पलामू

Railway Minister meeting
सांसद बीडी राम ने रेलमंत्री से मिलकर पलामू के लिए मांगी 5 नई ट्रेनें

पलामू। पलामू के सांसद बिष्णुदयाल राम ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी बैष्णव से मुलाकात कर पलामू में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से पलामू से देश के विभिन्न हिस्सों का संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से 5 नई ट्रेनों की मांग की है। सांसद ने कहा कि इससे पलामू में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी, रोजगार सृजन होगा और संसदीय क्षेत्र के लोगों का झारखंड के दूसरे शहरों ही नहीं, अपितु देश के विभिन्न हिस्सों से कनेक्टिविटी में इजाफा होगा।  रेलमंत्री का दिया भरोसा सांसद बीडी राम ने पलामू जिले में 'वैगन उत्पादन एवं रख-रखाव सुविधा' (Wagon Production and Maintenance Facility) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा और अनुरोध किया कि गढ़वा रोड़ या जपला में यह सुविधा स्थापित की जाए, जहां पर्याप्त रेलवे भूमि उपलब्ध है। इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र का औद्योगिक विकास होगा। केंद्रीय मंत्री  ने इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए पलामू जिले में वैगन उत्पादन एवं रखरखाव सुविधा की व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) कराने का आश्वासन दिया। इन जगहों के लिए ट्रेनों की मांग की सांसद ने पलामू संसदीय क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी के लिए निम्नलिखित नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने का अनुरोध किया:- * चोपन-देवघर एक्सप्रेस वाया डालटनगंज-धनबाद। यह सेवा बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के श्रद्धालु यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। * दक्षिण भारत से बेहतर संपर्क के लिए चोपन से एर्नाकुलम तक नई रेल सेवा, जिसका रूट इस प्रकार प्रस्तावित है: चोपन – गढ़वा – डालटनगंज – बरकाकाना – मेसरा – रांची – राउरकेला – पेरंबुर (चेन्नई) – कोयंबटूर – एर्नाकुलम। * पश्चिमी भारत से सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए रांची-अहमदाबाद एक्सप्रेस वाया लोहरदगा-डालटनगंज-जपला। * इसके अतिरिक्त नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की मांग की। वर्तमान में सप्ताह में एक दिन चलने वाली इस ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन चलाए जाने का अनुरोध किया गया, जिसमें डालटनगंज, गढ़वा रोड, नगर उटारी, रेणुकूट, चोपन-चुनार मार्ग से। * हैदरनगर ब्लॉक के सरगड़ा टोला गांव में नावाडीह रेलवे फाटक नंबर-48 के पास पिलर नंबर 360/20 के समीप एलसी/आरयूबी (Level Crossing/Road Under Bridge) के निर्माण की भी मांग रखी। रेल मंत्री जी ने इस कार्य को निर्माण सूची में शामिल करने का आश्वासन दिया। पलामू में विकास कार्यों को मिलेगी गति सांसद बिष्णुदयाल राम ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। वैगन फैक्ट्री से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, जबकि नई ट्रेनों से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। अश्विनी वैष्णव ने उपरोक्त मांगों को सकारात्मक रूप से लिया और आवश्यक अध्ययन एवं कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Anjali Kumari अप्रैल 30, 2026 0
Palamu POCSO case
पलामू में POCSO और छेड़खानी केस में लापरवाही, पुलिस विभाग में हड़कंप

पलामू। झारखंड के पलामू रेंज में महिला अपराध से जुड़े मामलों की जांच में लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस महकमा सख्त हो गया है। Kishore Kaushal द्वारा की जा रही समीक्षा में कई गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। छेड़खानी, दुष्कर्म और POCSO Act से जुड़े मामलों में जांच में देरी और ढिलाई के कारण आरोपियों को फायदा मिलने की बात सामने आई है। इस पर कार्रवाई करते हुए दो थाना प्रभारियों और तीन सब-इंस्पेक्टरों से जवाब तलब किया गया है।   तीन मामलों में बड़ी लापरवाही उजागर समीक्षा के दौरान कई केस स्टडी सामने आए। एक मामले में ऑटो में छेड़खानी की घटना के बावजूद वाहन और आरोपियों की पहचान तक नहीं हो सकी। दूसरे मामले में दिव्यांग महिला से दुष्कर्म के प्रयास की जांच लंबित रखी गई, जिससे आरोपियों को राहत मिली। वहीं, तीसरे मामले में पॉक्सो से जुड़े संवेदनशील केस में न तो उचित कार्रवाई हुई और न ही जांच में गंभीरता दिखाई गई।   जांच में देरी से आरोपियों को मिला लाभ डीआईजी ने पाया कि कई मामलों में अनुसंधानकर्ताओं की लापरवाही और उदासीन रवैये के कारण केस कमजोर हुए हैं। समय पर कार्रवाई न होने से आरोपियों को कानूनी फायदा मिला, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।   सख्त कार्रवाई की चेतावनी डीआईजी किशोर कौशल ने स्पष्ट किया है कि महिला अपराध से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों से तथ्यात्मक और स्पष्ट जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी कार्रवाई तय है।   संवेदनशीलता के साथ जांच के निर्देश पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि महिला अपराध के मामलों की जांच संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर की जाए। पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में ऐसे मामलों की लगातार समीक्षा जारी रहेगी, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित हो।

Anjali Kumari अप्रैल 29, 2026 0
solar power project halt
जमीन नहीं, तो प्लांट कैसे? पलामू-गढ़वा में सोलर प्लांट पर लगा ब्रेक

पलामू/ गढ़वा। पलामू और गढ़वा जिलों में प्रस्तावित सोलर पावर प्लांट की योजना अब तक जमीन के अभाव में अटकी हुई है। केंद्र सरकार ने दोनों जिलों में 20-20 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने की योजना वर्ष 2021 में तैयार की थी। इसके लिए करीब 100-100 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, लेकिन अब तक उपयुक्त जमीन की पहचान नहीं हो सकी है।   पलामू के सांसद विष्णुदयाल राम ने  सरकार पर लगाया आरोप  इस मुद्दे पर पलामू के सांसद विष्णुदयाल राम ने झारखंड सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार राज्य सरकार और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती, तो क्षेत्र बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बन सकता था। हालांकि, कुछ प्रगति के संकेत भी मिले हैं। झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास निगम द्वारा 9 मेगावाट की एक अलग सोलर परियोजना की योजना बनाई गई है। करीब 93 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्लांट के लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। यह प्लांट पलामू के हुसैनाबाद क्षेत्र में प्रस्तावित है और 25 वर्षों तक संचालन में रहेगा।   पलामू और गढ़वा जिलों में बिजली की आपूर्ति वर्तमान में पलामू और गढ़वा जिलों में बिजली की आपूर्ति मुख्य रूप से बाहरी स्रोतों, जैसे उत्तर प्रदेश के रिहंद क्षेत्र, से होती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर सोलर प्लांट की स्थापना से न केवल बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। फिलहाल, जमीन की समस्या के समाधान का इंतजार है, ताकि यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर उतर सके।

Anjali Kumari अप्रैल 28, 2026 0
Kotwali DSP firing case
रांची कोतवाली के डीएसपी पर गोली चलाने वाला आरोपी पलामू से गिरफ्तार

पलामू। रांची कोतवाली डीएसपी पर फायरिंग करने के आरोपी जेपी शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, वह एक जमीन कारोबारी से 1.20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में भी शामिल था।   रंगदारी और हत्या की साजिश का खुलासा मामले में जमीन कारोबारी नंद यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। जांच के दौरान पुलिस को रंगदारी मांगने से जुड़े कई इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने पहले भी एक जमीन कारोबारी की हत्या की साजिश रची थी। बताया जाता है कि 2017 में रांची में जेएससीए स्टेडियम के पास तत्कालीन डीएसपी भोला प्रसाद यादव के साथ आरोपी की मुठभेड़ हुई थी। उस दौरान जेपी शुक्ला ने सरेंडर कर दिया था, लेकिन इसके बाद भी वह आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा।   कई मामलों में रहा है शामिल पुलिस अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जेपी शुक्ला कई संगीन मामलों में आरोपी रह चुका है। उस पर गढ़वा में हत्या, पलामू में आर्म्स एक्ट के तहत मामले और रांची के सुखदेव नगर क्षेत्र में हत्या की वारदात को अंजाम देने के आरोप हैं।   पुलिस की संयुक्त कार्रवाई इस गिरफ्तारी में डीएसपी स्तर के अधिकारियों के साथ मेदिनीनगर टाउन थाना की टीम शामिल रही। पुलिस का कहना है कि आरोपी के आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

Anjali Kumari अप्रैल 23, 2026 0
Jharkhand electricity issue
पलामू के युवक के ट्विट पर सीएम हेमंत ने लिया एक्शन, कई बिजली अधिकारी रडार पर

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पलामू के एक युवक ट्विट पर सख्त एक्शन ले लिया है। इससे बिजली विभाग के कई अफसर रडार पर आ गये हैं। इतना ही नहीं, मामले को लेकर पलामू के बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। साथ ही, झारखंड में बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।  क्या है मामला पलामू निवासी कुशवाहा अविनाश के एक ट्वीट के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।  युवक ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए आरोप लगाया कि वह बिजली विभाग के कथित भ्रष्टाचार और मनमाने रवैये से परेशान है। उसने यहां तक कहा कि हालात ऐसे हैं कि वह आत्महत्या करने को मजबूर हो सकता है। गलत बिल और रिश्वत मांगने के आरोप ट्वीट में युवक ने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी मीटर रीडिंग को नजरअंदाज कर मनमाने बिल जारी कर रहे हैं। साथ ही बिल सुधार के नाम पर उपभोक्ताओं से 50 प्रतिशत तक रिश्वत मांगे जा रहे हैं। मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को टैग कर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि यह स्थिति किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। जांच और कार्रवाई के आदेश मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मामले की तुरंत जांच कर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाये। साथ ही विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने को भी कहा गया है। सीएम ने यह भी कहा कि इस तरह की शिकायतों को सिर्फ एक मामले तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पूरे राज्य में इनका समय पर और निष्पक्ष निपटारा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को किसी भी तरह के मानसिक उत्पीड़न या गलत व्यवहार का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।

Anjali Kumari अप्रैल 22, 2026 0
Radhakrishna Kishore Budhapahar
बूढ़ापहाड़ पहुंचे वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, विकास कार्यों का लिया जायजा

पलामू। झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पलामू जिले के ऐतिहासिक और लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे बूढ़ापहाड़ इलाके का दौरा कर वहां चल रहे विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बाद वित्त मंत्री ऐसे दूसरे बड़े जनप्रतिनिधि हैं, जिन्होंने इस संवेदनशील इलाके तक पहुंचकर विकास की दिशा में पहल दिखाई है। बूढ़ापहाड़, जो कभी माओवादियों का गढ़ माना जाता था, अब धीरे-धीरे मुख्यधारा में लौटता नजर आ रहा है।   विकास के लिए जमीनी निरीक्षण वित्त मंत्री ने इलाके में पहुंचकर सड़क, बुनियादी ढांचे और अन्य विकास योजनाओं की स्थिति का निरीक्षण किया। बूढ़ापहाड़ की चोटी तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल सफर भी तय करना पड़ा, जिससे इलाके की भौगोलिक कठिनाइयों का अंदाजा लगाया जा सकता है। दौरे के दौरान उन्होंने अधिकारियों से स्थानीय जरूरतों और अधूरे कार्यों की जानकारी ली।   ‘सिर्फ पुलिस नहीं, विकास भी जरूरी’ दौरे के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि वे ऐसे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील रहा है। उन्होंने साफ कहा कि केवल पुलिस बल के जरिए नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए विकास की मजबूत बुनियाद भी जरूरी है। उनके अनुसार, जब तक शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं गांव-गांव तक नहीं पहुंचेंगी, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं होगा।   जल्द बनेगा विकास का नया खाका वित्त मंत्री ने कहा कि बूढ़ापहाड़ क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जल्द ही सभी विभागों के साथ एक समीक्षा बैठक की जाएगी। इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा दिए गए टास्क की भी समीक्षा होगी और आगे के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इलाके तक पहुंचने वाली सड़क का एक हिस्सा वन भूमि में आता है, जिसके कारण निर्माण में दिक्कतें हैं। फिर भी सरकार एक किलोमीटर आवश्यक सड़क निर्माण को प्राथमिकता देकर अनटायड फंड के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करेगी।   नक्सल गढ़ से विकास की ओर बढ़ता बूढ़ापहाड़ बता दें कि बूढ़ापहाड़ 90 के दशक से माओवादियों का बड़ा प्रशिक्षण केंद्र रहा है। सितंबर 2022 में यहां ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस’ शुरू किया गया था, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर तेजी आई। अब यह इलाका झारखंड के बदलते परिदृश्य की नई तस्वीर पेश कर रहा है।

Anjali Kumari अप्रैल 4, 2026 0
Woman dies post injection during tooth treatment
इंजेक्शन के बाद महिला की मौत, दंत चिकित्सक फरार-पलामू के हरिहरगंज में हड़कंप

दांत के इलाज के दौरान बिगड़ी हालत, क्लिनिक सील कर जांच में जुटा प्रशासन झारखंड के पलामू जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। हरिहरगंज में दांत के इलाज के लिए पहुंची एक महिला की इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी दंत चिकित्सक क्लिनिक छोड़कर फरार हो गया है। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्लिनिक को सील कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दांत निकालने के दौरान हुआ हादसा यह घटना हरिहरगंज के मेन रोड स्थित निजी बस स्टैंड के पास संचालित जनता दंत क्लिनिक में हुई। जानकारी के अनुसार, 36 वर्षीय बिजानी देवी दांत के इलाज के लिए क्लिनिक पहुंची थीं। इलाज के दौरान दंत चिकित्सक डॉ. मोहम्मद अशरफ अली ने पहले इंजेक्शन देकर दांत निकाला। इसके बाद दर्द अधिक होने पर उन्हें दूसरा इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उल्टी के बाद बिगड़ी स्थिति, अस्पताल में मौत परिजनों के मुताबिक, इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद महिला को लगातार उल्टी होने लगी और हालत तेजी से खराब हो गई। आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। भीड़ का आक्रोश, डॉक्टर फरार घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ क्लिनिक और अस्पताल परिसर में जुट गई। लोगों में आक्रोश का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देख आरोपी चिकित्सक मौके से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। प्रशासन की कार्रवाई, क्लिनिक सील घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बीडीओ पारितोष प्रियदर्शी, सीओ मनीष कुमार सिन्हा और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गोपाल प्रसाद ने जांच के बाद क्लिनिक को सील कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। बिहार की रहने वाली थी मृतक महिला मृतक बिजानी देवी बिहार के औरंगाबाद जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र के कासिमपुर गांव की निवासी थीं। वे मुकेश चंद्र भारती की पत्नी थीं। इस घटना के बाद उनके परिवार में शोक का माहौल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी चिकित्सक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है। शुरुआती जांच में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर निजी क्लिनिकों में इलाज की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और दोषियों को कब तक न्याय के कटघरे में लाया जाता है।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Geeta Devi takes oath as chairperson and Tara Devi elected vice-chairperson in Vishrampur council
विश्रामपुर नगर परिषद में शपथ ग्रहण समारोह: गीता देवी बनीं अध्यक्ष, तारा देवी 12 वोट से चुनी गईं उपाध्यक्ष

  पलामू में नवनिर्वाचित 20 वार्ड पार्षदों ने भी ली पद और गोपनीयता की शपथ, डीसी समीरा एस की मौजूदगी में हुआ समारोह अध्यक्ष और पार्षदों ने ली शपथ झारखंड के पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद में सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। नगर पालिका (आम) निर्वाचन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में नवनिर्वाचित अध्यक्ष गीता देवी और नगर परिषद के 20 वार्ड पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। यह समारोह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त समीरा एस की मौजूदगी में संपन्न हुआ।   डीसी समीरा एस ने दिलाई शपथ कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त समीरा एस ने अध्यक्ष गीता देवी और सभी वार्ड पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई दी और कहा कि नगर परिषद क्षेत्र के विकास और नागरिकों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी जनप्रतिनिधि निष्पक्षता, पारदर्शिता और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।   विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर उपायुक्त समीरा एस ने कहा कि विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना सभी जनप्रतिनिधियों की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नगर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल से ही क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा। आपसी सहयोग और सामंजस्य के साथ काम करने पर शहर के विकास को नई गति मिल सकती है।   उपाध्यक्ष पद के लिए हुआ चुनाव शपथ ग्रहण समारोह के बाद नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव भी कराया गया। इस पद के लिए दो प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश की। मतदान के बाद तारा देवी को कुल 12 वोट मिले, जबकि इलियास अंसारी को 8 वोट प्राप्त हुए। इसके साथ ही तारा देवी को उपाध्यक्ष पद के लिए विजयी घोषित किया गया।   तारा देवी को मिला जीत का प्रमाण पत्र निर्वाची पदाधिकारी सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू ने तारा देवी को जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया। इसके बाद नगर परिषद की नवनिर्वाचित अध्यक्ष गीता देवी ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी रतन सिंह, अंचलाधिकारी राकेश तिवारी समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।   समर्थकों में दिखा उत्साह समारोह के दौरान नगर परिषद के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
Palamu cylinder blast news
पलामू गैस सिलेंडर ब्लास्ट के बाद बड़ा एक्शन, टीओपी-3 प्रभारी समेत पूरी पुलिस टीम सस्पेंड

पलामू। पलामू जिले में हुए भीषण गैस सिलेंडर ब्लास्ट के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। एसपी ने टीओपी-3 प्रभारी समेत वहां तैनात पूरी पुलिस टीम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई के तहत पथरा ओपी प्रभारी मंटू कुमार को टीओपी-3 का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस फैसले के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।   प्रशासन ने किया घटनास्थल का निरीक्षण जिला प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। Sameera S (डीसी) के निर्देश पर अपर समाहर्ता कुंदन कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति की समीक्षा की। शुरुआती जांच में अवैध गैस रिफिलिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात सामने आई है।   गैस डीलर का लाइसेंस रद्द करने की तैयारी जांच के आधार पर संबंधित गैस डीलर का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि पूरी जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   नए प्रभारी ने संभाला कार्यभार नए प्रभारी मंटू कुमार ने पदभार संभालते ही क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों से भी किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।

Juli Gupta मार्च 16, 2026 0
Aruna Shankar taking oath as the new Mayor of Medininagar Municipal Corporation.
मेदिनीनगर को मिली नई मेयर: अरुणा शंकर ने ली पद और गोपनीयता की शपथ, शहर के विकास को बताया पहली प्राथमिकता

  नगर निगम में नई नेतृत्व की शुरुआत झारखंड के Medininagar नगर निगम में शनिवार को नए नेतृत्व की औपचारिक शुरुआत हुई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थन से चुनी गईं Aruna Shankar ने मेयर पद की जिम्मेदारी संभालते हुए पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह पलामू प्रमंडल के आयुक्त की उपस्थिति में आयोजित किया गया, जिसमें कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।   शहर के विकास और स्वच्छता पर रहेगा फोकस शपथ लेने के बाद मेयर अरुणा शंकर ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता शहर का समग्र विकास होगा। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने, बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और नगर निगम क्षेत्र में नागरिक सेवाओं को सुचारु करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी है।   नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने का संकल्प मेयर ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले समय में सड़क, सफाई, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उनका लक्ष्य है कि नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य हो और लोगों को बेहतर नगर सेवाएं मिलें। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी के सहयोग से Medininagar को एक स्वच्छ, व्यवस्थित और विकसित शहर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जाएगा।

surbhi मार्च 14, 2026 0
IG Kishore Kaushal inspecting security arrangements at Palamu Civil Court and central control room
पलामू में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा: डीआईजी किशोर कौशल ने सिविल कोर्ट और कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण

  झारखंड के पलामू जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) किशोर कौशल और पलामू की पुलिस अधीक्षक (एसपी) रीष्मा रमेशन ने सिविल कोर्ट परिसर तथा समाहरणालय स्थित सेंट्रल कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस समन्वय की विस्तृत समीक्षा की।   कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा निरीक्षण के दौरान डीआईजी किशोर कौशल ने सिविल कोर्ट परिसर में तैनात सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से आकलन किया। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कोर्ट परिसर की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को हमेशा सतर्क और सक्रिय रहना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति या सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।   प्रवेश द्वार पर जांच व्यवस्था का किया निरीक्षण डीआईजी ने कोर्ट परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि आने-जाने वाले लोगों की जांच किस प्रकार की जा रही है। उन्होंने सुरक्षा बलों को निर्देश दिया कि परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पूरी सतर्कता के साथ जांच की जाए और संदिग्ध व्यक्तियों व गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए।   सेंट्रल कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा सिविल कोर्ट परिसर के निरीक्षण के बाद डीआईजी और एसपी ने समाहरणालय स्थित सेंट्रल कंट्रोल रूम (सीसीआर) का भी दौरा किया। यहां उन्होंने अपराध निगरानी, सूचना प्रबंधन और संचार प्रणाली की व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने विभिन्न थानों से आने वाली सूचनाओं के संकलन और उन पर त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया की भी जानकारी ली।   सीसीटीवी निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन पर जोर निरीक्षण के दौरान शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त लाइव फुटेज की गुणवत्ता और उसकी मॉनिटरिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने निर्देश दिया कि कंट्रोल रूम में आने वाली लाइव फुटेज पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित थाना को दी जाए। इसके साथ ही रिकॉर्ड और फाइलों के व्यवस्थित रखरखाव तथा मामलों के शीघ्र निष्पादन पर भी विशेष जोर दिया गया।   पुलिस समन्वय और जनसहयोग पर दिया बल डीआईजी किशोर कौशल ने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी थानों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। निरीक्षण के दौरान कई पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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