Pati Patni Aur Woh 2 बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। Ayushmann Khurrana, Sara Ali Khan, Rakul Preet Singh और Wamiqa Gabbi जैसे बड़े सितारों से सजी यह फिल्म पहले वीकेंड में दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में संघर्ष करती नजर आई। फिल्म के शुरुआती तीन दिनों के आंकड़े सामने आने के बाद साफ हो गया है कि इसे वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला, जैसी मेकर्स को उम्मीद थी। पहले वीकेंड में कितनी हुई कमाई? फिल्म 15 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। शुक्रवार: ₹4 करोड़ शनिवार: ₹5.75 करोड़ रविवार: ₹7.75 करोड़ रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने पहले वीकेंड में कुल ₹17.50 करोड़ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया है। हालांकि रविवार को कमाई में थोड़ा उछाल जरूर देखने को मिला, लेकिन यह आंकड़ा उम्मीद से काफी कम माना जा रहा है। पहली फिल्म से काफी पीछे रहा सीक्वल साल 2019 में रिलीज हुई Pati Patni Aur Woh ने पहले ही वीकेंड में ₹42 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी। उस फिल्म में Kartik Aaryan, Ananya Panday और Bhumi Pednekar मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म बाद में दुनियाभर में लगभग ₹110 करोड़ का कारोबार करने में सफल रही थी। इसके मुकाबले ‘पति पत्नी और वो 2’ की शुरुआत काफी धीमी मानी जा रही है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन पहली फिल्म से काफी कम रह सकता है। क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म का निर्देशन Mudassar Aziz ने किया है, जिन्होंने पहली फिल्म भी डायरेक्ट की थी। यह एक कॉमेडी ऑफ एरर्स फिल्म है, जिसमें आयुष्मान खुराना ‘प्रजापति’ नाम के किरदार में नजर आ रहे हैं। कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है जो तीन महिलाओं के बीच उलझ जाता है। वामिका गब्बी फिल्म में पत्रकार और पत्नी के रोल में हैं सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह उनके दोस्तों के किरदार में दिखाई दी हैं ओटीटी पर कब रिलीज होगी? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Netflix ने फिल्म के डिजिटल स्ट्रीमिंग राइट्स हासिल किए हैं। बताया जा रहा है कि थिएटर रिलीज के लगभग 8 हफ्ते बाद फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो सकती है। कितना है फिल्म का बजट? रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘पति पत्नी और वो 2’ का बजट लगभग ₹60 करोड़ बताया जा रहा है। ऐसे में फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए आने वाले दिनों में अच्छी कमाई करनी होगी।
Ayushmann Khurrana की लेटेस्ट फिल्म Pati Patni Aur Woh Do ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षाकृत धीमी शुरुआत की है। फिल्म ने पहले दिन लगभग ₹3.50 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया, जिससे यह उनके करियर की 8वीं सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म बन गई है। हालांकि फिल्म की यह ओपनिंग उनके पिछले हिट्स की तुलना में कमजोर मानी जा रही है, लेकिन यह फिर भी टॉप 10 ओपनर्स की लिस्ट में जगह बनाने में सफल रही। ‘Thamma’ अभी भी सबसे बड़ी ओपनर Ayushmann Khurrana के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म अभी भी Thamma बनी हुई है, जिसने पहले दिन करीब ₹23 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया था। इसके बाद Dream Girl 2 और Dream Girl जैसी फिल्मों ने भी मजबूत ओपनिंग दर्ज की थी, लेकिन Thamma ने सभी रिकॉर्ड्स को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है। टॉप 10 ओपनर्स की पूरी लिस्ट Thamma – ₹23 करोड़ Dream Girl 2 – ₹9.75 करोड़ Dream Girl – ₹9.50 करोड़ Bala – ₹9.25 करोड़ Shubh Mangal Zyada Saavdhan – ₹8.75 करोड़ Badhaai Ho – ₹7.25 करोड़ Article 15 – ₹4.75 करोड़ Pati Patni Aur Woh Do – ₹3.50 करोड़ (expected) Doctor G – ₹3.50 करोड़ Nautanki Saala – ₹3.25 करोड़ आगे की उम्मीदें फिल्म इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि वीकेंड कलेक्शन और वर्ड ऑफ माउथ पर Pati Patni Aur Woh Do का प्रदर्शन काफी हद तक निर्भर करेगा। अब सभी की नजरें Ayushmann Khurrana की आने वाली फिल्मों Yeh Prem Mol Liya और Udta Teer पर टिकी हुई हैं, जो उनके करियर ग्राफ को फिर से मजबूत कर सकती हैं।
Akshay Kumar की हॉरर-कॉमेडी फिल्म Bhooth Bangla बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। चौथे शुक्रवार को भी फिल्म ने स्थिर कमाई दर्ज की और अब यह ₹150 करोड़ नेट क्लब में शामिल होने से कुछ ही दूरी पर है। Priyadarshan के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने लंबे समय बाद Akshay Kumar को एक बड़ी HIT दिलाई है, जिससे इंडस्ट्री में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। चौथे शुक्रवार को भी कायम रही रफ्तार फिल्म ने चौथे शुक्रवार को लगभग ₹1.40 करोड़ नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में इसका कुल नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ₹144.40 करोड़ तक पहुंच गया है। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म जल्द ही ₹150 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है। मौजूदा ट्रेंड्स को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म का फाइनल नेट कलेक्शन ₹155 करोड़ से ₹160 करोड़ के बीच रह सकता है। लंबे समय बाद अक्षय कुमार को मिली बड़ी सफलता पिछले कुछ वर्षों में Akshay Kumar की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थीं। हालांकि पिछले साल उनकी कुछ फिल्मों ने ठीक-ठाक कारोबार किया, लेकिन उन्हें बड़ी HIT का इंतजार था। अब Bhooth Bangla ने वह कमी पूरी कर दी है और यह फिल्म उनके करियर की पोस्ट-पैंडेमिक दौर की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जा रही है। इंडस्ट्री के लिए क्यों अहम है अक्षय कुमार की सफलता? ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि Akshay Kumar जैसे स्टार्स का लगातार फिल्में करना बॉक्स ऑफिस के लिए बेहद जरूरी है। भले ही हर फिल्म ₹500 करोड़ का कारोबार न करे, लेकिन साल में 2-3 सफल फिल्में इंडस्ट्री की गति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। यही वजह है कि Akshay Kumar और Ajay Devgn जैसे एक्टर्स को ट्रेड सर्किट में काफी अहम माना जाता है। हॉरर-कॉमेडी जॉनर को मिला बड़ा फायदा Bhooth Bangla की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दर्शकों के बीच हॉरर-कॉमेडी फिल्मों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। फिल्म में कॉमेडी, हॉरर और फैमिली एंटरटेनमेंट का मिश्रण दर्शकों को पसंद आ रहा है, जिसकी वजह से चौथे हफ्ते में भी इसकी कमाई स्थिर बनी हुई है। Bhooth Bangla का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड दिन कलेक्शन (नेट) पहला हफ्ता ₹80.50 करोड़ दूसरा हफ्ता ₹41.50 करोड़ तीसरा शुक्रवार ₹4.50 करोड़ तीसरा शनिवार ₹4.50 करोड़ तीसरा रविवार ₹5.50 करोड़ तीसरा सोमवार ₹1.60 करोड़ तीसरा मंगलवार ₹2.00 करोड़ तीसरा बुधवार ₹1.50 करोड़ तीसरा गुरुवार ₹1.40 करोड़ चौथा शुक्रवार ₹1.40 करोड़ कुल कलेक्शन ₹144.40 करोड़
Michael भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। Jaafar Jackson स्टारर इस म्यूजिकल बायोपिक ने तीसरे शुक्रवार को भी अच्छी पकड़ बनाए रखी और अब फिल्म ₹55 करोड़ के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है। Antoine Fuqua के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारत में हॉलीवुड म्यूजिकल ड्रामा फिल्मों के लिए नया बेंचमार्क बनती नजर आ रही है। तीसरे शुक्रवार को दर्ज हुई हल्की बढ़त फिल्म ने तीसरे शुक्रवार को करीब ₹1.65 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया। यह आंकड़ा पिछले दिन के मुकाबले लगभग 5 प्रतिशत ज्यादा रहा। हालांकि दूसरे शुक्रवार की तुलना में फिल्म की कमाई में करीब 60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन तीसरे हफ्ते में भी दर्शकों की दिलचस्पी बनी रहना फिल्म के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अब तक फिल्म का कुल भारतीय ग्रॉस कलेक्शन ₹53.45 करोड़ पहुंच चुका है। तीसरे वीकेंड में ₹58 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक Michael तीसरे वीकेंड में ₹5 से ₹7 करोड़ तक की अतिरिक्त कमाई कर सकती है। अगर यही रफ्तार जारी रही तो फिल्म का कुल कलेक्शन ₹58 करोड़ के आसपास पहुंच सकता है। मौजूदा ट्रेंड्स को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपने पूरे रन में करीब ₹75 करोड़ ग्रॉस तक पहुंच सकती है। भारत में हॉलीवुड म्यूजिकल फिल्मों का नया रिकॉर्ड भारत में म्यूजिकल फिल्मों के लिए यह प्रदर्शन बेहद खास माना जा रहा है। इससे पहले Taylor Swift: The Eras Tour ने लगभग ₹13 करोड़ और Bohemian Rhapsody ने करीब ₹7 करोड़ का कलेक्शन किया था। ऐसे में Michael ने इस जॉनर में नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। 2026 हॉलीवुड फिल्मों के लिए शानदार साल? यह फिल्म 2026 में भारत में सफल होने वाली तीसरी बड़ी हॉलीवुड HIT बन गई है। इससे पहले Project Hail Mary और The Mummy भी अच्छा प्रदर्शन कर चुकी हैं। वहीं हाल ही में रिलीज हुई The Devil Wears Prada 2 भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी पकड़ बनाए हुए है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 भारत में हॉलीवुड फिल्मों के लिए बेहद मजबूत साल साबित हो सकता है, खासकर तब जब बिना बड़े franchise IP वाली फिल्में भी दर्शकों को थिएटर तक खींच रही हैं। Michael का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड दिन कलेक्शन पहला हफ्ता ₹31.25 करोड़ दूसरा शुक्रवार ₹4.00 करोड़ दूसरा शनिवार ₹4.50 करोड़ दूसरा रविवार ₹5.00 करोड़ दूसरा सोमवार ₹1.75 करोड़ दूसरा मंगलवार ₹2.00 करोड़ दूसरा बुधवार ₹1.75 करोड़ दूसरा गुरुवार ₹1.55 करोड़ तीसरा शुक्रवार ₹1.65 करोड़ कुल कलेक्शन ₹53.45 करोड़
हॉरर-कॉमेडी फिल्म भूत बंगला ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार रफ्तार पकड़ ली है। शुरुआत में धीमी चाल से आगे बढ़ने वाली यह फिल्म अब दर्शकों की पसंद बनती जा रही है और लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। फिल्म में अक्षय कुमार की दमदार मौजूदगी और प्रियदर्शन का निर्देशन दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल रहा है। दसवें दिन कमाई में उछाल रविवार को फिल्म की कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने अपने दसवें दिन करीब 12.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जो शनिवार के 10.75 करोड़ रुपये से ज्यादा है। फिल्म ने दूसरे शनिवार को ही 100 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली थी, और अब यह तेजी से आगे बढ़ रही है। कुल कमाई का आंकड़ा भारत में नेट कलेक्शन: लगभग 113.40 करोड़ रुपये ग्रॉस कलेक्शन: करीब 134.98 करोड़ रुपये वर्ल्डवाइड कलेक्शन: 130 करोड़ रुपये से ज्यादा पहले हफ्ते के अंत तक फिल्म की कमाई 84.4 करोड़ रुपये के आसपास थी, जिसके बाद वीकेंड पर इसमें बड़ा उछाल देखने को मिला। असरानी को अक्षय कुमार की भावुक श्रद्धांजलि फिल्म की रिलीज से पहले अक्षय कुमार ने दिवंगत अभिनेता असरानी को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि असरानी के साथ काम करना हर बार “एक मास्टरक्लास” जैसा अनुभव होता था और यह फिल्म उनके लिए एक श्रद्धांजलि भी है।
बॉलीवुड के लिए एक ऐतिहासिक क्षण तब सामने आया जब धुरंधर 2: द रिवेंज ने रिलीज के 18वें दिन भारत में 1000 करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन का आंकड़ा पार कर लिया। रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी रफ्तार पकड़ी है, जिसने हिंदी सिनेमा के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 18 दिनों में ऐतिहासिक कमाई फिल्म ने पहले ही हफ्ते में 674.17 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया, जबकि दूसरे हफ्ते में 263.65 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की। 18वें दिन 34.44 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन 1,013.77 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि ग्रॉस कलेक्शन 1,213.74 करोड़ रुपये हो चुका है। हिंदी सिनेमा में नया रिकॉर्ड यह फिल्म हिंदी सिनेमा की पहली फिल्म बन गई है जिसने अकेले हिंदी भाषा में 900 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। बिना बड़े त्योहार या खास प्रमोशन के भी फिल्म का लगातार अच्छा प्रदर्शन यह साबित करता है कि कंटेंट और स्टार पावर का सही मेल दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सक्षम है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन और रैंकिंग वैश्विक स्तर पर भी फिल्म का दबदबा कायम है। कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1,598.74 करोड़ भारतीय फिल्मों में तीसरा स्थान फिलहाल इससे आगे पुष्पा 2 और बाहुबली 2 जैसी मेगा ब्लॉकबस्टर फिल्में हैं, लेकिन जिस रफ्तार से ‘धुरंधर 2’ आगे बढ़ रही है, उससे यह मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। कहानी और स्टारकास्ट ने जीता दिल फिल्म की कहानी हमजा अली मजारी नाम के एक भारतीय जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पाकिस्तान के लियारी इलाके में घुसकर खुफिया मिशन को अंजाम देता है। फिल्म में अर्जुन रामपाल, आर माधवन और संजय दत्त जैसे दिग्गज कलाकारों ने भी दमदार अभिनय किया है। क्या टूटेंगे और रिकॉर्ड? फिल्म की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ‘धुरंधर 2’ कई और बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकती है। यह फिल्म हिंदी सिनेमा की ग्लोबल पहचान को भी नई ऊंचाई पर ले जाती दिख रही है।
Dhurandhar 2: The Revenge को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। Ranveer Singh की इस बहुप्रतीक्षित स्पाई थ्रिलर फिल्म की रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में शानदार ट्रेंड देखने को मिल रहा है। फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि 18 मार्च को इसके पेड प्रीमियर शो दिखाए जाएंगे। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने एडवांस बुकिंग में ही बड़ा कमाल कर दिया है और प्रीमियर शो के लिए भी जबरदस्त बुकिंग हो रही है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि यह फिल्म दुनियाभर में ओपनिंग डे पर 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू सकती है और बॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड बना सकती है। एडवांस बुकिंग में 50 करोड़ के करीब ट्रेड अनुमानों के अनुसार, Aditya Dhar के निर्देशन में बनी इस फिल्म की दुनियाभर में एडवांस बुकिंग करीब 50 करोड़ रुपये के ग्रॉस आंकड़े तक पहुंच चुकी है। खास बात यह है कि इसमें भारत की पहले दिन की पूरी प्री-सेल्स अभी शामिल नहीं हैं, क्योंकि देश में फिल्म की फुल फ्लेज्ड बुकिंग अभी शुरू नहीं हुई है। भारत में पेड प्रीमियर से 35 करोड़ की उम्मीद रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म सिर्फ भारत में पेड प्रीमियर शो से ही 35 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर सकती है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट की एडवांस बुकिंग को जोड़कर रिलीज से पहले ही लगभग 50 करोड़ रुपये तक का कलेक्शन होने की संभावना है। पहले दिन भारत में 150 करोड़ तक कमा सकती है फिल्म ट्रेड एनालिस्ट्स का अनुमान है कि 19 मार्च को पहले दिन भारत में फिल्म 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर सकती है। कुल मिलाकर घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 150 करोड़ रुपये ग्रॉस तक की ओपनिंग संभव मानी जा रही है। विदेशों में भी जबरदस्त डिमांड ओवरसीज मार्केट में भी फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। खासतौर पर नॉर्थ अमेरिका में प्री-सेल्स काफी मजबूत बताई जा रही है। ऐसे में फिल्म इंटरनेशनल मार्केट से 50 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की कमाई कर सकती है। अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं तो ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ओपनिंग डे पर दुनियाभर में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा छूने वाली पहली बॉलीवुड फिल्म बन सकती है और हिंदी सिनेमा के लिए नया रिकॉर्ड कायम कर सकती है। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर इसे ज्यादा बड़ी टक्कर नहीं मिलेगी, लेकिन तेलुगु राज्यों में Ustaad Bhagat Singh की रिलीज इसकी कमाई को थोड़ी चुनौती दे सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या फिल्म रिलीज के पहले दिन ‘डबल सेंचुरी’ लगाने में कामयाब हो पाती है या नहीं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।