलवे स्टेशन, जहां सबसे अधिक कांवरियों और श्रद्धालुओं का आगमन होता है, वहां चौबीसों घंटे दो चिकित्सक तैनात रहेंगे। इनमें एक डॉक्टर राज्य सरकार और दूसरा रेलवे की ओर से नियुक्त किया जाएगा। इनके साथ पैरामेडिकल स्टाफ भी मौजूद रहेगा, जो प्राथमिक उपचार से लेकर आपात चिकित्सा सहायता तक उपलब्ध कराएगा।   आपात स्थिति के लिए रहेगी एंबुलेंस सेवा मेला अवधि में जसीडीह स्टेशन पर एंबुलेंस भी हर समय उपलब्ध रहेगी। यदि किसी श्रद्धालु की तबीयत गंभीर होती है, तो उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल या बेहतर चिकित्सा केंद्र पहुंचाया जाएगा। रेलवे और स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस सेवा को हर समय सक्रिय रखने का निर्णय लिया है।   देवघर और बैद्यनाथधाम स्टेशन पर भी मजबूत व्यवस्था देवघर और बैद्यनाथधाम रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती रहेगी। ये कर्मी श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे की चिकित्सा सेवाओं से जोड़ेंगे।   रेलवे और स्वास्थ्य विभाग में रहेगा समन्वय इस संबंध में आसनसोल रेल मंडल की अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रजनी सिन्हा और देवघर के सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार के बीच समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि भीड़ को देखते हुए रेलवे और स्वास्थ्य विभाग के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Baba Baidyanath Dham
बाबाधाम का होगा भव्य कायाकल्प, अयोध्या मॉडल पर 30 एकड़ में बनेगा आधुनिक कॉरिडोर

देवघर। झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अयोध्या की तर्ज पर मंदिर परिसर के आसपास लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में भव्य कॉरिडोर विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाना और मंदिर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत का संरक्षण करना है।   सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एनआईटी पटना को बाबा बैद्यनाथ धाम के समग्र विकास की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रस्तावित योजना के पहले चरण में 30 एकड़ क्षेत्र में कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में करीब 40.24 एकड़ क्षेत्र में रणनीतिक विकास कार्य होंगे, जबकि तीसरे चरण में 83.70 एकड़ क्षेत्र में फैले ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर काम किया जाएगा।    शिवगंगा, मानसरोवर, सतार पोखरिया और जलसार योजना के तहत शिवगंगा, मानसरोवर, सतार पोखरिया और जलसार जैसे धार्मिक महत्व वाले जल निकायों का संरक्षण किया जाएगा। साथ ही, बाबाधाम को देवघर के चार प्रमुख प्रवेश मार्गों से जोड़ने के लिए अलग-अलग तीर्थयात्री पहुंच मार्ग भी विकसित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुगम हो सके।   मास्टर प्लान में मंदिर के चारों ओर 750 मीटर क्षेत्र को 'कोर हेरिटेज जोन' बनाने का प्रस्ताव है। इस क्षेत्र में पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी और निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। केवल आपातकालीन सेवाओं, मंदिर प्रशासन और अधिकृत इलेक्ट्रिक वाहनों को ही अनुमति मिलेगी। इसके बाहर 750 से 1000 मीटर तक 'मैनेजमेंट जोन' विकसित किया जाएगा, जहां मल्टीलेवल पार्किंग, तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, सार्वजनिक परिवहन इंटरचेंज और विश्राम स्थल बनाए जाएंगे।   इमरजेंसी एक्सेस कॉरिडोर भी बनाया जाएगा इसके अलावा 20 मीटर चौड़ा इमरजेंसी एक्सेस कॉरिडोर भी बनाया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा सके। हालांकि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लागू करने से पहले राज्य सरकार, देवघर जिला प्रशासन, नगर निगम, बाबा बैद्यनाथ मंदिर ट्रस्ट और अन्य संबंधित एजेंसियों की मंजूरी आवश्यक होगी। योजना पूरी होने के बाद बाबाधाम न केवल श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनेगा, बल्कि देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में भी अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
Shravani Mela 2026
श्रावणी मेला 2026: अब 2 से 5 मिनट में होंगे बाबा बैद्यनाथ के दर्शन

देवघर, एजेंसियां। विश्वप्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 के लिए देवघर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मंदिर प्रशासन ने वीआईपी कूपनधारकों और सामान्य श्रद्धालुओं की कतारों को अलग-अलग संचालित करने के लिए नया ओवरब्रिज तैयार कर लिया है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद यह नई व्यवस्था 15 जुलाई 2026 से लागू कर दी जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और तेज दर्शन की सुविधा मिलेगी।   देवघर एसडीएम रवि कुमार ने बताया बाबा मंदिर प्रभारी सह देवघर एसडीएम रवि कुमार ने बताया कि अब तक मंदिर के टी-जंक्शन पर वीआईपी कूपन और सामान्य कतार एक ही मार्ग से गर्भगृह की ओर बढ़ती थीं। संकरे रास्ते के कारण दोनों कतारों के मिलते ही भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन जाती थी। इसके चलते श्रद्धालुओं को घंटों तक इंतजार करना पड़ता था। विशेष रूप से शीघ्र दर्शन कूपन लेने वाले श्रद्धालुओं की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उन्हें भी अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पा रही थी।   नई व्यवस्था के तहत इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर नए ओवरब्रिज का निर्माण कराया है। नई व्यवस्था के तहत वीआईपी कूपनधारकों और सामान्य श्रद्धालुओं की कतारें अलग-अलग मार्गों से आगे बढ़ेंगी और मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित रूप से पहुंचेंगी। इससे भीड़ का दबाव कम होगा और दर्शन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित बनेगी।   मंदिर प्रशासन का दावा हैं  मंदिर प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालु केवल 2 से 5 मिनट के भीतर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन, जलार्पण और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। इससे न केवल श्रद्धालुओं का समय बचेगा, बल्कि श्रावणी मेले के दौरान प्रतिदिन उमड़ने वाली भारी भीड़ का बेहतर प्रबंधन भी संभव हो सकेगा। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था इस वर्ष के श्रावणी मेले को अधिक सुरक्षित, सुगम और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
Baba Baidyanath Dham
बाबा बैद्यनाथ धाम में बड़े बदलाव, गर्भगृह में मोबाइल बैन; सालभर बाह्य अर्घा से होगा जलाभिषेक

देवघर। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए मंदिर प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं। अब मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने और उसके उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। वहीं, अब केवल श्रावणी मेले तक सीमित रहने वाली बाह्य अर्घा प्रणाली को पूरे वर्ष लागू किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर से ही जलार्पण कर सकेंगे।   बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में पुलिस, जिला प्रशासन, मंदिर प्रबंधन, तीर्थ पुरोहित और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रशासन के अनुसार, स्थायी बाह्य अर्घा व्यवस्था लागू होने से बुजुर्ग, दिव्यांग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विशेष पाइपलाइन व्यवस्था के माध्यम से बाहर से अर्पित जल सीधे बाबा बैद्यनाथ के ज्योतिर्लिंग तक पहुंचेगा।   भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर प्रशासन का कहना है कि गर्भगृह में मोबाइल प्रतिबंध से मंदिर की पवित्रता बनी रहेगी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और दर्शन प्रक्रिया अधिक सुचारु होगी। इसके अलावा श्रावणी मेला 2026 को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, शीघ्र दर्शन व्यवस्था, वीआईपी पूजा प्रबंधन, नए फुटओवर ब्रिज, क्लॉक रूम और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने की योजना तैयार की गई है।   श्रावणी मेले के लिए ट्रेनों में बढ़ी बुकिंग श्रावण मास की शुरुआत से पहले ही देवघर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है। रांची से जसीडीह और देवघर जाने वाली कई ट्रेनों में लगभग 80 प्रतिशत सीटें बुक हो चुकी हैं और कुछ ट्रेनों में वेटिंग भी शुरू हो गई है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए रांची रेल मंडल ने रांची से भागलपुर के बीच मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे मुख्यालय को भेजा है। इसके जुलाई के अंतिम सप्ताह से संचालन शुरू होने की संभावना है।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Murder Case in Deoghar
प्रेम प्रसंग में दोहरा हत्याकांड! बहू ने कुल्हाड़ी से सास और देवर को उतारा मौत के घाट

देवघर। देवघर जिले के सोनारायठाड़ी थाना क्षेत्र के उपर नवाडीह गांव में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि घर की बड़ी बहू शबाना खातून ने अपने प्रेमी इरशाद अंसारी के साथ मिलकर सास और नाबालिग देवर की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, हथौड़ा और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। मामले का खुलासा देवघर के एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने प्रेस वार्ता में किया।   शादी के बाद भी जारी था प्रेम संबंध पुलिस के अनुसार, 19 वर्षीय शबाना खातून की शादी करीब तीन महीने पहले उपर नवाडीह निवासी शाहिल अहमद से हुई थी, जो फिलहाल बाहर रहकर काम करता है। शादी से पहले ही शबाना का अपने रिश्तेदार इरशाद अंसारी से प्रेम संबंध था, जो विवाह के बाद भी जारी रहा। इरशाद का ससुराल में आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान शबाना की सास और देवर को दोनों के संबंधों की जानकारी मिल गई थी, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची।   मोबाइल पर निर्देश देता रहा प्रेमी जांच में यह भी सामने आया कि घटना की रात इरशाद लगातार मोबाइल फोन पर शबाना के संपर्क में था। पुलिस के अनुसार, वह कॉल पर वारदात को अंजाम देने के लिए निर्देश देता रहा, जबकि शबाना ने घर में कुल्हाड़ी और हथौड़े से हमला कर सास और देवर की हत्या कर दी।   घटना के बाद गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल से खून के नमूने, हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य साक्ष्य जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
Special Kanwariya Track
श्रावणी मेला 2026: बाबा धाम के लिए बनेगा 36 किमी का स्पेशल कांवड़िया ट्रैक

देवघर। श्रावणी मेले से पहले बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बासुकीनाथ-देवघर राष्ट्रीय राजमार्ग-114A पर व्यापक तैयारियां तेज कर दी हैं। इस परियोजना के तहत समर्पित कांवड़िया ट्रैक, नए बाईपास और आधुनिक सड़क सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक होगी।   36 किलोमीटर का समर्पित कांवड़िया ट्रैक तैयार श्रावणी मेला 2026 के दौरान सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर पहुंचने वाले कांवड़ियों के लिए एनएचएआई 36.044 किलोमीटर लंबा और 3.5 मीटर चौड़ा समर्पित कांवड़िया पथ विकसित कर रहा है। इस विशेष ट्रैक पर केवल पैदल श्रद्धालु चलेंगे, जबकि सामान्य वाहनों का आवागमन अलग मार्ग से होगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। इसके साथ ही 45.159 किलोमीटर लंबी फोर-लेन सड़क परियोजना का निर्माण भी तेज गति से किया जा रहा है।   बाईपास, फ्लाईओवर और आधुनिक सुविधाओं पर जोर यात्रा को और सुगम बनाने के लिए परियोजना में लगभग 28.677 किलोमीटर लंबे पांच प्रमुख बाईपास बासुकीनाथ, सहारा, तालझारी, घोरमारा और देवघर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा सर्विस रोड, स्लिप रोड, फ्लाईओवर, रेल ओवरब्रिज (ROB) और अंडरपास जैसी आधुनिक संरचनाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि स्थानीय और भारी वाहनों का आवागमन बाधित न हो। एनएचएआई ने श्रावणी मेले से पहले पूरे मार्ग को गड्ढामुक्त बनाने, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने, रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग, सुरक्षा बैरियर, संकेतक बोर्ड और साफ-सफाई जैसे कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का लक्ष्य रखा है।   धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा परियोजना पूरी होने के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ मंदिर और त्रिकूट पर्वत जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा, वहीं संताल परगना क्षेत्र में पर्यटन, स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। NHAI का मानना है कि यह परियोजना श्रावणी मेले की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

abhishek singh जून 27, 2026 0
Deoghar Sadar Hospital
श्रावणी मेले से पहले देवघर सदर अस्पताल अलर्ट, जांच लैब अब 24 घंटे होगी संचालित

देवघर। आगामी श्रावणी मेले को देखते हुए देवघर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सदर अस्पताल स्थित जिला पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री (DPHL) की कार्य अवधि बढ़ाकर अब तीन पालियों यानी 24 घंटे संचालित करने की योजना बनाई गई है। अब तक यह केंद्र केवल एक पाली में चलता था।   पहले एक पाली में चलती थी लैब, मरीज होते थे परेशान सदर अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण अब तक जांच केंद्र एक ही पाली में संचालित होता था। इससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मरीजों की समस्याओं को देखते हुए अतिरिक्त कर्मियों की व्यवस्था की गई और अब जांच केंद्र दो पालियों में कार्य कर रहा है।   मेले के दौरान हजारों मरीज रोज पहुंचते हैं अस्पताल डॉ. सुषमा वर्मा ने बताया कि श्रावणी मेले के दौरान सदर अस्पताल पर मरीजों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। देवघर का सदर अस्पताल न केवल स्थानीय लोगों बल्कि देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए भी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र की भूमिका निभाता है। मेले के दौरान प्रतिदिन हजारों मरीज अस्पताल पहुंचते हैं।   24 घंटे लैब चलाने के लिए वरीय अधिकारियों से हो रही चर्चा श्रावणी मेले के समय जांच केंद्र को 24 घंटे संचालित करने के लिए सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। हालांकि देवघर के कई स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की कमी अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

abhishek singh जून 25, 2026 0
Namo Ambulance service Deoghar
देवघर में शुरू हुई 'नमो एंबुलेंस' सेवा, श्रावणी मेले से पहले श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

देवघर। श्रावणी मेले से पहले देवघर में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक नई पहल की गई है। गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की पहल पर सोमवार से 'नमो एंबुलेंस' सेवा की शुरुआत कर दी गई। फिलहाल चार आधुनिक एंबुलेंस सेवा में शामिल की गई हैं, जिनका उद्देश्य आपात स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।   सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान श्रावणी मेले में स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने कई चुनौतियां देखने को मिलीं। कई बार समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष पहले चरण में चार एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जरूरत के अनुसार इस सेवा का और विस्तार किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।   श्रावणी मेले में मिलेगी त्वरित चिकित्सा सुविधा श्रावणी मेले के दौरान देवघर में देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में दुर्घटना, स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति या अन्य मेडिकल जरूरतों के दौरान त्वरित एंबुलेंस सेवा काफी अहम मानी जा रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलेगी और आपात चिकित्सा व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी होगी।   कांग्रेस पर साधा निशाना एंबुलेंस सेवा के शुभारंभ के दौरान सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने हालिया विधानसभा चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि यदि पार्टी में नैतिकता बची है तो उसे सरकार से समर्थन वापस लेने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस सत्ता और राजनीतिक हितों तक सीमित हो गई है।   सरयू राय के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया जदयू विधायक सरयू राय द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कांग्रेस से अलग होकर सरकार चलाने की सलाह दिए जाने संबंधी बयान पर निशिकांत दुबे ने कहा कि सरयू राय अनुभवी नेता हैं और उनके बयान के पीछे निश्चित रूप से कोई राजनीतिक सोच होगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर उनकी सरयू राय से कोई व्यक्तिगत चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि संभवतः सरयू राय को लग रहा है कि कांग्रेस की वर्तमान राजनीति झारखंड के हित में नहीं है।

anjali kumari जून 22, 2026 0
Sulochana Meena
देवघर नगर निगम की नई नगर आयुक्त बनीं सुलोचना मीना

देवघर। देवघर नगर निगम को नया नगर आयुक्त मिल गया है। प्रशासनिक फेरबदल के तहत सुलोचना मीना ने गुरुवार को नगर निगम के नए नगर आयुक्त के रूप में विधिवत कार्यभार संभाल लिया। उनके पदभार ग्रहण करते ही निगम कार्यालय में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की, जिसमें शहर के विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।   विकास कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश बैठक के दौरान सुलोचना मीना ने निगम क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक बिना किसी देरी के पहुंच सके। उन्होंने निगम प्रशासन को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने पर भी जोर दिया।   साफ-सफाई और नागरिक सुविधाएं रहेंगी प्राथमिकता नई नगर आयुक्त के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है। देवघर देश के प्रमुख धार्मिक शहरों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में स्वच्छता, पेयजल, कचरा प्रबंधन, सड़क व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाए रखना निगम की प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही जल-जमाव जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में भी काम किया जाएगा।   जल्द करेंगी शहर का निरीक्षण सूत्रों के अनुसार, सुलोचना मीना जल्द ही नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेंगी। निरीक्षण के दौरान वे विकास योजनाओं की प्रगति, सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करेंगी। माना जा रहा है कि उनकी अगुवाई में नगर निगम शहर के समग्र विकास, बेहतर प्रशासन और जनहित से जुड़े कार्यों को नई गति देने की दिशा में काम करेगा।

anjali kumari जून 18, 2026 0
Nishikant Dubey
देवघर : निशिकांत दुबे की पहल रंग लाई, खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल

देवघर। पिछले छह दिनों से ठप पड़ी देवघर नगर निगम की सफाई व्यवस्था अब जल्द ही पटरी पर लौटने वाली है। पीएफ (भविष्य निधि) के बकाया भुगतान की मांग को लेकर 11 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। सांसद निशिकांत दुबे की पहल, जिला प्रशासन और नगर निगम के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का फैसला लिया। नगर निगम का दावा है कि अगले एक से दो दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।   हड़ताल के दौरान बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर, प्रमुख सड़कों और बाजारों में कचरे का ढेर लग गया था। इससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद निशिकांत दुबे ने सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधि संजय मंडल से बातचीत की और उनकी मांगों के समाधान का भरोसा दिलाया।   सफाई कर्मचारियों के नेता संजय मंडल ने बताया  सफाई कर्मचारियों के नेता संजय मंडल ने बताया कि जिला प्रशासन, सांसद, मेयर और डिप्टी मेयर ने पीएफ की बकाया राशि का जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया है। इसी भरोसे के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने और तत्काल काम पर लौटने का निर्णय लिया।   सांसद निशिकांत दुबे ने कहा  सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि बार-बार होने वाली हड़ताल से शहर की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने घोषणा की कि सफाई कर्मचारियों के कल्याण कोष के लिए उनकी ओर से हर वर्ष 25 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही ऐसी स्थायी व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे भविष्य में कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने की नौबत न आए।   नगर निगम के मेयर रवि राउत ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि शहर की स्वच्छता सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि कर्मचारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ सफाई अभियान शुरू करेंगे और जल्द ही देवघर को फिर से स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जाएगा।

abhishek singh जून 16, 2026 0
Ghormara peda traders
सावन से पहले घोरमारा के पेड़ा कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें, रेट बढ़ाने की मांग

देवघर। सावन महीने की शुरुआत से पहले देवघर के प्रसिद्ध घोरमारा पेड़ा कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के बीच घोरमारा का पेड़ा अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए खास पहचान रखता है। हर वर्ष सावन के दौरान यहां करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, लेकिन पिछले दो वर्षों से सड़क निर्माण कार्य और बढ़ती लागत के कारण व्यापारियों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।   सड़क निर्माण से कारोबार पर असर व्यापारियों का कहना है कि दुमका-देवघर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के चलते पिछले वर्ष श्रद्धालुओं के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया था और वैकल्पिक मार्ग से यात्रा कराई गई थी। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु घोरमारा से होकर नहीं गुजर सके, जिसके कारण पेड़ा बिक्री में भारी गिरावट आई। इस वर्ष भी सड़क निर्माण कार्य जारी है, जिससे कारोबारियों को आशंका है कि कहीं फिर से वैसी ही व्यवस्था लागू न हो जाए। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किया गया है।   बढ़ती लागत से बढ़ी परेशानी पेड़ा कारोबारियों का कहना है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार वृद्धि ने उत्पादन लागत बढ़ा दी है। कई दुकानदारों को गैस की कमी के कारण ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। जो सिलेंडर पहले लगभग एक हजार रुपये में मिलता था, उसकी कीमत अब दो हजार से ढाई हजार रुपये तक पहुंच गई है। ऐसे में मौजूदा सरकारी दर पर पेड़ा बेचना उनके लिए घाटे का सौदा बनता जा रहा है।   सरकारी दर बढ़ाने की मांग घोरमारा पेड़ा संघ के अध्यक्ष अश्वनी मंडल ने प्रशासन से पेड़े के सरकारी मूल्य में कम से कम 50 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की मांग की है। वर्तमान में पेड़े का सरकारी दर 360 से 400 रुपये प्रति किलो निर्धारित है। व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती लागत को देखते हुए दर में संशोधन आवश्यक है। घोरमारा में करीब 200 से 250 परिवार सीधे तौर पर पेड़ा कारोबार से जुड़े हैं और सावन के दौरान होने वाली कमाई ही उनकी सालभर की आय का प्रमुख स्रोत होती है। ऐसे में कारोबारियों ने प्रशासन से सड़क निर्माण के दौरान विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।

anjali kumari जून 15, 2026 0
AIIMS Deoghar update
एम्स देवघर में मरीजों को बड़ी सौगात, 24×7 सेवा काउंटर और वेटिंग लाउंज शुरू

देवघर। झारखंड के एम्स देवघर ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 24×7 सेवा काउंटर और आधुनिक वेटिंग लाउंज की शुरुआत की है। यह नई व्यवस्था अस्पताल के इमरजेंसी ब्लॉक के पास स्थापित की गई है, ताकि आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इस पहल का उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर मार्गदर्शन, त्वरित सहायता और अधिक सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।   वरिष्ठ अधिकारियों ने किया उद्घाटन नई सुविधा का उद्घाटन एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगने, डीन अकादमिक्स प्रो. (डॉ.) हरमिंदर सिंह तथा मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी, अधीक्षण अभियंता तथा अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल मरीजों को बेहतर और अधिक व्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।   मरीजों को मिलेगी 24 घंटे सहायता नए सेवा काउंटर के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को चौबीसों घंटे सहायता मिलेगी। यहां मरीजों का पंजीकरण, योजना से संबंधित जानकारी, इलाज की प्रक्रिया, दस्तावेजों से जुड़ी सहायता तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इससे मरीजों को अलग-अलग काउंटरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी।   ग्रामीण मरीजों के लिए राहतभरी पहल अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। समय पर जानकारी और सहायता मिलने से इलाज की प्रक्रिया तेज होगी और मरीजों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी। एम्स देवघर ने मरीजों से इस नई व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। अस्पताल को उम्मीद है कि इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों का अनुभव दोनों बेहतर होंगे।

anjali kumari जून 13, 2026 0
Shravani Mela 2026
श्रावणी मेले में इस बार क्या होगा खास?

देवघर। इस साल राज्य सरकार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होने वाले श्रावणी मेला को भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी में जुटी है। इस बार मेला केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक प्रस्तुति का भी समावेश किया जाएगा। श्रावणी मेला का मुख्य आकर्षण लेजर शो और ड्रोन शो होगा, जिसके माध्यम से भगवान शिव की महिमा को भव्य रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके जरिए श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुभव के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी अनुभव मिलेगा। पर्यटन, कला, संस्कृति एवं खेलकूद विभाग के अंतर्गत कार्यरत झारखंड पर्यटन विकास निगम को इसके लिए एजेंसी चयन की जिम्मेदारी दी गई है और प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।   देवघर और दुमका में टेंट सिटी बनाई जाएगी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देवघर और दुमका में टेंट सिटी बनाई जाएगी। देवघर में कोठिया बस स्टैंड के दोनों ओर और दुमका में जरमुंडी प्रखंड कार्यालय तथा दर्शनिया टिकर में यह व्यवस्था की जाएगी। देवघर में 2,000 और दुमका में 2,400 कांवरियों के ठहरने की क्षमता होगी। इन टेंट सिटी में कथा वाचन, भजन संध्या, क्लॉक रूम और आध्यात्मिक भवन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा देवघर और बासुकीनाथ में एलईडी वीडियो वॉल लगाए जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं को जानकारी और धार्मिक प्रसारण मिल सके। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए 19 स्थानों पर अस्थायी टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर स्नातक स्तर के प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती होगी जो यात्रियों को आवश्यक जानकारी प्रदान करेंगे।   शिवलोक ग्राउंड में जर्मन हैंगर बनेगा  देवघर के शिवलोक ग्राउंड में जर्मन हैंगर का निर्माण किया जाएगा, जहां 20 स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉल्स के माध्यम से झारखंड के पर्यटन स्थलों और स्थानीय कला-संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही, श्रद्धालुओं को बाबा बैद्यनाथ धाम और अन्य पर्यटन स्थलों की जानकारी भी दी जाएगी। इन 19 टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटरों को रांची रेलवे स्टेशन, देवघर रेलवे स्टेशन, जसीडीह रेलवे स्टेशन, दुमका रेलवे स्टेशन, खादगढ़ा बस टर्मिनल, सुलतानगंज कांवरिया मार्ग, बासुकीनाथ बस स्टैंड और अन्य प्रमुख कांवरिया मार्गों एवं स्थलों पर स्थापित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य श्रावणी मेला को न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनाना है, बल्कि इसे एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और तकनीकी रूप से आधुनिक आयोजन के रूप में विकसित करना भी है, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

anjali kumari जून 13, 2026 0
Khargdiha Health Sub-centre
भवन तैयार, लेकिन ठप पड़ी है नेशनल हाईवे पर खड़गडीहा स्वास्थ्य उपकेंद्र

देवघर। देवघर-दुमका-बासुकीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित खड़गडीहा स्वास्थ्य उपकेंद्र स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का उदाहरण बनकर रह गया है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित इस केंद्र का भवन वर्षों पहले तैयार हो चुका है, लेकिन नियमित स्वास्थ्य सेवाएं अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं। इसका खामियाजा आसपास के हजारों ग्रामीणों के साथ-साथ हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है।   अधिकांश दिनों बंद रहता है स्वास्थ्य केंद्र स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब तीन से चार वर्ष पहले इस स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण पूरा हो गया था। इसके बावजूद यहां डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित तैनाती नहीं हो पाई है। ग्रामीणों के अनुसार महीने में केवल सात-आठ दिन ही कर्मचारी केंद्र पर पहुंचते हैं, जबकि बाकी दिनों में भवन पर ताला लटका रहता है। इससे सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी लोगों को कई किलोमीटर दूर अस्पताल जाना पड़ता है।   हादसों में बर्बाद हो रहा ‘गोल्डन आवर’ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में यह स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक उपचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। लेकिन केंद्र बंद रहने के कारण घायल मरीजों को सीधे देवघर या दुमका के अस्पतालों तक ले जाना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी होती है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शरद कुमार के अनुसार दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी ‘गोल्डन आवर’ में उपचार मिलने से मरीज की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।   स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई का दिया आश्वासन मामले पर देवघर के सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने स्वीकार किया कि खड़गडीहा स्वास्थ्य उपकेंद्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। उन्होंने कहा कि इस समस्या की जानकारी मिलने के बाद मोहनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही उपकेंद्र को नियमित रूप से संचालित करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी, ताकि ग्रामीणों और हाईवे यात्रियों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

anjali kumari जून 12, 2026 0
Baba Baidyanath Dham
श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को बड़ी राहत, बाबा बैद्यनाथ धाम में शुरू होगी लॉकर सुविधा

देवघर। आगामी श्रावणी मेले को लेकर देवघर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर के बाहर 1200 से 1300 लॉकर स्थापित किए जा रहे हैं। इन लॉकरों में श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन, पर्स और अन्य मूल्यवान सामान सुरक्षित रख सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था न केवल श्रद्धालुओं को राहत देगी, बल्कि मंदिर परिसर की सुरक्षा को भी मजबूत बनाएगी। श्रावणी मेले के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए देवघर पहुंचते हैं। भारी भीड़ के कारण कई बार श्रद्धालुओं को अपने सामान की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। मोबाइल, पर्स और अन्य जरूरी वस्तुओं के खोने या चोरी होने की आशंका भी रहती है।   ऐसे में नई लॉकर सुविधा श्रद्धालुओं के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भीड़ के बीच सामान लेकर चलना मुश्किल होता है और मंदिर में प्रवेश से पहले सामान रखने के लिए उचित व्यवस्था की कमी महसूस होती है। अब प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षित लॉकर उपलब्ध होने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।   निजी दुकानदारों पर निर्भरता होगी कम श्रद्धालुओं ने बताया कि अब तक सामान रखने के लिए अक्सर निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ता था। कई बार दुकानदार अधिक शुल्क भी वसूलते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधा मिलेगी तथा अतिरिक्त खर्च से भी बचाव होगा। लॉकर निर्माण कार्य में जुटे कर्मचारियों के अनुसार, सभी लॉकर निर्धारित समय के भीतर तैयार कर लिए जाएंगे ताकि श्रावणी मेले की शुरुआत से पहले व्यवस्था पूरी तरह संचालित हो सके।   सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल देवघर के एसडीएम एवं बाबा बैद्यनाथ मंदिर के प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ मंदिर परिसर की सुरक्षा को और मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मंदिर की दानपेटी से पाकिस्तानी नोट मिलने और साहिबगंज जिले से एक संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी जैसी घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं। इसी वजह से मंदिर परिसर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश को नियंत्रित करने की योजना बनाई गई है।   सुरक्षित दर्शन और बेहतर प्रबंधन पर जोर प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालु अपने मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान लॉकर में सुरक्षित रखकर केवल पूजा सामग्री और कांवर के साथ मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। इससे सुरक्षा जांच आसान होगी और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि यह नई व्यवस्था श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ बाबा नगरी की सुरक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

Unknown जून 2, 2026 0
Deoghar Roads Repair
बाबाधाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत, देवघर की कई जर्जर सड़कें होंगी दुरुस्त

देवघर। झारखंड के धार्मिक और प्रमुख तीर्थ स्थल देवघर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से बदहाल पड़ी ग्रामीण सड़कों के सुधार और निर्माण को लेकर अब सरकार और प्रशासन ने कदम बढ़ाए हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को खराब सड़कों के कारण लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।   विधायक ने कई सड़क परियोजनाओं को दी गति देवघर विधायक सुरेश पासवान ने क्षेत्र की प्रमुख सड़क परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की पहल की है। उन्होंने बताया कि मोहनपुर प्रखंड के डीएम मोड़ से हारोडीह तक करीब 8 किलोमीटर सड़क निर्माण को राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना पर जल्द काम शुरू होने की संभावना है।   कई महत्वपूर्ण मार्गों के निर्माण की तैयारी इसके अलावा पुनासी के जीरो माइल से मनियारपुर के काशीडीह तक लगभग 16 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए आवंटन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। स्वीकृति मिलते ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही रोहिणी रेलवे फाटक से जीतपुर तक 8 किलोमीटर सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी राज्य सरकार को भेजा गया है।   पुनासी डैम सौंदर्यीकरण की भी योजना विधायक ने यह भी जानकारी दी कि पुनासी डैम के सौंदर्यीकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा सर्वेक्षण कराया गया है। आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस परियोजना पर भी काम शुरू किया जाएगा। इससे क्षेत्र के पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।   श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को मिलेगी सुविधा देवघर देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र है, जहां बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क सुधार से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही जर्जर सड़कों की समस्या समाप्त होगी।

Unknown मई 30, 2026 0
Deoghar hospital condition
देवघर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था ,गंदगी और दुर्गंध से बेहाल मरीज

देवघर। देवघर के सदर अस्पताल में इन दिनों गंदगी और कचरे का अंबार मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। अस्पताल परिसर में कई दिनों से कचरा जमा रहने के कारण तेज दुर्गंध फैल रही है, जिससे मरीजों को इलाज के साथ-साथ अस्वच्छ माहौल का भी सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अस्पताल पहुंचते ही उन्हें गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।   नगर निगम पर लापरवाही का आरोप   अस्पताल परिसर के बाहर पार्किंग स्टैंड के पास रखे नगर निगम के कचरा डब्बों में लंबे समय से कूड़ा जमा है। समय पर कचरा नहीं उठाए जाने के कारण वहां बदबू और गंदगी का माहौल बना हुआ है। मरीजों और उनके परिजनों ने नगर निगम और जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि नियमित रूप से सफाई और कचरा उठाव होता, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। लोगों ने यह भी कहा कि अस्पताल के मुख्य द्वार के पास फैली गंदगी से अस्पताल की छवि खराब हो रही है। कई परिजनों ने अस्पताल के अंदर की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। खासकर मेटरनिटी वार्ड में पर्याप्त बेड की कमी और साफ-सफाई की खराब स्थिति को लेकर नाराजगी जताई गई।   अस्पताल प्रबंधन ने मानी समस्या मामले पर सदर अस्पताल की उपाधीक्षक Dr. Sushma Verma ने माना कि गंदगी के कारण मरीजों और अस्पताल प्रशासन दोनों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि नियमित कचरा उठाव नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी है। डॉ. सुषमा वर्मा के अनुसार नगर निगम से संपर्क कर समस्या की जानकारी दी गई है और जल्द ही अस्पताल परिसर से कचरा हटाने का आश्वासन मिला है। अस्पताल प्रबंधन को उम्मीद है कि जल्द सफाई व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।

Unknown मई 14, 2026 0
Shravani Mela
31 जुलाई से देवघर श्रावणी मेला, तैयारी शुरू

देवघर। विश्व प्रसिद्ध देवघर श्रावणी मेला 31 जुलाई से शुरू होगा। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू ने देवघर सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में देवघर और दुमका जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने सभी विभागों से तैयारियों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले के सफल आयोजन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। लाखों श्रद्धालुओं आयेंगे बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेला 31 जुलाई से प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए पहुंचेंगे। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन को पहले से ही व्यापक तैयारी करनी होगी। मंत्री ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष की कमियों और अनुभवों का विश्लेषण कर इस बार बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर जोर पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट कहा कि मेले में आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ठहरने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। साथ ही बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में सुगम और व्यवस्थित दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। मंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं का अनुभव बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।   फुटओवर ब्रिज परियोजना पर भी चर्चा बैठक में खजुरिया क्षेत्र में प्रस्तावित फुटओवर ब्रिज परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने बताया कि इस परियोजना की डीपीआर तैयार हो चुकी है, जिसमें कुछ आवश्यक संशोधन किए जाने हैं। स्थानीय प्रशासन को इसकी जांच कर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य श्रावणी मेले को बेहतर प्रबंधन, मजबूत सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराना है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम अनुभव मिल सके।

Unknown मई 4, 2026 0
ISC 12th topper
ISC 12वीं में  देवघर की श्रेया केसरी बनीं स्टेट टॉपर

देवघर। देवघर की रहने वाली श्रेया केसरी ने ISC 12वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए आर्ट्स स्ट्रीम में 98.5% अंक हासिल कर झारखंड में टॉप किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। श्रेया ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया और राज्य का नाम रोशन किया।   बचपन से आर्ट्स में रही रुचि श्रेया ने बताया कि उन्हें बचपन से ही आर्ट्स विषयों में गहरी रुचि थी। उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा में भी 97% अंक प्राप्त किए थे, जिसके बाद उन्होंने आर्ट्स स्ट्रीम को चुना। उनका मानना है कि सफलता के लिए विषय नहीं, बल्कि मेहनत और समर्पण मायने रखता है। आगे चलकर वह लॉ की पढ़ाई करना चाहती हैं और उनका सपना सुप्रीम कोर्ट की जज बनने का है।   छात्रों को दिया प्रेरणादायक संदेश श्रेया ने अन्य छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि अक्सर यह धारणा होती है कि केवल साइंस स्ट्रीम में ही बेहतर करियर बन सकता है, लेकिन यह सोच गलत है। उन्होंने कहा कि आर्ट्स और साइंस दोनों में समान अवसर हैं। जरूरी यह है कि छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनें और पूरी लगन से पढ़ाई करें।   माता-पिता का मिला पूरा सहयोग श्रेया की मां नीतू केसरी ने बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी श्रेया पर पढ़ाई को लेकर दबाव नहीं डाला। उन्होंने हमेशा उसे अपनी पसंद के अनुसार आगे बढ़ने की आजादी दी। उनका मानना है कि बच्चों को समझना और उनका मार्गदर्शन करना जरूरी है, न कि उन पर अनावश्यक दबाव डालना। श्रेया की सफलता न केवल छात्रों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सही दिशा, मेहनत और परिवार के सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

Unknown अप्रैल 30, 2026 0
NIA ATS raid
देवघर में NIA- ATS की रेड, अवैध हथियार तस्करी का मामला, 2 संदिग्ध हिरासत में

देवघर। देवघर जिले में अवैध हथियारों की संभावित सप्लाई को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी और झारखंड एटीएस ने गुरुवार को संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर दोनों एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से शहर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी अभियान चलाया। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि क्षेत्र में हथियार तस्करी से जुड़ा नेटवर्क सक्रिय है। इसी सूचना के बाद रणनीति बनाकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।   दो स्थानों से संदिग्धों को हिरासत में लिया गया छापेमारी के दौरान टीम ने सबसे पहले नंदन पहाड़ के पास स्थित नंदी नगर मोहल्ले में दबिश दी, जहां से एक युवक को हिरासत में लिया गया। बताया जा रहा है कि वह अपने ननिहाल में ठहरा हुआ था। इसके बाद टीम ने भुरभुरा मोड़ के पास दूसरी कार्रवाई करते हुए एक और संदिग्ध युवक को पकड़ा। दोनों को तत्काल नगर थाना लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। हालांकि, अब तक की कार्रवाई में किसी प्रकार का हथियार या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है।   बिहार के आरा से जुड़ रहे हैं तार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नंदी नगर से पकड़ा गया युवक मूल रूप से बिहार के आरा जिले का रहने वाला है। उसके पिता देवघर के एक निजी स्कूल में वाहन चालक के रूप में कार्यरत हैं। परिवार कुंडा थाना क्षेत्र के चितोलोढ़िया इलाके में रहता है। बताया जा रहा है कि युवक पिछले कुछ दिनों से अपने मामा के घर पर रह रहा था। एजेंसियां इस कड़ी को गंभीरता से लेते हुए बिहार कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं। फिलहाल दोनों संदिग्धों से नगर थाना में एनआईए और एटीएस के अधिकारी संयुक्त रूप से पूछताछ कर रहे हैं। अभी किसी तरह का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

Unknown अप्रैल 23, 2026 0
Baidyanath Dham
बाबा धाम में अनोखी घटना, बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती का गठबंधन धागा टूटते ही उमड़ी भक्तों की भीड़

रांची। झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बैद्यनाथ धाम में मंगलवार सुबह एक अनोखी घटना ने श्रद्धालुओं के बीच कौतूहल और आस्था का माहौल बना दिया। सुबह करीब 9:30 बजे बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती मंदिर को जोड़ने वाला पवित्र गठबंधन धागा अचानक टूट गया। इस घटना से कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में हल्की अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।   तुरंत संभाला गया धागा, फिर सामान्य हुई स्थिति धागा टूटते ही मंदिर की छत पर तैनात भंडारियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत संभाल लिया। बाद में काफी प्रयास के बाद धागे को दोबारा बांध दिया गया, जिससे स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई और श्रद्धालुओं का दर्शन-पूजन जारी रहा।   प्रसाद के रूप में धागा पाने की लगी होड़   धागे का एक हिस्सा नीचे गिर गया था, जिसे प्रसाद के रूप में पाने के लिए श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों के बीच होड़ मच गई। कई लोग इसे अपने साथ ले जाने के लिए उत्साहित नजर आए। धागा पाने वाले श्रद्धालु खुद को सौभाग्यशाली मान रहे हैं।   पुरोहितों और श्रद्धालुओं की अलग-अलग मान्यताएं   इस घटना को लेकर मंदिर के पुरोहितों में अलग-अलग मत सामने आए हैं। कुछ इसे पारंपरिक दृष्टि से शुभ संकेत नहीं मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे भगवान का आशीर्वाद बता रहे हैं। वहीं कई श्रद्धालुओं ने इसे ईश्वरीय संकेत मानते हुए अपनी आस्था व्यक्त की।   आस्था से जुड़ी हर घटना बनती है खास   बाबा धाम में घटने वाली ऐसी घटनाएं श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करती हैं। चाहे इसे संयोग माना जाए या आध्यात्मिक संकेत, लेकिन Lord Shiva और माता पार्वती के प्रति लोगों की आस्था इस घटना के बाद और गहरी होती नजर आई।

Unknown अप्रैल 21, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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