धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दर्दनाक हादसा सामने आया है। सफाई करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। टैंक में उतरते ही बिगड़ी हालत जानकारी के अनुसार, धनबाद में कुछ मजदूर सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे। टैंक के भीतर जहरीली गैस बनने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। बचाने की कोशिश में भी उन्हें बाहर निकालने में काफी परेशानी हुई। बचाव अभियान के बाद निकाले गए शव घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद दोनों मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल सेप्टिक टैंक और सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस से मौत के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना सुरक्षा उपकरण, ऑक्सीजन जांच और सावधानी के टैंक में उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने शुरू की जांच पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि मजदूरों को बिना सुरक्षा इंतजाम के टैंक में क्यों उतारा गया और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है। ऐसे हादसों को रोकने की जरूरत प्रशासन की ओर से समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते हैं कि सेप्टिक टैंक और सीवर की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही के कारण ऐसे हादसे होते रहते हैं।
धनबाद। जिले के बाघमारा थाना क्षेत्र स्थित सदरयाडीह में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब एक महीने से बंद पड़े नए सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस जमा हो गई थी। सफाई के लिए अंदर उतरते ही दोनों मजदूर बेहोश हो गए और उन्हें तुरंत बाघमारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान सदरयाडीह निवासी दिलीप महतो और महुदा थाना क्षेत्र के अंधारी निवासी राजेश महतो के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी, हालांकि शुरुआती जांच में जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी को हादसे की वजह माना जा रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने BCCL प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बाघमारा क्षेत्र के कई गांव लंबे समय से जहरीली गैस, भू-धंसान और भूमिगत आग जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। बाघमारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. ज्योति लाल ने बताया कि दोनों मजदूरों की मौत दम घुटने से हुई है। वहीं, बाघमारा अंचलाधिकारी गिरजानंद किस्कू ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए BCCL के महाप्रबंधक से पत्राचार किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
धनबाद। धनबाद-गोमो रेलखंड पर गुरुवार को गंगा गोशाला रेलवे पुल के समीप ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसा रेलवे के पोल संख्या 284/18 के पास हुआ, जिसके बाद कुछ समय के लिए रेल परिचालन प्रभावित रहा। सुरक्षा कारणों से राजधानी एक्सप्रेस को गोमो स्टेशन पर थोड़ी देर के लिए रोकना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और कतरास थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ट्रैकमैन ने तत्परता दिखाते हुए रेलवे ट्रैक से शव हटाया, जिसके बाद रेल मार्ग को सुरक्षित घोषित किया गया और राजधानी एक्सप्रेस को अपने निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों को सूचना दी गई है और गुमशुदगी के मामलों का मिलान किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि मृतक की शिनाख्त हो सके। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि व्यक्ति की मौत दुर्घटनावश ट्रेन की चपेट में आने से हुई या यह आत्महत्या का मामला है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। घटना के बाद कुछ समय के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई थी, जिसे पुलिस ने हटाकर स्थिति सामान्य कराई।
धनबाद। धनबाद जिले के निरसा स्थित एक स्कूल के हॉस्टल में 10वीं कक्षा के एक छात्र के साथ कथित तौर पर हुई बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरोप है कि 16 वर्षीय छात्र के साथ उसके ही कुछ सीनियर सहपाठियों ने हॉस्टल के कमरे में मारपीट की और घटना का वीडियो भी बनाया। जानकारी के अनुसार जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात मोबाइल के जरिए पैसे ट्रांसफर करने को लेकर छात्रों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सीनियर छात्रों ने रात करीब दो बजे पीड़ित के हाथ रस्सी से बांध दिए और बेल्ट से उसकी पिटाई की। वायरल वीडियो में छात्र के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज किए जाने का भी आरोप है। साथ ही, घटना की जानकारी किसी को नहीं देने के लिए उसे धमकाते हुए भी दिखाया गया है। घटना के बाद घटना के बाद छात्र भय के कारण दो दिनों तक चुप रहा। उसने स्कूल की नर्स से दवा लेकर अपना इलाज कराया और परिजनों को भी शुरुआत में अपनी स्थिति सामान्य बताई। हालांकि, तबीयत बिगड़ने पर उसने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही छात्र के परिजन स्कूल पहुंचे और मामले से स्कूल प्रबंधन को अवगत कराया। इसके बाद घायल छात्र को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित छात्र गोविंदपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसके पिता ने दोषी छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र के साथ ऐसी घटना न हो। विद्यालय के प्रबंधक सी.के. यादव ने बताया विद्यालय के प्रबंधक सी.के. यादव ने बताया कि हॉस्टल में मारपीट की घटना की जानकारी मिली है। मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के सामने आने के बाद स्कूल हॉस्टलों में छात्रों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में दो महिलाओं की करंट लगने से मौत हो गई। घटना पुटकी थाना क्षेत्र स्थित बीसीसीएल की ए-टाइप कॉलोनी की है, जहां एक घर के बाथरूम से दोनों महिलाओं के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय शोभा सिन्हा और 40 वर्षीय शांति देवी के रूप में हुई है। शोभा सिन्हा घर की मालकिन थीं, जबकि शांति देवी उनके घर में काम करती थीं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। घर की सफाई के दौरान हुआ हादसा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शोभा सिन्हा करीब चार महीने बाद अपने घर लौटी थीं और घर की साफ-सफाई का काम चल रहा था। इसी दौरान शांति देवी भी उनके साथ मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि सफाई के दौरान दोनों किसी तरह बिजली के संपर्क में आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों शवों को कब्जे में लिया। करंट लगने के कारणों की जांच जारी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों महिलाओं को करंट कैसे लगा। पुलिस बाथरूम और पूरे घर के बिजली कनेक्शन की जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की मृतका शोभा सिन्हा के परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार पहले ही कोरोना काल में एक सदस्य को खो चुका है और अब यह दूसरी बड़ी त्रासदी है। पुटकी थाना प्रभारी वकार हुसैन ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला करंट लगने से हुई मौत का प्रतीत होता है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
धनबाद। बलियापुर स्थित सरकारी पशु अस्पताल एक बार फिर विवादों में आ गया है। अस्पताल में पदस्थापित एक पशु चिकित्सक और दो कर्मचारियों पर चार मवेशियों की मौत के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में पैसे मांगने का आरोप लगा है। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार ने सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो से की है। विधायक ने आरोपों को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और मीडिया के सामने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी साझा की है। वज्रपात में चार मवेशियों की हुई थी मौत विधायक चंद्रदेव महतो के अनुसार, पिछले सप्ताह बलियापुर क्षेत्र में वज्रपात की घटना में एक महिला के दो बैल, एक गाय और एक बछड़े की मौत हो गई थी। आपदा राहत योजना के तहत मुआवजा पाने के लिए पीड़ित परिवार को मवेशियों का मृत्यु प्रमाण पत्र आवश्यक था। आरोप है कि प्रमाण पत्र जारी करने के बदले अस्पताल के कर्मचारियों ने पैसे की मांग की। पीड़ित महिला कई दिनों तक अस्पताल के चक्कर लगाती रही, लेकिन उसे समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिला। पंचायत समिति सदस्य से मारपीट का भी आरोप विधायक ने बताया कि जब पंचायत समिति के सदस्य इस मामले को लेकर अस्पताल पहुंचे तो वहां मौजूद दो कर्मचारियों ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की। इस घटना की जांच पुलिस कर रही है। विधायक का कहना है कि एक ओर पीड़ित परिवार चार मवेशियों की मौत से आर्थिक संकट झेल रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी उन्हें परेशान किया जा रहा है। सदाचार समिति कर रही जांच चंद्रदेव महतो ने बताया कि इस मामले की जांच सदाचार समिति भी कर रही है। उनके अनुसार, संबंधित पशु चिकित्सक के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। विधायक ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र के आकाश किनारी और छाताबाद इलाके में मंगलवार को हुए अचानक भू-धंसान ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी। विशाल तालाब के किनारे जमीन धंसने से तालाब का पूरा पानी जमीन के भीतर समा गया, जिससे आसपास की जमीन भी तेजी से प्रभावित होने लगी। घटना के बाद चार से पांच मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई अन्य घरों की दीवारों में गहरी दरारें पड़ गईं। खतरे को देखते हुए कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। सड़क जाम कर किया प्रदर्शन घटना से नाराज ग्रामीणों ने कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से भू-धंसान का खतरा बना हुआ है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास, उचित मुआवजे और पूरे क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वे कराने की मांग की। खतरे के बीच मछली पकड़ते दिखे लोग एक ओर जहां भू-धंसान से पूरे इलाके में भय का माहौल था, वहीं दूसरी ओर तालाब का पानी निकलने के बाद कुछ लोग मछली पकड़ने में जुट गए। प्रशासन ने इसे बेहद जोखिम भरा बताते हुए लोगों से प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की अपील की। प्रशासन और बीसीसीएल ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाघमारा के एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि तालाब के किनारे हुए भू-धंसान के कारण आसपास के कई मकान प्रभावित हुए हैं। फिलहाल प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जोखिम वाले क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है। वहीं स्थानीय लोग तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, जब तक पुनर्वास और मुआवजे को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।
धनबाद। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) शैलेंद्र कुमार सिन्हा मंगलवार को धनबाद पहुंचे, जहां उन्होंने समाहरणालय में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी समेत जिले के अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक से पहले एसएसपी प्रभात कुमार ने आईजी का स्वागत किया। अपराधियों के नेटवर्क को खत्म करना प्राथमिकता बैठक के दौरान आईजी ने संगठित अपराध, रंगदारी, अवैध कारोबार और सक्रिय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ लगातार और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा बैठक में जिले में लंबित मामलों की जांच, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की विस्तार से समीक्षा की गई। संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी निगरानी आईजी शैलेंद्र सिन्हा ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और आम लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने के लिए सक्रिय पुलिसिंग अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की नियमित गश्त, त्वरित कार्रवाई और खुफिया तंत्र को मजबूत कर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। प्रिंस खान पर कार्रवाई जारी बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में आईजी से फरार गैंगस्टर प्रिंस खान द्वारा सांसद ढुल्लू महतो और निरसा विधायक अरूप चटर्जी को कथित धमकी दिए जाने के मामले में सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि प्रिंस खान के खिलाफ पुलिस पहले से लगातार कार्रवाई कर रही है। उसके विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया जारी है और उसे कानून के दायरे में लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आईजी ने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को जिले की शांति और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि धनबाद पुलिस संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान आगे भी जारी रखेगी और जिले में शांति, सुरक्षा तथा कानून का राज हर हाल में कायम रखा जाएगा।
धनबाद। जिले के पूर्वी टुंडी प्रखंड स्थित बरतोल उत्क्रमित मध्य विद्यालय में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। स्कूल परिसर में चार दिन पहले बने शौचालय का छज्जा अचानक गिरने से एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। घायल छात्र की पहचान गोर हरि दत्ता के रूप में हुई है, जिसे तत्काल स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। चार दिन पहले पूरा हुआ था निर्माण जानकारी के अनुसार, पंचायत समिति की ओर से विद्यालय में नए शौचालय का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य पूरा हुए अभी चार दिन भी नहीं हुए थे कि शौचालय का भारी-भरकम छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। घटना के समय छात्र वहां मौजूद था और मलबे की चपेट में आ गया। ग्रामीणों और शिक्षकों ने बचाई जान हादसे के बाद छात्र की चीख सुनकर शिक्षक और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर घायल छात्र को बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटिया निर्माण पर उठे सवाल घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण महज चार दिन में शौचालय का छज्जा ढह गया। ग्रामीणों ने पंचायत समिति और निर्माण एजेंसी पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई की मांग तेज इस हादसे ने सरकारी स्कूलों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी नहीं की गई तो भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
धनबाद। झारखंड पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए धनबाद के वासेपुर में फरार गैंगस्टर हैदर अली उर्फ प्रिंस खान के ठिकाने पर बुलडोजर चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने उसके कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश और पहले से चल रही कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। संगठित अपराध पर शिकंजा कसने की मुहिम धनबाद पुलिस का कहना है कि प्रिंस खान लंबे समय से फरार है और उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग और आपराधिक धमकी सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। हाल के दिनों में कथित रंगदारी और धमकी के मामलों के बाद उसके नेटवर्क पर कार्रवाई और तेज कर दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गैंग के अन्य सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। सुरक्षा के बीच चला अभियान बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। प्रशासन ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया और भविष्य में भी संगठित अपराध के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
धनबाद। धनबाद की पहचान लंबे समय से देश की कोयला राजधानी के रूप में रही है। वर्षों तक इन खदानों ने देश को ऊर्जा दी, लेकिन खदानों के बंद होने के बाद अवैध खनन और हादसों की खबरें लगातार सामने आती रहीं। अब इन्हीं बंद खदानों से निकलने वाला पानी लोगों की प्यास बुझाने का काम करेगा। कोल इंडिया की महत्वाकांक्षी ‘कोल नीर’ परियोजना के तहत खदानों के पानी को शुद्ध कर बोतलबंद पेयजल के रूप में बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इस परियोजना के तहत भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) में माइन वाटर बॉटलिंग प्लांट तैयार किए गए हैं। झारखंड में 30 जून को इस योजना के उद्घाटन की संभावना है, जबकि केंद्रीय कोयला मंत्री अगले कुछ दिनों में इसका औपचारिक शुभारंभ कर सकते हैं। 46 खदानों से हर वर्ष लगभग 1,280 लाख बीसीसीएल की 46 खदानों से हर वर्ष लगभग 1,280 लाख घनमीटर पानी निकलता है। अब इस पानी को अत्याधुनिक फिल्ट्रेशन और रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) तकनीक से शुद्ध किया जाएगा। गुणवत्ता जांच भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के मानकों के अनुसार होगी, जिसके बाद पानी की बॉटलिंग कर बाजार में भेजा जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि 20 लीटर ‘कोल नीर’ की कीमत मात्र 5 रुपये तय की गई है, जिससे आम लोगों को बेहद कम कीमत पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। कोल इंडिया का मानना हैं कोल इंडिया का मानना है कि यह परियोजना जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे खदानों से निकलने वाले पानी का बेहतर उपयोग होगा, स्थानीय समुदायों को सस्ता और सुरक्षित पेयजल मिलेगा तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। भविष्य में इस योजना का दायरा अन्य कोयला क्षेत्रों तक बढ़ाने की भी तैयारी है।
धनबाद। झारखंड के धनबाद में सक्रिय दो कथित आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वायरल पोस्ट में राहुल सिंह ने गैंगस्टर प्रिंस खान को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है। पोस्ट में राहुल सिंह ने लिखा कि "तुम दुनिया के जिस कोने में रहोगे, वहीं मारेंगे" और अपने देश, काम तथा लोगों से उलझने का परिणाम जल्द भुगतने की चेतावनी दी। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद अपराध जगत में हलचल तेज हो गई है और संभावित गैंगवार की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं। धनबाद का जिक्र कर दी चेतावनी, बढ़ी टकराव की चर्चा राहुल सिंह ने अपने पोस्ट में धनबाद का उल्लेख करते हुए प्रिंस खान को होश में रहने की नसीहत भी दी। उसने दावा किया कि "धनबाद से मारते-मारते पाकिस्तान पहुंच जाएंगे।" हालांकि सोशल मीडिया पर किए गए इन दावों और धमकियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लंबे समय से दोनों कथित गिरोहों के बीच वर्चस्व को लेकर तनाव की चर्चाएं रही हैं और दोनों पर कारोबारियों से रंगदारी मांगने के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर आई यह धमकी दोनों पक्षों के बीच बढ़ते टकराव का संकेत मानी जा रही है। पुलिस का आधिकारिक बयान नहीं, सुरक्षा एजेंसियां रख रही नजर वायरल पोस्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल झारखंड पुलिस या किसी अन्य जांच एजेंसी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की निगरानी की जा रही है और आवश्यक सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। पुलिस की ओर से किसी संभावित कार्रवाई या जांच की पुष्टि अभी नहीं की गई है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर झारखंड में सक्रिय संगठित अपराध, रंगदारी नेटवर्क और सोशल मीडिया के जरिए दी जा रही खुली धमकियों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की नजर सुरक्षा एजेंसियों की आगामी कार्रवाई और मामले में सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों पर टिकी हुई है।
रांची। ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) अपने 41वें स्थापना दिवस के अवसर पर धनबाद में जनाक्रोश मार्च निकालेगा। पार्टी ने इस मार्च को भ्रष्टाचार, अवैध खनन और कथित माफिया राज के खिलाफ उलगुलान की शुरुआत बताया है। पार्टी के केंद्रीय नेताओं के अनुसार इस कार्यक्रम में आजसू प्रमुख सुदेश महतो, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, विधायक निर्मल महतो समेत झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से सभी केंद्रीय नेता तथा हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे। झारखंड का निर्माण लंबे संघर्ष का परिणाम पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर और हसन अंसारी ने मीडिया से कहा कि झारखंड राज्य का निर्माण लंबे आंदोलन और संघर्ष का परिणाम है, जिसमें आजसू की अहम भूमिका रही है। उन्होंने दावा किया कि 1989 में आजसू के आंदोलन ने केंद्र सरकार को झारखंड मुद्दे पर बातचीत के लिए मजबूर किया था। वहीं, पार्टी नेताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने कहा कि छात्र, युवा, महिला, आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। साथ ही कोयलांचल क्षेत्र में अवैध खनन और कथित माफिया गतिविधियों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए गए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जनाक्रोश मार्च आगामी चुनावी रणनीति और विपक्षी राजनीति को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने खुद को डीआरएम कार्यालय का कर्मचारी बताकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ऐंठने वाले एक युवक को हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी की पहचान पाथरडीह के भाटडीह निवासी मंटू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। नौकरी का झांसा देकर वसूले लाखों रुपये प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी खुद को धनबाद रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय का कर्मचारी बताता था और रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम वसूलता था। आरोप है कि वर्द्धमान निवासी कल्पना राय से रेलवे की वेंडिंग मशीन में टिकट जारी करने के कार्य में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 1.50 लाख रुपये लिए गए। वहीं, जमुई निवासी सूरज भान ठाकुर से भी नौकरी का झांसा देकर 18,700 रुपये ठग लिए गए। डीआरएम कार्यालय में ही खुल गई पोल बुधवार देर शाम आरोपी एक अन्य युवक को नौकरी दिलाने के बहाने डीआरएम कार्यालय लेकर पहुंचा था। युवक को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसने तत्काल आरपीएफ अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और मंटू कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में कबूला ठगी का आरोप पूछताछ के दौरान आरोपी ने लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार की। उसने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए बताया कि उसका परिवार पूजा सामग्री की दुकान चलाता है और इसी वजह से उसने ठगी का रास्ता अपनाया। हालांकि पुलिस उसके बयान की सत्यता की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी को स्थानीय थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के सेवानिवृत्त कर्मी की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा निरसा-जामताड़ा रोड स्थित खुशरी मोड़ के पास उस समय हुआ, जब कोयला लदा एक हाइवा स्कूटर सवारों को टक्कर मारते हुए निकल गया। मृतक की पहचान पांडरा निवासी है मृतक की पहचान पांडरा निवासी 65 वर्षीय मनोज सिन्हा के रूप में हुई है। वह स्कूटर से निरसा बाजार जा रहे थे। उनके साथ गांव की रहने वाली 62 वर्षीय बीना घोष भी सवार थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निरसा की ओर से आ रहे हाइवा ने स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में हाइवा का पिछला पहिया मनोज सिन्हा के ऊपर चढ़ गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल बीना घोष को धनबाद के अशर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और निरसा-जामताड़ा रोड को जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम के कारण एमपीएल के लिए कोयला और फ्लाई ऐश का परिवहन भी प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए अलग एप्रोच रोड बनाने या मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण कर ट्रांसपोर्टिंग के लिए अलग मार्ग उपलब्ध कराने की मांग उठाई। नप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंचे सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंचे तथा लोगों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं, निरसा थाना प्रभारी अजीत कुमार भारती ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
धनबाद। धनबाद जिले में जनगणना के प्रथम चरण का कार्य पूरी तरह संपन्न होने के बाद जिला प्रशासन अब डिस्ट्रिक्ट हैंडबुक तैयार करने की प्रक्रिया में जुट गया है। जनगणना के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर तैयार होने वाला यह दस्तावेज जिले की सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक और प्रशासनिक स्थिति का व्यापक विवरण प्रस्तुत करेगा। इसके माध्यम से जिले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ शोध और विकास योजनाओं को भी गति मिलेगी। पदाधिकारी उमेश लोहरा ने बताया जिला सांख्यिकी पदाधिकारी उमेश लोहरा ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में प्राप्त आंकड़ों का संकलन और सत्यापन कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। अब इन्हीं प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर डिस्ट्रिक्ट हैंडबुक तैयार किया जा रहा है। यह दस्तावेज जिले की वर्तमान स्थिति का आधिकारिक संदर्भ होगा और भविष्य की योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जनसंख्या, सामाजिक संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं हैंडबुक में जिले की जनसंख्या, सामाजिक संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार की स्थिति, आधारभूत सुविधाएं, आर्थिक गतिविधियां तथा अन्य महत्वपूर्ण सांख्यिकीय जानकारियां शामिल की जाएंगी। इससे प्रशासनिक अधिकारियों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को जिले की समग्र तस्वीर समझने में सुविधा होगी। विभिन्न विषयों की जानकारी के लिए अलग-अलग स्रोतों पर निर्भर रहने की आवश्यकता भी कम हो जाएगी। जिला प्रशासन का मानना है कि यह हैंडबुक स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और नीतिगत निर्णय लेने में एक महत्वपूर्ण आधार दस्तावेज साबित होगा। विभिन्न विभाग इसके माध्यम से क्षेत्रवार आवश्यकताओं का आकलन कर अधिक प्रभावी योजनाएं बना सकेंगे। अधिकारियों का क्या है कहना? इधर, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां मुख्यालय से दिशा-निर्देश मिलने के बाद शुरू की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि डिस्ट्रिक्ट हैंडबुक तैयार होने के बाद धनबाद जिले की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का व्यापक विश्लेषण संभव होगा, जिससे विकास कार्यों को अधिक योजनाबद्ध और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
धनबाद। धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के जयनगर निवासी बिजली मिस्त्री विकास कुमार महतो की मुंबई में काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद उनका शव गांव पहुंचने पर शोक का माहौल बन गया। विकास अपने पीछे पत्नी और तीन बेटियों को छोड़ गए हैं। मुआवजे का भरोसा, पलायन पर जताई चिंता घटना की जानकारी मिलने पर सांसद ढुल्लू महतो मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने महाराष्ट्र के पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर कंपनी की जानकारी जुटाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। सांसद ने कहा कि झारखंड में पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं होने के कारण युवाओं को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
धनबाद। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी शनिवार को धनबाद दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने हीरापुर हटिया स्थित महावीर मंदिर और काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इसके बाद स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उसकी साफ-सफाई की और हाथ में झाड़ू लेकर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में धनबाद सांसद ढुल्लू महतो, विधायक राज सिन्हा सहित भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, राहुल गांधी पर साधा निशाना मीडिया से बातचीत में अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं तक पहुंचाना प्राथमिकता रही है। राहुल गांधी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता विदेशों में भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार राजनीतिक नेतृत्व को देशहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।
धनबाद। जिले के राजगंज थाना क्षेत्र स्थित महेशपुर जीटी रोड पर गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग घायल हो गए। तेज रफ्तार और अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने पहले एक कार को जोरदार टक्कर मारी और इसके बाद मौके से भागने के दौरान एक बाइक को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पहले कार से टक्कर, फिर बाइक को रौंदा जानकारी के अनुसार, गया से शादी समारोह से लौट रही स्कॉर्पियो महेशपुर पेट्रोल पंप के पास अनियंत्रित होकर एक बलेनो कार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए धनबाद भेजा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर मौके से भागने लगा। इसी दौरान बरवाअड्डा क्षेत्र में उसने पीछे से एक बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार भूली निवासी इरशाद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद सरफू अंसारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है। स्कॉर्पियो सवार भी हुए घायल पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार सात लोग भी हादसे में घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) भेजा गया है। मृतक इरशाद बस एजेंट के रूप में कार्य करता था और यात्रियों से हिसाब-किताब कर घर लौट रहा था। पुलिस ने शुरू की जांच राजगंज थाना प्रभारी संजीव झा ने बताया कि घटना में स्कॉर्पियो, कार और बाइक तीनों वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलिस ने सभी वाहनों को जब्त कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर कर दिया है।
रांची। कुख्यात गैंगस्टर राहुल सिंह ने आदिवासी नेत्री ज्योत्सना केरकेट्टा को धमकी दी है। साथ ही, सोशल मीडिया पर सीएनटी और एसपीटी एक्ट जैसे मुद्दों पर जवाब भी मांगा है। इतना ही नहीं, इस गैंगस्टर ने सोशल मीडिया पर ज्योत्सना केरकेट्टा की एक इमेज भी शेयर की है, जिस पर क्रॉस लगा हुआ है। इसका मतलब साफ है कि उसने आदिवासी नेत्री को किस तरह की धमकी दी है। राहुल सिंह द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता ज्योत्सना केरकेट्टा को सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से खुलेआम धमकी देने का मामला सामने आने के बाद से हड़कंप मचा है। जानकारी के अनुसार, राहुल सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर ज्योत्सना केरकेट्टा का एक इंटरव्यू साझा किया है। इसके साथ ही उसने ज्योत्सना की एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिस पर लाल रंग से क्रॉस का निशान बनाया गया है। पोस्ट में धमकी भरे अंदाज में लिखा गया है कि “ज्योत्सना केरकेट्टा समय रहते सुधर जाओ। आदिवासियों की हितैषी बनती हो और जमीन बेचने की बात करती हो। तुम्हें समझ में आ रहा है कि तुम क्या बोल रही हो? क्या तुम्हारा पूरा झारखंड को बेचने का प्लान है?” कई संगठन उठा रहे आवाज सोशल मीडिया पर की गई इस पोस्ट को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को डराने-धमकाने की कोशिश बताया है। वहीं, कुछ संगठनों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में अब तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि ज्योत्सना केरकेट्टा की ओर से इस मामले में कोई शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं। आदिवासी नेतृत्व का दावा तो फिर ऐसा बयान क्यों... राहुल सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सीधे ज्योत्सना केरकेट्टा को संबोधित करते हुए कई तीखे सवाल दागे हैं। ज्योत्सना केरकेट्टा से सीधा सवाल पूछा है कि आप आदिवासी समाज की बेटी होने का दावा करती हैं, आदिवासी नेतृत्व की बात करती हैं और झारखंड की पहचान की बात करती हैं, तो फिर ऐसा शब्द या बयान क्यों, जिससे आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हों? राहुल सिंह का कहना है कि झारखंड की असली पहचान सिर्फ राजनीति की बिसात बिछाना नहीं है, बल्कि यहां के जल, जंगल, जमीन और ऐतिहासिक कानूनों सीएनटी, एसपीटी की सुरक्षा करना है। उसने ज्योत्सना को सलाह देते हुए कहा कि अगर उनके बयान से लोगों को ठेस पहुंची है, तो उन्हें सामने आकर सफाई देनी चाहिए और यदि गलती हुई है तो माफी मांग लेनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से समाज में उनका सम्मान बढ़ेगा, कम नहीं होगा। सीएनटी और एसपीटी एक्ट झारखंड का सुरक्षा कवच पोस्ट में राहुल सिंह ने सीएनटी, एसपीटी के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे झारखंड की आत्मा बताया है। राहुल सिंह ने लिखा कि सीएनटी, एसपीटी केवल कोई मामूली कानून नहीं है, बल्कि यह झारखंड के आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, परंपरा और उनके अधिकारों की सुरक्षा का एक मजबूत कवच है। यह कानून आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखता है। इस गैंगस्टर ने राजनीतिक दलों और नेताओं को चेतावनी दी कि राजनीति करनी है तो जनता के मुद्दों पर करो, लेकिन सीएनटी, एसपीटी और आदिवासी अधिकारों का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
धनबाद। धनबाद के झरिया क्षेत्र स्थित घनुडीह चीनकोठी बस्ती में बुधवार को BBCL आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तार को लेकर विवाद गहरा गया। बस्ती के समीप ओवरबर्डन (ओबी) डंपिंग का विरोध कर रहे ग्रामीणों और कंपनी समर्थक लोगों के बीच कहासुनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों ने मारपीट और हवाई फायरिंग का आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस ने अभी तक फायरिंग की पुष्टि नहीं की है। ओबी डंपिंग का विरोध बना विवाद की वजह स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग परियोजना के तहत बस्ती के नजदीक ओबी डंपिंग की जा रही थी। ग्रामीण लंबे समय से इसका विरोध कर रहे थे। बुधवार को विरोध के दौरान कंपनी समर्थक लोगों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध को दबाने के लिए दहशत फैलाने की नीयत से हवाई फायरिंग भी की गई। मौके पर पहुंचे मेयर और पुलिस अधिकारी घटना की सूचना मिलते ही धनबाद के मेयर संजीव सिंह और घनुडीह ओपी पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। घटनास्थल से एक खोखा मिलने की भी सूचना है, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। हालांकि किसी भी पक्ष की ओर से अब तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। मेयर ने लगाए गंभीर आरोप मेयर संजीव सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की आपत्ति के बावजूद विवादित क्षेत्र में ओबी डंपिंग का प्रयास किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि विरोध कर रहे लोगों के साथ मारपीट हुई और समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक नहीं होती, तब तक विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार की ओबी डंपिंग या नए कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने शुरू की जांच ग्रामीण सुनील कुमार मंडल ने आरोप लगाया कि करीब 30 लोगों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनका हाथ टूट गया। वहीं, सिंदरी एसडीपीओ प्रकाश चंद्र महतो ने कहा कि मारपीट की सूचना मिली है, लेकिन फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और शिकायत मिलने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।