रणबीर कपूर

Ramayana Part 1
24 जुलाई को रिलीज होगा 'रामायण पार्ट 1' का ट्रेलर, दिवाली पर सिनेमाघरों में आएगी रणबीर कपूर की फिल्म

मुंबई, एजेंसियां। निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण पार्ट 1' को लेकर दर्शकों का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। फिल्म के निर्माताओं ने आधिकारिक तौर पर ट्रेलर रिलीज की तारीख का एलान कर दिया है। मेकर्स के अनुसार, 24 जुलाई को फिल्म का ट्रेलर दुनियाभर में एक साथ रिलीज किया जाएगा। इस घोषणा के साथ एक नया पोस्टर भी साझा किया गया है, जिसमें भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण राजमहल की पृष्ठभूमि में दिखाई दे रहे हैं।   पोस्टर के साथ साझा किया भावनात्मक संदेश फिल्म के निर्माताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्टर साझा करते हुए लिखा कि हजारों वर्षों से रामायण ने कई पीढ़ियों को धर्म, मर्यादा, साहस और धैर्य का मार्ग दिखाया है। अब इसी कालजयी महाकाव्य को आधुनिक तकनीक और भव्यता के साथ बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया जाएगा। मेकर्स का दावा है कि यह भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक होगी।   मल्टीस्टारर फिल्म में नजर आएंगे कई बड़े कलाकार फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। इसके अलावा यश, सनी देओल, रवि दुबे, अरुण गोविल, काजल अग्रवाल और लारा दत्ता सहित कई प्रमुख कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म को नमित मल्होत्रा की प्राइम फोकस स्टूडियोज, ऑस्कर विजेता वीएफएक्स स्टूडियो डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं।   दो भागों में रिलीज होगी 'रामायण' निर्माताओं के अनुसार, यह फिल्म दो भागों में रिलीज की जाएगी। 'रामायण पार्ट 1' दिवाली 2026 पर दुनियाभर के सिनेमाघरों और आईमैक्स स्क्रीन पर रिलीज होगी, जबकि 'रामायण पार्ट 2' दिवाली 2027 में दर्शकों के सामने आएगी। भव्य विजुअल इफेक्ट्स, बड़े स्टारकास्ट और पौराणिक कथा के आधुनिक प्रस्तुतीकरण के कारण फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह देखा जा रहा है। अब 24 जुलाई को रिलीज होने वाला ट्रेलर इस बहुप्रतीक्षित फिल्म की पहली विस्तृत झलक पेश करेगा।

abhishek singh जुलाई 11, 2026 0
Nissan Tekton SUV showcased with modern styling, highlighting finance options, EMI plans, and premium features.
Nissan Tekton EMI Plan: ₹2 लाख डाउन पेमेंट में घर ला सकते हैं नई SUV, जानें बेस और टॉप मॉडल की EMI

निसान इंडिया की नई Nissan Tekton SUV भारतीय बाजार में लॉन्च हो चुकी है। आकर्षक डिजाइन, 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग, टर्बो पेट्रोल इंजन और प्रीमियम फीचर्स के साथ आने वाली इस SUV की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹10.49 लाख है, जबकि इसके टॉप वेरिएंट की कीमत ₹18.59 लाख (एक्स-शोरूम) रखी गई है। अगर आप एकमुश्त भुगतान करने के बजाय फाइनेंस पर यह SUV खरीदना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं कि बेस और टॉप मॉडल के लिए कितनी डाउन पेमेंट और मासिक EMI देनी पड़ सकती है। ₹2 लाख डाउन पेमेंट पर कितनी होगी EMI? यदि आप Nissan Tekton Visia T160 1.0 Turbo Petrol बेस वेरिएंट खरीदते हैं, तो इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹10.49 लाख है। संभावित फाइनेंस गणना के अनुसार: एक्स-शोरूम कीमत: ₹10.49 लाख अनुमानित ऑन-रोड कीमत (दिल्ली): ₹12,09,056 डाउन पेमेंट: ₹2 लाख लोन अवधि: 5 वर्ष ब्याज दर: 9.8% (अनुमानित) अनुमानित मासिक EMI: ₹21,340 नोट: वास्तविक EMI बैंक की ब्याज दर, डाउन पेमेंट, प्रोसेसिंग शुल्क और लोन की शर्तों के अनुसार अलग हो सकती है। टॉप मॉडल के लिए कितनी देनी होगी EMI? अगर आप Nissan Tekton Tekna Plus T280 1.3 DCT टॉप वेरिएंट खरीदना चाहते हैं, तो आपको अधिक डाउन पेमेंट और EMI देनी होगी। संभावित फाइनेंस विवरण: एक्स-शोरूम कीमत: ₹18.59 लाख अनुमानित ऑन-रोड कीमत (दिल्ली): ₹21,44,660 डाउन पेमेंट: ₹5 लाख लोन अवधि: 5 वर्ष ब्याज दर: 9% (अनुमानित) अनुमानित मासिक EMI: ₹34,140 Nissan Tekton के प्रमुख फीचर्स नई Nissan Tekton में कई आधुनिक और प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— पैनोरमिक सनरूफ 10.1 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम 10.25 इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर वायरलेस फोन चार्जिंग 360-डिग्री कैमरा Google Built-in और Google Maps डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल वेंटिलेटेड और पावर्ड फ्रंट सीट्स इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक पावर्ड टेलगेट पैडल शिफ्टर्स My Nissan App के जरिए रिमोट स्टार्ट/स्टॉप इंजन और माइलेज Nissan Tekton दो टर्बो-पेट्रोल इंजन विकल्पों के साथ उपलब्ध है। 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल 3-सिलेंडर इंजन 100 hp की पावर 166 Nm टॉर्क 1.3-लीटर टर्बो पेट्रोल 4-सिलेंडर इंजन 163 hp की पावर 280 Nm टॉर्क दावा किया गया माइलेज: 18.5 kmpl कब शुरू होगी डिलीवरी? Nissan Tekton की बुकिंग शुरू हो चुकी है। कंपनी के अनुसार इसकी डिलीवरी 20 जुलाई 2026 से शुरू होगी।  

surbhi जुलाई 11, 2026 0
Ranbir Kapoor Ramayana
सैन डिएगो कॉमिक-कॉन 2026 में गूंजेगी 'रामायण', रणबीर कपूर और यश स्टारर फिल्म का होगा भव्य ग्लोबल प्रेजेंटेशन

मुंबई, एजेंसियां। निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' अब वैश्विक मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रही है। रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी स्टारर इस मेगा बजट फिल्म का सैन डिएगो कॉमिक-कॉन 2026 में भव्य प्रेजेंटेशन किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय इवेंट में फिल्म की पहली झलक, कॉन्सेप्ट आर्ट और विजुअल वर्ल्ड को दुनिया भर के दर्शकों और फिल्म विशेषज्ञों के सामने पेश किए जाने की तैयारी है।    दुनियाभर के दर्शकों को साधने की तैयारी   निर्माता नमित मल्होत्रा और उनकी टीम 'रामायण' को सिर्फ भारतीय फिल्म नहीं, बल्कि एक वैश्विक सिनेमाई अनुभव के रूप में पेश करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत हॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन उद्योग के सबसे बड़े मंचों में शामिल सैन डिएगो कॉमिक-कॉन को चुना गया है। मेकर्स का मानना है कि इस इवेंट से फिल्म को दुनिया भर में बड़ी पहचान मिलेगी और इसकी रिलीज से पहले ही वैश्विक चर्चा तेज होगी।   दमदार स्टारकास्ट और हाई-एंड VFX पर टिकी नजरें   फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। मेकर्स का दावा है कि 'रामायण' भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक होगी, जिसमें विश्वस्तरीय VFX, भव्य सेट और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। फिल्म को दो भागों में रिलीज करने की योजना है और इसे लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही जबरदस्त उत्साह बना हुआ है।

abhishek singh जुलाई 11, 2026 0
Bollywood news
रणबीर कपूर संग फिल्म की अफवाहों पर राजकुमार हिरानी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 'फिलहाल ऐसा कोई प्रोजेक्ट नहीं'

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड निर्देशक राजकुमार हिरानी ने अभिनेता रणबीर कपूर के साथ नई फिल्म बनाने की चल रही अटकलों पर आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल वह रणबीर कपूर के साथ किसी नई फिल्म पर काम नहीं कर रहे हैं, हालांकि भविष्य में उनके साथ दोबारा काम करने की इच्छा जरूर है।   क्या बोले राजकुमार हिरानी?   एक इंटरव्यू में हिरानी ने कहा कि मीडिया में कई बार ऐसी खबरें आ जाती हैं कि वह किसी फिल्म पर काम कर रहे हैं, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं होता। उन्होंने हंसते हुए कहा कि कई बार उन्हें भी अखबारों से पता चलता है कि वह कौन-सी फिल्म बना रहे हैं।   उन्होंने कहा,   "नहीं, मैं फिलहाल रणबीर कपूर के साथ कोई फिल्म नहीं बना रहा हूं। लेकिन भविष्य में उनके साथ फिर से काम करना जरूर चाहूंगा।"   क्यों उड़ी थीं अफवाहें?   हाल के दिनों में खबरें सामने आई थीं कि 'संजू' की सफलता के बाद राजकुमार हिरानी और रणबीर कपूर एक नई फिल्म के लिए फिर साथ आने वाले हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया था कि दोनों एक खिलाड़ी की जिंदगी पर आधारित फिल्म की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि हिरानी ने इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया।   किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं हिरानी?   राजकुमार हिरानी ने बताया कि उनका फिलहाल ध्यान अपनी आगामी OTT परियोजना 'Pritam and Pedro' पर है। इसके अलावा उन्होंने पुष्टि की कि '3 Idiots' का सीक्वल और 'Munna Bhai 3' दोनों की स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है, लेकिन अभी दोनों फिल्मों के निर्माण की तारीख तय नहीं हुई है।   फैंस को करना होगा इंतजार   हिरानी के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल रणबीर कपूर और उनके बीच किसी नई फिल्म की आधिकारिक योजना नहीं है। हालांकि उन्होंने भविष्य में साथ काम करने की संभावना से इनकार नहीं किया, जिससे फैंस को आने वाले समय में इस सुपरहिट जोड़ी की वापसी की उम्मीद लगी हुई है।

anjali kumari जून 27, 2026 0
Imtiaz Ali speaking about Alia Bhatt and Ranbir Kapoor while addressing the nepotism debate in Bollywood.
Imtiaz Ali ने किया Alia Bhatt और Ranbir Kapoor का बचाव, बोले- स्टार किड्स को बाहरी लोगों से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है

फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने एक हालिया इंटरव्यू में बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर चल रही बहस पर खुलकर अपनी राय रखी। रणबीर कपूर और आलिया भट्ट के साथ काम कर चुके निर्देशक का मानना है कि फिल्मी परिवारों से आने वाले कलाकारों को भी अपनी पहचान बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है और कई बार उन्हें बाहरी लोगों से भी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। 'अपने परिवार की सफलता से होती है तुलना' Zoom को दिए इंटरव्यू में इम्तियाज अली ने कहा कि आलिया भट्ट, रणबीर कपूर और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों के सामने अलग तरह की चुनौतियां होती हैं। उन्होंने कहा कि इन कलाकारों के सामने अपने ही परिवार के सफल सदस्यों जैसा प्रदर्शन करने का दबाव रहता है और वे अपनी सफलता की तुलना अपने घर के लोगों से करते हैं। इम्तियाज अली के मुताबिक, एक बाहरी व्यक्ति के तौर पर उन्हें चीजें अपेक्षाकृत आसान लगीं, लेकिन उनके अनुसार फिल्मी परिवार में जन्म लेने वालों पर लगातार खुद को साबित करने का अतिरिक्त दबाव होता है। रणबीर कपूर की जमकर की तारीफ इम्तियाज अली ने कहा कि आज रणबीर कपूर इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं और उन्हें सिर्फ "नेपो किड" कहकर उनकी प्रतिभा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि रणबीर हर किरदार में खुद को पूरी तरह ढाल लेते हैं। इम्तियाज ने कहा कि रणबीर में एक गिरगिट जैसी क्षमता है, जिसके कारण दर्शक स्क्रीन पर रणबीर कपूर को नहीं बल्कि उनके किरदार को देखते हैं। 'Lord Ram के रूप में देखने का इंतजार' नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभाने जा रहे हैं। इस पर इम्तियाज अली ने कहा कि वह बेहद उत्साहित हैं और देखना चाहते हैं कि रणबीर इस किरदार को किस तरह निभाते हैं। उनके अनुसार, रणबीर पहले भी 'रॉकस्टार' के जॉर्डन, 'बर्फी' और कई अलग-अलग किरदारों में खुद को साबित कर चुके हैं। आलिया भट्ट के लिए कही बड़ी बात आलिया भट्ट की तारीफ करते हुए इम्तियाज अली ने कहा कि वह इतनी शानदार अभिनेत्री हैं कि लोग उनसे ईर्ष्या करने के बजाय उन्हें और अधिक मौके मिलते देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्मी परिवारों से आने वाले कलाकारों को अपनी प्रतिभा साबित करने के लिए लगातार अधिक मेहनत करनी पड़ती है।  

surbhi जून 6, 2026 0
Deepika Chikhaliya reacting to Ranbir Kapoor Ramayana teaser, expressing excitement for upcoming mythological film
रणबीर कपूर की ‘रामायण’ पर टीवी की सीता दीपिका चिखलिया का रिएक्शन, बोलीं – “फिल्म का इंतजार है”

रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘रामायण’ का टीजर रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है। टीजर में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आए, जिसे फैंस के साथ-साथ कई सेलेब्स ने भी खूब पसंद किया है। अब इस पर रामानंद सागर की ‘रामायण’ की सीता, यानी एक्ट्रेस दीपिका चिखलिया ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। दीपिका चिखलिया को कैसा लगा टीजर? दीपिका चिखलिया ने फिल्म के टीजर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें यह काफी भव्य और खूबसूरत लगा। इंडिया टुडे से बातचीत में उन्होंने कहा: “मैंने टीजर देखा और ये बहुत ग्रैंड है। बहुत रिच लग रहा है। उन्होंने बहुत अच्छे से बनाया है। अब मैं फिल्म का इंतजार कर रही हूं। ये बहुत खूबसूरत लग रहा है, इसमें कोई शक नहीं है।” उनके इस बयान के बाद फैंस के बीच फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट और बढ़ गई है। फिल्म ‘रामायण’ की स्टार कास्ट डायरेक्टर नितेश तिवारी की इस फिल्म में बड़ी स्टारकास्ट देखने को मिलेगी: रणबीर कपूर – भगवान राम साई पल्लवी – माता सीता रवी दुबे – लक्ष्मण सनी देओल – हनुमान फिल्म को नमित मल्होत्रा प्रोड्यूस कर रहे हैं। कब रिलीज होगी फिल्म? ‘रामायण’ को दो पार्ट में रिलीज किया जाएगा: पहला पार्ट – दिवाली 2026 दूसरा पार्ट – दिवाली 2027 कौन हैं दीपिका चिखलिया? दीपिका चिखलिया 1980 के दशक में आए रामानंद सागर के ‘रामायण’ में माता सीता का किरदार निभाकर घर-घर में मशहूर हुईं। इस शो में अरुण गोविल भगवान राम बने थे आज भी लोग दीपिका को “सीता मां” के रूप में याद करते हैं इसके अलावा उन्होंने कई फिल्मों में भी काम किया है, जैसे: सुन मेरी लैला, चीख, घर का चिराग, रुपये दस करोड़, खुदाई, गालिब आदि।  

surbhi अप्रैल 3, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

India vs England Series
स्पोर्ट्स

इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0