जॉब्स

Oracle Layoffs Trigger H-1B Debate

Oracle में बड़े पैमाने पर छंटनी का विवाद: H-1B वीजा और सस्ते श्रम को लेकर उठे सवाल

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Oracle office building with employees leaving amid layoffs and controversy over H-1B visa hiring practices
Oracle Layoffs and H-1B Visa Controversy

दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों में शामिल Oracle एक बड़े विवाद में घिर गई है। हाल ही में कंपनी द्वारा लगभग 30,000 कर्मचारियों को अचानक नौकरी से निकालने की खबर ने कॉर्पोरेट जगत में हलचल मचा दी है। खास बात यह है कि यह छंटनी ऐसे समय में की गई है, जब कंपनी का मुनाफा तेजी से बढ़ रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों को सुबह 6 बजे एक ईमेल के जरिए नौकरी से हटाए जाने की सूचना दी गई। ईमेल में औपचारिक धन्यवाद के शब्द तो थे, लेकिन उसी समय कर्मचारियों का सिस्टम एक्सेस-ईमेल, फाइल्स और इंटरनल टूल्स-तुरंत बंद कर दिया गया।

मुनाफा बढ़ा, फिर भी 30,000 की छंटनी

कंपनी का हालिया वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा है। तिमाही राजस्व लगभग 17.2 अरब डॉलर तक पहुंचा, जो पिछले साल से 22% अधिक है। वहीं, नेट इनकम में करीब 95% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब कंपनी लाभ में है, तो इतनी बड़ी छंटनी क्यों?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लागत कम करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जहां उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों की जगह अपेक्षाकृत कम वेतन वाले कर्मचारियों को लाने की कोशिश की जा रही है।

H-1B वीजा को लेकर विवाद

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा H-1B visa को लेकर हो रही है। आरोप हैं कि कंपनी ने घरेलू कर्मचारियों को हटाकर विदेशी कर्मचारियों की भर्ती बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं।

डेटा के अनुसार:

  • एक स्थानीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की औसत सैलरी लगभग $106,000 बताई जाती है
  • जबकि H-1B वीजा पर काम करने वाले कर्मचारी को करीब $87,000 दिए जाते हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ वेतन लागत कम करने का मामला नहीं है, बल्कि “वर्कफोर्स कंट्रोल” का भी हिस्सा है, क्योंकि विदेशी कर्मचारियों का वीजा कंपनी पर निर्भर होता है।

वायरल पोस्ट से बढ़ा विवाद

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर Peter Girnus नाम के एक व्यक्ति का पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से बताया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने बहस को और तेज कर दिया है।

AI डेटा सेंटर के लिए फंड जुटाने की तैयारी?

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि यह छंटनी कंपनी की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हो सकती है। बताया जा रहा है कि Oracle 8 से 10 अरब डॉलर का कैश फ्लो फ्री कर AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में निवेश करना चाहती है।

कंपनी के चेयरमैन Larry Ellison AI सेक्टर में तेजी से विस्तार करना चाहते हैं। कहा जा रहा है कि आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना है, जिसमें OpenAI जैसे पार्टनर्स की भी भूमिका हो सकती है।

सिर्फ Oracle नहीं, इंडस्ट्री ट्रेंड?

यह मामला सिर्फ Oracle तक सीमित नहीं है। Amazon जैसी अन्य बड़ी टेक कंपनियों ने भी हाल के महीनों में हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है, जबकि साथ ही H-1B वीजा के लिए आवेदन जारी रखे हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि टेक इंडस्ट्री में एक नया मॉडल उभर रहा है-
“रोल को बनाए रखो, सैलरी को कम करो”
यानी काम वही रहेगा, लेकिन कम लागत वाले कर्मचारियों के जरिए।

नैतिकता बनाम मुनाफा

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है-क्या कंपनियां मुनाफे के लिए कर्मचारियों की सुरक्षा और नैतिक जिम्मेदारियों से समझौता कर रही हैं?

जहां एक ओर निकाले गए कर्मचारी असुरक्षा का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नए कर्मचारियों के लिए भी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

जॉब्स

View more
NDA-II Recruitment 2026
NDA-II Recruitment 2026: भारतीय सेना में अफसर बनने का मौका, 394 पदों पर निकली भर्ती

नई दिल्ली, एजेंसियां। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने NDA-II Recruitment 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। डिफेंस सेक्टर में करियर बनाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह एक बड़ा मौका माना जा रहा है। इस भर्ती अभियान के तहत नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) और इंडियन नेवल एकेडमी (INA) में कुल 394 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 9 जून 2026 से पहले आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।   तीनों सेनाओं में होगी भर्ती इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना में अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार थल सेना के लिए 208 पद, नौसेना के लिए 42 पद, वायु सेना के विभिन्न विभागों के लिए 120 पद और नेवल अकादमी के लिए 24 सीटें निर्धारित की गई हैं। चयनित उम्मीदवारों को प्रतिष्ठित रक्षा अकादमियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।   कब होगी परीक्षा? UPSC द्वारा NDA-II परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर 2026 को किया जाएगा। परीक्षा देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 6 सितंबर 2026 को जारी किए जाएंगे। वहीं परीक्षा परिणाम सितंबर 2026 के अंत तक घोषित होने की संभावना जताई जा रही है।   शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना जरूरी है। जो छात्र वर्तमान में 12वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं। आर्मी विंग के लिए किसी भी स्ट्रीम के छात्र आवेदन करने के पात्र हैं, जबकि एयरफोर्स और नेवी विंग के लिए 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स विषय होना अनिवार्य है।   आयु सीमा के तहत उम्मीदवार का जन्म 1 जनवरी 2008 से 1 जनवरी 2011 के बीच होना चाहिए। केवल अविवाहित पुरुष और महिला उम्मीदवार ही इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।   तीन चरणों में होगी चयन प्रक्रिया NDA भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में लिखित परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें गणित और सामान्य योग्यता परीक्षण शामिल रहेगा। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को SSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चरण में मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम मेरिट तैयार की जाएगी।   आवेदन शुल्क और स्टाइपेंड सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये तय किया गया है, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को शुल्क में छूट दी गई है। प्रशिक्षण के दौरान उम्मीदवारों को लगभग 56,100 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अधिकारियों को लेवल-10 पे स्केल के अनुसार वेतन और अन्य भत्ते मिलेंगे।   ऐसे करें आवेदन उम्मीदवार सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर वन टाइम रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद लॉगिन करके NDA-II आवेदन फॉर्म भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करें। भविष्य के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सुरक्षित रखना जरूरी है। 

Anjali Kumari मई 23, 2026 0
BRO announces 899 Group C vacancies for 10th and 12th pass candidates across technical and non-technical posts

BRO Recruitment 2026: बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन में 899 पदों पर भर्ती, 10वीं-12वीं पास युवाओं के लिए बड़ा मौका

Bihar ASI 2026

बिहार में ASI के 22 पदों पर वैकेंसी, फीस 100 रुपए

Air Force CAT 2026

Air Force CAT 2026

Railway recruitment 2026
रेलवे में 1079 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती, 10वीं-ITI पास उम्मीदवार करें आवेदन

नई दिल्ली, एजेंसियां। South East Central Railway (SECR) ने नागपुर डिवीजन और मोतीबाग वर्कशॉप में 2026-27 सत्र के लिए अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1079 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। 10वीं पास और आईटीआई योग्य उम्मीदवार इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।   10वीं और ITI पास उम्मीदवारों को मौका भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। साथ ही 10वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। उम्मीदवार के पास संबंधित ट्रेड में NCVT या SCVT से मान्यता प्राप्त ITI सर्टिफिकेट भी होना चाहिए। आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को 10वीं और ITI के अंक सही तरीके से भरने होंगे। विभाग ने साफ कहा है कि गलत या अधूरी जानकारी मिलने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। उम्मीदवारों को अतिरिक्त या उच्च शैक्षणिक योग्यता भरने से भी बचने की सलाह दी गई है।   मेरिट के आधार पर होगा चयन इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट 10वीं और ITI में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर तैयार होगी। यदि किसी बोर्ड में ग्रेडिंग सिस्टम लागू है, तो ग्रेड को अंकों में परिवर्तित कर औसत निकाला जाएगा। उसी आधार पर उम्मीदवारों की रैंकिंग तय की जाएगी।   बराबर अंक होने पर क्या होगा? अगर दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि उम्र भी समान हो, तो जिसने 10वीं की परीक्षा पहले पास की होगी, उसे आगे रखा जाएगा।   युवाओं के लिए बड़ा अवसर रेलवे की इस भर्ती को तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है। अप्रेंटिसशिप के दौरान उम्मीदवारों को रेलवे के विभिन्न तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर खुल सकते हैं।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Students applying online for South East Central Railway apprentice recruitment without written examination

बिना परीक्षा रेलवे में नौकरी का मौका, 10वीं पास युवाओं के लिए निकली 1191 पदों पर भर्ती

Income Tax Department office building representing Office Superintendent government job under SSC CGL recruitment.

इनकम टैक्स विभाग में Office Superintendent की नौकरी क्यों है खास? जानिए सैलरी, काम और चयन प्रक्रिया

Candidates applying online for Union Bank of India apprentice recruitment 2026 before the last application date.

यूनियन बैंक में 1865 पदों पर भर्ती, आवेदन का आखिरी मौका कल

Students applying online for SSC Stenographer Recruitment 2026 before the last application deadline
SSC Stenographer Recruitment 2026: 12वीं पास के लिए आखिरी मौका, 731 पदों पर भर्ती, आज है आवेदन की अंतिम तारीख

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) ने SSC स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 15 मई 2026 को समाप्त कर दी है। ऐसे में योग्य उम्मीदवारों के लिए यह अंतिम मौका है। इस भर्ती के तहत कुल 731 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए देशभर से 12वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से जुड़ी मुख्य जानकारी भर्ती संस्था: SSC (Staff Selection Commission) पद: Stenographer Grade C & D कुल पद: 731 योग्यता: 12वीं पास आवेदन की अंतिम तिथि: 15 मई 2026 (रात 11:00 बजे तक) आधिकारिक वेबसाइट: ssc.gov.in महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू: 24 अप्रैल 2026 अंतिम तिथि: 15 मई 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 16 मई 2026 करेक्शन विंडो: 20 से 21 मई 2026 परीक्षा संभावित: जुलाई – अगस्त 2026 कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास निर्धारित की गई है। आयु सीमा: ग्रेड C: 18 से 30 वर्ष ग्रेड D: 18 से 27 वर्ष आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी परीक्षा पैटर्न (SSC Stenographer Exam Pattern) भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में होगी: 1. कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) कुल प्रश्न: 200 इंग्लिश लैंग्वेज और कॉम्प्रिहेंशन: 100 प्रश्न जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग: 50 प्रश्न जनरल अवेयरनेस: 50 प्रश्न नेगेटिव मार्किंग: 0.25 अंक 2. स्किल टेस्ट (Stenography Test) ग्रेड C: 100 शब्द प्रति मिनट ग्रेड D: 80 शब्द प्रति मिनट आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार निम्न स्टेप्स फॉलो करके आवेदन कर सकते हैं: आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं नया रजिस्ट्रेशन करें लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरें आवश्यक विवरण और दस्तावेज अपलोड करें फीस जमा करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंट निकाल लें   अंतिम मौका, जल्दी करें आवेदन आज आवेदन की अंतिम तिथि होने के कारण वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक हो सकता है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि किसी भी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।  

surbhi मई 15, 2026 0
Woman working on laptop with AI graphics highlighting job automation and workplace technology impact

AI से महिलाओं की नौकरियों पर ज्यादा खतरा? नई स्टडी में बड़ा खुलासा

Railway jobs 2026

रेलवे ने निकाली बड़ी वैकेंसी: रेलवे में 1644 पदों पर बंपर भर्ती, बिना परीक्षा मिलेगा नौकरी का मौका

Cyber security professionals working on digital monitoring systems for I4C cyber crime recruitment drive 2026

Cyber Crime Recruitment 2026: साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा मौका, I4C में 195 पदों पर भर्ती

0 Comments