1598 – फ़्रांस के शासक हेनरी चतुर्थ ने नांत का प्रख्यात आदेश जारी किया। इस आदेश के आधार पर प्रोटेस्टेन्ट ईसाईयों को पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता दी गयी। 1642 – डच खगोलशास्त्री क्रिश्चियन ह्यूगेंस ने मंगल के दक्षिणी ध्रुव की चोटी का पता लगाया। 1645 – स्वीडन और डेनमाक ने ब्रह्मसब्ररो शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। 1784 – भारत में प्रशासनिक सुधारों के लिए पिट्स इंडिया विधेयक ब्रिटिश संसद में पेश हुआ। 1814 – दासों के व्यापार को समाप्त करने के लिए ब्रिटेन और हालैंड के बीच समझौता हुए। 1892 – अमेरिकी समाचार पत्र 'एफ्रो-अमेरिकन' का बाल्टीमोर से प्रकाशन शुरू हुआ। 1898 – जार्ज डेवी के नेतृत्व में अमेरिकी सेना ने फिलिपींस की राजधानी मनीला पर कब्जा किया। 1902 - इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को एक विकेट से हराकर ओवल की प्रसिद्ध जीत दर्ज की। 1913 - इंग्लैंड के हैरी ब्रेअर्ली, शेफील्ड ने स्टेनलेस स्टील का आविष्कार किया। 1914 – फ्रांस ने आस्ट्रिया और हंगरी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1918 – दुनिया भर में शानदार कारें बनाने वाली कंपनी बीएमडब्ल्यू एक पब्लिक कंपनी बनी। 1951 – भारत में निर्मित पहले विमान हिंदुस्तान ट्रेनर 2 ने पहली उड़ान भरी। 1951 – ब्रिटेन और ईरान के बीच नये तेल संधि पर हस्ताक्षर हुए। 1956 – राष्ट्रीय राजमार्ग लोकसभा में विधेयक पारित हुआ। 1960 – केंद्रीय अफ़्रीक़ा नामक देश फ़्रांस के कब्ज़े से स्वतंत्र हुआ। पहले इसका नाम आबांकीशारी था। 1977 - अंतरिक्ष शटल के पहले ग्लाइड का परीक्षण किया गया। 1981 – अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा आर्थिक क्षतिपूर्ति कर कानून में हस्ताक्षर किए। 1993 - वाशिंगटन में इजरायल एवं फिलिस्तीन के बीच शांति समझौता सम्पन्न। 1993 - थाईलैंड के नाखोन रचासिमा में होटल ढह जाने से 114 लोग गए। 1994 - सं.रा. अमेरिका और उत्तरी कोरिया के बीच जेनेवा में परमाणु निरस्त्रीकरण के संबंध में ऐतिहासिक सहमति। 1999 - लेखिका तसलीमा नसरीन की नई पुस्तक 'आमार मऐबेला' (मेरा बचपन) पर बांग्लादेश सरकार ने प्रतिबंध लगाया। 1999 - स्टेफ़ी ग्राफ़ ने टेनिस से सन्न्यास लिया। 2000 - रोनाल्ड वेनेशिअन सूरीनाम के नये राष्ट्रपति नियुक्त। 2002 - इंटरपोल ने नेपाल के 8 माओवादी आतंकवादियों की तलाश के लिए 'रेड कार्नर' नोटिस जारी किया। 2004 - यूनानी सभ्यता की नुमाइश के साथ ग्रीस के एथेंस में 28 वां ओलंपिक खेलों की शुरूआत हुई। 2005 - श्रीलंका के विदेश मंत्री लक्ष्मण कादिरगमर की हत्या एवं उसके बाद इमरजेंसी लागू। 2008 - विश्व की प्रमुख इस्पात कंपनी टाटा स्टील ने वियतनाम में संयुक्त रूप से इस्पात परिसर के निर्माण के लिए वहाँ की दो प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता किया। 2008 - भारत ने मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्वर (एमबीआरएल) वीपन सिस्टम पिनाक का सफल परीक्षण किया। 2008 - प्रसिद्ध अर्धशास्त्री व रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर चक्रवर्ती संगराजन को राज्यसभा के लिए नामित किया गया। 2015 - इराक के बगदाद में एक ट्रक में बम विस्फोट से 76 लोग मारे गये और 212 अन्य घायल हुए। 2019 - केंद्र सरकार ने मोटरसाइकिल पर यात्रा करते समय 4 साल से ऊपर के बच्चों के लिए 'हेडगियर' अनिवार्य कर दिया । 2019 - आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं ने एक कम लागत वाला नैदानिक उपकरण (diagnostic device) विकसित किया है,जो एक अंगुली ( फिंगरप्रिक) से लिए गए रक्त का उपयोग करके विभिन्न रोग परीक्षण कर सकता है। 2020 - भारत सरकार द्वारा मालदीव को 100 मिलियन अमरीकी डालर का अनुदान और 400 मिलियन अमरीकी डालर का ऋण प्रदान करने की घोषणा हुई। 2020 - अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में ऐतिहासिक समझौता हुआ। 2020 - चीन ने आधिकारिक तौर पर “क्लीन योर प्लेट कैंपेन” का एक नया संस्करण लॉन्च किया। 2021 - भारत देश में एक साल तक चलने वाला आजादी का 'अमृत महोत्सव' शुरू हुआ। 2021 - तालिबान विद्रोहियों ने अफ़ग़ानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार पर क़ब्ज़ा कर लिया। 2022 - केंद्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद के नए मुख्यालय कार्यालय भवन का उद्घाटन हुआ। 2022 - भारत और ओमान के बीच आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास अल नजफ IV महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में संपन्न हुआ। 2022 - केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की पहली सेलाइन वाटर लालटेन का शुभारम्भ किया। 2022 - चंडीगढ़ में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए विश्व की सबसे बड़ी मानवीय छवि प्रदर्शित की गई। 2022 - सियाचिन ग्लेशियर की बर्फ में दबकर शहीद हुए शहीद लांसनायक चंद्रशेखर का शव 38 साल बाद मिला। 2023 - भारतीय वायु सेना ने अपने बेड़े में 'हेरॉन मार्क 2' ड्रोन को शामिल किया। 2023 - पाकिस्तान में चीनी इंजीनियर्स के काफिले पर हमले में 4 चीनी नागरिक समेत 13 की मौत हुई। 2023 - महाराष्ट्र के ठाणे के अस्पताल में 48 घंटे में 18 मरीजों की मौत हुई। 2023 - हिमाचल प्रदेश में सोलन के जादोन गांव में देर रात बादल फटने से 7 लोगों की मौत, 13 लापता हुए। 2023 - यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में रूस की गोलाबारी में 7 लोगों की मौत हुई व 22 घायल हुए। 2023 - इथियोपिया के अमहारा क्षेत्र में हुए हवाई हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए। 2023 - उत्तरी यमन में बिजली गिरने से 4 की मौत हुई व 4 घायल हुए। 2023 - फ्रांस के दक्षिणी शहर ग्रासे में आग लगने से 3 लोगों की मौत हुई व 18 लोग घायल हुए। 2024 - 1000 किलोग्राम वजनी लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम 'गौरव' का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया गया। 2025 - राजस्थान के दौसा में भीषण सड़क दुर्घटना में 11 श्रद्धालुओं की मौत हुई, जिनमें 7 बच्चे और 4 महिलाएं थी। 13 अगस्त को जन्मे व्यक्ति 1638 - दुर्गादास, मारवाड़ शासक महाराजा जसवंत सिंह के मंत्री आसकरण राठौड़ के पुत्र थे। 1848 - रमेश चन्द्र दत्त - अंग्रेज़ी और बंगला भाषा के प्रसिद्ध लेखक, ये धन के बहिर्गमन की विचारधारा के प्रवर्तक तथा महान् शिक्षाशास्त्री थे। 1863 - गंगाप्रसाद वर्मा - प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ। 1887 - नरेन्द्र मोहन सेन - भारत के प्रसिद्ध कांतिकारी। 1899 – प्रख्यात फिल्म निर्माता अल्फ़्रेड हिचकॉक का जन्म हुआ। उनकी पहली फिल्म 1920 ईसवी में प्रदर्शित हुई। 1933 - मधुर जाफरी एक भारतीय अभिनेत्री। 1936- वैजयंती माला - भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री। 1952 - योगिता बाली - हिन्दी सिनेमा जगत की जानीमानी अभिनेत्रियों में से एक हैं। 1959 – इंग्लैंड के क्रिकेट खिलाड़ी ब्रूश फ्रेंच का जन्म नॉटिंघमशायर में हुआ। वे दाएं हाथ के बल्लेबाज थे। 1963 - श्रीदेवी - भारतीय सिनेमा की ख्यातिप्राप्त अभिनेत्रियों में से एक थीं। 1984 - उषा नेगिसेटी - भारतीय महिला मुक्केबाज़। 2000 - सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी एक भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी। 13 अगस्त को हुए निधन 1795 - अहिल्याबाई होल्कर - भारत की वीरांगनाओं में से एक। 1910 - फ़्लोरेन्स नाइटिंगेल - 'आधुनिक नर्सिग आन्दोलन की जन्मदाता' एक नर्स थीं। 1936 - भीकाजी कामा - प्रसिद्ध भारतीय महिला क्रांतिकारी। 1988 - गजानन जागीरदार - हिन्दी फ़िल्मों के एक प्रसिद्ध अभिनेता थे। 2003 - भवेन्द्रनाथ सइकीया असमिया भाषा के विख्यात साहित्यकार। 2018 - सोमनाथ चटर्जी - प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ , पूर्व लोकसभा अध्यक्ष तथा 'भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी' के प्रमुख नेताओं में से एक थे। 2023 - ब्राज़ील के इतिहासकार, ब्राज़ीलियन एकेडमी ऑफ़ लेटर्स के सदस्य जोस मुरिलो डे कार्वाल्हो (83) का निधन हुआ। 2023 - प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित एमआरएस राव (75) का बेंगलुरु में निधन हुआ। 2024 - ग्रीक संगीतकार और संगीतज्ञ जॉर्ज लियोत्साकोस (89) का निधन हुआ। 2025 - नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 'आजाद हिंद फौज' की झाँसी की रानी महिला रेजिमेंट की जांबाज सिपाही भारती आशा सहाय (97) का निधन हुआ (12 अगस्त की देर रात को)। 2025 - प्रसिद्ध भाषाविद , विद्वान व एक विशेष 'चार-भाषीय शब्दकोश' के रचनाकार ज्ञात्येला श्रीधरन (86) का निधन हुआ। 13 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव श्री द्वारयात्रा (चिंचवड)। मेला श्री छिन्नमस्तिका (चिन्तपूर्णी) हि.प्र. शुरु। आचार्य प्रहलाद केशव अत्रे जयन्ती। श्रीमती भीकाजी कामा स्मृति दिवस। वीर दुर्गादास राठौड़ जयन्ती (388वींं)। महारानी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि (231वीं)। देशभक्त दिवस (Patriot's Day , मणिपुर)। विश्व अंगदान दिवस (World Organ Donation Day)। अंतर्राष्ट्रीय भेड़िया दिवस (International Wolf Day)। अंतर्राष्ट्रीय बाएं हाथ वालों का दिवस (International Left-Handers Day)। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।