फुटबॉल

FIFA World Cup
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बन सकता है इतिहास, मेसी-रोनाल्डो समेत ये 3 खिलाड़ी खेलेंगे छठा विश्व कप

दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट FIFA World Cup 2026 की शुरुआत 11 जून 2026 से होने जा रही है। इस बार टूर्नामेंट सिर्फ मुकाबलों के लिए ही नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड के लिए भी चर्चा में है। फुटबॉल के तीन दिग्गज खिलाड़ी — Cristiano Ronaldo, Lionel Messi और Guillermo Ochoa — इतिहास में पहली बार छह फीफा वर्ल्ड कप खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं। इस बार वर्ल्ड कप का आयोजन United States, Canada और Mexico में संयुक्त रूप से किया जाएगा। साथ ही पहली बार 48 टीमें इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा फीफा वर्ल्ड कप बनने जा रहा है। अब तक कोई खिलाड़ी नहीं खेल पाया 6 वर्ल्ड कप फुटबॉल इतिहास में अब तक किसी भी खिलाड़ी ने छह फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लिया है। सबसे ज्यादा पांच वर्ल्ड कप खेलने का रिकॉर्ड फिलहाल छह खिलाड़ियों के नाम दर्ज है। इस सूची में: Lionel Messi Cristiano Ronaldo Lothar Matthäus Antonio Carbajal Andrés Guardado Rafael Márquez शामिल हैं। अब 2026 में मेसी, रोनाल्डो और ओचोआ के पास इस रिकॉर्ड को नई ऊंचाई तक ले जाने का मौका होगा। 2006 से शुरू हुआ मेसी और रोनाल्डो का सफर Cristiano Ronaldo ने अपना पहला वर्ल्ड कप 2006 में जर्मनी में खेला था। इसके बाद वह 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप में भी पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। रोनाल्डो अब तक वर्ल्ड कप में 22 मुकाबले खेल चुके हैं, जिनमें उन्होंने 8 गोल और 2 असिस्ट दर्ज किए हैं। हालांकि वह अभी तक पुर्तगाल को विश्व कप ट्रॉफी नहीं दिला सके हैं। वहीं Lionel Messi ने भी 2006 में वर्ल्ड कप डेब्यू किया था। उन्होंने 2010, 2014, 2018 और 2022 में अर्जेंटीना के लिए खेला। मेसी ने 2022 में अर्जेंटीना को विश्व कप जिताकर अपने करियर का सबसे बड़ा सपना पूरा किया। उन्होंने अब तक वर्ल्ड कप में 26 मैचों में 13 गोल और 8 असिस्ट दर्ज किए हैं। ओचोआ भी रच सकते हैं इतिहास Guillermo Ochoa भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब हैं। मैक्सिको के अनुभवी गोलकीपर ने 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है। 2026 में वह छठा वर्ल्ड कप खेलकर फुटबॉल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। ओचोआ अब तक 152 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं और उन्हें मैक्सिको के सबसे भरोसेमंद गोलकीपर्स में गिना जाता है। क्यों खास होगा FIFA World Cup 2026? FIFA World Cup 2026 कई वजहों से ऐतिहासिक माना जा रहा है। पहली बार: 48 टीमें हिस्सा लेंगी तीन देशों में टूर्नामेंट आयोजित होगा और संभवतः पहली बार खिलाड़ी छह वर्ल्ड कप खेलते नजर आएंगे ऐसे में दुनियाभर के फुटबॉल फैंस की नजरें इन दिग्गज खिलाड़ियों पर टिकी रहेंगी।  

surbhi मई 21, 2026 0
Miroslav Klose celebrating during FIFA World Cup as all-time highest goal scorer in tournament history
FIFA World Cup इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले 5 खिलाड़ी, टॉप पर हैं जर्मनी के दिग्गज क्लोज़

FIFA World Cup को फुटबॉल का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट माना जाता है, जहां दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। 1930 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में अब तक कई दिग्गजों ने अपने गोलों से इतिहास रच दिया है। खास बात यह है कि कुछ खिलाड़ियों ने लगातार कई संस्करणों में शानदार प्रदर्शन कर खुद को अमर बना लिया। फुटबॉल फैंस अब FIFA World Cup 2026 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिसकी शुरुआत आने वाले महीनों में होने वाली है। इसी बीच आइए जानते हैं अब तक के टॉप-5 गोल स्कोरर खिलाड़ियों के बारे में। FIFA World Cup के टॉप-5 गोल स्कोरर खिलाड़ी 1. मिरोस्लाव क्लोज़ – जर्मनी (16 गोल) Miroslav Klose FIFA World Cup इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2002, 2006, 2010 और 2014 के चार विश्व कप में हिस्सा लिया और कुल 16 गोल किए। 2014 वर्ल्ड कप में ब्राजील के खिलाफ जर्मनी की 7–1 जीत के दौरान उन्होंने यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में प्रदर्शन उन्हें इस सूची में शीर्ष पर रखता है। 2. रोनाल्डो नाज़ारियो – ब्राजील (15 गोल) Ronaldo Nazário, जिन्हें ‘फेनोमेनों’ कहा जाता है, इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 1998, 2002 और 2006 के वर्ल्ड कप में कुल 15 गोल किए। 2002 में उन्होंने ब्राजील को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई और गोल्डन बूट भी अपने नाम किया। 3. गर्ड मुलर – पश्चिम जर्मनी (14 गोल) Gerd Müller, जिन्हें ‘डेर बॉम्बर’ के नाम से जाना जाता है, ने 1970 और 1974 के विश्व कप में 14 गोल किए। उनका गोल स्कोरिंग औसत बेहद प्रभावशाली रहा, और 1974 में उन्होंने जर्मनी को वर्ल्ड कप जीताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 4. जस्ट फॉन्टेन – फ्रांस (13 गोल) Just Fontaine ने केवल 1958 वर्ल्ड कप में खेलते हुए 13 गोल दागे। यह आज भी एक ही टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड है, जिसे तोड़ना बेहद कठिन माना जाता है। 5. लियोनेल मेसी – अर्जेंटीना (13 गोल) Lionel Messi ने 2006 से 2022 तक पांच वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया और 13 गोल किए। 2022 में उनकी कप्तानी में अर्जेंटीना ने वर्ल्ड कप खिताब जीता। मेसी ने अपने करियर में गोल्डन बॉल भी कई बार जीती और फुटबॉल इतिहास में सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल हैं। वर्ल्ड कप रिकॉर्ड्स और महत्व FIFA World Cup न केवल गोल और जीत का मंच है, बल्कि यह खिलाड़ियों की विरासत तय करने वाला टूर्नामेंट भी है। इन दिग्गजों ने साबित किया है कि बड़े मैचों में प्रदर्शन ही असली पहचान बनाता है।  

surbhi मई 15, 2026 0
Bayern Munich defender Alphonso Davies reacts after suffering hamstring injury during PSG Champions League match
बायर्न म्यूनिख को बड़ा झटका, स्टार डिफेंडर Alphonso Davies कई हफ्तों के लिए मैदान से बाहर

FC Bayern Munich को यूईएफए चैंपियंस लीग के बीच बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार खिलाड़ी Alphonso Davies हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर रहेंगे। क्लब ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी कर उनकी चोट की पुष्टि की। PSG के खिलाफ मैच में लगी चोट यह चोट Paris Saint-Germain F.C. के खिलाफ खेले गए यूईएफए चैंपियंस लीग सेमीफाइनल के दूसरे लेग के दौरान लगी। मुकाबला Allianz Arena में खेला गया था, जहां डेविस दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर उतरे थे। मैच के दौरान उन्हें बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट महसूस हुई, जिसके बाद मेडिकल जांच कराई गई। बायर्न ने बयान में क्या कहा? FC Bayern Munich ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मेडिकल यूनिट की जांच में पुष्टि हुई है कि Alphonso Davies के बाएं हैमस्ट्रिंग मसल में चोट है। इसी कारण वह कई हफ्तों तक टीम से बाहर रहेंगे। हालांकि क्लब ने उनकी वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। कई अहम मुकाबलों से बाहर हो सकते हैं डेविस इस चोट के चलते डेविस अब बुंडेसलीगा के आगामी मुकाबलों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। माना जा रहा है कि वह VfL Wolfsburg और 1. FC Köln के खिलाफ मैच मिस कर सकते हैं। इसके अलावा 23 मई को VfB Stuttgart के खिलाफ होने वाले डीएफबी फाइनल में भी उनका खेलना मुश्किल माना जा रहा है। बायर्न और कनाडा दोनों के लिए बढ़ी चिंता Alphonso Davies की चोट ने क्लब के साथ-साथ Canada men's national soccer team की चिंता भी बढ़ा दी है। डेविस अपनी रफ्तार, डिफेंस और अटैकिंग खेल के लिए जाने जाते हैं और टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी फिटनेस पर अब सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल क्लब की मेडिकल टीम उनकी रिकवरी पर लगातार नजर बनाए हुए है।  

surbhi मई 9, 2026 0
Atletico Madrid players celebrate semifinal qualification after defeating Barcelona in UEFA Champions League 2026 quarterfinal.
Champions League 2026: बार्सिलोना की उम्मीदें टूटीं, एटलेटिको मैड्रिड सेमीफाइनल में पहुंचा

UEFA चैंपियंस लीग 2026 के क्वार्टरफाइनल में FC Barcelona को एक बार फिर यूरोप में निराशा हाथ लगी। शानदार शुरुआत के बावजूद टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूक गई, जबकि Atletico Madrid ने कुल 3-2 के एग्रीगेट स्कोर से मुकाबला जीतकर अंतिम चार में प्रवेश कर लिया। शानदार शुरुआत, लेकिन अंत में निराशा मैड्रिड के वांडा मेट्रोपोलिटानो स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में बार्सिलोना ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत की। लामिन यामल ने चौथे मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई इस गोल के साथ वह चैंपियंस लीग में 11 गोल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए, उन्होंने किलियन एम्बाप्पे का रिकॉर्ड तोड़ा इसके बाद फेरान टोरेस ने 24वें मिनट में दूसरा गोल कर मुकाबले में बराबरी दिला दी उस समय लग रहा था कि बार्सिलोना मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना चुकी है। एटलेटिको की वापसी हालांकि, Atletico Madrid ने धैर्य बनाए रखा और हाफ टाइम से पहले वापसी कर ली। एडेमोला लुकमैन ने गोल कर एग्रीगेट में बढ़त दिलाई दूसरे हाफ में बार्सिलोना ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन उनका एक गोल ऑफसाइड करार दिया गया। रेड कार्ड ने बढ़ाई मुश्किलें मैच के अंतिम चरण में एरिक गार्सिया को रेड कार्ड मिला जिससे बार्सिलोना की वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। इंजरी टाइम में रोनाल्ड अराउजो के पास मौका था, लेकिन वह गोल नहीं कर सके। ग्रिज़मैन का बयान और टीम का आत्मविश्वास एटलेटिको की जीत में अनुभवी खिलाड़ी एंटोनी ग्रिज़मैन की भूमिका अहम रही। मैच के बाद उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य अब फाइनल तक पहुंचना है और फैंस को खुशी देना है। कोच डिएगो सिमियोने के नेतृत्व में एटलेटिको ने 2016-17 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई है। बार्सिलोना के लिए चिंता की बात बार्सिलोना के लिए यह हार सिर्फ एक मैच की नहीं, बल्कि लगातार यूरोपीय असफलताओं की कड़ी है। पिछले सीजन से अब तक टीम चैंपियंस लीग में 44 गोल खा चुकी है, जो किसी भी क्लब से सबसे ज्यादा है यह आंकड़ा टीम की डिफेंस कमजोरियों को साफ तौर पर उजागर करता है।   यह मुकाबला दिखाता है कि सिर्फ अच्छी शुरुआत काफी नहीं होती, बल्कि निर्णायक मौकों का फायदा उठाना जरूरी होता है। एटलेटिको ने मौके भुनाए और जीत हासिल की, जबकि बार्सिलोना एक बार फिर बड़े मंच पर चूक गई।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Neymar training for Brazil ahead of FIFA World Cup 2026 selection hopes.
World Cup 2026: नेमार की उम्मीदें बरकरार–कोच कार्लो एंचेलोटी ने दिए बड़े संकेत

ब्राज़ील के स्टार फुटबॉलर नेमार के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। आगामी FIFA World Cup 2026 से पहले टीम के मुख्य कोच कार्लो एंचेलोटी ने साफ कर दिया है कि अनुभवी फॉरवर्ड के लिए टीम के दरवाजे अभी भी खुले हैं। चोट के कारण लंबे समय से मैदान से दूर चल रहे नेमार के लिए यह बयान किसी “करियर बूस्ट” से कम नहीं माना जा रहा। एंचेलोटी का भरोसा–“अभी भी समय है” एंचेलोटी ने कहा कि नेमार के पास पूरी फिटनेस हासिल करने के लिए अभी समय है और यदि वह खुद को शारीरिक रूप से साबित करते हैं, तो टीम में उनकी वापसी संभव है। कोच ने स्पष्ट किया कि वर्ल्ड कप टीम में वही खिलाड़ी चुने जाएंगे जो पूरी तरह फिट होंगे, लेकिन नेमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चोट से वापसी की राह पर नेमार 34 वर्षीय नेमार अक्टूबर 2023 से चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे थे। उन्होंने दिसंबर में घुटने की सर्जरी करवाई थी और हाल ही में एक और प्रक्रिया से गुजरे हैं। हालांकि, अब उनकी फिटनेस में सुधार देखा जा रहा है। उन्होंने हाल ही में क्लब स्तर पर 90 मिनट का पूरा मैच खेला, जो उनकी वापसी की दिशा में बड़ा संकेत है। फैंस का अटूट समर्थन हालांकि नेमार हाल के स्क्वाड में शामिल नहीं किए गए थे, लेकिन फैंस का समर्थन उनके साथ बना हुआ है। फ्रांस के खिलाफ एक वार्म-अप मैच के दौरान भी दर्शकों ने उनका नाम लेकर समर्थन जताया। एंचेलोटी ने भी माना कि नेमार ब्राज़ीलियाई फुटबॉल के इतिहास में एक खास स्थान रखते हैं और उनकी प्रतिभा टीम के लिए अब भी अहम हो सकती है। चौथे वर्ल्ड कप की तैयारी नेमार अपने करियर का चौथा वर्ल्ड कप खेलने की तैयारी में हैं। 79 अंतरराष्ट्रीय गोल के साथ वह ब्राज़ील के सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर हैं। अब उनकी नजर सिर्फ एक चीज पर है–फिटनेस हासिल करना और टीम में अपनी जगह पक्की करना। फिटनेस ही बनेगी चयन की कुंजी नेमार के लिए रास्ता खुला जरूर है, लेकिन चुनौती भी उतनी ही बड़ी है। उन्हें अगले कुछ हफ्तों में अपनी फिटनेस और प्रदर्शन से खुद को साबित करना होगा। अगर वह ऐसा करने में सफल रहते हैं, तो 2026 वर्ल्ड कप में एक बार फिर नेमार का जादू देखने को मिल सकता है।  

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
Manchester City players celebrate a goal against Chelsea during a Premier League match.
Premier League: Manchester City का दबदबा, Chelsea को 3-0 से हराकर Arsenal की टेंशन बढ़ाई

इंग्लिश प्रीमियर लीग के खिताबी मुकाबले में Manchester City ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Chelsea को 3-0 से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ सिटी ने टाइटल रेस को और रोमांचक बना दिया है और लीडर Arsenal पर दबाव बढ़ा दिया है। दूसरे हाफ में सिटी का तूफान पहले हाफ में मुकाबला संतुलित नजर आया, लेकिन दूसरे हाफ में मैनचेस्टर सिटी ने पूरी तरह मैच पर कब्जा कर लिया। निकोल ओ’रेली ने 51वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद रायन चेरकी की शानदार प्लेमेकिंग के दम पर मार्क गुएही ने 57वें मिनट में दूसरा गोल दागा। 68वें मिनट में Jérémy Doku ने तीसरा गोल कर मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। टाइटल रेस में बढ़ा रोमांच कोच Pep Guardiola की टीम अब आर्सेनल से सिर्फ 6 अंक पीछे है और उनके पास एक मैच का अतिरिक्त फायदा भी है। ऐसे में दोनों टीमों के बीच होने वाला मुकाबला इस सीजन के खिताब का फैसला कर सकता है। लगातार तीन बड़ी जीत (आर्सेनल और लिवरपूल के खिलाफ कप मुकाबले सहित) ने सिटी की फॉर्म और आत्मविश्वास को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। Chelsea की मुश्किलें बढ़ीं इस हार के साथ चेल्सी की चैंपियंस लीग में जगह बनाने की उम्मीदों को झटका लगा है। टीम पिछले 7 मैचों में सिर्फ एक जीत दर्ज कर पाई है और अब टॉप-5 से 4 अंक पीछे है। Tottenham पर मंडराया रेलिगेशन का खतरा दूसरी ओर, Tottenham Hotspur की स्थिति और खराब हो गई है। सुंदरलैंड के खिलाफ 1-0 की हार के बाद टीम रेलिगेशन जोन के और करीब पहुंच गई है। नॉर्दी मुकिएले के गोल ने स्पर्स को सीजन की 16वीं हार थमा दी। अब टीम सेफ्टी जोन से 2 अंक पीछे है और सिर्फ 6 मैच बाकी हैं। सीजन के अंतिम चरण में बढ़ा रोमांच प्रीमियर लीग अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। एक तरफ मैनचेस्टर सिटी की वापसी ने खिताबी जंग को दिलचस्प बना दिया है, तो दूसरी ओर टॉटेनहम के सामने रेलिगेशन से बचने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।  

surbhi अप्रैल 13, 2026 0
FIFA World Cup 2026 stadium scene with broadcast uncertainty news concept and football fans watching globally
FIFA World Cup 2026 पर संकट? भारत में अभी तक नहीं बिके ब्रॉडकास्ट राइट्स, फैंस के सामने लाइव टेलीकास्ट का सवाल

दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट FIFA World Cup 2026 को लेकर भारत में अनिश्चितता बढ़ गई है। टूर्नामेंट शुरू होने में महज दो महीने बचे हैं, लेकिन अभी तक भारत में इसके मीडिया ब्रॉडकास्ट राइट्स नहीं बिके हैं। ऐसे में भारतीय फुटबॉल फैंस के सामने लाइव मैच देखने को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्यों नहीं मिल रहे खरीदार? रिपोर्ट्स के मुताबिक, FIFA ने शुरुआत में 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के लिए संयुक्त मीडिया राइट्स की कीमत करीब 100 मिलियन डॉलर रखी थी। बाद में इसे घटाकर 35 मिलियन डॉलर तक किया गया, लेकिन इसके बावजूद कोई बड़ा ब्रॉडकास्टर आगे नहीं आया। क्रिकेट का दबदबा बना बड़ी वजह भारत में खेल प्रसारण बाजार में Board of Control for Cricket in India (BCCI) और International Cricket Council (ICC) के क्रिकेट इवेंट्स का दबदबा है। ब्रॉडकास्टर्स पहले ही क्रिकेट के राइट्स पर भारी निवेश कर चुके हैं, जिससे उनके पास फुटबॉल जैसे महंगे टूर्नामेंट खरीदने के लिए बजट सीमित हो गया है। कमाई का गणित भी बना अड़चन क्रिकेट के मुकाबले फुटबॉल मैचों में विज्ञापन के लिए कम ब्रेक मिलते हैं, जिससे ब्रॉडकास्टर्स को कम रेवेन्यू मिलता है। यही वजह है कि कंपनियां इस डील को फायदे का सौदा नहीं मान रही हैं। टाइमिंग भी बड़ा फैक्टर इस बार वर्ल्ड कप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जाएगा। ऐसे में भारत में मैच देर रात या सुबह तड़के प्रसारित होंगे, जिससे टीवी व्यूअरशिप और एड रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है। मार्केट में कम हुआ कॉम्पिटिशन Viacom18 और Star India के मर्जर के बाद JioStar के रूप में बाजार में खिलाड़ियों की संख्या कम हो गई है। Sony Sports, Eurosport और Fan Code जैसे प्लेटफॉर्म भी इस महंगे सौदे से दूरी बनाए हुए हैं। क्या भारत में नहीं दिखेगा वर्ल्ड कप? फिलहाल स्थिति साफ नहीं है, लेकिन अगर जल्द कोई डील नहीं होती, तो भारत में FIFA World Cup 2026 का लाइव टेलीकास्ट मुश्किल हो सकता है। हालांकि, टूर्नामेंट के नजदीक आते-आते आखिरी समय में कोई समझौता हो सकता है।  

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
Italy national football team players looking disappointed after World Cup qualification loss and coach resignation
इटली फुटबॉल में गहराता संकट: वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन में लगातार तीसरी नाकामी, कोच गट्टूसो ने छोड़ा पद

चार बार की विश्व चैंपियन Italy national football team एक बार फिर बड़े मंच से बाहर हो गई है। 2026 के विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने में असफल रहने के बाद टीम के मुख्य कोच Gennaro Gattuso ने पद छोड़ दिया है, जिससे इटली फुटबॉल में गहराते संकट की तस्वीर और साफ हो गई है। इटली फुटबॉल महासंघ Italian Football Federation ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि गट्टूसो ने “आपसी सहमति” से पद छोड़ा है। महज नौ महीने के कार्यकाल के बाद उनका जाना टीम की लगातार खराब होती स्थिति को दर्शाता है। लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप से बाहर इटली की उम्मीदों को सबसे बड़ा झटका उस समय लगा जब क्वालिफाइंग प्लेऑफ में Bosnia and Herzegovina national football team के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार मिली। यह हार सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक ट्रेंड का हिस्सा है- 2018: Sweden national football team से हार 2022: North Macedonia national football team से हार 2026: बोस्निया से हार नतीजा: लगातार तीन वर्ल्ड कप से इटली बाहर। गट्टूसो का भावुक बयान Gennaro Gattuso ने कहा, “दिल में दर्द के साथ मैं यह स्वीकार करता हूं कि हम अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए। राष्ट्रीय टीम के साथ मेरा सफर यहीं समाप्त होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि “अज्ज़ुरी” (इटली टीम) की जर्सी फुटबॉल में सबसे कीमती है और अब नए कोच को मौका देना जरूरी है। फेडरेशन में भी बड़ा बदलाव गट्टूसो के इस्तीफे से पहले ही Gabriele Gravina (FIGC अध्यक्ष) और दिग्गज गोलकीपर Gianluigi Buffon ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। यह घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि इटली फुटबॉल प्रशासन और प्रदर्शन-दोनों स्तर पर बड़े बदलाव की जरूरत है। उम्मीदों से निराशा तक गट्टूसो ने जून 2025 में Luciano Spalletti की जगह ली थी। शुरुआती दौर में टीम ने छह मैचों की जीत की लय भी पकड़ी, लेकिन बाद में फॉर्म गिरता गया और टीम फिर प्लेऑफ में फंस गई। यूरो 2024 में भी इटली का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, जहां टीम राउंड ऑफ 16 में बाहर हो गई थी। अब कौन होगा अगला कोच? गट्टूसो के बाद कई बड़े नाम रेस में हैं: Roberto Mancini Simone Inzaghi Antonio Conte Massimiliano Allegri हालांकि, नए FIGC अध्यक्ष का चुनाव 22 जून को होना है, ऐसे में कोच की नियुक्ति में देरी हो सकती है। निष्कर्ष इटली फुटबॉल के लिए यह दौर आत्ममंथन का है। लगातार तीन वर्ल्ड कप से बाहर होना सिर्फ एक खेल परिणाम नहीं, बल्कि सिस्टम, रणनीति और टैलेंट डेवलपमेंट पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि “अज्ज़ुरी” इस संकट से कैसे उबरती है।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Ronaldo Messi LEGO World Cup 2026
FIFA World Cup 2026  से पहले बड़ा धमाका:  LEGO में दिखे फुटबॉल के दो महानायक

फुटबॉल की दुनिया के दो सबसे बड़े नाम Cristiano Ronaldo और Lionel Messi एक बार फिर साथ नजर आए हैं-लेकिन इस बार मैदान पर नहीं, बल्कि एक अनोखे अंदाज में। मशहूर खिलौना कंपनी LEGO ने इन दोनों दिग्गजों को अपने नए कैंपेन में मिनीफिगर के रूप में पेश किया है, जो FIFA World Cup 2026 से पहले लॉन्च किया गया है। लेगो में उतरी फुटबॉल की सुपरस्टार दुनिया LEGO ने इस खास कलेक्शन में सिर्फ रोनाल्डो और मेसी ही नहीं, बल्कि Kylian Mbappé और Vinícius Júnior को भी शामिल किया है। हर मिनीफिगर को खिलाड़ियों की खास पहचान, खेलने की शैली और उनके करियर के यादगार पलों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इन सेट्स में “Football Highlights” और “Football Legends” जैसे थीम शामिल हैं, जो फैंस को अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के करियर को एक नए अंदाज में जीने का मौका देते हैं। खास डिजाइन और कलेक्टिबल एक्सपीरियंस हर सेट को एक खास लेटर-शेप बेस पर तैयार किया गया है, जिसमें खिलाड़ियों की नेशनल टीम के रंग, जर्सी नंबर और कलेक्टिबल प्लेट भी दी गई है। इसके साथ मिलने वाली मिनीफिगर इन सेट्स को और भी आकर्षक बनाती है। रोनाल्डो ने इस सहयोग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “हर दिन ऐसा मौका नहीं मिलता जब आप खुद एक LEGO सेट बन जाएं।” 2022 के बाद फिर साथ दिखे रोनाल्डो-मेसी यह पहली बार नहीं है जब दोनों दिग्गज एक साथ किसी विज्ञापन में नजर आए हैं। इससे पहले 2022 वर्ल्ड कप के दौरान दोनों ने एक लग्जरी ब्रांड के साथ मिलकर यादगार कैंपेन किया था, जिसे फैंस ने काफी पसंद किया था। वर्ल्ड कप में फिर हो सकता है महामुकाबला आने वाले वर्ल्ड कप में जहां मेसी अपनी टीम के साथ खिताब बचाने उतरेंगे, वहीं रोनाल्डो अपने करियर का सबसे बड़ा सपना पूरा करने की कोशिश करेंगे। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो क्वार्टरफाइनल में एक बार फिर “रोनाल्डो बनाम मेसी” का ऐतिहासिक मुकाबला देखने को मिल सकता है।  

surbhi अप्रैल 3, 2026 0
Mohamed Salah in Liverpool jersey
मोहम्मद सलाह का ऐलान: लिवरपूल छोड़ने के फैसले पर खिलाड़ियों की भावुक प्रतिक्रियाएं

क्लब Liverpool FC के स्टार फॉरवर्ड Mohamed Salah ने 2025-26 सीजन के अंत में क्लब छोड़ने का ऐलान कर फुटबॉल जगत को चौंका दिया है। लगभग नौ साल तक एनफील्ड में शानदार करियर बिताने के बाद सलाह के इस फैसले ने टीम के साथियों और फैंस को भावुक कर दिया है। सलाह का भावुक विदाई संदेश सलाह ने अपने बयान में क्लब, शहर और फैंस के प्रति गहरी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि लिवरपूल उनके लिए सिर्फ एक क्लब नहीं, बल्कि एक जुनून, एक इतिहास और एक आत्मा है। उन्होंने अपने साथियों, कोचिंग स्टाफ और फैंस का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने यहां जीत के पल भी जिए और मुश्किल समय में साथ मिलकर संघर्ष भी किया। टीममेट्स की प्रतिक्रियाएं लिवरपूल के कप्तान Virgil van Dijk ने सलाह को “Legend” बताते हुए उनके योगदान को सलाम किया। वहीं, स्टार राइट-बैक Trent Alexander-Arnold ने संक्षिप्त लेकिन भावुक अंदाज में “Thanks Abdul” लिखकर अपनी भावनाएं जाहिर कीं। अन्य खिलाड़ियों और फुटबॉल जगत के कई सितारों ने भी सोशल मीडिया पर सलाह के योगदान और उनके प्रभाव को याद किया। क्लब का आधिकारिक बयान लिवरपूल ने अपने आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि मोहम्मद सलाह 2025-26 सीजन के अंत में क्लब छोड़ देंगे। क्लब ने इसे “एनफील्ड में नौ साल के शानदार अध्याय का अंत” बताया। क्लब ने यह भी कहा कि सलाह ने पारदर्शिता और फैंस के सम्मान में पहले ही अपने भविष्य की जानकारी साझा करने का फैसला किया। अभी भी बाकी है एक मिशन हालांकि विदाई तय हो चुकी है, लेकिन सलाह फिलहाल पूरी तरह इस सीजन पर फोकस कर रहे हैं और टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन के साथ अपने सफर का अंत करना चाहते हैं। उनकी विदाई के बाद लिवरपूल के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा-इस दिग्गज खिलाड़ी की जगह कौन लेगा।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
FIFA World Cup 2026 security concerns and potential venue shift to Mexico
FIFA World Cup 2026: सुरक्षा चिंताओं के बीच ईरान चाहता है मैच अमेरिका से मेक्सिको शिफ्ट- FIFA से बातचीत जारी

वैश्विक खेल जगत में भू-राजनीतिक तनाव का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। ईरान की फुटबॉल फेडरेशन ने FIFA से अनुरोध किया है कि उसके 2026 विश्व कप मुकाबलों को अमेरिका से हटाकर मेक्सिको में आयोजित किया जाए। सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चिंता ईरान के फुटबॉल प्रमुख मेहदी ताज के अनुसार, मौजूदा युद्ध हालात में टीम की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने साफ कहा कि यदि खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती, तो टीम अमेरिका यात्रा नहीं करेगी। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी संकेत दिया था कि ईरानी टीम की सुरक्षा अमेरिका में चुनौतीपूर्ण हो सकती है।   क्या बदलेगा मैच का वेन्यू? फिलहाल ईरान के ग्रुप स्टेज मैच लॉस एंजेलिस और सिएटल में तय हैं, लेकिन अब उन्हें मेक्सिको शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस पर FIFA की ओर से अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है।   युद्ध का असर खेल पर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने हालात को और जटिल बना दिया है। इस वजह से: ईरान की भागीदारी पर सवाल खड़े हुए   खिलाड़ियों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी   टूर्नामेंट के लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ सकता है   हालांकि Asian Football Confederation ने साफ किया है कि ईरान अब भी विश्व कप में खेलने के लिए निर्धारित है और उसने आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से हटने की घोषणा नहीं की है।   अनिश्चितता के बीच तैयारियां जारी दूसरी टीमों ने अभी अपनी तैयारियां जारी रखी हैं। न्यूजीलैंड की टीम ने भी कहा है कि जब तक कोई आधिकारिक बदलाव नहीं होता, वे तय कार्यक्रम के अनुसार ही तैयारी करेंगे। यह मामला सिर्फ खेल नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। अगर ईरान के मैच अमेरिका से मेक्सिको शिफ्ट होते हैं, तो यह FIFA विश्व कप के इतिहास में एक बड़ा और अभूतपूर्व फैसला साबित हो सकता है।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
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भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0

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