पलामू

पलामू टाइगर रिजर्व में घायल जंगली हाथियों के रेस्क्यू में मदद करती हाथियों की ब्रिगेड
Jharkhand: जंगल में घायल हाथियों के रेस्क्यू में मदद करती है ‘हाथियों की ब्रिगेड’, चार सदस्य निभाते हैं खास भूमिका

पलामू। झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) में जंगली हाथियों के रेस्क्यू और इलाज में वन विभाग को चार पालतू हाथियों की खास टीम मदद कर रही है। यह अनोखी ‘हाथियों की ब्रिगेड’ घायल या परेशान जंगली हाथियों तक पहुंचने और रेस्क्यू अभियान को आसान बनाने में वनकर्मियों का साथ देती है। इस ब्रिगेड की खासियत यह है कि इसके सभी सदस्य कभी जंगल सफारी और दूसरे कामों में इस्तेमाल किए जाते थे। बाद में हाथियों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगने के बाद इन्हें वन विभाग ने रेस्क्यू और संरक्षण से जुड़े कामों के लिए प्रशिक्षित किया।   चार हाथियों की है खास टीम   PTR की इस ब्रिगेड में चार पालतू हाथी शामिल हैं। जूही इस टीम की सबसे बड़ी सदस्य है। उसके बाद सीता, उसका बेटा मुर्गेश और सबसे छोटी राखी है। हाल ही में इन हाथियों ने घायल जंगली हाथी ‘भल्ला’ के सफल रेस्क्यू और इलाज में वन विभाग की मदद की। प्रशिक्षित हाथियों की मौजूदगी से वनकर्मियों को जंगली हाथी के करीब पहुंचने और उसे नियंत्रित तरीके से रेस्क्यू करने में सहायता मिली।   जूही का भी है खास इतिहास   जूही को वर्ष 1981 में बिहार के सीतामढ़ी से खरीदकर बेतला नेशनल पार्क लाया गया था। उस समय उसकी उम्र करीब 25 वर्ष बताई गई थी। जूही कई वर्षों तक सफारी में इस्तेमाल होती रही है। वर्ष 2023 में झारखंड में आयोजित महिला हॉकी एशियाई चैंपियनशिप के दौरान उसे शुभंकर भी बनाया गया था। बताया जाता है कि कई बड़े नेता और मशहूर हस्तियां भी कभी उस पर सफारी कर चुकी हैं।   सीता और मुर्गेश को कर्नाटक से लाया गया   ब्रिगेड की सदस्य सीता और उसके बेटे मुर्गेश को 2016-17 में कर्नाटक के बांदीपुर से लाया गया था। दोनों को बाद में PTR में वन विभाग के संरक्षण और रेस्क्यू संबंधी कार्यों के लिए तैयार किया गया।   राखी की कहानी बेहद भावुक   ब्रिगेड की सबसे छोटी सदस्य राखी की कहानी काफी अलग है। वर्ष 2012-13 में रक्षाबंधन के आसपास बारेसाढ़ इलाके में वज्रपात से उसकी मां की मौत हो गई थी। उस समय राखी सिर्फ छह महीने की थी। वन विभाग के अधिकारियों ने उसे रेस्क्यू कर बेतला पहुंचाया। शुरुआत में दूसरे पालतू हाथियों ने उसे स्वीकार नहीं किया, लेकिन धीरे-धीरे राखी अपने व्यवहार और मासूमियत से सभी के साथ घुल-मिल गई। अब वह रेस्क्यू ब्रिगेड की अहम सदस्य है।   ह्यूमन-एलीफेंट कॉन्फ्लिक्ट रिसर्च सेंटर में भी होगा इस्तेमाल   PTR अधिकारियों के मुताबिक इन चारों हाथियों के लिए डाइट चार्ट और रूटिंग तैयार की गई है। इन्हें जंगल की गतिविधियों से परिचित कराने के लिए नियमित प्रशिक्षण भी दिया जाता है। बेतला नेशनल पार्क क्षेत्र में करीब 20 एकड़ जमीन पर ह्यूमन-एलीफेंट कॉन्फ्लिक्ट रिसर्च सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना में सलीम अली सेंटर फॉर ऑर्निथोलॉजी एंड नेचुरल हिस्ट्री (SACON) की भी मदद ली जा रही है। यहां हाथियों के व्यवहार और मानव-हाथी संघर्ष का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। वन विभाग के अनुसार, रेस्क्यू ब्रिगेड के हाथियों को इस केंद्र की गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी।   PTR में करीब 130 हाथी   वन्यजीव संस्थान से संबंधित 2025 की रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में कुल 217 हाथी बताए गए हैं, जिनमें करीब 130 हाथी पलामू टाइगर रिजर्व में रहते हैं। राज्य में 17 से अधिक हाथी कॉरिडोर भी मौजूद हैं। मानव-हाथी संघर्ष झारखंड के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2019 से 2024 के बीच 474 लोगों की मौत हुई, जबकि 2021 में सबसे अधिक 133 मौतें दर्ज की गई थीं। ऐसे में वनकर्मियों के साथ काम कर रही यह हाथियों की ब्रिगेड जंगली हाथियों के संरक्षण, रेस्क्यू और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की कोशिशों में अहम कड़ी बनती जा रही है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
Palamu Police Encounter
पलामू में पुलिस-अपराधी मुठभेड़, कुख्यात सुमित चंद्रवंशी के पैर में लगी गोली

पलामू। झारखंड के पलामू जिले में गुरुवार तड़के पुलिस और कुख्यात अपराधी सुमित चंद्रवंशी के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सुमित चंद्रवंशी के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस पूरे इलाके में सर्च अभियान चला रही है।   फायरिंग मामले में थी पुलिस को तलाश   पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले मेदिनीनगर के टाउन थाना क्षेत्र स्थित कोयल नदी इलाके में हुई फायरिंग में तीन लोग घायल हुए थे। इस मामले का मुख्य आरोपी सुमित चंद्रवंशी था। घटना के बाद से उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही थी।   गिरफ्तारी के दौरान छीन लिया पुलिस का हथियार   गुरुवार सुबह मेदिनीनगर टाउन थाना पुलिस ने सदर थाना क्षेत्र के बजराहा इलाके में छापेमारी कर सुमित चंद्रवंशी को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उसने जवानों का हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश की। इस दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की।   जवाबी कार्रवाई में लगी गोली   पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें सुमित चंद्रवंशी के पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में सर्च अभियान चला रही है।   एसपी ने क्या कहा   पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने बताया कि आरोपी गिरफ्तारी के बाद पुलिस का हथियार लेकर भागने की कोशिश कर रहा था और उसने पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।   पहले भी हो चुकी है मुठभेड़   सुमित चंद्रवंशी मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र का रहने वाला है और उस पर एक आपराधिक गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। हाल के दिनों में पलामू पुलिस की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। इससे पहले भी एक मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी फैज खान पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हुआ था।

anjali kumari अगस्त 6, 2026 0
Palamu Crime News
पलामू में अंधविश्वास का खूनी खेल, चाचा ने टांगी से काटकर भतीजे की कर दी हत्या

पलामू। झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास ने एक परिवार को उजाड़ दिया। उंटारी रोड थाना क्षेत्र के लकड़ही टोला में एक व्यक्ति ने अंधविश्वास के चलते अपने ही भतीजे की टांगी से हमला कर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।   बेटी की मौत के बाद अंधविश्वास में घिरा था आरोपी   पुलिस के अनुसार, लकड़ही टोला निवासी प्रभु रजवार की बेटी लंबे समय से बीमार थी और कुछ दिन पहले उसकी मौत हो गई थी। प्रभु रजवार को शक था कि उसके छोटे भाई की पत्नी और भतीजे की पत्नी ने किसी तरह की तंत्र-मंत्र या जादू-टोना किया है, जिसकी वजह से उसकी बेटी की जान गई। इसी अंधविश्वास के कारण वह लगातार झाड़-फूंक का सहारा ले रहा था।   बहस के बाद टांगी से किया हमला   बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात किसी बात को लेकर प्रभु रजवार और उसके भतीजे चनका रजवार के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि प्रभु रजवार ने घर में रखी टांगी उठाकर भतीजे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से चनका रजवार की मौके पर ही मौत हो गई।   सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस   घटना की जानकारी मिलते ही उंटारी रोड थाना प्रभारी संतोष कुमार गिरि के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी प्रभु रजवार को गिरफ्तार कर लिया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।   अंधविश्वास बना हत्या की वजह   थाना प्रभारी संतोष कुमार गिरि ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला अंधविश्वास से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

anjali kumari अगस्त 6, 2026 0
पलामू के गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का पुलिस एनकाउंटर
झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा एनकाउंटर में ढेर, जानें उसका आपराधिक इतिहास

पलामू। झारखंड पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को जेल शिफ्टिंग के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया। पलामू के हुसैनाबाद का रहने वाला सुजीत सिन्हा लंबे समय से हत्या, रंगदारी और संगठित अपराध के मामलों में पुलिस के रडार पर था.   2007 के दोहरे हत्याकांड से चर्चा में आया     सुजीत सिन्हा पहली बार 2007 में पलामू के दो भाइयों अनिल सिंह और भूषण सिंह की हत्या के मामले में सुर्खियों में आया था। इस दोहरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड माने जाने पर 2019 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद वह पलामू और आसपास के इलाकों में रंगदारी और संगठित अपराध का बड़ा नाम बन गया.     20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज     पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अलग-अलग समय में उसके खिलाफ 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज रहे। वर्ष 2024 में वह कई मामलों में बरी भी हुआ था। जांच एजेंसियों ने उसके संबंध कोयलांचल के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान से जुड़े नेटवर्क से भी जोड़ा था.     पत्नी भी जेल में बंद     सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा भी संगठित अपराध से जुड़े मामलों में जेल में बंद है। हाल के वर्षों में रंगदारी और आपराधिक नेटवर्क से जुड़े मामलों में उसका नाम लगातार सामने आता रहा.     नेटवर्क की जांच जारी     पुलिस के अनुसार, एनकाउंटर के बाद उसके आपराधिक नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है.  

ranjan kumar tiwari अगस्त 3, 2026 0
Palamu firing
पलामू के कोयल नदी किनारे में ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन युवकों को लगी गोली; इलाके में दहशत

पलामू। झारखंड के पलामू जिले में मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र स्थित कोयल नदी के शिवाला घाट के पास बुधवार रात ताबड़तोड़ फायरिंग से सनसनी फैल गई। इस गोलीबारी में तीन युवक घायल हो गए, जबकि तीन से चार अन्य युवक बाल-बाल बच गए। घायलों में दो की हालत को देखते हुए उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   शिवाला घाट पर अचानक बरसाईं गोलियां   जानकारी के मुताबिक, रात करीब 8:40 बजे शिवाला घाट पर आधा दर्जन से अधिक युवक बैठे हुए थे। इसी दौरान करीब पांच हमलावर वहां पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और युवक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।   तीन युवकों को लगी गोली   घटना में 18 वर्षीय दिनेश कुमार के पेट में, 25 वर्षीय निखिल कुमार के कमर और बांह में तथा 20 वर्षीय प्रकाश कुमार के हाथ में गोली लगी। घायलों में दिनेश और निखिल मेदिनीनगर के शास्त्री नगर (भट्ठी मुहल्ला) के निवासी हैं, जबकि प्रकाश चैनपुर का रहने वाला है।   आपसी रंजिश की आशंका, पुलिस कर रही जांच   प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे आपसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही एसडीपीओ चिरंजीव मंडल अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा हमलावरों की पहचान और फायरिंग के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।   लगातार फायरिंग की घटनाओं से बढ़ी चिंता   हाल के दिनों में पलामू जिले में गोलीबारी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। ताजा वारदात के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

anjali kumari जुलाई 30, 2026 0
पलामू में शिक्षिका के अवकाश विवाद पर क्लर्क के निलंबन और भाजपा के प्रदर्शन की तस्वीर
मैटरनिटी लीव विवाद में बड़ा एक्शन, पलामू में क्लर्क सस्पेंड और भाजपा ने किया प्रदर्शन

पलामू। पलामू के तरहसी स्थित सिलदिलिया में पदस्थापित सरकारी शिक्षिका भारती पांडेय गर्भावस्था के अंतिम चरण में थीं। शनिवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में ड्यूटी के दौरान उन्हें प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि गर्भ में ही बच्चे की मौत हो चुकी है।   छुट्टी के बदले रिश्वत मांगने का आरोप   परिजनों और शिक्षक संगठनों का दावा- अवकाश के लिए लगातार आवेदन देने के बावजूद नहीं मिली मंजूरी, पैसे मांगने का लगाया आरोप   शिक्षिका के परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव से पहले छुट्टी के लिए कई बार आवेदन दिया गया था, लेकिन उस पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि छुट्टी देने के बदले रिश्वत की मांग की गई और पैसे नहीं देने के कारण अवकाश नहीं मिला। इस मामले को लेकर शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी।   दो क्लर्कों पर हुई कार्रवाई   मामले की जांच के बाद पलामू के जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार ने कार्रवाई की है। छुट्टी आवेदन को समय पर पुट अप नहीं करने के आरोप में क्लर्क ईश्वरी दयाल राम को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अरुण कुमार गिरी का प्रतिनियोजन रद्द कर दिया गया है।   शिक्षिका के पति ने मामले में लापरवाही और रिश्वत मांगने के आरोपों को लेकर मेदिनीनगर टाउन थाना में आवेदन दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।   शिक्षक संघों ने शुरू किया आंदोलन   घटना के विरोध में शिक्षक संगठनों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को जिले के शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य किया और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।   शिक्षकों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से सरकारी कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।   भाजपा ने किया विरोध प्रदर्शन   मामले को लेकर भाजपा ने भी विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।   उन्होंने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।   डीईओ ने दी सफाई   शिक्षा विभाग का दावा- मैटरनिटी लीव नहीं बल्कि चाइल्ड केयर लीव का आवेदन था   जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि शिक्षिका की ओर से चाइल्ड केयर लीव का आवेदन दिया गया था, जबकि मैटरनिटी लीव के लिए आवेदन नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि आवेदन को समय पर आगे नहीं बढ़ाने के आरोप में क्लर्क पर कार्रवाई की गई है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
पलामू में समय पर मातृत्व अवकाश न मिलने से गर्भवती शिक्षिका के बच्चे की मौत का मामला
पलामू में गर्भवती शिक्षिका को छुट्टी न मिलने का आरोप, गर्भ में बच्चे की मौत; अधिकारियों पर एफआईआर की मांग

पलामू। झारखंड के पलामू जिले में एक गर्भवती सरकारी शिक्षिका को समय पर मातृत्व अवकाश नहीं मिलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि छुट्टी नहीं मिलने के कारण स्कूल में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने पर गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई। मामले को लेकर परिजनों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और शिक्षा विभाग के दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।   छुट्टी नहीं मिलने से बिगड़ी तबीयत   जानकारी के अनुसार, शिक्षिका भारती पांडेय तरहसी स्थित प्लस-2 हाई स्कूल में पदस्थापित हैं और उनकी प्रतिनियुक्ति चैनपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में थी। परिजनों का आरोप है कि गर्भावस्था के अंतिम चरण में होने के बावजूद उन्हें मातृत्व अवकाश नहीं दिया गया। स्कूल में प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई।   रिश्वत मांगने का भी आरोप   परिजनों का आरोप है कि अवकाश स्वीकृत करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों और दो क्लर्कों ने ₹50,000 रिश्वत की मांग की थी। उनका कहना है कि शिक्षिका ने कई बार अधिकारियों से छुट्टी की गुहार लगाई थी और शिक्षक संघ के साथ जिला प्रशासन से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।   एफआईआर की मांग, पुलिस ने शुरू की जांच   शिक्षिका के पति मुकेश कुमार तिवारी ने मेदिनीनगर टाउन थाना में आवेदन देकर जिला शिक्षा अधीक्षक और दो क्लर्कों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है और मामले की जांच की जा रही है।   शिक्षा विभाग ने आरोपों से किया इनकार   जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। वहीं, मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और भाजपा नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
पलामू के जेएमपी कॉम्प्लेक्स में सिक्योरिटी गार्ड विनोद पांडेय की गोली मारकर हत्या के बाद जांच करती पुलिस
पलामू में सिक्योरिटी गार्ड की गोली मारकर हत्या, जन्मदिन की पार्टी में हुए विवाद से जुड़ रहा मामला

पलामू। झारखंड के पलामू जिले में रविवार देर रात एक सिक्योरिटी गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र स्थित जेएमपी कॉम्प्लेक्स की है, जहां ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड विनोद पांडेय को अपराधियों ने सिर में गोली मार दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।   कार और स्कूटी से पहुंचे थे हमलावर   मृतक विनोद पांडेय पलामू जिले के नावाबाजार थाना क्षेत्र के राजहरा गांव के निवासी थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 11 बजे के बाद हमलावर एक कार और स्कूटी से कॉम्प्लेक्स पहुंचे और विनोद पांडेय को निशाना बनाकर गोली मार दी।   15 जुलाई की बर्थडे पार्टी के विवाद से जुड़ रहे तार   पुलिस जांच में सामने आया है कि 15 जुलाई को जेएमपी कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक जन्मदिन की पार्टी के दौरान डांस और तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर कर्मचारियों और पार्टी में शामिल लोगों के बीच मारपीट हुई थी। इस घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी।   आज होनी थी कोर्ट में सुनवाई   बताया जा रहा है कि इसी विवाद से जुड़े मामले में सोमवार को कोर्ट में सुनवाई निर्धारित थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस इस हत्याकांड के तार उसी विवाद से जोड़कर देख रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।   हाई-प्रोफाइल लोगों के शामिल होने की चर्चा   स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जन्मदिन की पार्टी में शामिल कुछ लोगों का संबंध कथित तौर पर प्रभावशाली परिवारों और एक राजनीतिक दल से बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।   एसपी बोले- जल्द होगी गिरफ्तारी   पलामू एसपी कपिल चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
Palamu Graphite
पलामू के सतबरवा में मिला 12 मिलियन टन ग्रेफाइट का विशाल भंडार, रोजगार और औद्योगिक विकास की बढ़ी उम्मीद

पलामू। झारखंड के पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड में 12 मिलियन टन ग्रेफाइट का विशाल भंडार मिलने से क्षेत्र में विकास और रोजगार की नई उम्मीद जगी है। खामडीह और पूर्णाडीह के बीच मिले इस भंडार को पलामू प्रमंडल का अब तक का सबसे बड़ा ग्रेफाइट रिजर्व बताया जा रहा है। खान एवं भूतत्व विभाग ने विस्तृत सर्वेक्षण और डीजीपीएस मैपिंग पूरी कर ली है तथा अब तकनीकी मूल्यांकन के बाद नीलामी के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी की जा रही है।   उच्च गुणवत्ता का ग्रेफाइट   विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस भंडार में लगभग 7.7 प्रतिशत ग्रेड का ग्रेफाइट मिला है, जबकि क्षेत्र के अन्य हिस्सों में 80 प्रतिशत तक कार्बन युक्त उच्च गुणवत्ता वाला ग्रेफाइट भी मौजूद है। जनवरी-फरवरी में हुई ड्रिलिंग और सर्वेक्षण के बाद इस बड़े भंडार की पुष्टि हुई।   स्थानीय लोगों को रोजगार की उम्मीद   ग्रेफाइट भंडार की खबर से आसपास के गांवों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि खनन कार्य शुरू होता है तो सैकड़ों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। लंबे समय से बंद पड़े पुराने ग्रेफाइट माइंस दोबारा शुरू होने की भी उम्मीद बढ़ गई है, जिससे पलायन पर रोक लग सकती है।   लिथियम बैटरी और परमाणु उद्योग के लिए अहम   ग्रेफाइट की मांग इलेक्ट्रिक वाहनों की लिथियम-आयन बैटरियों, परमाणु उद्योग और कई आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सतबरवा का यह भंडार भविष्य में झारखंड को देश के प्रमुख ग्रेफाइट उत्पादन केंद्रों में शामिल कर सकता है।   खनन विभाग ने तेज की तैयारी   खनन एवं भूतत्व विभाग का कहना है कि तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ब्लॉक की नीलामी की जाएगी। साथ ही पलामू, गढ़वा और लातेहार के अन्य क्षेत्रों में भी ग्रेफाइट के संभावित भंडारों का सर्वे जारी है, ताकि राज्य में खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।

abhishek singh जुलाई 22, 2026 0
लातेहार से सासाराम जा रहे 27 नाबालिगों को पुलिस ने किया रेस्क्यू

पलामू। झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 27 नाबालिग लड़के-लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। सभी नाबालिग लातेहार जिले के मनिका क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन्हें बिहार के सासाराम इलाके में धान रोपाई के काम के लिए ले जाया जा रहा था। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच मानव तस्करी के दृष्टिकोण से भी कर रही है।   दो थाना क्षेत्रों में एक साथ हुई कार्रवाई पुलिस को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर शुक्रवार देर शाम पड़वा और नावाबाजार थाना क्षेत्रों में छापेमारी की गई। पड़वा थाना क्षेत्र से एक वाहन से 14 नाबालिगों को जबकि नावाबाजार थाना क्षेत्र से दूसरे वाहन से 13 नाबालिगों को बरामद किया गया। इस दौरान बिहार के कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।   पड़वा थाना प्रभारी अंकित कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर 14 नाबालिगों को सुरक्षित निकाला। वहीं नावाबाजार थाना प्रभारी संजय कुमार यादव ने बताया कि उनके क्षेत्र से 13 नाबालिगों का रेस्क्यू किया गया है।   बाल कल्याण समिति करेगी आगे की कार्रवाई रेस्क्यू के बाद सभी नाबालिगों को सुरक्षा के मद्देनजर अलग-अलग संस्थानों में भेजा गया है। नाबालिग लड़कियों को सखी वन स्टॉप सेंटर और लड़कों को बाल गृह भेजा गया है। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को भी मामले की जानकारी दे दी गई है। सीडब्ल्यूसी सदस्य रवि शंकर ने बताया कि सभी बच्चों की काउंसलिंग और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही उनके परिजनों को भी सूचना दी जा रही है।   पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चों को मजदूरी के लिए वैध रूप से ले जाया जा रहा था या इसके पीछे मानव तस्करी का कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0
Chiyanki Protest
पलामू के चियांकी में मुआवजे को लेकर बवाल, ग्रामीणों और पुलिस में झड़प; तीन पुलिसकर्मी घायल

मेदिनीनगर (पलामू)। रांची–मेदिनीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर चियांकी स्थित निर्माणाधीन फ्लाईओवर और फोरलेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजे को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों में जवान राजकुमार सिंह, महिला पुलिसकर्मी प्रिया कुमारी और मोहम्मद जावेद शामिल हैं। सभी को इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) में भर्ती कराया गया है।   मुआवजे को लेकर बढ़ा विवाद जानकारी के अनुसार, एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारी निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए जेसीबी के साथ चिन्हित मकानों को हटाने पहुंचे थे। इसी दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन का मुआवजा कृषि भूमि के आधार पर तय किया गया है, जबकि संबंधित जमीन आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी की है। उचित मुआवजे की मांग को लेकर विरोध तेज हो गया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई।   पथराव के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मोर्चा संभाला, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। सूचना मिलने पर सदर एसडीओ संजय कुमार पांडेय, एसडीपीओ राजेश यादव, सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित किया। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।   दो दिनों के लिए लागू की गई निषेधाज्ञा प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत दो दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुआवजा विवाद के कारण यह फ्लाईओवर परियोजना पिछले वर्ष से प्रभावित है, जिससे निर्माण कार्य लगातार बाधित हो रहा है।

anjali kumari जुलाई 9, 2026 0
Youth Death
पलामू में शराब के लिए पैसे नहीं मिलने पर युवक ने दी जान

पलामू। झारखंड के पलामू जिले में घरेलू विवाद का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। रामगढ़ थाना क्षेत्र के पिपराही नावाडीह गांव में शराब खरीदने के लिए पत्नी से पैसे नहीं मिलने पर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान नंद यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।   400 रुपये की मांग पर बढ़ा विवाद जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात नंद यादव शराब के नशे में घर लौटा था। घर पहुंचने के बाद उसने पत्नी से शराब खरीदने के लिए 400 रुपये मांगे। पत्नी द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि नंद यादव ने कथित तौर पर पत्नी के साथ मारपीट भी की।   इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों और ग्रामीणों को शक हुआ। जब दरवाजा नहीं खुला तो ग्रामीणों ने उसे तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां नंद यादव गंभीर हालत में मिला।   अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित ग्रामीणों ने तत्काल उसे रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।   पुलिस कर रही मामले की जांच रामगढ़ थाना प्रभारी ओमप्रकाश शाह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पति-पत्नी के बीच पैसे को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद यह घटना हुई। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद परिजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करें। समय पर मदद मिलना जीवन बचा सकता है।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Haidarnagar Police Station
पलामू में पुलिस को खुली चुनौती, हैदरनगर थाने से हत्या का आरोपी फरार

पलामू। झारखंड के पलामू जिले में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। हैदरनगर थाना से आठ वर्षीय मासूम की हत्या और एक दंपती पर जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी चितरंजन पासवान शुक्रवार तड़के पुलिस हिरासत से फरार हो गया। आरोपी के फरार होने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और उसे पकड़ने के लिए जिलेभर में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।   हत्या और जानलेवा हमले का है आरोपी पुलिस के अनुसार, फरार आरोपी चितरंजन पासवान हैदरनगर थाना क्षेत्र के बिंदु बीघा गांव का निवासी है। उस पर एक आठ वर्षीय बच्चे की बेरहमी से हत्या करने और एक दंपती को गंभीर रूप से घायल करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर थाना हाजत में रखा था। हालांकि, शुक्रवार सुबह वह पुलिसकर्मियों को चकमा देकर हिरासत से भाग निकलने में सफल हो गया।   आरोपी की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस उसके संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों और परिचितों के घरों पर लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही आसपास के थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट कर दिया गया है, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।   पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल थाने से हत्या जैसे गंभीर मामले के आरोपी का फरार हो जाना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर सवाल खड़े कर रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय और नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पुलिस हिरासत से ही आरोपी भाग सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।   फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार अभियान चला रही है। वहीं, यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किन परिस्थितियों में थाने से फरार हुआ और इस मामले में कहीं पुलिसकर्मियों की लापरवाही या किसी की मिलीभगत तो नहीं थी।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
Palamu Tragedy
झाड़-फूंक और राख का सेवन बना मौत का कारण, पलामू में एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत

पलामू। झारखंड के पलामू जिले के पड़वा प्रखंड स्थित सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की 10 दिनों के भीतर हुई मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। शुरुआत में इन मौतों को रहस्यमय बीमारी से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन अब जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्राथमिक जांच के अनुसार, परिवार बीमारी के इलाज के लिए आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ झाड़-फूंक का सहारा ले रहा था और ओझा की सलाह पर राख का सेवन कर रहा था। आशंका है कि यही राख शरीर में जाकर विषाक्त प्रभाव पैदा कर गई, जिससे एक के बाद एक पांच लोगों की मौत हो गई।   कुलदीप महतो की मौत के बाद बढ़ता गया मौत का सिलसिला जानकारी के अनुसार, सिक्का गांव निवासी कुलदीप महतो और उनकी बेटी सबसे पहले बीमार पड़े। 19 जून को कुलदीप महतो की मौत हुई, जबकि अगले दिन उनकी बेटी ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य झाड़-फूंक कराने के लिए लेस्लीगंज के पूर्णाडीह क्षेत्र पहुंचे। इसी दौरान परिवार के लोग लगातार राख का सेवन भी करते रहे।   26 जून को कुलदीप की दूसरी बेटी इंदु कुमारी की मौत हो गई। इसके बाद 28 जून को बहू श्वेता कुमारी और 29 जून को बेटे नकुल महतो ने इलाज के दौरान रांची के रिम्स अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस तरह महज 10 दिनों में परिवार के पांच सदस्य काल के गाल में समा गए।   जांच में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम परिवार के अन्य सदस्य, जिनमें कुलदीप महतो की पत्नी, एक बेटा और एक पोता शामिल हैं, अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने राख के नमूने, खाद्य सामग्री और सरसों तेल के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। मृतकों का विसरा भी सुरक्षित रखा गया है। पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे मामले की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है। वहीं मेडिकल विशेषज्ञों ने ड्रॉप्सी बीमारी सहित अन्य संभावित कारणों की भी जांच की बात कही है। यह घटना अंधविश्वास और चिकित्सा से दूरी के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Muharram
पलामू में 90 साल से कायम भाईचारे की मिसाल, रामनवमी समिति करती है मुहर्रम जुलूस का स्वागत

पलामू। झारखंड के पलामू जिले का मेदिनीनगर आज भी गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बना हुआ है। यहां वर्ष 1937 से चली आ रही एक अनोखी परंपरा आज भी कायम है, जिसमें मुहर्रम और रामनवमी के अवसर पर दोनों समुदाय एक-दूसरे के जुलूस का स्वागत करते हैं। शुक्रवार को निकले मुहर्रम जुलूस में भी इस परंपरा की झलक देखने को मिली, जब रामनवमी पूजा समिति के सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ जुलूस का स्वागत किया।   1937 से निभाई जा रही है भाईचारे की परंपरा मेदिनीनगर में मुहर्रम के दौरान रामनवमी समिति जुलूस का स्वागत करती है, जबकि रामनवमी के अवसर पर मुहर्रम इंतजामिया समिति रामनवमी जुलूस का सम्मान करती है। दोनों समितियां एक-दूसरे को सम्मानित भी करती हैं। महावीर नवयुवक दल (रामनवमी समिति) के अध्यक्ष मंगल सिंह ने बताया कि यह परंपरा उनके पूर्वजों के समय से चली आ रही है और आज भी उसी आत्मीयता के साथ निभाई जा रही है।   नमाज के दौरान रामनवमी समिति ने संभाली जिम्मेदारी शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान जब मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिद गए, तब मुहर्रम जुलूस की देखरेख की जिम्मेदारी रामनवमी समिति के सदस्यों ने संभाली। यह दृश्य दोनों समुदायों के बीच विश्वास और आपसी सम्मान का प्रतीक बना।   मुहर्रम इंतजामिया समिति के अध्यक्ष जीशान खान ने कहा कि डाल्टनगंज जैसी परंपरा शायद ही देश के किसी अन्य हिस्से में देखने को मिले। दोनों समुदाय हर पर्व पर एक-दूसरे का सहयोग करते हैं और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं।   प्रशासन ने भी की सराहना पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने इस परंपरा को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से एक-दूसरे का सम्मान और स्वागत करने की यह परंपरा देश की सामाजिक ताकत का प्रतीक है। वहीं पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारा और आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं।   भीषण गर्मी के कारण बदला जुलूस का समय इस बार भीषण गर्मी को देखते हुए मेदिनीनगर में मुहर्रम जुलूस दोपहर बाद निकाले गए। मुहर्रम इंतजामिया समिति के अनुसार, इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली और बिजली आपूर्ति भी अधिक प्रभावित नहीं हुई। यह आयोजन एक बार फिर पलामू की सांप्रदायिक सद्भाव की पहचान बनकर सामने आया।

anjali kumari जून 27, 2026 0
Palamu Train Update
यात्रीगण ध्यान दें, पलामू से गुजरने वाली कई ट्रेनें रद्द व डायवर्ट

पलामू।  पलामू और डालटनगंज के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। रेलवे ने सोन नगर से पतरातू रेलखंड के बीच चल रहे थर्ड लाइन निर्माण कार्य को लेकर कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट करने का फैसला लिया है। रेलवे की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 22 जून से 28 जून तक 14 पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी, जबकि 16 एक्सप्रेस ट्रेनों का रूट 27 जून तक बदला गया है। थर्ड लाइन को जोड़ने वाले अंतिम कार्य की वजह से बदलाव रेलवे अधिकारियों के मुताबिक छिपादोहर और मंगरा रेलवे स्टेशन के बीच थर्ड लाइन को जोड़ने का अंतिम कार्य चल रहा है। इसी वजह से ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है। यह परियोजना पूरी होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही और अधिक सुगम होने की उम्मीद है। डालटनगंज होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों को गढ़वा रोड, गया, डेहरी ऑन सोन और बरकाकाना के रास्ते चलाया जाएगा। इनमें नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-रांची गरीब रथ, आनंद विहार-हटिया एक्सप्रेस, रांची-बनारस इंटरसिटी, शक्तिपुंज एक्सप्रेस, जम्मूतवी-हावड़ा एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं।   रांची-सासाराम एक्सप्रेस 23 से 27 जून तक रद्द रहेगी पलामू क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली रांची-सासाराम एक्सप्रेस 23 से 27 जून तक रद्द रहेगी। इसके अलावा बरकाकाना, बरवाडीह, डेहरी ऑन सोन, चोपन और गोमो रूट की कई पैसेंजर ट्रेनें भी प्रभावित रहेंगी।   रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांच लें, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

abhishek singh जून 22, 2026 0
Palamu Railway Update
Palamu Railway Update: डालटनगंज रूट पर 14 पैसेंजर ट्रेनें रद्द, 16 एक्सप्रेस का बदला रूट

पलामू। झारखंड के पलामू जिले से होकर गुजरने वाली ट्रेनों को लेकर रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। सोन नगर-पतरातू रेलखंड पर थर्ड लाइन निर्माण कार्य के कारण डालटनगंज रूट से गुजरने वाली 14 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि 16 एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग अस्थायी रूप से बदल दिया गया है। रेलवे के अनुसार यह व्यवस्था 22 से 28 जून तक प्रभावी रहेगी, जबकि एक्सप्रेस ट्रेनों का डायवर्जन 27 जून तक लागू रहेगा।   थर्ड लाइन निर्माण बना वजह रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सोन नगर से पतरातू के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण तेजी से चल रहा है। अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन छिपादोहर और मंगरा स्टेशन के बीच तीसरी लाइन को जोड़ने का काम जारी है। इसी कारण सुरक्षा और परिचालन को ध्यान में रखते हुए कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है।   16 एक्सप्रेस ट्रेनों का बदला गया रूट डालटनगंज होकर चलने वाली कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों को अब गढ़वा रोड, गया, डेहरी ऑन सोन, बरकाकाना और चोपन मार्ग से संचालित किया जाएगा। प्रभावित ट्रेनों में विशाखापट्टनम-वाराणसी एक्सप्रेस, धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस, नई दिल्ली-रांची गरीब रथ, नई दिल्ली-रांची राजधानी, आनंद विहार-हटिया एक्सप्रेस, टाटा-जम्मूतवी एक्सप्रेस, जम्मूतवी-हावड़ा एक्सप्रेस, रांची-वाराणसी इंटरसिटी और शक्तिपुंज एक्सप्रेस समेत कुल 16 ट्रेनें शामिल हैं।   14 पैसेंजर ट्रेनें रहेंगी रद्द रेलवे ने रांची-सासाराम पैसेंजर सहित कुल 14 पैसेंजर ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में रद्द किया है। इसके अलावा बरकाकाना-डेहरी ऑन सोन, बरवाडीह-चोपन, गोमो-बरवाडीह, बरकाकाना-वाराणसी और डेहरी ऑन सोन-बरवाडीह जैसी महत्वपूर्ण पैसेंजर सेवाएं भी प्रभावित रहेंगी।   रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच करने और वैकल्पिक यात्रा योजना बनाने की अपील की है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

abhishek singh जून 22, 2026 0
Palamu Mysterious Illness
पलामू में रहस्यमयी बीमारी से बाप-बेटी की मौत, एक ही परिवार के चार सदस्य गंभीर

पलामू। झारखंड के पलामू जिले के पड़वा थाना क्षेत्र स्थित सिक्का गांव में एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शरीर में सूजन की शिकायत के बीच पिता और पुत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य गंभीर रूप से बीमार हैं। सभी को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर किया गया है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की जांच में जुट गई है।   कुछ घंटों के अंतराल पर पिता-पुत्री ने तोड़ा दम जानकारी के अनुसार, सिक्का गांव निवासी कुलदीप महतो की शुक्रवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। शरीर में सूजन की शिकायत के साथ उनकी हालत तेजी से खराब हुई और देर रात करीब एक बजे उनकी मौत हो गई। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि शनिवार सुबह करीब आठ बजे उनकी पुत्री बबीता कुमारी ने भी दम तोड़ दिया। कुछ ही घंटों के भीतर हुई दो मौतों से पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है।   चार अन्य सदस्यों की हालत गंभीर घटना के बाद कुलदीप महतो की पत्नी लाखो देवी, पुत्र नकुल महतो, पुत्रवधू श्वेता देवी और एक अन्य बेटी की भी तबीयत बिगड़ गई। सभी को पहले मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने रांची के रिम्स रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।   स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच ग्रामीणों के अनुसार, परिवार के सभी सदस्यों के शरीर में सूजन की शिकायत थी, जिससे किसी अज्ञात बीमारी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्रवण कुमार मेहता ने बताया कि मेडिकल टीम गांव पहुंचकर जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी तथा मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।   इस घटना के बाद पूरे सिक्का गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों में भय का माहौल है और सभी की नजरें स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। फिलहाल प्रशासन लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील कर रहा है।  

abhishek singh जून 20, 2026 0
Palamu land mafia
भू-माफियाओं की अब खैर नहीं, पलामू पुलिस ने तैयार की सूची, थानों को सौंपा जिम्मा

पलामू। जिले में भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। पलामू पुलिस अधीक्षक (एसपी) कपिल चौधरी ने गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय क्राइम मीटिंग में सभी थाना प्रभारियों को भू-माफियाओं की सूची उपलब्ध कराते हुए उनके सत्यापन और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन और फरार आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई।   भू-माफियाओं के सत्यापन का अभियान होगा शुरू क्राइम मीटिंग के दौरान एसपी ने बताया कि जिले में अलग-अलग श्रेणियों के भू-माफियाओं की पहचान कर सूची तैयार की गई है। इस सूची को सभी थाना प्रभारियों को सौंप दिया गया है। संबंधित व्यक्तियों को थाने बुलाकर उनका सत्यापन किया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य अवैध जमीन कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना है।   लंबित मामलों के जल्द निष्पादन पर जोर बैठक में वर्षों से लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अनुसंधान में तेजी लाने और लंबित वारंटों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए मुकदमों का समय पर निष्पादन और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी बेहद जरूरी है।   बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को मिला सम्मान एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि मई माह में दर्ज मामलों की तुलना में पुलिस ने उससे अधिक मामलों का अनुसंधान पूरा किया है, जो बेहतर पुलिसिंग का संकेत है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले थाना प्रभारियों को बैठक के दौरान पुरस्कृत भी किया गया, जबकि अगले महीने के लिए सभी अधिकारियों को नए लक्ष्य सौंपे गए।   पुराने अपराधियों पर भी रहेगी नजर क्राइम मीटिंग में पिछले दस वर्षों में विभिन्न अपराधों में शामिल आरोपियों के सत्यापन और जेल से रिहा होकर बाहर आए अपराधियों की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिले के सभी एसडीपीओ, इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी मौजूद रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अपराध और अवैध भूमि कारोबार पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।

anjali kumari जून 19, 2026 0
Woman Skeleton Found
15 दिन से लापता महिला का जंगल में मिला कंकाल, कपड़ों से हुई पहचान

पलामू। झारखंड के पलामू जिले के पांडू थाना क्षेत्र में 15 दिनों से लापता महिला का कंकाल जंगल से मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान भटवलिया गांव निवासी सुनीता देवी के रूप में हुई है, जो 29 मई को जंगल में लकड़ी चुनने गई थीं और उसके बाद घर वापस नहीं लौटी थीं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।   लकड़ी चुनने गई थी, फिर नहीं लौटी घर जानकारी के अनुसार, सुनीता देवी अक्सर हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के लोहबंधा-माहूर जंगल में लकड़ी चुनने जाती थीं। 29 मई को भी वह रोज की तरह जंगल गई थीं, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।   मवेशी चराने गए ग्रामीणों को मिली लाश शुक्रवार को पांडू और हुसैनाबाद थाना क्षेत्रों की सीमा से लगे जंगल में कुछ ग्रामीण मवेशी चराने पहुंचे। इस दौरान उन्हें इलाके से तेज दुर्गंध आने का एहसास हुआ। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां एक महिला का कंकाल पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पांडू थाना पुलिस और मृतका के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे।   कपड़ों के आधार पर हुई पहचान परिजनों ने शव के पास मिले कपड़ों के आधार पर महिला की पहचान सुनीता देवी के रूप में की। बिश्रामपुर के एसडीपीओ चिरंजीवी कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया कपड़ों के आधार पर पहचान की गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी और सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।   मेदिनीनगर में ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौत उधर, मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र के शांतिपुरी इलाके में एक अन्य हादसे में लक्ष्मी देवी नामक महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। वह छतरपुर थाना क्षेत्र के खाटीन गांव की रहने वाली थीं और अपनी बेटी से मिलने मेदिनीनगर जा रही थीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

anjali kumari जून 12, 2026 0
medical emergency
पलामू का ढोढराही बना ‘विधवाओं का गांव’, टीबी ने उजाड़ दिए 20 से अधिक परिवार

पलामू। झारखंड के पलामू जिले के रामगढ़ प्रखंड स्थित ढोढराही गांव आज एक दर्दनाक पहचान के साथ चर्चा में है। अनुसूचित जाति बहुल इस गांव में टीबी (क्षय रोग) ने पिछले एक दशक में 20 से अधिक पुरुषों की जान ले ली है, जिसके कारण गांव को अब ‘विधवाओं का गांव’ कहा जाने लगा है। गांव में लगभग 25 परिवार रहते हैं, जिनमें से 20 से अधिक परिवारों की महिलाएं विधवा हो चुकी हैं।   मजदूरी के लिए जाते थे बाहर, बीमारी बन गई मौत की वजह ग्रामीणों के अनुसार, गांव के अधिकांश पुरुष बिहार के रोहतास जिले के करवंदिया क्षेत्र में स्टोन माइंस में मजदूरी करने जाते थे। वहीं काम करने के दौरान कई लोग बीमार पड़े और बाद में उनकी मौत हो गई। वर्ष 2016-17 के बाद से टीबी के मामलों में तेजी आई और एक-एक कर कई परिवारों के कमाने वाले सदस्य काल के गाल में समा गए।   महिलाओं पर परिवार की जिम्मेदारी पति की मौत के बाद गांव की महिलाएं अब मजदूरी, महुआ चुनने और ईंट-भट्ठों में काम कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। कई बच्चों को भी कम उम्र में मजदूरी करनी पड़ रही है। कुछ परिवार गांव छोड़कर अन्य स्थानों पर पलायन कर चुके हैं, जिसके कारण कई घरों में ताले लटके हुए हैं।   सवालों के घेरे में बीमारी का कारण ग्रामीणों का कहना है कि टीबी से सबसे ज्यादा पुरुषों की मौत हुई है, जबकि महिलाओं और बच्चों में ऐसे मामले सामने नहीं आए हैं। वर्ष 2022 में हुए स्वास्थ्य सर्वे में गांव में तीन टीबी मरीज मिले थे, लेकिन इसके बाद कोई बड़ा मेडिकल कैंप नहीं लगाया गया।   स्वास्थ्य विभाग करेगा विशेष जांच पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि गांव में विशेष मेडिकल कैंप लगाया जाएगा। एक्स-रे और स्क्रीनिंग के जरिए सभी ग्रामीणों की जांच होगी। विभाग यह भी पता लगाएगा कि मौतें केवल टीबी से हुईं या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी जिम्मेदार है। गांव की स्थिति ने स्वास्थ्य व्यवस्था और ग्रामीण जीवन की चुनौतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

anjali kumari जून 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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