राहुल गांधी

Rahul Gandhi
राहुल गांधी आज देहरादून में 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत युवाओं से करेंगे संवाद, पेपर लीक समेत शिक्षा के मुद्दों पर होगी चर्चा

देहरादून, एजेंसियां। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य देशभर के छात्रों की समस्याओं को सुनकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।   पेपर लीक को लेकर सरकार पर हमला   कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि "यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की चोरी है।" उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार इस समस्या पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।   छात्रों से सीधे संवाद करेंगे राहुल   कांग्रेस नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी कार्यक्रम के दौरान छात्रों के सवालों का जवाब देंगे और भर्ती परीक्षाओं, रोजगार के अवसरों तथा शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनके सुझाव भी सुनेंगे। अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में ऐसे संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि युवाओं की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जा सके।   राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा कार्यक्रम   विश्लेषकों के अनुसार, उत्तराखंड में आयोजित यह कार्यक्रम केवल छात्र संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कांग्रेस के युवा संपर्क अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। आगामी राजनीतिक गतिविधियों और संसद के मानसून सत्र से पहले यह कार्यक्रम युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Rahul Gandhi
विदेश से लौटते ही एक्शन में राहुल गांधी, पंजाब कांग्रेस विवाद पर खड़गे के साथ की अहम बैठक

नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस नेता राहुल गांधी विदेश दौरे से लौटते ही पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर अहम बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में पंजाब कांग्रेस में चल रहे विवाद और संगठन को मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई।   पंजाब कांग्रेस की कलह पर हुई चर्चा   सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पंजाब कांग्रेस के नेताओं के बीच चल रहे मतभेद और संगठनात्मक चुनौतियों पर मंथन किया गया। पार्टी नेतृत्व अब राज्य में गुटबाजी को कम करने और संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।   भूपेश बघेल देंगे स्थिति पर रिपोर्ट   बैठक के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब कांग्रेस की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर पार्टी आगे संगठनात्मक बदलावों पर फैसला ले सकती है।   'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की भी तैयारी   राहुल गांधी की वापसी के बाद कांग्रेस उनके आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी सक्रिय है। उत्तराखंड के देहरादून में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज है। कार्यक्रम स्थल को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच विवाद सामने आया है।   कांग्रेस में बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां   राहुल गांधी की वापसी के बाद पार्टी के भीतर बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस नेतृत्व आने वाले समय में संगठन, राज्यों की राजनीति और जन मुद्दों को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ाने की तैयारी में है।

abhishek singh जुलाई 15, 2026 0
Sonia Gandhi Narendra Modi
गाजा मुद्दे पर केंद्र और विपक्ष में तीखी बयानबाजी, सोनिया गांधी के लेख से सियासी घमासान

नई दिल्ली, एजेंसियां। गाजा में जारी संघर्ष को लेकर भारत की विदेश नीति पर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा केंद्र सरकार की नीति की आलोचना करने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस ने सरकार पर गाजा संकट को लेकर "चुप्पी" साधने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर "वोट बैंक की राजनीति" करने का आरोप लगाया।   सोनिया गांधी ने उठाए सवाल   सोनिया गांधी ने एक लेख में कहा कि गाजा को लेकर केंद्र सरकार का रुख भारत की पारंपरिक विदेश नीति और नैतिक जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी से भारत की नैतिक और रणनीतिक स्थिति प्रभावित हुई है।   राहुल गांधी ने भी किया समर्थन   लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोनिया गांधी के लेख का समर्थन करते हुए कहा कि भारत को "नैतिक स्पष्टता" के साथ अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार का रुख भारत की पारंपरिक कूटनीतिक नीति से अलग दिखाई देता है।   भाजपा का पलटवार   भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत की गाजा नीति संतुलित रही है। पार्टी का कहना है कि भारत ने लगातार शांति, मानवीय सहायता और युद्धविराम की आवश्यकता का समर्थन किया है तथा संयुक्त राष्ट्र में भी इसी दिशा में अपना रुख स्पष्ट किया है। भाजपा ने कांग्रेस पर विदेश नीति के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।   विदेश नीति पर बढ़ी राजनीतिक बहस   गाजा संकट को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच जारी बयानबाज़ी से यह मुद्दा घरेलू राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि सरकार ने अपनी आधिकारिक नीति में कोई बदलाव घोषित नहीं किया है और भारत अब भी क्षेत्र में शांति, मानवीय सहायता तथा संवाद के माध्यम से समाधान की बात दोहरा रहा है।

abhishek singh जून 28, 2026 0
Rahul Gandhi
राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं से 'छात्रों की गूंज' अभियान तेज करने की अपील, युवाओं के मुद्दों को गांव-गांव तक ले जाने का आह्वान

नई दिल्ली, एजेंसियां। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश इकाइयों, भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) से 'छात्रों की गूंज' अभियान को देशभर में और तेज करने की अपील की है। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा शिक्षा, रोजगार, भर्ती में देरी और परीक्षा प्रणाली से जुड़े गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं, इसलिए उनकी आवाज़ को हर जिले और हर राज्य तक पहुंचाना जरूरी है।   नेताओं को लिखा पत्र   राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को लिखे पत्र में कहा कि 'छात्रों की गूंज' केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश के छात्रों और युवाओं की आवाज़ को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने और अधिक से अधिक छात्रों को इससे जोड़ने का आग्रह किया।   किन मुद्दों पर फोकस?   कांग्रेस के इस अभियान में मुख्य रूप से इन मुद्दों को उठाया जा रहा है: प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक भर्ती परीक्षाओं में देरी बढ़ती शिक्षा फीस युवाओं में बेरोजगारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पार्टी का कहना है कि इन मुद्दों से लाखों छात्र प्रभावित हो रहे हैं और उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाना चाहिए।   40 दिन तक चलेगा अभियान   कांग्रेस ने 'छात्रों की गूंज' अभियान को 40 दिनों के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के रूप में शुरू किया है। इसके तहत विभिन्न राज्यों में छात्र सम्मेलन, संवाद कार्यक्रम, हस्ताक्षर अभियान और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का लक्ष्य छात्रों और युवाओं की मांगों को व्यापक जनसमर्थन दिलाना है।   पहले भी उठा चुके हैं छात्र मुद्दे   राहुल गांधी इससे पहले भी राजस्थान के कोटा सहित कई स्थानों पर छात्रों से संवाद कर चुके हैं। उन्होंने परीक्षा में अनियमितता, पेपर लीक और रोजगार के मुद्दों को लगातार उठाया है। अब पार्टी इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की मूड में है।

abhishek singh जून 28, 2026 0
Imran Pratapgarhi
"देश की शिक्षा व्यवस्था ICU में है" — इमरान प्रतापगढ़ी ने रांची में केंद्र सरकार पर साधा निशाना

रांची। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी बुधवार को रांची पहुंचे। रांची प्रेस क्लब में "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और पेपर लीक मामलों पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में शिक्षा के चौपट होते भविष्य को बचाने के लिए एक बड़े आंदोलन की शुरुआत की जा रही है।   23 लाख छात्र मानसिक तनाव में, कई ने गंवाई जान NEET परीक्षा का जिक्र करते हुए इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि पेपर लीक के कारण करीब 23 लाख छात्र भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में कई छात्रों ने इस भ्रष्ट व्यवस्था से निराश होकर अपनी जान गंवा ली। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा — "तुझको कितनों का लहू चाहिए ऐ अर्ज-ए-वतन, कितनी आहों से कलेजा तेरा ठंडा होगा।" उन्होंने इन मौतों का जिम्मेदार सीधे तौर पर लचर सिस्टम को ठहराया।   थर्मामीटर बदलने से बुखार नहीं उतरता सरकार द्वारा एयरफोर्स के विमानों से परीक्षा केंद्रों तक पेपर पहुंचाने के फैसले पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि गठरी बदलने से सामान नहीं बदलता और थर्मामीटर बदलने से बुखार नहीं उतरता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए सेना का इस्तेमाल कर रही है और यदि एक पेपर सुरक्षित करवाने के लिए भी सेना की मदद लेनी पड़े तो शिक्षा मंत्रालय को ही बर्खास्त कर देना चाहिए।   सरकार के अंदर बैठे हैं बड़े मगरमच्छ इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक करने वाले लोग सरकारी सिस्टम के अंदर से ही काम कर रहे हैं। सरकार केवल छोटी मछलियों को पकड़कर खानापूर्ति कर रही है जबकि बड़ी कुर्सियों पर बैठे मगरमच्छों को बचाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर साल "परीक्षा पर चर्चा" का इवेंट करते हैं लेकिन 23 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटकने पर एक शब्द भी नहीं बोला।   कांग्रेस की तीन बड़ी मांगें सांसद ने बताया कि कांग्रेस देश के 28 प्रमुख शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीन मांगें उठा रही है — पेपर लीक मुक्त पारदर्शी परीक्षा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा और हर प्रतियोगी परीक्षा का वार्षिक कैलेंडर जारी करना।   9 अगस्त को दिल्ली चलो का आह्वान इमरान प्रतापगढ़ी ने बताया कि राहुल गांधी पटना, इलाहाबाद, बेंगलुरु और दिल्ली में छात्रों से लगातार मिल रहे हैं। 9 अगस्त को देशभर के छात्रों को दिल्ली बुलाया गया है जहां वे संसद का घेराव कर सरकार को कड़ा संदेश देंगे।

abhishek singh जून 25, 2026 0
Thalapathy Vijay Rahul Gandhi
थलापति विजय के 52वें जन्मदिन पर राहुल गांधी का खास संदेश, बोले- तमिल लोगों के अधिकारों की रक्षा में आपके साथ

चेन्नई, एजेंसियां। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख थलापति विजय ने रविवार को अपना 52वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर देशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिलीं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संदेश की रही। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर विजय को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य और सफल भविष्य की कामना की। साथ ही उन्होंने कहा कि वह तमिल लोगों के अधिकारों, सम्मान और आकांक्षाओं की रक्षा तथा राज्य की प्रगति के लिए विजय के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।   राहुल गांधी ने अपने संदेश में लिखा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थिरु जोसेफ विजय को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि वह विजय के सभी प्रयासों की सफलता की कामना करते हैं और राज्य के विकास के लिए उनके साथ खड़े हैं।   राहुल गांधी और थलापति विजय राहुल गांधी और थलापति विजय के बीच राजनीतिक रिश्ते पिछले कुछ समय में काफी मजबूत हुए हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने डीएमके के साथ चुनाव लड़ा था, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके बाद कांग्रेस ने अपने विधायकों के समर्थन का ऐलान कर राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दी।   दोनों दलों की नजदीकियों का एक और उदाहरण  दोनों दलों की नजदीकियों का एक और उदाहरण हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में देखने को मिला। टीवीके ने कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट दी, जिस पर कांग्रेस ने प्रवीण चक्रवर्ती को उम्मीदवार बनाया और वे संसद के उच्च सदन पहुंचे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भविष्य में दोनों दलों के बीच सहयोग को और मजबूत करने का संकेत है।   राहुल गांधी के जन्मदिन संदेश को केवल औपचारिक शुभकामना नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस और टीवीके के मजबूत होते रिश्तों के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। आने वाले समय में दोनों दलों की रणनीति और साझेदारी पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

abhishek singh जून 22, 2026 0
Shashi Tharoor Narendra MODI
शशि थरूर की पीएम मोदी पर टिप्पणी से सियासी घमासान, बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस सांसद शशि थरूर  द्वारा नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक पहल की सराहना करने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के रुख का समर्थन करते हुए थरूर के बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और राहुल गांधी  को निशाने पर लिया।   थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  के साथ सार्वजनिक और निजी दोनों बैठकों में भारत की चिंताओं को स्पष्ट रूप से रखा। उन्होंने कहा कि युद्ध की परिस्थितियों में वाणिज्यिक जहाजों पर तैनात नागरिक नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि वे सैनिक नहीं होते। थरूर ने यह भी कहा कि भारतीय ध्वज वाले और अन्य जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक कार्यरत हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा भारत की प्राथमिक चिंता है।   कांग्रेस ने उठाए थे सवाल इससे पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि ओमान की खाड़ी में एक व्यापारिक पोत पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पार्टी ने सवाल उठाया था कि अमेरिका से इस घटना पर जवाब या खेद व्यक्त करने की मांग क्यों नहीं की गई।   भाजपा ने राहुल गांधी को घेरा थरूर के बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया। भाजपा प्रवक्ता Pradeep Bhandari ने कहा कि थरूर की टिप्पणी ने राहुल गांधी के आरोपों की पोल खोल दी है। उन्होंने दावा किया कि जब राष्ट्रीय हित की बात आती है तो प्रधानमंत्री मोदी मजबूती से भारत का पक्ष रखते हैं, जबकि कांग्रेस नेतृत्व लगातार सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाता रहा है।   गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की यह द्विपक्षीय मुलाकात जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान लगभग 16 महीने बाद हुई, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और अन्य वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।

abhishek singh जून 20, 2026 0
Youth Congress workers in Varanasi display Rahul Gandhi as Lord Parashuram during his 56th birthday celebrations on the Ganga ghat.
राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में दिखाने पर विवाद, BJP बोली- यह हिंदू धर्म का अपमान

  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के 56वें जन्मदिन के अवसर पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित कार्यक्रम ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में चित्रित किया गया, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी आपत्ति जताई है। वाराणसी में अनोखे अंदाज में मनाया गया जन्मदिन वाराणसी में गंगा घाट पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का जन्मदिन प्रतीकात्मक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ मनाया। इस दौरान उनकी एक तस्वीर प्रदर्शित की गई, जिसमें उन्हें भगवान परशुराम के स्वरूप में दिखाया गया था। तस्वीर में राहुल गांधी के एक हाथ में फरसा और दूसरे हाथ में भारतीय संविधान की प्रति दिखाई गई। कार्यकर्ताओं ने तस्वीर पर दूध अर्पित कर जन्मदिन मनाया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। BJP ने जताई कड़ी आपत्ति भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे हिंदू धर्म और उसकी आस्थाओं का अपमान बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस के लिए राहुल गांधी भगवान हो सकते हैं, लेकिन हिंदुओं के लिए नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में चित्रित करना हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हिंदू परंपराओं का लगातार अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने समय-समय पर हिंदू परंपराओं, धार्मिक प्रतीकों और मान्यताओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अतीत में "हिंदू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और कई अवसरों पर हिंदू धार्मिक आयोजनों को लेकर विवादित टिप्पणियां कीं। कांग्रेस की ओर से नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया इस विवाद पर समाचार लिखे जाने तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में दिखाने का उद्देश्य सामाजिक न्याय, संविधान और समानता के संदेश को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत करना था। राजनीतिक बहस तेज राहुल गांधी के जन्मदिन समारोह के दौरान सामने आई इस तस्वीर ने एक बार फिर धर्म और राजनीति के संबंधों पर बहस छेड़ दी है। भाजपा इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बता रही है, जबकि कांग्रेस समर्थक इसे प्रतीकात्मक राजनीतिक अभिव्यक्ति के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद राजनीतिक रूप से और तूल पकड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब देश में विभिन्न दल धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर एक-दूसरे पर लगातार निशाना साध रहे हैं।  

Deepshikha जून 20, 2026 0
Rahul Gandhi receives birthday wishes from PM Narendra Modi and Congress leaders on his 56th birthday.
PM Modi Wishes Rahul Gandhi on Birthday: पीएम मोदी ने राहुल गांधी को दी जन्मदिन की बधाई, अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की

  नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार (19 जून, 2026) को 56 वर्ष के हो गए। उनके जन्मदिन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई दी। प्रधानमंत्री ने लिखा, "लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं।" 56 साल के हुए राहुल गांधी राहुल गांधी का जन्म 19 जून, 1970 को नई दिल्ली में हुआ था। वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पुत्र हैं। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद हैं और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। राहुल गांधी पिछले 22 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं और कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया प्रेरणास्रोत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने X पर पोस्ट कर राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि संविधान के आदर्शों के प्रति राहुल गांधी की अटूट निष्ठा और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। खरगे ने कहा कि समावेशिता, सामाजिक न्याय, सद्भाव और करुणा की कांग्रेस पार्टी की परंपरा राहुल गांधी के सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच निरंतर संवाद और सत्ता के सामने निर्भीक होकर सच बोलने के कारण राहुल गांधी ने समाज के कमजोर और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज को मजबूती से उठाया है। पवन खेड़ा ने राहुल गांधी के संघर्ष को सराहा कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि बहुत कम नेताओं ने लंबे समय तक इतनी तीखी आलोचना और लगातार सार्वजनिक जांच-परख का सामना किया है। पवन खेड़ा ने कहा, "ऐसी परिस्थितियों में अधिकांश लोग सार्वजनिक जीवन से पीछे हट जाते हैं, लेकिन राहुल गांधी को कमजोर करने का हर प्रयास उनके संकल्प को और मजबूत करता गया, उनकी राजनीति को और परिपक्व बनाता गया तथा जनता से उनके संबंध को और गहरा करता गया।" राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके लंबे एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।  

Deepshikha जून 19, 2026 0
Tejashwi Yadav
RJD किंग मेकर! क्या कांग्रेस से बिहार का बदला लेंगे तेजस्वी

रांची। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए कल 19 जून को चुनाव होंगे। इसमें दो सीटों के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में हैं। इसलिए गुरुवार को वोटिंग होगी। बीजेपी के समर्थन से परिमल नाथवानी के निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक बन गया है।  नाथवानी 755 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। राजनीतिक गलियारे में माना जा रहा है कि वह ‘हिसाब-किताब’ करके मैदान में डटे हैं। उनके इस गणित को कांग्रेस हॉर्स ट्रेडिंग का नाम दे रही है। तेजस्वी के 4 विधायक सबसे अहम इंडी ब्लॉक के पास 56 विधायक हैं। अगर सब एकजुट रहे तो उनकी दोनों सीटों पर जीत तय है। नाथवानी या कांग्रेस के प्रणव झा जीतेंगे यह तेजस्वी के चार विधायक तय करेंगे। एक सीट जीतने के लिए चाहिए 28 विधायक राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायक चाहिए। इंडी ब्लॉक के पास 56 विधायक हैं। इसके अनुसार सभी ने वोट दिए और कोई क्रॉस वोटिंग नहीं हुई, तो गठबंधन के दोनों उम्मीदवार जीत जाएंगे। लेकिन, भाजपा समर्थित परिमल नाथवानी की मौजूदगी ने इस खेल को इतना सीधा और आसान नहीं रहने दिया है। क्या है संख्या बल? झारखंड में विधानसभा की कुल 81 सीटें हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 28 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोटों की जरूरत है। इंडिया ब्लॉक में शामिल झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक हैं। दूसरी ओर NDA में भाजपा के 21, आजसू के 1, जेडीयू के 1 और LJP (R) के 1 विधायक हैं। कुल संख्या 24 हुई। इस हिसाब से NDA को चार विधायकों की जरूरत है।   झामुमो के बैजनाथ राम की जीत पक्की हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली पार्टी झामुमो के उम्मीदवार बैजनाथ राम की जीत पक्की मानी जा रही है। उन्हें 28 वोट चाहिए और पार्टी के पास 34 विधायक हैं। मतलब जरूरत से 6 अधिक। इंडिया ब्लॉक की ओर से दूसरे उम्मीदवार कांग्रेस के प्रणव झा हैं। इनका मुकाबला परिमल नाथवानी से है।   क्यों तेजस्वी यादव के हाथ आई जीत दिलाने की ताकत? कांग्रेस के प्रणव झा को जीत तभी मिलेगी, जब उन्हें झामुमो के बचे हुए 6, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक वोट दें। दूसरी ओर नाथवानी को NDA के 24 विधायकों का वोट मिलना तय माना जा रहा है। ऐसे में इंडी ब्लॉक की पार्टियों के चार विधायक टूट जाते हैं और नाथवानी के समर्थन में वोट कर देते हैं, तो उनकी जीत हो जाएगी। बिहार में बीजेपी कर चुकी खेला तेजस्वी यादव की पार्टी राजद के चार विधायक हैं। इनके पास ताकत है कि नाथवानी या प्रणव में से किसी एक को जीत दिला दें। बिहार में भाजपा ने मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के विधायकों को तोड़कर पहले ही उदाहरण पेश कर दिया है। इधर, कांग्रेस के नेताओं ने पटना में तेजस्वी यादव से मुलाकात की है। उनसे राज्यसभा चुनाव में राजद के चारों विधायकों के वोट कांग्रेस उम्मीदवार को दिलाने की अपील की। क्या बिहार का बदला झारखंड में ले सकते हैं तेजस्वी? मार्च में बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए चुनाव हुए थे। सत्ताधारी गठबंधन NDA के पास 4 प्रत्याशी को जीत दिलाने लायक संख्या बल था। वहीं, विपक्ष की सभी पार्टियों के विधायक वोट देते तो महागठबंधन की ओर से राजद के उम्मीदवार ए़डी सिंह जीत सकते थे। 16 मार्च 2026 को मतदान हुए, नतीजे चौंकाने वाले आए। कांग्रेस के तीन विधायक गायब रहे। राजद के एक विधायक भी वोट डालने नहीं आए। इसके चलते एनडीए के 5वें उम्मीदवार को जीत मिल गई। बिहार में कांग्रेस के 6 विधायक हैं, इनमें से 3 ने राजद उम्मीदवार को वोट नहीं दिया। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है कि क्या तेजस्वी बिहार में मिली हार का बदला झारखंड में कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर ले सकते हैं। राहुल गांधी ने तीन बार हेमंत सोरेन से बात की ऐसा न हो इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व भी एक्टिव है। राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन से तीन बार बात की है। बिहार में कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह के माध्यम से कांग्रेस नेतृत्व की बात तेजस्वी यादव से हुई है। दूसरी ओर एक चर्चा यह भी है कि NDA में भी टूट हो सकती है। विधायक सरयू राय की नाराजगी की खबर आती रहती है। परिमल को जिताने के लिए NDA के पास 2 ऑप्शन 1- RJD के चारों विधायकों को तोड़ लें। ऐसा करने पर NDA के 24 और राजद के 4 विधायक मिलकर 28 हो जाएंगे। वह कांग्रेस या भाकपा माले के विधायकों को अपने साथ लाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्हें किसी तरह चार विधायकों का वोट चाहिए। 2- दूसरा विकल्प है कि 10 विधायकों को वोट नहीं देने या इस तरह मतदान करने के लिए मना लें कि उनके वोट रद्द हो जाएं। ऐसे में कुल वैध वोटों की संख्या 71 हो जाएगी। जीत के लिए जरूरी संख्या बल गिरकर 24 हो जाएगा।

abhishek singh जून 17, 2026 0
Sushmita Dev
TMC में टूट जारी, एक और राज्यसभा सांसद का इस्तीफा

ममता से अब तक 58 विधायक, 20 लोकसभा सांसद अलग हुए, अभिषेक राहुल से मिले नई दिल्ली, एजेंसियां। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में लगातार टूट जारी है। बुधवार को राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और पद से इस्तीफा दे दिया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। पिछले 3 दिनों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पहले 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था, पार्टी भी छोड़ दी थी। इधर इस्तीफा देने के बाद सुष्मिता देव ने असम के मुख्यमंत्री हिमता बिस्वा सरमा से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद कयास लगाये जा रहे हैं कि वह भी बीजेपी से जुड़ सकती हैं।  कुल 22 सांसद टीएमसी छोड़ चुके टीएमसी के लोकसभा में 28 में से 20 सांसद और राज्यसभा में 13 में से 2 सांसद यानी कुल 22 सांसद टूट चुके हैं। 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। इस गुट ने ऋतब्रत को अपना नेता बनाया है। ऋतब्रत ने बुधवार को कहा कि हमारे पास 64 विधायक हैं। ये लोग भी स्पीकर अपनी चिट्ठी सौंपेंगे। राहुल से मिले अभिषेक इस बीच ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। एक दिन पहले ममता सोनिया गांधी से मिलीं थीं। मुलाकात के बाद अब ममता कोलकाता लौट चुकी हैं।

abhishek singh जून 11, 2026 0
Rahul Gandhi wearing an auto driver uniform and sharing a meal with auto-rickshaw drivers in Delhi
राहुल गांधी ने पहनी ऑटो ड्राइवरों की वर्दी, चालकों के साथ जमीन पर बैठकर किया भोजन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को एक बार फिर आम लोगों के बीच अलग अंदाज में नजर आए। कांग्रेस सांसद ने दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर ऑटो रिक्शा चालकों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और उनके साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। राहुल गांधी इस दौरान ऑटो ड्राइवरों की वर्दी पहने हुए दिखाई दिए। उन्होंने ऑटो चालकों के साथ बातचीत कर उनकी रोजमर्रा की चुनौतियों, सामाजिक सुरक्षा, बीमा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। संसद में आवाज उठाने का दिया आश्वासन मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने ऑटो चालकों को भरोसा दिलाया कि उनके मुद्दों को संसद में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेहनतकश वर्ग की समस्याओं को समझना और उन्हें उचित मंच पर रखना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। ऑटो चालकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की जानकारी दी। राहुल गांधी ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आवश्यक सहायता के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया। चालकों के साथ सादा भोजन किया कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने ऑटो चालकों के साथ जमीन पर बैठकर सादा भोजन भी किया। इस दौरान उन्होंने अनौपचारिक बातचीत करते हुए उनकी सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली। मुलाकात के बाद एक ऑटो चालक ने बताया कि राहुल गांधी ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और बीमा योजनाओं समेत अन्य सुविधाओं के मुद्दे पर सहयोग का आश्वासन दिया। चालक ने कहा कि यह मुलाकात उनके लिए यादगार अनुभव रही। पहले भी आम लोगों के बीच पहुंचते रहे हैं राहुल गांधी यह पहला अवसर नहीं है जब राहुल गांधी आम लोगों के बीच इस तरह पहुंचे हों। इससे पहले भी वे भारत जोड़ो यात्रा के दौरान ट्रक चालकों के साथ सफर करते, मैकेनिकों के साथ काम करते और विभिन्न वर्गों के लोगों से सीधे संवाद करते नजर आए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी लगातार विभिन्न पेशों से जुड़े लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और उनसे संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में ऑटो चालकों के साथ उनकी यह मुलाकात भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।  

surbhi मई 30, 2026 0
Rahul Gandhi addressing a public rally in Haryana while attacking BJP and Prime Minister Narendra Modi
हरियाणा में राहुल गांधी का बीजेपी पर बड़ा हमला, बोले- अब सत्ता से विदाई तय

Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को हरियाणा में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा का सत्ता में बने रहने का समय अब खत्म होने वाला है और जनता जल्द इसका जवाब देगी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ अगर कोई पार्टी मजबूती से खड़ी हो सकती है, तो वह केवल कांग्रेस है. राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाएं और भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए संघर्ष तेज करें. “बीजेपी ने चुनाव चोरी करने का सिस्टम बनाया” राहुल गांधी ने अपने भाषण में भाजपा पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने हरियाणा में चुनाव “चोरी” किया और अब पश्चिम बंगाल तथा असम में भी वही रणनीति अपनाई गई है. उन्होंने आरोप लगाया, “इन्होंने चुनाव चोरी करने का सिस्टम बना दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयोग और नौकरशाही को कंट्रोल कर रखा है.” राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर भाजपा सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रही है. भारत जोड़ो यात्रा का किया जिक्र कार्यक्रम में राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि करीब 4000 किलोमीटर की यात्रा के दौरान उन्हें देश की जनता की समस्याओं को करीब से समझने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के युवा नेताओं को भी ऐसी यात्राएं करनी चाहिए ताकि वे जनता से सीधे जुड़ सकें और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझ सकें. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी साधा निशाना राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की भी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से अमेरिका को फायदा हुआ, जबकि भारत को कोई बड़ा लाभ नहीं मिला. राहुल गांधी ने कहा, “अमेरिका के दबाव में आकर पीएम मोदी ने ऐसा समझौता किया है, जिससे भारत के कृषि क्षेत्र को नुकसान हो सकता है.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से भारत का पक्ष नहीं रख पा रहे हैं. “नफरत नहीं, मोहब्बत से चलेगा हिंदुस्तान” अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने सामाजिक सौहार्द और प्रेम का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि देश नफरत और हिंसा से नहीं, बल्कि मोहब्बत और भाईचारे से आगे बढ़ सकता है. इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला, राव नरेंद्र सिंह और बीके हरिप्रसाद शामिल थे.  

surbhi मई 9, 2026 0
Congress election campaign strategy meeting during West Bengal Assembly Election 2026 with Rahul and Priyanka Gandhi discussion
बंगाल चुनाव 2026: कांग्रेस सभी सीटों पर, फिर भी राहुल-प्रियंका क्यों रहेंगे दूर?

नई दिल्ली: पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में बड़ा दांव खेलते हुए सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि पार्टी के प्रमुख चेहरे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाएंगे या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं की भागीदारी बेहद सीमित रह सकती है। रणनीति: संसाधनों का सीमित और लक्षित इस्तेमाल कांग्रेस इस बार पूरे राज्य में चुनाव लड़ रही है, लेकिन पार्टी की रणनीति “हर सीट पर पूरा जोर” देने की नहीं, बल्कि चुनिंदा मजबूत सीटों पर फोकस करने की बताई जा रही है। पार्टी नेतृत्व मानता है कि जिन क्षेत्रों में उसकी पकड़ अपेक्षाकृत मजबूत है, वहीं संसाधनों और प्रचार का अधिक उपयोग किया जाए। यही वजह है कि बड़े नेताओं के प्रचार कार्यक्रम भी सीमित रखे जा सकते हैं। TMC के साथ ‘अघोषित समझ’ की चर्चा राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच एक अघोषित समझ हो सकती है। माना जा रहा है कि अगर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बड़े स्तर पर प्रचार करते हैं, तो बीजेपी विरोधी वोट - खासकर अल्पसंख्यक वोट - बंट सकते हैं, जिससे भारतीय जनता पार्टी को फायदा मिल सकता है। इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व भी संयमित प्रचार रणनीति अपना रहा है। मुस्लिम बहुल इलाकों पर खास नजर मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे जिलों में अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या अधिक है, और यहीं कांग्रेस के कुछ मजबूत उम्मीदवार मैदान में हैं। पार्टी चाहती है कि इन क्षेत्रों में वोटों का विभाजन न हो, इसलिए बड़े नेताओं की एंट्री को सीमित रखा जा सकता है, ताकि स्थानीय समीकरण प्रभावित न हों। पिछले चुनावों का अनुभव भी बना आधार अगर पिछले चुनावों पर नजर डालें, तो राहुल गांधी ने 2021 विधानसभा चुनाव में केवल एक दिन और दो सीटों पर ही प्रचार किया था। वहीं 2024 लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने बंगाल में सीमित रैलियां की थीं, जबकि देशभर में उन्होंने 100 से ज्यादा सभाएं की थीं। इससे साफ संकेत मिलता है कि बंगाल में कांग्रेस की रणनीति हमेशा से सीमित लेकिन केंद्रित प्रचार की रही है। क्या होगा आगे? फिलहाल यह तय नहीं है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पूरी तरह प्रचार से दूर रहेंगे या कुछ सीटों पर औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराएंगे। लेकिन इतना स्पष्ट है कि कांग्रेस इस बार संतुलित और रणनीतिक खेल खेल रही है, जिसमें हर कदम सोच-समझकर उठाया जा रहा है।  

surbhi अप्रैल 11, 2026 0
Rahul Gandhi interacting with students at Marian College Kuttikkanam discussing The Kerala Story 2 controversy
‘लोग केरल स्टोरी-2 नहीं देख रहे, यह अच्छी खबर’ – केरल में छात्रों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी का बयान

  कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने कहा कि फिल्म The Kerala Story 2: Goes Beyond को ज्यादा लोग नहीं देख रहे हैं और यह एक अच्छी खबर है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजकल फिल्मों, टीवी और मीडिया का इस्तेमाल तेजी से प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए किया जा रहा है। राहुल गांधी ने यह टिप्पणी Marian College Kuttikkanam में छात्रों से बातचीत के दौरान की। कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने फिल्मों के प्रोपेगैंडा के रूप में इस्तेमाल किए जाने को लेकर सवाल पूछा था। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि “अच्छी बात यह है कि केरल स्टोरी लोगों को खोखली लग रही है और वे इसे देखने नहीं जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि इससे यह भी साफ होता है कि कई लोग केरल की परंपरा और संस्कृति को सही तरीके से समझ नहीं पाए हैं।   फिल्मों और मीडिया के इस्तेमाल पर जताई चिंता राहुल गांधी ने कहा कि आज फिल्मों, टेलीविजन और मीडिया का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है। इनके जरिए लोगों को बदनाम करने और समाज में फूट डालने की कोशिश होती है, जिससे कुछ लोगों को फायदा मिलता है और दूसरों को नुकसान। छात्रों से बातचीत में कही ये बातें छात्रों के साथ संवाद के दौरान राहुल गांधी ने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी: उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में एक खास विचारधारा का दबाव बढ़ रहा है और कई वाइस-चांसलर की नियुक्ति उसी आधार पर की जा रही है। AI और डेटा: राहुल ने कहा कि भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अपने डेटा पर नियंत्रण रखना होगा, क्योंकि अमेरिका और चीन इस क्षेत्र में काफी आगे हैं। वैश्विक राजनीति: उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया में तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है, क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा उत्पादन का केंद्र है। व्यक्तिगत रुचियां: राहुल गांधी ने बताया कि उन्हें शतरंज और मार्शल आर्ट पसंद है और फिट रहने के लिए वे तैराकी, दौड़ और व्यायाम करते हैं। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं केसी वेणुगोपाल और डीन कुरियाकोस के साथ केरल के पारंपरिक मार्शल आर्ट कलारीपयट्टू के कुछ स्टेप्स भी आजमाए।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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