हर व्यक्ति के चेहरे की बनावट अलग होती है। किसी का चेहरा गोल होता है, तो किसी का अंडाकार, चौकोर, हार्ट शेप या लंबा। मेकअप एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मेकअप चेहरे की शेप के अनुसार किया जाए, तो चेहरे की प्राकृतिक खूबसूरती और भी निखरकर सामने आती है। सही तकनीक अपनाने से आपका लुक अधिक संतुलित, आकर्षक और प्रोफेशनल नजर आ सकता है। गोल (Round) चेहरे के लिए मेकअप गोल चेहरे में गाल भरे हुए और फीचर्स मुलायम दिखाई देते हैं। ऐसे में चेहरे को थोड़ा लंबा और स्लिम दिखाने पर ध्यान देना चाहिए। क्या करें? जॉलाइन और चेहरे के किनारों पर हल्की कंटूरिंग करें। ब्लश को गालों से ऊपर की ओर ब्लेंड करें। विंग्ड आईलाइनर या सॉफ्ट स्मोकी आई मेकअप चुनें। हाईलाइटर का संतुलित इस्तेमाल करें। अंडाकार (Oval) चेहरे के लिए मेकअप ओवल फेस को सबसे संतुलित फेस शेप माना जाता है। इस पर लगभग हर तरह का मेकअप अच्छा लगता है। क्या करें? हल्का फाउंडेशन और नैचुरल बेस रखें। सॉफ्ट ब्लश और न्यूड लिपस्टिक चुनें। गाल, नाक और माथे पर हल्का हाईलाइटर लगाएं। आंखों पर शिमरी या न्यूट्रल आईशैडो अच्छे लगते हैं। चौकोर (Square) चेहरे के लिए मेकअप चौकोर चेहरे में जॉलाइन अधिक उभरी हुई होती है। ऐसे में उद्देश्य फीचर्स को थोड़ा सॉफ्ट दिखाना होता है। क्या करें? हल्की कंटूरिंग करें, बहुत शार्प लुक से बचें। पीच, पिंक और न्यूड ब्लश का इस्तेमाल करें। ब्राउन या सॉफ्ट स्मोकी आई मेकअप चुनें। क्रीमी या ग्लॉसी लिपस्टिक चेहरे को सॉफ्ट लुक देती है। हार्ट (Heart) फेस शेप के लिए मेकअप हार्ट शेप चेहरे में माथा चौड़ा और ठुड्डी अपेक्षाकृत पतली होती है। क्या करें? आंखों को बोल्ड लुक दें। मस्कारा और आईलाइनर से आंखों को उभारें। ब्राइट या ग्लॉसी लिपस्टिक का इस्तेमाल करें। ठुड्डी के आसपास हल्का ब्रॉन्जर लगाकर चेहरे का संतुलन बनाए रखें। लंबे (Long) चेहरे के लिए मेकअप लंबे चेहरे की सबसे बड़ी खासियत उसकी एलिगेंट बनावट होती है, लेकिन कई बार यह जरूरत से ज्यादा लंबा दिखाई देता है। क्या करें? माथे और ठुड्डी पर हल्का ब्रॉन्जर लगाएं। ब्लश को क्षैतिज (Horizontal) दिशा में ब्लेंड करें। बहुत लंबा विंग्ड आईलाइनर लगाने से बचें। ब्राइट लिपस्टिक चेहरे को बेहतर बैलेंस देती है। मेकअप करते समय रखें इन बातों का ध्यान अपनी स्किन टोन के अनुसार सही फाउंडेशन चुनें। मेकअप से पहले त्वचा को अच्छी तरह मॉइस्चराइज करें। जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट लगाने से बचें। अच्छे ब्रश और ब्लेंडिंग तकनीक का इस्तेमाल करें। दिन और रात के मेकअप में अंतर रखें। एक्सपर्ट की सलाह मेकअप एक्सपर्ट्स के अनुसार हर ट्रेंड हर चेहरे पर अच्छा लगे, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी और का मेकअप कॉपी करने के बजाय अपने फेस शेप और फीचर्स को समझकर मेकअप करें। सही मेकअप वही है जो आपकी प्राकृतिक खूबसूरती को छिपाने के बजाय उसे और निखारे। आत्मविश्वास के साथ किया गया मेकअप ही सबसे प्रभावशाली नजर आता है।
बारिश का मौसम रंगे हुए बालों के लिए क्यों बन जाता है चुनौती? मानसून की ठंडी फुहारें भले ही गर्मी से राहत देती हों, लेकिन कलर-ट्रीटेड बालों के लिए यह मौसम कई समस्याएं लेकर आता है। हवा में बढ़ी नमी, पसीना, धूल, प्रदूषण और बारिश का पानी बालों की बाहरी परत (क्यूटिकल) को कमजोर कर देते हैं। इसका असर यह होता है कि हेयर कलर जल्दी फीका पड़ने लगता है, बाल रूखे और बेजान दिखते हैं, साथ ही फ्रिज़, स्प्लिट एंड्स और टूटने की समस्या भी बढ़ जाती है। अगर आपने हाल ही में बालों में कलर कराया है, तो मानसून के दौरान उनकी अतिरिक्त देखभाल करना बेहद जरूरी है। 1. घर से निकलने से पहले लगाएं लीव-इन कंडीशनर बारिश में बाहर निकलने से पहले बालों को हल्का गीला करके कलर-प्रोटेक्ट लीव-इन कंडीशनर लगाएं। इससे बालों पर एक सुरक्षात्मक परत बनती है जो नमी, प्रदूषण और बारिश के पानी से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करती है। घर लौटने के बाद बालों को ठंडे पानी से धोना भी फायदेमंद रहता है। 2. सल्फेट-फ्री शैंपू का करें इस्तेमाल साधारण शैंपू में मौजूद सल्फेट बालों के प्राकृतिक तेल और नमी को कम कर सकता है, जिससे हेयर कलर जल्दी फीका पड़ सकता है। इसलिए मानसून में सल्फेट-फ्री या SLS-फ्री शैंपू चुनना बेहतर विकल्प माना जाता है। यह बालों को बिना नुकसान पहुंचाए साफ करता है और रंग को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है। 3. कंडीशनर लगाना बिल्कुल न छोड़ें कलर किए गए बाल सामान्य बालों की तुलना में अधिक ड्राई और फ्रिज़ी हो सकते हैं। हर बार शैंपू के बाद कंडीशनर जरूर लगाएं और इसे 2–3 मिनट तक बालों में रहने दें। आर्गन ऑयल, मोनोई ऑयल या अन्य मॉइस्चराइजिंग तत्वों वाले कंडीशनर बालों को मुलायम बनाए रखते हैं और कलर की चमक बनाए रखने में मदद करते हैं। 4. माइक्रोफाइबर टॉवल का इस्तेमाल करें गीले बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं। ऐसे में सामान्य तौलिये से जोर-जोर से बाल रगड़ने की बजाय माइक्रोफाइबर टॉवल से हल्के हाथों से अतिरिक्त पानी सोखें। इससे बाल कम टूटते हैं, फ्रिज़ कम होता है और स्कैल्प भी बेहतर तरीके से सूखता है। 5. हीट स्टाइलिंग से पहले हीट प्रोटेक्शन जरूर लगाएं अगर आप हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर या कर्लिंग आयरन का इस्तेमाल करते हैं, तो पहले हीट प्रोटेक्टेंट स्प्रे जरूर लगाएं। यह बालों को गर्मी से बचाने के साथ-साथ नमी और पर्यावरणीय नुकसान से भी सुरक्षा देता है, जिससे हेयर कलर ज्यादा समय तक चमकदार बना रहता है। 6. सप्ताह में एक बार हेयर मास्क लगाएं मानसून में सप्ताह में कम से कम एक बार डीप-कंडीशनिंग हेयर मास्क लगाना फायदेमंद होता है। इससे बालों की नमी बनी रहती है, उनकी मजबूती बढ़ती है और हेयर कलर लंबे समय तक फ्रेश दिखाई देता है। 7. नियमित रूप से करें तेल की मालिश हल्की तेल मालिश स्कैल्प को पोषण देने, बालों को मजबूत बनाने और हेयर फॉल कम करने में मदद करती है। मानसून में भारी तेल की बजाय हल्के और आसानी से अवशोषित होने वाले हेयर ऑयल का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। इन बातों का भी रखें ध्यान बारिश में भीगने के बाद बालों को जल्द से जल्द साफ पानी से धो लें। गीले बालों में कंघी करने से बचें। लंबे समय तक गीले बाल बांधकर न रखें। संतुलित आहार लें और पर्याप्त पानी पिएं ताकि बाल अंदर से भी स्वस्थ रहें। मानसून के दौरान थोड़ी अतिरिक्त देखभाल अपनाकर आप अपने हेयर कलर की चमक लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं और बालों को स्वस्थ, मुलायम व मजबूत रख सकते हैं।
सुबह उठते ही अधिकांश लोग सिर्फ पानी से चेहरा धो लेते हैं और मानते हैं कि रात में अच्छी तरह चेहरा साफ करने के बाद सुबह दोबारा फेसवॉश की जरूरत नहीं होती। लेकिन स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। रातभर त्वचा पर पसीना, अतिरिक्त तेल (सीबम), स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के अवशेष और धूल-मिट्टी के सूक्ष्म कण जमा हो जाते हैं, जिन्हें केवल पानी से हटाया नहीं जा सकता। फेशियलिस्ट क्रिस्टीना गालमिशे के अनुसार, सुबह त्वचा की सही तरीके से सफाई करना स्वस्थ और दमकती त्वचा के लिए बेहद जरूरी है। इससे न सिर्फ त्वचा साफ रहती है, बल्कि बाद में लगाए जाने वाले सीरम, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन भी बेहतर तरीके से काम करते हैं। क्या रातभर में त्वचा गंदी हो जाती है? भले ही सुबह उठने पर चेहरे पर गंदगी दिखाई न दे, लेकिन रातभर के दौरान त्वचा पर कई तरह के अवशेष जमा हो जाते हैं, जैसे— पसीना अतिरिक्त सीबम (तेल) नाइट क्रीम या सीरम के अवशेष बालों से आने वाला तेल मृत त्वचा कोशिकाएं यदि इन्हें साफ नहीं किया जाए तो रोमछिद्र (पोर्स) बंद हो सकते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स, मुंहासे और त्वचा की चमक कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सुबह फेस क्लींजिंग करने के फायदे नियमित रूप से सुबह फेसवॉश करने से कई लाभ मिलते हैं— त्वचा से पसीना, तेल और रातभर के अवशेष हटते हैं। ब्लैकहेड्स और मुंहासों का खतरा कम होता है। त्वचा में ऑक्सीजन का प्रवाह और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। स्किन टेक्सचर और प्राकृतिक निखार में सुधार आता है। विटामिन C, हायलूरोनिक एसिड और अन्य एक्टिव इंग्रीडिएंट्स बेहतर तरीके से काम करते हैं। त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत (स्किन बैरियर) मजबूत होती है। सुबह चेहरा धोने का सही तरीका 1. अपनी स्किन टाइप के अनुसार फेस क्लींजर चुनें ऑयली या कॉम्बिनेशन स्किन: नियासिनामाइड या सैलिसिलिक एसिड युक्त जेल या फोम क्लींजर चुनें। ड्राई या सेंसिटिव स्किन: सल्फेट-फ्री या क्रीम-बेस्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें। 2. हाथों से करें मसाज कॉटन पैड की बजाय अपनी उंगलियों से लगभग 30 सेकंड तक हल्के गोलाकार (सर्कुलर) मोशन में चेहरे की मसाज करें। इससे त्वचा अच्छी तरह साफ होती है और ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ता है। 3. गुनगुने पानी से धोएं बहुत गर्म पानी त्वचा की प्राकृतिक नमी और लिपिड बैरियर को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि बहुत ठंडा पानी क्लींजर को पूरी तरह हटाने में प्रभावी नहीं होता। 4. साफ तौलिये से हल्के हाथों से सुखाएं चेहरे को रगड़ने की बजाय हल्के-हल्के थपथपाकर सुखाएं। बेहतर होगा कि रोजाना साफ तौलिये का इस्तेमाल करें। सिर्फ पानी से चेहरा धोना क्यों पर्याप्त नहीं है? सिर्फ पानी त्वचा पर मौजूद तेल, पसीना और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के अवशेषों को पूरी तरह नहीं हटा पाता। ऐसे में बाद में लगाए जाने वाले सीरम, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन त्वचा में सही तरीके से अवशोषित नहीं हो पाते। विशेषज्ञों का मानना है कि साफ त्वचा ही स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के लिए सबसे बेहतर आधार होती है। इसलिए सुबह फेस क्लींजर और पानी दोनों का इस्तेमाल करना त्वचा को स्वस्थ, साफ और चमकदार बनाए रखने का आसान लेकिन बेहद महत्वपूर्ण कदम है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आम को फलों का राजा कहा जाता है, लेकिन इसके छिलके भी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माने जा रहे हैं। ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार आम के छिलकों में विटामिन C, विटामिन A और एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो स्किन को हेल्दी, ग्लोइंग और जवान बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इन्हें फेस पैक और स्क्रब के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। त्वचा के लिए क्यों फायदेमंद हैं आम के छिलके? विशेषज्ञों के मुताबिक आम के छिलकों में मौजूद फाइबर डेड स्किन हटाने में मदद करता है, जिससे त्वचा साफ और मुलायम बनती है। विटामिन C कोलेजन बढ़ाकर दाग-धब्बों को कम करने और एजिंग के असर को धीमा करने में मदद करता है। वहीं विटामिन A एक्ने को नियंत्रित करने और स्किन सेल्स को रिपेयर करने में सहायक माना जाता है। इसके अलावा एंटीऑक्सिडेंट त्वचा को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाकर नमी और इलास्टिसिटी बनाए रखते हैं। फेस पैक के आसान तरीके आम के छिलकों को सुखाकर उनका पाउडर बनाया जा सकता है और उसमें गुलाब जल मिलाकर फेस पैक तैयार किया जा सकता है। इसे चेहरे पर 10 से 15 मिनट लगाकर धोने से त्वचा में निखार आता है। ताजे छिलकों को पीसकर उसमें शहद और दही मिलाकर भी फेस पैक बनाया जा सकता है, जो स्किन को मॉइस्चराइज और क्लीन करने में मदद करता है। स्क्रब और डी-टैन के लिए उपयोग सूखे छिलकों के पाउडर में गुलाब जल या दूध मिलाकर स्क्रब तैयार किया जा सकता है, जो त्वचा को एक्सफोलिएट करता है। इसमें कॉफी या नारियल तेल मिलाकर इसे और प्रभावी बनाया जा सकता है। वहीं टैनिंग हटाने के लिए छिलकों के पाउडर को दही या लोशन के साथ मिलाकर प्रभावित हिस्सों पर लगाया जा सकता है। सावधानी जरूरी विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि आम के छिलके प्राकृतिक और फायदेमंद हैं, लेकिन यदि त्वचा पर लंबे समय से रैश, एलर्जी या एक्ने की समस्या है तो घरेलू उपाय अपनाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
क्या आप भी घर में सनस्क्रीन लगाना छोड़ देते हैं? अधिकांश लोग मानते हैं कि सनस्क्रीन केवल बाहर धूप में निकलने, बीच पर जाने या आउटडोर गतिविधियों के दौरान ही जरूरी होती है। लेकिन त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। अगर आप घर के अंदर हैं, ऑफिस में काम कर रहे हैं या खिड़की के पास लंबे समय तक बैठते हैं, तब भी आपकी त्वचा हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों के संपर्क में आ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सनस्क्रीन केवल गर्मियों या धूप वाले दिनों के लिए नहीं, बल्कि हर मौसम और हर दिन की स्किनकेयर रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा होनी चाहिए। खिड़की के शीशे भी नहीं रोक पाते सभी UV किरणें त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य कांच की खिड़कियां अधिकांश UVB किरणों को रोक देती हैं, जो सनबर्न का कारण बनती हैं। लेकिन UVA किरणें आसानी से कांच के आर-पार होकर त्वचा तक पहुंच सकती हैं। यही UVA किरणें समय से पहले झुर्रियां, पिग्मेंटेशन, डार्क स्पॉट्स और त्वचा की उम्र बढ़ने जैसी समस्याओं के लिए जिम्मेदार मानी जाती हैं। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से त्वचा कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। घर के अंदर भी क्यों बढ़ सकता है स्किन डैमेज? यदि आपका कार्यस्थल खिड़की के पास है, आप लंबे समय तक प्राकृतिक रोशनी वाले कमरे में बैठते हैं या अक्सर कार चलाते हैं, तो आपकी त्वचा पूरे दिन धीरे-धीरे UVA एक्सपोजर प्राप्त कर सकती है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट लंबे समय में पिग्मेंटेशन और फोटोएजिंग की समस्या को बढ़ा सकती है। ऐसे में ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का उपयोग अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान कर सकता है। किन लोगों के लिए घर के अंदर सनस्क्रीन ज्यादा जरूरी? कुछ लोगों को घर के अंदर भी नियमित रूप से सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए, जैसे: जो लोग खिड़की के पास लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। जिनकी त्वचा पर पिग्मेंटेशन, मेलाज्मा या एक्ने के निशान हैं। जो रेटिनॉल, AHA या BHA जैसे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। जो समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करना चाहते हैं। घर के अंदर UV एक्सपोजर कम करने के आसान उपाय 1. सीधे धूप वाले स्थान से दूरी बनाएं जहां तक संभव हो, खिड़कियों से कुछ दूरी पर बैठें। इससे UV किरणों का प्रभाव काफी कम हो सकता है। 2. UV-ब्लॉकिंग विंडो फिल्म लगाएं विशेष प्रकार की पारदर्शी विंडो फिल्म 99 प्रतिशत तक UVA और UVB किरणों को रोकने में मदद कर सकती है। 3. पीक सनलाइट के समय पर्दे बंद रखें सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है। इस दौरान पर्दे या ब्लाइंड्स का उपयोग लाभदायक हो सकता है। 4. सही प्रकार के ग्लास का उपयोग करें लो-ई (Low-E) या लैमिनेटेड ग्लास सामान्य कांच की तुलना में अधिक UV सुरक्षा प्रदान करते हैं। 5. सुरक्षात्मक कपड़े पहनें यदि आपको लंबे समय तक खिड़की के पास बैठना पड़ता है, तो फुल स्लीव कपड़े या UV प्रोटेक्शन वाले फैब्रिक उपयोगी हो सकते हैं। त्वचा विशेषज्ञों की सलाह विशेषज्ञों का मानना है कि SPF 30 या उससे अधिक और PA+++ या PA++++ रेटिंग वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का नियमित उपयोग त्वचा को UVA और UVB दोनों प्रकार की किरणों से बचाने में मदद करता है। घर के अंदर हों या बाहर, त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन को अपनी रोजाना की आदत बनाना लंबे समय में आपकी त्वचा को स्वस्थ, युवा और सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आजकल आइब्रो मेकअप सिर्फ बालों को सेट करने तक सीमित नहीं रह गया है। फ्लफी, लैमिनेटेड या नेचुरल लुक पाने के लिए ब्रो जेल कई लोगों की डेली ब्यूटी रूटीन का हिस्सा बन चुका है। लेकिन रोज़ाना इसका इस्तेमाल करने वालों के मन में एक सवाल जरूर आता है—क्या इससे आइब्रो के बाल कमजोर हो सकते हैं? क्या हर दिन ब्रो जेल लगाना सुरक्षित है? ब्यूटी एक्सपर्ट मोनिका अरांगुएज़न के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में रोज़ ब्रो जेल लगाने से आइब्रो की ग्रोथ या उनकी गुणवत्ता पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। असली समस्या तब होती है जब: प्रोडक्ट में बहुत ज्यादा कठोर या ड्राइंग इंग्रीडिएंट्स हों। मेकअप हटाते समय बालों को जोर से रगड़ा जाए। रात में बिना सफाई किए प्रोडक्ट लगा रहने दिया जाए। खराब गुणवत्ता या एक्सपायर्ड प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जाए। इन आदतों से आइब्रो के बाल कमजोर होकर टूट सकते हैं। अच्छा ब्रो जेल कैसा होना चाहिए? एक अच्छा ब्रो जेल: बालों को बिना कठोर बनाए सेट करे। आसानी से हट जाए। मॉइस्चराइजिंग और कंडीशनिंग तत्वों से भरपूर हो। त्वचा में खुजली, जलन या रूखापन पैदा न करे। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे प्रोडक्ट्स से बचें जिनमें अत्यधिक ड्राइंग अल्कोहल, तेज़ खुशबू या त्वचा को परेशान करने वाले तत्व मौजूद हों। ब्रो जेल लगाते समय किन बातों का रखें ध्यान? जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट न लगाएं। ब्रश को बहुत जोर से न चलाएं। दिनभर आइब्रो को बार-बार छूने या सेट करने से बचें। मेकअप हटाते समय रगड़ने के बजाय जेंटल क्लेंजर का इस्तेमाल करें। सोने से पहले आइब्रो की अच्छी तरह सफाई जरूर करें। क्लियर या कलर्ड ब्रो जेल, कौन बेहतर? क्लियर ब्रो जेल उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जिनकी आइब्रो पहले से घनी हैं और जो नेचुरल लुक चाहते हैं। कलर्ड ब्रो जेल पतली या गैप वाली आइब्रो को भरा हुआ और अधिक डिफाइंड दिखाने में मदद करता है। फाइबर वाले जेल वॉल्यूम भी बढ़ाते हैं, लेकिन इन्हें हटाने के लिए अच्छी सफाई जरूरी होती है। आइब्रो को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? रोज़ रात को मेकअप पूरी तरह हटाएं। आइब्रो के आसपास की त्वचा को मॉइस्चराइज रखें। जरूरत से ज्यादा थ्रेडिंग या प्लकिंग से बचें। अच्छी गुणवत्ता वाले कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स चुनें। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सही प्रोडक्ट और सही तकनीक अपनाई जाए, तो रोज़ाना ब्रो जेल का इस्तेमाल करना नुकसानदायक नहीं है। खूबसूरत आइब्रो सिर्फ स्टाइलिंग से नहीं, बल्कि उनकी सही देखभाल से भी बनती हैं।
क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सुबह ताजे धुले बाल दोपहर तक ही चिपचिपे और बेजान दिखने लगते हैं? गर्मी, उमस, प्रदूषण, वर्कआउट, लगातार बालों को छूने की आदत या व्यस्त दिनचर्या के कारण बाल जल्दी ऑयली दिखने लगते हैं। ऐसे में हर बार बाल धोना संभव नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार शैंपू करने के बजाय यह समझना ज्यादा जरूरी है कि बाल जल्दी ऑयली क्यों होते हैं और उन्हें बिना रोज़ धोए कैसे फ्रेश रखा जा सकता है। बाल जल्दी ऑयली क्यों हो जाते हैं? बालों की जड़ों में मौजूद सेबेशियस ग्लैंड्स (Sebaceous Glands) प्राकृतिक तेल यानी सीबम (Sebum) बनाती हैं, जो स्कैल्प और बालों की सुरक्षा के लिए जरूरी होता है। लेकिन जब यह तेल अधिक मात्रा में बनने लगता है और पसीना, धूल, मृत त्वचा कोशिकाएं तथा प्रोडक्ट्स के अवशेष इसके साथ मिल जाते हैं, तो बाल चिपचिपे और बेजान दिखाई देने लगते हैं। पतले बालों में तेल जल्दी दिखाई देता है, जबकि घुंघराले या घने बालों में यह समस्या थोड़ी देर से नजर आती है। हार्मोन और तनाव भी हैं जिम्मेदार विशेषज्ञों के मुताबिक किशोरावस्था, पीरियड्स, गर्भावस्था, मेनोपॉज या PCOS जैसी स्थितियों में हार्मोनल बदलाव तेल के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा तनाव भी अप्रत्यक्ष रूप से स्कैल्प को ज्यादा ऑयली बना सकता है। क्या रोज़ बाल धोना नुकसानदायक है? जरूरी नहीं। हेयर एक्सपर्ट्स का कहना है कि रोज़ बाल धोना हर किसी के लिए नुकसानदायक नहीं होता। यह पूरी तरह आपके स्कैल्प टाइप और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है। ऑयली स्कैल्प वाले लोग रोज़ या एक दिन छोड़कर बाल धो सकते हैं। ड्राई स्कैल्प वाले लोग लंबे अंतराल के बाद भी बाल धो सकते हैं। अगर स्कैल्प में खुजली, भारीपन या असहजता महसूस हो रही है, तो बाल धोने में ज्यादा देरी करना सही नहीं है। क्या स्कैल्प को कम तेल बनाने के लिए "ट्रेन" किया जा सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार, इसका जवाब है—नहीं। तेल का उत्पादन मुख्य रूप से हार्मोन और जेनेटिक्स पर निर्भर करता है। कम शैंपू करने से स्कैल्प तेल बनाना बंद नहीं करता, बल्कि गंदगी और ऑयल जमा होने लगता है। बिना बाल धोए ऑयली बालों को कैसे मैनेज करें? यदि आप वॉश डे को एक दिन और बढ़ाना चाहते हैं, तो ये उपाय मदद कर सकते हैं: ड्राई शैंपू का इस्तेमाल करें। बार-बार बालों को हाथ लगाने से बचें। बहुत ज्यादा ब्रश न करें। हेयर प्रोडक्ट्स को स्कैल्प पर लगाने से बचें। पोनीटेल या बन जैसी हेयरस्टाइल अपनाएं। ड्राई शैंपू इस्तेमाल करने का सही तरीका केवल जड़ों पर लगाएं। लगाने के बाद एक मिनट तक छोड़ दें। फिर हल्के हाथों से मसाज करें। बहुत अधिक मात्रा में इस्तेमाल न करें। रात में सोने से पहले थोड़ी मात्रा में ड्राई शैंपू लगाने से सुबह तक अतिरिक्त तेल अवशोषित हो सकता है। ऑयली बालों के लिए बेस्ट हेयरस्टाइल जब बाल खुले रखने पर चिपचिपे दिखने लगें, तो ये स्टाइल अपनाएं: लो बन (Low Bun) स्लीक पोनीटेल ब्रेडेड हेयरस्टाइल क्लॉ क्लिप ट्विस्ट हेडबैंड स्टाइल ये हेयरस्टाइल बालों की चमक को स्टाइलिश लुक में बदल देती हैं। कौन-से प्रोडक्ट्स फायदेमंद हैं? क्लैरिफाइंग शैंपू ये शैंपू स्कैल्प पर जमा धूल, पसीना, ड्राई शैंपू और स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स के अवशेष हटाने में मदद करते हैं। ऑयल-कंट्रोल शैंपू इनमें मौजूद कुछ खास तत्व स्कैल्प को संतुलित रखने में मदद करते हैं: सैलिसिलिक एसिड नियासिनामाइड जिंक PCA पिरोक्टोन ओलामीन जिंक पाइरिथियोन ये गलतियां बालों को और ज्यादा ऑयली बना सकती हैं स्कैल्प पर भारी तेल लगाना ज्यादा क्रीम या लीव-इन कंडीशनर का इस्तेमाल वैक्स और सिलिकॉन वाले प्रोडक्ट्स का अधिक उपयोग हेयर मास्क को जड़ों तक लगाना कंडीशनर और हेयर मास्क केवल बालों की लंबाई और सिरों पर ही लगाएं। कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? यदि ऑयली बालों के साथ ये समस्याएं लगातार बनी रहें, तो स्कैल्प संबंधी बीमारी हो सकती है: लगातार खुजली लालपन जलन बदबू चिपचिपी रूसी बार-बार डैंड्रफ होना ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सफेद रंग को हमेशा से सादगी, शालीनता और एलिगेंस का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि सफेद रंग के कपड़े हर मौसम और हर अवसर पर फैशन का हिस्सा बने रहते हैं। हालांकि कई लोगों की शिकायत होती है कि सफेद ड्रेस पहनने पर उनका चेहरा फीका या डल दिखाई देता है। फैशन विशेषज्ञों के अनुसार, सही स्टाइलिंग के जरिए सफेद आउटफिट में भी बेहद आकर्षक और ग्लोइंग लुक पाया जा सकता है। स्किन टोन के अनुसार चुनें सही शेड सफेद रंग के कई शेड होते हैं और हर शेड हर स्किन टोन पर एक जैसा नहीं लगता। गेहुंआ या सांवली त्वचा वाले लोगों पर ऑफ-व्हाइट, आइवरी और क्रीम शेड अधिक आकर्षक लगते हैं। वहीं, गोरी त्वचा पर प्योर व्हाइट और स्नो व्हाइट जैसे शेड चेहरे की चमक को और बढ़ाते हैं। फैब्रिक का चुनाव भी है जरूरी व्हाइट आउटफिट का लुक केवल रंग से नहीं बल्कि उसके फैब्रिक से भी प्रभावित होता है। गर्मियों में कॉटन, लिनन और रेयॉन जैसे हल्के और आरामदायक कपड़े बेहतर विकल्प माने जाते हैं। अगर ड्रेस में चिकनकारी, लेस या हल्की एम्ब्रॉयडरी हो तो वह और अधिक स्टाइलिश दिखाई देती है। कंट्रास्ट से बनाएं लुक खास पूरी तरह सफेद लुक की बजाय उसमें कंट्रास्ट जोड़ने से व्यक्तित्व और निखरकर सामने आता है। सफेद शर्ट के साथ ब्लैक ट्राउजर, ऑफ-व्हाइट कुर्ती के साथ डार्क प्लाजो या रंगीन दुपट्टा आपके लुक को अधिक आकर्षक बना सकता है। यह चेहरे को भी बेहतर तरीके से हाईलाइट करता है। मेकअप से बढ़ेगी चेहरे की रौनक सफेद ड्रेस के साथ हल्का लेकिन संतुलित मेकअप बेहद जरूरी है। रेड, बरगंडी, मैरून या हॉट पिंक शेड की लिपस्टिक चेहरे को फ्रेश और ग्लोइंग लुक देती है। हल्का काजल, मस्कारा और सॉफ्ट ब्लश भी चेहरे की खूबसूरती बढ़ाते है। सफेद आउटफिट के साथ सिल्वर, ऑक्सिडाइज्ड या पर्ल ज्वेलरी बेहद खूबसूरत लगती है। वहीं वेस्टर्न लुक के लिए मिनिमल गोल्डन एक्सेसरीज क्लासी टच देती हैं। सही ज्वेलरी, फुटवियर और बैग के साथ आपका व्हाइट लुक और भी स्टाइलिश बन सकता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में तेज धूप, उमस और पसीने का सबसे ज्यादा असर त्वचा पर दिखाई देता है। इस दौरान टैनिंग, पिंपल्स, ऑयली स्किन और जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में कई लोग चेहरे को ठंडक और ताजगी देने के लिए आइस फेशियल का सहारा लेते हैं। सोशल मीडिया पर भी आइस मसाज को इंस्टेंट ग्लो पाने का आसान उपाय बताया जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फ का सही इस्तेमाल फायदेमंद है, लेकिन लापरवाही त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकती है। आइस फेशियल के प्रमुख फायदे धूप में लंबे समय तक रहने के बाद चेहरे पर बर्फ लगाने से त्वचा को राहत मिलती है। यह गर्मी और जलन को कम करके चेहरे को ताजगी का एहसास कराती है। पिंपल्स और सूजन में राहत बर्फ की ठंडक त्वचा की सूजन और लालिमा को कम करने में मदद कर सकती है। पिंपल्स से होने वाली जलन और दर्द में भी कुछ हद तक आराम मिलता है। चेहरे पर आता है नेचुरल ग्लो आइस मसाज से त्वचा में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे चेहरा अधिक फ्रेश और चमकदार दिखाई देता है। कई लोग मेकअप से पहले भी आइस फेशियल करते हैं ताकि त्वचा स्मूद और टाइट नजर आए। पोर्स को टाइट करने में मदद बर्फ त्वचा के खुले रोमछिद्रों को अस्थायी रूप से सिकोड़ सकती है, जिससे चेहरा अधिक साफ और आकर्षक दिखता है। ज्यादा इस्तेमाल से हो सकते हैं नुकसान विशेषज्ञों के अनुसार, बर्फ को सीधे त्वचा पर लगाने से स्किन में जलन, लालिमा और संवेदनशीलता बढ़ सकती है। खासकर ड्राई और सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। लंबे समय तक आइस मसाज करने से त्वचा रूखी हो सकती है और उसकी प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। आइस फेशियल का सही तरीका • बर्फ को कभी भी सीधे चेहरे पर न लगाएं। • इसे किसी साफ सूती कपड़े या रूमाल में लपेटकर इस्तेमाल करें। • 1 से 2 मिनट से ज्यादा आइस मसाज न करें। • चेहरे पर हल्के हाथों से गोलाकार गति में मसाज करें। • संवेदनशील त्वचा होने पर पहले पैच टेस्ट जरूर करें। विशेषज्ञों की सलाह आइस फेशियल गर्मियों में त्वचा को ताजगी और इंस्टेंट ग्लो देने का आसान तरीका हो सकता है, लेकिन इसका संतुलित और सही इस्तेमाल जरूरी है। यदि आपको किसी प्रकार की त्वचा संबंधी समस्या है, तो बर्फ का उपयोग करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्किन ट्रीटमेंट को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।
फैशन और ब्यूटी की दुनिया में इस साल नेल आर्ट का ट्रेंड पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। पिछले कुछ समय से लोकप्रिय रहे साधारण और हल्के डिज़ाइनों की जगह अब चमकदार रंगों, आकर्षक टेक्सचर और रचनात्मक कलाकारी ने ले ली है। समर 2026 में नेल आर्ट केवल खूबसूरती बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपकी व्यक्तिगत शैली और आत्मविश्वास को भी दर्शाता है। इस मौसम में छुट्टियों, बीच ट्रिप, रूफटॉप पार्टियों और खास आयोजनों के लिए ऐसे नेल डिज़ाइन पसंद किए जा रहे हैं जो रंगों, चमक और कलात्मकता से भरपूर हों। मेडिटेरेनियन समुद्री रंगों से लेकर पारदर्शी जेली फिनिश और त्रिआयामी डिज़ाइनों तक, इस बार हर ट्रेंड में कुछ नया और खास देखने को मिल रहा है। 1. कोका-कोला प्रेरित नेल्स इस सीजन का सबसे अनोखा और आकर्षक ट्रेंड कोका-कोला से प्रेरित नेल आर्ट है। चमकदार लाल, सिल्वर क्रोम और कैट-आई प्रभाव वाले डिज़ाइन पुराने दौर की यादों को आधुनिक स्टाइल के साथ जोड़ते हैं। इन नेल्स पर पानी की बूंदों जैसी त्रिआयामी सजावट इन्हें और भी आकर्षक बनाती है। 2. सैंटोरिनी प्रेरित नेल्स ग्रीस के प्रसिद्ध सैंटोरिनी द्वीप की सुंदरता से प्रेरित यह डिज़ाइन सफेद और गहरे नीले रंग के मेल पर आधारित है। इसमें पारंपरिक टाइल पैटर्न और समुद्री तटीय आकर्षण झलकता है, जो गर्मियों की छुट्टियों के लिए एकदम उपयुक्त है। 3. सुनहरी सजावट वाले नेल्स सुनहरे रंग की बारीक सजावट इस साल भी लोकप्रिय बनी हुई है। सुनहरी रेखाएं, धात्विक घुमावदार डिज़ाइन और हल्के रंगों के साथ सुनहरे प्रभाव नाखूनों को बेहद आकर्षक और शाही लुक देते हैं। 4. जेली नेल्स पारदर्शी और चमकदार जेली नेल्स एक बार फिर फैशन में लौट आए हैं। कैंडी जैसे रंग और कांच जैसी चमक इन्हें युवा और ताजगी भरा लुक देते हैं। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो रंगों के साथ प्रयोग करना पसंद करते हैं। 5. फलों से प्रेरित नेल्स संतरा, नींबू और अन्य फलों के रंगों से सजे ये नेल्स गर्मियों के मौसम की ताजगी को दर्शाते हैं। नीले और सफेद रंगों की कलात्मक सजावट इन्हें और अधिक आकर्षक बनाती है। 6. आभा प्रभाव वाले नेल्स आभा प्रभाव वाले नेल्स इस साल भी ट्रेंड में बने हुए हैं। गुलाबी, नारंगी और चमकीले रंगों के मिश्रण से तैयार यह डिज़ाइन नाखूनों पर चमकती हुई ऊर्जा जैसा प्रभाव पैदा करता है। 7. जलरंग कला वाले नेल्स जलरंग चित्रकला से प्रेरित यह नेल आर्ट नाखूनों को एक छोटे कैनवास की तरह प्रस्तुत करता है। रंगों का सुंदर मिश्रण और कलात्मक ब्रश स्ट्रोक्स इसे बेहद खास बनाते हैं। 8. त्रिआयामी सीप डिज़ाइन वाले नेल्स समुद्र और जलपरी थीम से प्रेरित यह ट्रेंड गर्मियों में काफी पसंद किया जा रहा है। सीप की आकृति वाले उभरे हुए डिज़ाइन और मोती जैसी चमक इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं। 9. क्रोम फ्रेंच टिप्स पारंपरिक फ्रेंच मैनीक्योर इस बार नए रूप में वापसी कर रहा है। चमकदार क्रोम प्रभाव, रंगों के नए संयोजन और आधुनिक टेक्सचर इसे बेहद स्टाइलिश बनाते हैं। गर्मियों के इस मौसम में नेल आर्ट केवल फैशन का हिस्सा नहीं बल्कि अपनी रचनात्मकता और व्यक्तित्व को प्रदर्शित करने का एक शानदार माध्यम बन गया है। चाहे आपको सादगी पसंद हो या आकर्षक और बोल्ड डिज़ाइन, इस सीजन के ट्रेंड्स में हर किसी के लिए कुछ खास मौजूद है।
गर्मियों का मौसम आते ही पसीना, धूल, सनस्क्रीन और उमस त्वचा को चिपचिपा और बेजान महसूस कराने लगते हैं। ऐसे में सिर्फ खुशबूदार बॉडी वॉश काफी नहीं होता, बल्कि ऐसा बॉडी क्लींजर जरूरी होता है जो त्वचा को अच्छी तरह साफ करे, लेकिन उसकी नमी भी बरकरार रखे। स्किन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही बॉडी क्लींजर त्वचा को फ्रेश, हाइड्रेटेड और हेल्दी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इस गर्मी के मौसम के लिए ऐसे बॉडी क्लींजर ट्रेंड में हैं जो अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। कुछ स्किन को कूलिंग फील देते हैं, कुछ बॉडी एक्ने और ऑयलीनेस को कंट्रोल करते हैं, जबकि कुछ स्किन बैरियर को मजबूत रखने में मदद करते हैं। गर्मियों के लिए 9 बेहतरीन बॉडी क्लींजर 1. Lush Dirty Springwash Shower Gel अगर सुबह का शॉवर आपको इंस्टेंट फ्रेशनेस देना चाहिए, तो यह बॉडी वॉश आपके लिए है। Spearmint oil, menthol crystals और thyme oil से बना यह क्लींजर स्किन को ठंडक और एनर्जी देने का काम करता है। वर्कआउट के बाद या बेहद गर्म दिनों के लिए यह बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है। 2. L'Occitane en Provence Verveine Agrumes Perfumed Shower Gel Citrus फ्रेगरेंस पसंद करने वालों के लिए यह शानदार विकल्प है। इसमें mandarin, bergamot और orange extracts शामिल हैं जो त्वचा को हल्की खुशबू और ताजगी देते हैं। इसकी खुशबू काफी एलिगेंट और रिफ्रेशिंग मानी जाती है। 3. The Body Shop White Tea & Elderflower Bath & Shower Gel यह बॉडी क्लींजर हल्की फ्लोरल खुशबू के साथ स्किन को क्लीन और सॉफ्ट महसूस कराता है। इसमें aloe vera और white tea जैसे इंग्रेडिएंट्स हैं जो त्वचा को ड्राय होने से बचाते हैं। 4. Justhuman Revitalizing Body Wash अगर गर्मियों में स्किन पर पिंपल्स, क्लॉग्ड पोर्स या डलनेस की समस्या बढ़ जाती है, तो यह बॉडी वॉश मददगार हो सकता है। इसमें salicylic acid, lemon balm और holy basil जैसे तत्व मौजूद हैं जो स्किन को एक्सफोलिएट और शांत करने में मदद करते हैं। 5. Shankara Nourishing Body Wash Oudh & Neem Ayurvedic इंग्रेडिएंट्स से बना यह बॉडी वॉश neem, aloe vera और honey के गुणों से भरपूर है। यह त्वचा को बिना ड्राय किए साफ करता है और लंबे दिन के बाद स्किन को रिलैक्स महसूस कराता है। 6. RAS Luxury Skincare Refresh Detoxifying Body Wash यह बॉडी क्लींजर खासतौर पर sweaty skin और body acne को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें willow bark extract, green tea और calendula जैसे तत्व शामिल हैं जो त्वचा को डीप क्लीन करने में मदद करते हैं। 7. The Bare Bar Micro Algae Body Wash यह हल्का एक्सफोलिएटिंग बॉडी वॉश स्किन का pH बैलेंस बनाए रखने और अतिरिक्त ऑयल हटाने में मदद करता है। Micro algae beads और glycerin त्वचा को साफ और हाइड्रेटेड रखने का काम करते हैं। 8. Kimirica The Souq Body & Hand Wash Saffron और sandalwood की गर्म खुशबू वाला यह बॉडी वॉश त्वचा को मुलायम और स्मूद बनाता है। इसमें vitamin E और patchouli जैसे nourishing ingredients शामिल हैं। 9. Hibiscus Monkey Probiotics Body Wash स्किन बैरियर को मजबूत रखने वाले इस बॉडी वॉश में probiotics, prebiotics और postbiotics का इस्तेमाल किया गया है। यह sulfate-free formula त्वचा को धीरे-धीरे साफ करता है और hydration बनाए रखने में मदद करता है। गर्मियों में बॉडी क्लींजर चुनते समय रखें ध्यान विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में ऐसा बॉडी वॉश चुनना चाहिए जो त्वचा से गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाए लेकिन उसकी प्राकृतिक नमी न छीने। Sensitive skin वालों को harsh chemicals और ज्यादा foam वाले प्रोडक्ट्स से बचना चाहिए।
नई दिल्ली, एजेंसियां। गुलाब जल का इस्तेमाल सालों से त्वचा और बालों की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। गर्मियों में यह स्किन को ठंडक देने के साथ चेहरे को फ्रेश और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है और इसे अपनी डेली ब्यूटी रूटीन में शामिल करना भी बेहद आसान है। चेहरे को देता है इंस्टेंट फ्रेशनेस दिनभर धूल, पसीने और प्रदूषण की वजह से चेहरा थका हुआ नजर आने लगता है। ऐसे में गुलाब जल चेहरे को तुरंत ताजगी देने का काम करता है। इसे कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाया जा सकता है या फिर स्प्रे बोतल में भरकर फेस मिस्ट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा साफ और तरोताजा महसूस होती है। आंखों की थकान करता है दूर लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखने से आंखों में जलन और थकान हो सकती है। गुलाब जल में भीगी कॉटन को कुछ मिनट आंखों पर रखने से आंखों को ठंडक मिलती है और थकान कम होती है। बालों को बनाता है मुलायम और खुशबूदार गुलाब जल बालों के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। शैंपू के बाद इसे बालों पर स्प्रे करने से बाल मुलायम महसूस होते हैं और उनमें अच्छी खुशबू आती है। कई लोग इसे हेयर मास्क में मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं, जिससे बालों को अतिरिक्त नमी मिलती है। मेकअप को लंबे समय तक रखता है फ्रेश गुलाब जल एक नेचुरल फेस मिस्ट की तरह काम करता है। मेकअप से पहले और बाद में इसका इस्तेमाल करने से चेहरा फ्रेश दिखता है और मेकअप लंबे समय तक टिका रहता है। स्किन की जलन और गर्मी से दिलाता है राहत तेज धूप और गर्मी से त्वचा में जलन या लालपन हो जाए तो ठंडा गुलाब जल लगाने से आराम मिलता है। यह त्वचा को ठंडक देकर उसे रिलैक्स और फ्रेश महसूस कराता है।
मुंबई: Rashmika Mandanna ने अपने सिंपल लेकिन असरदार फुटकेयर रूटीन का खुलासा किया है, जो न सिर्फ आसान है बल्कि बजट-फ्रेंडली भी है। एप्सम सॉल्ट से फुट सोक रश्मिका बताती हैं कि वह अपने पैरों को गर्म पानी में Epsom Salt (सेंधा नमक) डालकर भिगोती हैं। यह तरीका खासतौर पर उनके लिए जरूरी है क्योंकि उनका काम ट्रैवल, शूट और डांस से भरा रहता है। यह फुट सोक: मसल्स को रिलैक्स करता है थकान और स्ट्रेस कम करता है पैरों को सॉफ्ट बनाता है अच्छी बात यह है कि एप्सम सॉल्ट आसानी से ₹50–₹100 में मिल जाता है, यानी यह हर किसी के लिए अफॉर्डेबल है। मॉइश्चराइजिंग है जरूरी Rashmika Mandanna के मुताबिक, सिर्फ फुट सोक ही नहीं, बल्कि पैरों को मॉइश्चराइज करना भी बेहद जरूरी है। इससे त्वचा हाइड्रेटेड रहती है और क्रैक या ड्रायनेस से बचाव होता है। सही फुटवियर भी है अहम रश्मिका इन दिनों आरामदायक फुटवियर जैसे स्नीकर्स पहनना पसंद कर रही हैं, ताकि पैरों को रिकवरी का समय मिल सके—खासतौर पर उनकी हालिया लेग इंजरी के बाद। क्यों अपनाएं ये रूटीन? अगर आप भी दिनभर खड़े रहते हैं, ज्यादा चलते हैं या ट्रैवल करते हैं, तो यह आसान फुटकेयर रूटीन आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में पुरुषों की त्वचा लगातार धूप, धूल और प्रदूषण के संपर्क में रहती है। ऑफिस जाने का रोज़ाना सफर हो, वीकेंड पर बाइक राइड हो या आउटडोर स्पोर्ट्स–इन सबके कारण चेहरे पर जिद्दी टैन, असमान स्किन टोन और डलनेस साफ दिखाई देने लगती है। अच्छी बात यह है कि टैन हटाने के लिए आपको बहुत जटिल या लंबी स्किनकेयर रूटीन की जरूरत नहीं है। सही प्रोडक्ट्स और साइंटिफिक अप्रोच के साथ आप सिर्फ एक हफ्ते में अपनी स्किन को बेहतर बना सकते हैं। आखिर टैन होता क्यों है? जब आपकी त्वचा सूरज की UV किरणों के संपर्क में आती है, तो शरीर खुद को बचाने के लिए मेलानिन नामक पिगमेंट बनाता है। यही मेलानिन त्वचा को डार्क बनाता है। पुरुषों की त्वचा महिलाओं की तुलना में लगभग 20% मोटी होती है और इसमें ऑयल प्रोडक्शन भी ज्यादा होता है। यही कारण है कि टैन त्वचा पर जमा होकर ज्यादा गहरा और पैची दिखाई देता है। 7 दिनों का असरदार डिटैन रूटीन Step 1: दिन की शुरुआत करें डिटैन फेसवॉश से कई पुरुष आज भी चेहरे पर साबुन या बॉडी वॉश का इस्तेमाल करते हैं, जो स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक अच्छा डिटैन फेसवॉश त्वचा की ऊपरी परत से डेड स्किन और गंदगी हटाता है। यह स्किन को साफ करने के साथ-साथ आगे इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। Step 2: हफ्ते में 2 बार डिटैन फेस मास्क लगाएं सिर्फ फेसवॉश से गहरा टैन नहीं हटता। इसके लिए डिटैन फेस मास्क जरूरी है। यह मास्क खास एक्टिव इंग्रीडिएंट्स और क्ले से बना होता है, जो त्वचा के अंदर जमा मेलानिन को तोड़ने में मदद करता है। हफ्ते में 2 बार 10–15 मिनट लगाने से स्किन धीरे-धीरे साफ और ब्राइट दिखने लगती है। Step 3: मॉइश्चराइजर से स्किन को हाइड्रेट रखें बहुत से लोग मानते हैं कि टैन हटाने के लिए स्किन को ड्राय रखना चाहिए, लेकिन यह गलत है। ड्राय स्किन और भी ज्यादा डल और डार्क दिखती है। इसलिए हर बार फेसवॉश या मास्क के बाद एक हल्का, ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। इससे त्वचा सॉफ्ट, हेल्दी और ग्लोइंग बनी रहती है। Step 4: सनस्क्रीन है सबसे जरूरी अगर आप सनस्क्रीन नहीं लगाते, तो आपका सारा डिटैन प्रयास बेकार हो सकता है। SPF 50 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन रोज सुबह लगाना जरूरी है। यह आपकी त्वचा को UV किरणों से बचाता है और नए टैन को बनने से रोकता है। यह रूटीन क्यों सबसे असरदार है? यह डिटैन रूटीन तीन स्तरों पर काम करता है: Removal (हटाना): डेड और डार्क स्किन को साफ करता है Correction (सुधार): गहरे पिगमेंट को कम करता है Prevention (बचाव): नए टैन को बनने से रोकता है
रांची। झारखंड में लगातार सामने आ रहे घोटालों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि “जहां हाथ डालिए, वहीं नया घोटाला सामने आ जाता है।”मरांडी ने कहा कि खनन क्षेत्र में पत्थर, कोयला, बालू और लौह अयस्क की खुली लूट तो दिख रही है, लेकिन इसके अलावा भी सरकारी धन की बड़े पैमाने पर बंदरबांट हो रही है। उनके अनुसार यह स्थिति राज्य को “अंदर से खोखला” कर रही है और आम जनता इससे परेशान है। रांची में करोड़ों की अवैध निकासी का मामला राजधानी रांची में हाल ही में पशुपालन विभाग के दो कर्मचारियों द्वारा लगभग 2.94 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। मरांडी ने दावा किया कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि बोकारो और हजारीबाग जैसे अन्य जिलों में भी इसी तरह की वित्तीय अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाले पिछले कई वर्षों से जारी हैं और अब धीरे-धीरे उजागर हो रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उच्च अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल मरांडी ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर हो रही गड़बड़ियां बिना उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं हैं। उन्होंने इसे “संगठित भ्रष्टाचार” करार देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। सरकार से जांच और कार्रवाई की मांग भाजपा नेता ने राज्य सरकार से सभी विभागों का व्यापक ऑडिट कराने, कोषागार से हुई निकासी की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
गर्मियों के मौसम में तेज धूप, पसीना और प्रदूषण का सीधा असर हमारी त्वचा पर पड़ता है। इससे स्किन डल, टैन और बेजान नजर आने लगती है। ऐसे में प्राकृतिक उपायों की बात करें तो गुलाब जल और चंदन का मिश्रण एक बेहद असरदार और सुरक्षित विकल्प माना जाता है। यह न सिर्फ त्वचा को ठंडक देता है बल्कि कई स्किन समस्याओं को भी दूर करने में मदद करता है। त्वचा के लिए क्यों फायदेमंद है गुलाब जल और चंदन? 1. दाग-धब्बे और मुंहासों में राहत गुलाब जल और चंदन का पेस्ट चेहरे पर लगाने से स्किन साफ होती है और दाग-धब्बे धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। इसके नियमित उपयोग से मुंहासों की समस्या में भी सुधार देखा जाता है। 2. स्किन टोन में निखार यह मिश्रण टैनिंग को कम करने में मदद करता है और त्वचा की रंगत को एकसमान बनाता है। मेलेनिन के प्रभाव को नियंत्रित करके स्किन को नैचुरल ग्लो देता है। 3. ठंडक और सुकून गर्मियों में सनबर्न, जलन और रेडनेस आम समस्या है। ऐसे में गुलाब जल और चंदन का पेस्ट त्वचा को ठंडक पहुंचाता है और सूजन को कम करता है। 4. ऑयल कंट्रोल और ग्लोइंग स्किन यह मिश्रण चेहरे के एक्स्ट्रा ऑयल को हटाकर स्किन को फ्रेश और मुलायम बनाता है। साथ ही, फाइन लाइन्स को कम करने में भी मदद करता है, जिससे त्वचा ज्यादा यंग और चमकदार दिखती है। लगाने का सही तरीका एक चम्मच चंदन पाउडर लें उसमें आवश्यकतानुसार गुलाब जल मिलाकर पेस्ट तैयार करें इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं 10-15 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें हफ्ते में 2-3 बार इस्तेमाल करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं
बॉलीवुड एक्ट्रेस Shraddha Kapoor अपनी नैचुरल ब्यूटी और नो-मेकअप लुक्स के लिए जानी जाती हैं। सोशल मीडिया पर उनकी बिना फिल्टर वाली तस्वीरें अक्सर चर्चा में रहती हैं, जहां उनकी साफ, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन साफ नजर आती है। अब एक्ट्रेस ने अपने स्किनकेयर रूटीन के कुछ आसान लेकिन असरदार सीक्रेट्स शेयर किए हैं, जिन्हें हर कोई अपनी लाइफस्टाइल में अपना सकता है। हाइड्रेशन है सबसे बड़ा मंत्र श्रद्धा कपूर के अनुसार, हेल्दी स्किन की सबसे जरूरी कुंजी है - हाइड्रेशन। वह दिनभर भरपूर पानी पीती हैं और इसके साथ रोजाना कम से कम एक बार नारियल पानी जरूर लेती हैं। नारियल पानी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को पोषण देते हैं, एजिंग के लक्षणों को कम करते हैं और स्किन टेक्सचर को बेहतर बनाते हैं। क्लीन ईटिंग से आता है नेचुरल ग्लो एक्ट्रेस अपने खाने-पीने का भी खास ख्याल रखती हैं। वह जंक फूड से दूरी बनाकर हेल्दी और क्लीन डाइट को प्राथमिकता देती हैं। श्रद्धा ने यह भी बताया कि वह धीरे-धीरे वीगन डाइट अपनाने की कोशिश कर रही हैं। उनका मानना है कि अच्छा और संतुलित खानपान चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाता है। मेकअप के साथ सख्त नियम श्रद्धा कपूर का एक सबसे अहम ब्यूटी रूल है - मेकअप के साथ कभी न सोना। वह हर हाल में सोने से पहले अपना मेकअप हटा देती हैं, ताकि स्किन को सांस लेने का मौका मिल सके। इसके अलावा, वह दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना कभी नहीं भूलतीं, जिससे त्वचा सूरज की हानिकारक किरणों से सुरक्षित रहती है। क्यों खास हैं ये टिप्स? श्रद्धा कपूर के ये ब्यूटी हैक्स महंगे प्रोडक्ट्स पर नहीं, बल्कि सिंपल और हेल्दी आदतों पर आधारित हैं। यही वजह है कि उनका स्किनकेयर रूटीन हर किसी के लिए आसान और प्रभावी बन जाता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।