Automobile News

Tata Altroz diesel hatchback with premium features and 360-degree camera parked on city road
23+ kmpl माइलेज और 360 डिग्री कैमरा के साथ आती है Tata Altroz, बजट में सबसे दमदार डीजल कार

अगर आप कम बजट में ज्यादा माइलेज देने वाली और फीचर्स से भरपूर डीजल कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो Tata Altroz आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती है। भारतीय बाजार में डीजल कारों की संख्या लगातार कम हो रही है, लेकिन लंबी दूरी तय करने वाले और रोजाना ज्यादा ड्राइव करने वाले ग्राहकों के बीच डीजल कारों की मांग अब भी बनी हुई है। ऐसे समय में Tata Altroz उन चुनिंदा कारों में शामिल है, जो किफायती कीमत, शानदार माइलेज, प्रीमियम फीचर्स और मजबूत सेफ्टी का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देती है। यही वजह है कि इसे भारत की सबसे सस्ती डीजल कारों में गिना जाता है। कीमत कितनी है? Tata Motors की इस प्रीमियम हैचबैक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 6.30 लाख रुपये है। वहीं इसका टॉप वेरिएंट 10.77 लाख रुपये तक जाता है। अगर आप डीजल वेरिएंट खरीदना चाहते हैं, तो इसकी कीमत 8.15 लाख रुपये से शुरू होकर Accomplished S ट्रिम के लिए 10.27 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक पहुंचती है। इंजन ऑप्शन्स Tata Altroz तीन इंजन विकल्पों के साथ आती है: 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन 88 PS पावर 115 Nm टॉर्क 1.2 लीटर CNG इंजन 73.5 PS पावर 103 Nm टॉर्क 1.5 लीटर डीजल इंजन 90 PS पावर 200 Nm टॉर्क गियरबॉक्स विकल्प कार में सभी इंजन ऑप्शन के साथ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स स्टैंडर्ड मिलता है। इसके अलावा पेट्रोल वेरिएंट में: 5-स्पीड AMT 6-स्पीड DCT का विकल्प भी उपलब्ध है। हालांकि डीजल वेरिएंट केवल 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ आता है। माइलेज में भी दमदार कंपनी का दावा है कि Altroz डीजल वेरिएंट 23.64 kmpl तक का माइलेज देता है। यही वजह है कि यह कार लंबी दूरी तय करने वालों और रोजाना ज्यादा ड्राइव करने वाले ग्राहकों के लिए काफी किफायती मानी जाती है। फीचर्स और सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो Tata Altroz कई प्रीमियम सुविधाओं के साथ आती है, जिनमें शामिल हैं: 10.25 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम Apple CarPlay और Android Auto सपोर्ट 7 इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर वॉइस कमांड सनरूफ वायरलेस मोबाइल चार्जर 360 डिग्री कैमरा सेफ्टी के मामले में भी यह कार काफी मजबूत मानी जाती है। Global NCAP क्रैश टेस्ट में इसे 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है, जो इसे अपने सेगमेंट की सबसे सुरक्षित कारों में शामिल करती है।  

surbhi मई 14, 2026 0
Hyundai cars lineup showcasing 30 years journey in India with export and manufacturing growth
भारत में हुंडई के 30 साल: 1.35 करोड़ गाड़ियां, 150 देशों तक एक्सपोर्ट–ऑटो सेक्टर में मजबूत पहचान

दक्षिण कोरिया की प्रमुख ऑटो कंपनी Hyundai Motor ने भारत में अपने 30 साल पूरे कर लिए हैं। Hyundai Motor India Limited (HMIL) की स्थापना 6 मई 1996 को हुई थी और आज यह देश की दूसरी सबसे बड़ी पैसेंजर कार निर्माता कंपनी बन चुकी है। तीन दशक के इस सफर में हुंडई ने भारत में न केवल अपनी मजबूत पकड़ बनाई, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत को एक अहम एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित किया। 30 साल में क्या हासिल किया? हुंडई का भारत में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है: कुल बिक्री: 1.35 करोड़ (13.5 मिलियन) यूनिट भारत में बिक्री: 96 लाख यूनिट निर्यात: 39 लाख यूनिट एक्सपोर्ट देश: 150+ यह आंकड़े बताते हैं कि हुंडई की ग्लोबल रणनीति में भारत की भूमिका कितनी अहम है। निवेश और विस्तार की बड़ी योजना कंपनी ने अब तक भारत में करीब 40,700 करोड़ रुपये का निवेश किया है। आने वाले पांच वर्षों में वह 45,000 करोड़ रुपये और निवेश करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही कंपनी 2028 तक अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 10.74 लाख यूनिट प्रति वर्ष करने का लक्ष्य रखती है। प्लांट और मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क हुंडई ने भारत में अपना पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट Sriperumbudur (चेन्नई के पास) में स्थापित किया था, जहां 1998 से उत्पादन शुरू हुआ। यह कोरिया के बाहर कंपनी की पहली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट थी। इसके अलावा कंपनी ने हाल ही में Talegaon में भी उत्पादन शुरू किया है। दोनों प्लांट्स की संयुक्त उत्पादन क्षमता फिलहाल करीब 9.94 लाख यूनिट सालाना है। सर्विस नेटवर्क और रोजगार हुंडई का सर्विस नेटवर्क भी देशभर में मजबूत है: 1,025 शहरों में मौजूदगी 1,625 सर्विस सेंटर 50,000 से ज्यादा प्रशिक्षित प्रोफेशनल यह नेटवर्क कंपनी को ग्राहकों के बीच भरोसेमंद ब्रांड बनाने में मदद करता है। कंपनी का विजन एचएमआईएल के एमडी और सीईओ तरुण गर्ग के अनुसार, कंपनी ने 13.5 मिलियन से अधिक ग्राहकों को सेवा दी है और भविष्य में भी भारत को अपने विकास का केंद्र बनाए रखेगी। क्या संकेत देता है यह सफर? हुंडई का 30 साल का सफर भारतीय ऑटो सेक्टर के विकास की कहानी भी बयां करता है। यह दिखाता है कि कैसे विदेशी कंपनियां भारत को न केवल बड़े बाजार, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में देख रही हैं। आने वाले समय में निवेश और उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी से ऑटो सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।  

surbhi मई 6, 2026 0
Rows of newly manufactured cars and motorcycles at an Indian automobile showroom highlighting record vehicle sales.
भारत में ऑटो सेक्टर का धमाका: FY 2025-26 में रिकॉर्ड बिक्री, 46.43 लाख पैसेंजर और 2.17 करोड़ दोपहिया वाहन बिके

भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर एक बार फिर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश में सभी श्रेणियों–पैसेंजर वाहन, दोपहिया, तिपहिया और कमर्शियल वाहनों–की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है। पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में ऐतिहासिक उछाल FY 2025-26 में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने नया रिकॉर्ड बनाया: कुल बिक्री: 46.43 लाख यूनिट्स सालाना वृद्धि: 7.9% वहीं, चौथी तिमाही (Q4) में: 13.16 लाख यूनिट्स की बिक्री पिछले साल की तुलना में 13.2% की ग्रोथ यह आंकड़े दिखाते हैं कि भारत में कारों की मांग लगातार तेजी से बढ़ रही है। दोपहिया वाहनों ने भी तोड़ा रिकॉर्ड देश में दोपहिया वाहनों की बिक्री भी नई ऊंचाई पर पहुंची: कुल बिक्री: 2.17 करोड़ यूनिट्स यह सेगमेंट खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बढ़ती मांग का संकेत देता है। SIAM अध्यक्ष का बयान SIAM के अध्यक्ष शैलेश चंद्र ने कहा कि: वित्त वर्ष की शुरुआत भले ही धीमी रही हो, लेकिन साल का अंत बेहद शानदार रहा। सभी वाहन श्रेणियों ने पिछले 7 वर्षों में पहली बार किसी एक वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है। ग्रोथ के पीछे ये रहे बड़े कारण ऑटो सेक्टर की इस जबरदस्त बढ़त के पीछे कई अहम फैक्टर रहे: GST 2.0 सुधारों का सकारात्मक प्रभाव रेपो रेट में कटौती से बढ़ी खरीद क्षमता बढ़ती उपभोक्ता मांग बेहतर फाइनेंसिंग विकल्प क्या संकेत देता है यह आंकड़ा? यह रिकॉर्ड बिक्री दर्शाती है कि: भारतीय अर्थव्यवस्था में स्थिरता और भरोसा बढ़ा है मिडिल क्लास की क्रय शक्ति मजबूत हुई है ऑटो सेक्टर में भविष्य की ग्रोथ के संकेत सकारात्मक हैं   FY 2025-26 भारत के ऑटो सेक्टर के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। रिकॉर्ड बिक्री यह दिखाती है कि देश में मोबिलिटी की मांग तेजी से बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में यह सेक्टर और भी मजबूत हो सकता है।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Volkswagen Taigun Facelift 2026 SUV with redesigned front grille, LED light bar and premium styling
Volkswagen Taigun Facelift 2026 का पहला लुक जारी - दमदार डिजाइन और नए फीचर्स के साथ एंट्री को तैयार

भारतीय ऑटो बाजार में मिड-साइज़ SUV सेगमेंट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए Volkswagen ने अपनी लोकप्रिय SUV Volkswagen Taigun का फेसलिफ्ट वर्जन लॉन्च से पहले पेश कर दिया है। 9 अप्रैल को होने वाले आधिकारिक लॉन्च से पहले सामने आए इस नए मॉडल में डिजाइन, फीचर्स और टेक्नोलॉजी में कई अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं। यह Taigun का 2021 में लॉन्च के बाद पहला बड़ा अपडेट है, जिसे कंपनी ने अधिक प्रीमियम लुक और बेहतर इन-कैबिन अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार किया है। इस SUV का प्रोडक्शन पुणे के चाकन प्लांट में शुरू भी हो चुका है, जहां इसे Skoda Kushaq के साथ तैयार किया जा रहा है। डिजाइन में बड़ा बदलाव, अब और ज्यादा प्रीमियम लुक फेसलिफ्ट मॉडल में सबसे बड़ा बदलाव इसके फ्रंट डिजाइन में देखने को मिलता है। नई Taigun में रीडिजाइन बंपर, चौड़ा ग्रिल और स्लिम LED लाइट बार के साथ जुड़ी नई हेडलाइट्स दी गई हैं, जो इसे पहले से ज्यादा मॉडर्न और आकर्षक बनाती हैं। इसके अलावा, इल्यूमिनेटेड Volkswagen लोगो और क्रोम एलिमेंट्स इसकी रोड प्रेजेंस को और मजबूत करते हैं। GT वेरिएंट को और स्पोर्टी बनाने के लिए इसमें ग्लॉस ब्लैक फिनिश का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें बंपर, अलॉय व्हील्स, ORVMs और रूफ रेल्स शामिल हैं। इंटीरियर में मिलेंगे नए टेक्नोलॉजी फीचर्स हालांकि कंपनी ने केबिन की पूरी जानकारी अभी साझा नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें बड़ा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, अपडेटेड इंफोटेनमेंट सिस्टम और AI बेस्ड फीचर्स मिल सकते हैं। इसके अलावा पैनोरमिक सनरूफ और बेहतर रियर सीट कम्फर्ट जैसे अपग्रेड्स भी देखने को मिल सकते हैं। इंजन और परफॉर्मेंस में क्या नया? नई Taigun में मौजूदा इंजन ऑप्शन बरकरार रहने की संभावना है। इसमें 1.0-लीटर TSI (115bhp) और 1.5-लीटर TSI (150bhp) इंजन शामिल होंगे। हालांकि 1.0-लीटर वेरिएंट में नया 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स जोड़े जाने की उम्मीद है, जो ड्राइविंग एक्सपीरियंस को और बेहतर बना सकता है। किनसे होगी टक्कर? लॉन्च के बाद नई Taigun का मुकाबला भारतीय बाजार में Hyundai Creta, Kia Seltos, Maruti Suzuki Grand Vitara, Renault Duster और Tata Sierra जैसी पॉपुलर SUVs से होगा। कीमतों का खुलासा लॉन्च के दिन किया जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि यह मौजूदा मॉडल से थोड़ी महंगी हो सकती है।  

surbhi अप्रैल 8, 2026 0
VinFast MPV 7 electric car with premium features and 7-seater design
प्रीमियम फीचर्स और 450KM रेंज के साथ VinFast MPV 7 भारत में लॉन्च को तैयार, बुकिंग शुरू

वियतनाम की उभरती ऑटोमोबाइल कंपनी VinFast भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार नए उत्पाद पेश कर रही है। इसी कड़ी में कंपनी ने अपनी नई इलेक्ट्रिक मल्टी-पर्पज़ व्हीकल VinFast MPV 7 की बुकिंग भारत में आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। यह प्रीमियम फीचर्स से लैस इलेक्ट्रिक MPV 15 अप्रैल 2026 को भारतीय बाजार में लॉन्च की जाएगी। भारत में तीसरी पेशकश, दो वेरिएंट में आएगी MPV 7 VinFast इससे पहले VinFast VF6 और VinFast VF7 को पेश कर चुकी है। अब कंपनी MPV सेगमेंट में एंट्री लेकर अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। इस नई MPV को ड्यूल ब्रांडिंग के साथ पेश किया जाएगा- Limo Green वर्जन: कमर्शियल और फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए VF MPV 7: निजी ग्राहकों के लिए ₹21,000 की टोकन राशि के साथ इसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है, जिससे कंपनी शुरुआती ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। डिजाइन: स्पेस और स्टाइल का संतुलन MPV 7 का डिजाइन VinFast की SUV लाइनअप से प्रेरित है। इसमें फ्रंट और रियर LED लाइट बार, वर्टिकल हेडलाइट्स और एयरो-डायनामिक अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। हालांकि इसका बॉक्सी लुक खासतौर पर केबिन स्पेस बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे यह फैमिली और कमर्शियल दोनों यूज़ के लिए उपयुक्त बनती है। इंटीरियर और फीचर्स केबिन को मिनिमलिस्ट और टेक-फोकस्ड रखा गया है। इसमें मिलते हैं- 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम फ्लोटिंग सेंटर कंसोल संभावित हेड-अप डिस्प्ले ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक 4 एयरबैग और ABS+EBD स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल्स ये फीचर्स इसे प्रीमियम MPV सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनाते हैं। परफॉर्मेंस और बैटरी MPV 7 में 60.13kWh बैटरी पैक और फ्रंट-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है, जो 204bhp की पावर और 280Nm का टॉर्क जनरेट करता है। कंपनी का दावा है कि यह MPV एक बार चार्ज करने पर लगभग 450 किलोमीटर (NEDC) की रेंज दे सकती है। फास्ट चार्जिंग के लिए 80kW DC चार्जर का सपोर्ट दिया गया है, जिससे बैटरी 10% से 70% तक सिर्फ 30 मिनट में चार्ज हो सकती है। ऑफर्स और कस्टमर बेनिफिट्स VinFast इस MPV को “वैल्यू-फॉर-मनी” प्रोडक्ट के रूप में पेश कर रही है। शुरुआती ग्राहकों को मिल सकते हैं- ₹2 लाख तक EV इंसेंटिव फ्री चार्जिंग सुविधा बायबैक ऑप्शन 10 साल की बैटरी वारंटी साथ ही कंपनी की रेजिडुअल वैल्यू पॉलिसी के तहत- 2 साल में 75% वैल्यू 3 साल में 55% वैल्यू की गारंटी बाजार में मुकाबला भारतीय बाजार में MPV 7 का सीधा मुकाबला आने वाली इलेक्ट्रिक 3-रो गाड़ियों जैसे Kia Carens Clavis EV, Mahindra XEV 9S और BYD eMax 7 से होगा।     Historical Fact 2 अप्रैल का इतिहास: महत्वपूर्ण घटनाएँ, जन्म और विशेष दिवस 2 अप्रैल इतिहास के पन्नों में कई उल्लेखनीय घटनाओं, महान व्यक्तित्वों के जन्म और महत्वपूर्ण उपलब्धियों के लिए दर्ज है। यह दिन विज्ञान, राजनीति, खेल और सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलावों का साक्षी रहा है।   2 अप्रैल की प्रमुख घटनाएँ 1984 – स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा ने सोयूज़ टी-11 मिशन के तहत अंतरिक्ष में जाकर इतिहास रचा और पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने। 1989 – फिलिस्तीन मुक्ति संगठन के नेता यासर अराफात फिलिस्तीन के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। 2007 – सोलोमन द्वीप में भीषण सुनामी ने भारी तबाही मचाई। 2011 – भारत ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को हराकर ICC क्रिकेट विश्व कप 2011 जीता, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास की ऐतिहासिक जीत रही।   2 अप्रैल को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति 1943 – बिंदेश्वर पाठक, ‘सुलभ इंटरनेशनल’ के संस्थापक और समाज सुधारक। 1891 – टी. बी. कुन्हा, गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी। 1902 – बड़े ग़ुलाम अली ख़ाँ, शास्त्रीय संगीत के महान गायक। 1942 – रोशन सेठ, प्रसिद्ध अभिनेता। 1969 – अजय देवगन, बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता, निर्देशक और निर्माता। 1935 – ए. वी. रामा राव, प्रसिद्ध रसायनशास्त्री और आविष्कारक। 1881 – वी. वी. सुब्रमण्य अय्यर, क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी।   2 अप्रैल को हुए निधन 2023 – सलीम दुर्रानी, भारत के प्रसिद्ध क्रिकेट ऑलराउंडर। 1933 – रणजी (के. एस. रणजीतसिंहजी), भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी। 1907 – राधाकृष्ण दास, बहुभाषी साहित्यकार। 1825 – बन्धुल, प्रसिद्ध बर्मी सेनापति। 1720 – बालाजी विश्वनाथ, मराठा साम्राज्य के महत्वपूर्ण नेता।   महत्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस – यह दिन ऑटिज़्म से जुड़े लोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें समाज में समान अवसर दिलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।   निष्कर्ष 2 अप्रैल न केवल ऐतिहासिक घटनाओं का प्रतीक है, बल्कि यह दिन हमें प्रेरित करता है कि कैसे विज्ञान, खेल और समाज में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ मानव जीवन को नई दिशा देती हैं।  

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Kia Seltos SUV during crash test showcasing strong safety performance and 5-star Bharat NCAP rating
Kia Seltos बनी और सुरक्षित: Bharat NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग, शानदार प्रदर्शन

अगर आप नई SUV खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Kia Seltos अब पहले से कहीं ज्यादा भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आई है। हाल ही में Bharat NCAP क्रैश टेस्ट में इस SUV को 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है, जो इसे अपने सेगमेंट की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में शामिल करती है। शानदार सेफ्टी स्कोर Bharat NCAP के अनुसार, Kia Seltos ने Adult Occupant Protection (AOP) में 32 में से 31.70 अंक हासिल किए हैं। फ्रंटल ऑफसेट टेस्ट: 16 में से 15.70 अंक साइड बैरियर टेस्ट: 16 में से पूरे 16 अंक ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर दोनों के लिए सिर, छाती और शरीर के अहम हिस्सों को अच्छी सुरक्षा मिली है, जिससे इसकी ओवरऑल सेफ्टी मजबूत साबित होती है। बच्चों की सुरक्षा में भी दमदार Child Occupant Protection (COP) में भी Seltos ने शानदार प्रदर्शन किया है। कुल स्कोर: 49 में से 45 अंक डायनामिक टेस्ट: 24/24 CRS इंस्टॉलेशन: 12/12 टेस्ट के दौरान 18 महीने और 3 साल के बच्चों के डमी को फ्रंटल और साइड दोनों क्रैश में पूरी सुरक्षा मिली, जो इसे फैमिली कार के रूप में और भी मजबूत बनाता है। सभी वेरिएंट्स में स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स Kia Seltos की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग सभी वेरिएंट्स पर लागू होती है। इसमें स्टैंडर्ड तौर पर मिलते हैं: 6 एयरबैग ABS और ESC ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट रियर पार्किंग सेंसर और कैमरा हिल-स्टार्ट असिस्ट और डाउनहिल ब्रेक कंट्रोल कीमत और उपलब्धता भारतीय बाजार में Kia Seltos की कीमत लगभग ₹10.99 लाख से ₹19.99 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच है। बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है और डिलीवरी भी जारी है। क्यों है यह खबर खास? भारत में कार खरीदते समय अब ग्राहक सेफ्टी को प्राथमिकता देने लगे हैं। ऐसे में Bharat NCAP की 5-स्टार रेटिंग Kia Seltos को एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बनाती है, खासकर परिवार के लिए सुरक्षित SUV तलाश रहे ग्राहकों के लिए।  

surbhi मार्च 31, 2026 0
Triumph Speed Twin 1200 DGR Edition cafe racer with British Racing Green and custom premium design
Triumph की अनोखी पेशकश: सिर्फ एक यूनिट वाली Speed Twin 1200 DGR Edition बाइक अनवील

ब्रिटिश टू-व्हीलर निर्माता Triumph Motorcycles ने एक बार फिर अपनी एक्सक्लूसिव इंजीनियरिंग और डिजाइन क्षमता का प्रदर्शन करते हुए बेहद खास बाइक पेश की है। कंपनी ने Speed Twin 1200 Cafe Racer का एक अनूठा DGR (Distinguished Gentleman’s Ride) एडिशन अनवील किया है, जो दुनिया में सिर्फ एक ही यूनिट में तैयार की गई है। यह खास मॉडल Distinguished Gentleman’s Ride 2026 के लिए बनाया गया है और इसे “Gentlefolk Prize” के रूप में एक भाग्यशाली विजेता को दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह पहले से ही सीमित 800 यूनिट्स वाले Cafe Racer Limited Edition का और भी अधिक एक्सक्लूसिव संस्करण है। रैंडम ड्रॉ से मिलेगा मालिकाना हक इस अनोखी बाइक को जीतने के लिए राइडर्स को DGR 2026 में हिस्सा लेना होगा। सभी पात्र प्रतिभागियों में से एक विजेता का चयन रैंडम ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए कुछ अनिवार्य शर्तें निर्धारित की गई हैं: राइडर प्रोफाइल को पूरी तरह पूरा करना स्वयं डोनेशन करना अन्य प्रतिभागी को डोनेट कर “Pay It Forward” बैज हासिल करना कम से कम 250 अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹20,000) फंड जुटाना इन सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही प्रतिभागी इस विशेष बाइक को जीतने की दौड़ में शामिल हो सकेंगे। क्लासिक डिजाइन के साथ प्रीमियम टच Speed Twin 1200 DGR Edition को क्लासिक British Racing Green से प्रेरित आकर्षक कलर स्कीम में तैयार किया गया है। Competition Green और Aluminium Silver का संयोजन इसे एक प्रीमियम लुक देता है। डिजाइन की बात करें तो यह बाइक 1960 के दशक के ब्रिटिश कैफे रेसर्स से प्रेरित है। इसमें क्लिप-ऑन हैंडलबार, सिंगल सीट और रियर काउल दिया गया है, जो इसे एग्रेसिव और स्पोर्टी अपील प्रदान करता है। खास Harris Tweed बुलेट सीट, मशीन किए गए बार-एंड मिरर्स और कस्टम ग्राफिक्स इसे कलेक्टर्स के लिए बेहद खास बनाते हैं। दमदार इंजन और हाई-एंड हार्डवेयर इस स्पेशल एडिशन बाइक में Bonneville 1200 पैरेलल-ट्विन इंजन दिया गया है, जो 270-डिग्री फायरिंग ऑर्डर के साथ आता है। यह इंजन 105 bhp की पावर और 112 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है, जिससे बाइक को शानदार परफॉर्मेंस मिलती है। सस्पेंशन के लिए इसमें Marzocchi USD फ्रंट फोर्क्स और Öhlins ट्विन रियर शॉक्स दिए गए हैं, जिन्हें पूरी तरह एडजस्ट किया जा सकता है। वहीं, Brembo ब्रेकिंग सिस्टम और Metzeler टायर्स के साथ यह बाइक हाई-परफॉर्मेंस और सेफ्टी दोनों में बेहतरीन संतुलन पेश करती है। कलेक्टर्स के लिए खास पहचान इस बाइक में “15 Years of Dapper” एनिवर्सरी ग्राफिक्स और Certificate of Authenticity भी शामिल है, जो इसे न केवल एक परफॉर्मेंस मशीन बल्कि एक कलेक्टेबल आइटम भी बनाता है।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
Affordable bikes from Hero and TVS now offering cruise control feature
अब सस्ती बाइक्स में भी क्रूज कंट्रोल: Hero और TVS के किफायती मॉडल

  ‘क्रूज कंट्रोल’ आमतौर पर महंगी कारों और प्रीमियम बाइक्स में मिलने वाला फीचर माना जाता है, लेकिन अब यह सुविधा किफायती मोटरसाइकिलों में भी उपलब्ध हो गई है। इस फीचर की मदद से वाहन की स्पीड को एक स्तर पर सेट किया जा सकता है, जिससे हाईवे पर लंबी दूरी तय करते समय बार-बार एक्सीलेटर दबाने की जरूरत नहीं पड़ती। अब कई कंपनियां कम कीमत वाली बाइक्स में भी यह तकनीक देने लगी हैं। खास तौर पर Hero MotoCorp और TVS Motor Company ने ऐसे मॉडल पेश किए हैं, जिनमें क्रूज कंट्रोल फीचर अपेक्षाकृत कम कीमत में मिल रहा है।   Hero Glamour X यह देश की पहली कम्यूटर बाइक मानी जा रही है, जिसमें क्रूज कंट्रोल दिया गया है। इसके दो वेरिएंट उपलब्ध हैं, जिनकी एक्स-शोरूम कीमत करीब 84 हजार और 92 हजार रुपये है। इस बाइक में 125cc का इंजन मिलता है, जो 11.5 PS की पावर और 10.5 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। कंपनी का दावा है कि इसका माइलेज लगभग 65 kmpl तक हो सकता है।   Hero Xtreme 125R करीब 1.05 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) कीमत वाली इस बाइक में डुअल-चैनल ABS और राइड-बाय-वायर थ्रॉटल सिस्टम दिया गया है। इसमें पावर, रोड और इको जैसे तीन राइडिंग मोड मिलते हैं, जिन्हें LCD डिस्प्ले के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है।   Hero Xtreme 160R 4V इस बाइक की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 1.35 लाख रुपये है। इसमें 163cc का इंजन दिया गया है, जो 16.9 PS की पावर और 14.6 Nm का टॉर्क देता है। इसके साथ क्रूज कंट्रोल, राइड-बाय-वायर थ्रॉटल और रेन, रोड तथा स्पोर्ट जैसे तीन राइडिंग मोड भी मिलते हैं।   TVS Apache RTX यह बाइक तीन वेरिएंट - बेस, टॉप और बिल्ट-टू-ऑर्डर (BTO) - में आती है और सभी वेरिएंट में क्रूज कंट्रोल स्टैंडर्ड दिया गया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 1.99 लाख रुपये है। इसमें 300cc का लिक्विड-कूल्ड इंजन मिलता है, जो 36 PS की पावर और 28.5 Nm का टॉर्क पैदा करता है। साथ ही इसमें अर्बन, रेन, टूर और रैली जैसे चार राइडिंग मोड भी दिए गए हैं।   TVS Apache RTR 310 इस बाइक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 2.22 लाख रुपये है, जबकि टॉप वेरिएंट लगभग 2.88 लाख रुपये तक जाता है। इसमें 312.2cc का सिंगल सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 38 PS की पावर और 29 Nm का टॉर्क देता है। कुल मिलाकर, अब क्रूज कंट्रोल जैसी आधुनिक सुविधा सिर्फ महंगी मोटरसाइकिलों तक सीमित नहीं रही। कम कीमत वाले मॉडल्स में भी यह फीचर मिलने से लंबी दूरी की राइडिंग पहले से ज्यादा आरामदायक और सुविधाजनक हो गई है।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0