UBI Recruitment 2026: बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए शानदार मौका है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) ने मैनेजर, सीनियर मैनेजर, चीफ मैनेजर, असिस्टेंट जनरल मैनेजर और डिप्टी जनरल मैनेजर समेत विभिन्न पदों पर 395 रिक्तियों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 10 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किन पदों पर होगी भर्ती? यूनियन बैंक यह भर्ती जनरल बैंकिंग ऑफिसर, स्पेशलिस्ट ऑफिसर और एक्सपर्ट डोमेन के विभिन्न पदों पर कर रहा है। सभी नियुक्तियां रेगुलर आधार पर की जाएंगी। पद स्केल सैलरी मैनेजर MMGS-II ₹64,820 – ₹93,960 सीनियर मैनेजर MMGS-III ₹85,920 – ₹1,05,280 चीफ मैनेजर SMGS-IV ₹1,02,300 – ₹1,20,940 असिस्टेंट जनरल मैनेजर SMGS-V ₹1,20,940 – ₹1,35,020 डिप्टी जनरल मैनेजर TEGS-VI ₹1,40,500 – ₹1,56,500 कुल पद: 395 कौन कर सकता है आवेदन? भर्ती विभिन्न विशेषज्ञ पदों के लिए निकाली गई है। इनमें शामिल हैं: प्रमाणित धोखाधड़ी परीक्षक परियोजना प्रबंधन विशेषज्ञ आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ विदेशी मुद्रा अधिकारी क्लाउड प्रशासक डेटा सेंटर विशेषज्ञ एंटरप्राइज आर्किटेक्ट फुल स्टैक डेवलपर चार्टर्ड अकाउंटेंट विधि अधिकारी अग्निशमन अधिकारी विक्रेता प्रबंधन विशेषज्ञ सहित अन्य पद प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता, प्रोफेशनल सर्टिफिकेट और कार्य अनुभव निर्धारित किया गया है। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ना चाहिए। आयु सीमा न्यूनतम आयु: 22 से 25 वर्ष (पदानुसार) अधिकतम आयु: 35 से 50 वर्ष (पदानुसार) आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। आयु की गणना 1 अप्रैल 2026 के आधार पर होगी। चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया में कई चरण शामिल होंगे: ऑनलाइन लिखित परीक्षा ग्रुप डिस्कशन पर्सनल इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन लिखित परीक्षा में कुछ पदों के लिए प्रोफेशनल नॉलेज जबकि अन्य पदों के लिए रीजनिंग, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, इंग्लिश और प्रोफेशनल नॉलेज से प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा में 25% नेगेटिव मार्किंग भी लागू होगी। आवेदन की अंतिम तिथि ऑनलाइन आवेदन शुरू: जारी आवेदन की अंतिम तिथि: 10 अगस्त 2026 आवेदन शुल्क SC / ST / PwBD: ₹177 General / OBC / EWS: ₹1180 आवेदन कैसे करें? यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। Recruitment सेक्शन में संबंधित भर्ती लिंक खोलें। "Apply Online" पर क्लिक करें। नया रजिस्ट्रेशन करें। आवश्यक जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अनुभव भरें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन शुल्क जमा करें। फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंट सुरक्षित रखें। क्यों खास है यह भर्ती? यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की यह भर्ती अनुभवी प्रोफेशनल्स और बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन अवसर है। चयनित उम्मीदवारों को ₹1.56 लाख प्रति माह तक का वेतन, अन्य बैंकिंग भत्ते और स्थायी सरकारी नौकरी का लाभ मिलेगा।
बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनल सिलेक्शन (IBPS) ने प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO)/मैनेजमेंट ट्रेनी (MT) के 6,715 पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 21 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के माध्यम से 11 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पीओ/एमटी पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। यह भर्ती ऐसे समय आई है जब हाल ही में SBI ने भी पीओ भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया था। ऐसे में बैंकिंग उम्मीदवारों के पास एक साथ दो बड़े अवसर मौजूद हैं। किन बैंकों में होगी भर्ती? IBPS PO भर्ती के जरिए कई प्रमुख सरकारी बैंकों में नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक ऑफ इंडिया पंजाब नेशनल बैंक (PNB) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक महत्वपूर्ण तिथियां विवरण जानकारी आवेदन शुरू 1 जुलाई 2026 आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई 2026 प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) अगस्त 2026 मुख्य परीक्षा (Mains) अक्टूबर 2026 कुल पद 6715 पद पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रिक्तियों की संख्या अधिक बताई जा रही है। शैक्षणिक योग्यता उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है। इस भर्ती के लिए किसी विशेष अनुभव या अतिरिक्त प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। आयु सीमा न्यूनतम आयु: 20 वर्ष अधिकतम आयु: 30 वर्ष निर्धारित पात्रता के अनुसार उम्मीदवार की जन्मतिथि 2 जुलाई 1996 से पहले और 1 जुलाई 2006 के बाद नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में 3 से 10 वर्ष तक की छूट मिलेगी। चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में होगा— प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) मुख्य परीक्षा (Mains) इंटरव्यू इन तीनों चरणों में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया जाएगा। सैलरी कितनी मिलेगी? चयनित उम्मीदवारों को ₹48,480 से ₹85,920 तक की बेसिक सैलरी मिलेगी। इसके अलावा विभिन्न भत्ते, एचआरए, डीए और अन्य सरकारी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। आवेदन शुल्क श्रेणी शुल्क SC/ST/PwBD ₹175 सामान्य/OBC/EWS एवं अन्य ₹850 ऑनलाइन भुगतान के दौरान लागू बैंक ट्रांजैक्शन शुल्क का भुगतान भी उम्मीदवार को करना होगा। कैसे करें आवेदन? उम्मीदवार निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाकर आवेदन कर सकते हैं— IBPS की आधिकारिक वेबसाइट www.ibps.in पर जाएं। CRP PO/MT भर्ती लिंक पर क्लिक करें। New Registration पर जाकर नया पंजीकरण करें। मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के माध्यम से रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉगिन करके आवेदन फॉर्म सावधानीपूर्वक भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें— पासपोर्ट साइज फोटो हस्ताक्षर बाएं अंगूठे का निशान 10वीं का प्रमाणपत्र लाइव फोटो आवेदन शुल्क का भुगतान करें। फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। क्यों है यह भर्ती खास? IBPS PO भर्ती देश की सबसे प्रतिष्ठित बैंकिंग भर्तियों में से एक मानी जाती है। सरकारी बैंक में अधिकारी बनने का सपना देखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह सुनहरा अवसर है। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने 5000 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया था, वे अब बैंक की आधिकारिक वेबसाइट bankofbaroda.bank.in पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड डाउनलोड कर उसमें दर्ज सभी जानकारियों की जांच कर लें। ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड उम्मीदवार सबसे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर Bank of Baroda Apprentice Admit Card 2026 लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड या जन्मतिथि दर्ज कर लॉगिन करें। सबमिट करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसे डाउनलोड कर प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। 21 जून को होगी ऑनलाइन परीक्षा बैंक ऑफ बड़ौदा अप्रेंटिस भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 मई से शुरू हुई थी, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी गई थी। इसी दिन तक आवेदन शुल्क जमा करने की भी अंतिम तिथि निर्धारित थी। भर्ती परीक्षा का आयोजन 21 जून 2026 को किया जाएगा, जबकि एडमिट कार्ड 19 जून को जारी कर दिए गए हैं। 100 अंकों की होगी परीक्षा, नहीं होगी नेगेटिव मार्किंग चयन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को 60 मिनट की ऑनलाइन वस्तुनिष्ठ (MCQ) परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके लिए 100 अंक निर्धारित हैं। खास बात यह है कि गलत उत्तर देने पर किसी प्रकार की नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। परीक्षा में चार विषयों जनरल एवं फाइनेंशियल अवेयरनेस, क्वांटिटेटिव एंड रीजनिंग एप्टीट्यूड, कंप्यूटर नॉलेज और जनरल इंग्लिश से 25-25 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक सेक्शन 25 अंकों का होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें और एडमिट कार्ड के साथ निर्धारित पहचान पत्र अवश्य लेकर जाएं।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Young Professionals Recruitment 2026 के तहत विभिन्न क्षेत्रों में भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। खास बात यह है कि इस भर्ती प्रक्रिया में किसी लिखित परीक्षा का प्रावधान नहीं रखा गया है। उम्मीदवारों का चयन शॉर्टलिस्टिंग, स्क्रीनिंग, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। फ्रेशर्स के लिए यह RBI के साथ करियर शुरू करने का एक शानदार अवसर माना जा रहा है। 12 अलग-अलग क्षेत्रों में निकली भर्ती आरबीआई ने यंग प्रोफेशनल्स की भर्ती कुल 12 क्षेत्रों के लिए निकाली है। इनमें साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिसिस, पेमेंट इकोसिस्टम, फाइनेंशियल मार्केट्स और क्लाइमेट फाइनेंस जैसे आधुनिक और तेजी से बढ़ते सेक्टर शामिल हैं। कुल पद – 12 प्रमुख जॉब एरिया: साइबर सिक्योरिटी एंड आईटी रिस्क पॉलिसी एनालिटिक्स क्लाइमेट चेंज और सस्टेनेबल फाइनेंस क्रेडिट रिस्क एनालिटिक्स पेमेंट इकोसिस्टम क्रॉस बॉर्डर पेमेंट सिस्टम रिसर्च आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्वांटम टेक्नोलॉजी डेटा एनालिसिस फाइनेंशियल मार्केट्स डेटा एनालिटिक्स एवं पॉलिसी रिसर्च पॉलिसी एंड रिसर्च (DEPR) शैक्षणिक योग्यता हर पद के लिए योग्यता अलग-अलग निर्धारित की गई है। अधिकांश पदों के लिए संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन, B.E./B.Tech, M.Tech, डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस, फाइनेंस, इकोनॉमिक्स या अन्य संबंधित विषयों में डिग्री मांगी गई है। आयु सीमा न्यूनतम आयु: 21 वर्ष अधिकतम आयु: 30 वर्ष आयु की गणना 6 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। कितनी मिलेगी सैलरी? चयनित उम्मीदवारों को कॉन्ट्रैक्ट आधार पर नियुक्त किया जाएगा। मासिक स्टाइपेंड: ₹1,50,000 प्रारंभिक अवधि: 3 वर्ष आवश्यकता पड़ने पर अवधि को अधिकतम 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। जॉब लोकेशन: मुंबई हालांकि इस पद पर अन्य भत्ते या अतिरिक्त सुविधाएं नहीं दी जाएंगी। आवेदन की अंतिम तिथि उम्मीदवार 6 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन कैसे करें? इच्छुक उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट या opportunities.rbi.org.in पर जाकर "Engagement of Young Professionals in Reserve Bank of India" नोटिफिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं। उम्मीदवारों को आवेदन फॉर्म भरकर निम्न दस्तावेजों के साथ PDF फॉर्मेट में ईमेल करना होगा: CV/Resume सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र और मार्कशीट डिग्री प्रमाणपत्र स्टेटमेंट ऑफ पर्पज या पॉलिसी राइटिंग (यदि आवश्यक हो) रेफरेंस/रिकमेंडेशन लेटर (यदि उपलब्ध हो) दस्तावेजों को yphrmdco@rbi.org.in पर भेजना होगा। चयन प्रक्रिया इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। चयन निम्न चरणों के आधार पर किया जाएगा: प्रारंभिक स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग दस्तावेज सत्यापन इंटरव्यू शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को ईमेल के माध्यम से इंटरव्यू कॉल लेटर भेजा जाएगा।
बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। Union Bank of India (UBI) ने अप्रेंटिस के 1865 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह अवसर खासतौर पर उन ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए है, जो बैंकिंग क्षेत्र में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं और व्यावहारिक अनुभव हासिल करना चाहते हैं। आवेदन की तारीख और प्रक्रिया इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 19 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को यूनियन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। कैसे करें अप्लाई? सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट unionbankofindia.bank.in पर जाएं “UBI Apprentices Recruitment 2026” लिंक पर क्लिक करें अपनी बेसिक डिटेल्स भरकर रजिस्ट्रेशन करें रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन फॉर्म भरें जरूरी दस्तावेज अपलोड करें आवेदन शुल्क जमा करें अंत में फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखें कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय (BA, BSc, BCom आदि) में ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है। आयु सीमा: 20 से 28 वर्ष आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट मिलेगी जिस राज्य से आवेदन कर रहे हैं, वहां की स्थानीय भाषा का ज्ञान अनिवार्य है (पढ़ना, लिखना और बोलना) वैकेंसी का विवरण UR (अनारक्षित): 823 पद OBC: 447 पद EWS: 175 पद SC: 289 पद ST: 131 पद कुल पद: 1865 स्टाइपेंड और फायदे अप्रेंटिसशिप के दौरान उम्मीदवारों को हर महीने लगभग 15,000 से 18,000 रुपये तक स्टाइपेंड मिल सकता है। इसके साथ ही: बैंकिंग सेक्टर में रियल टाइम वर्क एक्सपीरियंस सरकारी बैंक का सर्टिफिकेट भविष्य में बैंकिंग नौकरियों में प्राथमिकता मिलने की संभावना यह भर्ती न केवल नौकरी का अवसर देती है, बल्कि बैंकिंग इंडस्ट्री को करीब से समझने और अपने स्किल्स को मजबूत करने का बेहतरीन प्लेटफॉर्म भी है।
आज के समय में Banking Sector तेजी से विस्तार कर रहा है और इसमें करियर के शानदार अवसर मौजूद हैं। ऐसे में अगर आप 12वीं के बाद सीधे इस क्षेत्र में कदम रखना चाहते हैं, तो Bachelor of Banking and Insurance (BBI) एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह कोर्स छात्रों को बैंकिंग, इंश्योरेंस और फाइनेंस की गहराई से समझ देता है और करियर के कई रास्ते खोलता है। BBI कोर्स क्या है? BBI (बैचलर ऑफ बैंकिंग एंड इंश्योरेंस) एक 3 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है, जिसमें छात्रों को बैंकिंग सिस्टम, इंश्योरेंस सेक्टर और फाइनेंस मैनेजमेंट की पूरी जानकारी दी जाती है। इस कोर्स का उद्देश्य छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाना है ताकि वे सीधे प्रोफेशनल दुनिया में कदम रख सकें। योग्यता (Eligibility) किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास कई कॉलेजों में न्यूनतम 50% अंक जरूरी अधिकतर संस्थानों में मेरिट के आधार पर एडमिशन BBI में क्या पढ़ाया जाता है? इस कोर्स में थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज पर भी जोर दिया जाता है। मुख्य विषय हैं: प्रिंसिपल्स ऑफ बैंकिंग फाइनेंशियल अकाउंटिंग रिस्क मैनेजमेंट बिजनेस लॉ इंवेस्टमेंट एनालिसिस इंश्योरेंस लॉ एंड प्रैक्टिस BBI कोर्स के फायदे 1. बैंकिंग सेक्टर में सीधी एंट्री: इस कोर्स के बाद आप प्राइवेट और सरकारी दोनों बैंकों में नौकरी के लिए तैयार हो जाते हैं। 2. फाइनेंस की मजबूत समझ: पैसों का मैनेजमेंट, निवेश और जोखिम को समझने की बेहतर क्षमता विकसित होती है। 3. करियर के कई विकल्प: आप बैंक, इंश्योरेंस कंपनियों और फाइनेंस संस्थानों में काम कर सकते हैं। 4. आगे पढ़ाई के अवसर: BBI के बाद MBA, MCom या CFA जैसे कोर्स कर सकते हैं, जिससे करियर और मजबूत होता है। करियर ऑप्शन BBI कोर्स पूरा करने के बाद आप कई पदों पर काम कर सकते हैं, जैसे: बैंक क्लर्क फाइनेंशियल एडवाइजर इंश्योरेंस एजेंट लोन ऑफिसर रिलेशनशिप मैनेजर इसके अलावा, आप IBPS और State Bank of India (SBI) जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर सरकारी बैंक में भी करियर बना सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।