आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को चौंकाने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को लेकर टीम इंडिया में चयन की चर्चाएं तेज हैं। महज 15 साल की उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले इस युवा खिलाड़ी ने पूरे सीजन में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra का मानना है कि फिलहाल भारतीय टी20 टीम में उनके लिए जगह बनाना आसान नहीं होगा। आकाश चोपड़ा ने क्यों जताई मुश्किल? आकाश चोपड़ा ने अपने विश्लेषण में कहा कि भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग और टॉप ऑर्डर की जगह पहले से ही मजबूत खिलाड़ियों के पास है। उनके अनुसार Sanju Samson और Abhishek Sharma शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने कहा कि संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया था और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। वहीं अभिषेक शर्मा लगातार शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और लंबे समय से टी20 क्रिकेट के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं। ऐसे में केवल आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर इन खिलाड़ियों को बाहर कर वैभव को तुरंत मौका देना चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगा। आईपीएल 2026 में वैभव का ऐतिहासिक प्रदर्शन वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में जिस तरह बल्लेबाजी की, उसने सभी को प्रभावित किया। आईपीएल 2026 में वैभव के आंकड़े: मैच: 16 रन: 776 स्ट्राइक रेट: 237 ऑरेंज कैप विजेता 72 छक्के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड उन्होंने इस दौरान दिग्गज बल्लेबाज Chris Gayle का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया और आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। एलिमिनेटर और दूसरे क्वालीफायर जैसे बड़े मुकाबलों में भी उन्होंने दबाव में शानदार बल्लेबाजी कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। अभी इंतजार, लेकिन मौका दूर नहीं आकाश चोपड़ा का मानना है कि वैभव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और भविष्य में टीम इंडिया का अहम हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि मौजूदा प्रतिस्पर्धा को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय टीम में नियमित जगह बनाने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। श्रीलंका ट्राई सीरीज में होगी अग्निपरीक्षा वैभव को आगामी त्रिकोणीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। यह टूर्नामेंट 9 जून से श्रीलंका में शुरू होगा और फाइनल 21 जून को खेला जाएगा। इस सीरीज में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नजर में काफी अहम रहेगा। यदि वह यहां भी आईपीएल जैसी बल्लेबाजी दोहराते हैं, तो टीम इंडिया का दरवाजा उनके लिए और तेजी से खुल सकता है। भविष्य का सुपरस्टार? 15 साल की उम्र में जिस तरह वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में बल्लेबाजी की है, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। फिलहाल टीम इंडिया में जगह भले मुश्किल दिख रही हो, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहा तो राष्ट्रीय टीम में चयन केवल समय की बात होगी।
Indian Premier League में प्लेऑफ की रेस के साथ-साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की जंग भी बेहद दिलचस्प होती जा रही है। Delhi Capitals के स्टार बल्लेबाज KL Rahul ने पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के बाद ऑरेंज कैप की सूची में एक स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। हालांकि राहुल इस मुकाबले में बड़ी पारी नहीं खेल सके और सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उनके कुल रन 477 हो गए हैं। उन्होंने इस सीजन 12 पारियों में 177.98 के शानदार स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। ऑरेंज कैप की रेस में कांटे की टक्कर KL Rahul अब ऑरेंज कैप की दौड़ में दूसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं, लेकिन उनकी यह स्थिति ज्यादा सुरक्षित नहीं मानी जा रही। Sunrisers Hyderabad के विस्फोटक बल्लेबाज Abhishek Sharma 475 रन के साथ बेहद करीब हैं, जबकि Gujarat Titans के कप्तान Shubman Gill 462 रन के साथ पीछे चल रहे हैं। ऑरेंज कैप फिलहाल Heinrich Klaasen के पास है। Sunrisers Hyderabad के इस बल्लेबाज ने 11 पारियों में 494 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 157.32 का रहा है। Orange Cap टॉप बल्लेबाज स्थान खिलाड़ी टीम रन पारी स्ट्राइक रेट 1 Heinrich Klaasen सनराइजर्स हैदराबाद 494 11 157.32 2 KL Rahul दिल्ली कैपिटल्स 477 12 177.98 3 Abhishek Sharma सनराइजर्स हैदराबाद 475 11 - 4 Shubman Gill गुजरात टाइटंस 462 11 - पर्पल कैप में भुवनेश्वर कुमार का जलवा गेंदबाजी में Bhuvneshwar Kumar ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। Royal Challengers Bengaluru के अनुभवी तेज गेंदबाज ने Mumbai Indians के खिलाफ 23 रन देकर 4 विकेट झटके और पर्पल कैप की दौड़ में अपनी बढ़त मजबूत कर ली। 36 साल के भुवनेश्वर इस सीजन लगातार शानदार लय में नजर आ रहे हैं। यह इस सीजन उनका छठा तीन विकेट हॉल था और पहली बार उन्होंने चार विकेट लेने का कारनामा किया। अब उनके नाम 21 विकेट हो चुके हैं। पर्पल कैप की रेस भी बेहद दिलचस्प Kagiso Rabada 18 विकेट के साथ भुवनेश्वर के पीछे बने हुए हैं। वहीं Anshul Kamboj ने Chennai Super Kings के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए 19 विकेट पूरे कर लिए हैं और कुछ समय के लिए वह शीर्ष पर भी पहुंच गए थे। सीजन के आखिरी चरण में अब बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच यह मुकाबला और रोमांचक होने वाला है।
Indian Premier League 2026 में हर मुकाबले के साथ Orange Cap और Purple Cap की रेस और रोमांचक होती जा रही है। Sunrisers Hyderabad की Punjab Kings पर 33 रन की जीत के बाद बल्लेबाजों और गेंदबाजों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हैदराबाद की जीत के साथ टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच गई, जबकि उसके स्टार बल्लेबाजों ने Orange Cap की रेस में भी दबदबा बना लिया। Orange Cap की रेस में क्लासेन नंबर-1 Heinrich Klaasen इस सीजन लगातार शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। पंजाब के खिलाफ उन्होंने 69 रन की दमदार पारी खेली, जो इस सीजन उनका पांचवां अर्धशतक रहा। इसी के साथ क्लासेन 494 रनों के साथ Orange Cap लिस्ट में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 157.32 का है, जो दिखाता है कि वह SRH के मिडिल ऑर्डर की सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं। अभिषेक शर्मा दूसरे स्थान पर कायम Abhishek Sharma ने पंजाब के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में 35 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। वह अब 475 रनों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। पूरे सीजन में अभिषेक और क्लासेन लगातार टॉप-3 बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं और SRH की सफलता में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ईशान किशन ने लगाई लंबी छलांग Ishan Kishan ने 32 गेंदों में 55 रन की विस्फोटक पारी खेली और अब 409 रनों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। तीसरे नंबर पर KL Rahul बने हुए हैं, जिनके नाम 445 रन हैं। हालांकि पिछले मुकाबले में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। 400 रन क्लब में शामिल ये बल्लेबाज इस सीजन अब तक कई बल्लेबाज 400 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं– Vaibhav Suryavanshi – 404 रन Sanju Samson – 402 रन वहीं पंजाब किंग्स के लिए शानदार फॉर्म में चल रहे Cooper Connolly ने SRH के खिलाफ 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए। इस शतक के बाद वह 377 रनों के साथ 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। Purple Cap की रेस भी हुई रोमांचक गेंदबाजों की सूची में टॉप-5 नामों में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन Eshan Malinga ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Purple Cap की रेस को और दिलचस्प बना दिया है। पंजाब के कप्तान Shreyas Iyer का विकेट लेने के बाद मलिंगा के अब 16 विकेट हो गए हैं। वह विकेटों के मामले में Kagiso Rabada की बराबरी पर पहुंच गए हैं, हालांकि इकॉनमी रेट के कारण पीछे हैं। Purple Cap टॉप-5 Bhuvneshwar Kumar – 17 विकेट Anshul Kamboj – 17 विकेट Kagiso Rabada – 16 विकेट Eshan Malinga – 16 विकेट Jofra Archer – 15 विकेट IPL 2026 जैसे-जैसे प्लेऑफ की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे Orange Cap और Purple Cap की रेस और भी रोमांचक होती जा रही है।
आईपीएल 2026 के 49वें मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 33 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ हैदराबाद की टीम अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई, जबकि पंजाब किंग्स को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज Cooper Connolly की रही, जिन्होंने शानदार शतक लगाया, लेकिन उनकी यह पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। हैदराबाद ने खड़ा किया 235 रनों का विशाल स्कोर टॉस जीतकर पंजाब किंग्स ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन हैदराबाद के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। ओपनर Abhishek Sharma और Travis Head ने पहले विकेट के लिए 54 रनों की तेज साझेदारी की। अभिषेक शर्मा ने 35 रन बनाए, जबकि ट्रेविस हेड 38 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद Ishan Kishan और Heinrich Klaasen ने पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 48 गेंदों में 88 रनों की विस्फोटक साझेदारी की। ईशान किशन ने 55 रनों की पारी में 4 छक्के और 2 चौके लगाए। वहीं क्लासेन ने आक्रामक अंदाज में 69 रन बनाए। अंत में Nitish Kumar Reddy ने नाबाद 29 रन जोड़ते हुए टीम का स्कोर 4 विकेट पर 235 तक पहुंचा दिया। पंजाब की ओर से Arshdeep Singh, Lockie Ferguson, Yuzvendra Chahal और Vijaykumar Vyshak को 1-1 विकेट मिला। पंजाब की शुरुआत रही बेहद खराब 236 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। Priyansh Arya सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद Prabhsimran Singh 3 रन और कप्तान Shreyas Iyer 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। महज 23 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद पंजाब पूरी तरह दबाव में आ गई। हालांकि Marcus Stoinis और कूपर कोनोली ने पारी संभालने की कोशिश की। स्टोइनिस ने 28 रन बनाए। कूपर कोनोली का शानदार शतक एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन कूपर कोनोली लगातार लड़ते रहे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए। उनकी इस पारी में कई बड़े शॉट्स देखने को मिले और उन्होंने पंजाब की उम्मीद आखिर तक जिंदा रखी। Suryansh Shedge ने 25 रन और Marco Jansen ने 19 रन का योगदान दिया, लेकिन टीम जीत तक नहीं पहुंच सकी। पंजाब किंग्स 7 विकेट पर 202 रन ही बना सकी। हैदराबाद की ओर से कप्तान Pat Cummins और Shivam Kumar ने 2-2 विकेट लिए। वहीं Nitish Kumar Reddy, Eshan Malinga और Saqib Hussain को 1-1 सफलता मिली। इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए, बल्कि बेहतर नेट रन रेट के दम पर अंक तालिका में शीर्ष स्थान भी कब्जा लिया।
आईपीएल 2026 में रविवार का दिन गेंदबाजों के नाम रहा, जहां दो मुकाबलों में कुल 26 विकेट गिरे और गेंदबाजों ने मैच पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा। इस शानदार प्रदर्शन के बीच Kagiso Rabada ने पर्पल कैप की दौड़ में बड़ी छलांग लगाई। रबाडा का शानदार स्पेल, GT को दिलाई जीत Gujarat Titans के तेज गेंदबाज रबाडा ने Chennai Super Kings के खिलाफ 4 ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट झटके। उनकी तेज रफ्तार (145 किमी/घंटा) और अतिरिक्त बाउंस ने बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। चेन्नई के चेपॉक में पिच पर मौजूद नमी का उन्होंने पूरा फायदा उठाया और विपक्षी टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। इस प्रदर्शन के बाद रबाडा अब 8 पारियों में 13 विकेट के साथ पर्पल कैप लिस्ट में संयुक्त तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे Anshul Kamboj और Eshan Malinga हैं, जिनके नाम 14-14 विकेट दर्ज हैं। ऑरेंज कैप की रेस में जबरदस्त उतार-चढ़ाव जहां गेंदबाजों ने चमक बिखेरी, वहीं बल्लेबाजी रैंकिंग में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिला। Virat Kohli, जो पहले नंबर पर थे, एक ही दिन में पांचवें स्थान पर खिसक गए। दिल्ली में KL Rahul ने नाबाद 152 रन की पारी खेलकर टॉप पोजिशन हासिल की, लेकिन उनकी बादशाहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई। जयपुर में युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi ने सिर्फ 37 गेंदों में 103 रन बनाकर बराबरी कर ली और बेहतर स्ट्राइक रेट के चलते ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली। इसके कुछ ही देर बाद Abhishek Sharma ने 29 गेंदों में 57 रन बनाकर 380 रन के साथ टॉप पोजिशन पर कब्जा कर लिया। वहीं Heinrich Klaasen (349 रन), Shubman Gill (330 रन) और कोहली (328 रन) टॉप-5 में बने हुए हैं। मुकाबला अब और दिलचस्प आईपीएल 2026 में पर्पल और ऑरेंज कैप की रेस लगातार रोमांचक होती जा रही है। गेंदबाज और बल्लेबाज दोनों ही अपनी-अपनी कैटेगरी में टॉप पर पहुंचने के लिए जोर लगा रहे हैं, जिससे टूर्नामेंट का रोमांच और बढ़ गया है।
आईपीएल 2026 में Chennai Super Kings की मुंबई इंडियंस पर बड़ी जीत के बाद ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। इस मुकाबले ने न सिर्फ रिकॉर्ड बदले, बल्कि टॉप खिलाड़ियों की रैंकिंग भी हिला दी। ऑरेंज कैप: टॉप-3 में पहुंचे संजू सैमसन Sanju Samson ने शानदार शतक के दम पर ऑरेंज कैप की रेस में लंबी छलांग लगाई है। अब उनके खाते में 293 रन हो चुके हैं और वह सीधे तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। हालांकि, अभी भी टॉप पर Abhishek Sharma (323 रन) और दूसरे स्थान पर Heinrich Klaasen (320 रन) बने हुए हैं। ऑरेंज कैप की रेस और रोमांचक हो सकती है, क्योंकि Shubman Gill (265 रन), Virat Kohli (247 रन) और Rajat Patidar (230 रन) भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पर्पल कैप: कम्बोज ने फिर मारी बाजी गेंदबाजी में Anshul Kamboj ने एक बार फिर बाजी मार ली है। मुंबई के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 3 ओवर में 10 रन देकर 1 विकेट लिया और कुल 14 विकेट के साथ पर्पल कैप अपने नाम कर ली। Prince Yadav 13 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि Eshan Malinga और Prasidh Krishna 12-12 विकेट लेकर रेस में बने हुए हैं। आगे और बदल सकती है तस्वीर आईपीएल 2026 का रोमांच अभी जारी है और हर मैच के साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस में बदलाव देखने को मिल रहा है। खासकर आने वाले मुकाबलों में बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों अपनी पोजिशन मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
आईपीएल 2026 के मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने दमदार प्रदर्शन करते हुए Delhi Capitals को 47 रन से हरा दिया। इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे Abhishek Sharma, जिन्होंने नाबाद 135 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 2 विकेट के नुकसान पर 242 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स की टीम 195 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में Eshan Malinga ने 4 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया कि शुरुआत में टीम की योजना पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करने की थी, लेकिन पिच की धीमी प्रकृति को देखते हुए उन्हें अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि गेंद बल्ले पर आसानी से नहीं आ रही थी, ऐसे में हालात के अनुसार खेलना जरूरी था और यही बदलाव टीम की जीत की बड़ी वजह बना। अभिषेक ने अपनी 68 गेंदों की पारी में 10 चौके और 10 छक्के लगाए, जिससे हैदराबाद को बड़ा स्कोर बनाने में मदद मिली। टीम मैनेजमेंट को दिया श्रेय अभिषेक शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय टीम मैनेजमेंट को दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने अंदाज में खेलने की पूरी आजादी मिलती है, जो उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाती है। उन्होंने कोचिंग स्टाफ और कप्तान का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि टीम का सकारात्मक माहौल खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का आत्मविश्वास देता है। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 से टीम के भीतर बना यह माहौल ‘गेमचेंजर’ साबित हुआ है और इसी वजह से खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ दे पा रहे हैं। फैंस के लिए खास ‘एल सेलिब्रेशन’ अपने शतक के बाद किए गए ‘एल सेलिब्रेशन’ पर अभिषेक ने बताया कि यह जश्न वह काफी समय से करते आ रहे हैं और यह खास तौर पर फैंस के लिए है, जो उन्हें हर मैच में जबरदस्त समर्थन देते हैं।
हैदराबाद, एजेंसियां। अभिषेक की तूफानी शतकीय पारी के दम पर सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने IPL सीजन में लगातार तीसरी जीत हासिल की। मंगलवार को टीम ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 47 रन से हराया। राजीव गांधी उप्पल स्टेडियम में 243 रन का टारगेट चेज कर रही दिल्ली 20 ओवर में 9 विकेट पर 195 रन ही बना सकी। टॉस हारकर SRH ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 2 विकेट पर 242 रन बनाए थे। अभिषेक शर्मा ने नाबाद 135 रन बनाए अभिषेक शर्मा ने 68 गेंद में 10 चौके और 10 छक्कों की मदद से नाबाद 135 रन की शतकीय पारी खेली। हेनरिक क्लासन ने नाबाद 37 रन बनाए। दोनों ने 66 रन की नाबाद पार्टनरशिप की। ट्रैविस हेड ने 37 और ईशान किशन ने 25 रन बनाए। दिल्ली की ओर से अक्षर पटेल ने एक विकेट लिया। एक बल्लेबाज रनआउट हुआ। दिल्ली से नीतीश की फिफ्टी रन चेज में दिल्ली ने 21 रन पर पाथुम निसांका का विकेट गंवा दिया था। इसके बाद केएल राहुल और नीतीश राणा ने 45 गेंद में 86 रन की साझेदारी कर पारी संभाली। लेकिन, केएल राहुल और राणा के आउट होने के बाद दिल्ली वापसी नहीं कर सकी। ईशान मलिंगा हैट्रिक चूके, 4 विकेट झटके ईशान मलिंगा ने 4 विकेट झटके। उन्होंने इम्पैक्ट प्लेयर आशुतोष शर्मा (14 रन), ट्रिस्टन स्टब्स (27 रन), नीतीश राणा (57 रन) और डेविड मिलर (जीरो) को पवेलियन भेजा। राणा और मिलर को लगातार गेंद पर आउट करने के बाद मलिंगा के पास हैट्रिक का मौका था, लेकिन वे चूक गए। हैदराबाद तीसरे पायदान पर पहुंचाः दिल्ली को हराने के बाद हैदराबाद 8 पॉइंट्स के साथ तीसरे पायदान पर पहुंच गया। वहीं दिल्ली 6 मैच में 3 जीत और 3 हार के साथ 5वें स्थान पर हैं।
IPL का मंच हमेशा से नए सितारों को जन्म देने के लिए जाना जाता है, लेकिन जब महज 15 साल का खिलाड़ी दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाजों के सामने बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करता है, तो क्रिकेट जगत चौंक उठता है। इस समय चर्चा के केंद्र में हैं Vaibhav Suryavanshi, जिनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने अनुभवी खिलाड़ियों को भी चुनौती दे दी है। वहीं दूसरी ओर Abhishek Sharma लंबे समय से अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते रहे हैं। लेकिन IPL 2026 में दोनों के प्रदर्शन की तुलना ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कम उम्र में बड़ा धमाका वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में IPL डेब्यू कर इतिहास रच दिया। 14 साल की उम्र में मैदान पर उतरकर उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपनी निडरता का परिचय दिया। दूसरी तरफ, अभिषेक शर्मा ने 2018 में अपने डेब्यू मैच में ही 46 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक क्रिकेट की झलक दिखाई है। IPL 2026: आंकड़ों की सीधी टक्कर मौजूदा सीजन में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। 4 मैचों में 200 रन औसत: 50.00 स्ट्राइक रेट: 266.67 18 चौके और 18 छक्के उनकी 26 गेंदों में 78 रनों की पारी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। वहीं अभिषेक शर्मा भी पीछे नहीं हैं: 4 मैचों में 129 रन औसत: 32.25 स्ट्राइक रेट: 218.64 28 गेंदों में 74 रन की विस्फोटक पारी हालांकि आंकड़ों के हिसाब से इस समय वैभव बढ़त बनाए हुए हैं। करियर आंकड़े क्या कहते हैं? वैभव ने IPL 2025 में 7 मैचों में 252 रन बनाए थे, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 206.55 रहा। कम मैचों में ही उन्होंने अपनी छाप छोड़ दी। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा का अनुभव कहीं ज्यादा है। उन्होंने अब तक 81 मैचों में 1945 रन बनाए हैं, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 165.81 रहा है। पावरप्ले में तेजी से रन बनाने में उनका कोई मुकाबला नहीं रहा। क्या बदल रहा है भारतीय टी20 का भविष्य? अभिषेक शर्मा ने जिस तरह आक्रामक बल्लेबाजी की नई परिभाषा गढ़ी, वैभव सूर्यवंशी उसी राह पर चलते हुए उसे और आगे ले जाते दिख रहे हैं। इतनी कम उम्र में इस स्तर की निडरता यह संकेत देती है कि भारतीय टी20 क्रिकेट का भविष्य और भी आक्रामक और रोमांचक होने वाला है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पर आईपीएल ने बड़ा कार्रवाई किया है। केकेआर के खिलाफ हालिया मुकाबले में अभिषेक ने 48 रनों की धमाकेदार पारी खेली, लेकिन आउट होने के बाद उन्होंने कुछ ऐसा किया, जिसे आईपीएल ने नियमों के खिलाफ माना। इस कारण उन्हें लेवल 1 का अपराध माना गया, जो मैच के दौरान गंदी भाषा का इस्तेमाल करने से जुड़ा है। मैच फीस और डिमेरिट प्वाइंट आईपीएल ने अभिषेक शर्मा पर मैच फीस का 25 फीसदी काटने का फैसला लिया है। इसके अलावा उन्हें एक डिमेरिट प्वाइंट भी दिया गया। इसका मतलब है कि अभिषेक अपनी टीम से मिलने वाली मैच फीस का एक चौथाई हिस्सा नहीं पाएंगे। आईपीएल ने इस मामले में यह नहीं बताया कि अभिषेक ने ठीक क्या कहा, लेकिन उन्होंने आर्टिकल 2.3 के तहत अपराध स्वीकार किया। पारी और साझेदारी का प्रदर्शन केकेआर के खिलाफ अभिषेक ने ओपनिंग करते हुए 21 गेंदों में 48 रन बनाए, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। उनके साथ ट्रेविस हेड ने भी शानदार साझेदारी निभाई, दोनों ने पहले छह ओवर में ही टीम का स्कोर 80 पार कर दिया। ट्रेविस हेड छठे ओवर में आउट हुए और अभिषेक नौवें ओवर में पवेलियन लौटे, तब टीम का स्कोर 112 था। टीम की बड़ी जीत में योगदान अभिषेक की आक्रामक पारी और साझेदारी की वजह से एसआरएच ने 20 ओवर में 226 रन बनाए। टीम ने अंततः 65 रन से जीत दर्ज की। इसके अलावा अभिषेक ने मैच में एक ओवर भी गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 15 रन दिए, लेकिन कोई विकेट नहीं लिया।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।