फिल्म धुरंधर 2 की सफलता ने कई कलाकारों के करियर को नई दिशा दी है, और उनमें सबसे चर्चित नाम है Rakesh Bedi का। ‘जमील जमाली’ के किरदार से दर्शकों का दिल जीतने वाले राकेश बेदी अब दो नए प्रोजेक्ट्स के साथ फिर से सुर्खियों में हैं। ‘धुरंधर 2’ से मिली नई पहचान निर्देशक Aditya Dhar की फिल्म धुरंधर 2 में राकेश बेदी ने पाकिस्तानी नेता ‘जमील जमाली’ का किरदार निभाया, जो फिल्म का अहम हिस्सा बना। फिल्म की सफलता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि असली मेहनत निर्देशक की होती है, जबकि कलाकार अपने हिस्से का काम निभाते हैं। किरदार के लिए की कड़ी मेहनत राकेश बेदी ने बताया कि हर किरदार के पीछे गहरी तैयारी होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे Virat Kohli का छक्का लगाना देखने में आसान लगता है, लेकिन असल में उसके पीछे कड़ी मेहनत होती है, वैसे ही हर रोल को निभाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। फिल्म में उनका किरदार Ranveer Singh के किरदार को सपोर्ट और बचाने वाला था, जो कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। ‘धुरंधर 3’ नहीं बनेगी फैंस के लिए एक निराशाजनक खबर यह है कि राकेश बेदी ने साफ कर दिया है कि धुरंधर 3 पर फिलहाल कोई योजना नहीं है। यानी इस सफल फ्रेंचाइज़ी का अगला भाग फिलहाल नहीं आएगा। कॉमेडी से निगेटिव रोल तक का सफर कॉमेडी के लिए मशहूर राकेश बेदी ने इस फिल्म में एक अलग तरह का विलेन निभाया। उन्होंने बताया कि यह पारंपरिक खलनायक नहीं था, बल्कि एक चालाक और संवादों से प्रभाव डालने वाला किरदार था। IIT छोड़कर बने अभिनेता अपने शुरुआती जीवन को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उनके पिता चाहते थे कि वह IIT करें, लेकिन खुद को उस दिशा में उपयुक्त न पाकर उन्होंने अभिनय को चुना। आज वही फैसला उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत बन गया। आने वाले प्रोजेक्ट्स राकेश बेदी जल्द ही दो नए प्रोजेक्ट्स में नजर आएंगे: Varun Dhawan की फिल्म है जवानी तो इश्क होना है प्राइम वीडियो पर आने वाली वेब सीरीज राख दोनों प्रोजेक्ट्स की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही रिलीज डेट का ऐलान हो सकता है।
बॉलीवुड में इन दिनों Dhurandhar The Revenge को लेकर जबरदस्त चर्चा बनी हुई है। Ranveer Singh स्टारर इस स्पाई-थ्रिलर को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और फिल्म लगातार बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन कर रही है। इसी बीच Vicky Kaushal ने भी फिल्म को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि व्यस्त शेड्यूल के कारण वह अभी तक फिल्म नहीं देख पाए हैं, लेकिन उन्होंने जल्द ही इसे बड़े पर्दे पर देखने की इच्छा जताई है। “बेहतरीन कास्ट और शानदार निर्देशन” दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान विक्की कौशल ने कहा कि उन्हें फिल्म के पहले पार्ट से काफी लगाव रहा है और दूसरे पार्ट को लेकर भी उनकी उत्सुकता काफी ज्यादा है। उन्होंने निर्देशक Aditya Dhar की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने एक शानदार कास्ट को साथ लाकर बेहतरीन फिल्म बनाई है। साथ ही उन्होंने फिल्म को मिल रहे दर्शकों के प्यार पर खुशी जताई। बॉक्स ऑफिस पर कायम है दबदबा फिल्म की रिलीज के बाद से ही इसका प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है। ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि फिल्म की कमाई आने वाले हफ्तों में भी जारी रह सकती है, जिससे अन्य फिल्मों पर इसका असर पड़ सकता है। ‘भूत बंगला’ से संभावित टक्कर वहीं, Bhooth Bangla 10 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में Akshay Kumar मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। अक्षय कुमार ने फिल्म की टक्कर को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि दो फिल्मों के बीच तीन हफ्तों का अंतर इंडस्ट्री के लिए अच्छा होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहां ‘धुरंधर द रिवेंज’ एक एक्शन आधारित फिल्म है, वहीं ‘भूत बंगला’ एक फैमिली और फैंटेसी हॉरर फिल्म है, जो अलग दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
फिल्म इंडस्ट्री में बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर चल रही बहस के बीच निर्देशक Kunal Kohli ने एक बड़ा बयान देकर चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म Dhurandhar: The Revenge की सफलता की जमकर सराहना की और इसे भारतीय सिनेमा की असली क्षमता का उदाहरण बताया। कोहली ने अभिनेता Ranveer Singh और निर्देशक Aditya Dhar की तारीफ करते हुए कहा कि इस फिल्म ने दिखा दिया है कि बिना किसी ‘फर्जी आंकड़ों’ के भी फिल्में रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर सकती हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इंडस्ट्री में कुछ लोग फिल्मों की कमाई को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं ताकि हाइप बनाई जा सके, लेकिन यह तरीका टिकाऊ नहीं है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, “फेक कलेक्शन कर-कर के भी आपकी फिल्म लाइफटाइम में 100 करोड़ नहीं कर पाती, जबकि यह फिल्म एक दिन में ही 100 करोड़ की असली कमाई कर रही है।” कोहली के मुताबिक, धुरंधर: द रिवेंज की सफलता इस बात का प्रमाण है कि दर्शक अच्छी और ईमानदार कंटेंट को जरूर स्वीकार करते हैं। इस फिल्म को Jio Studios का भी समर्थन मिला है, जिसे कोहली ने सराहा और कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स भारतीय सिनेमा को नई दिशा दे रहे हैं। उनका मानना है कि यह फिल्म सिर्फ एक व्यावसायिक सफलता नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के लिए एक सीख भी है कि पारदर्शिता और गुणवत्ता से ही लंबे समय तक सफलता हासिल की जा सकती है। फिल्म की जबरदस्त कमाई और दर्शकों का सकारात्मक रिस्पॉन्स यह साबित कर रहा है कि कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा का दौर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
फिल्म: Dhurandhar The Revenge निर्देशक: Aditya Dhar कास्ट: Ranveer Singh, R Madhavan, Arjun Rampal, Sanjay Dutt, Rakesh Bedi, Sara Arjun कहानी: जासूसी, बदला और देशभक्ति का हाई-वोल्टेज ड्रामा Dhurandhar The Revenge एक बड़े पैमाने पर बनी स्पाई-एक्शन फिल्म है, जिसकी कहानी भारतीय एजेंट हमजा अली माजरी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार Ranveer Singh ने निभाया है। फिल्म में वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख मेजर इकबाल (Arjun Rampal) के खिलाफ एक खतरनाक मिशन पर निकलता है। कहानी जसकिरत सिंह रंगी के हमजा बनने के सफर, दुश्मन के इलाके में उसकी रणनीति और उसके मिशन की सफलता को दिखाती है। करीब 229 मिनट की यह फिल्म हर मोड़ पर सस्पेंस और ट्विस्ट से भरी हुई है। क्या है खास? निर्देशक Aditya Dhar की राइटिंग और डिटेलिंग फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। चैप्टर-वाइज नैरेटिव स्टोरी को आसान और दिलचस्प बनाता है इमोशनल एंगल और देशभक्ति का मजबूत कनेक्शन बड़े पैमाने के एक्शन और CGI सीक्वेंस सरप्राइज कैमियो और लगातार ट्विस्ट चार घंटे लंबी फिल्म को भी दर्शकों के लिए बांधे रखना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, और इसमें डायरेक्टर काफी हद तक सफल रहे हैं। कहां रह गई कमी? फिल्म का पहला हाफ, खासकर दूसरा चैप्टर थोड़ा धीमा महसूस होता है। इसके अलावा बैकग्राउंड म्यूजिक पहले पार्ट जितना प्रभावशाली नहीं है, हालांकि कुछ गाने और क्लाइमैक्स ट्रैक असर छोड़ते हैं। परफॉर्मेंस: रणवीर सिंह का जलवा Ranveer Singh ने एक बार फिर साबित किया कि वह अपनी पीढ़ी के सबसे दमदार एक्टर्स में से एक हैं। इमोशनल सीन हो या एक्शन, हर जगह उनका प्रदर्शन शानदार है R Madhavan ने IB डायरेक्टर के रोल में गंभीरता और संतुलन लाया Arjun Rampal एक खतरनाक विलेन के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं Rakesh Bedi ने राजनीति और हास्य का संतुलन दिखाया Sara Arjun ने सीमित रोल में भी अच्छा सपोर्ट दिया अगर आप बड़े पैमाने की एक्शन और देशभक्ति से भरपूर फिल्में पसंद करते हैं, तो Dhurandhar The Revenge आपके लिए एक शानदार सिनेमैटिक अनुभव साबित हो सकती है। लंबे रनटाइम से डरने की जरूरत नहीं- यह फिल्म आपको अंत तक बांधे रखती है। और हां, पोस्ट-क्रेडिट सीन मिस करना भारी पड़ सकता है।
साल 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल Dhurandhar 2: The Revenge अब रिलीज से पहले ही सुर्खियों में छाई हुई है। निर्देशक Aditya Dhar ने फिल्म का अंतिम रनटाइम 3 घंटे 52 मिनट (232 मिनट) तय कर दिया है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में शामिल कर देता है। Ranveer Singh स्टारर यह स्पाई-एक्शन ड्रामा अब तक की सातवीं सबसे लंबी भारतीय फीचर फिल्म बन गई है। A सर्टिफिकेट के साथ सेंसर पास, लंबाई बनी चर्चा का विषय फिल्म को Central Board of Film Certification (CBFC) ने A सर्टिफिकेट के साथ पास किया है। इसका मतलब है कि फिल्म में कुछ ऐसे सीन या कंटेंट हैं, जो केवल वयस्क दर्शकों के लिए उपयुक्त हैं। करीब 4 घंटे की लंबाई के चलते यह फिल्म सिनेमाघरों के लिए भी एक चुनौती बन सकती है, क्योंकि एक दिन में सीमित शोज ही चल पाएंगे। भारतीय सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में शामिल ‘धुरंधर 2’ ने लंबाई के मामले में कई बड़ी फिल्मों की सूची में अपनी जगह बना ली है। इससे लंबी फिल्मों में शामिल हैं: Tamas (298 मिनट) Thavamai Thavamirundhu (275 मिनट) LOC: Kargil (255 मिनट) Mera Naam Joker (248 मिनट) Sangam (238 मिनट) Lagaan (233 मिनट) रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर धमाका फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि एक दिन पहले प्रीव्यू शो भी शुरू हो जाएंगे। रिलीज से पहले ही फिल्म ने एडवांस बुकिंग में दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतिम प्री-सेल्स 150 से 200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती हैं, जो इसे साल की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में शामिल कर सकती है। मल्टी-लैंग्वेज रिलीज, लेकिन स्क्रीनिंग में चुनौती Jio Studios और B62 Studios के बैनर तले बनी यह फिल्म हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में भी रिलीज होगी। हालांकि, लंबे रनटाइम के कारण कई सिनेमाघरों में स्क्रीनिंग स्लॉट सीमित रहने की संभावना है, जिससे शुरुआती दिनों में टिकट की डिमांड और बढ़ सकती है।
Dhurandhar 2: The Revenge को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। Ranveer Singh की इस बहुप्रतीक्षित स्पाई थ्रिलर फिल्म की रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में शानदार ट्रेंड देखने को मिल रहा है। फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि 18 मार्च को इसके पेड प्रीमियर शो दिखाए जाएंगे। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने एडवांस बुकिंग में ही बड़ा कमाल कर दिया है और प्रीमियर शो के लिए भी जबरदस्त बुकिंग हो रही है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि यह फिल्म दुनियाभर में ओपनिंग डे पर 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू सकती है और बॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड बना सकती है। एडवांस बुकिंग में 50 करोड़ के करीब ट्रेड अनुमानों के अनुसार, Aditya Dhar के निर्देशन में बनी इस फिल्म की दुनियाभर में एडवांस बुकिंग करीब 50 करोड़ रुपये के ग्रॉस आंकड़े तक पहुंच चुकी है। खास बात यह है कि इसमें भारत की पहले दिन की पूरी प्री-सेल्स अभी शामिल नहीं हैं, क्योंकि देश में फिल्म की फुल फ्लेज्ड बुकिंग अभी शुरू नहीं हुई है। भारत में पेड प्रीमियर से 35 करोड़ की उम्मीद रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म सिर्फ भारत में पेड प्रीमियर शो से ही 35 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर सकती है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट की एडवांस बुकिंग को जोड़कर रिलीज से पहले ही लगभग 50 करोड़ रुपये तक का कलेक्शन होने की संभावना है। पहले दिन भारत में 150 करोड़ तक कमा सकती है फिल्म ट्रेड एनालिस्ट्स का अनुमान है कि 19 मार्च को पहले दिन भारत में फिल्म 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर सकती है। कुल मिलाकर घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 150 करोड़ रुपये ग्रॉस तक की ओपनिंग संभव मानी जा रही है। विदेशों में भी जबरदस्त डिमांड ओवरसीज मार्केट में भी फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। खासतौर पर नॉर्थ अमेरिका में प्री-सेल्स काफी मजबूत बताई जा रही है। ऐसे में फिल्म इंटरनेशनल मार्केट से 50 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की कमाई कर सकती है। अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं तो ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ओपनिंग डे पर दुनियाभर में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा छूने वाली पहली बॉलीवुड फिल्म बन सकती है और हिंदी सिनेमा के लिए नया रिकॉर्ड कायम कर सकती है। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर इसे ज्यादा बड़ी टक्कर नहीं मिलेगी, लेकिन तेलुगु राज्यों में Ustaad Bhagat Singh की रिलीज इसकी कमाई को थोड़ी चुनौती दे सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या फिल्म रिलीज के पहले दिन ‘डबल सेंचुरी’ लगाने में कामयाब हो पाती है या नहीं।
बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh की बहुप्रतीक्षित फिल्म Dhurandhar: The Revenge रिलीज़ से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत करती दिखाई दे रही है। फिल्म के पेड प्रीव्यू शो के लिए एडवांस बुकिंग में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक देशभर में इसके प्रीमियर शो के लिए लाखों टिकट बिक चुके हैं और फिल्म ने करोड़ों रुपये की कमाई कर ली है। निर्देशक Aditya Dhar के निर्देशन में बनी यह स्पाई-थ्रिलर फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है, जबकि इसके खास पेड प्रीव्यू शो 18 मार्च को आयोजित किए जाएंगे। इन विशेष शो के लिए टिकटों की बुकिंग 7 मार्च से शुरू हुई थी। 3.48 लाख टिकट बिके, 18.64 करोड़ की कमाई रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने अब तक देशभर में 8,337 शो के लिए करीब 3.48 लाख टिकट बेच दिए हैं। इन पेड प्रीव्यू शोज़ से फिल्म ने लगभग 18.64 करोड़ रुपये की एडवांस कमाई कर ली है। फिल्म का हिंदी वर्जन सबसे आगे चल रहा है, जिसने करीब 3.23 लाख टिकटों की बिक्री के साथ 18.16 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। वहीं हिंदी डॉल्बी सिनेमा फॉर्मेट से भी शुरुआती बुकिंग में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। डब्ड वर्जन को भी मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स यह फिल्म एक पैन-इंडिया रिलीज़ है और इसे हिंदी के अलावा तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी रिलीज़ किया जा रहा है। डब्ड वर्जनों की बात करें तो: तमिल वर्जन ने 15,385 टिकटों के साथ लगभग 23.58 लाख रुपये कमाए हैं। तेलुगु वर्जन ने 7,827 टिकटों से करीब 18.54 लाख रुपये की कमाई की है। कन्नड़ वर्जन ने 479 टिकटों से लगभग 2.04 लाख रुपये जुटाए हैं। मलयालम वर्जन ने 934 टिकटों के साथ करीब 2.25 लाख रुपये की एडवांस कमाई की है। रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी फिल्म की शुरुआती बुकिंग और ट्रेंड को देखते हुए ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘धुरंधर 2’ पेड प्रीव्यू कलेक्शन के मौजूदा रिकॉर्ड को चुनौती दे सकती है। यह रिकॉर्ड फिलहाल Pawan Kalyan की फिल्म OG के नाम है, जिसने पेड प्रीव्यू से करीब 25 करोड़ रुपये की कमाई की थी। हिंदी बेल्ट में तेजी से बढ़ती एडवांस बुकिंग और विदेशों में भी मिल रही अच्छी प्रतिक्रिया से उम्मीद जताई जा रही है कि यह फिल्म इस आंकड़े को पार कर सकती है। विदेशों में भी जबरदस्त क्रेज फिल्म को लेकर नॉर्थ अमेरिका में भी दर्शकों का उत्साह देखने को मिल रहा है। वहां ओपनिंग डे के लिए एडवांस बुकिंग 1 मिलियन डॉलर (करीब 8 करोड़ रुपये) के आंकड़े को पार कर चुकी है, जो किसी भी हिंदी फिल्म के लिए मजबूत शुरुआत मानी जाती है। दमदार स्टारकास्ट और कहानी Dhurandhar: The Revenge में Ranveer Singh के अलावा Sanjay Dutt, Arjun Rampal और Sara Arjun अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म में रणवीर सिंह अंडरकवर भारतीय एजेंट ‘जस्किरत सिंह रंगी’ की भूमिका निभा रहे हैं, जो हमज़ा अली मज़ारी नाम से दुश्मनों के बीच काम करता है। पहली फिल्म में गैंगस्टर रहमान डकैत की मौत के बाद हमज़ा लियारी का सबसे खतरनाक सरगना बन जाता है और भारत के खिलाफ कई हमलों से जुड़े आईएसआई प्रमुख मेजर इकबाल को निशाना बनाता है। बॉक्स ऑफिस पर बड़ी उम्मीदें फिल्म की एडवांस बुकिंग और दर्शकों के उत्साह को देखते हुए ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि ‘धुरंधर 2’ इस साल की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में शामिल हो सकती है। अब सभी की नजरें 18 और 19 मार्च को होने वाले इसके प्रीव्यू और ओपनिंग डे कलेक्शन पर टिकी हुई हैं। अगर चाहें तो मैं इसे वेबसाइट/पोर्टल के लिए SEO हेडलाइन, मेटा डिस्क्रिप्शन और सोशल मीडिया कैप्शन (FB/Instagram) के साथ भी तैयार कर सकता हूँ।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।