अभिनेता Saif Ali Khan ने निर्देशक Aditya Dhar की फिल्म Dhurandhar की जमकर सराहना की है। एक इंटरव्यू में सैफ ने कहा कि उन्हें अब बॉलीवुड को "धुरंधर से पहले और धुरंधर के बाद" के दौर में देखा जा सकता है। उनका मानना है कि इस फिल्म ने संगीत, कहानी और प्रस्तुति के स्तर पर इंडस्ट्री में नई सोच को जन्म दिया है। "अब जागना है या नहीं, यह हमारे ऊपर है" एक बातचीत के दौरान जब सैफ अली खान से पूछा गया कि क्या उनकी फिल्मों के चयन का नजरिया बदला है, तो उन्होंने कहा, "मैं बॉलीवुड को धुरंधर से पहले और धुरंधर के बाद के दौर में देखता हूं। अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम इस बदलाव के साथ कदम मिलाते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा कि फिल्म में संगीत को जिस तरह प्रस्तुत किया गया, वह काफी अलग और प्रभावशाली है। उनके अनुसार, हर फिल्म के लिए पूरी तरह नया एल्बम बनाने की बजाय दुनिया भर के संगीत तत्वों को अपनाने और नए प्रयोग करने का तरीका सराहनीय है। 'शरारत' गाने की भी की तारीफ सैफ ने फिल्म के लोकप्रिय गाने Shararat का भी विशेष रूप से जिक्र किया। इस गाने में Ayesha Khan और Krystle D'Souza नजर आई थीं। उन्होंने कहा कि इस गाने में दोनों कलाकारों को किसी पारंपरिक "आइटम नंबर" की तरह नहीं बल्कि शादी समारोह में स्वाभाविक रूप से डांस करते हुए दिखाया गया है। उनके मुताबिक, यह प्रस्तुति आधुनिक और ताज़गी भरी है तथा दर्शकों को असहज महसूस नहीं कराती। बॉक्स ऑफिस पर रही बड़ी सफलता निर्देशक आदित्य धर की Dhurandhar और Dhurandhar: The Revenge दिसंबर 2025 और मार्च 2026 में रिलीज हुई थीं। दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और संयुक्त रूप से 3,100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। फिल्मों में Ranveer Singh के अलावा Akshaye Khanna, Arjun Rampal, Sanjay Dutt, R. Madhavan, Rakesh Bedi और Sara Arjun भी अहम भूमिकाओं में नजर आए। सैफ अली खान की आने वाली फिल्में वर्कफ्रंट की बात करें तो सैफ अली खान हाल ही में नेटफ्लिक्स फिल्म Kartavya में नजर आए थे। अब वह पीरियड ड्रामा Hum Hindustani और निर्देशक Priyadarshan की फिल्म Haiwaan में दिखाई देंगे। इस फिल्म में वह करीब दो दशक बाद Akshay Kumar के साथ स्क्रीन साझा करेंगे।
रांची। झारखंड में औद्योगिक निवेश, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ई-गवर्नेंस और पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन की शुरुआत हुई। कार्यक्रम के पहले दिन डिजिटल गवर्नेंस, एआई और भविष्य की तकनीकों पर व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देश की प्रमुख कंपनियों और निवेशकों को झारखंड में निवेश के लिए आमंत्रित किया। ‘मैं भी झारखंड की माटी से हूं’—राजेश रंजन कार्यक्रम में उस समय खास माहौल बन गया जब गूगल के पब्लिक रिलेशन (PR) हेड राजेश रंजन ने मंच से कहा, “मैं भी झारखंड के पलामू का ही हूं।” उनके इस बयान पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि गूगल झारखंड के विकास में हरसंभव सहयोग करेगा और राज्य के युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) कार्यक्रम चलाएगा। राजेश रंजन ने कहा कि तकनीक समाज में मौजूद असमानताओं को कम करने और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गूगल राज्य में डिजिटल कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगा। डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत करने पर जोर कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अन्य प्रमुख तकनीकी संस्थानों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने, आईटी निवेश बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप राज्य को तैयार करने के लिए अपने सुझाव साझा किए। इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, उद्योग मंत्री संजय कुमार यादव, नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, आईटी सचिव पूजा सिंघल, उद्योग सचिव अरवा राजकमल, पीआरडी के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी, उद्योग निदेशक विशाल सागर और आईटी निदेशक माधवी मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य झारखंड को निवेश और डिजिटल नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता Khesari Lal Yadav और अभिनेत्री Anjana Singh से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। हाल ही में गीतकार Akhilesh Kashyap के बयान के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई। इसके जवाब में अंजना सिंह ने इंस्टाग्राम लाइव के दौरान कई तीखी बातें कहीं और पुराने घटनाक्रम का भी जिक्र किया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। अखिलेश कश्यप के बयान पर अंजना सिंह का पलटवार कुछ समय पहले अखिलेश कश्यप ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए अंजना सिंह पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि यदि उन्होंने "पोल खोल दी" तो काफी चर्चा होगी। साथ ही उन्होंने लखनऊ आने की बात भी कही थी। इन बयानों के बाद अंजना सिंह ने लाइव आकर अखिलेश कश्यप को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें डराने या दबाव बनाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए और यदि जरूरत पड़ी तो वह भी कई पुराने मामलों का खुलासा कर सकती हैं। पुराने घटनाक्रम का किया जिक्र लाइव वीडियो के दौरान अंजना सिंह ने दावा किया कि अतीत में एक ऐसी घटना हुई थी, जब खेसारी लाल यादव अपनी पत्नी के पहुंचने पर एक अभिनेत्री के साथ मौजूद थे। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया और न ही खेसारी लाल यादव की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। सोशल मीडिया पोस्ट में भी साधा निशाना अंजना सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कई पोस्ट साझा करते हुए बिना सीधे नाम लिए एक "कंट्रोवर्सी स्टार" पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद खड़ा कर सुर्खियां बटोरने की कोशिश की जा रही है और नए गानों के प्रमोशन के लिए विवादों का सहारा लिया जाता है। उन्होंने यह भी लिखा कि संबंधित कलाकार के गानों और फिल्मों को पहले जैसी सफलता नहीं मिल रही है। हालांकि, पोस्ट में किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया। अभी तक नहीं आया खेसारी लाल यादव का जवाब इस पूरे विवाद पर खेसारी लाल यादव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थक लगातार अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। जब तक किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण या ठोस साक्ष्य सामने नहीं आते, तब तक इन दावों को केवल सार्वजनिक आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। लगातार दो दिनों से दोनों देशों के बीच जवाबी हमले जारी हैं। इस बीच अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान ने आशंका बढ़ा दी है कि यह संघर्ष कुछ दिनों नहीं, बल्कि महीनों तक चल सकता है। अधिकारी ने संकेत दिया कि आगे की कार्रवाई काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले जारी रखता है या नहीं। अमेरिकी अधिकारी का दावा- संघर्ष लंबा खिंच सकता है अमेरिकी समाचार वेबसाइट Axios की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि मौजूदा सैन्य अभियान एक-दो दिन, एक सप्ताह या कई महीनों तक चल सकता है। अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका का उद्देश्य ईरान को यह संदेश देना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि ईरान अपनी आक्रामक गतिविधियां जारी रखता है, तो अमेरिकी कार्रवाई भी जारी रहेगी। ट्रंप बोले- हर हमले का मिलेगा कई गुना जवाब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच लागू अंतरिम युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है। उनका दावा है कि ईरान के हमलों के बाद अमेरिका अब सख्त सैन्य नीति अपनाएगा। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अमेरिका पर एक हमला करेगा तो जवाब में उससे कई गुना बड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमेरिका ने 90 ठिकानों पर की कार्रवाई अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरी रात ईरान के लगभग 90 ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समुद्री मार्ग को खुला रखना है। बताया गया कि इस अभियान में ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान का पलटवार अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा और किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देता रहेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव की सबसे बड़ी वजह दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य बन गया है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल निर्यात इसी समुद्री मार्ग से होता है। ऐसे में यहां जारी सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर भी पड़ सकता है.
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में एक नया विवाद चर्चा का विषय बन गया है। गीतकार और लेखक अखिलेश कश्यप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अभिनेत्री अंजना सिंह को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव के करीबी माने जाने वाले अखिलेश कश्यप के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। 'अगर पोल खोल दी तो काफी चर्चा हो जाएगी' अखिलेश कश्यप ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो वीडियो साझा किए हैं। पहले वीडियो में उन्होंने बिना किसी का नाम लिए नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कुछ लोग लगातार उनसे जवाब देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बात का जवाब देना जरूरी नहीं होता। इसके बाद दूसरे वीडियो में उन्होंने कहा कि, "अगर मैंने पोल खोल दी तो फ्री में ही काफी चर्चा हो जाएगी।" साथ ही उन्होंने लखनऊ आने का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कुछ दिखाने की बात भी कही। हालांकि, इन बयानों में उन्होंने किसी आरोप के समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया है और न ही विवाद के पूरे कारण का खुलासा किया है। सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चाएं अखिलेश कश्यप के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स उनके बयान पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल इस मामले पर अभिनेत्री अंजना सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कौन हैं अंजना सिंह? अंजना सिंह भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उन्होंने कम उम्र में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की और शुरुआती वर्षों में ही कई फिल्मों में अभिनय कर अपनी पहचान बना ली। उन्होंने अपने करियर में दिनेश लाल यादव 'निरहुआ', पवन सिंह, रवि किशन समेत भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारों के साथ काम किया है। उनकी चर्चित फिल्मों में दिल ले गई ओढ़नियावाली, दिलदार सांवरिया, बिहारी रिक्शावाला, सांकी दरोगा, नागराज और खून भरी हमार मांग जैसी फिल्में शामिल हैं। निजी जीवन भी रहा चर्चा में अंजना सिंह ने वर्ष 2013 में अभिनेता यश कुमार मिश्रा से विवाह किया था। बाद में दोनों ने वर्ष 2018 में आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया। दोनों की एक बेटी भी है। फिलहाल अखिलेश कश्यप के वायरल वीडियो और अंजना सिंह को लेकर दिए गए बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि, पूरे विवाद को लेकर दोनों पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।
कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में बॉलीवुड अभिनेत्री Alia Bhatt के कथित “इग्नोर” किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर जारी ट्रोलिंग के बीच अब अभिनेता Sonu Sood उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी कलाकार की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि को आलोचना का विषय नहीं, बल्कि गर्व का अवसर माना जाना चाहिए। ट्रोलिंग के बीच आया सोनू सूद का बयान Sonu Sood ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि जब कोई भारतीय कलाकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करता है, तो यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होता है। उन्होंने लिखा कि हर उपलब्धि को कैमरों, सुर्खियों या बाहरी मान्यता से नहीं आंका जा सकता। असली सफलता उस मेहनत और जर्नी में होती है, जिसे कलाकार ने तय किया है। “गर्व महसूस करना चाहिए, कमियां नहीं ढूंढनी चाहिए” अपने संदेश में Sonu Sood ने ट्रोलिंग मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों को दूसरों की उपलब्धियों में कमियां ढूंढने की बजाय उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने सपनों को पूरा करने में लगे रहते हैं, उनके पास दूसरों को नीचे गिराने का समय नहीं होता। क्या है पूरा मामला? दरअसल, Alia Bhatt इस साल दूसरी बार कान फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुईं। रेड कार्पेट से जुड़े कुछ वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि फोटोग्राफर्स ने उन्हें नजरअंदाज किया। कुछ यूजर्स ने इस पर सवाल उठाए, जबकि कई लोगों ने उनके लुक और आत्मविश्वास की तारीफ भी की। आलिया भट्ट का जवाब भी वायरल ट्रोलिंग के बीच Alia Bhatt ने भी एक यूजर को जवाब देते हुए कहा था कि “अफसोस किस बात का, आपने मुझे नोटिस तो किया ही।” उनके इस जवाब को सोशल मीडिया पर आत्मविश्वास और ग्रेस के रूप में देखा जा रहा है। फिल्म फेस्टिवल 23 मई तक चलेगा गौरतलब है कि कान फिल्म फेस्टिवल 2026 की शुरुआत 12 मई को हुई थी और यह 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सितारे रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
तमिल फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री Trisha Krishnan एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शुक्रवार को चेन्नई के रोहिणी सिल्वर स्क्रीन्स में उनकी फिल्म Karuppu की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान ऐसा वाकया हुआ, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। शो खत्म होने के बाद जैसे ही Trisha Krishnan बाहर निकलीं, फैंस ने उनकी कार को घेर लिया और तस्वीरें व वीडियो लेने लगे। इस दौरान फैंस लगातार Joseph Vijay के नारे लगाते नजर आए। विजय के नाम पर शरमाईं तृषा वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक फैन ने Trisha Krishnan से कहा— “थलपति को मेरा नमस्ते कहना।” इस पर एक्ट्रेस मुस्कुराईं और जवाब दिया “कंडीपा” (जरूर), जिसके बाद उन्होंने तुरंत नजरें झुका लीं। इसी दौरान उनका शरमाना और मुस्कुराना कैमरों में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस ने कार को घेरकर लगाए नारे स्क्रीनिंग के बाद जैसे ही Trisha Krishnan बाहर निकलीं, फैंस ने उनकी कार को घेर लिया। कई लोग तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे और लगातार Joseph Vijay को लेकर सवाल पूछते रहे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिससे यह मामला चर्चा में आ गया है। पहले भी साथ नजर आए थे तृषा और विजय Trisha Krishnan पहले भी कई मौकों पर Joseph Vijay के साथ नजर आ चुकी हैं, जिसके चलते दोनों के रिश्ते को लेकर अक्सर अटकलें लगती रही हैं। हाल ही में एक शादी समारोह में दोनों को एक साथ देखा गया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं। सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में जोड़ी फैंस के बीच यह वीडियो अब नए सिरे से चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे सिर्फ फैन मोमेंट बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे लेकर अलग-अलग कयास लगा रहे हैं।
Ayushmann Khurrana की लेटेस्ट फिल्म Pati Patni Aur Woh Do ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षाकृत धीमी शुरुआत की है। फिल्म ने पहले दिन लगभग ₹3.50 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया, जिससे यह उनके करियर की 8वीं सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म बन गई है। हालांकि फिल्म की यह ओपनिंग उनके पिछले हिट्स की तुलना में कमजोर मानी जा रही है, लेकिन यह फिर भी टॉप 10 ओपनर्स की लिस्ट में जगह बनाने में सफल रही। ‘Thamma’ अभी भी सबसे बड़ी ओपनर Ayushmann Khurrana के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म अभी भी Thamma बनी हुई है, जिसने पहले दिन करीब ₹23 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया था। इसके बाद Dream Girl 2 और Dream Girl जैसी फिल्मों ने भी मजबूत ओपनिंग दर्ज की थी, लेकिन Thamma ने सभी रिकॉर्ड्स को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है। टॉप 10 ओपनर्स की पूरी लिस्ट Thamma – ₹23 करोड़ Dream Girl 2 – ₹9.75 करोड़ Dream Girl – ₹9.50 करोड़ Bala – ₹9.25 करोड़ Shubh Mangal Zyada Saavdhan – ₹8.75 करोड़ Badhaai Ho – ₹7.25 करोड़ Article 15 – ₹4.75 करोड़ Pati Patni Aur Woh Do – ₹3.50 करोड़ (expected) Doctor G – ₹3.50 करोड़ Nautanki Saala – ₹3.25 करोड़ आगे की उम्मीदें फिल्म इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि वीकेंड कलेक्शन और वर्ड ऑफ माउथ पर Pati Patni Aur Woh Do का प्रदर्शन काफी हद तक निर्भर करेगा। अब सभी की नजरें Ayushmann Khurrana की आने वाली फिल्मों Yeh Prem Mol Liya और Udta Teer पर टिकी हुई हैं, जो उनके करियर ग्राफ को फिर से मजबूत कर सकती हैं।
मराठी और हिंदी सिनेमा के दर्शकों के बीच बहुप्रतीक्षित फिल्म Raja Shivaji ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत दर्ज की है। अभिनेता-निर्देशक Riteish Deshmukh का यह ड्रीम प्रोजेक्ट पहले ही दिन चर्चा का केंद्र बन गया है। खास तौर पर फिल्म में Salman Khan के कैमियो ने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। पहले दिन की कमाई ने चौंकाया ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 11.35 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसमें हिंदी वर्जन से करीब 3.35 करोड़ रुपये, जबकि मराठी वर्जन से लगभग 8 करोड़ रुपये की कमाई हुई। ग्रॉस कलेक्शन 13.51 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो एक मजबूत ओपनिंग का संकेत है। कड़ी टक्कर के बीच बनाई जगह फिल्म की रिलीज ऐसे समय पर हुई है जब बॉक्स ऑफिस पर कई बड़ी फिल्में पहले से मौजूद हैं। Aamir Khan के प्रोडक्शन की फिल्म Ek Din, हॉलीवुड की The Devil Wears Prada 2, Michael और Dhurandhar: The Revenge जैसी फिल्मों के बीच ‘राजा शिवाजी’ ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। फिल्म की खासियत क्या है? ‘राजा शिवाजी’ Chhatrapati Shivaji Maharaj के जीवन पर आधारित एक भव्य ऐतिहासिक फिल्म है। इसमें रितेश देशमुख ने न सिर्फ मुख्य भूमिका निभाई है, बल्कि लेखन और निर्देशन भी किया है। फिल्म में Sanjay Dutt, Abhishek Bachchan, Vidya Balan, Genelia Deshmukh और Boman Irani जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए हैं। संगीत मशहूर जोड़ी Ajay-Atul ने दिया है, जो फिल्म की भव्यता को और बढ़ाता है। आगे की कमाई पर टिकी नजर पहले दिन की अच्छी ओपनिंग के बाद अब सभी की नजर वीकेंड कलेक्शन पर है। अगर फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो खासकर मराठी बाजार में इसकी कमाई में तेजी देखने को मिल सकती है।
बॉलीवुड अभिनेता Varun Dhawan और अभिनेत्री Mrunal Thakur की बहुप्रतीक्षित फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। लंबे समय से चर्चा में बनी इस रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म का फर्स्ट लुक 13 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट में भी अहम बदलाव किया है, जिससे दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। फिल्म के फर्स्ट लुक में Varun Dhawan का एनर्जेटिक अंदाज और Mrunal Thakur की फ्रेश स्क्रीन प्रेजेंस देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर इस झलक को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। फिल्म का टोन हल्का-फुल्का, मनोरंजक और पूरी तरह फैमिली एंटरटेनमेंट वाला नजर आ रहा है। इस फिल्म की एक और बड़ी खासियत है कि इसका निर्देशन दिग्गज फिल्ममेकर David Dhawan ने किया है। इससे पहले Varun Dhawan और David Dhawan की जोड़ी ‘मैं तेरा हीरो’ और ‘जुड़वा 2’ जैसी सफल फिल्मों में साथ काम कर चुकी है। यह उनकी तीसरी फिल्म है, जिससे दर्शकों को एक बार फिर हिट कॉमेडी की उम्मीद है। फिल्म में Pooja Hegde और Mouni Roy भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी, जिससे फिल्म का स्टार पावर और बढ़ गया है। रिलीज डेट में बदलाव पहले यह फिल्म 12 जून 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब मेकर्स ने इसे प्रीपोन कर दिया है। नई घोषणा के अनुसार, Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai अब 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यानी दर्शकों को अब इस फिल्म के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा। फर्स्ट लुक और रिलीज डेट में बदलाव के साथ ही फिल्म ने रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच मजबूत चर्चा बना ली है। अब देखना होगा कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर क्या कमाल दिखाती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।