मुंबई, एजेंसियां। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की लंबी भूख हड़ताल को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कई फिल्मी हस्तियों के समर्थन के बीच अब बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने भी पहली बार इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सुपरहिट फिल्म ‘3 इडियट्स’ का किरदार सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था। दूसरी ओर, आमिर खान की पूर्व पत्नी और फिल्म निर्माता किरण राव ने सोशल एक्टिविस्ट के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई है। एक पत्रकार ने आमिर खान से क्या पूछ लिया? ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट में फिल्म ‘लगान’ की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान एक पत्रकार ने आमिर खान से पूछा कि क्या वे सोनम वांगचुक से प्रेरित रहे हैं। इस पर आमिर ने कहा कि यह धारणा पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि जब ‘3 इडियट्स’ बनाई जा रही थी, तब न वे, न निर्देशक राजकुमार हिरानी और न ही फिल्म के लेखक सोनम वांगचुक को जानते थे। आमिर ने क्या कहा? आमिर ने कहा, “मैंने हाल ही में ‘चतुर’ वाले वीडियो को देखा, लेकिन उसमें कही गई बात सही नहीं है। ‘3 इडियट्स’ सोनम वांगचुक पर आधारित फिल्म नहीं है। हालांकि, मैं उनके काम का सम्मान करता हूं और मानता हूं कि वे समाज के लिए बेहतरीन कार्य कर रहे हैं।” अभिनेता ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर कोई उनकी सेहत को लेकर चिंतित है और उम्मीद करता है कि जल्द ही सकारात्मक समाधान निकले तथा वे अपना अनशन समाप्त कर स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किरण राव ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान वहीं, किरण राव ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में सोनम वांगचुक और उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठे अन्य लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि वे छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे सभी लोगों के साथ खड़ी हैं और न्याय की मांग के लिए किए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करती हैं। किरण राव ने कहा किरण राव ने कहा कि 19 दिनों से जारी इस भूख हड़ताल पर सत्ता की चुप्पी बेहद दुखद और अमानवीय है। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद स्थापित करने, उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने और इस गतिरोध का जल्द समाधान निकालने की अपील की। उनके मुताबिक लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार को संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे पर पहल करनी चाहिए।
मुंबई: अभिनेता आमिर खान ने अपनी तीसरी शादी के बाद लग रहे 'लव जिहाद' के आरोपों पर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी वर्तमान पत्नी गौरी स्प्रैट हिंदू नहीं बल्कि ईसाई हैं और उनकी किसी भी पत्नी ने शादी के बाद अपना धर्म नहीं बदला। हाल के दिनों में आमिर खान की शादी को लेकर सोशल मीडिया और कुछ संगठनों की ओर से सवाल उठाए गए थे। इसी बीच उनके खिलाफ धार्मिक आधार पर आपत्तियां भी दर्ज कराई गईं। अब अभिनेता ने पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखा है। "हमारा परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है" आमिर खान ने कहा कि उनका परिवार हमेशा विभिन्न धर्मों का सम्मान करने और साथ लेकर चलने में विश्वास करता है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच विवाह हुए हैं। आमिर के अनुसार, उनकी दोनों बहनों की शादी हिंदू परिवारों में हुई है, उनकी बेटी ने भी एक हिंदू परिवार में विवाह किया है, जबकि उनके एक रिश्तेदार ने ईसाई महिला से शादी की है। उनका कहना है कि उनके परिवार में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता। "मेरी किसी भी पत्नी ने धर्म परिवर्तन नहीं किया" आमिर खान ने कहा कि उनकी तीनों शादियां सिविल मैरिज के माध्यम से हुईं और उनकी किसी भी पत्नी ने विवाह के बाद धर्म परिवर्तन नहीं किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गौरी स्प्रैट हिंदू नहीं बल्कि ईसाई हैं। आमिर के मुताबिक, उनकी निजी जिंदगी में धर्म परिवर्तन का कभी कोई मुद्दा नहीं रहा। शादी के बाद बढ़ा था विवाद आमिर खान ने हाल ही में गौरी स्प्रैट के साथ विवाह किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी शादी को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ संगठनों ने इस विवाह पर आपत्ति जताते हुए अभिनेता पर 'लव जिहाद' से जुड़े आरोप लगाए, जबकि कई लोगों ने इसे दो वयस्कों का निजी निर्णय बताया। धार्मिक टिप्पणी और विवाद आमिर खान की शादी के बाद उत्तर प्रदेश में एक धार्मिक नेता द्वारा उनके विवाह को लेकर सार्वजनिक टिप्पणी भी की गई, जिसमें धार्मिक नियमों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई गई। हालांकि, आमिर खान ने अपने बयान में केवल अपने परिवार की धार्मिक विविधता, सिविल मैरिज और धर्म परिवर्तन से जुड़े दावों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी समय के साथ और अधिक दिलचस्प होती जा रही है। सोशल मीडिया पर जारी है बहस आमिर खान के बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। एक ओर उनके समर्थक उनके स्पष्टीकरण का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। फिलहाल अभिनेता की ओर से यही स्पष्ट किया गया है कि उनकी किसी भी शादी में धर्म परिवर्तन नहीं हुआ और उनका परिवार विभिन्न धर्मों के लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों में विश्वास रखता है।
Sonam Wangchuk Story: बॉलीवुड फिल्म 3 Idiots में आमिर खान द्वारा निभाया गया 'रैंचो' का किरदार आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। बहुत कम लोग जानते हैं कि इस किरदार की प्रेरणा लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, इनोवेटर और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक से जुड़ी मानी जाती है। शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और बच्चों को बेहतर सीखने का अवसर देने के लिए वर्षों से काम कर रहे सोनम वांगचुक इन दिनों एक बार फिर चर्चा में हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रही उनकी भूख हड़ताल ने देशभर का ध्यान शिक्षा प्रणाली, परीक्षा व्यवस्था और जवाबदेही जैसे मुद्दों की ओर आकर्षित किया है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि बच्चों की प्रतिभा और सोचने की क्षमता को विकसित करना होना चाहिए। 'रैंचो' की प्रेरणा बने सोनम वांगचुक साल 2009 में रिलीज हुई फिल्म 3 Idiots में 'रैंचो' का किरदार पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को चुनौती देता है और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देता है। माना जाता है कि इस किरदार की प्रेरणा सोनम वांगचुक के जीवन और उनके शिक्षा सुधार के कार्यों से ली गई थी। बताया जाता है कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले 2008 में आमिर खान की मुलाकात सोनम वांगचुक से एक सम्मान समारोह में हुई थी, जहां उनके जीवन और शिक्षा सुधार के प्रयासों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई थी। शिक्षा के लिए समर्पित पूरा जीवन लद्दाख के रहने वाले सोनम वांगचुक ने अपना जीवन ऐसे बच्चों के लिए समर्पित किया है जिन्हें पारंपरिक शिक्षा प्रणाली अक्सर पीछे छोड़ देती है। साल 1988 में उन्होंने अपने साथियों के साथ Students' Educational and Cultural Movement of Ladakh (SECMOL) की स्थापना की। इस पहल का उद्देश्य उन छात्रों को नई दिशा देना था जिन्हें पारंपरिक परीक्षा प्रणाली 'असफल' मानती थी। SECMOL ने हजारों छात्रों को आत्मविश्वास, व्यावहारिक शिक्षा और कौशल आधारित सीखने का अवसर दिया। यहां से पढ़े कई छात्र आगे चलकर वैज्ञानिक, इंजीनियर और विभिन्न क्षेत्रों में सफल पेशेवर बने। इंजीनियरिंग से शिक्षा सुधार तक का सफर सोनम वांगचुक ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। छात्र जीवन में उन्होंने लेह का पहला कोचिंग सेंटर शुरू किया, जहां पढ़ाते समय उन्हें महसूस हुआ कि कई प्रतिभाशाली छात्र केवल शिक्षा प्रणाली की कमियों के कारण पीछे रह जाते हैं। यही अनुभव उनके शिक्षा सुधार मिशन की नींव बना। उन्होंने ऐसी शिक्षा प्रणाली की वकालत की जिसमें रटने के बजाय समझ, नवाचार और वास्तविक जीवन से जुड़ी सीख को प्राथमिकता मिले। पर्यावरण संरक्षण में भी निभाई अहम भूमिका शिक्षा के अलावा सोनम वांगचुक पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी अपने नवाचारों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 'आइस स्तूप' (Ice Stupa) तकनीक विकसित की, जिसके जरिए सर्दियों के पानी को कृत्रिम ग्लेशियर के रूप में संरक्षित कर गर्मियों में सिंचाई के लिए उपयोग किया जाता है। इस मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। शिक्षा सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल इन दिनों सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कथित परीक्षा गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए शिक्षा मंत्रालय से ठोस कार्रवाई की अपील की है। उनका कहना है कि देश के छात्रों का भविष्य किसी भी व्यवस्था से बड़ा है और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। क्यों चर्चा में हैं सोनम वांगचुक? सोनम वांगचुक केवल एक इंजीनियर या इनोवेटर नहीं, बल्कि ऐसे शिक्षा सुधारक हैं जिन्होंने वर्षों से बच्चों की रचनात्मकता, कौशल और व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने का काम किया है। उनकी पहल ने यह संदेश दिया कि सफलता केवल परीक्षा के अंकों से नहीं, बल्कि सीखने की क्षमता और नवाचार से तय होती है। आज उनका आंदोलन एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि क्या भारत की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली: बॉलीवुड की ऐतिहासिक फिल्मों में गिनी जाने वाली 'लगान' ने अपनी रिलीज के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस खास अवसर पर लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म की सिल्वर जुबली मनाई गई, जहां अभिनेता आमिर खान और फिल्म में एलिजाबेथ रसेल का किरदार निभाने वाली ब्रिटिश अभिनेत्री रेचल शेली एक बार फिर साथ नजर आए। दोनों की मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रशंसकों के बीच पुरानी यादें ताजा हो गईं। लंदन में हुआ खास पुनर्मिलन रेचल शेली ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कार्यक्रम की कई तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों में वह आमिर खान के साथ रेड कार्पेट पर पोज देती और गर्मजोशी से मुलाकात करती दिखाई दीं। इस मौके पर आमिर खान नीले रंग की टी-शर्ट और जींस में नजर आए, जबकि रेचल शेली ने सफेद रंग की ड्रेस पहनी थी। तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने 'लगान' के 25 साल पूरे होने की खुशी जाहिर की और कार्यक्रम के आयोजकों का आभार भी व्यक्त किया। फैंस ने सोशल मीडिया पर जताई खुशी आमिर खान और रेचल शेली की मुलाकात ने फिल्म प्रेमियों को भावुक कर दिया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे यादगार पल बताया। कई प्रशंसकों ने लिखा कि दोनों कलाकारों को एक साथ देखकर बचपन की यादें ताजा हो गईं। कुछ लोगों ने इच्छा जताई कि दोनों कलाकार भविष्य में किसी भारतीय फिल्म में फिर साथ काम करें। वहीं कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में फिल्म के किरदारों का जिक्र करते हुए दिलचस्प प्रतिक्रियाएं भी दीं। पहले भी साझा किया था खास संदेश इस वर्ष भारत में 'लगान' की री-रिलीज के दौरान भी रेचल शेली ने एक वीडियो साझा कर फिल्म से जुड़ी अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं। उन्होंने कहा था कि फिल्म बनाना कलाकारों और पूरी टीम का काम होता है, लेकिन दर्शकों का प्यार ही किसी फिल्म को हमेशा जीवित रखता है। उन्होंने यह भी बताया कि 'लगान' उनके करियर का बेहद अहम हिस्सा रही है और इस फिल्म से जुड़ी यादें आज भी उनके साथ हैं। भारतीय सिनेमा की यादगार फिल्मों में शामिल है 'लगान' निर्देशक आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनी 'लगान' वर्ष 2001 में रिलीज हुई थी। ब्रिटिश शासनकाल की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म में एक गांव की कहानी दिखाई गई थी, जहां ग्रामीण अंग्रेज अधिकारियों को क्रिकेट मैच की चुनौती देकर भारी कर (लगान) से राहत पाने की कोशिश करते हैं। फिल्म में आमिर खान, ग्रेसी सिंह, रेचल शेली समेत कई कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाईं। ए.आर. रहमान का संगीत, दमदार कहानी और शानदार अभिनय इसकी सबसे बड़ी खूबियां रहीं। ऑस्कर तक पहुंची थी फिल्म 'लगान' ने भारत ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। फिल्म को एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर) में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी के लिए नामांकन मिला था। आज भी इसे भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फिल्मों में गिना जाता है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान आज अपनी लंबे समय की साथी गौरी स्प्रैट के साथ विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। यह शादी मुंबई के पाली हिल, बांद्रा स्थित आमिर खान के आवास पर बेहद सादगी और निजी माहौल में आयोजित की जाएगी। समारोह में केवल परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त शामिल होंगे। आमिर खान स्वयं इस शादी की तारीख और निजी आयोजन की पुष्टि कर चुके हैं। घर पर होगी रजिस्टर्ड मैरिज, नहीं होगा भव्य रिसेप्शन रिपोर्ट्स के अनुसार, आमिर और गौरी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड मैरिज करेंगे। शादी के बाद किसी बड़े रिसेप्शन का आयोजन नहीं किया जाएगा। दंपति ने इस खास मौके को पूरी तरह निजी रखने का फैसला किया है। पिछले कुछ दिनों से आमिर के घर पर सजावट, लाइटिंग और अन्य तैयारियां चल रही थीं। परिवार और करीबी दोस्तों की रहेगी मौजूदगी शादी में आमिर खान के दोनों पूर्व परिवारों के सदस्य भी शामिल होने की संभावना है। उनके बच्चे जुनैद खान, इरा खान और आज़ाद समेत गौरी स्प्रैट के परिवार के सदस्य समारोह का हिस्सा बनेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समारोह केवल चुनिंदा मेहमानों तक सीमित रहेगा और इसे पूरी तरह निजी रखा जाएगा। आमिर की तीसरी शादी यह आमिर खान की तीसरी शादी होगी। इससे पहले उन्होंने रीना दत्ता और बाद में फिल्म निर्माता किरण राव से विवाह किया था। दोनों से अलग होने के बावजूद आमिर के रिश्ते सौहार्दपूर्ण रहे हैं। गौरी स्प्रैट के साथ अपने रिश्ते को उन्होंने पिछले वर्ष सार्वजनिक किया था और हाल ही में मीडिया से बातचीत में 5 जुलाई को शादी होने की पुष्टि की थी।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपनी लंबे समय की साथी गौरी स्प्रैट के साथ 5 जुलाई को शादी करने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। आमिर ने बताया कि शादी उनके मुंबई स्थित बांद्रा स्थित घर पर बेहद सादे और निजी समारोह में होगी। इस समारोह में केवल परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। 5 जुलाई को घर पर होगी शादी आमिर खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शादी का आयोजन बेहद सादा रखा गया है। उन्होंने कहा, "घर पर ही कर रहे हैं, आप सबकी दुआएं चाहिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि समारोह में किसी तरह का भव्य आयोजन नहीं होगा। रिसेप्शन नहीं होगा आयोजित रिपोर्ट्स के मुताबिक, आमिर और गौरी ने शादी के बाद किसी बड़े रिसेप्शन का आयोजन नहीं करने का फैसला किया है। दोनों ने केवल परिवार और कुछ करीबी दोस्तों की मौजूदगी में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड मैरिज करने का निर्णय लिया है। कौन हैं गौरी स्प्रैट? गौरी स्प्रैट बेंगलुरु की रहने वाली हैं और वेलनेस व ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। आमिर ने मार्च 2025 में अपने 60वें जन्मदिन के अवसर पर पहली बार गौरी को सार्वजनिक रूप से मीडिया से मिलवाया था। दोनों पिछले कुछ वर्षों से रिश्ते में हैं। फैंस और सितारों ने दी शुभकामनाएं शादी की पुष्टि के बाद सोशल मीडिया पर फैंस लगातार आमिर और गौरी को बधाई दे रहे हैं। अभिनेता विक्की कौशल सहित कई फिल्मी हस्तियों ने भी इस नए सफर के लिए दोनों को शुभकामनाएं दी हैं।
मुंबई, एजेंसियां। बहुप्रतीक्षित फिल्म Batwara 1947 का टीज़र रिलीज कर दिया गया है। फिल्म का टीज़र भारत के विभाजन की त्रासदी, आजादी के संघर्ष और इंसानी जज्बे की भावनात्मक कहानी की झलक पेश करता है। दमदार संवाद, भावुक बैकग्राउंड म्यूजिक और प्रभावशाली विजुअल्स से सजा यह टीज़र दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्साह बढ़ा रहा है। फिल्म 14 अगस्त 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। विभाजन के दर्द और उम्मीद की कहानी 'बटवारा 1947' का टीज़र दर्शकों को वर्ष 1947 के उस दौर में ले जाता है, जब भारत की आजादी के साथ देश का विभाजन हुआ था। टीज़र में दिखाया गया है कि कैसे नफरत, हिंसा और भय के माहौल के बीच एक नायक साहस, मानवता और उम्मीद का प्रतीक बनकर सामने आता है। फिल्म की कहानी बलिदान, संघर्ष और इंसानी रिश्तों की मजबूती को बड़े पर्दे पर दिखाने का प्रयास करती है। सितारों से सजी है फिल्म की स्टारकास्ट फिल्म में Sunny Deol, Shabana Azmi, Preity Zinta, Karan Deol, Ali Fazal और Abhimanyu Singh जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। खास बात यह है कि करीब तीन दशक बाद निर्देशक Rajkumar Santoshi और सनी देओल की जोड़ी फिर से साथ काम कर रही है, जिसे लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी फिल्म फिल्म का निर्माण आमिर खान और अपर्णा पुरोहित ने किया है। फिल्म का संगीत A. R. Rahman ने तैयार किया है, जबकि गीत Javed Akhtar ने लिखे हैं। 'पार्टीशन डे' के अवसर पर 14 अगस्त 2026 को रिलीज होने जा रही यह फिल्म इतिहास के सबसे संवेदनशील अध्याय को बड़े पर्दे पर जीवंत करने का प्रयास करेगी।
बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। अपनी दोनों पूर्व पत्नियों रीना दत्ता और किरण राव के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने के लिए पहचाने जाने वाले आमिर अब अपनी कथित होने वाली पत्नी गौरी स्प्रैट के साथ भी एक खास बॉन्ड शेयर करते नजर आ रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है, जिसमें आमिर का पूरा परिवार एक साथ नजर आया। एक ही कार में दिखा पूरा परिवार वायरल वीडियो में आमिर खान, उनकी पहली पत्नी रीना दत्ता, दूसरी पत्नी किरण राव, बेटे आजाद राव खान और गौरी स्प्रैट एक साथ दिखाई दिए। परिवार के साथ आउटिंग के बाद सभी एक ही कार में सवार होते नजर आए। वीडियो में आमिर खान आगे की सीट पर बैठे दिखाई देते हैं, जबकि पीछे की सीट पर गौरी स्प्रैट, किरण राव और आजाद बैठे हैं। कुछ देर बाद रीना दत्ता भी उसी कार में शामिल हो जाती हैं। खास बात यह रही कि कार में बैठने के दौरान गौरी और किरण को बातचीत करते और हंसते हुए देखा गया, जिसने सोशल मीडिया यूजर्स को हैरान कर दिया। सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए दिलचस्प रिएक्शन वीडियो सामने आते ही फैंस ने इस अनोखे फैमिली बॉन्ड की जमकर तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, "डियर आमिर खान, यह कैसे संभव हुआ?" वहीं दूसरे ने कहा, "पूरे भारत में ऐसा परिवार शायद सिर्फ आमिर खान का ही हो सकता है।" एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, "ये टैलेंट सिर्फ आमिर खान के पास ही है।" 'लगान' की 25वीं सालगिरह में भी साथ दिखे थे सभी इस वीडियो से कुछ दिन पहले ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म 'लगान' की 25वीं वर्षगांठ के समारोह में भी आमिर खान का पूरा परिवार एक साथ नजर आया था। इस खास मौके पर रीना दत्ता, किरण राव और गौरी स्प्रैट सभी मौजूद थीं। रेड कार्पेट पर आमिर और गौरी ने साथ में एंट्री की थी, जिसने उनके रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया। रिश्ते को नया नाम देने के लिए तैयार हैं आमिर और गौरी हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने गौरी स्प्रैट के साथ अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दोनों अपने रिश्ते को अगले पड़ाव पर ले जाने के लिए तैयार हैं। आमिर ने कहा, "मैं सुकून में हूं। गौरी और मैं एक-दूसरे को लेकर बेहद गंभीर हैं और हमारा रिश्ता पूरी तरह कमिटेड है। दिल से तो मैं पहले ही उनसे शादी कर चुका हूं, इसलिए इसे आधिकारिक रूप देना एक स्वाभाविक कदम है।" कब होगी आमिर और गौरी की शादी? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आमिर खान और गौरी स्प्रैट 5 जुलाई को एक निजी समारोह में शादी कर सकते हैं। इस समारोह में केवल परिवार के करीबी सदस्य और खास दोस्त शामिल होंगे।
मुंबई: लंबे समय बाद फिल्मों में वापसी कर रहे अभिनेता इमरान खान ने पहली बार अपनी पूर्व पत्नी अवंतिका मलिक से अलगाव को लेकर खुलकर बात की है। अभिनेता ने कहा कि उनका रिश्ता एक ऐसे दौर में पहुंच गया था, जहां उसे जारी रखना स्वस्थ नहीं रह गया था। वहीं, उनकी मौजूदा पार्टनर लेखा वॉशिंगटन ने भी उन्हें मिले 'होमब्रेकर' जैसे टैग्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इमरान खान बोले- अलग होना आसान नहीं था, लेकिन जरूरी था एक इंटरव्यू में इमरान खान ने बताया कि शादी टूटने का फैसला दर्द और मुश्किलों से भरा था, लेकिन उन्होंने इसे अपनी बेटी और परिवार के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया। उन्होंने कहा कि किसी अस्वस्थ रिश्ते को बनाए रखना और उसी माहौल को अपने बच्चे के सामने उदाहरण के रूप में पेश करना सही नहीं होता। उनके अनुसार, उन्होंने दो कठिन विकल्पों में से कम नुकसान वाले रास्ते को चुना। सार्वजनिक जीवन से दूर रहने की वजह भी बताई इमरान खान ने कहा कि वह लंबे समय तक लाइमलाइट से दूर रहे और उन्हें कभी यह महसूस नहीं हुआ कि उन्हें अपनी निजी जिंदगी के बारे में लोगों को सफाई देने की जरूरत है। हालांकि, अब जब वह दोबारा सार्वजनिक जीवन और फिल्मों में सक्रिय हो रहे हैं, तो उन्हें लगा कि कुछ बातों को स्पष्ट करना जरूरी है। 2011 में हुई थी शादी, 2019 में हुए अलग इमरान खान और अवंतिका मलिक ने साल 2011 में शादी की थी। दोनों की एक बेटी इमारा है। साल 2019 में दोनों अलग हो गए थे। अपनी बेटी के बारे में बात करते हुए अभिनेता भावुक नजर आए। उन्होंने इमारा को अपनी जिंदगी की "लाइटहाउस" यानी मार्गदर्शक रोशनी बताया। इमरान ने कहा कि मुश्किल दौर में उनकी बेटी ही वह वजह थीं, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। लेखा वॉशिंगटन ने 'होमब्रेकर' कहे जाने पर दिया जवाब इमरान खान की गर्लफ्रेंड और कलाकार लेखा वॉशिंगटन ने भी उन आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें उन्हें 'होमब्रेकर' कहा जाता है। लेखा ने कहा कि महिलाओं को नियंत्रित करने और छोटा दिखाने के लिए अक्सर ऐसे लेबल इस्तेमाल किए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ये शब्द उन्हें परिभाषित नहीं करते और लोग किसी रिश्ते की वास्तविक परिस्थितियों को जाने बिना फैसला नहीं कर सकते। फिल्मों में वापसी को लेकर चर्चा में हैं इमरान करीब एक दशक तक फिल्मों से दूरी बनाने के बाद इमरान खान अब एक नए प्रोजेक्ट के साथ वापसी कर रहे हैं। यह प्रोजेक्ट अभिनेता आमिर खान के समर्थन से तैयार किया जा रहा है, जिसकी वजह से अभिनेता एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता Aamir Khan और निर्देशक Ashutosh Gowariker एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ काम करने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों दिग्गज 25 साल बाद एक स्पोर्ट्स बायोपिक के लिए हाथ मिला रहे हैं, जो भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी Lala Amarnath के जीवन पर आधारित होगी। अब इस फिल्म को लेकर एक और बड़ा अपडेट सामने आया है। फरहान अख्तर की एंट्री की चर्चा खबरों के अनुसार अभिनेता-निर्देशक Farhan Akhtar भी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकते हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें फिल्म में एक अहम भूमिका के लिए संपर्क किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, फरहान फिल्म में एक पाकिस्तानी क्रिकेटर की भूमिका निभा सकते हैं, जो लाला अमरनाथ का बेहद करीबी दोस्त होता है। हालांकि यह किरदार स्क्रीन टाइम के लिहाज से छोटा हो सकता है, लेकिन कहानी के भावनात्मक पक्ष में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। क्रिकेट से आगे बढ़कर दोस्ती की कहानी सूत्रों के अनुसार, यह फिल्म केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं होगी। इसमें भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर की भावनाओं और रिश्तों को भी दिखाया जाएगा। कहा जा रहा है कि फरहान का किरदार विभाजन के बाद पाकिस्तान में रह जाता है, जबकि लाला अमरनाथ भारत में रहते हैं। ऐसे में फिल्म दोस्ती, बिछड़ने और इतिहास के कठिन दौर में इंसानी रिश्तों की कहानी भी पेश करेगी। अक्टूबर 2026 में शुरू हो सकती है शूटिंग फिल्म की प्री-प्रोडक्शन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसकी शूटिंग अक्टूबर 2026 के आसपास शुरू हो सकती है। हालांकि मेकर्स की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और फरहान अख्तर की कास्टिंग भी फिलहाल तय नहीं मानी जा रही। कई बड़े नाम जुड़े हैं प्रोजेक्ट से इंडस्ट्री में चर्चा है कि फिल्म के निर्माण से Aamir Khan Productions और Excel Entertainment के अलावा Rajkumar Hirani भी निर्माता के तौर पर जुड़े हो सकते हैं। यदि यह प्रोजेक्ट तय समय पर शुरू होता है, तो यह भारतीय क्रिकेट इतिहास और विभाजन काल की पृष्ठभूमि पर बनने वाली सबसे बड़ी फिल्मों में से एक हो सकती है। लाला अमरनाथ कौन थे? लाला अमरनाथ भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्हें भारत का पहला टेस्ट शतक लगाने वाला बल्लेबाज माना जाता है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और लंबे समय तक खेल जगत में उनका योगदान याद किया जाता रहा है। फैंस को है बड़ी घोषणा का इंतजार फिल्म को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन आमिर खान, आशुतोष गोवारीकर और फरहान अख्तर जैसे नामों के जुड़ने की खबर ने सिनेमा और क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है। अगर यह कास्टिंग फाइनल होती है, तो दर्शकों को एक भावनात्मक और ऐतिहासिक स्पोर्ट्स ड्रामा देखने को मिल सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।