beauty tips

Woman managing oily hair with styling products instead of washing it daily.
रोज़ बाल धोना संभव नहीं? जानिए ऑयली और चिपचिपे बालों को मैनेज करने के आसान और असरदार तरीके

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सुबह ताजे धुले बाल दोपहर तक ही चिपचिपे और बेजान दिखने लगते हैं? गर्मी, उमस, प्रदूषण, वर्कआउट, लगातार बालों को छूने की आदत या व्यस्त दिनचर्या के कारण बाल जल्दी ऑयली दिखने लगते हैं। ऐसे में हर बार बाल धोना संभव नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार शैंपू करने के बजाय यह समझना ज्यादा जरूरी है कि बाल जल्दी ऑयली क्यों होते हैं और उन्हें बिना रोज़ धोए कैसे फ्रेश रखा जा सकता है। बाल जल्दी ऑयली क्यों हो जाते हैं? बालों की जड़ों में मौजूद सेबेशियस ग्लैंड्स (Sebaceous Glands) प्राकृतिक तेल यानी सीबम (Sebum) बनाती हैं, जो स्कैल्प और बालों की सुरक्षा के लिए जरूरी होता है। लेकिन जब यह तेल अधिक मात्रा में बनने लगता है और पसीना, धूल, मृत त्वचा कोशिकाएं तथा प्रोडक्ट्स के अवशेष इसके साथ मिल जाते हैं, तो बाल चिपचिपे और बेजान दिखाई देने लगते हैं। पतले बालों में तेल जल्दी दिखाई देता है, जबकि घुंघराले या घने बालों में यह समस्या थोड़ी देर से नजर आती है। हार्मोन और तनाव भी हैं जिम्मेदार विशेषज्ञों के मुताबिक किशोरावस्था, पीरियड्स, गर्भावस्था, मेनोपॉज या PCOS जैसी स्थितियों में हार्मोनल बदलाव तेल के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा तनाव भी अप्रत्यक्ष रूप से स्कैल्प को ज्यादा ऑयली बना सकता है। क्या रोज़ बाल धोना नुकसानदायक है? जरूरी नहीं। हेयर एक्सपर्ट्स का कहना है कि रोज़ बाल धोना हर किसी के लिए नुकसानदायक नहीं होता। यह पूरी तरह आपके स्कैल्प टाइप और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है। ऑयली स्कैल्प वाले लोग रोज़ या एक दिन छोड़कर बाल धो सकते हैं। ड्राई स्कैल्प वाले लोग लंबे अंतराल के बाद भी बाल धो सकते हैं। अगर स्कैल्प में खुजली, भारीपन या असहजता महसूस हो रही है, तो बाल धोने में ज्यादा देरी करना सही नहीं है। क्या स्कैल्प को कम तेल बनाने के लिए "ट्रेन" किया जा सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार, इसका जवाब है—नहीं। तेल का उत्पादन मुख्य रूप से हार्मोन और जेनेटिक्स पर निर्भर करता है। कम शैंपू करने से स्कैल्प तेल बनाना बंद नहीं करता, बल्कि गंदगी और ऑयल जमा होने लगता है। बिना बाल धोए ऑयली बालों को कैसे मैनेज करें? यदि आप वॉश डे को एक दिन और बढ़ाना चाहते हैं, तो ये उपाय मदद कर सकते हैं: ड्राई शैंपू का इस्तेमाल करें। बार-बार बालों को हाथ लगाने से बचें। बहुत ज्यादा ब्रश न करें। हेयर प्रोडक्ट्स को स्कैल्प पर लगाने से बचें। पोनीटेल या बन जैसी हेयरस्टाइल अपनाएं। ड्राई शैंपू इस्तेमाल करने का सही तरीका केवल जड़ों पर लगाएं। लगाने के बाद एक मिनट तक छोड़ दें। फिर हल्के हाथों से मसाज करें। बहुत अधिक मात्रा में इस्तेमाल न करें। रात में सोने से पहले थोड़ी मात्रा में ड्राई शैंपू लगाने से सुबह तक अतिरिक्त तेल अवशोषित हो सकता है। ऑयली बालों के लिए बेस्ट हेयरस्टाइल जब बाल खुले रखने पर चिपचिपे दिखने लगें, तो ये स्टाइल अपनाएं: लो बन (Low Bun) स्लीक पोनीटेल ब्रेडेड हेयरस्टाइल क्लॉ क्लिप ट्विस्ट हेडबैंड स्टाइल ये हेयरस्टाइल बालों की चमक को स्टाइलिश लुक में बदल देती हैं। कौन-से प्रोडक्ट्स फायदेमंद हैं? क्लैरिफाइंग शैंपू ये शैंपू स्कैल्प पर जमा धूल, पसीना, ड्राई शैंपू और स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स के अवशेष हटाने में मदद करते हैं। ऑयल-कंट्रोल शैंपू इनमें मौजूद कुछ खास तत्व स्कैल्प को संतुलित रखने में मदद करते हैं: सैलिसिलिक एसिड नियासिनामाइड जिंक PCA पिरोक्टोन ओलामीन जिंक पाइरिथियोन ये गलतियां बालों को और ज्यादा ऑयली बना सकती हैं स्कैल्प पर भारी तेल लगाना ज्यादा क्रीम या लीव-इन कंडीशनर का इस्तेमाल वैक्स और सिलिकॉन वाले प्रोडक्ट्स का अधिक उपयोग हेयर मास्क को जड़ों तक लगाना कंडीशनर और हेयर मास्क केवल बालों की लंबाई और सिरों पर ही लगाएं। कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? यदि ऑयली बालों के साथ ये समस्याएं लगातार बनी रहें, तो स्कैल्प संबंधी बीमारी हो सकती है: लगातार खुजली लालपन जलन बदबू चिपचिपी रूसी बार-बार डैंड्रफ होना ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।  

surbhi जून 10, 2026 0
Fashion Tips
सफेद ड्रेस में दिखना है एलिगेंट और ग्लोइंग? अपनाएं ये आसान स्टाइलिंग टिप्स

नई दिल्ली, एजेंसियां। सफेद रंग को हमेशा से सादगी, शालीनता और एलिगेंस का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि सफेद रंग के कपड़े हर मौसम और हर अवसर पर फैशन का हिस्सा बने रहते हैं। हालांकि कई लोगों की शिकायत होती है कि सफेद ड्रेस पहनने पर उनका चेहरा फीका या डल दिखाई देता है। फैशन विशेषज्ञों के अनुसार, सही स्टाइलिंग के जरिए सफेद आउटफिट में भी बेहद आकर्षक और ग्लोइंग लुक पाया जा सकता है।   स्किन टोन के अनुसार चुनें सही शेड सफेद रंग के कई शेड होते हैं और हर शेड हर स्किन टोन पर एक जैसा नहीं लगता। गेहुंआ या सांवली त्वचा वाले लोगों पर ऑफ-व्हाइट, आइवरी और क्रीम शेड अधिक आकर्षक लगते हैं। वहीं, गोरी त्वचा पर प्योर व्हाइट और स्नो व्हाइट जैसे शेड चेहरे की चमक को और बढ़ाते हैं।   फैब्रिक का चुनाव भी है जरूरी व्हाइट आउटफिट का लुक केवल रंग से नहीं बल्कि उसके फैब्रिक से भी प्रभावित होता है। गर्मियों में कॉटन, लिनन और रेयॉन जैसे हल्के और आरामदायक कपड़े बेहतर विकल्प माने जाते हैं। अगर ड्रेस में चिकनकारी, लेस या हल्की एम्ब्रॉयडरी हो तो वह और अधिक स्टाइलिश दिखाई देती है।   कंट्रास्ट से बनाएं लुक खास पूरी तरह सफेद लुक की बजाय उसमें कंट्रास्ट जोड़ने से व्यक्तित्व और निखरकर सामने आता है। सफेद शर्ट के साथ ब्लैक ट्राउजर, ऑफ-व्हाइट कुर्ती के साथ डार्क प्लाजो या रंगीन दुपट्टा आपके लुक को अधिक आकर्षक बना सकता है। यह चेहरे को भी बेहतर तरीके से हाईलाइट करता है।   मेकअप से बढ़ेगी चेहरे की रौनक सफेद ड्रेस के साथ हल्का लेकिन संतुलित मेकअप बेहद जरूरी है। रेड, बरगंडी, मैरून या हॉट पिंक शेड की लिपस्टिक चेहरे को फ्रेश और ग्लोइंग लुक देती है। हल्का काजल, मस्कारा और सॉफ्ट ब्लश भी चेहरे की खूबसूरती बढ़ाते है। सफेद आउटफिट के साथ सिल्वर, ऑक्सिडाइज्ड या पर्ल ज्वेलरी बेहद खूबसूरत लगती है। वहीं वेस्टर्न लुक के लिए मिनिमल गोल्डन एक्सेसरीज क्लासी टच देती हैं। सही ज्वेलरी, फुटवियर और बैग के साथ आपका व्हाइट लुक और भी स्टाइलिश बन सकता है।

Unknown जून 1, 2026 0
Ice on face
चेहरे पर बर्फ लगाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना हो सकता है नुकसान

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में तेज धूप, उमस और पसीने का सबसे ज्यादा असर त्वचा पर दिखाई देता है। इस दौरान टैनिंग, पिंपल्स, ऑयली स्किन और जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में कई लोग चेहरे को ठंडक और ताजगी देने के लिए आइस फेशियल का सहारा लेते हैं। सोशल मीडिया पर भी आइस मसाज को इंस्टेंट ग्लो पाने का आसान उपाय बताया जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फ का सही इस्तेमाल फायदेमंद है, लेकिन लापरवाही त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकती है।   आइस फेशियल के प्रमुख फायदे धूप में लंबे समय तक रहने के बाद चेहरे पर बर्फ लगाने से त्वचा को राहत मिलती है। यह गर्मी और जलन को कम करके चेहरे को ताजगी का एहसास कराती है।   पिंपल्स और सूजन में राहत बर्फ की ठंडक त्वचा की सूजन और लालिमा को कम करने में मदद कर सकती है। पिंपल्स से होने वाली जलन और दर्द में भी कुछ हद तक आराम मिलता है। चेहरे पर आता है नेचुरल ग्लो आइस मसाज से त्वचा में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे चेहरा अधिक फ्रेश और चमकदार दिखाई देता है। कई लोग मेकअप से पहले भी आइस फेशियल करते हैं ताकि त्वचा स्मूद और टाइट नजर आए।   पोर्स को टाइट करने में मदद बर्फ त्वचा के खुले रोमछिद्रों को अस्थायी रूप से सिकोड़ सकती है, जिससे चेहरा अधिक साफ और आकर्षक दिखता है।   ज्यादा इस्तेमाल से हो सकते हैं नुकसान विशेषज्ञों के अनुसार, बर्फ को सीधे त्वचा पर लगाने से स्किन में जलन, लालिमा और संवेदनशीलता बढ़ सकती है। खासकर ड्राई और सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। लंबे समय तक आइस मसाज करने से त्वचा रूखी हो सकती है और उसकी प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है।   आइस फेशियल का सही तरीका •    बर्फ को कभी भी सीधे चेहरे पर न लगाएं।  •    इसे किसी साफ सूती कपड़े या रूमाल में लपेटकर इस्तेमाल करें।  •    1 से 2 मिनट से ज्यादा आइस मसाज न करें।  •    चेहरे पर हल्के हाथों से गोलाकार गति में मसाज करें।  •    संवेदनशील त्वचा होने पर पहले पैच टेस्ट जरूर करें।    विशेषज्ञों की सलाह आइस फेशियल गर्मियों में त्वचा को ताजगी और इंस्टेंट ग्लो देने का आसान तरीका हो सकता है, लेकिन इसका संतुलित और सही इस्तेमाल जरूरी है। यदि आपको किसी प्रकार की त्वचा संबंधी समस्या है, तो बर्फ का उपयोग करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्किन ट्रीटमेंट को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

Unknown जून 1, 2026 0
Colorful summer 2026 nail art designs featuring creative textures, chrome tips and artistic patterns
समर 2026 में छाएंगे ये 9 शानदार नेल आर्ट डिज़ाइन, आपके लुक को देंगे स्टाइलिश और फ्रेश अंदाज

फैशन और ब्यूटी की दुनिया में इस साल नेल आर्ट का ट्रेंड पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। पिछले कुछ समय से लोकप्रिय रहे साधारण और हल्के डिज़ाइनों की जगह अब चमकदार रंगों, आकर्षक टेक्सचर और रचनात्मक कलाकारी ने ले ली है। समर 2026 में नेल आर्ट केवल खूबसूरती बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपकी व्यक्तिगत शैली और आत्मविश्वास को भी दर्शाता है। इस मौसम में छुट्टियों, बीच ट्रिप, रूफटॉप पार्टियों और खास आयोजनों के लिए ऐसे नेल डिज़ाइन पसंद किए जा रहे हैं जो रंगों, चमक और कलात्मकता से भरपूर हों। मेडिटेरेनियन समुद्री रंगों से लेकर पारदर्शी जेली फिनिश और त्रिआयामी डिज़ाइनों तक, इस बार हर ट्रेंड में कुछ नया और खास देखने को मिल रहा है। 1. कोका-कोला प्रेरित नेल्स इस सीजन का सबसे अनोखा और आकर्षक ट्रेंड कोका-कोला से प्रेरित नेल आर्ट है। चमकदार लाल, सिल्वर क्रोम और कैट-आई प्रभाव वाले डिज़ाइन पुराने दौर की यादों को आधुनिक स्टाइल के साथ जोड़ते हैं। इन नेल्स पर पानी की बूंदों जैसी त्रिआयामी सजावट इन्हें और भी आकर्षक बनाती है। 2. सैंटोरिनी प्रेरित नेल्स ग्रीस के प्रसिद्ध सैंटोरिनी द्वीप की सुंदरता से प्रेरित यह डिज़ाइन सफेद और गहरे नीले रंग के मेल पर आधारित है। इसमें पारंपरिक टाइल पैटर्न और समुद्री तटीय आकर्षण झलकता है, जो गर्मियों की छुट्टियों के लिए एकदम उपयुक्त है। 3. सुनहरी सजावट वाले नेल्स सुनहरे रंग की बारीक सजावट इस साल भी लोकप्रिय बनी हुई है। सुनहरी रेखाएं, धात्विक घुमावदार डिज़ाइन और हल्के रंगों के साथ सुनहरे प्रभाव नाखूनों को बेहद आकर्षक और शाही लुक देते हैं। 4. जेली नेल्स पारदर्शी और चमकदार जेली नेल्स एक बार फिर फैशन में लौट आए हैं। कैंडी जैसे रंग और कांच जैसी चमक इन्हें युवा और ताजगी भरा लुक देते हैं। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो रंगों के साथ प्रयोग करना पसंद करते हैं। 5. फलों से प्रेरित नेल्स संतरा, नींबू और अन्य फलों के रंगों से सजे ये नेल्स गर्मियों के मौसम की ताजगी को दर्शाते हैं। नीले और सफेद रंगों की कलात्मक सजावट इन्हें और अधिक आकर्षक बनाती है। 6. आभा प्रभाव वाले नेल्स आभा प्रभाव वाले नेल्स इस साल भी ट्रेंड में बने हुए हैं। गुलाबी, नारंगी और चमकीले रंगों के मिश्रण से तैयार यह डिज़ाइन नाखूनों पर चमकती हुई ऊर्जा जैसा प्रभाव पैदा करता है। 7. जलरंग कला वाले नेल्स जलरंग चित्रकला से प्रेरित यह नेल आर्ट नाखूनों को एक छोटे कैनवास की तरह प्रस्तुत करता है। रंगों का सुंदर मिश्रण और कलात्मक ब्रश स्ट्रोक्स इसे बेहद खास बनाते हैं। 8. त्रिआयामी सीप डिज़ाइन वाले नेल्स समुद्र और जलपरी थीम से प्रेरित यह ट्रेंड गर्मियों में काफी पसंद किया जा रहा है। सीप की आकृति वाले उभरे हुए डिज़ाइन और मोती जैसी चमक इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं। 9. क्रोम फ्रेंच टिप्स पारंपरिक फ्रेंच मैनीक्योर इस बार नए रूप में वापसी कर रहा है। चमकदार क्रोम प्रभाव, रंगों के नए संयोजन और आधुनिक टेक्सचर इसे बेहद स्टाइलिश बनाते हैं। गर्मियों के इस मौसम में नेल आर्ट केवल फैशन का हिस्सा नहीं बल्कि अपनी रचनात्मकता और व्यक्तित्व को प्रदर्शित करने का एक शानदार माध्यम बन गया है। चाहे आपको सादगी पसंद हो या आकर्षक और बोल्ड डिज़ाइन, इस सीजन के ट्रेंड्स में हर किसी के लिए कुछ खास मौजूद है।  

surbhi मई 30, 2026 0
Summer body cleansers and shower gels displayed with skincare essentials for fresh and hydrated skin
गर्मियों में त्वचा को रखेंगे फ्रेश और साफ, ये 9 बॉडी क्लींजर बन सकते हैं आपके बेस्ट शॉवर पार्टनर

गर्मियों का मौसम आते ही पसीना, धूल, सनस्क्रीन और उमस त्वचा को चिपचिपा और बेजान महसूस कराने लगते हैं। ऐसे में सिर्फ खुशबूदार बॉडी वॉश काफी नहीं होता, बल्कि ऐसा बॉडी क्लींजर जरूरी होता है जो त्वचा को अच्छी तरह साफ करे, लेकिन उसकी नमी भी बरकरार रखे। स्किन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही बॉडी क्लींजर त्वचा को फ्रेश, हाइड्रेटेड और हेल्दी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इस गर्मी के मौसम के लिए ऐसे बॉडी क्लींजर ट्रेंड में हैं जो अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। कुछ स्किन को कूलिंग फील देते हैं, कुछ बॉडी एक्ने और ऑयलीनेस को कंट्रोल करते हैं, जबकि कुछ स्किन बैरियर को मजबूत रखने में मदद करते हैं। गर्मियों के लिए 9 बेहतरीन बॉडी क्लींजर 1. Lush Dirty Springwash Shower Gel अगर सुबह का शॉवर आपको इंस्टेंट फ्रेशनेस देना चाहिए, तो यह बॉडी वॉश आपके लिए है। Spearmint oil, menthol crystals और thyme oil से बना यह क्लींजर स्किन को ठंडक और एनर्जी देने का काम करता है। वर्कआउट के बाद या बेहद गर्म दिनों के लिए यह बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है। 2. L'Occitane en Provence Verveine Agrumes Perfumed Shower Gel Citrus फ्रेगरेंस पसंद करने वालों के लिए यह शानदार विकल्प है। इसमें mandarin, bergamot और orange extracts शामिल हैं जो त्वचा को हल्की खुशबू और ताजगी देते हैं। इसकी खुशबू काफी एलिगेंट और रिफ्रेशिंग मानी जाती है। 3. The Body Shop White Tea & Elderflower Bath & Shower Gel यह बॉडी क्लींजर हल्की फ्लोरल खुशबू के साथ स्किन को क्लीन और सॉफ्ट महसूस कराता है। इसमें aloe vera और white tea जैसे इंग्रेडिएंट्स हैं जो त्वचा को ड्राय होने से बचाते हैं। 4. Justhuman Revitalizing Body Wash अगर गर्मियों में स्किन पर पिंपल्स, क्लॉग्ड पोर्स या डलनेस की समस्या बढ़ जाती है, तो यह बॉडी वॉश मददगार हो सकता है। इसमें salicylic acid, lemon balm और holy basil जैसे तत्व मौजूद हैं जो स्किन को एक्सफोलिएट और शांत करने में मदद करते हैं। 5. Shankara Nourishing Body Wash Oudh & Neem Ayurvedic इंग्रेडिएंट्स से बना यह बॉडी वॉश neem, aloe vera और honey के गुणों से भरपूर है। यह त्वचा को बिना ड्राय किए साफ करता है और लंबे दिन के बाद स्किन को रिलैक्स महसूस कराता है। 6. RAS Luxury Skincare Refresh Detoxifying Body Wash यह बॉडी क्लींजर खासतौर पर sweaty skin और body acne को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें willow bark extract, green tea और calendula जैसे तत्व शामिल हैं जो त्वचा को डीप क्लीन करने में मदद करते हैं। 7. The Bare Bar Micro Algae Body Wash यह हल्का एक्सफोलिएटिंग बॉडी वॉश स्किन का pH बैलेंस बनाए रखने और अतिरिक्त ऑयल हटाने में मदद करता है। Micro algae beads और glycerin त्वचा को साफ और हाइड्रेटेड रखने का काम करते हैं। 8. Kimirica The Souq Body & Hand Wash Saffron और sandalwood की गर्म खुशबू वाला यह बॉडी वॉश त्वचा को मुलायम और स्मूद बनाता है। इसमें vitamin E और patchouli जैसे nourishing ingredients शामिल हैं। 9. Hibiscus Monkey Probiotics Body Wash स्किन बैरियर को मजबूत रखने वाले इस बॉडी वॉश में probiotics, prebiotics और postbiotics का इस्तेमाल किया गया है। यह sulfate-free formula त्वचा को धीरे-धीरे साफ करता है और hydration बनाए रखने में मदद करता है। गर्मियों में बॉडी क्लींजर चुनते समय रखें ध्यान विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में ऐसा बॉडी वॉश चुनना चाहिए जो त्वचा से गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाए लेकिन उसकी प्राकृतिक नमी न छीने। Sensitive skin वालों को harsh chemicals और ज्यादा foam वाले प्रोडक्ट्स से बचना चाहिए।  

surbhi मई 22, 2026 0
rose water benefits
गुलाब जल से निखारें खूबसूरती, जानें स्किन और बालों के लिए इसके 5 जबरदस्त फायदे

नई दिल्ली, एजेंसियां। गुलाब जल का इस्तेमाल सालों से त्वचा और बालों की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। गर्मियों में यह स्किन को ठंडक देने के साथ चेहरे को फ्रेश और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है और इसे अपनी डेली ब्यूटी रूटीन में शामिल करना भी बेहद आसान है।   चेहरे को देता है इंस्टेंट फ्रेशनेस दिनभर धूल, पसीने और प्रदूषण की वजह से चेहरा थका हुआ नजर आने लगता है। ऐसे में गुलाब जल चेहरे को तुरंत ताजगी देने का काम करता है। इसे कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाया जा सकता है या फिर स्प्रे बोतल में भरकर फेस मिस्ट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा साफ और तरोताजा महसूस होती है।   आंखों की थकान करता है दूर लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखने से आंखों में जलन और थकान हो सकती है। गुलाब जल में भीगी कॉटन को कुछ मिनट आंखों पर रखने से आंखों को ठंडक मिलती है और थकान कम होती है।   बालों को बनाता है मुलायम और खुशबूदार गुलाब जल बालों के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। शैंपू के बाद इसे बालों पर स्प्रे करने से बाल मुलायम महसूस होते हैं और उनमें अच्छी खुशबू आती है। कई लोग इसे हेयर मास्क में मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं, जिससे बालों को अतिरिक्त नमी मिलती है।   मेकअप को लंबे समय तक रखता है फ्रेश गुलाब जल एक नेचुरल फेस मिस्ट की तरह काम करता है। मेकअप से पहले और बाद में इसका इस्तेमाल करने से चेहरा फ्रेश दिखता है और मेकअप लंबे समय तक टिका रहता है।   स्किन की जलन और गर्मी से दिलाता है राहत तेज धूप और गर्मी से त्वचा में जलन या लालपन हो जाए तो ठंडा गुलाब जल लगाने से आराम मिलता है। यह त्वचा को ठंडक देकर उसे रिलैक्स और फ्रेश महसूस कराता है।

Unknown मई 14, 2026 0
Rashmika Mandanna relaxing with a soothing foot soak using Epsom salt at home
रश्मिका मंदाना का फुटकेयर सीक्रेट: एप्सम सॉल्ट से रखें पैरों को सॉफ्ट और रिलैक्स

  मुंबई: Rashmika Mandanna ने अपने सिंपल लेकिन असरदार फुटकेयर रूटीन का खुलासा किया है, जो न सिर्फ आसान है बल्कि बजट-फ्रेंडली भी है। एप्सम सॉल्ट से फुट सोक रश्मिका बताती हैं कि वह अपने पैरों को गर्म पानी में Epsom Salt (सेंधा नमक) डालकर भिगोती हैं। यह तरीका खासतौर पर उनके लिए जरूरी है क्योंकि उनका काम ट्रैवल, शूट और डांस से भरा रहता है। यह फुट सोक: मसल्स को रिलैक्स करता है थकान और स्ट्रेस कम करता है पैरों को सॉफ्ट बनाता है अच्छी बात यह है कि एप्सम सॉल्ट आसानी से ₹50–₹100 में मिल जाता है, यानी यह हर किसी के लिए अफॉर्डेबल है। मॉइश्चराइजिंग है जरूरी Rashmika Mandanna के मुताबिक, सिर्फ फुट सोक ही नहीं, बल्कि पैरों को मॉइश्चराइज करना भी बेहद जरूरी है। इससे त्वचा हाइड्रेटेड रहती है और क्रैक या ड्रायनेस से बचाव होता है। सही फुटवियर भी है अहम रश्मिका इन दिनों आरामदायक फुटवियर जैसे स्नीकर्स पहनना पसंद कर रही हैं, ताकि पैरों को रिकवरी का समय मिल सके—खासतौर पर उनकी हालिया लेग इंजरी के बाद। क्यों अपनाएं ये रूटीन? अगर आप भी दिनभर खड़े रहते हैं, ज्यादा चलते हैं या ट्रैवल करते हैं, तो यह आसान फुटकेयर रूटीन आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।  

surbhi अप्रैल 16, 2026 0
Man applying sunscreen and skincare routine to remove tan and protect skin from UV rays
पुरुषों के लिए गाइड: सिर्फ 7 दिनों में टैन कैसे हटाएं – आसान और असरदार तरीका

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में पुरुषों की त्वचा लगातार धूप, धूल और प्रदूषण के संपर्क में रहती है। ऑफिस जाने का रोज़ाना सफर हो, वीकेंड पर बाइक राइड हो या आउटडोर स्पोर्ट्स–इन सबके कारण चेहरे पर जिद्दी टैन, असमान स्किन टोन और डलनेस साफ दिखाई देने लगती है। अच्छी बात यह है कि टैन हटाने के लिए आपको बहुत जटिल या लंबी स्किनकेयर रूटीन की जरूरत नहीं है। सही प्रोडक्ट्स और साइंटिफिक अप्रोच के साथ आप सिर्फ एक हफ्ते में अपनी स्किन को बेहतर बना सकते हैं। आखिर टैन होता क्यों है? जब आपकी त्वचा सूरज की UV किरणों के संपर्क में आती है, तो शरीर खुद को बचाने के लिए मेलानिन नामक पिगमेंट बनाता है। यही मेलानिन त्वचा को डार्क बनाता है। पुरुषों की त्वचा महिलाओं की तुलना में लगभग 20% मोटी होती है और इसमें ऑयल प्रोडक्शन भी ज्यादा होता है। यही कारण है कि टैन त्वचा पर जमा होकर ज्यादा गहरा और पैची दिखाई देता है। 7 दिनों का असरदार डिटैन रूटीन Step 1: दिन की शुरुआत करें डिटैन फेसवॉश से कई पुरुष आज भी चेहरे पर साबुन या बॉडी वॉश का इस्तेमाल करते हैं, जो स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक अच्छा डिटैन फेसवॉश त्वचा की ऊपरी परत से डेड स्किन और गंदगी हटाता है। यह स्किन को साफ करने के साथ-साथ आगे इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। Step 2: हफ्ते में 2 बार डिटैन फेस मास्क लगाएं सिर्फ फेसवॉश से गहरा टैन नहीं हटता। इसके लिए डिटैन फेस मास्क जरूरी है। यह मास्क खास एक्टिव इंग्रीडिएंट्स और क्ले से बना होता है, जो त्वचा के अंदर जमा मेलानिन को तोड़ने में मदद करता है। हफ्ते में 2 बार 10–15 मिनट लगाने से स्किन धीरे-धीरे साफ और ब्राइट दिखने लगती है। Step 3: मॉइश्चराइजर से स्किन को हाइड्रेट रखें बहुत से लोग मानते हैं कि टैन हटाने के लिए स्किन को ड्राय रखना चाहिए, लेकिन यह गलत है। ड्राय स्किन और भी ज्यादा डल और डार्क दिखती है। इसलिए हर बार फेसवॉश या मास्क के बाद एक हल्का, ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। इससे त्वचा सॉफ्ट, हेल्दी और ग्लोइंग बनी रहती है। Step 4: सनस्क्रीन है सबसे जरूरी अगर आप सनस्क्रीन नहीं लगाते, तो आपका सारा डिटैन प्रयास बेकार हो सकता है। SPF 50 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन रोज सुबह लगाना जरूरी है। यह आपकी त्वचा को UV किरणों से बचाता है और नए टैन को बनने से रोकता है। यह रूटीन क्यों सबसे असरदार है? यह डिटैन रूटीन तीन स्तरों पर काम करता है: Removal (हटाना): डेड और डार्क स्किन को साफ करता है Correction (सुधार): गहरे पिगमेंट को कम करता है Prevention (बचाव): नए टैन को बनने से रोकता है

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Babulal Marandi Statement
“जहां हाथ डालो, वहीं घोटाला” – मरांडी के निशाने पर हेमंत सरकार

रांची। झारखंड में लगातार सामने आ रहे घोटालों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी  ने राज्य की हेमंत सोरेन  सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि “जहां हाथ डालिए, वहीं नया घोटाला सामने आ जाता है।”मरांडी ने कहा कि खनन क्षेत्र में पत्थर, कोयला, बालू और लौह अयस्क की खुली लूट तो दिख रही है, लेकिन इसके अलावा भी सरकारी धन की बड़े पैमाने पर बंदरबांट हो रही है। उनके अनुसार यह स्थिति राज्य को “अंदर से खोखला” कर रही है और आम जनता इससे परेशान है।   रांची में करोड़ों की अवैध निकासी का मामला राजधानी रांची में हाल ही में पशुपालन विभाग के दो कर्मचारियों द्वारा लगभग 2.94 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। मरांडी ने दावा किया कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि बोकारो और हजारीबाग जैसे अन्य जिलों में भी इसी तरह की वित्तीय अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाले पिछले कई वर्षों से जारी हैं और अब धीरे-धीरे उजागर हो रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।   उच्च अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल मरांडी ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर हो रही गड़बड़ियां बिना उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं हैं। उन्होंने इसे “संगठित भ्रष्टाचार” करार देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।   सरकार से जांच और कार्रवाई की मांग भाजपा नेता ने राज्य सरकार से सभी विभागों का व्यापक ऑडिट कराने, कोषागार से हुई निकासी की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

Unknown अप्रैल 15, 2026 0
rose water and sandalwood face pack for natural glowing skin in summer skincare routine.
गुलाब जल और चंदन से पाएं नैचुरल ग्लो: जानिए फायदे और लगाने का सही तरीका

गर्मियों के मौसम में तेज धूप, पसीना और प्रदूषण का सीधा असर हमारी त्वचा पर पड़ता है। इससे स्किन डल, टैन और बेजान नजर आने लगती है। ऐसे में प्राकृतिक उपायों की बात करें तो गुलाब जल और चंदन का मिश्रण एक बेहद असरदार और सुरक्षित विकल्प माना जाता है। यह न सिर्फ त्वचा को ठंडक देता है बल्कि कई स्किन समस्याओं को भी दूर करने में मदद करता है। त्वचा के लिए क्यों फायदेमंद है गुलाब जल और चंदन? 1. दाग-धब्बे और मुंहासों में राहत गुलाब जल और चंदन का पेस्ट चेहरे पर लगाने से स्किन साफ होती है और दाग-धब्बे धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। इसके नियमित उपयोग से मुंहासों की समस्या में भी सुधार देखा जाता है। 2. स्किन टोन में निखार यह मिश्रण टैनिंग को कम करने में मदद करता है और त्वचा की रंगत को एकसमान बनाता है। मेलेनिन के प्रभाव को नियंत्रित करके स्किन को नैचुरल ग्लो देता है। 3. ठंडक और सुकून गर्मियों में सनबर्न, जलन और रेडनेस आम समस्या है। ऐसे में गुलाब जल और चंदन का पेस्ट त्वचा को ठंडक पहुंचाता है और सूजन को कम करता है। 4. ऑयल कंट्रोल और ग्लोइंग स्किन यह मिश्रण चेहरे के एक्स्ट्रा ऑयल को हटाकर स्किन को फ्रेश और मुलायम बनाता है। साथ ही, फाइन लाइन्स को कम करने में भी मदद करता है, जिससे त्वचा ज्यादा यंग और चमकदार दिखती है। लगाने का सही तरीका एक चम्मच चंदन पाउडर लें उसमें आवश्यकतानुसार गुलाब जल मिलाकर पेस्ट तैयार करें इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं 10-15 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें हफ्ते में 2-3 बार इस्तेमाल करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
Shraddha Kapoor showcasing natural glowing skin in a no-makeup look with radiant complexion.
बिना मेकअप भी ग्लोइंग स्किन का राज: Shraddha Kapoor के आसान ब्यूटी हैक्स का खुलासा

बॉलीवुड एक्ट्रेस Shraddha Kapoor अपनी नैचुरल ब्यूटी और नो-मेकअप लुक्स के लिए जानी जाती हैं। सोशल मीडिया पर उनकी बिना फिल्टर वाली तस्वीरें अक्सर चर्चा में रहती हैं, जहां उनकी साफ, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन साफ नजर आती है। अब एक्ट्रेस ने अपने स्किनकेयर रूटीन के कुछ आसान लेकिन असरदार सीक्रेट्स शेयर किए हैं, जिन्हें हर कोई अपनी लाइफस्टाइल में अपना सकता है। हाइड्रेशन है सबसे बड़ा मंत्र श्रद्धा कपूर के अनुसार, हेल्दी स्किन की सबसे जरूरी कुंजी है - हाइड्रेशन। वह दिनभर भरपूर पानी पीती हैं और इसके साथ रोजाना कम से कम एक बार नारियल पानी जरूर लेती हैं। नारियल पानी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को पोषण देते हैं, एजिंग के लक्षणों को कम करते हैं और स्किन टेक्सचर को बेहतर बनाते हैं। क्लीन ईटिंग से आता है नेचुरल ग्लो एक्ट्रेस अपने खाने-पीने का भी खास ख्याल रखती हैं। वह जंक फूड से दूरी बनाकर हेल्दी और क्लीन डाइट को प्राथमिकता देती हैं। श्रद्धा ने यह भी बताया कि वह धीरे-धीरे वीगन डाइट अपनाने की कोशिश कर रही हैं। उनका मानना है कि अच्छा और संतुलित खानपान चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाता है। मेकअप के साथ सख्त नियम श्रद्धा कपूर का एक सबसे अहम ब्यूटी रूल है - मेकअप के साथ कभी न सोना। वह हर हाल में सोने से पहले अपना मेकअप हटा देती हैं, ताकि स्किन को सांस लेने का मौका मिल सके। इसके अलावा, वह दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना कभी नहीं भूलतीं, जिससे त्वचा सूरज की हानिकारक किरणों से सुरक्षित रहती है। क्यों खास हैं ये टिप्स? श्रद्धा कपूर के ये ब्यूटी हैक्स महंगे प्रोडक्ट्स पर नहीं, बल्कि सिंपल और हेल्दी आदतों पर आधारित हैं। यही वजह है कि उनका स्किनकेयर रूटीन हर किसी के लिए आसान और प्रभावी बन जाता है।  

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Deepshikha जून 4, 2026 0