भारतीय बाजार में नई 2026 Citroen eC3 X Electric लॉन्च हो चुकी है और इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 11.99 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि नया मॉडल पिछले वर्जन की तुलना में लगभग 1.74 लाख रुपये सस्ता है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक कार को तीन वेरिएंट्स—Live, Live (O) और Shine—में पेश किया है। ऐसे में सवाल यह है कि किस वेरिएंट पर पैसा लगाना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा। Live वेरिएंट: बजट खरीदारों के लिए 11.99 लाख रुपये की कीमत वाला बेस वेरिएंट रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से जरूरी फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: हैलोजन हेडलैंप 15-इंच स्टील व्हील रियर पार्किंग सेंसर रिमोट कीलेस एंट्री फैब्रिक सीट्स मैनुअल एसी डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर Eco और Power ड्राइव मोड 4 एयरबैग ABS और EBD यह वेरिएंट उन ग्राहकों के लिए सही है जो कम बजट में इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहते हैं और अतिरिक्त टेक्नोलॉजी फीचर्स को प्राथमिकता नहीं देते। Live (O): सबसे संतुलित विकल्प 12.39 लाख रुपये की कीमत वाला यह मिड वेरिएंट सिर्फ 40,000 रुपये अतिरिक्त खर्च में कई उपयोगी फीचर्स जोड़ता है। अतिरिक्त सुविधाएं: 9.8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto ब्लूटूथ कनेक्टिविटी 4-स्पीकर ऑडियो सिस्टम रिवर्स पार्किंग कैमरा लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री व्हील कवर आज के समय में टचस्क्रीन, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और रिवर्स कैमरा जैसे फीचर्स काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसलिए कीमत और सुविधाओं के हिसाब से यह वेरिएंट सबसे बेहतर संतुलन प्रदान करता है। Shine वेरिएंट: प्रीमियम अनुभव चाहने वालों के लिए 13.26 लाख रुपये की कीमत वाला टॉप मॉडल ज्यादा प्रीमियम फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: प्रोजेक्टर LED हेडलैंप LED DRLs और फ्रंट फॉग लैंप 15-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील वायरलेस चार्जर 10.2-इंच टचस्क्रीन My Citroen Connect टेक्नोलॉजी 7-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट 6 एयरबैग सभी यात्रियों के लिए 3-पॉइंट सीटबेल्ट यदि आपका बजट अधिक है और आप प्रीमियम अनुभव चाहते हैं, तो Shine वेरिएंट अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। बैटरी, रेंज और चार्जिंग नई Citroen eC3 X में 29.2kWh बैटरी पैक दिया गया है। रेंज: 325 किमी (MIDC प्रमाणित) पावर: 57hp टॉर्क: 143Nm 0-60 किमी/घंटा: 6.8 सेकंड टॉप स्पीड: 107 किमी/घंटा चार्जिंग समय AC चार्जर: 10% से 100% तक लगभग 10 घंटे 30 मिनट DC फास्ट चार्जर: 10% से 80% तक केवल 57 मिनट कौन-सा वेरिएंट खरीदना चाहिए? अगर केवल बेसिक जरूरतें हैं तो Live वेरिएंट पर्याप्त है। वहीं ज्यादा फीचर्स और प्रीमियम अनुभव के लिए Shine उपयुक्त रहेगा। लेकिन कुल मिलाकर देखा जाए तो Live (O) वेरिएंट सबसे ज्यादा Value for Money साबित होता है। केवल 40 हजार रुपये अतिरिक्त देकर आपको आधुनिक इंफोटेनमेंट, वायरलेस कनेक्टिविटी, रिवर्स कैमरा और बेहतर इंटीरियर जैसे कई जरूरी फीचर्स मिल जाते हैं।
बोकारो। बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के बाजार टांड में शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। खासमहाल से कोयला स्लरी लादकर उत्तर प्रदेश के बनारस जा रहा 14 चक्का ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक के खलासी 28 वर्षीय अबू सुफेयान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल चालक गिरजेश कुमार दुबे अस्पताल से इलाज के बाद फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। कई दुकानों और मकानों को भारी नुकसान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार के कारण ट्रक असंतुलित होकर सड़क किनारे बने कई दुकानों और मकानों से टकरा गया। हादसे में गणेश साहु के करीब 14 हजार ईंट, गैराज और मकान की 10 फीट लंबी दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा मोहन महतो की स्टील फर्नीचर दुकान, प्रमोद के घर का बाहरी हिस्सा, प्रदीप की चाय दुकान और सड़क किनारे खड़ी अनुपम साव की पिकअप वैन भी क्षतिग्रस्त हो गई। बिजली आपूर्ति भी हुई बाधित ट्रक की टक्कर से डीवीसी के ऐश पौंड तक जाने वाली बिजली लाइन के दो पोल और बंच केबल टूटकर गिर गए, जिससे आसपास के इलाके की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। हादसे के बाद कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल चालक पुलिस को चकमा देकर भागा सूचना मिलते ही बेरमो एसडीपीओ रविंद्र कुमार सिंह, बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से चालक को मलबे से निकालकर डीवीसी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने मृतक अबू सुफेयान के शव को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और सड़क पर बिखरे कोयले को हटाकर यातायात बहाल करने का काम किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
नई दिल्ली: सड़क पर सफर के दौरान कब कौन-सी समस्या सामने आ जाए, इसका अंदाजा पहले से नहीं लगाया जा सकता। कई बार अचानक कार की बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है, रात के समय गाड़ी खराब हो जाती है या किसी छोटी दुर्घटना में तुरंत मदद की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे समय में अगर कार में कुछ जरूरी सामान पहले से मौजूद हो, तो बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है। एक अनुभवी कार सेल्समैन के अनुसार, हर ड्राइवर को अपनी कार में कम से कम पांच जरूरी चीजें हमेशा रखनी चाहिए। ये सामान न सिर्फ इमरजेंसी में मदद करते हैं, बल्कि आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं। 1. जंप लीड्स या पोर्टेबल जंप पैक अगर कार की बैटरी अचानक बैठ जाए तो जंप लीड्स काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए दूसरी कार की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में पोर्टेबल जंप पैक बेहतर विकल्प माना जाता है। यह छोटा और आसानी से साथ रखने योग्य उपकरण है, जिससे बिना किसी दूसरी गाड़ी की मदद के कार को दोबारा स्टार्ट किया जा सकता है। 2. टॉर्च, मोबाइल फ्लैशलाइट पर न करें पूरी तरह भरोसा रात के समय या कम रोशनी वाले इलाके में कार खराब होने पर टॉर्च बेहद काम आती है। मोबाइल की बैटरी सीमित होती है, इसलिए उस पर पूरी तरह निर्भर रहना सही नहीं माना जाता। बैटरी से चलने वाली एक अच्छी टॉर्च ज्यादा रोशनी देती है और लंबे समय तक उपयोग में लाई जा सकती है। 3. पावर बैंक रखें हमेशा चार्ज इमरजेंसी की स्थिति में मोबाइल फोन ही सबसे बड़ा सहारा होता है। मदद के लिए कॉल करना हो, लोकेशन शेयर करनी हो या जरूरी जानकारी हासिल करनी हो, फोन का चार्ज रहना बेहद जरूरी है। ऐसे में एक अच्छी क्षमता वाला पावर बैंक आपकी बड़ी मदद कर सकता है। 4. फर्स्ट एड किट सबसे जरूरी सुरक्षा उपकरण छोटी-मोटी चोट या दुर्घटना की स्थिति में फर्स्ट एड किट तुरंत राहत प्रदान करती है। इसमें बैंडेज, मेडिकल टेप, एंटीसेप्टिक, ग्लव्स और अन्य जरूरी सामान मौजूद होते हैं। कई कार कंपनियां यह किट पहले से उपलब्ध कराती हैं, लेकिन समय-समय पर इसकी जांच करते रहना भी जरूरी है। 5. हाई-विजिबिलिटी वेस्ट और वार्निंग ट्रायंगल हालांकि भारत में इन्हें रखना अनिवार्य नहीं है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद उपयोगी साबित होते हैं। यदि सड़क पर आपकी कार खराब हो जाए तो वार्निंग ट्रायंगल अन्य वाहन चालकों को पहले से सतर्क करता है। वहीं हाई-विजिबिलिटी वेस्ट पहनने से अंधेरे या खराब मौसम में आपकी मौजूदगी आसानी से दिखाई देती है। सुरक्षित सफर के लिए छोटी तैयारी, बड़ा फायदा विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी-सी तैयारी आपको किसी भी आपात स्थिति में बड़ी परेशानी से बचा सकती है। इसलिए अपनी कार में इन जरूरी चीजों को हमेशा रखें और समय-समय पर उनकी स्थिति की जांच करते रहें।
अगर आप जून 2026 में नई Honda कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह आपके लिए शानदार मौका हो सकता है। Honda Cars India अपनी लोकप्रिय कारों Honda Elevate, Honda City और Honda Amaze पर बड़े डिस्काउंट और कई अतिरिक्त बेनेफिट्स दे रही है। कंपनी कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, लॉयल्टी बोनस, एक्सटेंडेड वारंटी और कुछ वेरिएंट्स पर एक्सेसरी पैकेज जैसे फायदे भी उपलब्ध करा रही है। ये ऑफर्स 30 जून 2026 तक वैध हैं। हालांकि, अलग-अलग शहरों और डीलरशिप के अनुसार ऑफर्स में बदलाव संभव है। Honda Elevate पर सबसे बड़ा फायदा Honda Elevate पर कंपनी इस महीने सबसे ज्यादा बेनेफिट्स दे रही है। Honda Elevate ZX MT और ZX CVT पर ग्राहकों को 2.15 लाख रुपये तक का फायदा मिल सकता है। कुछ वेरिएंट्स पर 360-डिग्री कैमरा, प्रीमियम डैशकैम और एक्सेसरी पैकेज भी मुफ्त दिए जा रहे हैं। Elevate V Apex वेरिएंट पर लगभग 1.61 लाख रुपये तक का लाभ मिल सकता है। Elevate VX वेरिएंट पर करीब 1.53 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है। Honda Amaze पर भी आकर्षक ऑफर्स Honda Amaze खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भी कंपनी कई फायदे दे रही है। Amaze ZX MT पर 67,000 रुपये तक के बेनेफिट्स। Amaze VX पर 48,000 रुपये तक की बचत। Amaze V वेरिएंट पर 28,000 रुपये तक का फायदा। इसके अलावा, Honda का CNG सपोर्ट प्रोग्राम भी जारी है। चयनित Amaze वेरिएंट्स में अधिकृत CNG किट लगवाने पर ग्राहकों को 20,000 रुपये तक की रिइम्बर्समेंट मिल सकती है। Honda City पर भी भारी छूट Honda अपनी प्री-फेसलिफ्ट City सेडान पर भी शानदार ऑफर्स दे रही है। Honda City पेट्रोल रेंज पर 1.56 लाख रुपये तक के बेनेफिट्स। Honda City e:HEV हाइब्रिड (MY25 स्टॉक) पर 1.97 लाख रुपये तक की छूट। बेहतर माइलेज, प्रीमियम फीचर्स और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव के कारण Honda City भारतीय ग्राहकों के बीच लंबे समय से लोकप्रिय रही है। किसके लिए सबसे फायदेमंद है यह ऑफर? SUV खरीदने वालों के लिए Honda Elevate बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। बजट सेडान चाहने वाले ग्राहक Honda Amaze पर विचार कर सकते हैं। प्रीमियम और फ्यूल एफिशिएंट सेडान पसंद करने वालों के लिए Honda City और City e:HEV आकर्षक विकल्प हैं। जून 2026 के ये ऑफर्स नई कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए अच्छी बचत का मौका दे सकते हैं।
Nissan ने अपनी लोकप्रिय 7-सीटर MPV Nissan Gravite की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। फरवरी 2026 में लॉन्च हुई इस MPV को कंपनी ने शुरुआती दौर में इंट्रोडक्टरी प्राइसिंग के साथ पेश किया था, लेकिन अब यह ऑफर समाप्त हो चुका है। इसके बाद कंपनी ने अलग-अलग वेरिएंट्स की कीमतों में ₹8,000 से लेकर लगभग ₹18,000 तक की बढ़ोतरी की है। नई कीमतों के बाद Nissan Gravite अब ₹5.73 लाख से लेकर ₹9.08 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उपलब्ध है। वेरिएंट के हिसाब से बढ़ीं कीमतें Nissan Gravite के एंट्री-लेवल Visia MT वेरिएंट की कीमत में लगभग ₹8,000 की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत ₹5.73 लाख हो गई है। वहीं N-Connecta MT वेरिएंट सबसे ज्यादा महंगा हुआ है। इसकी कीमत में करीब ₹18,000 का इजाफा किया गया है और अब यह वेरिएंट ₹7.38 लाख में उपलब्ध होगा। इसके अलावा: Acenta वेरिएंट्स लगभग ₹9,400 तक महंगे हुए हैं। Tekna और Tekna LE वेरिएंट्स की कीमत में करीब ₹17,000 तक की बढ़ोतरी हुई है। AMT (ऑटोमैटिक) वेरिएंट्स की कीमत भी लगभग ₹15,000 तक बढ़ाई गई है। ऐसे में अब Nissan Gravite खरीदने के लिए ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक बजट तैयार रखना होगा। डिजाइन और फीचर्स में मिलता है प्रीमियम लुक Nissan Gravite को आकर्षक डिजाइन के साथ पेश किया गया है। इसमें कंपनी की सिग्नेचर V-Motion ग्रिल, LED DRLs के साथ स्टाइलिश हेडलैंप, नया फ्रंट बंपर और सिल्वर स्किड प्लेट जैसे एलिमेंट्स दिए गए हैं। केबिन में भी कई आधुनिक फीचर्स मिलते हैं, जिनमें शामिल हैं: 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम 7-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर ड्यूल-टोन सीट अपहोल्स्ट्री 7-सीटर फ्लेक्सिबल सीटिंग अरेंजमेंट वायरलेस चार्जर ऑटो हेडलैम्प्स रेन-सेंसिंग वाइपर्स एम्बिएंट लाइटिंग चुनिंदा वेरिएंट्स में एयर प्यूरीफायर इन फीचर्स की वजह से यह MPV फैमिली ग्राहकों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बनती है। इंजन और माइलेज Nissan Gravite में 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह इंजन 71hp की पावर और 96Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है। माइलेज की बात करें तो: मैनुअल वेरिएंट लगभग 19.3 kmpl का माइलेज देता है। AMT वेरिएंट करीब 19.6 kmpl तक की फ्यूल एफिशिएंसी प्रदान करता है। फैमिली कार सेगमेंट में मजबूत दावेदार अपडेटेड कीमतों के बावजूद Nissan Gravite अपने फीचर्स, 7-सीटर लेआउट और बेहतर माइलेज के कारण बजट MPV सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनी हुई है। हालांकि कीमत बढ़ने के बाद ग्राहकों के लिए अब अन्य प्रतिस्पर्धी मॉडलों के साथ इसकी तुलना और भी अहम हो जाएगी।
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने वाली Tata Sierra एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह इसकी बिक्री या फीचर्स नहीं, बल्कि इसका शानदार मॉडिफाइड अवतार है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में Tata Sierra को ऑफ-रोड स्टाइल व्हील्स और टायर्स के साथ देखा जा सकता है, जिसने SUV के लुक को पूरी तरह बदल दिया है। हालांकि भारत में वाहन मॉडिफिकेशन को लेकर कानूनी सीमाएं हैं, लेकिन कार प्रेमी अपनी गाड़ियों को अलग पहचान देने के लिए कस्टमाइजेशन करवाना पसंद करते हैं। यही वजह है कि Tata Sierra का यह नया अवतार इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। ऑफ-रोड लुक ने बढ़ाया दमदार अंदाज इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में Tata Sierra अपने सिग्नेचर Andaman Adventure येलो कलर में नजर आ रही है। पहली नजर में SUV का आकर्षक रंग ध्यान खींचता है, लेकिन असली बदलाव इसके व्हील्स और टायर्स में दिखाई देता है। जहां कंपनी स्टॉक मॉडल में 19-इंच ड्यूल-टोन मशीन-कट अलॉय व्हील्स देती है, वहीं इस मॉडिफाइड Sierra में आफ्टरमार्केट ऑफ-रोड स्टाइल अलॉय व्हील्स और मोटे टायर्स लगाए गए हैं। सिर्फ इस बदलाव ने SUV के पूरे व्यक्तित्व को बदल दिया है। अब यह पहले से ज्यादा मस्क्युलर, एडवेंचर-रेडी और सड़क पर मजबूत उपस्थिति वाली दिखाई देती है। क्या दिया गया है सस्पेंशन लिफ्ट? वीडियो को ध्यान से देखने पर ऐसा लगता है कि नए और बड़े टायर्स को फिट करने के लिए SUV में हल्का सस्पेंशन लिफ्ट भी दिया गया हो सकता है। व्हील आर्च और टायर के बीच कम गैप इस ओर इशारा करते हैं कि चौड़े टायर्स को आराम से फिट करने के लिए कुछ तकनीकी बदलाव किए गए होंगे। हालांकि इस मॉडिफिकेशन की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन लुक के लिहाज से यह बदलाव काफी प्रभावशाली नजर आ रहा है। फीचर्स के मामले में भी शानदार है Sierra Tata Motors ने Sierra को प्रीमियम फीचर्स से लैस किया है। SUV में मिलने वाले प्रमुख फीचर्स: बड़ा पैनोरमिक सनरूफ ट्रिपल-स्क्रीन डैशबोर्ड सेटअप प्रीमियम लेदराइट सीट्स वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल सीट्स मेमोरी फंक्शन फ्लोटिंग सेंटर कंसोल एक्सटेंडेबल अंडर-थाई सपोर्ट ये सभी फीचर्स इसे अपने सेगमेंट की सबसे आधुनिक और प्रीमियम SUVs में शामिल करते हैं। तीन इंजन विकल्पों के साथ उपलब्ध Tata Sierra को कंपनी ने कई इंजन विकल्पों के साथ पेश किया है। 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल 105 bhp पावर 145 Nm टॉर्क मैनुअल और DCA गियरबॉक्स विकल्प 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल 160 PS पावर 255 Nm टॉर्क टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन 1.5-लीटर टर्बो डीजल 116 bhp पावर 260 Nm टॉर्क मैनुअल और ऑटोमैटिक विकल्प कीमत कितनी है? Tata Sierra की एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹11.49 लाख से शुरू होकर ₹21.29 लाख तक जाती है। अपने आकर्षक डिजाइन, प्रीमियम फीचर्स और मल्टीपल इंजन विकल्पों की वजह से यह SUV ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। वायरल हो रहे इस मॉडिफाइड मॉडल ने यह भी दिखा दिया है कि सही कस्टमाइजेशन के बाद Tata Sierra का लुक किसी अंतरराष्ट्रीय ऑफ-रोड SUV से कम नहीं लगता।
अगर आप कम बजट में ज्यादा माइलेज देने वाली और फीचर्स से भरपूर डीजल कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो Tata Altroz आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती है। भारतीय बाजार में डीजल कारों की संख्या लगातार कम हो रही है, लेकिन लंबी दूरी तय करने वाले और रोजाना ज्यादा ड्राइव करने वाले ग्राहकों के बीच डीजल कारों की मांग अब भी बनी हुई है। ऐसे समय में Tata Altroz उन चुनिंदा कारों में शामिल है, जो किफायती कीमत, शानदार माइलेज, प्रीमियम फीचर्स और मजबूत सेफ्टी का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देती है। यही वजह है कि इसे भारत की सबसे सस्ती डीजल कारों में गिना जाता है। कीमत कितनी है? Tata Motors की इस प्रीमियम हैचबैक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 6.30 लाख रुपये है। वहीं इसका टॉप वेरिएंट 10.77 लाख रुपये तक जाता है। अगर आप डीजल वेरिएंट खरीदना चाहते हैं, तो इसकी कीमत 8.15 लाख रुपये से शुरू होकर Accomplished S ट्रिम के लिए 10.27 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक पहुंचती है। इंजन ऑप्शन्स Tata Altroz तीन इंजन विकल्पों के साथ आती है: 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन 88 PS पावर 115 Nm टॉर्क 1.2 लीटर CNG इंजन 73.5 PS पावर 103 Nm टॉर्क 1.5 लीटर डीजल इंजन 90 PS पावर 200 Nm टॉर्क गियरबॉक्स विकल्प कार में सभी इंजन ऑप्शन के साथ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स स्टैंडर्ड मिलता है। इसके अलावा पेट्रोल वेरिएंट में: 5-स्पीड AMT 6-स्पीड DCT का विकल्प भी उपलब्ध है। हालांकि डीजल वेरिएंट केवल 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ आता है। माइलेज में भी दमदार कंपनी का दावा है कि Altroz डीजल वेरिएंट 23.64 kmpl तक का माइलेज देता है। यही वजह है कि यह कार लंबी दूरी तय करने वालों और रोजाना ज्यादा ड्राइव करने वाले ग्राहकों के लिए काफी किफायती मानी जाती है। फीचर्स और सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो Tata Altroz कई प्रीमियम सुविधाओं के साथ आती है, जिनमें शामिल हैं: 10.25 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम Apple CarPlay और Android Auto सपोर्ट 7 इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर वॉइस कमांड सनरूफ वायरलेस मोबाइल चार्जर 360 डिग्री कैमरा सेफ्टी के मामले में भी यह कार काफी मजबूत मानी जाती है। Global NCAP क्रैश टेस्ट में इसे 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है, जो इसे अपने सेगमेंट की सबसे सुरक्षित कारों में शामिल करती है।
दक्षिण कोरिया की प्रमुख ऑटो कंपनी Hyundai Motor ने भारत में अपने 30 साल पूरे कर लिए हैं। Hyundai Motor India Limited (HMIL) की स्थापना 6 मई 1996 को हुई थी और आज यह देश की दूसरी सबसे बड़ी पैसेंजर कार निर्माता कंपनी बन चुकी है। तीन दशक के इस सफर में हुंडई ने भारत में न केवल अपनी मजबूत पकड़ बनाई, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत को एक अहम एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित किया। 30 साल में क्या हासिल किया? हुंडई का भारत में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है: कुल बिक्री: 1.35 करोड़ (13.5 मिलियन) यूनिट भारत में बिक्री: 96 लाख यूनिट निर्यात: 39 लाख यूनिट एक्सपोर्ट देश: 150+ यह आंकड़े बताते हैं कि हुंडई की ग्लोबल रणनीति में भारत की भूमिका कितनी अहम है। निवेश और विस्तार की बड़ी योजना कंपनी ने अब तक भारत में करीब 40,700 करोड़ रुपये का निवेश किया है। आने वाले पांच वर्षों में वह 45,000 करोड़ रुपये और निवेश करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही कंपनी 2028 तक अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 10.74 लाख यूनिट प्रति वर्ष करने का लक्ष्य रखती है। प्लांट और मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क हुंडई ने भारत में अपना पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट Sriperumbudur (चेन्नई के पास) में स्थापित किया था, जहां 1998 से उत्पादन शुरू हुआ। यह कोरिया के बाहर कंपनी की पहली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट थी। इसके अलावा कंपनी ने हाल ही में Talegaon में भी उत्पादन शुरू किया है। दोनों प्लांट्स की संयुक्त उत्पादन क्षमता फिलहाल करीब 9.94 लाख यूनिट सालाना है। सर्विस नेटवर्क और रोजगार हुंडई का सर्विस नेटवर्क भी देशभर में मजबूत है: 1,025 शहरों में मौजूदगी 1,625 सर्विस सेंटर 50,000 से ज्यादा प्रशिक्षित प्रोफेशनल यह नेटवर्क कंपनी को ग्राहकों के बीच भरोसेमंद ब्रांड बनाने में मदद करता है। कंपनी का विजन एचएमआईएल के एमडी और सीईओ तरुण गर्ग के अनुसार, कंपनी ने 13.5 मिलियन से अधिक ग्राहकों को सेवा दी है और भविष्य में भी भारत को अपने विकास का केंद्र बनाए रखेगी। क्या संकेत देता है यह सफर? हुंडई का 30 साल का सफर भारतीय ऑटो सेक्टर के विकास की कहानी भी बयां करता है। यह दिखाता है कि कैसे विदेशी कंपनियां भारत को न केवल बड़े बाजार, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में देख रही हैं। आने वाले समय में निवेश और उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी से ऑटो सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।
भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर एक बार फिर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश में सभी श्रेणियों–पैसेंजर वाहन, दोपहिया, तिपहिया और कमर्शियल वाहनों–की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है। पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में ऐतिहासिक उछाल FY 2025-26 में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने नया रिकॉर्ड बनाया: कुल बिक्री: 46.43 लाख यूनिट्स सालाना वृद्धि: 7.9% वहीं, चौथी तिमाही (Q4) में: 13.16 लाख यूनिट्स की बिक्री पिछले साल की तुलना में 13.2% की ग्रोथ यह आंकड़े दिखाते हैं कि भारत में कारों की मांग लगातार तेजी से बढ़ रही है। दोपहिया वाहनों ने भी तोड़ा रिकॉर्ड देश में दोपहिया वाहनों की बिक्री भी नई ऊंचाई पर पहुंची: कुल बिक्री: 2.17 करोड़ यूनिट्स यह सेगमेंट खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बढ़ती मांग का संकेत देता है। SIAM अध्यक्ष का बयान SIAM के अध्यक्ष शैलेश चंद्र ने कहा कि: वित्त वर्ष की शुरुआत भले ही धीमी रही हो, लेकिन साल का अंत बेहद शानदार रहा। सभी वाहन श्रेणियों ने पिछले 7 वर्षों में पहली बार किसी एक वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है। ग्रोथ के पीछे ये रहे बड़े कारण ऑटो सेक्टर की इस जबरदस्त बढ़त के पीछे कई अहम फैक्टर रहे: GST 2.0 सुधारों का सकारात्मक प्रभाव रेपो रेट में कटौती से बढ़ी खरीद क्षमता बढ़ती उपभोक्ता मांग बेहतर फाइनेंसिंग विकल्प क्या संकेत देता है यह आंकड़ा? यह रिकॉर्ड बिक्री दर्शाती है कि: भारतीय अर्थव्यवस्था में स्थिरता और भरोसा बढ़ा है मिडिल क्लास की क्रय शक्ति मजबूत हुई है ऑटो सेक्टर में भविष्य की ग्रोथ के संकेत सकारात्मक हैं FY 2025-26 भारत के ऑटो सेक्टर के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। रिकॉर्ड बिक्री यह दिखाती है कि देश में मोबिलिटी की मांग तेजी से बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में यह सेक्टर और भी मजबूत हो सकता है।
भारतीय ऑटो बाजार में मिड-साइज़ SUV सेगमेंट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए Volkswagen ने अपनी लोकप्रिय SUV Volkswagen Taigun का फेसलिफ्ट वर्जन लॉन्च से पहले पेश कर दिया है। 9 अप्रैल को होने वाले आधिकारिक लॉन्च से पहले सामने आए इस नए मॉडल में डिजाइन, फीचर्स और टेक्नोलॉजी में कई अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं। यह Taigun का 2021 में लॉन्च के बाद पहला बड़ा अपडेट है, जिसे कंपनी ने अधिक प्रीमियम लुक और बेहतर इन-कैबिन अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार किया है। इस SUV का प्रोडक्शन पुणे के चाकन प्लांट में शुरू भी हो चुका है, जहां इसे Skoda Kushaq के साथ तैयार किया जा रहा है। डिजाइन में बड़ा बदलाव, अब और ज्यादा प्रीमियम लुक फेसलिफ्ट मॉडल में सबसे बड़ा बदलाव इसके फ्रंट डिजाइन में देखने को मिलता है। नई Taigun में रीडिजाइन बंपर, चौड़ा ग्रिल और स्लिम LED लाइट बार के साथ जुड़ी नई हेडलाइट्स दी गई हैं, जो इसे पहले से ज्यादा मॉडर्न और आकर्षक बनाती हैं। इसके अलावा, इल्यूमिनेटेड Volkswagen लोगो और क्रोम एलिमेंट्स इसकी रोड प्रेजेंस को और मजबूत करते हैं। GT वेरिएंट को और स्पोर्टी बनाने के लिए इसमें ग्लॉस ब्लैक फिनिश का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें बंपर, अलॉय व्हील्स, ORVMs और रूफ रेल्स शामिल हैं। इंटीरियर में मिलेंगे नए टेक्नोलॉजी फीचर्स हालांकि कंपनी ने केबिन की पूरी जानकारी अभी साझा नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें बड़ा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, अपडेटेड इंफोटेनमेंट सिस्टम और AI बेस्ड फीचर्स मिल सकते हैं। इसके अलावा पैनोरमिक सनरूफ और बेहतर रियर सीट कम्फर्ट जैसे अपग्रेड्स भी देखने को मिल सकते हैं। इंजन और परफॉर्मेंस में क्या नया? नई Taigun में मौजूदा इंजन ऑप्शन बरकरार रहने की संभावना है। इसमें 1.0-लीटर TSI (115bhp) और 1.5-लीटर TSI (150bhp) इंजन शामिल होंगे। हालांकि 1.0-लीटर वेरिएंट में नया 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स जोड़े जाने की उम्मीद है, जो ड्राइविंग एक्सपीरियंस को और बेहतर बना सकता है। किनसे होगी टक्कर? लॉन्च के बाद नई Taigun का मुकाबला भारतीय बाजार में Hyundai Creta, Kia Seltos, Maruti Suzuki Grand Vitara, Renault Duster और Tata Sierra जैसी पॉपुलर SUVs से होगा। कीमतों का खुलासा लॉन्च के दिन किया जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि यह मौजूदा मॉडल से थोड़ी महंगी हो सकती है।
वियतनाम की उभरती ऑटोमोबाइल कंपनी VinFast भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार नए उत्पाद पेश कर रही है। इसी कड़ी में कंपनी ने अपनी नई इलेक्ट्रिक मल्टी-पर्पज़ व्हीकल VinFast MPV 7 की बुकिंग भारत में आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। यह प्रीमियम फीचर्स से लैस इलेक्ट्रिक MPV 15 अप्रैल 2026 को भारतीय बाजार में लॉन्च की जाएगी। भारत में तीसरी पेशकश, दो वेरिएंट में आएगी MPV 7 VinFast इससे पहले VinFast VF6 और VinFast VF7 को पेश कर चुकी है। अब कंपनी MPV सेगमेंट में एंट्री लेकर अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। इस नई MPV को ड्यूल ब्रांडिंग के साथ पेश किया जाएगा- Limo Green वर्जन: कमर्शियल और फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए VF MPV 7: निजी ग्राहकों के लिए ₹21,000 की टोकन राशि के साथ इसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है, जिससे कंपनी शुरुआती ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। डिजाइन: स्पेस और स्टाइल का संतुलन MPV 7 का डिजाइन VinFast की SUV लाइनअप से प्रेरित है। इसमें फ्रंट और रियर LED लाइट बार, वर्टिकल हेडलाइट्स और एयरो-डायनामिक अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। हालांकि इसका बॉक्सी लुक खासतौर पर केबिन स्पेस बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे यह फैमिली और कमर्शियल दोनों यूज़ के लिए उपयुक्त बनती है। इंटीरियर और फीचर्स केबिन को मिनिमलिस्ट और टेक-फोकस्ड रखा गया है। इसमें मिलते हैं- 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम फ्लोटिंग सेंटर कंसोल संभावित हेड-अप डिस्प्ले ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक 4 एयरबैग और ABS+EBD स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल्स ये फीचर्स इसे प्रीमियम MPV सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनाते हैं। परफॉर्मेंस और बैटरी MPV 7 में 60.13kWh बैटरी पैक और फ्रंट-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है, जो 204bhp की पावर और 280Nm का टॉर्क जनरेट करता है। कंपनी का दावा है कि यह MPV एक बार चार्ज करने पर लगभग 450 किलोमीटर (NEDC) की रेंज दे सकती है। फास्ट चार्जिंग के लिए 80kW DC चार्जर का सपोर्ट दिया गया है, जिससे बैटरी 10% से 70% तक सिर्फ 30 मिनट में चार्ज हो सकती है। ऑफर्स और कस्टमर बेनिफिट्स VinFast इस MPV को “वैल्यू-फॉर-मनी” प्रोडक्ट के रूप में पेश कर रही है। शुरुआती ग्राहकों को मिल सकते हैं- ₹2 लाख तक EV इंसेंटिव फ्री चार्जिंग सुविधा बायबैक ऑप्शन 10 साल की बैटरी वारंटी साथ ही कंपनी की रेजिडुअल वैल्यू पॉलिसी के तहत- 2 साल में 75% वैल्यू 3 साल में 55% वैल्यू की गारंटी बाजार में मुकाबला भारतीय बाजार में MPV 7 का सीधा मुकाबला आने वाली इलेक्ट्रिक 3-रो गाड़ियों जैसे Kia Carens Clavis EV, Mahindra XEV 9S और BYD eMax 7 से होगा। Historical Fact 2 अप्रैल का इतिहास: महत्वपूर्ण घटनाएँ, जन्म और विशेष दिवस 2 अप्रैल इतिहास के पन्नों में कई उल्लेखनीय घटनाओं, महान व्यक्तित्वों के जन्म और महत्वपूर्ण उपलब्धियों के लिए दर्ज है। यह दिन विज्ञान, राजनीति, खेल और सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलावों का साक्षी रहा है। 2 अप्रैल की प्रमुख घटनाएँ 1984 – स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा ने सोयूज़ टी-11 मिशन के तहत अंतरिक्ष में जाकर इतिहास रचा और पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने। 1989 – फिलिस्तीन मुक्ति संगठन के नेता यासर अराफात फिलिस्तीन के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। 2007 – सोलोमन द्वीप में भीषण सुनामी ने भारी तबाही मचाई। 2011 – भारत ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को हराकर ICC क्रिकेट विश्व कप 2011 जीता, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास की ऐतिहासिक जीत रही। 2 अप्रैल को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति 1943 – बिंदेश्वर पाठक, ‘सुलभ इंटरनेशनल’ के संस्थापक और समाज सुधारक। 1891 – टी. बी. कुन्हा, गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी। 1902 – बड़े ग़ुलाम अली ख़ाँ, शास्त्रीय संगीत के महान गायक। 1942 – रोशन सेठ, प्रसिद्ध अभिनेता। 1969 – अजय देवगन, बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता, निर्देशक और निर्माता। 1935 – ए. वी. रामा राव, प्रसिद्ध रसायनशास्त्री और आविष्कारक। 1881 – वी. वी. सुब्रमण्य अय्यर, क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी। 2 अप्रैल को हुए निधन 2023 – सलीम दुर्रानी, भारत के प्रसिद्ध क्रिकेट ऑलराउंडर। 1933 – रणजी (के. एस. रणजीतसिंहजी), भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी। 1907 – राधाकृष्ण दास, बहुभाषी साहित्यकार। 1825 – बन्धुल, प्रसिद्ध बर्मी सेनापति। 1720 – बालाजी विश्वनाथ, मराठा साम्राज्य के महत्वपूर्ण नेता। महत्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस – यह दिन ऑटिज़्म से जुड़े लोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें समाज में समान अवसर दिलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। निष्कर्ष 2 अप्रैल न केवल ऐतिहासिक घटनाओं का प्रतीक है, बल्कि यह दिन हमें प्रेरित करता है कि कैसे विज्ञान, खेल और समाज में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ मानव जीवन को नई दिशा देती हैं।
अगर आप नई SUV खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Kia Seltos अब पहले से कहीं ज्यादा भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आई है। हाल ही में Bharat NCAP क्रैश टेस्ट में इस SUV को 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है, जो इसे अपने सेगमेंट की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में शामिल करती है। शानदार सेफ्टी स्कोर Bharat NCAP के अनुसार, Kia Seltos ने Adult Occupant Protection (AOP) में 32 में से 31.70 अंक हासिल किए हैं। फ्रंटल ऑफसेट टेस्ट: 16 में से 15.70 अंक साइड बैरियर टेस्ट: 16 में से पूरे 16 अंक ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर दोनों के लिए सिर, छाती और शरीर के अहम हिस्सों को अच्छी सुरक्षा मिली है, जिससे इसकी ओवरऑल सेफ्टी मजबूत साबित होती है। बच्चों की सुरक्षा में भी दमदार Child Occupant Protection (COP) में भी Seltos ने शानदार प्रदर्शन किया है। कुल स्कोर: 49 में से 45 अंक डायनामिक टेस्ट: 24/24 CRS इंस्टॉलेशन: 12/12 टेस्ट के दौरान 18 महीने और 3 साल के बच्चों के डमी को फ्रंटल और साइड दोनों क्रैश में पूरी सुरक्षा मिली, जो इसे फैमिली कार के रूप में और भी मजबूत बनाता है। सभी वेरिएंट्स में स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स Kia Seltos की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग सभी वेरिएंट्स पर लागू होती है। इसमें स्टैंडर्ड तौर पर मिलते हैं: 6 एयरबैग ABS और ESC ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट रियर पार्किंग सेंसर और कैमरा हिल-स्टार्ट असिस्ट और डाउनहिल ब्रेक कंट्रोल कीमत और उपलब्धता भारतीय बाजार में Kia Seltos की कीमत लगभग ₹10.99 लाख से ₹19.99 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच है। बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है और डिलीवरी भी जारी है। क्यों है यह खबर खास? भारत में कार खरीदते समय अब ग्राहक सेफ्टी को प्राथमिकता देने लगे हैं। ऐसे में Bharat NCAP की 5-स्टार रेटिंग Kia Seltos को एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बनाती है, खासकर परिवार के लिए सुरक्षित SUV तलाश रहे ग्राहकों के लिए।
ब्रिटिश टू-व्हीलर निर्माता Triumph Motorcycles ने एक बार फिर अपनी एक्सक्लूसिव इंजीनियरिंग और डिजाइन क्षमता का प्रदर्शन करते हुए बेहद खास बाइक पेश की है। कंपनी ने Speed Twin 1200 Cafe Racer का एक अनूठा DGR (Distinguished Gentleman’s Ride) एडिशन अनवील किया है, जो दुनिया में सिर्फ एक ही यूनिट में तैयार की गई है। यह खास मॉडल Distinguished Gentleman’s Ride 2026 के लिए बनाया गया है और इसे “Gentlefolk Prize” के रूप में एक भाग्यशाली विजेता को दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह पहले से ही सीमित 800 यूनिट्स वाले Cafe Racer Limited Edition का और भी अधिक एक्सक्लूसिव संस्करण है। रैंडम ड्रॉ से मिलेगा मालिकाना हक इस अनोखी बाइक को जीतने के लिए राइडर्स को DGR 2026 में हिस्सा लेना होगा। सभी पात्र प्रतिभागियों में से एक विजेता का चयन रैंडम ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए कुछ अनिवार्य शर्तें निर्धारित की गई हैं: राइडर प्रोफाइल को पूरी तरह पूरा करना स्वयं डोनेशन करना अन्य प्रतिभागी को डोनेट कर “Pay It Forward” बैज हासिल करना कम से कम 250 अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹20,000) फंड जुटाना इन सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही प्रतिभागी इस विशेष बाइक को जीतने की दौड़ में शामिल हो सकेंगे। क्लासिक डिजाइन के साथ प्रीमियम टच Speed Twin 1200 DGR Edition को क्लासिक British Racing Green से प्रेरित आकर्षक कलर स्कीम में तैयार किया गया है। Competition Green और Aluminium Silver का संयोजन इसे एक प्रीमियम लुक देता है। डिजाइन की बात करें तो यह बाइक 1960 के दशक के ब्रिटिश कैफे रेसर्स से प्रेरित है। इसमें क्लिप-ऑन हैंडलबार, सिंगल सीट और रियर काउल दिया गया है, जो इसे एग्रेसिव और स्पोर्टी अपील प्रदान करता है। खास Harris Tweed बुलेट सीट, मशीन किए गए बार-एंड मिरर्स और कस्टम ग्राफिक्स इसे कलेक्टर्स के लिए बेहद खास बनाते हैं। दमदार इंजन और हाई-एंड हार्डवेयर इस स्पेशल एडिशन बाइक में Bonneville 1200 पैरेलल-ट्विन इंजन दिया गया है, जो 270-डिग्री फायरिंग ऑर्डर के साथ आता है। यह इंजन 105 bhp की पावर और 112 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है, जिससे बाइक को शानदार परफॉर्मेंस मिलती है। सस्पेंशन के लिए इसमें Marzocchi USD फ्रंट फोर्क्स और Öhlins ट्विन रियर शॉक्स दिए गए हैं, जिन्हें पूरी तरह एडजस्ट किया जा सकता है। वहीं, Brembo ब्रेकिंग सिस्टम और Metzeler टायर्स के साथ यह बाइक हाई-परफॉर्मेंस और सेफ्टी दोनों में बेहतरीन संतुलन पेश करती है। कलेक्टर्स के लिए खास पहचान इस बाइक में “15 Years of Dapper” एनिवर्सरी ग्राफिक्स और Certificate of Authenticity भी शामिल है, जो इसे न केवल एक परफॉर्मेंस मशीन बल्कि एक कलेक्टेबल आइटम भी बनाता है।
‘क्रूज कंट्रोल’ आमतौर पर महंगी कारों और प्रीमियम बाइक्स में मिलने वाला फीचर माना जाता है, लेकिन अब यह सुविधा किफायती मोटरसाइकिलों में भी उपलब्ध हो गई है। इस फीचर की मदद से वाहन की स्पीड को एक स्तर पर सेट किया जा सकता है, जिससे हाईवे पर लंबी दूरी तय करते समय बार-बार एक्सीलेटर दबाने की जरूरत नहीं पड़ती। अब कई कंपनियां कम कीमत वाली बाइक्स में भी यह तकनीक देने लगी हैं। खास तौर पर Hero MotoCorp और TVS Motor Company ने ऐसे मॉडल पेश किए हैं, जिनमें क्रूज कंट्रोल फीचर अपेक्षाकृत कम कीमत में मिल रहा है। Hero Glamour X यह देश की पहली कम्यूटर बाइक मानी जा रही है, जिसमें क्रूज कंट्रोल दिया गया है। इसके दो वेरिएंट उपलब्ध हैं, जिनकी एक्स-शोरूम कीमत करीब 84 हजार और 92 हजार रुपये है। इस बाइक में 125cc का इंजन मिलता है, जो 11.5 PS की पावर और 10.5 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। कंपनी का दावा है कि इसका माइलेज लगभग 65 kmpl तक हो सकता है। Hero Xtreme 125R करीब 1.05 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) कीमत वाली इस बाइक में डुअल-चैनल ABS और राइड-बाय-वायर थ्रॉटल सिस्टम दिया गया है। इसमें पावर, रोड और इको जैसे तीन राइडिंग मोड मिलते हैं, जिन्हें LCD डिस्प्ले के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है। Hero Xtreme 160R 4V इस बाइक की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 1.35 लाख रुपये है। इसमें 163cc का इंजन दिया गया है, जो 16.9 PS की पावर और 14.6 Nm का टॉर्क देता है। इसके साथ क्रूज कंट्रोल, राइड-बाय-वायर थ्रॉटल और रेन, रोड तथा स्पोर्ट जैसे तीन राइडिंग मोड भी मिलते हैं। TVS Apache RTX यह बाइक तीन वेरिएंट - बेस, टॉप और बिल्ट-टू-ऑर्डर (BTO) - में आती है और सभी वेरिएंट में क्रूज कंट्रोल स्टैंडर्ड दिया गया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 1.99 लाख रुपये है। इसमें 300cc का लिक्विड-कूल्ड इंजन मिलता है, जो 36 PS की पावर और 28.5 Nm का टॉर्क पैदा करता है। साथ ही इसमें अर्बन, रेन, टूर और रैली जैसे चार राइडिंग मोड भी दिए गए हैं। TVS Apache RTR 310 इस बाइक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 2.22 लाख रुपये है, जबकि टॉप वेरिएंट लगभग 2.88 लाख रुपये तक जाता है। इसमें 312.2cc का सिंगल सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 38 PS की पावर और 29 Nm का टॉर्क देता है। कुल मिलाकर, अब क्रूज कंट्रोल जैसी आधुनिक सुविधा सिर्फ महंगी मोटरसाइकिलों तक सीमित नहीं रही। कम कीमत वाले मॉडल्स में भी यह फीचर मिलने से लंबी दूरी की राइडिंग पहले से ज्यादा आरामदायक और सुविधाजनक हो गई है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।