आयरलैंड

Afghanistan Ireland
अफगानिस्तान ने आयरलैंड को चौथे वनडे में 42 रन से हराया, सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त

बेलफास्ट, एजेंसियां। अफगानिस्तान ने आयरलैंड को पांच मैचों की वनडे सीरीज के चौथे मुकाबले में 42 रन से हरा दिया। 12 अगस्त को बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब, स्टॉर्मॉन्ट में खेले गए मुकाबले में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 343/9 का विशाल स्कोर बनाया। जवाब में आयरलैंड की पूरी टीम 48 ओवर में 301 रन पर ऑलआउट हो गई। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।   अफगानिस्तान ने बनाया अपना सबसे बड़ा ODI स्कोर   पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। 343/9 का स्कोर उसका वनडे क्रिकेट में अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर रहा। पारी की सबसे बड़ी खासियत सेदिकुल्लाह अटल और इब्राहिम जादरान के बीच 231 रन की साझेदारी रही। यह अफगानिस्तान की वनडे क्रिकेट में दूसरी विकेट के लिए तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी बताई गई है।   अटल-जादरान की जोड़ी ने मचाया धमाल   अफगानिस्तान की पारी को मजबूत आधार देने में सेदिकुल्लाह अटल और इब्राहिम जादरान की अहम भूमिका रही। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 231 रन जोड़कर आयरलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। जादरान ने इस मुकाबले के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 4,500 रन भी पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले अफगानिस्तान के पांचवें बल्लेबाज बने।   301 रन पर सिमटी आयरलैंड की पारी   344 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए आयरलैंड ने अच्छी शुरुआत के बाद मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट निकालते रहे। आयरलैंड की टीम 48 ओवर में 301 रन पर ऑलआउट हो गई और अफगानिस्तान ने मुकाबला 42 रन से अपने नाम कर लिया।   सीरीज पर अफगानिस्तान का कब्जा, अब क्लीन स्वीप पर नजर   इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है। सीरीज का पांचवां और आखिरी वनडे 15 अगस्त को बेलफास्ट में खेला जाएगा। अब अफगानिस्तान की नजर सीरीज को 4-0 से खत्म करने और क्लीन स्वीप करने पर होगी, जबकि आयरलैंड आखिरी मुकाबला जीतकर सम्मान बचाने की कोशिश करेगा।

abhishek singh अगस्त 13, 2026 0
Rashid Khan
अफगानिस्तान ने आयरलैंड को हराकर 2027 वनडे विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई किया

बेलफास्ट, एजेंसियां। अफगानिस्तान ने आयरलैंड को तीसरे वनडे मुकाबले में तीन विकेट से हराकर 2027 वनडे विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली और विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर ली।   अफगानिस्तान की शानदार जीत   बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेले गए मुकाबले में अफगानिस्तान ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने आयरलैंड को तीन विकेट से मात दी और सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत कर ली। अफगानिस्तान की जीत में राशिद खान और अजमतुल्लाह उमरजई ने अहम भूमिका निभाई। टीम के गेंदबाजों ने भी मुकाबले में महत्वपूर्ण योगदान दिया।   विश्व कप में सीधे पहुंचा अफगानिस्तान   आयरलैंड के खिलाफ जीत के साथ अफगानिस्तान ने 2027 वनडे विश्व कप के लिए सीधा क्वालीफिकेशन हासिल कर लिया। यह अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है और टीम के लगातार मजबूत होते प्रदर्शन को दर्शाती है। 2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित किया जाना है। अफगानिस्तान अब इस बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा।   आयरलैंड और वेस्टइंडीज को झटका   अफगानिस्तान के सीधे क्वालीफाई करने के बाद आयरलैंड की विश्व कप में सीधे जगह बनाने की उम्मीद खत्म हो गई है। अब उसे क्वालीफायर के रास्ते से टूर्नामेंट में पहुंचने की कोशिश करनी होगी। वहीं, वेस्टइंडीज भी 2027 वनडे विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूक गया है और उसे क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट का रास्ता अपनाना होगा।   अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि   अफगानिस्तान ने पिछले कुछ वर्षों में वनडे क्रिकेट में लगातार अपनी स्थिति मजबूत की है। विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करना टीम के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। आयरलैंड के खिलाफ मिली जीत ने न केवल अफगानिस्तान का विश्व कप टिकट पक्का किया, बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। अब उसकी नजर आयरलैंड के खिलाफ बाकी मुकाबलों में अपना प्रदर्शन और बेहतर करने पर होगी।

abhishek singh अगस्त 11, 2026 0
West Indies ' s Direct Entry
2027 वनडे विश्व कप में वेस्टइंडीज की सीधी एंट्री का सपना टूटा, अब क्वालीफायर खेलना होगा

एंटीगुआ, एजेंसियां। दो बार की विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज को 2027 वनडे विश्व कप से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम अब टूर्नामेंट के लिए सीधे क्वालीफाई नहीं कर पाएगी और उसे क्वालीफायर मुकाबलों के जरिए विश्व कप में जगह बनाने की चुनौती का सामना करना होगा। अफगानिस्तान के आयरलैंड के खिलाफ जीत दर्ज कर सीधे क्वालीफाई करने के बाद वेस्टइंडीज की सीधे प्रवेश की उम्मीद पूरी तरह खत्म हो गई।   लगातार तीसरी बार क्वालीफायर का रास्ता   वेस्टइंडीज के लिए यह स्थिति बेहद निराशाजनक है। टीम लगातार तीसरे वनडे विश्व कप में सीधे क्वालीफिकेशन हासिल करने में नाकाम रही है। 2019 विश्व कप के लिए भी उसे क्वालीफायर का रास्ता अपनाना पड़ा था, जबकि 2023 विश्व कप में टीम क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट से आगे नहीं बढ़ सकी थी।   वेस्टइंडीज कभी वनडे क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जाती थी और उसने 1975 तथा 1979 में विश्व कप खिताब जीता था। ऐसे में लगातार तीसरी बार सीधे क्वालीफाई करने से चूकना टीम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।   अफगानिस्तान की जीत ने बदला समीकरण   अफगानिस्तान ने आयरलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए महत्वपूर्ण जीत हासिल की। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने 2027 विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर ली और वेस्टइंडीज के लिए सीधे क्वालीफिकेशन का रास्ता बंद हो गया। वेस्टइंडीज की मौजूदा वनडे रैंकिंग और क्वालीफिकेशन समीकरणों में अफगानिस्तान की स्थिति बेहतर होने के कारण अब कैरेबियाई टीम के पास सीधे प्रवेश का रास्ता नहीं बचा है।   भारत के खिलाफ सीरीज पर भी नजर   वेस्टइंडीज के लिए आगे की वनडे सीरीज महत्वपूर्ण होगी। टीम को न केवल अपनी रैंकिंग और प्रदर्शन सुधारने की जरूरत होगी, बल्कि विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालीफायर में भी मजबूत प्रदर्शन करना पड़ेगा। भारत के खिलाफ आगामी मुकाबले वेस्टइंडीज के लिए अपनी वनडे टीम को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंट से पहले तैयार करने का महत्वपूर्ण मौका होंगे।   2027 विश्व कप में जगह बनाने के लिए कड़ी चुनौती   2027 वनडे विश्व कप की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे। वेस्टइंडीज अब सीधे प्रवेश के बजाय क्वालीफायर के जरिए टूर्नामेंट में जगह बनाने की कोशिश करेगा।हालांकि, वेस्टइंडीज के पास अभी विश्व कप में पहुंचने का रास्ता खुला है, लेकिन टीम को क्वालीफायर में किसी भी गलती से बचना होगा। दो बार की चैंपियन टीम के लिए अब चुनौती सिर्फ विश्व कप में पहुंचने की नहीं, बल्कि अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा वापस हासिल करने की भी है।

abhishek singh अगस्त 11, 2026 0
2027 वनडे विश्व कप क्वालीफिकेशन से चूकी आयरलैंड क्रिकेट टीम
बारिश ने तोड़ा आयरलैंड का सपना, 2027 वनडे विश्व कप में सीधे क्वालीफाई करने से चूकी टीम

बारिश ने तोड़ा आयरलैंड का सपना, 2027 वनडे विश्व कप में सीधे क्वालीफाई करने से चूकी टीम ब्रेड़ी, एजेंसियां। आयरलैंड क्रिकेट टीम को 2027 वनडे विश्व कप में सीधे जगह बनाने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। अफगानिस्तान के खिलाफ पहला वनडे मुकाबला बारिश के कारण बिना गेंद फेंके रद्द होने के बाद आयरलैंड सीधे क्वालीफाई करने की दौड़ से बाहर हो गया है। अब टीम को विश्व कप में पहुंचने के लिए क्वालीफायर मुकाबलों का रास्ता अपनाना होगा।   बारिश ने बिगाड़ा आयरलैंड का समीकरण   अफगानिस्तान और आयरलैंड के बीच पहला वनडे बारिश के कारण शुरू ही नहीं हो सका। यह मुकाबला आयरलैंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि सीधे क्वालीफाई करने की उसकी उम्मीदें इसी सीरीज के नतीजों पर टिकी थीं। मुकाबला रद्द होने के साथ आयरलैंड के पास सीधे क्वालीफिकेशन के लिए जरूरी समीकरण हासिल करने का मौका भी खत्म हो गया।   अब क्वालीफायर से विश्व कप में पहुंचने की कोशिश   सीधे क्वालीफाई करने का मौका गंवाने के बाद आयरलैंड अब 10 टीमों वाले विश्व कप क्वालीफायर में खेलेगा। इस प्रतियोगिता की विजेता टीम को 2027 वनडे विश्व कप के मुख्य चरण में सीधे जगह मिलेगी। क्वालीफायर में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और वे विश्व कप के शुरुआती चरण में प्रतिस्पर्धा करेंगी।   आयरलैंड के सामने अब बड़ी चुनौती   आयरलैंड के लिए सीधे क्वालीफिकेशन का रास्ता बंद होना बड़ा झटका है, लेकिन विश्व कप में पहुंचने का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। टीम के पास क्वालीफायर के जरिए टूर्नामेंट में जगह बनाने का अवसर मौजूद है। आयरलैंड के नए मुख्य कोच गैरी विल्सन के लिए अब विश्व कप क्वालीफिकेशन सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होगी। उन्होंने पद संभालने के बाद भी 2027 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने को टीम का प्रमुख लक्ष्य बताया था।   2027 विश्व कप में पहुंचने के लिए क्वालीफायर अहम   2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित होना है। आयरलैंड अब क्वालीफायर के जरिए टूर्नामेंट में जगह बनाने की कोशिश करेगा। इस लिहाज से अफगानिस्तान के खिलाफ बारिश से रद्द हुआ मुकाबला आयरलैंड के लिए बेहद महंगा साबित हुआ है। अब टीम को विश्व कप में पहुंचने के लिए क्वालीफायर में दमदार प्रदर्शन करना होगा।

ranjan kumar tiwari अगस्त 6, 2026 0
ICC Men T20 Ranking
टीम इंडिया से छिनी नंबर-1 टी20 रैंकिंग, 1601 दिनों बाद ICC रैंकिंग में इंग्लैंड ने किया अपदस्थ

नई दिल्ली, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 4-0 की करारी हार का असर अब आईसीसी रैंकिंग पर भी दिखाई दिया है। टीम इंडिया ने 1601 दिनों तक नंबर-1 रहने के बाद ICC पुरुष टी20 टीम रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान गंवा दिया है। इंग्लैंड ने पांचवें टी20 में 56 रन की जीत के साथ सीरीज 4-0 से अपने नाम की और इसी जीत के दम पर वह दुनिया की नई नंबर-1 टी20 टीम बन गई।   चार साल बाद खत्म हुआ भारत का दबदबा   भारत ने फरवरी 2022 में पहली बार टी20 रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था और तब से लगातार नंबर-1 बना हुआ था। इस दौरान टीम ने टी20 विश्व कप जीतने समेत कई द्विपक्षीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर लगातार खराब नतीजों के बाद भारत की रेटिंग में गिरावट आई और इंग्लैंड ने उसे पीछे छोड़ दिया।   इंग्लैंड बना दुनिया की नई नंबर-1 टीम   हैरी ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड ने पूरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। अंतिम मुकाबले में जोस बटलर (131 रन) और हैरी ब्रूक (95)* की रिकॉर्ड साझेदारी ने इंग्लैंड को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। सीरीज में 4-0 की जीत के साथ इंग्लैंड आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गया, जबकि भारत दूसरे स्थान पर खिसक गया।   अब वनडे सीरीज में वापसी की चुनौती   टी20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब भारतीय टीम के सामने वनडे सीरीज में वापसी की चुनौती होगी। टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की नजर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी, क्योंकि लगातार हार के बाद टीम संयोजन और रणनीति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
IND VS ENG T20
भारत-इंग्लैंड टी20 सीरीज कल से शुरू, नए दौर की शुरुआत पर दोनों टीमों की नजर

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज 1 जुलाई से होगा। पहला मुकाबला चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में भारतीय समयानुसार रात 10:00 बजे खेला जाएगा। यह सीरीज दोनों टीमों के लिए नए टी20 चक्र की शुरुआत मानी जा रही है और 2028 टी20 विश्व कप की तैयारियों की दिशा में अहम साबित होगी।   टीम इंडिया पर वापसी का दबाव   आयरलैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में हार के बाद भारतीय टीम बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को अवसर देकर टीम के नए संयोजन को परखना चाहते हैं। पूर्व कप्तान Sunil Gavaskar ने भी युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को पहले मैच में मौका देने की वकालत की है।   इंग्लैंड को घरेलू मैदान का भरोसा   इंग्लैंड की टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। मेजबान टीम संतुलित बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी आक्रमण के दम पर भारत को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है।   पांच मैचों की होगी सीरीज   भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज के मुकाबले 1, 4, 7, 9 और 11 जुलाई को खेले जाएंगे। इसके बाद दोनों टीमें तीन मैचों की वनडे सीरीज में आमने-सामने होंगी।

abhishek singh जून 30, 2026 0
IND VS IRE 2nd T20
IND vs IRE: दूसरे टी20 में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी, वैभव सूर्यवंशी को फिर नहीं मिला मौका

बेलफास्ट, एजेंसियां। भारत और आयरलैंड के बीच दूसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। पहले मैच में मिली 34 रन की हार के बाद भारतीय टीम सीरीज बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरी है।   प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे का डेब्यू    इस मुकाबले में भारत ने प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं। प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला है। वहीं, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लगातार दूसरे मैच में भी अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली है, जिससे उनके डेब्यू का इंतजार और बढ़ गया है।   पहले टी20 में आयरलैंड ने भारत को हराकर इतिहास रचा था। अब मेजबान टीम पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने की कोशिश करेगी, जबकि भारत के सामने सीरीज 1-1 से बराबर करने की चुनौती है।  

abhishek singh जून 28, 2026 0
Muharram procession accident
मुहर्रम जुलूस में बड़ा हादसा, तलवारबाजी के दौरान किशोर के सिर में धंसी तलवार

पटना, एजेंसियां। मुहर्रम जुलूस के दौरान मधुबनी जिले के राजनगर में पारंपरिक तलवारबाजी का प्रदर्शन एक बड़े हादसे में बदल गया। प्रदर्शन के दौरान एक युवक के हाथ से तलवार फिसलकर जुलूस में शामिल 16 वर्षीय किशोर के सिर में जा धंसी। गंभीर रूप से घायल किशोर का कई घंटे तक ऑपरेशन चला, जिसके बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक तलवार निकाल दी। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।   तलवारबाजी के प्रदर्शन में हुआ दर्दनाक हादसा यह घटना शुक्रवार देर शाम राजनगर बाजार के चट्टी रोड पर निकले मुहर्रम जुलूस के दौरान हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पारंपरिक तलवारबाजी का प्रदर्शन चल रहा था, तभी एक युवक के हाथ से तलवार अचानक फिसल गई और पास में मौजूद 16 वर्षीय किशोर के सिर में जा धंसी। बताया जा रहा है कि तलवार करीब ढाई इंच तक सिर के भीतर चली गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और जुलूस कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। घटना के बाद तलवारबाजी कर रहा युवक मौके से फरार हो गया।   प्राथमिक उपचार के बाद बड़े अस्पताल किया गया रेफर घायल किशोर की पहचान लहेरी बाजार निवासी के रूप में हुई है। जुलूस में मौजूद लोगों ने तुरंत उसे राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निरंजन जायसवाल और उनकी टीम ने उपचार शुरू किया, लेकिन तलवार गहराई तक धंसी होने के कारण उसे निकालना संभव नहीं हो सका। इसके बाद प्राथमिक उपचार देकर किशोर को सदर अस्पताल रेफर किया गया।   कई घंटे चले ऑपरेशन के बाद बची जान परिजन बाद में किशोर को सकरी स्थित रामशिला हॉस्पिटल ले गए, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने कई घंटे तक ऑपरेशन कर उसके सिर से तलवार निकाल दी। चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन सफल रहा और फिलहाल किशोर की हालत स्थिर है। उसे आईसीयू में निगरानी में रखा गया है।   सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि धार्मिक जुलूसों में पारंपरिक हथियारों के प्रदर्शन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और सतर्कता बरती जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

anjali kumari जून 27, 2026 0
Shreyas Iyer
आयरलैंड से हार के बाद बोले श्रेयस अय्यर, बीच के ओवरों की गेंदबाजी बनी हार की सबसे बड़ी वजह

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में 34 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ आयरलैंड ने टी20 विश्व चैंपियन भारत के खिलाफ किसी भी प्रारूप में अपनी पहली जीत दर्ज की। मैच के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार की वजह बताते हुए कहा कि टीम ने बीच के ओवरों में अपनी गेंदबाजी की लय खो दी, जिसका फायदा मेजबान टीम ने उठाया।   पावरप्ले के बाद बदला मैच का रुख बेलफास्ट में खेले गए मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। शुरुआती छह ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आयरलैंड को सिर्फ 36 रन पर तीन विकेट तक सीमित रखा। लेकिन इसके बाद गेंदबाज अपनी रणनीति पर कायम नहीं रह सके। कप्तान लोर्कान टकर (50) और डेलानी (49) की उपयोगी पारियों की बदौलत आयरलैंड ने 20 ओवर में 182 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर दिया। अय्यर ने कहा कि उन्हें लगा था कि विपक्षी टीम 140 रन के आसपास ही सिमट जाएगी, लेकिन बीच के ओवरों में खराब गेंदबाजी के कारण बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका मिल गया।   'हर टीम को गंभीरता से लेना होगा' श्रेयस अय्यर ने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत को इस हार से सीख लेकर अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। कप्तान ने कहा कि मैच के दौरान मिले अवसरों का पूरा फायदा उठाना जरूरी होता है और टीम दूसरे टी20 में मजबूत वापसी की कोशिश करेगी।   आयरलैंड ने रचा इतिहास आयरलैंड के कप्तान लोर्कान टकर ने इस जीत को देश के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि विश्व चैंपियन भारत को घरेलू मैदान पर हराना टीम के लिए गर्व का क्षण है और अब उनका लक्ष्य सीरीज जीतना है। मैच में पदार्पण कर रहे तेज गेंदबाज मैट हॉलार्ड ने तीन विकेट लेकर 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीता। उन्होंने इसे अपने करियर का सबसे यादगार दिन बताया।

abhishek singh जून 27, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Government and opposition clash in Parliament over Amit Shah's response to police action during Delhi student protests.
राष्ट्रीय

संसद में फिर आमने-सामने सरकार और विपक्ष, अमित शाह के जवाब को लेकर सियासी घमासान; NDA की 'मंगल मिलन' रणनीति से राहुल गांधी पर निशाना

surbhi अगस्त 11, 2026 0