फिल्म 'Obsession' भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगातार उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। आमतौर पर किसी फिल्म की कमाई शुक्रवार से सोमवार के बीच 30 से 50 प्रतिशत तक गिर जाती है, लेकिन 'Obsession' का ट्रेंड बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा है। फिल्म ने दूसरे सोमवार को लगभग 4.15 करोड़ रुपये की कमाई की, जो इसके दूसरे शुक्रवार के 4 करोड़ रुपये के कलेक्शन से भी अधिक रही। इतना ही नहीं, यह कमाई पहले सोमवार के मुकाबले करीब 70 प्रतिशत ज्यादा है, जो किसी भी फिल्म के लिए बेहद शानदार माना जाता है। 11 दिनों में 46.75 करोड़ रुपये का कारोबार फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब 11 दिनों में लगभग 46.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उम्मीद की जा रही है कि डिस्काउंट मंगलवार के कारण फिल्म 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी। अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है तो दूसरे सप्ताह के अंत तक फिल्म का कुल कारोबार करीब 58 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। 80 करोड़ का आंकड़ा लगभग तय, 100 करोड़ की उम्मीद भी जगी ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म आराम से 80 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है और 90 करोड़ रुपये तक पहुंचने की भी मजबूत संभावना है। दूसरे सोमवार की मजबूत पकड़ के बाद अब 100 करोड़ क्लब में शामिल होने की उम्मीद भी बढ़ गई है। हालांकि जून महीने में कई बड़ी बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों की रिलीज होने वाली है, जिससे 'Obsession' को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। उम्मीदों से कहीं बेहतर रहा प्रदर्शन फिल्म ने अब तक जो प्रदर्शन किया है, वह शुरुआती अनुमानों से कहीं अधिक है। रिलीज से पहले किसी ने भी इतनी लंबी और मजबूत बॉक्स ऑफिस दौड़ की उम्मीद नहीं की थी। 'Obsession' का दिनवार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन कमाई प्रीव्यू ₹0.55 करोड़ पहला शुक्रवार ₹1.60 करोड़ पहला शनिवार ₹3.25 करोड़ पहला रविवार ₹3.75 करोड़ पहला सोमवार ₹2.50 करोड़ पहला मंगलवार ₹3.40 करोड़ पहला बुधवार ₹3.40 करोड़ पहला गुरुवार ₹3.40 करोड़ दूसरा शुक्रवार ₹4.00 करोड़ दूसरा शनिवार ₹8.00 करोड़ दूसरा रविवार ₹8.75 करोड़ दूसरा सोमवार ₹4.15 करोड़ कुल कलेक्शन ₹46.75 करोड़
Obsession ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपने पहले सप्ताह में शानदार कमाई दर्ज की है। Michael Johnston और Inde Navarrette अभिनीत इस हॉरर थ्रिलर ने रिलीज के सात दिनों में करीब 22.05 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है और अब इसकी नजर दूसरे वीकेंड में बड़ी छलांग लगाने पर है। पहले हफ्ते में मजबूत पकड़ Curry Barker के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने पेड प्रीव्यू के साथ कुल 22.05 करोड़ रुपये की कमाई की है। गुरुवार को फिल्म ने अनुमानित 3.30 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जो बुधवार की तुलना में केवल 10 प्रतिशत कम है। आमतौर पर पहले सप्ताह के बाद फिल्मों की कमाई में बड़ी गिरावट देखने को मिलती है, लेकिन Obsession ने दर्शकों की रुचि बनाए रखी है। दिनवार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन कलेक्शन प्रीव्यू ₹0.55 करोड़ शुक्रवार ₹1.60 करोड़ शनिवार ₹3.25 करोड़ रविवार ₹3.75 करोड़ सोमवार ₹2.50 करोड़ मंगलवार ₹3.50 करोड़ बुधवार ₹3.60 करोड़ गुरुवार ₹3.30 करोड़ (अनुमानित) कुल ₹22.05 करोड़ दूसरे वीकेंड में बढ़ सकती है रफ्तार बॉक्स ऑफिस ट्रेंड को देखते हुए ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि फिल्म दूसरे वीकेंड में बड़ी छलांग लगा सकती है। हालांकि इसे नई रिलीज फिल्मों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, फिर भी इसकी मजबूत वर्ड-ऑफ-माउथ पब्लिसिटी और हॉरर जॉनर की लोकप्रियता इसे फायदा पहुंचा सकती है। मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए फिल्म का 50 करोड़ रुपये के ग्रॉस क्लब में शामिल होना लगभग तय माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दूसरे सप्ताह में दर्शकों का समर्थन इसे कितनी दूर तक ले जाता है। कम बजट में बड़ी सफलता रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का निर्माण लगभग 7.5 लाख अमेरिकी डॉलर (USD 750K) के बजट में किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि भारत से मिलने वाली थिएटर शेयर आय ही फिल्म की लागत निकालने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। यह इंडिपेंडेंट हॉलीवुड फिल्मों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 2026 हॉलीवुड के लिए शानदार साल भारत में 2026 हॉलीवुड फिल्मों के लिए बेहद सफल साबित हो रहा है। Obsession की अप्रत्याशित सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय दर्शक अच्छी कंटेंट-आधारित फिल्मों को भरपूर समर्थन देते हैं। सबसे खास बात यह है कि साल की कई बड़ी हॉलीवुड रिलीज़ अभी आनी बाकी हैं, जिनमें Avengers: Doomsday, The Odyssey और Spider-Man: Brand New Day जैसी बहुप्रतीक्षित फिल्में शामिल हैं। यदि इन फिल्मों को भी दर्शकों का ऐसा ही समर्थन मिलता है, तो 2026 भारत में हॉलीवुड फिल्मों के लिए अब तक का सबसे बड़ा साल साबित हो सकता है।
अभिनेता Lakshya और अभिनेत्री Ananya Panday की रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'चांद मेरा दिल' बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रही है। रिलीज के चौथे दिन यानी पहले सोमवार को फिल्म ने संतोषजनक प्रदर्शन करते हुए कुल कमाई को 12 करोड़ रुपये के पार पहुंचा दिया है। पहले सोमवार को भी बनी रही दर्शकों की रुचि रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने सोमवार को लगभग 2 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। यह ओपनिंग डे की तुलना में करीब 25 प्रतिशत कम है, लेकिन वर्किंग डे होने के बावजूद फिल्म का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर माना जा रहा है। फिल्म की कमाई को बढ़ाने में 'बाय वन गेट वन' टिकट ऑफर का भी अहम योगदान रहा, जिसके चलते दर्शकों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। चार दिनों में 12.25 करोड़ रुपये की कमाई विवेक सोनी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने शुरुआती चार दिनों में कुल 12.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन दर्ज किया है। दिनवार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन कमाई पहला दिन 2.75 करोड़ रुपये दूसरा दिन 3.50 करोड़ रुपये तीसरा दिन 4.00 करोड़ रुपये चौथा दिन 2.00 करोड़ रुपये (अनुमानित) कुल 12.25 करोड़ रुपये पहले सप्ताह में 17 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म को मंगलवार को भी सस्ते टिकट दरों का फायदा मिल सकता है। यदि मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो 'चांद मेरा दिल' पहले सप्ताह के अंत तक 16 से 17 करोड़ रुपये के बीच का कारोबार कर सकती है। फिल्म को अगले कुछ दिनों तक बड़ी फिल्मों से सीधी प्रतिस्पर्धा का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे इसके पास दर्शकों को आकर्षित करने का अच्छा मौका रहेगा। महामारी के बाद रोमांटिक फिल्मों के लिए चुनौती कोविड महामारी के बाद छोटे और मझोले बजट की रोमांटिक फिल्मों के लिए बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल करना आसान नहीं रहा है। हालांकि कुछ फिल्मों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। ऐसे में इंडस्ट्री की नजर इस बात पर बनी हुई है कि क्या 'चांद मेरा दिल' लंबी रेस का घोड़ा साबित हो पाएगी और आने वाले दिनों में स्थिर कमाई जारी रख सकेगी। दर्शकों से मिले-जुले रिव्यू Vivek Soni के निर्देशन में बनी इस फिल्म को दर्शकों से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है। जहां कई लोगों ने लक्ष्या और अनन्या पांडे की अभिनय क्षमता की सराहना की है, वहीं फिल्म के संगीत को भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में फिल्म वर्ड ऑफ माउथ के दम पर कितनी मजबूत पकड़ बना पाती है।
Krishnavataram Part 1: Hridayam बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। Siddharth Gupta और Sanskruti Jayana स्टारर इस माइथोलॉजिकल फैंटेसी ड्रामा ने रिलीज के तीसरे वीकेंड में भी अच्छी पकड़ बनाए रखी है। Hardik Gajjar के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने अपने तीसरे वीकेंड में करीब ₹3.75 करोड़ की कमाई की। खास बात यह रही कि सिर्फ रविवार को फिल्म ने ₹1.75 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। 17 दिनों में ₹25 करोड़ का आंकड़ा पार फिल्म ने हिंदी वर्जन में 17 दिनों के भीतर ₹25 करोड़ नेट का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके अलावा साउथ इंडियन डब्ड वर्जन्स से भी लगभग ₹3 करोड़ की कमाई हुई है। अब तक का हिंदी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन समय कलेक्शन पहला हफ्ता ₹11.75 करोड़ दूसरा हफ्ता ₹9.50 करोड़ तीसरा शुक्रवार ₹0.65 करोड़ तीसरा शनिवार ₹1.35 करोड़ तीसरा रविवार ₹1.75 करोड़ कुल कमाई ₹25 करोड़ ट्रेलर के बाद बढ़ी थी फिल्म की चर्चा फिल्म को रिलीज से पहले ज्यादा पहचान नहीं मिली थी, लेकिन ट्रेलर आने के बाद इसकी चर्चा तेजी से बढ़ी। धार्मिक और भक्ति से जुड़ी थीम ने दर्शकों को आकर्षित किया, जिसकी वजह से फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर लगातार सपोर्ट मिलता रहा। हालांकि ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म का स्केल और बजट काफी बड़ा था, इसलिए इसे और बेहतर कमाई की जरूरत थी। फिर भी बिना बड़े स्टार फेस और कम प्रमोशन के बावजूद ₹35 करोड़ के करीब लाइफटाइम कलेक्शन तक पहुंचना मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है। ₹35 करोड़ तक पहुंच सकती है फिल्म मौजूदा ट्रेंड्स को देखते हुए माना जा रहा है कि Krishnavataram Part 1: Hridayam तीसरे हफ्ते के अंत तक हिंदी में करीब ₹6 करोड़ का अतिरिक्त कलेक्शन कर सकती है। अनुमान है कि फिल्म का फाइनल नेट कलेक्शन ₹35 करोड़ के आसपास रह सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितनी लंबी रेस दौड़ती है।
Karuppu बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। Suriya स्टारर इस फिल्म ने रिलीज के चौथे दिन यानी सोमवार को भी दमदार कमाई करते हुए अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है। फिल्म ने सोमवार को भारतीय बॉक्स ऑफिस पर करीब 16.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। खास बात यह रही कि ओपनिंग डे के मुकाबले फिल्म की कमाई में सिर्फ लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई, जिसे ट्रेड एक्सपर्ट्स शानदार होल्ड मान रहे हैं। तमिलनाडु में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन तमिलनाडु में फिल्म का प्रदर्शन और भी ज्यादा मजबूत रहा। यहां सोमवार को फिल्म ने करीब 11 करोड़ रुपये की कमाई की, जो ओपनिंग डे से सिर्फ 8 प्रतिशत कम है। चार दिनों में फिल्म का कुल भारतीय कलेक्शन लगभग 94 करोड़ रुपये पहुंच चुका है, जिसमें से करीब 58 करोड़ रुपये केवल तमिलनाडु से आए हैं। सूर्या के करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल होने को तैयार ‘करुप्पु’ अब Suriya के करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल होने जा रही है। फिल्म को सूर्या की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने के लिए सिर्फ 2 करोड़ रुपये की जरूरत है वहीं 100 करोड़ क्लब में एंट्री के लिए महज 6 करोड़ रुपये और चाहिए ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म मंगलवार को ही दोनों बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है। नॉन-हॉलिडे मंडे कलेक्शन में बड़ा रिकॉर्ड तमिलनाडु में ‘करुप्पु’ का सोमवार कलेक्शन इतिहास के सबसे बड़े मंडे कलेक्शंस में शामिल हो गया है। नॉन-हॉलिडे सोमवार के हिसाब से यह तीसरा सबसे बड़ा कलेक्शन माना जा रहा है। इससे आगे सिर्फ: The Greatest of All Time Vikram जैसी फिल्में हैं। इन आंकड़ों को देखते हुए माना जा रहा है कि फिल्म तमिलनाडु में 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजनेस कर सकती है। दूसरे राज्यों में भी मजबूत पकड़ फिल्म सिर्फ तमिलनाडु में ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। भारत में क्षेत्रवार कलेक्शन क्षेत्र कलेक्शन तमिलनाडु ₹58 करोड़ आंध्र प्रदेश/तेलंगाना ₹15 करोड़ कर्नाटक ₹11.25 करोड़ केरल ₹8.25 करोड़ बाकी भारत ₹1.50 करोड़ कुल भारत ₹94 करोड़ फिल्म का तेलुगु वर्जन भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, जबकि शुरुआती ऑडियंस रिस्पॉन्स मिश्रित बताया गया था। 2013 के बाद सूर्या की पहली बड़ी HIT रिपोर्ट्स के अनुसार ‘करुप्पु’ सिर्फ ब्लॉकबस्टर ही नहीं बल्कि 2013 में आई Singam II के बाद Suriya की पहली बड़ी हिट फिल्म बनती दिख रही है। पिछले कई वर्षों में सूर्या की फिल्मों को या तो मजबूत ओपनिंग मिली लेकिन कंटेंट की वजह से टिक नहीं पाईं, या फिर अच्छी समीक्षाओं के बावजूद बड़ी शुरुआत नहीं मिल सकी। कोविड दौर में उनकी कुछ चर्चित फिल्मों को थिएटर रिलीज भी नहीं मिली थी। ऐसे में ‘करुप्पु’ को अभिनेता की लंबे समय बाद मिली बड़ी बॉक्स ऑफिस सफलता माना जा रहा है।
हॉलीवुड फिल्म The Devil Wears Prada 2 ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है। Meryl Streep, Anne Hathaway और Emily Blunt स्टारर इस बहुप्रतीक्षित सीक्वल ने रिलीज के पहले ही वीकेंड में 16.10 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। तीसरे दिन भी मजबूत पकड़ फिल्म ने अपने तीसरे दिन यानी रविवार को 4.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जो शनिवार के मुकाबले लगभग 5 प्रतिशत कम है। इसके बावजूद फिल्म की कुल कमाई तेजी से बढ़ते हुए 16.10 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जिसमें पेड प्रीव्यू भी शामिल हैं। ओपनिंग वीकेंड के आंकड़े दर्शाते हैं कि फिल्म को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और इसकी पकड़ अभी मजबूत बनी हुई है। पहले हफ्ते में 25 करोड़ पार करने की उम्मीद फिल्म का प्रदर्शन मौजूदा ट्रेंड के अनुसार स्थिर बना रहा, तो यह आने वाले कुछ दिनों में 20 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि पहला हफ्ता खत्म होते-होते फिल्म करीब 25 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। ‘क्लीन हिट’ बनने की राह पर 20th Century Studios के बैनर तले बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ‘क्लीन हिट’ बनने की ओर बढ़ रही है। अगर वीकडेज में इसकी कमाई स्थिर रहती है, तो यह 2026 की चौथी सफल हॉलीवुड फिल्म बन सकती है। इससे पहले Project Hail Mary, The Mummy और Michael भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर चुकी हैं। पुरानी फिल्म से तुलना गौरतलब है कि साल 2006 में रिलीज हुई The Devil Wears Prada भारत में ज्यादा कमाई नहीं कर पाई थी और इसका कलेक्शन एक करोड़ रुपये से भी कम रहा था। हालांकि, समय के साथ टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी लोकप्रियता काफी बढ़ी। सीक्वल को इसी पॉपुलैरिटी का फायदा मिल रहा है और पॉजिटिव वर्ड-ऑफ-माउथ इसकी सफलता में अहम भूमिका निभा रहा है। वीकेंड कलेक्शन (भारत) प्रीव्यू: ₹1.85 करोड़ पहला दिन: ₹4.50 करोड़ दूसरा दिन: ₹5.00 करोड़ (अनुमानित) तीसरा दिन: ₹4.75 करोड़ (अनुमानित) कुल: ₹16.10 करोड़ स्टार कास्ट और आकर्षण मुख्य कलाकारों के अलावा फिल्म में Stanley Tucci, Kenneth Branagh, Lucy Liu समेत कई अंतरराष्ट्रीय कलाकार नजर आ रहे हैं, जो फिल्म को और भी भव्य बनाते हैं।
अभिनेता अदिवि शेष और मृणाल ठाकुर स्टारर फिल्म डकैत के लिए बॉक्स ऑफिस पर दूसरा हफ्ता चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। पहले सप्ताह में मजबूत प्रदर्शन के बाद अब फिल्म की कमाई में अचानक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे इसके आगे के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं। 11वें दिन 72% की भारी गिरावट ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने अपने 11वें दिन महज 0.40 करोड़ रुपये का कारोबार किया। रविवार को जहां फिल्म ने 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी, वहीं सोमवार आते ही कलेक्शन में लगभग 72 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह अब तक की सबसे बड़ी सिंगल-डे गिरावट मानी जा रही है। हालांकि, कुल कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने दुनिया भर में 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि भारत में इसका नेट कलेक्शन 32.46 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। दूसरे हफ्ते की असली परीक्षा आमतौर पर किसी भी फिल्म के लिए दूसरा हफ्ता उसकी असली परीक्षा होता है। ‘डकैत’ के साथ भी कुछ ऐसा ही होता दिख रहा है। शुरुआती दिनों की मजबूत ओपनिंग के बाद अब फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में संघर्ष करती नजर आ रही है। फैन की कहानी ने किया भावुक बॉक्स ऑफिस के उतार-चढ़ाव के बीच अदिवि शेष ने एक इवेंट के दौरान एक भावुक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि एक फैन, जो एक हमले के बाद मानसिक रूप से टूट चुका था, उनकी फिल्म मेजर देखने के बाद फिर से हिम्मत जुटा पाया। अस्पताल से ठीक होने के बाद उस फैन ने सबसे पहले ‘डकैत’ देखी और खास तौर पर एक्टर से मिलने पहुंचा। इस मुलाकात ने शेष को गहराई से प्रभावित किया। सिनेमा से बढ़कर इंसानियत इस अनुभव को साझा करते हुए अदिवि शेष ने कहा कि अक्सर हम सिनेमा और बिजनेस की दौड़ में इंसानियत को भूल जाते हैं। लेकिन उस फैन ने उन्हें याद दिलाया कि वह फिल्में क्यों बनाते हैं। यह बयान इस बात को दर्शाता है कि भले ही बॉक्स ऑफिस नंबर महत्वपूर्ण हों, लेकिन सिनेमा का असली असर लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाला भावनात्मक प्रभाव ही होता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।