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Kia Seltos Gets 5-Star Safety Rating in Bharat NCAP

Kia Seltos बनी और सुरक्षित: Bharat NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग, शानदार प्रदर्शन

surbhi मार्च 31, 2026 0
Kia Seltos SUV during crash test showcasing strong safety performance and 5-star Bharat NCAP rating
Kia Seltos 5 Star Safety Rating

अगर आप नई SUV खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Kia Seltos अब पहले से कहीं ज्यादा भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आई है। हाल ही में Bharat NCAP क्रैश टेस्ट में इस SUV को 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है, जो इसे अपने सेगमेंट की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में शामिल करती है।

शानदार सेफ्टी स्कोर

Bharat NCAP के अनुसार, Kia Seltos ने Adult Occupant Protection (AOP) में 32 में से 31.70 अंक हासिल किए हैं।

  • फ्रंटल ऑफसेट टेस्ट: 16 में से 15.70 अंक
  • साइड बैरियर टेस्ट: 16 में से पूरे 16 अंक

ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर दोनों के लिए सिर, छाती और शरीर के अहम हिस्सों को अच्छी सुरक्षा मिली है, जिससे इसकी ओवरऑल सेफ्टी मजबूत साबित होती है।

बच्चों की सुरक्षा में भी दमदार

Child Occupant Protection (COP) में भी Seltos ने शानदार प्रदर्शन किया है।

  • कुल स्कोर: 49 में से 45 अंक
  • डायनामिक टेस्ट: 24/24
  • CRS इंस्टॉलेशन: 12/12

टेस्ट के दौरान 18 महीने और 3 साल के बच्चों के डमी को फ्रंटल और साइड दोनों क्रैश में पूरी सुरक्षा मिली, जो इसे फैमिली कार के रूप में और भी मजबूत बनाता है।

सभी वेरिएंट्स में स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स

Kia Seltos की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग सभी वेरिएंट्स पर लागू होती है। इसमें स्टैंडर्ड तौर पर मिलते हैं:

  • 6 एयरबैग
  • ABS और ESC
  • ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट
  • रियर पार्किंग सेंसर और कैमरा
  • हिल-स्टार्ट असिस्ट और डाउनहिल ब्रेक कंट्रोल

कीमत और उपलब्धता

भारतीय बाजार में Kia Seltos की कीमत लगभग ₹10.99 लाख से ₹19.99 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच है। बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है और डिलीवरी भी जारी है।

क्यों है यह खबर खास?

भारत में कार खरीदते समय अब ग्राहक सेफ्टी को प्राथमिकता देने लगे हैं। ऐसे में Bharat NCAP की 5-स्टार रेटिंग Kia Seltos को एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बनाती है, खासकर परिवार के लिए सुरक्षित SUV तलाश रहे ग्राहकों के लिए।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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BSNL का 225 रुपये वाला रिचार्ज हुआ महंगा! कीमत नहीं बढ़ी, लेकिन वैलिडिटी घटाकर बढ़ा दिया सालाना खर्च

नई दिल्ली: मोबाइल रिचार्ज के बढ़ते खर्च के बीच BSNL के ग्राहकों के लिए 225 रुपये वाले प्लान में बदलाव किया गया है। कंपनी ने प्लान की कीमत 225 रुपये ही रखी है, लेकिन इसकी वैलिडिटी 30 दिन से घटाकर 28 दिन कर दी गई है। यानी ग्राहक को अब उतने ही पैसे में दो दिन कम सेवा मिलेगी। कंपनी ने इस प्लान में मिलने वाले प्रमुख फायदे फिलहाल बरकरार रखे हैं। इसमें रोजाना 2.5GB डेटा, अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और प्रतिदिन 100 SMS शामिल हैं। हालांकि, इस पैक के साथ कोई ओटीटी सब्सक्रिप्शन नहीं दिया जाता है। 30 दिन की जगह अब 28 दिन की वैलिडिटी 225 रुपये वाले BSNL प्लान की सबसे बड़ी खासियत इसकी 30 दिन की वैलिडिटी थी। अब इसे घटाकर 28 दिन कर दिया गया है। पहली नजर में दो दिन की यह कमी छोटी लग सकती है, लेकिन पूरे साल के हिसाब से इसका असर ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है। 28 दिन के रिचार्ज चक्र के कारण साल में 12 की बजाय 13 रिचार्ज कराने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में पूरे साल के खर्च की गणना करें तो ग्राहकों को एक अतिरिक्त 225 रुपये का रिचार्ज करना पड़ सकता है। यानी कंपनी ने रिचार्ज की कीमत सीधे नहीं बढ़ाई, लेकिन वैलिडिटी कम होने से लंबे समय में ग्राहक का कुल खर्च बढ़ सकता है। क्या मिलते हैं 225 रुपये वाले प्लान में फायदे? BSNL के इस प्लान में ग्राहकों को: रोजाना 2.5GB मोबाइल डेटा अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग प्रतिदिन 100 SMS 28 दिन की वैलिडिटी मिलती है। इस प्लान में किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म का मुफ्त सब्सक्रिप्शन शामिल नहीं है। Jio और Airtel से अभी भी सस्ता कीमत और डेटा की तुलना करें तो BSNL का यह प्लान अभी भी Jio और Airtel के समान डेली डेटा वाले विकल्पों से सस्ता है। रिपोर्ट के अनुसार, Airtel के 2.5GB प्रतिदिन वाले 28 दिन के प्लान की कीमत 409 रुपये, जबकि Jio के समान डेटा वाले प्लान की कीमत 399 रुपये है। हालांकि, निजी कंपनियों के इन प्लान में कुछ अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलती हैं। इसलिए केवल कीमत के आधार पर तुलना करने के बजाय ग्राहकों को डेटा, कॉलिंग, वैलिडिटी और अतिरिक्त लाभों को भी देखना होगा। ग्राहकों के लिए क्या मायने रखता है बदलाव? BSNL ने सीधे तौर पर 225 रुपये की कीमत नहीं बढ़ाई है, लेकिन वैलिडिटी घटने से प्रति दिन की प्रभावी लागत बढ़ गई है। खासकर उन ग्राहकों के लिए इसका असर ज्यादा होगा, जो पूरे साल इसी प्लान से अपना मोबाइल नंबर चालू रखते हैं। ऐसे समय में जब टेलीकॉम कंपनियों के रिचार्ज प्लान और उनके फायदे लगातार चर्चा में हैं, BSNL का यह बदलाव ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, इसके बावजूद 2.5GB दैनिक डेटा वाला यह प्लान Jio और Airtel की तुलना में कम कीमत वाला विकल्प बना हुआ है।  

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Ferrari Luce इलेक्ट्रिक कार की पहली प्रोडक्शन यूनिट
Ferrari Luce की पहली प्रोडक्शन यूनिट 380 करोड़ रुपये में नीलाम, 1035 bhp पावर से है लैस

हैदराबाद, एजेंसियां। Ferrari की पहली प्रोडक्शन इलेक्ट्रिक कार Ferrari Luce की पहली यूनिट ने नीलामी में रिकॉर्ड कीमत हासिल की है। RM Sotheby’s Monterey Auction 2026 में Ferrari Luce की पहली प्रोडक्शन यूनिट को 40 मिलियन डॉलर यानी करीब 381.8 करोड़ रुपये की बोली में बेचा गया। खास बात यह है कि नीलामी से मिलने वाली राशि Ferrari Foundation के जरिए शिक्षा से जुड़े कार्यों में इस्तेमाल की जाएगी।   पहली यूनिट को मिला खास कस्टम लुक     नीलामी में बेची गई Ferrari Luce ‘Chassis 0’ को Ferrari के Tailor Made प्रोग्राम के तहत खास तौर पर तैयार किया गया है। कार में विशेष माद्रेपरला सेमी-ग्लॉस एक्सटीरियर फिनिश, सफेद फिनिश वाले पांच-स्पोक अलॉय व्हील और खास ब्रेक कैलिपर्स दिए गए हैं।   कंपनी के मुताबिक, इस खास पेंट में ऐसा पिगमेंट इस्तेमाल किया गया है जो रोशनी के कोण और तीव्रता के आधार पर अलग-अलग रंगों में रिफ्लेक्शन देता है।   पर्ला लेदर से सजा है इंटीरियर     Ferrari Luce के केबिन में लाइट-टोन कलर स्कीम दी गई है। सीटों और अन्य हिस्सों में पर्ला रंग का खास ले मैंस मेटैलिक लेदर इस्तेमाल किया गया है। इंटीरियर के दूसरे हिस्सों में ब्लैक के बजाय ग्रिगियो कोरवारा फिनिश दी गई है।     Ferrari की पहली इलेक्ट्रिक और पांच सीटर कार     Ferrari Luce कंपनी की पहली प्रोडक्शन इलेक्ट्रिक कार होने के साथ-साथ पहली पांच-सीटर कार भी है। इसे खास EV प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। कार में क्वाड-मोटर ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम मिलता है।   लॉन्च कंट्रोल एक्टिवेट होने पर यह 1035 bhp की पावर और 990 Nm का टॉर्क जनरेट करती है। कार का व्हील टॉर्क 11,500 Nm बताया गया है।   2.5 सेकंड में 0 से 100 kmph की रफ्तार     करीब 2.2 टन वजन वाली Ferrari Luce महज 2.5 सेकंड में 0 से 100 kmph की रफ्तार पकड़ सकती है। कंपनी के अनुसार इसकी टॉप स्पीड 300 kmph से ज्यादा है।     530 km से ज्यादा की रेंज     इलेक्ट्रिक Ferrari Luce में 122 kWh का बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के मुताबिक यह एक चार्ज में 530 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज दे सकती है। कार 350 kW DC फास्ट चार्जिंग को भी सपोर्ट करती है।     2027 में मिलेगी कार     नीलामी में Ferrari Luce की पहली यूनिट खरीदने वाले ग्राहक को कार की डिलीवरी 2027 में की जाएगी। यह यूनिट अपनी खास कस्टमाइजेशन और नीलामी कीमत के चलते Ferrari के इतिहास की बेहद खास कारों में शामिल हो गई है।  

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Ampere Magnus G Max electric scooter with new connected features and 142km range
30 से ज्यादा नए फीचर्स के साथ अपडेट हुआ Ampere Magnus G Max, 142km की रेंज और ₹1.09 लाख कीमत

Ampere Magnus G Max: Ampere ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर Magnus G Max को नए NxG.io सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के साथ अपडेट किया है। अपडेट के बाद स्कूटर में 30 से ज्यादा नए फीचर्स जोड़े गए हैं। इसमें 5-इंच डिस्प्ले, क्रूज कंट्रोल, हिल होल्ड असिस्ट, कनेक्टेड फीचर्स और OTA अपडेट जैसी सुविधाएं मिलती हैं। स्कूटर की कीमत ₹1,09,999 रखी गई है। कंपनी के मुताबिक, नए सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के साथ Magnus G Max को पहले के मुकाबले ज्यादा स्मार्ट और कनेक्टेड बनाया गया है। हालांकि, इसके मैकेनिकल हिस्सों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। Ampere Magnus G Max में कौन-कौन से नए फीचर्स मिले? क्रूज कंट्रोल और हिल होल्ड असिस्ट अपडेट के बाद स्कूटर में क्रूज कंट्रोल और हिल होल्ड असिस्ट जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। हिल होल्ड असिस्ट ढलान पर रुकने के दौरान स्कूटर को पीछे की ओर खिसकने से रोकने में मदद करता है। 5-इंच डिस्प्ले और नेविगेशन Magnus G Max में अब 5-इंच का डिस्प्ले दिया गया है। इसमें टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन की सुविधा मिलती है। इसके अलावा, Ampere Connect ऐप की मदद से पार्क किए गए स्कूटर को खोजने या पिंग करने का विकल्प भी मिलता है। लाइव लोकेशन और जियोफेंसिंग कंपनी ने स्कूटर के कनेक्टेड फीचर्स का दायरा भी बढ़ाया है। ऐप के जरिए यूजर्स रियल-टाइम चार्जिंग स्थिति, लाइव लोकेशन और जियोफेंसिंग जैसी जानकारी देख सकते हैं। इसके अलावा चोरी या स्कूटर को टो किए जाने पर अलर्ट, रिमोट डायग्नोस्टिक्स, सर्विस बुकिंग और चार्जिंग हिस्ट्री जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। ऐप के जरिए बैटरी हेल्थ की जानकारी देखने और स्कूटर के सॉफ्टवेयर को अपडेट करने का विकल्प भी दिया गया है। घर बैठे मिलेंगे OTA अपडेट Magnus G Max में OTA यानी Over-the-Air अपडेट की सुविधा भी दी गई है। इसके जरिए कंपनी बिना सर्विस सेंटर जाए स्कूटर के सॉफ्टवेयर में सुधार या नए फीचर जोड़ सकती है। हालांकि, OTA अपडेट का वास्तविक फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी भविष्य में कितनी नियमितता से अपडेट जारी करती है और उनमें किस तरह के बदलाव किए जाते हैं। 3kWh बैटरी और 142km तक की रेंज मैकेनिकल तौर पर Magnus G Max में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। इसमें 3kWh की LFP बैटरी दी गई है, जिसे 2.4kW की पीक पावर वाली हब-माउंटेड मोटर से जोड़ा गया है। कंपनी का दावा है कि स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर IDC के अनुसार 142km तक की दूरी तय कर सकता है। इसकी टॉप स्पीड 65kmph है। वास्तविक रेंज ड्राइविंग कंडीशन, राइडिंग स्टाइल, ट्रैफिक और मौसम जैसे कई कारकों के आधार पर अलग हो सकती है। 5 साल की बैटरी वारंटी Ampere Magnus G Max की बैटरी पर 5 साल या 75,000 किलोमीटर, जो भी पहले हो, की वारंटी दी जा रही है। कंपनी के अनुसार, बैटरी करीब 2 लाख किलोमीटर तक चलने की क्षमता रखती है। इन रंगों में मिलेगा स्कूटर Magnus G Max डुअल-टोन कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। कंपनी ने इसमें नया Cinnamon Copper कलर जोड़ा है। इसके अलावा Monsoon Blue और Matcha Green जैसे रंग भी उपलब्ध हैं। ₹1,09,999 की कीमत में Magnus G Max का नया अपडेट मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर और कनेक्टेड फीचर्स पर केंद्रित है। 3kWh बैटरी, 142km तक की दावा की गई IDC रेंज, क्रूज कंट्रोल और OTA अपडेट इसे इस सेगमेंट में एक फीचर-फोकस्ड इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाते हैं।  

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