नई दिल्ली/काराकस: वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने दुख और संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आपदा में जान गंवाने वालों के प्रति शोक जताते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ मजबूती से खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है। वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने राजधानी काराकस समेत कई शहरों में भारी तबाही मचाई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि कई क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। पीएम मोदी ने जताई संवेदना प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि भारत सरकार और देशवासियों की ओर से वेनेजुएला के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जाती है। उन्होंने लिखा, "भारत की ओर से मैं वेनेजुएला सरकार और वहां के लोगों, विशेष रूप से उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खो दिया है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं और इस कठिन समय में सभी प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।" वेनेजुएला में आपातकाल घोषित भूकंप के बाद वेनेजुएला सरकार ने कई प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल घोषित कर दिया है। कार्यवाहक राष्ट्रपति Delcy Rodríguez ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए आपदा में जान-माल के नुकसान की पुष्टि की और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रही है और प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन संसाधन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने मृतकों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की। हजारों मौतों की आशंका विशेषज्ञ एजेंसियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार भूकंप का असर बेहद व्यापक हो सकता है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने चेतावनी दी है कि इस आपदा में भारी जनहानि और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान होने की आशंका है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक मृतकों की संख्या हजारों में पहुंच सकती है। राहत-बचाव अभियान जारी काराकस और अन्य प्रभावित शहरों में आपातकालीन दल, सेना और बचाव एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। कई इलाकों में संचार और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है, जिससे राहत कार्यों में चुनौतियां सामने आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से भी वेनेजुएला को सहायता और समर्थन के संदेश मिल रहे हैं। भारत सहित कई देशों ने जरूरत पड़ने पर मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की है।
ब्रातिस्लावा/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने स्लोवाकिया दौरे के दौरान भारतीय संस्कृति, परंपरा और ज्ञान-विज्ञान की समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने पेश करते हुए वहां के शीर्ष नेताओं को विशेष भारतीय उपहार भेंट किए। इस दौरान उन्होंने स्लोवाकिया की संसद के स्पीकर Richard Rasi को बिहार-झारखंड का प्रसिद्ध पारंपरिक मिष्ठान 'ठेकुआ' और आयुर्वेद के दो प्राचीन ग्रंथ- 'सुश्रुत संहिता' और 'चरक संहिता' उपहार स्वरूप दिए। स्लोवाकिया पहुंचा बिहार-झारखंड का प्रसिद्ध ठेकुआ प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया के स्पीकर को बिहार और झारखंड की सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले ठेकुआ से परिचित कराया। ठेकुआ गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी, घी और सौंफ से तैयार किया जाने वाला पारंपरिक मिष्ठान है, जिसे विशेष रूप से छठ पर्व के दौरान प्रसाद के रूप में बनाया जाता है। अपने विशिष्ट स्वाद, लंबे समय तक सुरक्षित रहने की क्षमता और सांस्कृतिक महत्व के कारण ठेकुआ बिहार और झारखंड की खान-पान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह उपहार भारतीय लोक संस्कृति और त्योहारों की समृद्ध परंपरा का प्रतीक भी है। आयुर्वेद की धरोहर: सुश्रुत संहिता और चरक संहिता प्रधानमंत्री मोदी ने स्पीकर रिचर्ड राशी को भारतीय चिकित्सा विज्ञान की अमूल्य धरोहर 'सुश्रुत संहिता' और 'चरक संहिता' भी भेंट की। Sushruta Samhita को विश्व की सबसे प्राचीन शल्य चिकित्सा (सर्जरी) संबंधी पुस्तकों में गिना जाता है। इसके रचयिता Sushruta को शल्य चिकित्सा का जनक माना जाता है। इस ग्रंथ में सर्जिकल तकनीकों, उपकरणों, शरीर रचना विज्ञान, विष विज्ञान, पोषण और पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा (रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) जैसे विषयों का विस्तृत वर्णन मिलता है। वहीं, Charaka Samhita आयुर्वेद की आधारभूत चिकित्सा पुस्तकों में से एक है। इसमें स्वास्थ्य, रोग, मानव शरीर की कार्यप्रणाली, चिकित्सा पद्धति और निवारक स्वास्थ्य उपायों का व्यवस्थित और वैज्ञानिक विवरण दिया गया है। यह ग्रंथ भारत की प्राचीन वैज्ञानिक और बौद्धिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। राष्ट्रपति को भेंट किए थेवा मोटिफ कफलिंक प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति Peter Pellegrini को हाथ से तैयार किए गए 'थेवा मोटिफ कफलिंक' उपहार में दिए। ये कफलिंक राजस्थान के Pratapgarh की प्रसिद्ध थेवा कला का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। थेवा कला में रंगीन कांच पर बारीक नक्काशी वाली सोने की पतली परतों को जड़कर आकर्षक डिजाइन तैयार किए जाते हैं। यह भारत की पारंपरिक हस्तशिल्प विरासत और उत्कृष्ट कारीगरी का प्रतीक मानी जाती है। भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की कूटनीतिक पहल प्रधानमंत्री मोदी अपने विदेशी दौरों के दौरान अक्सर भारतीय कला, संस्कृति, परंपरा और ज्ञान-विज्ञान से जुड़े विशेष उपहार विदेशी नेताओं को भेंट करते रहे हैं। स्लोवाकिया दौरे के दौरान दिए गए ये उपहार भी भारत की सांस्कृतिक विविधता, प्राचीन वैज्ञानिक विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल के रूप में देखे जा रहे हैं।
पेरिस, एजेंसियां। फ्रांस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए। इन उपहारों के माध्यम से भारतीय कला, परंपरा और हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया गया। कलमकारी महाभारत पेंटिंग बनी मुख्य आकर्षण पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों को आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तनिर्मित कलमकारी शैली में बनी महाभारत पेंटिंग भेंट की। यह कलाकृति लगभग छह महीने की मेहनत से तैयार की गई है, जिसमें महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को विस्तार से दर्शाया गया है। पेंटिंग में धर्म, न्याय, साहस और नैतिक निर्णय जैसे मूल्यों को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया भगवद्गीता का संदेश भी प्रमुख रूप से शामिल है, जो कर्तव्य और आत्मसंयम का मार्ग दिखाता है। ब्रिजिट मैक्रों को मिला पोचमपल्ली सिल्क स्टोल राष्ट्रपति मैक्रों की पत्नी ब्रिजिट मैक्रों को तेलंगाना का प्रसिद्ध पोचमपल्ली सिल्क स्टोल उपहार में दिया गया। यह हाथ से बुना हुआ स्टोल पारंपरिक इकत रेजिस्ट-डाइंग तकनीक से तैयार किया जाता है और अपनी ज्यामितीय व पुष्पीय डिजाइनों के लिए जाना जाता है। यह स्टोल भारतीय वस्त्र परंपरा और आधुनिक कलात्मकता का सुंदर संगम माना जाता है। सांस्कृतिक कूटनीति को बढ़ावा भारतीय हस्तशिल्प और सांस्कृतिक वस्तुओं के जरिए यह उपहार न केवल कला का प्रदर्शन हैं, बल्कि भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का भी प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपने विदेशी दौरों में अक्सर इस तरह के पारंपरिक उपहार भेंट करते हैं, जिससे भारतीय कारीगरों और उनकी कला को वैश्विक पहचान मिल सके।
खेल में जीत और हार दोनों ही एक खिलाड़ी के सफर का हिस्सा होती हैं, लेकिन कई बार हार का दर्द भावनाओं पर इतना भारी पड़ता है कि उसे छिपा पाना मुश्किल हो जाता है। महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में स्कॉटलैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए मुकाबले के बाद ऐसा ही एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डगआउट में रोती नजर आईं डार्सी कार्टर 18 जून को खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने स्कॉटलैंड को 7 रन से हराया। मैच के अंतिम क्षणों में कैमरा स्कॉटलैंड की बल्लेबाज डार्सी कार्टर की ओर गया, जहां वह डगआउट में बैठकर आंसू पोंछती हुई नजर आईं। उस समय स्कॉटलैंड को जीत के लिए 8 गेंदों में 17 रन की जरूरत थी, लेकिन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। हार करीब देखकर डार्सी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाईं और फूट-फूट कर रोने लगीं। करीब 14 सेकंड का यह वीडियो क्रिकेट प्रशंसकों को भावुक कर रहा है। शानदार पारी के बावजूद नहीं दिला सकीं जीत डार्सी कार्टर का दर्द इसलिए भी ज्यादा था क्योंकि उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए पूरा प्रयास किया था। 154 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने शानदार 59 रन की अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। स्कॉटलैंड की टीम निर्धारित 20 ओवर में 146 रन ही बना सकी और मुकाबला 7 रन से हार गई। टूर्नामेंट में स्कॉटलैंड की पहली हार महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में स्कॉटलैंड की यह पहली हार रही। टीम ने अपने पहले मैच में आयरलैंड को 40 रन से हराकर शानदार शुरुआत की थी। ग्रुप-2 की पॉइंट्स टेबल में स्थिति ग्रुप-2 में इंग्लैंड दो मैचों में दो जीत के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। वेस्टइंडीज भी दो जीत के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि स्कॉटलैंड तीसरे स्थान पर मौजूद है। पहला स्थान – इंग्लैंड दूसरा स्थान – वेस्टइंडीज तीसरा स्थान – स्कॉटलैंड चौथा स्थान – श्रीलंका पांचवां स्थान – न्यूजीलैंड छठा स्थान – आयरलैंड हालांकि हार के बावजूद स्कॉटलैंड की टीम के पास सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने का मौका अभी भी बरकरार है।
कोलकाता: 21 जून को कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में गुरुवार को अहम सुनवाई हुई। अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि कार्यक्रम की तैयारियों के चलते रेड रोड बंद रहने की अवधि में आम लोगों और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए प्रभावी वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस कार्यक्रम के मद्देनजर 14 जून से रेड रोड के कुछ हिस्सों को बंद किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (AILU) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कार्यक्रम समाप्त होते ही रेड रोड खोलने का निर्देश मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि योग दिवस कार्यक्रम समाप्त होने के तुरंत बाद रेड रोड को आम जनता के उपयोग के लिए फिर से खोलने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं। अदालत ने कहा कि जब तक सड़क बंद रहती है, तब तक आम नागरिकों और याचिकाकर्ताओं के लिए वैकल्पिक मार्गों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। वकीलों ने उठाया आवाजाही में परेशानी का मुद्दा याचिकाकर्ता संगठन की ओर से कहा गया कि रेड रोड बंद होने के कारण वकीलों और अन्य लोगों को अदालत आने-जाने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने तर्क दिया कि सड़क को इतने लंबे समय तक बंद रखना उचित नहीं है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने दलील दी कि कोलकाता पुलिस आयुक्त के पास किसी सड़क को इतने लंबे समय तक बंद रखने का अधिकार नहीं है। उन्होंने सड़क बंद करने संबंधी अधिसूचना को रद्द करने की मांग की। तीन सप्ताह में राज्य सरकार से हलफनामा मांगा मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सड़क बंद करने के आदेश की वैधता को चुनौती दिए जाने का संज्ञान लिया और राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ताओं को भी सरकार के जवाब पर प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए एक अतिरिक्त सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी। रक्षा मंत्रालय को भी बनाया जाएगा पक्षकार जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने याचिकाकर्ताओं को रक्षा मंत्रालय को भी मामले में प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि रेड रोड भारतीय सेना की पूर्वी कमान की भूमि पर स्थित है, इसलिए इस मामले में रक्षा मंत्रालय का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। सरकार का पक्ष: कोलकाता से दुनिया को जाएगा योग का संदेश राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) बिल्वदल भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम पश्चिम बंगाल सरकार और आयुष मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से "कोलकाता से पूरी दुनिया को योग और भारत की सांस्कृतिक विरासत का संदेश जाएगा।" ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजन क्यों नहीं? कोर्ट ने पूछा सवाल सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पूछा कि आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होने से बचाने के लिए कार्यक्रम रेड रोड की बजाय ब्रिगेड परेड ग्राउंड में क्यों नहीं आयोजित किया गया। इस पर राज्य सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि इलाके में कई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हैं और प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी न हो। सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि याचिकाकर्ता संगठन के सदस्यों सहित आम नागरिकों की आवाजाही को यथासंभव सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पेरिस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (18 जून) को फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत तेजी से दुनिया का एक भरोसेमंद और मजबूत साझेदार बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि देश ऐसे क्षेत्रों में निवेश कर रहा है, जो भविष्य में विकास, नवाचार (Innovation) और नई संभावनाओं को आगे बढ़ाएंगे। पेरिस के प्रतिष्ठित सभागार ‘साल प्लेएल’ (Salle Pleyel) में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की विकास यात्रा इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और देश की आकांक्षाएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। ‘रिश्तों में अब व्यापार के साथ भरोसा भी जरूरी’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले देशों के संबंध मुख्य रूप से व्यापार पर आधारित होते थे, लेकिन बदलते वैश्विक परिदृश्य में भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा, “आज दुनिया ऐसे साझेदारों की तलाश कर रही है, जिन पर भरोसा किया जा सके और भारत एक विश्वसनीय तथा मजबूत साझेदार के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।” ‘जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है’ अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नया भारत उन उपलब्धियों को हासिल कर रहा है, जो कभी केवल सपने हुआ करते थे। उन्होंने कहा, “जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो पहले नामुमकिन लगता था, वह आज मुमकिन हुआ है।” इसके बाद प्रधानमंत्री ने उपस्थित लोगों से पूछा कि यह परिवर्तन किसकी वजह से संभव हुआ है। इस पर सभागार में मौजूद लोगों ने ‘नरेंद्र मोदी’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। ‘यह मोदी के कारण नहीं हुआ’ लोगों के नारों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह बदलाव किसी एक व्यक्ति की वजह से नहीं आया है। उन्होंने कहा, “यह मोदी के कारण नहीं हुआ। यह भारत के लोकतंत्र की ताकत है। इस लोकतंत्र में सबका साथ है और सबका विकास है।” प्रधानमंत्री के इस बयान पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन का 4 मिनट 38 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा: “जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। यही नए भारत की पहचान है!” प्रधानमंत्री के पेरिस संबोधन को भारत की वैश्विक भूमिका, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की विकास यात्रा को रेखांकित करने वाला संदेश माना जा रहा है।
पेरिस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचने पर प्रवासी भारतीयों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग हाथों में तिरंगा लेकर उनका इंतजार करते नजर आए। इस दौरान पूरा माहौल 'मोदी-मोदी' और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा। डीडी न्यूज द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी अपने स्वागत के लिए जुटे लोगों के बीच पहुंचते और उनसे आत्मीयता से मिलते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और कई लोगों से हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया। छोटे बच्चे को दुलारते नजर आए पीएम मोदी स्वागत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की नजर एक छोटे बच्चे पर पड़ी। उन्होंने मुस्कुराते हुए बच्चे को प्यार से दुलारा और फिर आगे बढ़कर अन्य लोगों से मुलाकात की। इस दौरान पीछे बैंड-बाजे पर देशभक्ति गीत 'दिल दिया है, जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए…' बजता रहा, जिसने माहौल को और भावुक बना दिया। 'केम छो' सुनकर मुस्कुराए प्रधानमंत्री लोगों से मिलते हुए अचानक पीछे से किसी ने गुजराती में 'केम छो...' कहकर प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया। यह सुनते ही पीएम मोदी मुस्कुरा उठे। वहीं, एक बुजुर्ग महिला ने उनका हाथ पकड़कर उनका स्वागत किया, जिस पर प्रधानमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ उनका अभिवादन स्वीकार किया। भारत-फ्रांस साझेदारी को बताया अहम पेरिस पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि वैश्विक विकास, स्थिरता और प्रगति के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई। प्रधानमंत्री के स्वागत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रवासी भारतीयों के उत्साह तथा पीएम मोदी के आत्मीय व्यवहार की खूब चर्चा हो रही है।
G7 समिट में ट्रम्प बोले- मोदी के रहते भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका साथ देगा पेरिस, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार देर रात करीब 2 बजे (भारतीय समय अनुसार) पेरिस पहुंचे। यहां होटल के बाहर भारतीय मूल के लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। मोदी ने लोगों से हाथ मिलाया और बच्चों को दुलारा भी। पीएम गुरुवार शाम Vivatech 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहेंगे। एक दिन पहले मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 समिट में शामिल हुए। उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से 18 मिनट द्विपक्षीय बातचीत हुई। अमेरिका देगा भारत का साथ ट्रम्प ने वादा किया है कि मोदी के रहते कभी भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए साथ खड़ा होगा। मोदी के अलावा कोई और नेता भारत में होगा तो मुझे सोचना पड़ेगा। यूरोप का बड़ा तकनीकी सम्मेलन है Vivatech... Vivatech यूरोप का बड़ा तकनीकी सम्मेलन है, जहां दुनियाभर की नई इंडस्ट्रीज, टेक्निक कंपनियां, इंवेस्टर और एक्सपर्ट नई टेक्निक और इनोवेशन का डिस्प्ले करते हैं। मुख्य तौर पर आर्टिफिशिअल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप और उद्यमिता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, हरित प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, भविष्य की उभरती तकनीकों पर उन पर चर्चा करते हैं। भारत की भी है भागीदारी यहां भारत का राष्ट्रीय मंडप (इंडिया पैवेलियन) भी स्थापित किया गया है, जहां देश के स्टार्टअप, नवाचार और तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। मोदी की यात्रा का अंतिम दिन दरअसल, पीएम मोदी की 6 दिन फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा का आज अंतिम दिन है। मोदी 13-14 जून तक फ्रांस के नीस शहर में थे। इसके बाद 14 से 16 तक स्लोवाकिया में रहे। वहां से लौटकर एवियन में G7 समिट में शामिल हुए। G7 समिट में ट्रम्प बोले- मैं मोदी की तरह नही 17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में 52वें G7 समिट का दूसरा दिन रहा। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय चर्चा हुई। इसमें ट्रम्प ने कहा- जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा। ट्रम्प ने पीएम मोदी की तारीफ में कहा- जब तक मोदी लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में बड़ा रोल निभाएगा। मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं। मोदी भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी।
फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni के बीच हुई छोटी-सी मुलाकात इंटरनेट पर छा गई है। वैश्विक मुद्दों पर गंभीर बैठकों के बीच दोनों नेताओं की यह अनौपचारिक बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। जब सभी नेता पारंपरिक ग्रुप फोटो के लिए एकत्रित हो रहे थे, तभी पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी ने एक-दूसरे का मुस्कुराते हुए अभिवादन किया। 'हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस कपल हैं' वीडियो में जॉर्जिया मेलोनी प्रधानमंत्री मोदी को देखकर मुस्कुराते हुए कहती हैं, "आपसे दोबारा मिलकर बहुत अच्छा लगा।" इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, "हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस कपल हैं।" बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भी दोनों की सोशल मीडिया लोकप्रियता का जिक्र किया, जिस पर मेलोनी ने हंसते हुए सहमति जताई और अपनी बात दोहराई। दोनों नेताओं की यह हल्की-फुल्की बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। क्या है 'Melodi' ट्रेंड? सोशल मीडिया पर 'Melodi' (मेलोडी) नाम पिछले कुछ वर्षों से काफी लोकप्रिय है। यह शब्द 'Meloni' और 'Modi' के नामों को मिलाकर बनाया गया है। इस ट्रेंड की शुरुआत 2023 में दुबई में आयोजित COP28 के दौरान हुई थी। उस समय जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक सेल्फी साझा करते हुए कैप्शन लिखा था, "Good friends at COP28 #Melodi" इसके बाद 'Melodi' हैशटैग इंटरनेट पर वायरल हो गया और दोनों नेताओं की तस्वीरों और मुलाकातों पर मीम्स, फैन एडिट्स और मजेदार पोस्ट की बाढ़ आ गई। जब पीएम मोदी ने मेलोनी को गिफ्ट की थी 'Melody' टॉफी पिछले महीने प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे के दौरान 'Melodi' ट्रेंड को एक नया और दिलचस्प मोड़ मिला था। रोम में मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को 'Melody' नाम की टॉफी का पैकेट उपहार में दिया था। इस अनोखे तोहफे को देखकर मेलोनी हंस पड़ी थीं और उन्होंने कहा था, "प्रधानमंत्री मोदी हमारे लिए एक बहुत अच्छी टॉफी लाए हैं... मेलोडी।" यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था और कुछ ही घंटों में करोड़ों लोगों ने इसे देखा था। इंटरनेट पर फिर ट्रेंड कर रही है 'Melodi' जी7 शिखर सम्मेलन में हुई ताजा मुलाकात के बाद 'Melodi' एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड कर रही है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों नेताओं के दोस्ताना और सहज व्यवहार को लेकर इंटरनेट यूजर्स लगातार मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यह बातचीत पूरी तरह हल्के-फुल्के अंदाज में हुई, लेकिन इससे एक बार फिर यह साबित हो गया कि वैश्विक राजनीति की गंभीर बैठकों के बीच भी कुछ पल ऐसे होते हैं, जो लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं।
एवियन (फ्रांस): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। करीब 16 महीने बाद दोनों नेताओं की आमने-सामने की यह पहली मुलाकात रही। इस दौरान दोनों नेताओं ने सौहार्दपूर्ण अंदाज में हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत भी की। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बुधवार (17 जून) को सम्मेलन से इतर एक द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें व्यापार, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। लगातार आठवीं बार जी7 में भारत की भागीदारी भारत को लगातार आठवीं बार जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। इस मंच पर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक चुनौतियों जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। फ्रांस पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जी7 शिखर सम्मेलन के लिए एवियन पहुंचा हूं। विश्व नेताओं के साथ महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा और विचारों के आदान-प्रदान को लेकर उत्साहित हूं। भारत एक टिकाऊ, समृद्ध और बेहतर भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।" कई नेताओं से करेंगे द्विपक्षीय बैठक जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा सहयोग और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है। जिनेवा और स्लोवाकिया दौरे के बाद फ्रांस पहुंचे पीएम मोदी फ्रांस पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी जिनेवा में थे, जहां उन्होंने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति Guy Parmelin से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। इससे पहले उन्होंने Slovakia का दौरा किया था, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक और सार्थक बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिलेगी। जी7 शिखर सम्मेलन में मोदी-ट्रंप मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं।
रांची। रांची से बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए दो नई ट्रेनें चलेंगी। इसका प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बेंगलुरु सेक्शन में चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के पूरा होते ही नई ट्रेन के लिए स्लॉट उपलब्ध हो सकता है। यह विकास कार्य लगभग एक माह में पूरा होने की संभावना है। रांची से बेंगलुरु के लिए चलने वाली ट्रेन बरकाकाना-गया-जबलपुर-नागपुर-काजीपेट-धर्मावरम मार्ग से होते हुए बेंगलुरु पहुंचेगी। इस ट्रेन का संचालन सप्ताह में चार दिन (सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार) करने की योजना है। रांची से हैदराबाद के लिए प्रस्तावित ट्रेन का संचालन सप्ताह में चार दिन (सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार) किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी दोनों ट्रेनों को स्पेशल ट्रेन के रूप में प्रस्तावित किया गया है और इनके संचालन के अनुभव के आधार पर आगे इन्हें नियमित ट्रेनों में बदला जा सकता है। दक्षिण की ओर जानेवाली ट्रेनों की स्थिति 13351 धनबाद-एलेप्पी- इस माह सभी श्रेणियों में लंबी वेटिंग 12835 हटिया-बेंगलुरु- 21 जुलाई तक सभी श्रेणियों में लंबी वेटिंग 18637 हटिया-बेंगलुरु वीकली सभी श्रेणियों में 25 जुलाई तक वेटिंग 16620 धनबाद-पोदानूर वीकली 22 व 29 जून को रिग्रेट, 27 जुलाई तक वेटिंग 22837 धरती आबा हटिया से एर्नाकुलम वीकली- 27 जुलाई तक वेटिंग बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना लक्ष्य इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य झारखंड को दक्षिण भारत के प्रमुख औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्रों से बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। रेलवे लगातार प्रयास कर रहा है कि जल्द ही ये ट्रेन सेवा शुरू हो सके, ताकि यात्रियों को लंबी वेटिंग और वैकल्पिक मार्गों की परेशानी से राहत मिल सके।
एवियन-ले-बैंस (फ्रांस): फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान जहां दुनिया के प्रमुख नेताओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, यूक्रेन युद्ध, सुरक्षा और भू-राजनीतिक संकटों जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की, वहीं नेताओं की कुछ अनौपचारिक बातचीत भी सुर्खियों में रही। सबसे ज्यादा चर्चा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की रही, जिन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने पिछले एक महीने से सिगरेट को हाथ तक नहीं लगाया है। '1 मई के बाद से सिगरेट नहीं पी', मेलोनी ने किया खुलासा बैठक शुरू होने से पहले जॉर्जिया मेलोनी ने बताया कि उन्होंने उस दिन तीन कप कॉफी पी है। इस पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने उनसे पूछा कि इतनी कॉफी क्यों? जवाब में मेलोनी ने मुस्कुराते हुए कहा, "खुद को जगाए रखने के लिए।" इसके बाद जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने सुबह सिगरेट पी है? इस पर मेलोनी ने जवाब दिया, "मैंने 1 मई के बाद से सिगरेट नहीं पी है।" उनके इस जवाब पर बैठक में मौजूद नेताओं ने तालियां बजाकर और बधाई देकर उनका उत्साह बढ़ाया। मार्क कार्नी ने पूछा- निकोटीन पैच लगाया क्या? कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची और यूरोपीय संघ के अन्य प्रतिनिधियों ने मेलोनी को धूम्रपान छोड़ने के लिए बधाई दी। खुशी जाहिर करते हुए मेलोनी ने दोनों हाथ ऊपर उठा दिए। इसी दौरान मार्क कार्नी ने मजाकिया अंदाज में पूछा, "क्या आपने निकोटीन पैच लगाया है?" उनके इस सवाल पर वहां मौजूद सभी नेता हंस पड़े और माहौल हल्का-फुल्का हो गया। नेताओं ने साझा किए धूम्रपान छोड़ने के अनुभव सिगरेट छोड़ने को लेकर बातचीत आगे बढ़ी तो कई नेताओं ने अपने निजी अनुभव भी साझा किए। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने बताया कि उन्होंने 2005 में धूम्रपान छोड़ दिया था। इस पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने पूछा कि क्या उसके बाद कभी सिगरेट पी? कोस्टा ने जवाब दिया, "कभी नहीं, 21 साल हो गए।" इस बातचीत ने जी7 जैसे गंभीर मंच पर नेताओं का एक मानवीय और सहज पक्ष भी सामने ला दिया। जी7 में फिर चर्चा में आया 'मेलोडी' मोमेंट जी7 सम्मेलन के दौरान एक और दिलचस्प पल तब देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पारंपरिक 'फैमिली फोटो' से पहले आमने-सामने आए। दोनों नेताओं की दोस्ताना केमिस्ट्री पहले भी सोशल मीडिया पर 'मेलोडी' (Meloni + Modi) नाम से वायरल हो चुकी है। मुलाकात के दौरान मेलोनी ने मुस्कुराते हुए कहा, "आपसे फिर मिलकर अच्छा लगा।" बताया जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान इंस्टाग्राम का जिक्र किया। इस पर मेलोनी ने तुरंत जवाब दिया, "हां, हम इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा मशहूर हैं।" उनकी इस टिप्पणी पर आसपास मौजूद लोग हंस पड़े। जी7 में कौन-कौन से देश हुए शामिल? जी7 समूह में दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं, जिनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा शामिल हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ भी इसकी बैठकों में भाग लेता है। इस वर्ष मेजबान फ्रांस ने भारत, ब्राजील, केन्या, दक्षिण कोरिया, यूक्रेन और अन्य साझेदार देशों को भी विशेष आमंत्रित राष्ट्र के रूप में बुलाया था। सम्मेलन के एजेंडे में वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियां प्रमुख रहीं, लेकिन नेताओं के ये अनौपचारिक और हल्के-फुल्के पल भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए।
एवियन-ले-बैंस (फ्रांस): फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात एक बार फिर सुर्खियों में है। दोनों नेताओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रंप सीढ़ियां चढ़ते समय प्रधानमंत्री मोदी की कलाई पकड़कर उनके साथ आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं। यह मुलाकात करीब 16 महीने बाद दोनों नेताओं की पहली प्रत्यक्ष मुलाकात थी। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में आमने-सामने मिले थे, जब ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की थी। फोटोशूट के दौरान दिखी दोनों नेताओं की गर्मजोशी वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप अन्य विश्व नेताओं के साथ पारंपरिक फैमिली फोटो के लिए जाते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक छोटी सी सीढ़ी चढ़ते समय ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी की कलाई पकड़ते हैं और दोनों साथ आगे बढ़ते हैं। वीडियो में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी भी ट्रंप के पास खड़ी होने की कोशिश करती दिखाई देती हैं। इसी दौरान राष्ट्रपति मैक्रों कहते हैं, "Ready Everybody?" इस पर प्रधानमंत्री मोदी मुस्कुराते हुए जवाब देते हैं, "We are always ready." यह संवाद भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। हाथ मिलाने के बाद कुछ देर हुई बातचीत फोटोशूट से पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत भी की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत और अमेरिका के संबंध व्यापार, रणनीतिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर नए दौर से गुजर रहे हैं। हाल के महीनों में कई मुद्दों पर बढ़ी थीं चुनौतियां भारत-अमेरिका संबंधों को हाल के महीनों में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ट्रंप प्रशासन ने भारतीय उत्पादों पर काउंटर टैरिफ लगाए थे। इसके अलावा ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज पर अमेरिकी कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भी दोनों देशों के संबंधों को लेकर सवाल उठे थे। इन चुनौतियों के बावजूद नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच संवाद और सहयोग लगातार जारी है। मार्को रुबियो ने दिया था ट्रंप का संदेश पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को निकट भविष्य में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया था। रुबियो ने भारत को अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति का "आधार स्तंभ" बताते हुए दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया था। जी7 मंच से पीएम मोदी ने उठाया समुद्री सुरक्षा का मुद्दा जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्री व्यापार मार्गों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री व्यापार पर पड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा, "वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी भय के अपना कर्तव्य निभा सकें।" ओमान की खाड़ी में तीन भारतीय नाविकों की हुई थी मौत प्रधानमंत्री का यह बयान उस घटना के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिकी बलों ने 8 जून को 'मारिवेक्स', 9 जून को 'सेटेबेलो' और 11 जून को 'जलवीर' नामक जहाजों के खिलाफ अभियान चलाया था। अमेरिका का आरोप था कि ये जहाज ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकेबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे थे। मोदी और ट्रंप की मुलाकात को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दोनों देश व्यापार, समुद्री सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं।
एवियन (फ्रांस): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाए रखना और नाविकों की रक्षा करना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है। फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के उच्चस्तरीय सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की। यह सत्र ‘नई साझेदारियां विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत करने’ विषय पर आयोजित किया गया था, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता मौजूद थे। पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों का स्वागत, संघर्ष पर जताई चिंता प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हम पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं, लेकिन इस संघर्ष के कारण क्षेत्र के हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री व्यापार में आई बाधाओं का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।" उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं में कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है और ऐसे में समुद्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत है। भारतीय नाविकों की मौत का किया उल्लेख प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "कई भारतीय नागरिकों की मृत्यु हुई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी भय के अपना काम कर सकें।" जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीब 16 महीनों बाद मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। ओमान की खाड़ी की घटना के बाद बढ़ी चिंता प्रधानमंत्री का यह बयान ओमान की खाड़ी में हुई उस घटना के बाद आया है, जिसमें तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी। यह हादसा उस समय हुआ जब अमेरिकी बलों ने पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर 'सेटेबेलो' के खिलाफ कार्रवाई की थी। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने आरोप लगाया था कि यह टैंकर ईरान से तेल लेकर जा रहा था और अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 24 भारतीय, दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी नागरिक शामिल थे। कार्रवाई के दौरान आदित्य शर्मा, पटनाला सुरेश और शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई थी। वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा वाणिज्यिक माल परिवहन का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण इस क्षेत्र में जहाजरानी गतिविधियों पर खतरा बढ़ गया है। हाल के दिनों में भारतीय चालक दल वाले कई वाणिज्यिक जहाज अलग-अलग घटनाओं की चपेट में आ चुके हैं, जिससे नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं। 'दाता-प्राप्तकर्ता' मॉडल से आगे बढ़ने की जरूरत: मोदी जी7 के आउटरीच सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक सहयोग अब पारंपरिक 'दाता और प्राप्तकर्ता' मॉडल से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशों के बीच संबंध समानता, साझी जिम्मेदारी और आपसी विश्वास पर आधारित होने चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा 'ह्यूमैनिटी फर्स्ट' यानी 'मानवता सर्वोपरि' के सिद्धांत पर चला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन, ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस, मिशन लाइफ और 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर टिकाऊ और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। 'वसुधैव कुटुंबकम' भारत की विदेश नीति का आधार प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की वैश्विक साझेदारी की सोच 'वसुधैव कुटुंबकम' के दर्शन से प्रेरित है, जिसका अर्थ है कि पूरी दुनिया एक परिवार है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और सामूहिक विकास के लिए सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत की जी7 में 13वीं भागीदारी जी7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं- अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा- का समूह है। यूरोपीय संघ भी इसकी बैठकों में भाग लेता है। भारत इसका सदस्य नहीं है, लेकिन पिछले कई वर्षों से विशेष आमंत्रित देश के रूप में शामिल होता रहा है। इस बार भारत की जी7 में साझेदार देश के रूप में 13वीं भागीदारी रही, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सातवीं बार इस मंच पर पहुंचे हैं।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की बेंगलुरु यात्रा से पहले सुरक्षा में कथित चूक का मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री के काफिले के रास्ते के पास जिलेटिन स्टिक मिलने के बाद छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला 10 मई का है, जब प्रधानमंत्री मोदी Art of Living Foundation के 45 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उसके इंटरनेशनल सेंटर के दौरे पर जाने वाले थे। दौरे से पहले सुरक्षा जांच और निरीक्षण के दौरान पुलिस को संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिली थी। निरीक्षण के दौरान मिली जिलेटिन स्टिक जानकारी के मुताबिक, एक पुलिस कांस्टेबल को सर्किट और टाइमर लगी जिलेटिन की छड़ें बरामद हुई थीं। यह सामग्री प्रधानमंत्री के काफिले के निर्धारित मार्ग के पास मिली, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए National Investigation Agency (NIA) की टीम ने भी जांच शुरू की थी। किन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई? बेंगलुरु दक्षिण जिले के पुलिस अधीक्षक R. Srinivas Gowda ने कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं: एक सब-इंस्पेक्टर एक सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) चार कांस्टेबल प्राथमिक जांच में सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। जांच जारी फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जिलेटिन स्टिक वहां कैसे पहुंची और इसके पीछे किसी साजिश की आशंका थी या नहीं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
Giorgia Meloni ने Narendra Modi की मौजूदगी में हिंदी बोलकर सभी का ध्यान खींच लिया। इटली दौरे के दौरान मेलोनी ने हिंदी में कहा— “परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।” उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मेलोनी ने हिंदी में क्या कहा? इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि एक भारतीय शब्द है जो भारत और इटली के रिश्तों को बहुत अच्छी तरह व्यक्त करता है— “परिश्रम”। उन्होंने कहा: “परिश्रम का अर्थ है कड़ी मेहनत। भारत में एक लोकप्रिय कहावत है— परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। यानी मेहनत ही सफलता का रास्ता बनाती है।” मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली अपने संबंधों को इसी सोच और सहयोग के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं। भारत-इटली रिश्तों को मिली नई दिशा भारत और इटली के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, नई तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। पीएम मोदी ने क्या कहा? संयुक्त प्रेस बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में रोम पहुंचे थे। मेलोनी से मुलाकात के दौरान उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से भी मिले मोदी अपने इटली दौरे के दौरान पीएम मोदी ने Sergio Mattarella से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने: व्यापार प्रौद्योगिकी स्वच्छ ऊर्जा संस्कृति और नवाचार जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। तेजी से बढ़ा भारत-इटली व्यापार इटली में भारतीय दूतावास के मुताबिक, हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। साल 2025 में भारत-इटली द्विपक्षीय व्यापार लगभग 14.25 अरब यूरो तक पहुंच गया। इसमें: भारत का निर्यात: 8.55 अरब यूरो इटली का भारत को निर्यात: 5.70 अरब यूरो रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो मेलोनी का हिंदी बोलने वाला वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई यूजर्स ने इसे भारत-इटली संबंधों की बढ़ती नजदीकी का प्रतीक बताया है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 18 अप्रैल को रात के 8.30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। माना जा रहा है कि वे कुछ चौकाने वाली घोषणाएं कर सकते हैं। कुछ लोगों कयास लगा रहे हैं कि पीएम मोदी लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर कुछ खासे कहना चाहते हैं।
देहरादून: प्रधानमंत्री Narendra Modi आज Dehradun दौरे पर हैं, जहां वे Delhi–Dehradun Expressway (दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर) का उद्घाटन करेंगे। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही दिल्ली से देहरादून की दूरी घटकर करीब ढाई से तीन घंटे रह जाएगी। लाइव अपडेट्स: प्रधानमंत्री का विमान जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से वे हेलिकॉप्टर के जरिए सहारनपुर के गणेशपुर हेलीपैड पहुंचे वहां से पीएम मोदी कार से एलिवेटेड कॉरिडोर के निरीक्षण और रोड शो के लिए रवाना हुए एलिवेटेड रोड के व्यू प्वाइंट का निरीक्षण किया रोड शो के दौरान जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने फूल बरसाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया डाट काली मंदिर में पूजा प्रधानमंत्री Jai Maa Daat Kali Temple में करीब 10 मिनट तक पूजा-अर्चना करेंगे यहां उनका स्वागत मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami करेंगे जनसभा और कार्यक्रम रोड शो के बाद पीएम शहीद जसवंत सिंह मैदान पहुंचेंगे यहां जनसभा को संबोधित करेंगे कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गयी है उत्तराखंड को मिलेंगी कई सौगातें दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन कई जल विद्युत परियोजनाओं का लोकार्पण अन्य विकास योजनाओं की घोषणा दिनभर का कार्यक्रम 1:30 बजे: कार्यक्रम स्थल से जीटीसी हेलीपैड के लिए रवाना 1:50 बजे: जौलीग्रांट एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए प्रस्थान खास बातें प्रधानमंत्री बनने के बाद Narendra Modi का उत्तराखंड का यह 28वां दौरा केदारनाथ, बदरीनाथ और मुखबा जैसे धार्मिक स्थलों के कई दौरे कर चुके हैं इस बार भी धार्मिक और विकास कार्यक्रमों का संयोजन प्रधानमंत्री का यह दौरा उत्तराखंड के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के लिहाज से अहम माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
Narendra Modi ने Vigyan Bhavan में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण को 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश की नारी शक्ति को समर्पित है और लोकतंत्र को नई मजबूती देगा। संसद रचने जा रही नया इतिहास प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। यह फैसला सामाजिक न्याय को मजबूत करेगा महिलाओं की भागीदारी से लोकतंत्र और सशक्त होगा “समतामूलक भारत” के सपने को आगे बढ़ाएगा विशेष सत्र और बड़ा फैसला सरकार ने Parliament of India का विशेष सत्र 16–18 अप्रैल के बीच बुलाया है, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े अहम कदम उठाए जाएंगे। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि Nari Shakti Vandan Adhiniyam 2023 को 2023 में सर्वसम्मति से पास किया गया था। “मैं उपदेश देने नहीं, आशीर्वाद लेने आया हूं” अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा: “मैं यहां किसी को उपदेश देने नहीं आया हूं” “मैं देश की माताओं-बहनों का आशीर्वाद लेने आया हूं” उन्होंने देशभर से आई महिलाओं का आभार जताया और इसे “नए युग की शुरुआत” बताया। दशकों का इंतजार खत्म होने की बात पीएम मोदी ने कहा कि: महिला आरक्षण पर करीब 4 दशक से चर्चा चल रही थी अब इसे लागू करने का समय आ गया है लक्ष्य है कि इसे 2029 तक हर हाल में लागू किया जाए सहयोग से आगे बढ़ने की अपील प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि इस मुद्दे पर: संवाद, सहयोग और सहभागिता से आगे बढ़ें संसद की गरिमा को नई ऊंचाई दें पीएम मोदी के बयान से साफ है कि सरकार महिला आरक्षण को बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मील का पत्थर बनाना चाहती है। अब नजर संसद के विशेष सत्र और विपक्ष के रुख पर रहेगी।
Narendra Modi 14 अप्रैल को West Bengal के भाजपा कार्यकर्ताओं से ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ अभियान के तहत सीधा संवाद करेंगे। यह वर्चुअल कार्यक्रम दोपहर 4:30 बजे आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत करना है। नमो ऐप से जुड़ने का मौका इस कार्यक्रम में जुड़ने के लिए NaMo App को मुख्य प्लेटफॉर्म बनाया गया है। कार्यकर्ता इस ऐप के जरिए: अपने सुझाव और विचार साझा कर सकते हैं भविष्य की रणनीति पर फीडबैक दे सकते हैं चुने गए प्रतिभागियों को PM से सीधे बात करने का मौका मिलेगा क्या है अभियान का मकसद? Bharatiya Janata Party (BJP) का मानना है कि बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही चुनाव जीत का सबसे अहम कड़ी होता है। इस कार्यक्रम के जरिए: कार्यकर्ताओं में जोश भरना घर-घर जनसंपर्क की रणनीति समझाना केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना TMC के खिलाफ रणनीति बंगाल में Trinamool Congress (TMC) के खिलाफ बीजेपी अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है। पीएम मोदी कार्यकर्ताओं को बताएंगे: कैसे हर बूथ को मजबूत बनाया जाए चुनावी चुनौतियों और हिंसा के आरोपों के बीच संगठन को कैसे सक्रिय रखा जाए क्यों अहम है यह कार्यक्रम? पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच यह कार्यक्रम बीजेपी के लिए ग्राउंड लेवल स्ट्रेटजी को मजबूत करने का बड़ा प्रयास माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में इस डिजिटल संवाद से जुड़ने की अपील की है।
असम विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बरपेटा में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास न तो लंबी सोच है और न ही विकास का विजन, यही वजह है कि पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ रहा है। “कांग्रेस की हार की सेंचुरी बनाएंगे असम के लोग” पीएम मोदी ने कहा कि इस बार असम की जनता ने दो बड़े संकल्प लिए हैं-पहला, राज्य में भाजपा-एनडीए की हैट्रिक सुनिश्चित करना और दूसरा, कांग्रेस की हार की “सेंचुरी” पूरी करना। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में बैठे कांग्रेस के “शाही परिवार” के नामदारों के हार का रिकॉर्ड भी असम के लोग ही बनाएंगे। BJP कार्यकर्ताओं को दी बधाई बीजेपी के स्थापना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि बीजेपी “नेशन फर्स्ट” के मंत्र के साथ मां भारती की सेवा में समर्पित है। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है। “बीजेपी देती है रिपोर्ट कार्ड, कांग्रेस नहीं” पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी सरकार हमेशा अपनी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखती है, जबकि कांग्रेस ऐसा करने से बचती है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी साफ नीयत से काम करती है और जनता को बताती है कि उनके लिए क्या किया गया। “विकसित असम की दिशा में बढ़ रहा राज्य” प्रधानमंत्री ने असम के लोगों से अपील करते हुए कहा कि उनका वोट “विकसित असम” की नींव को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी असम को उस ऊंचाई तक ले जाने के लिए काम कर रही है, जिसका राज्य के लोग हकदार हैं। उन्होंने आगे कहा, “पिछला दशक असम को डर और अस्थिरता से बाहर निकालने के लिए समर्पित था। अब आने वाला दशक असम को आत्मनिर्भर बनाने और उसकी पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का होगा।” किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला पीएम मोदी ने किसानों के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस सरकार के 10 साल में धान किसानों को केवल 4 लाख करोड़ रुपये का MSP मिला, जबकि पिछले 10 साल में उनकी सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये दिए। उन्होंने यह भी बताया कि 2013 में धान का MSP करीब 1,300 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर लगभग 2,370 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। साथ ही, असम की भाजपा सरकार भी इसमें अतिरिक्त बढ़ोतरी कर रही है। चुनावी माहौल हुआ तेज पीएम मोदी की इस रैली के साथ ही असम में चुनावी माहौल और गरमा गया है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं, लेकिन बीजेपी पूरी ताकत के साथ जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश में जुटी हुई है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।