रामगढ़

Ashadhi Mahapuja
रजरप्पा में आषाढ़ी महापूजा का भव्य आयोजन, मां छिन्नमस्तिका को अर्पित हुआ छप्पन भोग

रामगढ़। रामगढ़ स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा में आषाढ़ी महापूजा शुक्रवार को पूरे धार्मिक उत्साह और वैदिक परंपराओं के साथ संपन्न हुई। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मां छिन्नमस्तिका का विशेष श्रृंगार किया गया और उन्हें 56 प्रकार के व्यंजन यानी छप्पन भोग तथा मौसमी फलों का नैवेद्य अर्पित किया गया।   पूजा की शुरुआत  पूजा की शुरुआत पारंपरिक वाद्ययंत्रों, शंखनाद और मंदिर की घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच हुई। मंदिर के पुजारियों ने दूध, गंगाजल, शहद, दही, घृत सहित विभिन्न पवित्र द्रव्यों से मां का महाअभिषेक किया। इसके बाद गुलाब, कमल, चमेली और अन्य सुगंधित पुष्पों से देवी का भव्य श्रृंगार किया गया। गर्भगृह में वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच करीब एक घंटे तक विशेष अनुष्ठान चला।   आषाढ़ी महापूजा का मुख्य आकर्षण छप्पन भोग रहा। मंदिर के पुजारियों ने परंपरा के अनुसार स्वयं विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार कर मां को अर्पित किए। इस दौरान राज्य में समय पर वर्षा, किसानों की खुशहाली, भरपूर कृषि उत्पादन, सामाजिक सौहार्द, आर्थिक समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की गई।   मंदिर के वरिष्ठ पुजारी सुबोध पंडा ने बताया मंदिर के वरिष्ठ पुजारी सुबोध पंडा ने बताया कि आषाढ़ी पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति, कृषि और लोककल्याण से जुड़ी प्राचीन सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। वहीं वरिष्ठ पुजारी लोकेश पंडा ने कहा कि इस पूजा के माध्यम से मां छिन्नमस्तिका से राज्य की उन्नति, अन्न-धन की समृद्धि और सभी श्रद्धालुओं के सुख-शांति का आशीर्वाद मांगा जाता है।   महाआरती के बाद मां को अर्पित छप्पन भोग प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगी रहीं। पूरे दिन रजरप्पा धाम में आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

abhishek singh जुलाई 11, 2026 0
Patratu
पतरातू बना झारखंड का उभरता औद्योगिक हब, उद्योगों और ऊर्जा परियोजनाओं से बढ़े रोजगार के अवसर

रामगढ़। कभी प्राकृतिक सुंदरता और ताप विद्युत परियोजना के लिए प्रसिद्ध पतरातू अब झारखंड के तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो गया है। पिछले कुछ वर्षों में यहां स्थापित नई औद्योगिक इकाइयों, ऊर्जा परियोजनाओं और पर्यटन गतिविधियों ने क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल दी है। स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने से पलायन में कमी आई है और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।   उद्योगों से बढ़ा निवेश और रोजगार पतरातू औद्योगिक क्षेत्र में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट, इंटरलिंक फूड प्रोसेसिंग, ओसम मिल्क, सिद्धि टेक गारमेंट्स, गुप्ता इंडस्ट्रीज और एवर ग्रीन जैसी कई औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। इन उद्योगों ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। विशेष रूप से सिद्धि टेक गारमेंट्स महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ रही है, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ी है।   कृषि, डेयरी और पर्यटन को भी मिला बढ़ावा इंटरलिंक फूड प्रोसेसिंग और ओसम मिल्क जैसी इकाइयों ने स्थानीय किसानों और पशुपालकों के लिए नए बाजार उपलब्ध कराए हैं। वहीं, पतरातू लेक रिसोर्ट के विकास से होटल, रेस्टोरेंट, बोटिंग और अन्य पर्यटन गतिविधियों में सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला है। पर्यटन से जुड़े छोटे व्यवसायों, वाहन चालकों और दुकानदारों की आय में भी वृद्धि हुई है।   पीवीयूएनएल परियोजना बनी विकास की धुरी पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) की 4000 मेगावाट क्षमता वाली परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक विकास की सबसे बड़ी आधारशिला मानी जा रही है। पहले चरण में तीन इकाइयों पर काम चल रहा है, जिनमें से दो से बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है। इस परियोजना ने निर्माण, परिवहन, तकनीकी सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में हजारों लोगों को रोजगार दिया है।   आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा पतरातू औद्योगिक विस्तार, ऊर्जा परियोजनाओं और पर्यटन के संयुक्त विकास से पतरातू झारखंड के प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधारभूत सुविधाओं में सुधार और बढ़ते निवेश के चलते आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र राज्य के विकास का महत्वपूर्ण मॉडल बन सकता है।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
Ramgarh
रामगढ़ में घर से मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, पति-पत्नी गिरफ्तार

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के भुरकुंडा थाना क्षेत्र स्थित दत्तो पंचायत में पुलिस ने एक कथित मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए अवैध हथियार बनाने के आरोप में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश विश्वकर्मा और उसकी पत्नी नूतन देवी के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके घर से तीन अर्द्धनिर्मित पिस्टल, नौ मैगजीन तथा हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण जब्त किए हैं।   घर से मिले हथियार और मशीनें छापेमारी के दौरान पुलिस को तीन अर्द्धनिर्मित पिस्टल, नौ मैगजीन, ड्रिल मशीन, लेंथ मशीन, कटर, वेल्डिंग मशीन, ग्राइंडर और अन्य धातु प्रसंस्करण उपकरण मिले। पुलिस का मानना है कि इन मशीनों का उपयोग अवैध हथियार बनाने में किया जा रहा था। आरोपी दिनेश विश्वकर्मा मूल रूप से बिहार के नवादा जिले के नेसरीगंज का निवासी बताया गया है।   बड़े भाई से भी पूछताछ कार्रवाई के बाद पुलिस ने दिनेश के बड़े भाई अनिल विश्वकर्मा को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि तैयार किए जा रहे हथियारों की आपूर्ति किन-किन क्षेत्रों में की जाती थी।   10 वर्षों से रह रहा था परिवार स्थानीय लोगों के अनुसार दिनेश विश्वकर्मा का परिवार पिछले करीब दस वर्षों से दत्तो में रह रहा था। वह कुदाल, खटिया, चाकू, हथौड़ी और अन्य लोहे के औजार बनाने का काम करता था। घर में कथित तौर पर हथियार बनाने का खुलासा होने के बाद इलाके के लोग हैरान हैं।   पहले भी पुलिस के रडार पर था आरोपी जानकारी के अनुसार लगभग एक वर्ष पहले भी हजारीबाग और भुरकुंडा पुलिस ने दिनेश के घर छापेमारी की थी, लेकिन उस समय कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ था। हालांकि उसके घर के पास एक बार संदिग्ध सामग्री मिलने की बात सामने आई थी। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध हथियारों का निर्माण और सप्लाई कितने समय से की जा रही थी।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
Damodar River
दामोदर-भैरवी नदी उफान पर, बाढ़ के पानी में डूबा पुल

रामगढ़। जिले के रजरप्पा क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण दामोदर और भैरवी नदियां उफान पर आ गई हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से छिलका पुल पूरी तरह पानी में डूब गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। स्थिति को देखते हुए छिन्नमस्तिका मंदिर न्यास समिति ने श्रद्धालुओं और लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।   नदी के तेज बहाव को देखते हुए लोगों को पानी के करीब जाने से मना किया गया है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा को लेकर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
Radhakrishna Kishore
पतरातू में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का बड़ा भरोसा, बोले- विस्थापितों का मुद्दा कैबिनेट में उठेगा, मिलेगा न्याय

रामगढ़। रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड में सोमवार को आयोजित बैठक में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विस्थापित परिवारों की समस्याएं सुनीं और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 लागू होने के बावजूद उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही पुनर्वास की सुविधाएं। उन्होंने राज्य सरकार से लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने की मांग की।   वित्त मंत्री ने कहा वित्त मंत्री ने कहा कि उनका दौरा राजनीतिक नहीं, बल्कि विस्थापितों की पीड़ा को समझने के लिए है। उन्होंने कहा कि झारखंड को राज्य गठन के समय से ही विस्थापन की गंभीर समस्या विरासत में मिली है और यह राज्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विस्थापितों की सभी मांगों को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा और सरकार उनके अधिकार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।   राधाकृष्ण किशोर ने कहा राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि पतरातू में एनटीपीसी को दी गई जमीन का वास्तविक उपयोग, अतिरिक्त भूमि की स्थिति और अन्य संस्थानों को सब-लीज पर दी गई जमीन की भी समीक्षा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी अनुमति के बिना भूमि का हस्तांतरण हुआ है तो इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।   वित्त मंत्री ने जिला प्रशासन को भी निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कार्य करने की नसीहत देते हुए कहा कि विस्थापितों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक की आवाज का सम्मान होना चाहिए।   के. राजू, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, योगेंद्र साव  बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, योगेंद्र साव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। के. राजू ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून-2013 प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास का कानूनी अधिकार देता है और इसे पूरी तरह लागू कराया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने विस्थापन से जुड़े लंबित मामलों के स्थायी समाधान और कानून के सभी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग दोहराई।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
Ramgarh Encounter
रामगढ़ में पुलिस-शूटर मुठभेड़: प्रिंस खान गैंग का कुख्यात शूटर शिवराज राम घायल

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के भुरकुंडा क्षेत्र में सोमवार तड़के पुलिस और कुख्यात अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में प्रिंस खान गिरोह का शूटर शिवराज राम उर्फ शिवा घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल अपराधी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है।   संयुक्त अभियान में हुई कार्रवाई   रांची, धनबाद और रामगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शिवराज राम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने भुरकुंडा स्थित रिवर साइड सेंट्रल स्कूल के जर्जर भवन में हथियार छिपाने की बात स्वीकार की। जब पुलिस उसे हथियार बरामद कराने के लिए मौके पर लेकर पहुंची, तभी उसने पुलिस टीम पर पिस्टल से दो राउंड फायरिंग कर दी।   जवाबी फायरिंग में घायल हुआ आरोपी   पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें शिवराज राम के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया।   चार पिस्टल और 80 जिंदा कारतूस बरामद   शिवराज राम की निशानदेही पर पुलिस ने दो पिस्टल, 59 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में उसने अपने सहयोगी आरिज आलम के पास भी हथियार होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर आरिज आलम को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से दो पिस्टल तथा 21 जिंदा कारतूस बरामद किए। इस तरह अभियान में कुल चार पिस्टल और 80 जिंदा कारतूस जब्त किए गए।   कई संगीन मामलों में वांछित था शिवराज   पुलिस के अनुसार शिवराज राम रामगढ़ और हजारीबाग में फायरिंग, रंगदारी और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामलों में आरोपी है। वह 14 मई को जेल से रिहा हुआ था और हाल के दिनों में उसकी गतिविधियां संदिग्ध थीं। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह किसी बड़ी वारदात की तैयारी में था।   कई गैंगों से जुड़े रहे हैं आरोपी के तार   रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि शिवराज राम वर्तमान में प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह के संपर्क में था। इससे पहले वह श्रीवास्तव गिरोह और राहुल दुबे गिरोह के लिए भी काम कर चुका है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
Ramgarh Muharram
रामगढ़ में मुहर्रम पर निकली छोटी ताजिया, अखाड़ा प्रदर्शन और लाठी-डंडे के करतब ने मोहा मन

रामगढ़। मुहर्रम के अवसर पर रामगढ़ जिले के पतरातू क्षेत्र में शुक्रवार को पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ छोटी ताजिया का जुलूस निकाला गया। सोलिया, पलानी, उच्चारिंगा, पतरातू बस्ती और जयनगर समेत विभिन्न गांवों के लोगों ने बड़ी संख्या में जुलूस में भाग लिया। धार्मिक ध्वजों के साथ निकले मातमी जुलूस ने पूरे क्षेत्र में भाईचारे, शांति और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।   युवाओं ने दिखाए पारंपरिक युद्धक कला के करतब निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए जुलूस बिरसा मार्केट स्थित इकनॉमिक्स स्कूल मैदान पहुंचा, जहां अखाड़ा दल के युवाओं ने लाठी-डंडे और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। युवाओं के हैरतअंगेज करतबों ने उपस्थित लोगों का खूब मनोरंजन किया और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग मैदान पहुंचे।   सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद मुहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। आयोजकों और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।   भाईचारे का दिया संदेश स्थानीय लोगों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मुहर्रम का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया। आयोजन में सभी समुदायों के लोगों का सहयोग देखने को मिला, जिससे सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव की मिसाल कायम हुई। धार्मिक आस्था के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने क्षेत्र में शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश भी दिया।

anjali kumari जून 26, 2026 0
Ramgarh accident
रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा: ट्रक की टक्कर से बैंड पार्टी के 7 सदस्यों की मौत, एक गंभीर

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले में गुरुवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में बैंड पार्टी के सात सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी-बरलौंग के पास रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (एनएच-23) पर हुआ, जहां कोयला लदे तेज रफ्तार ट्रक ने बैंड-ताशा पार्टी के सदस्यों से भरी पिकअप वैन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।   बैंड पार्टी के सदस्य बिहार जा रहे थे कार्यक्रम में जानकारी के अनुसार, पिकअप में सवार सभी लोग बैंड-ताशा पार्टी से जुड़े थे। वे रामगढ़ से मारंगमर्चा पहुंचे थे और बलसगरा से अपने अन्य साथियों को लेकर बिहार में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे ट्रक ने पिकअप को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद बैंड के वाद्ययंत्र और अन्य सामान सड़क पर बिखर गए।   सात की मौत, एक घायल; ग्रामीणों ने चलाया राहत अभियान स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य चलाकर सभी घायलों को रामगढ़ सदर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने सात लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक घायल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया। मृतकों की पहचान अनोद कुमार, हेमंत कुमार महतो, पप्पू करमाली, पवन करमाली, अशोकु, शक्ति और डेविड करमाली के रूप में हुई है।   मुख्यमंत्री ने जताया शोक, सड़क जाम कर किया गया विरोध मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगतों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग जाम कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासन ने लोगों को समझाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

anjali kumari जून 26, 2026 0
Ramgarh Road Accident
रामगढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा, बस-ऑटो की टक्कर में दो की मौत

रामगढ़। रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग एनएच-23 पर बारलौंग के पास बुधवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में ऑटो चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा।   जानकारी के अनुसार, यात्रियों से भरा एक ऑटो गोला से रामगढ़ की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बस ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे में ऑटो में सवार सभी यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।   अस्पताल में दो को मृत घोषित किया गया घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत रामगढ़ सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने ऑटो चालक और सुकरीगढ़ा निवासी रिया कुमारी को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि रिया किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रामगढ़ जा रही थीं। वहीं, हादसे में घायल रविरंजन भारती और अमित कुमार की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों पतरातू रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वे ड्यूटी समाप्त कर वापस लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया गया।   पुलिस ने शुरू की जांच हादसे की सूचना मिलते ही रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से राहत एवं बचाव कार्य चलाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटनाग्रस्त बस और ऑटो को जब्त कर लिया गया है। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कमलेश्वर प्रसाद ने बताया कि चार गंभीर घायलों को एक साथ अस्पताल लाया गया था, जिनमें दो की मौत हो चुकी थी। शेष दो घायलों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें रांची रेफर किया गया। पुलिस मामले की जांच कर दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

anjali kumari जून 25, 2026 0
Ramgarh Sirka mine incident
Ramgarh News: सिरका ओपनकास्ट खदान में अचानक फूटी जलधारा, देखते ही देखते पानी से भर गया पूरा क्षेत्र

रामगढ़। रामगढ़ जिले की सिरका ओपनकास्ट कोयला खदान में रविवार शाम अचानक जमीन के भीतर से भारी मात्रा में पानी निकलने से हड़कंप मच गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में खदान का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया। घटना के समय रविवार होने के कारण खदान में नियमित खनन कार्य बंद था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन और परियोजना प्रबंधन ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था लागू करते हुए पूरे क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी।   पुरानी भूमिगत गैलरी से आया पानी सिरका परियोजना के पदाधिकारी ए.एन. सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खनन के दौरान एक पुरानी बंद भूमिगत खदान की गैलरी प्रभावित हुई, जिससे उसमें जमा पानी अचानक ओपनकास्ट खदान में प्रवेश कर गया। घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और खनन में लगी मशीनों व वाहनों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।   पंपिंग शुरू, उत्पादन अस्थायी रूप से बंद घटना के बाद खदान में पानी निकालने के लिए पंपिंग का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जब तक पूरी तरह जल निकासी और सुरक्षा जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक खदान में कोयला उत्पादन और खनन कार्य बंद रहेगा। पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।   स्थानीय लोगों में कौतूहल, प्रशासन सतर्क अचानक जमीन से पानी निकलने की घटना देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ खदान क्षेत्र में जुट गई। हालांकि प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। परियोजना प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और खदान को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाना है।

anjali kumari जून 22, 2026 0
Ramgarh accident news
रामगढ़: बेटी की शादी का कार्ड बांटकर लौट रहे पिता की सड़क हादसे में मौत

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। गोला प्रखंड के कोरांबे गांव निवासी जलेश्वर महतो अपनी बेटी की शादी का निमंत्रण पत्र बांटकर लौट रहे थे। उनके साथ हेंसापोड़ा पंचायत के पूर्व मुखिया विशाल करमाली भी बाइक पर सवार थे। रास्ते में दूसरी बाइक से आमने-सामने की टक्कर में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में जलेश्वर महतो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विशाल करमाली ने रांची में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।   कार्ड बांटकर लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, जलेश्वर महतो की बेटी की शादी 2 जुलाई को होनी थी। इसी सिलसिले में वे विशाल करमाली के साथ विष्णुगढ़-बगोदर क्षेत्र में शादी के कार्ड बांटने गए थे। सोमवार देर शाम घर लौटते समय विष्णुगढ़-गोमिया मुख्य मार्ग पर जमनीजारा के पास उनकी बाइक की सामने से आ रही दूसरी बाइक से जोरदार टक्कर हो गई।   रांची में इलाज के दौरान हुई दूसरी मौत हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल विशाल करमाली को प्राथमिक उपचार के बाद रांची स्थित रिम्स रेफर किया, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।   गांव में पसरा मातम विशाल करमाली हेंसापोड़ा पंचायत के पूर्व मुखिया थे, जबकि वर्तमान में उनकी पत्नी गीतांजलि कुमारी तिर्की पंचायत की मुखिया हैं। उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटे हैं। वहीं जलेश्वर महतो अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। बेटी की शादी की तैयारियों के बीच पिता की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। इस हादसे के बाद कोरांबे गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दोनों दिवंगतों को श्रद्धांजलि देते हुए इसे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया।

anjali kumari जून 16, 2026 0
Road accident in Ramgarh
जन्मदिन की खुशी मातम में बदली, सड़क हादसे में दो दोस्तों की दर्दनाक मौत

रामगढ़। एक दोस्त का जन्मदिन मनाकर घर लौट रहे दो युवकों की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक हादसा रामगढ़ जिले के बासल थाना क्षेत्र स्थित सियारी टोला के पास हुआ। दुर्घटना के बाद दोनों युवक पूरी रात घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़े रहे, लेकिन अंधेरा और सुनसान इलाका होने के कारण किसी को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। बुधवार सुबह स्थानीय लोगों की नजर पड़ने पर घटना का खुलासा हुआ।   जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे दोनों दोस्त जानकारी के अनुसार, सौंदा डी निवासी अभिषेक शर्मा उर्फ संदीप कुमार का मंगलवार को जन्मदिन था। जन्मदिन के अवसर पर वह अपने मित्र राहुल कुमार के साथ पतरातू डैम के समीप एक होटल में जश्न मनाने गया था। देर रात दोनों बाइक से अपने घर लौट रहे थे।   अनियंत्रित बाइक दीवार से टकराई बताया जा रहा है कि सियारी टोला के पास पहुंचते ही उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार के कारण बाइक डिवाइडर पार कर सड़क से काफी दूर जा पहुंची और एक अर्धनिर्मित मकान की दीवार से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।   पूरी रात सड़क किनारे पड़े रहे घायल हादसे के बाद दोनों युवक सड़क से लगभग 100 फीट दूर जा गिरे। रात का समय और कम आवाजाही होने के कारण किसी को दुर्घटना की भनक नहीं लगी। गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के चलते दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उधर, देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजन उनकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।   सुबह हुआ हादसे का खुलासा बुधवार सुबह जब ग्रामीण उस रास्ते से गुजरे तो उन्होंने दोनों युवकों को सड़क किनारे पड़ा देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की और परिजनों को सूचना दी। शवों की पहचान होते ही परिवार में कोहराम मच गया।   इलाके में शोक की लहर घटना की खबर फैलते ही सौंदा डी और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल बन गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल रामगढ़ भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में बाइक के अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने की बात सामने आई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Unknown जून 3, 2026 0
ramgarh police action
रामगढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, राहुल दुबे गैंग के 6 अपराधी गिरफ्तार

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राहुल दुबे गैंग से जुड़े छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर पतरातु अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष छापेमारी दल ने की। पुलिस के अनुसार अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे।   गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी पुलिस को 25 मई को गुप्त सूचना मिली थी कि पतरातु थाना क्षेत्र में कुछ अपराधी संगठित होकर किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक देशी लोडेड पिस्टल, 34 जिंदा राउंड, दो मैगजीन, तीन मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन बरामद किए।   कई गोलीबारी मामलों में शामिल होने की बात कबूली पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में रेलवे फ्लाईओवर, ओसम डेयरी प्लांट और अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट में हुई गोलीबारी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास साव, विशाल कुमार, बिंदु कुमार रवि, हीरालाल कुमार, दिगंबर प्रजापति उर्फ डेगन और एहतेसाम अंसारी उर्फ दुलर्भ के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि विकास साव और दिगंबर प्रजापति के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।   न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाएंगे आरोपी इस मामले में पतरातु थाना कांड संख्या 126/26 के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। कार्रवाई में एसडीपीओ पतरातु राघवेंद्र शर्मा समेत कई थाना प्रभारी और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे।

Unknown मई 26, 2026 0
Railway Cable Theft
रामगढ़ में रेलवे केबल चोरी का खुलासा, पतरातू से तीन आरोपी गिरफ्तार

रांची। झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू क्षेत्र में रेलवे सिग्नलिंग केबल चोरी मामले का रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने खुलासा कर दिया है। आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 20 मीटर लंबा 12 कोर रेलवे सिग्नलिंग केबल बरामद किया गया है, जिसकी कीमत लगभग दो हजार रुपये बताई जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।   गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहन डे (50 वर्ष), राहुल कुमार (18 वर्ष) और गौतम कुमार (20 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी पतरातू के सौंदा बगीचा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। आरपीएफ ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।   लोकेशन बॉक्स से काटा गया था सिग्नलिंग केबल आरपीएफ पतरातू पोस्ट के अनुसार, 23 मई की रात करीब आठ बजे पतरातू प्वाइंट संख्या-305 के पास स्थित लोकेशन बॉक्स से 2×12 कोर सिग्नलिंग केबल काटकर चोरी कर लिया गया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद 24 मई को संयुक्त जांच रिपोर्ट तैयार कर मामले की जांच शुरू की गई।   जूट की बोरी में ले जा रहे थे चोरी का सामान शनिवार को जांच के दौरान आरपीएफ टीम पतरातू बस्ती क्षेत्र से लौट रही थी। इसी दौरान ईस्ट केबिन के पास तीन युवक जूट की बोरी में भारी सामान ले जाते दिखाई दिए। संदेह होने पर टीम ने उन्हें रोककर तलाशी ली, जिसमें बोरी से तीन टुकड़ों में करीब 20 मीटर रेलवे सिग्नलिंग केबल बरामद हुआ।   पूछताछ में आरोपियों ने कबूला जुर्म आरपीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसों के लालच में 23 मई की रात केबल काटकर पास के एक टूटे केबिन में छिपा दिया था। बाद में वे उसे बेचने के लिए ले जा रहे थे। आरोपियों के पास रेलवे संपत्ति ले जाने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला।   मामले में उप-निरीक्षक प्रवीण कुमार की शिकायत पर आरपी (यूपी) एक्ट की धारा-3 और रेलवे अधिनियम की धारा-147 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि सिग्नलिंग केबल कटने से ट्रेन संचालन प्रभावित हो सकता था और इससे बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बन सकती थी।

Unknown मई 25, 2026 0
Ramgarh Accident
रामगढ़ में हादसा, दामोदर नदी में डूबे 3 लड़के

रामगढ़। रामगढ़ शहर के गढ़बांध में बड़ा हादसा हो गया। यहां दामोदर नदी में नहाने के दौरान तीन किशोर गहरे पानी में डूब गए। जानकारी के मुताबिक, तीनों किशोर 14 से 15 वर्ष की उम्र के थे और घर से फुटबॉल खेलने की बात कहकर निकले थे। खेल के बजाय वे गढ़बांध पहुंच गए और नदी में नहाने उतर गए, जहां अचानक वे गहरे पानी की चपेट में आ गए। नदी में डूबने के दौरान बंगाली टोला निवासी आयुष कुमार तिवारी स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा। गंभीर हालत में उसे रांची रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घर पहुंचकर आयुष ने अपने दोस्तों के डूबने की सूचना परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार के लोग और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे। 1 की मौत, दूसरे की तलाश जारी इस दर्दनाक हादसे में नए बस स्टैंड के पास रहने वाले वैभव कुमार की मौत हो गई है। वहीं किसान नगर निवासी प्रिंस सोनकर अब भी लापता बताया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पतरातू से गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और दामोदर नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।  लोगों में नाराजगी स्थानीय लोगों का कहना है कि गढ़बांध से शहर में जलापूर्ति की जाती है, जिसके कारण यहां बांध का निर्माण किया गया है। बांध बनने के बाद नदी का यह हिस्सा काफी गहरा हो गया है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। घटनास्थल से किशोरों के कपड़े भी बरामद किए गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।

Unknown मई 18, 2026 0
Ramgarh prostitution racket
रामगढ़ में कथित देह व्यापार का खुलासा, 12 लोग गिरफ्तार

रामगढ़। रामगढ़ के सिरका बुध बाजार क्षेत्र में कथित देह व्यापार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।   ग्रामीणों के विरोध के बाद हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार गुरुवार देर शाम स्थानीय ग्रामीणों को क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कुछ लोगों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस सभी को थाना ले गई और पूछताछ शुरू की। मामले में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन प्रकाश पांडेय के स्वलिखित बयान पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।   मोबाइल जांच में मिले कथित साक्ष्य पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की गई, जिसमें कथित तौर पर देह व्यापार से जुड़े कुछ साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित कड़ियों की भी पड़ताल कर रही है।   परिजनों ने कार्रवाई पर उठाए सवाल इधर गिरफ्तार रवि कुमार और विनोद कुमार के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का दावा है कि दोनों मजदूरी का काम करते हैं और ट्रैक्टर से ईंट गिराने के लिए इलाके में गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने भीड़ के दबाव में बिना पर्याप्त जांच के दोनों को गिरफ्तार कर लिया।     पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।

Unknown मई 16, 2026 0
Prahari campaign ramgarh
रामगढ़ में ‘प्रहरी’ अभियान शुरू, अपराध और नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्त नजर

रामगढ़। रामगढ़  जिले में अपराध नियंत्रण, महिलाओं की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से रामगढ़ पुलिस ने ‘प्रहरी’ अभियान की शुरुआत की है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक Mukesh Lunayat ने इस विशेष अभियान की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आम लोगों के बीच सुरक्षा और विश्वास का माहौल मजबूत करना भी है।   तीन हिस्सों में चलेगा अभियान ‘प्रहरी’ अभियान को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है। इसमें पैदल गश्ती, अड्डेबाजी के खिलाफ कार्रवाई और एंटी क्राइम चेकिंग शामिल है। पुलिस के अनुसार पूरे जिले में यह अभियान तय योजना के तहत लगातार चलाया जाएगा।   हफ्ते में दो दिन होगी पैदल गश्ती अभियान के तहत जिले के सभी थाना और ओपी क्षेत्रों में पुलिसकर्मी सप्ताह में कम से कम दो दिन पैदल गश्ती करेंगे। पुलिस ने ऐसे 76 संवेदनशील रूट चिन्हित किए हैं, जहां अक्सर छेड़छाड़, अवैध पार्किंग, ट्रैफिक जाम और अड्डेबाजी की शिकायतें मिलती रही हैं। इनमें बाजार, स्कूल-कॉलेज के आसपास और भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार गश्ती की निगरानी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और पुलिस निरीक्षक स्वयं करेंगे।   नशे के कारोबार और अड्डेबाजों पर सख्ती रामगढ़ पुलिस ने जिले में 114 ऐसे स्थानों की पहचान की है, जहां नशे के सेवन और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें मिलती रही हैं। इन इलाकों को पांच क्लस्टर में बांटकर अलग-अलग टीमों को कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है। थाना पुलिस, पीसीआर, गश्ती दल और पैंथर मोबाइल टीम संयुक्त रूप से छापेमारी करेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अड्डेबाजी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर उनका नाम गुंडा पंजी में दर्ज किया जाएगा।   दिन में तीन बार होगी एंटी क्राइम चेकिंग जिले में 69 स्थानों पर एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। बाइकर्स, रैश ड्राइविंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी सहयोग की अपील की है और सुरक्षा संबंधी सूचना साझा करने के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किया है।

Unknown मई 14, 2026 0
Rajrappa temple shopkeepers
रजरप्पा मंदिर से हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास पर, हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से मांगा  रिपोर्ट

रामगढ़। झारखंड  हाई कोर्ट ने रामगढ़ जिले के  छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर और भैरवी नदी तट पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन को मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण से जुड़ी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और मास्टर प्लान कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया।   254 दुकानदारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू सुनवाई के दौरान रामगढ़ उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर से हटाए गए 254 दुकानदारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन पहले उन्हें अस्थायी रूप से मंदिर के पास बसाएगा, जिसके बाद स्थायी दुकानों का निर्माण कर पुनर्वास किया जाएगा। कोर्ट ने प्रशासन को अगली सुनवाई तक विस्तृत योजना प्रस्तुत करने को कहा है।   श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर कोर्ट की चिंता खंडपीठ ने भैरवी नदी के डेंजर जोन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। अदालत ने निर्देश दिया कि खतरनाक क्षेत्रों में दो स्तर की बैरिकेडिंग लगाई जाए। तत्काल लो-लेवल बैरिकेडिंग और बरसात के दौरान हाई-लेवल बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। कोर्ट ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। मंदिर परिसर में बढ़ेंगी सुविधाएं प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि मंदिर परिसर में पेयजल, बैठने की व्यवस्था, सफाई और प्रकाश व्यवस्था बेहतर की जाएगी। साथ ही अतिक्रमण हटाकर विकास कार्य तेज किए जाएंगे। अदालत ने पूर्व आदेशों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। 15 मई को अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 मई तय की है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में उपायुक्त व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें और डीपीआर तथा मास्टर प्लान अदालत के समक्ष पेश करें।

Unknown मई 12, 2026 0
Ramgarh jewellery robbery
रामगढ़ ज्वेलरी लूटकांड में बड़ा खुलासा, मुख्य आरोपी की पत्नी और दामाद गिरफ्तार

रामगढ़। रामगढ़ के चर्चित रजरप्पा ज्वेलरी लूटकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने मुख्य आरोपी सुभानी अंसारी उर्फ ललका की पत्नी और दामाद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर लूटे गए सोना-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं। इस मामले में अब तक कुल नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।   दिनदहाड़े हुई थी करोड़ों की लूट गौरतलब है कि 21 अप्रैल 2026 को Shiv Shankar Jewellers में हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े धावा बोलकर करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए थे। घटना रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर-रजरप्पा मोड़ पर हुई थी। लूट के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद Mukesh Kumar Lunayat के निर्देश पर SIT का गठन किया गया था। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 180 आभूषण, एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, तीन बाइक और एक चारपहिया वाहन बरामद किया था।   गुप्त सूचना पर हुई गिरफ्तारी पुलिस को 10 मई को गुप्त सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपी के घर में लूट का सामान छिपाकर रखा गया है। इसके बाद छापेमारी कर बरकट्ठी निवासी नाजमा खातून और उसके दामाद शहनवाज हुसैन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके घर से करीब 49 ग्राम सोना और 1.35 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।   फरार मास्टरमाइंड की तलाश तेज रामगढ़ एसपी ने बताया कि मामले की जांच और छापेमारी लगातार जारी है। इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड का मास्टरमाइंड माने जा रहे कुख्यात अंतरराज्यीय अपराधी Vibhash Paswan की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर बाकी लूटे गए आभूषण भी बरामद कर लिए जाएंगे।

Unknown मई 11, 2026 0
Cyber ​​gang busted in Ramgarh
रामगढ़ में साइबर गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार

रामगढ़। रामगढ़ में साइबर अपराध थाना पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी बैंक खातों के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। पुलिस को इस मामले का सुराग गृह मंत्रालय के ‘प्रतिबिंब’ प्लेटफॉर्म से मिला, जहां एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी साझा की गई थी।   जांच में क्या आया सामने? जांच में पता चला कि यह खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में ‘श्री गणेश इंटरप्राइजेज’ के नाम पर MSME योजना के तहत खोला गया था। हालांकि, इसका उपयोग अवैध साइबर लेनदेन के लिए किया जा रहा था। इस एक खाते से देशभर में कुल 274 शिकायतें जुड़ी पाई गईं, जिनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं।   “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल होते थे खाते पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सरगना रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा लोगों को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। बदले में खाताधारकों को मोटी रकम दी जाती थी और फिर उनसे OTP तथा बैंकिंग एक्सेस ले लिया जाता था। इन खातों को बाद में व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए अन्य साइबर अपराधियों को सौंप दिया जाता था, जिससे ये “म्यूल अकाउंट” बन जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड और डिजिटल चैट जैसे अहम सबूत बरामद किए गए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP या खाता एक्सेस किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें, अन्यथा वे अनजाने में साइबर अपराध का हिस्सा बन सकते हैं।

Unknown अप्रैल 30, 2026 0
illegal pistol
पतरातू में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध पिस्टल के साथ युवक गिरफ्तार

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 9 एमएम का प्रतिबंधित पिस्टल बरामद किया गया है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस मामले की गहराई से जांच में जुट गई है।पुलिस को 26 अप्रैल की रात करीब 8 बजे गुप्त सूचना मिली थी कि सोलिया गांव का निवासी अनीश अंसारी अवैध हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राघवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने तत्परता दिखाते हुए सोलिया गांव में छापा मारकर आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की।   पूछताछ के दौरान पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से तुर्की निर्मित जिगाना कंपनी का 9 एमएम पिस्टल बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुलासा किया कि यह हथियार उसे एक आपराधिक गिरोह के सदस्य ने फायरिंग की घटना के बाद छिपाकर रखने के लिए दिया था। इस खुलासे के बाद पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।    पतरातू थाना में दर्ज़ हुआ केस  इस मामले में पतरातू थाना कांड संख्या 101/2026 के तहत आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और पहले भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह, थाना प्रभारी शिवलाल कुमार गुप्ता सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Unknown अप्रैल 27, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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