Alpha Movie

Alia Bhatt and Sharvari in a scene from Alpha as the film records steady box office earnings on Day 5.
Alpha Box Office Collection Day 5: आलिया भट्ट और शरवरी की फिल्म ने 5 दिनों में कमाए ₹40.5 करोड़, मंगलवार को दिखी हल्की बढ़त

आलिया भट्ट और शरवरी अभिनीत स्पाई एक्शन फिल्म 'Alpha' बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है। ट्रेड अनुमानों के मुताबिक, फिल्म ने रिलीज के पांचवें दिन यानी पहले डिस्काउंटेड मंगलवार को करीब ₹4 करोड़ (नेट) का कारोबार किया। इसके साथ ही फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन लगभग ₹40.5 करोड़ पहुंच गया है। हालांकि, मंगलवार को सोमवार के मुकाबले लगभग 15 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली, लेकिन ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि सस्ते टिकटों के बावजूद फिल्म को उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं मिला। 5 दिनों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (ट्रेड अनुमान) दिन नेट कलेक्शन शुक्रवार ₹9.00 करोड़ शनिवार ₹11.50 करोड़ रविवार ₹12.50 करोड़ सोमवार ₹3.50 करोड़ मंगलवार* ₹4.00 करोड़ कुल ₹40.50 करोड़ *मंगलवार का आंकड़ा ट्रेड अनुमान पर आधारित है। पहले हफ्ते में ₹46-48 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म पहले सप्ताह में ₹46 से ₹48 करोड़ के बीच नेट कलेक्शन कर सकती है। इसके बाद दूसरे शुक्रवार तक इसके ₹50 करोड़ क्लब में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, दूसरे वीकेंड में नई रिलीज 'Dhamaal 4' से फिल्म को कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल सकती है, जिसका असर इसके बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर पड़ सकता है। वर्ड ऑफ माउथ बना चुनौती फिल्म को शुरुआती दिनों में ठीक-ठाक ओपनिंग मिली, लेकिन दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया के कारण इसकी कमाई की रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। ट्रेड जानकारों का मानना है कि सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ की कमी फिल्म की कमाई को प्रभावित कर रही है। महिला-प्रधान एक्शन फिल्मों के लिए चुनौतीपूर्ण बाजार विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय बॉक्स ऑफिस पर महिला-प्रधान एक्शन फिल्मों के लिए दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में 'Alpha' का प्रदर्शन इसी चुनौती के बीच देखा जा रहा है। नोट: बॉक्स ऑफिस के सभी आंकड़े विभिन्न ट्रेड रिपोर्ट्स और शुरुआती अनुमानों पर आधारित हैं। आधिकारिक कलेक्शन में बदलाव संभव है।  

surbhi जुलाई 8, 2026 0
Alpha Box Office
'Alpha' ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर मचाई धूम, दुनियाभर में करीब ₹16 करोड़ की ओपनिंग

मुंबई, एजेंसियां। आलिया भट्ट और शरवरी वाघ स्टारर यशराज फिल्म्स की स्पाई-एक्शन फिल्म 'Alpha' ने रिलीज के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत की है। फिल्म ने पहले दिन भारत में लगभग ₹9 करोड़ नेट और दुनियाभर में करीब ₹15.8 करोड़ (लगभग ₹16 करोड़) का ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया है। इसके साथ ही फिल्म ने वीकेंड के लिए सकारात्मक शुरुआत की है।   देश और विदेश दोनों बाजारों से मिला अच्छा रिस्पॉन्स   ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने भारत में पहले दिन ₹10.8 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया, जबकि विदेशी बाजारों से करीब ₹5 करोड़ की कमाई हुई। इस तरह फिल्म का पहले दिन का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹15.8 करोड़ तक पहुंच गया।   वीकेंड में बढ़ सकती है कमाई   फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच अच्छी चर्चा देखने को मिल रही है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि शनिवार और रविवार को छुट्टियों का फायदा मिलने से कलेक्शन में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर मल्टीप्लेक्स दर्शकों से फिल्म को बेहतर प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है।   YRF Spy Universe की पहली महिला प्रधान फिल्म   शिव रवैल के निर्देशन में बनी 'Alpha' YRF Spy Universe की पहली महिला-केंद्रित स्पाई फिल्म है। फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ मुख्य भूमिका में हैं, जबकि बॉबी देओल और अनिल कपूर भी अहम किरदार निभा रहे हैं। अब फिल्म की नजर पहले वीकेंड में मजबूत कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत करने पर होगी।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Welcome to the Jungle leads the box office as collections drop on day six ahead of Alpha’s theatrical release.
Box Office: 'वेलकम टू द जंगल' की रफ्तार पड़ी धीमी, छठे दिन 33% गिरी कमाई; 'मैं वापस आऊंगा' और 'कॉकटेल 2' भी सुस्त

नई दिल्ली: भारतीय बॉक्स ऑफिस पर बुधवार का दिन कई फिल्मों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर कॉमेडी 'वेलकम टू द जंगल' की कमाई में छठे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई। फिल्म ने पिछले दिन के मुकाबले करीब 33.5% कम कारोबार किया, जिससे मेकर्स की चिंता बढ़ गई है। वहीं, 'मैं वापस आऊंगा' और 'कॉकटेल 2' की कमाई में भी गिरावट देखने को मिली, हालांकि इन दोनों फिल्मों का नुकसान अपेक्षाकृत कम रहा। अब सभी की निगाहें शुक्रवार को रिलीज होने वाली 'अल्फा' पर हैं, जो मौजूदा फिल्मों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा साबित हो सकती है। 'वेलकम टू द जंगल' को लगा बड़ा झटका अहमद खान के निर्देशन में बनी 'वेलकम टू द जंगल' शुरुआती पांच दिनों तक मिश्रित समीक्षाओं के बावजूद अच्छी कमाई कर रही थी। लेकिन छठे दिन फिल्म की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई। छठे दिन का कलेक्शन (बुधवार) कमाई: ₹6.15 करोड़ (नेट) मंगलवार की कमाई: ₹9.25 करोड़ गिरावट: करीब 33.51% यानी फिल्म को सिर्फ एक दिन में लगभग ₹3.10 करोड़ का नुकसान हुआ। फिल्म की ऑक्यूपेंसी भी प्रभावित हुई। मंगलवार को जहां औसतन 29% सीटें भरी थीं, वहीं बुधवार को यह घटकर 15% रह गई। अब तक का भारत कलेक्शन दिन कमाई पेड प्रीव्यू ₹3.75 करोड़ शुक्रवार ₹15.25 करोड़ शनिवार ₹20.00 करोड़ रविवार ₹24.75 करोड़ सोमवार ₹8.50 करोड़ मंगलवार ₹9.25 करोड़ बुधवार ₹6.15 करोड़ कुल नेट कलेक्शन: ₹87.65 करोड़ फिल्म के दूसरे वीकेंड तक घरेलू बॉक्स ऑफिस पर ₹100 करोड़ क्लब में शामिल होने की संभावना बनी हुई है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन 'वेलकम टू द जंगल' ने भारत में ₹104.42 करोड़ (ग्रॉस) का कारोबार किया है। वहीं, विदेशी बाजारों से फिल्म ने अब तक ₹24.95 करोड़ (ग्रॉस) की कमाई की है। कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन: ₹129.37 करोड़ हालांकि, आने वाले दिनों में नई रिलीज फिल्मों से इसकी कमाई पर असर पड़ सकता है। 'मैं वापस आऊंगा' की स्थिर कमाई जारी इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी रोमांटिक ड्रामा 'मैं वापस आऊंगा' तीसरे सप्ताह में भी संतुलित प्रदर्शन कर रही है। 20वें दिन की कमाई: ₹1.40 करोड़ (नेट) अब तक का प्रदर्शन कुल नेट कलेक्शन: ₹50.95 करोड़ भारत ग्रॉस: ₹60.69 करोड़ ओवरसीज ग्रॉस: ₹16.95 करोड़ वर्ल्डवाइड ग्रॉस: ₹77.64 करोड़ करीब ₹70 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के दम पर अब भी सिनेमाघरों में बनी हुई है। 'कॉकटेल 2' की कमाई भी धीमी शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर 'कॉकटेल 2' के लिए भी बुधवार ज्यादा अच्छा नहीं रहा। 13वें दिन की कमाई: ₹1.40 करोड़ (नेट) अब तक का कलेक्शन भारत नेट: ₹88.15 करोड़ भारत ग्रॉस: ₹105.10 करोड़ ओवरसीज ग्रॉस: ₹29.00 करोड़ वर्ल्डवाइड ग्रॉस: ₹134.10 करोड़ करीब ₹150 करोड़ के बजट वाली यह फिल्म फिलहाल लागत के मुकाबले अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी है। मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए इसे बॉक्स ऑफिस पर औसत प्रदर्शन करने वाली फिल्मों में गिना जा रहा है। अब सबकी नजर 'अल्फा' पर शुक्रवार को सिनेमाघरों में तीन नई फिल्में रिलीज होने जा रही हैं— अल्फा बेबी डू डाई डू नागबंधम इनमें सबसे ज्यादा चर्चा आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर 'अल्फा' की है, जो YRF Spy Universe की नई फिल्म है। फिल्म में अनिल कपूर और बॉबी देओल भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो पहले ही वीकेंड में यह बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत कर सकती है। वहीं 'बेबी डू डाई डू' और 'नागबंधम' से शुरुआती दिन में सीमित कमाई की उम्मीद जताई जा रही है।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Alia Bhatt, Sharvari, Bobby Deol, and Anil Kapoor featured in YRF Spy Universe film Alpha ahead of its theatrical release.
Alpha Cast Fees: आलिया भट्ट सबसे ज्यादा फीस लेने वाली स्टार! बॉबी देओल और अनिल कपूर से भी आगे, शर्वरी को मिली सबसे कम रकम

मुंबई: यशराज फिल्म्स (YRF) की बहुप्रतीक्षित स्पाई थ्रिलर 'अल्फा' 3 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। रिलीज से पहले फिल्म की स्टार कास्ट की कथित फीस को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में सबसे अधिक फीस आलिया भट्ट को मिली है, जबकि शर्वरी की फीस उनसे काफी कम बताई जा रही है। हालांकि, फिल्म निर्माताओं की ओर से कलाकारों की फीस को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन आंकड़ों को मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर देखा जाना चाहिए। आलिया भट्ट को मिली सबसे ज्यादा फीस रिपोर्ट्स के अनुसार, 'अल्फा' में दमदार एक्शन अवतार में नजर आने वाली आलिया भट्ट को फिल्म के लिए करीब 25 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक मिला है। कथित तौर पर वह फिल्म की सबसे ज्यादा फीस पाने वाली कलाकार हैं। शर्वरी की फीस में बड़ा अंतर फिल्म में दूसरी मुख्य सुपर एजेंट की भूमिका निभा रहीं शर्वरी को कथित तौर पर 3 करोड़ रुपये फीस मिली है। यानी रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलिया भट्ट की फीस शर्वरी से कई गुना अधिक है। बॉबी देओल और अनिल कपूर की कथित फीस फिल्म के अहम किरदारों में नजर आने वाले बॉबी देओल और अनिल कपूर को भी कथित तौर पर 6-6 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। यदि इन रिपोर्ट्स को सही माना जाए, तो आलिया भट्ट की फीस दोनों अभिनेताओं से लगभग 316.67 प्रतिशत अधिक है। ऋतिक रोशन की होगी खास एंट्री 'अल्फा' में ऋतिक रोशन भी विशेष कैमियो रोल में दिखाई देंगे। वह एक बार फिर YRF स्पाई यूनिवर्स के लोकप्रिय किरदार मेजर कबीर के रूप में नजर आएंगे। हालांकि, उनकी फीस को लेकर अभी तक कोई विश्वसनीय जानकारी सामने नहीं आई है। ट्रेलर ने बढ़ाया उत्साह फिल्म के टीजर और ट्रेलर को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। ट्रेलर की शुरुआत आलिया भट्ट और बॉबी देओल के एक अहम दृश्य से होती है, जहां बॉबी का किरदार उन्हें एक मिशन की जिम्मेदारी सौंपता दिखाई देता है। इसके बाद ट्रेलर में आलिया और शर्वरी के कई हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलते हैं, जिन्होंने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड फिल्म 'अल्फा' को YRF Spy Universe की पहली महिला-केंद्रित फिल्म माना जा रहा है। इस स्पाई यूनिवर्स में इससे पहले 'एक था टाइगर', 'टाइगर जिंदा है', 'वॉर', 'पठान', 'टाइगर 3' और 'वॉर 2' जैसी सफल फिल्में शामिल रही हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि 3 जुलाई को रिलीज होने के बाद 'अल्फा' बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Alia Bhatt in a charcoal grey power suit with a lace bralette during Alpha trailer promotions.
Alia Bhatt का पावरफुल बॉस-लेडी लुक चर्चा में, लेस ब्रालेट और ऑफबीट सूट ने खींचा सबका ध्यान

बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट एक बार फिर अपने फैशन स्टेटमेंट को लेकर सुर्खियों में हैं। इस साल कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपने शानदार लुक्स से चर्चा बटोरने के बाद अब आलिया अपनी आगामी एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'Alpha' के ट्रेलर प्रमोशन के दौरान एक बेहद स्टाइलिश और बोल्ड अवतार में नजर आईं। आलिया ने इस बार पारंपरिक ग्लैमर से हटकर एक पावरफुल और मॉडर्न लुक चुना, जिसने फैशन प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। Elsa Hosk के ब्रांड Helsa Studio का चुना खास सूट आलिया भट्ट ने स्वीडिश सुपरमॉडल एल्सा हॉस्क के फैशन लेबल Helsa Studio का चारकोल ग्रे सूट पहना। यह आउटफिट ब्रांड के सिग्नेचर Devereux Blazer और स्ट्रेट-फिट ट्राउजर का हिस्सा था। इस ब्लेजर की खासियत इसकी ऑफ-किल्टर सिल्हूट, स्ट्रक्चर्ड पैडेड शोल्डर्स और हेमलाइन व स्लीव्स पर दिया गया सफेद शिफॉन ट्रिम था। डिजाइन में बॉडिस और पेंगुइन टेलकोट टक्सीडो का अनोखा मिश्रण देखने को मिला, जिसने पूरे लुक को अलग पहचान दी। लेस ब्रालेट ने जोड़ा फेमिनिन टच आलिया ने इस पावर सूट के साथ ब्लैक लेस ब्रालेट को पेयर किया, जिसने मोनोक्रोम लुक में एक सॉफ्ट और फेमिनिन एलिमेंट जोड़ दिया। डीप नेकलाइन और मिनिमल बटन क्लोजर वाले ब्लेजर के साथ यह स्टाइल बेहद एलिगेंट नजर आया। Christian Louboutin हील्स और डायमंड स्टड्स से पूरा किया लुक स्टाइलिस्ट प्रियंका कपाड़िया बदानी ने इस आउटफिट को Christian Louboutin की Miss Z 100mm लेदर पंप्स और मुंबई बेस्ड ब्रांड Kaj Fine Jewellery के स्टड ईयररिंग्स के साथ स्टाइल किया। मेकअप और हेयरस्टाइल रहा बेहद नैचुरल आलिया ने अपने ब्यूटी लुक को सिंपल और ग्लोइंग रखा। उन्होंने न्यूड-पिंक लिप्स, विंग्ड आईलाइनर और डिफाइंड लैशेज के साथ मिनिमल मेकअप चुना। वहीं, उनके बाल साइड पार्टिंग के साथ खुले और स्लीक स्टाइल में नजर आए। 'Alpha' में दिखेगा दमदार एक्शन अवतार फिल्म 'Alpha' के ट्रेलर में आलिया भट्ट हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस करती दिखाई दे रही हैं। उनका यह प्रमोशनल लुक भी फिल्म के किरदार की आत्मविश्वास भरी छवि को दर्शाता है।  

surbhi जून 20, 2026 0
Alia Bhatt and Sharvari in action-packed scenes from the Alpha trailer with a glimpse of Hrithik Roshan.
Alpha Trailer: 'सीता आज लंका खुद जलाने आई है', आलिया भट्ट का रौद्र अवतार, शरवरी का दमदार एक्शन, ऋतिक रोशन की झलक ने बढ़ाया सस्पेंस

आलिया भट्ट की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'अल्फा' का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है। यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की इस फिल्म में पहली बार महिला जासूसों की कहानी को केंद्र में रखा गया है। ट्रेलर में एक्शन, इमोशन और बड़े ट्विस्ट की भरमार देखने को मिली है, वहीं ऋतिक रोशन की झलक ने फैंस की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। ट्रेलर की शुरुआत से ही दिखा दमदार अंदाज ट्रेलर की शुरुआत बॉबी देओल के किरदार से होती है, जो छोटी बच्ची के रूप में आलिया भट्ट का परिचय कराते हुए कहते हैं कि उसकी मां का नाम जानकी था और वह उसे "सीता" बनाएंगे। इसके बाद बड़ी होकर आलिया एक ऐसी कहानी सुनाती हैं जो रामायण की प्रतीकात्मक झलक पेश करती है। आलिया कहती हैं: "एक राक्षस था, घमंड उसका शस्त्र था। वह झूठ और धोखे से राज करता था। एक दिन वह एक राजकुमारी को अपने घर ले गया। इतिहास जानता है कि उस कहानी का अंत कैसे हुआ, लेकिन इस बार सीता आज लंका खुद जलाने आई है।" यह संवाद ट्रेलर का सबसे चर्चित हिस्सा बन चुका है। बॉबी देओल के किरदार में बड़ा ट्विस्ट ट्रेलर में खुलासा होता है कि बॉबी देओल वास्तव में आलिया के पिता नहीं हैं। उन्होंने अपने गुप्त मिशन "अल्फा" के लिए बचपन में उसका अपहरण किया था और उसे बेहद कठोर ट्रेनिंग देकर एक खतरनाक एजेंट बनाया। बॉबी देओल फिल्म में फतेह नाम के किरदार में नजर आएंगे। उनका संवाद— "इंडिया ने अल्फा की कद्र नहीं की, अब इंडिया अल्फा से डरेगा" फिल्म के बड़े संघर्ष की ओर इशारा करता है। शरवरी वाघ और अनिल कपूर की अहम भूमिका फिल्म में शरवरी वाघ भी जबरदस्त एक्शन अवतार में दिखाई दे रही हैं। वहीं अनिल कपूर की मौजूदगी कहानी को और मजबूत बनाती नजर आती है। ट्रेलर में दोनों के किरदारों की पूरी जानकारी नहीं दी गई है, जिससे सस्पेंस बरकरार है। ऋतिक रोशन की एंट्री ने बढ़ाई एक्साइटमेंट ट्रेलर के अंतिम हिस्से में ऋतिक रोशन की एक झलक दिखाई गई है। हालांकि उनका किरदार अभी भी रहस्य बना हुआ है। माना जा रहा है कि वह स्पाई यूनिवर्स के अपने लोकप्रिय किरदार कबीर के रूप में नजर आ सकते हैं, लेकिन फिल्म रिलीज से पहले मेकर्स ने इस राज से पर्दा नहीं उठाया है। कब रिलीज होगी 'अल्फा'? शिव रवैल के निर्देशन में बनी 'अल्फा' यशराज स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म है और इस यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड स्पाई फिल्म भी है। मुख्य कलाकार: आलिया भट्ट शरवरी वाघ बॉबी देओल अनिल कपूर विशेष भूमिका में ऋतिक रोशन यह फिल्म 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।  

surbhi जून 17, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi अगस्त 7, 2026 0