SUV India

Tata Harrier and Safari Stealth Edition SUVs in all-black finish with premium styling and black alloy wheels.
Tata Harrier और Safari Stealth Edition लॉन्च, ऑल-ब्लैक डिजाइन के साथ मिले प्रीमियम फीचर्स

टाटा मोटर्स ने अपनी लोकप्रिय एसयूवी Harrier और Safari के नए Stealth Edition भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिए हैं। दोनों मॉडलों को आकर्षक ऑल-ब्लैक एक्सटीरियर और इंटीरियर थीम के साथ पेश किया गया है, जो इन्हें स्टैंडर्ड वेरिएंट से अलग और अधिक प्रीमियम लुक देता है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ये लिमिटेड एडिशन नहीं, बल्कि नियमित लाइनअप का हिस्सा हैं, जिससे ग्राहक इन्हें सामान्य तौर पर खरीद सकेंगे। Harrier और Safari Stealth Edition की कीमत नई Stealth Edition SUVs की एक्स-शोरूम कीमत इस प्रकार है— Tata Harrier Stealth Edition शुरुआती कीमत: ₹23.43 लाख टॉप वेरिएंट: ₹26.01 लाख Tata Safari Stealth Edition शुरुआती कीमत: ₹24.04 लाख टॉप वेरिएंट: ₹26.76 लाख कीमत इंजन और ट्रांसमिशन विकल्प के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। ऑल-ब्लैक डिजाइन बना सबसे बड़ा आकर्षण Stealth Edition की सबसे खास पहचान इसका Stealth Black एक्सटीरियर है। इसके अलावा SUV में कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— Stealth Black बॉडी फिनिश 19-इंच मैट ब्लैक अलॉय व्हील्स फ्रंट फेंडर पर Stealth बैजिंग स्पोर्टी और प्रीमियम रोड प्रेजेंस हालांकि, कंपनी ने एक्सटीरियर डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। केबिन में भी मिलेगा प्रीमियम ब्लैक थीम दोनों SUVs के इंटीरियर को भी पूरी तरह ब्लैक थीम में तैयार किया गया है। मुख्य केबिन फीचर्स: Carbon Noir लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री पावर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स एडजस्टेबल फ्रंट सेंटर आर्मरेस्ट प्रीमियम रोटरी टेरेन रिस्पॉन्स कंट्रोलर फीचर्स की लंबी सूची Harrier और Safari Stealth Edition में टॉप वेरिएंट वाले लगभग सभी प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं, जिनमें शामिल हैं— 14.9-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay 13-स्पीकर JBL साउंड सिस्टम Dolby Atmos सपोर्ट वॉयस कमांड वाला पैनोरमिक सनरूफ 360-डिग्री कैमरा डुअल-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल इंजन में नहीं हुआ कोई बदलाव Stealth Edition में मैकेनिकल स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। 1.5-लीटर Hyperion टर्बो-पेट्रोल इंजन 170 hp पावर 280 Nm टॉर्क 2.0-लीटर Kryotec टर्बो-डीजल इंजन 170 hp पावर 350 Nm टॉर्क दोनों इंजन विकल्पों के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स उपलब्ध हैं। किन ग्राहकों के लिए बेहतर विकल्प? यदि आप Tata Harrier या Safari खरीदने की योजना बना रहे हैं और रेगुलर मॉडल की तुलना में अधिक स्पोर्टी और एक्सक्लूसिव लुक चाहते हैं, तो Stealth Edition बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि इसमें इंजन और फीचर्स में कोई अतिरिक्त बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन इसका ऑल-ब्लैक डिजाइन, ब्लैक अलॉय व्हील्स, विशेष बैजिंग और प्रीमियम केबिन इसे अलग पहचान देते हैं।  

surbhi जुलाई 11, 2026 0
2026 Maruti Brezza facelift SUV showcasing updated design, ADAS technology and turbo petrol engine
2026 Maruti Brezza Facelift: टर्बो इंजन, ADAS और प्रीमियम फीचर्स के साथ आ सकती है नई ब्रेजा, लॉन्च से पहले बड़े खुलासे

नई दिल्ली: भारतीय कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में लंबे समय से मजबूत पकड़ बनाए हुए Maruti Suzuki की लोकप्रिय SUV Maruti Brezza जल्द बड़े बदलावों के साथ बाजार में दस्तक दे सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी 2026 Brezza Facelift पर काम कर रही है, जिसमें डिजाइन, फीचर्स, टेक्नोलॉजी और इंजन के स्तर पर कई महत्वपूर्ण अपडेट देखने को मिल सकते हैं। सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि नई Brezza में पहली बार टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो इसे मौजूदा मॉडल की तुलना में अधिक दमदार बना सकता है। पहली बार मिल सकता है टर्बो-पेट्रोल इंजन रिपोर्ट्स के अनुसार, फेसलिफ्ट मॉडल में 1.0-लीटर 3-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलने की संभावना है। संभावित इंजन स्पेसिफिकेशन: 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन लगभग 98.6 hp पावर 147.6 Nm टॉर्क 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स इसके अलावा कंपनी मौजूदा 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन को भी जारी रख सकती है। मौजूदा इंजन आउटपुट: 103 hp पावर 137 Nm टॉर्क 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन CNG मॉडल में मिलेगा बड़ा फायदा नई Brezza में फैक्ट्री-फिटेड अंडरबॉडी CNG टैंक दिए जाने की भी चर्चा है। इस बदलाव के फायदे: बूट स्पेस बढ़ेगा सामान रखने में आसानी होगी CNG सिलेंडर के कारण लगेज स्पेस कम नहीं होगा बेहतर प्रैक्टिकलिटी मिलेगी यह फीचर भारतीय ग्राहकों के लिए काफी आकर्षक साबित हो सकता है। इंटीरियर होगा पहले से ज्यादा प्रीमियम नई Brezza के केबिन में भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संभावित फीचर्स: 10.1 इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Android Auto वायरलेस Apple CarPlay नया डैशबोर्ड लेआउट प्रीमियम सीट अपहोल्स्ट्री बेहतर इंटीरियर फिनिश इन अपडेट्स के जरिए कंपनी Brezza को अधिक आधुनिक और प्रीमियम बनाने की तैयारी में है। पहली बार मिल सकता है लेवल-2 ADAS नई Brezza का सबसे बड़ा तकनीकी अपडेट लेवल-2 ADAS (Advanced Driver Assistance System) हो सकता है। संभावित ADAS फीचर्स: लेन कीप असिस्ट अडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग लेन डिपार्चर अलर्ट यदि यह फीचर शामिल किया जाता है, तो Brezza अपने सेगमेंट की सबसे एडवांस SUV में शामिल हो सकती है। एक्सटीरियर में क्या होगा नया? फेसलिफ्ट मॉडल के डिजाइन में भी कई कॉस्मेटिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संभावित बदलाव: नई फ्रंट ग्रिल अपडेटेड बंपर नए फॉग लैंप हाउसिंग सिल्वर फिनिश स्किड प्लेट नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स रिफ्रेश्ड फ्रंट और रियर लुक हालांकि SUV का प्लेटफॉर्म और ओवरऑल साइज पहले जैसा ही रहने की संभावना है। कब होगी लॉन्च? रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 Maruti Brezza Facelift को जुलाई 2026 के आसपास लॉन्च किया जा सकता है। यह अपडेट कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत Brezza, Fronx और Grand Vitara जैसी SUVs को 2027 तक नए फीचर्स और तकनीक के साथ अपडेट किया जाएगा। कितनी हो सकती है कीमत? फिलहाल मौजूदा Brezza की एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹8.26 लाख से ₹14.04 लाख तक है। नई Brezza Facelift में: टर्बो इंजन ADAS बड़ा टचस्क्रीन नए फीचर्स जैसे अपग्रेड मिलने की वजह से कीमत में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि कंपनी ने अभी तक लॉन्च डेट, इंजन या कीमत को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। क्या इंतजार करना सही रहेगा? अगर आप अगले कुछ महीनों में Brezza खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो फेसलिफ्ट मॉडल का इंतजार करना फायदे का सौदा हो सकता है। खासकर उन ग्राहकों के लिए जो बेहतर टेक्नोलॉजी, एडवांस सेफ्टी फीचर्स और अधिक आधुनिक इंटीरियर चाहते हैं।  

surbhi जून 25, 2026 0
Volkswagen Taigun Facelift 2026 SUV showcasing new LED light bar and upgraded design features
Volkswagen Taigun Facelift 2026: नए फीचर्स के साथ होगा अपडेट, लेकिन कुछ अहम टेक्नोलॉजी रह सकती है गायब

भारतीय ऑटो बाजार में मिड-साइज SUV सेगमेंट में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी Volkswagen Taigun अब मिड-साइकिल फेसलिफ्ट के साथ लौटने की तैयारी में है। 9 अप्रैल 2026 को इसके आधिकारिक अनावरण की उम्मीद है। यह अपडेटेड मॉडल अपने प्लेटफॉर्म ट्विन Skoda Kushaq के अनुरूप कई नए फीचर्स के साथ आएगा। ड्राइविंग डायनामिक्स के लिए मशहूर Taigun में इस बार डिजाइन, इंटीरियर और टेक्नोलॉजी के स्तर पर कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। क्या होंगे बड़े बदलाव? कनेक्टेड फ्रंट लाइट बार नई Volkswagen Taigun में फ्रंट पर कनेक्टेड LED लाइट बार मिलने की संभावना है, जो हेडलाइट्स को जोड़ते हुए एक मॉडर्न और प्रीमियम लुक देगा। रियर कनेक्टेड टेललाइट्स पहले की तरह बरकरार रहेंगी। पैनोरमिक सनरूफ अब इस SUV में ड्यूल-पेन पैनोरमिक सनरूफ मिल सकता है, जो केबिन को ज्यादा खुला और लग्जरी फील देगा-यह फीचर ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय है। अपग्रेडेड इंटीरियर इंटीरियर में बेहतर इंफोटेनमेंट UI, नया अपहोल्स्ट्री डिजाइन, एंबियंट लाइटिंग और खासतौर पर दूसरी पंक्ति की सीटों में मसाज फंक्शन जैसी प्रीमियम सुविधाएं मिल सकती हैं। नए कलर ऑप्शन्स कंपनी नए कलर वेरिएंट्स भी पेश कर सकती है, जिससे ग्राहकों को ज्यादा पर्सनलाइजेशन का विकल्प मिलेगा। परफॉर्मेंस में बड़ा बदलाव: नया 8AT गियरबॉक्स सबसे अहम अपडेट ट्रांसमिशन में देखने को मिल सकता है। Volkswagen Taigun में अब 6-स्पीड ऑटोमैटिक की जगह 8-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक (8AT) गियरबॉक्स मिलने की उम्मीद है। हालांकि 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन की पावर (114bhp/178Nm) में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन नया गियरबॉक्स ड्राइव को ज्यादा स्मूद और रिफाइंड बनाएगा। क्या रह सकता है मिसिंग? जहां एक ओर नए फीचर्स जोड़े जा रहे हैं, वहीं कुछ आधुनिक टेक्नोलॉजी फीचर्स की कमी रह सकती है: ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) नहीं मिलेगा 360-डिग्री कैमरा की भी संभावना कम ये दोनों फीचर्स आजकल इस सेगमेंट में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, ऐसे में इनका न होना कुछ ग्राहकों को निराश कर सकता है। कीमत और पोजिशनिंग फेसलिफ्टेड Volkswagen Taigun की अनुमानित कीमत ₹12 लाख से ₹21 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच हो सकती है। यह SUV अपने प्रीमियम ड्राइविंग एक्सपीरियंस के कारण पहले से ही एक पसंदीदा विकल्प रही है। निष्कर्ष नई Taigun फेसलिफ्ट डिजाइन, इंटीरियर और ड्राइविंग अनुभव में सुधार के साथ एक मजबूत पैकेज बनकर आ सकती है। हालांकि, ADAS और 360° कैमरा जैसे फीचर्स की कमी इसे कुछ प्रतिस्पर्धियों से पीछे कर सकती है।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Kia Seltos SUV during crash test showcasing strong safety performance and 5-star Bharat NCAP rating
Kia Seltos बनी और सुरक्षित: Bharat NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग, शानदार प्रदर्शन

अगर आप नई SUV खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Kia Seltos अब पहले से कहीं ज्यादा भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आई है। हाल ही में Bharat NCAP क्रैश टेस्ट में इस SUV को 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है, जो इसे अपने सेगमेंट की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में शामिल करती है। शानदार सेफ्टी स्कोर Bharat NCAP के अनुसार, Kia Seltos ने Adult Occupant Protection (AOP) में 32 में से 31.70 अंक हासिल किए हैं। फ्रंटल ऑफसेट टेस्ट: 16 में से 15.70 अंक साइड बैरियर टेस्ट: 16 में से पूरे 16 अंक ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर दोनों के लिए सिर, छाती और शरीर के अहम हिस्सों को अच्छी सुरक्षा मिली है, जिससे इसकी ओवरऑल सेफ्टी मजबूत साबित होती है। बच्चों की सुरक्षा में भी दमदार Child Occupant Protection (COP) में भी Seltos ने शानदार प्रदर्शन किया है। कुल स्कोर: 49 में से 45 अंक डायनामिक टेस्ट: 24/24 CRS इंस्टॉलेशन: 12/12 टेस्ट के दौरान 18 महीने और 3 साल के बच्चों के डमी को फ्रंटल और साइड दोनों क्रैश में पूरी सुरक्षा मिली, जो इसे फैमिली कार के रूप में और भी मजबूत बनाता है। सभी वेरिएंट्स में स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स Kia Seltos की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग सभी वेरिएंट्स पर लागू होती है। इसमें स्टैंडर्ड तौर पर मिलते हैं: 6 एयरबैग ABS और ESC ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट रियर पार्किंग सेंसर और कैमरा हिल-स्टार्ट असिस्ट और डाउनहिल ब्रेक कंट्रोल कीमत और उपलब्धता भारतीय बाजार में Kia Seltos की कीमत लगभग ₹10.99 लाख से ₹19.99 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच है। बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है और डिलीवरी भी जारी है। क्यों है यह खबर खास? भारत में कार खरीदते समय अब ग्राहक सेफ्टी को प्राथमिकता देने लगे हैं। ऐसे में Bharat NCAP की 5-स्टार रेटिंग Kia Seltos को एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बनाती है, खासकर परिवार के लिए सुरक्षित SUV तलाश रहे ग्राहकों के लिए।  

surbhi मार्च 31, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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anjali kumari जुलाई 11, 2026 0