BPCL

Fuel station displays petrol and diesel prices as Brent crude crosses $100 per barrel amid Middle East tensions.
Petrol Diesel Price Today: कच्चा तेल फिर 100 डॉलर के पार, 20 दिन में 42% की तेजी, जानें आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का नया रेट

Petrol Diesel Price 24 July 2026: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत मई के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। पिछले 20 दिनों में कच्चे तेल की कीमत में करीब 42 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। क्यों महंगा हुआ कच्चा तेल? मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। पहले से होर्मुज स्ट्रेट पर बने तनाव के बीच अब लाल सागर के समुद्री मार्ग पर भी खतरा बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड 100.8 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 92.48 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। 59 दिनों से नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। 25 मई 2026 के बाद से तेल कंपनियों ने खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी देशभर में लगातार 59 दिनों से ईंधन की कीमतें समान बनी हुई हैं। इससे पहले मई महीने में सरकारी तेल कंपनियों ने चार चरणों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। मई में कब-कब बढ़े थे दाम? 15 मई: पेट्रोल ₹3.00 और डीजल ₹3.29 प्रति लीटर महंगा। 19 मई: पेट्रोल ₹0.87 और डीजल ₹0.91 प्रति लीटर बढ़ा। 23 मई: फिर पेट्रोल ₹0.87 और डीजल ₹0.91 प्रति लीटर महंगा। 25 मई: पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी। आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का रेट शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर) दिल्ली 102.12 95.20 कोलकाता 113.51 99.82 मुंबई 111.21 97.83 चेन्नई 107.77 99.55 नोएडा 102.12 97.56 चंडीगढ़ 101.51 89.47 लखनऊ 101.89 95.36 पटना 113.37 99.36 रांची 105.26 100.49 भोपाल 114.57 99.64 तेल कंपनियों पर बढ़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर सरकारी तेल कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन पर भी दिखाई दे रहा है। BPCL और HPCL ने जून तिमाही में भारी घाटा दर्ज किया है, जबकि IOCL के तिमाही नतीजों का इंतजार है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा बना रहता है, तो आने वाले समय में तेल कंपनियों पर लागत का दबाव और बढ़ सकता है। SMS से ऐसे जानें अपने शहर का ताजा रेट अगर आप अपने शहर में पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमत जानना चाहते हैं, तो SMS के जरिए भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। Indian Oil: RSP <शहर का कोड> लिखकर 9224992249 पर भेजें। BPCL: RSP <शहर का कोड> लिखकर 9223112222 पर भेजें। HPCL: HPPRICE <शहर का कोड> लिखकर 9222201122 पर SMS करें। तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतें अपडेट करती हैं।  

surbhi जुलाई 24, 2026 0
BPCL announces expansion of 10 kg LPG cylinder availability to 100 cities across 24 states by August 15, 2026.
BPCL LPG Update: 15 अगस्त तक 100 शहरों में मिलेगा 10 किलो LPG सिलेंडर, जानें किन ग्राहकों को होगा सबसे ज्यादा फायदा

BPCL LPG News: सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 15 अगस्त 2026 तक 24 राज्यों के 100 शहरों में 10 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छोटे परिवारों, अकेले रहने वाले लोगों और कम गैस खपत वाले उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराना है। कंपनी ने यह जानकारी जून तिमाही (Q1) के वित्तीय नतीजों के बाद आयोजित कॉन्फ्रेंस कॉल में दी। इसके साथ ही बीपीसीएल ने कच्चे तेल की खरीद रणनीति में किए गए बदलाव और अपने वित्तीय प्रदर्शन की भी जानकारी साझा की। 15 अगस्त तक क्या बदलेगा? बीपीसीएल के मुताबिक, 10 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर का नेटवर्क तेजी से बढ़ाया जा रहा है। मुख्य बातें: 15 अगस्त तक 24 राज्यों के 100 शहरों में 10 किलो LPG सिलेंडर उपलब्ध होगा। छोटे परिवारों और कम गैस उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को नया विकल्प मिलेगा। किराए के मकानों में रहने वाले, छात्र, नौकरीपेशा और अकेले रहने वाले लोगों के लिए यह सिलेंडर अधिक सुविधाजनक साबित हो सकता है। इससे ग्राहकों को कम लागत में एलपीजी खरीदने का विकल्प मिलेगा। क्रूड ऑयल खरीद की रणनीति में बदलाव जून तिमाही के दौरान बीपीसीएल ने कच्चे तेल की खरीद में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए। कुल क्रूड खरीद में रूस की हिस्सेदारी 38% रही। स्पॉट कार्गो के जरिए खरीद बढ़कर 69% हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 44% थी। कंपनी ने वेनेजुएला और अंगोला से भी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई। फिलहाल बीपीसीएल के पास 38 लाख टन (3.8 मिलियन टन) कच्चे तेल का भंडार मौजूद है, जो लगभग 35 दिनों की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में बीपीसीएल को 3,962 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने 3,919 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। हालांकि, यह घाटा बाजार की अपेक्षाओं से काफी कम रहा। ब्लूमबर्ग के अनुमान के अनुसार कंपनी को लगभग 12,632 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता था। प्रमुख वित्तीय आंकड़े नेट लॉस: 3,962 करोड़ रुपये कुल राजस्व: 1.51 लाख करोड़ रुपये EBITDA: 4,077 करोड़ रुपये का घाटा इसके अलावा कंपनी ने बताया कि उसका मोजाम्बिक LNG प्रोजेक्ट वित्त वर्ष 2029 (FY29) में शुरू होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज हाउस का क्या है नजरिया? कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद कई वैश्विक ब्रोकरेज हाउस बीपीसीएल के शेयर को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। Citi ने कंपनी पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए 350 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद कंपनी का संचालन मजबूत बना हुआ है और यह ऑयल मार्केटिंग सेक्टर में उसकी पसंदीदा कंपनियों में शामिल है। वहीं Macquarie ने भी 'Outperform' रेटिंग कायम रखते हुए 370 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसके अनुसार मार्केटिंग कारोबार कमजोर रहा, लेकिन रिफाइनिंग बिजनेस ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि, उसने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव भविष्य में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की कमाई को प्रभावित कर सकता है। शेयर बाजार में कैसी रही चाल? जून तिमाही के नतीजों के बाद कारोबार के दौरान बीपीसीएल का शेयर करीब 0.49% की गिरावट के साथ 312.95 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसी दौरान बीएसई सेंसेक्स भी लगभग 0.27% कमजोर रहा। ग्राहकों के लिए क्यों अहम है यह फैसला? 10 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ने से उन उपभोक्ताओं को सबसे अधिक फायदा होगा, जिन्हें 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की पूरी क्षमता की जरूरत नहीं पड़ती। इससे गैस पर होने वाला शुरुआती खर्च कम होगा और उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार सिलेंडर चुनने की सुविधा मिलेगी।  

surbhi जुलाई 24, 2026 0
Petrol pump display showing fuel prices as global crude oil rises due to Strait of Hormuz tensions on July 23, 2026.
Petrol Diesel Price Today: होर्मुज संकट से 3% उछला क्रूड ऑयल, जानिए 23 जुलाई 2026 को पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today, 23 July 2026: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव का असर एक बार फिर वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है। जियोपॉलिटिकल जोखिम बढ़ने से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 3% से अधिक उछल गई, लेकिन राहत की बात यह है कि भारत में 23 जुलाई 2026 को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। सरकारी तेल कंपनियों ने लगातार 58वें दिन ईंधन के दाम स्थिर रखे हैं। होर्मुज संकट से क्यों बढ़ी कच्चे तेल की कीमत? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल पर फिर से Geopolitical Risk Premium जुड़ गया है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। गुरुवार सुबह: Brent Crude: 3.36% की बढ़त के साथ 94.07 डॉलर प्रति बैरल WTI Crude: 1.15% की तेजी के साथ 87.83 डॉलर प्रति बैरल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाएं जारी रहती हैं, तो वर्ष की चौथी तिमाही तक ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर सकता है। 58 दिनों से नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम सरकारी तेल कंपनियों ने 25 मई 2026 के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले मई में सिर्फ 11 दिनों के भीतर चार बार कीमतें बढ़ाई गई थीं: 15 मई: पेट्रोल ₹3.00 और डीजल ₹3.29 प्रति लीटर महंगा 19 मई: पेट्रोल ₹0.87 और डीजल ₹0.91 महंगा 23 मई: पेट्रोल ₹0.87 और डीजल ₹0.91 महंगा 25 मई: पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 महंगा 23 जुलाई 2026: प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर) दिल्ली 102.12 95.20 मुंबई 111.21 97.83 कोलकाता 113.51 99.82 चेन्नई 107.77 99.55 नोएडा 102.12 97.56 चंडीगढ़ 101.51 89.47 लखनऊ 101.89 95.36 पटना 113.37 99.36 रांची 105.26 100.49 भोपाल 114.57 99.64 ऐसे चेक करें अपने शहर का पेट्रोल-डीजल रेट अगर आप अपने शहर का ताजा ईंधन मूल्य जानना चाहते हैं, तो SMS के जरिए भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। Indian Oil: RSP <City Code> लिखकर 9224992249 पर भेजें। BPCL: RSP <City Code> लिखकर 9223112222 पर भेजें। HPCL: HPPRICE <City Code> लिखकर 9222201122 पर भेजें। क्या आगे बढ़ सकते हैं दाम? अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ते कच्चे तेल के दाम और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए आने वाले दिनों में घरेलू ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि फिलहाल सरकारी तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बनाए हुए हैं।  

surbhi जुलाई 23, 2026 0
Fuel station displaying petrol, diesel, and LPG prices as rising crude oil costs impact Indian state-run oil companies.
Petrol-Diesel Price: पश्चिम एशिया संकट से सरकारी तेल कंपनियों को बड़ा झटका, पेट्रोल-डीजल और LPG पर बढ़ा घाटा

Petrol-Diesel News: पश्चिम एशिया में युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज उछाल का असर अब सरकारी तेल कंपनियों के वित्तीय नतीजों में साफ दिखाई दे रहा है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में भारी घाटा दर्ज किया है। इसकी सबसे बड़ी वजह लंबे समय तक पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी की कीमतों में बदलाव नहीं करना रही। कच्चे तेल की कीमतों में 70% तक उछाल पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 70% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, इस दौरान देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दाम तुरंत नहीं बढ़ाए गए, जिससे सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर लागत का दबाव बढ़ गया। HPCL और BPCL को कितना हुआ नुकसान? HPCL अप्रैल-जून तिमाही में 12,265 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड घाटा। पिछले वर्ष इसी अवधि में 4,111 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। घरेलू एलपीजी पर 3,607 करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी दर्ज की गई। BPCL पहली तिमाही में 1,873 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड घाटा। पिछले वर्ष इसी अवधि में 6,839 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। एलपीजी बिक्री पर 3,485 करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी हुई। घाटे की मुख्य वजह क्या रही? विशेषज्ञों के अनुसार, जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं, तब सरकारी कंपनियों ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी नहीं की। बाद में सरकार ने: पेट्रोल और डीजल के दाम लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए। 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 89 रुपये की बढ़ोतरी की। लेकिन यह बढ़ोतरी बढ़ी हुई लागत की पूरी भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं थी। राजस्व में बढ़ोतरी के बावजूद घाटा दिलचस्प बात यह है कि दोनों कंपनियों का कारोबार बढ़ा, लेकिन बढ़ी हुई लागत ने मुनाफे को नुकसान पहुंचाया। HPCL ऑपरेशन से राजस्व 1.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये (करीब 21% वृद्धि) पहुंच गया। BPCL राजस्व 1.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.6 लाख करोड़ रुपये हो गया। HPCL ने अपने बयान में कहा कि पश्चिम एशिया संकट का असर वित्तीय नतीजों पर पड़ा, हालांकि कंपनी के रिफाइनिंग और मार्केटिंग ऑपरेशन मजबूत बने रहे। आगे क्या हो सकता है? यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो सरकारी तेल कंपनियों पर दबाव जारी रह सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में ईंधन की कीमतों और सरकारी नीतियों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।  

surbhi जुलाई 23, 2026 0
Rising crude oil prices displayed alongside a falling stock market chart highlighting pressure on aviation and energy-related stocks.
Crude Oil Price Rise: महंगे कच्चे तेल से शेयर बाजार में दबाव, इंडिगो, एशियन पेंट्स और BPCL समेत कई शेयर टूटे

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कच्चे तेल पर निर्भर कई कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जबकि तेल उत्पादन से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई। क्यों बढ़ीं कच्चे तेल की कीमतें? अमेरिका और ईरान के बीच सप्ताहांत में बढ़े सैन्य तनाव के बाद वैश्विक बाजार में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमतों पर पड़ा, जो बढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनियों की लागत बढ़ने और मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इन सेक्टरों के शेयरों में आई गिरावट कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन कंपनियों पर पड़ा, जिनकी परिचालन लागत ईंधन या पेट्रोलियम उत्पादों पर अधिक निर्भर करती है। सोमवार के कारोबार में इन सेक्टरों के शेयरों में कमजोरी रही: एविएशन पेंट्स टायर ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) इन प्रमुख शेयरों में रही गिरावट शुरुआती कारोबार में कई बड़े शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। इनमें शामिल हैं: IndiGo Asian Paints BPCL अन्य ऑयल मार्केटिंग और क्रूड-सेंसिटिव कंपनियां इनमें से कई शेयरों में करीब 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। तेल उत्पादक कंपनियों को मिला फायदा जहां कच्चे तेल का महंगा होना कई कंपनियों के लिए चिंता का कारण बना, वहीं तेल उत्पादन और खोज से जुड़ी कंपनियों को इसका फायदा मिला। बाजार में ऐसी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली क्योंकि ऊंचे कच्चे तेल के दाम से उनकी आय और मुनाफे में सुधार की संभावना बढ़ जाती है। निवेशकों की बढ़ी चिंता कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर केवल कुछ कंपनियों तक सीमित नहीं रहता। यदि कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो इसका असर महंगाई, परिवहन लागत, कंपनियों के खर्च और देश के आयात बिल पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का रुख सतर्क रहा और प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला।  

surbhi जुलाई 13, 2026 0
Fuel station displaying petrol and diesel prices as vehicles refuel in an Indian city.
टंकी फुल कराने से पहले जान लें रेट: 13 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल कीमतों में स्थिरता, कुछ शहरों में हलचल

नई दिल्ली: सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट जारी कर दिए हैं। आज देश के ज्यादातर बड़े शहरों में ईंधन की कीमतों में स्थिरता देखने को मिली है, जबकि कुछ शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। ऐसे में अगर आप अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने जा रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले लेटेस्ट रेट जरूर जान लें। पेट्रोल के दाम: कहां बढ़े, कहां राहत देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। वहीं  दिल्ली और कोलकाता में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, चेन्नई, नोएडा और गुरुग्राम में पेट्रोल की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिहार के भागलपुर में सबसे ज्यादा 45 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पटना और गया में मामूली गिरावट से लोगों को राहत मिली है। प्रमुख शहरों में पेट्रोल रेट (₹/लीटर) मुंबई: ₹103.54 कोलकाता: ₹105.41 बेंगलुरु: ₹102.92 चेन्नई: ₹100.93 (+0.13) नई दिल्ली: ₹94.77 गुरुग्राम: ₹95.65 (+0.14) नोएडा: ₹95.16 (+0.39) भागलपुर: ₹106.66 (+0.45) गया: ₹105.94 (–0.17) पटना: ₹105.23 (–0.10) रांची: ₹97.86 (–0.58) भोपाल: ₹106.63 (+0.18) डीजल के दाम: कहां सस्ता, कहां महंगा डीजल की कीमतों में भी आज ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। मुंबई में डीजल ₹90.03 प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि  दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर बना हुआ है। झारखंड की राजधानी रांची में डीजल की कीमत में ₹0.58 की बड़ी गिरावट आई है, जो ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए राहत भरी खबर है। दूसरी ओर नोएडा में डीजल ₹0.42 महंगा हो गया है। प्रमुख शहरों में डीजल रेट (₹/लीटर) मुंबई: ₹90.03 कोलकाता: ₹92.02 बेंगलुरु: ₹90.99 चेन्नई: ₹92.48 (+0.09) नई दिल्ली: ₹87.67 गुरुग्राम: ₹88.10 (+0.12) नोएडा: ₹88.31 (+0.42) भागलपुर: ₹92.81 (+0.42) गया: ₹92.15 (–0.16) पटना: ₹91.49 (–0.10) रांची: ₹92.62 (–0.58) भोपाल: ₹91.99 (+0.16) क्यों बदलते हैं हर दिन दाम? भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और केंद्र व राज्य सरकारों के टैक्स पर निर्भर करती हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाले बदलावों का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। SMS से ऐसे जानें अपने शहर का रेट घर बैठे मोबाइल से भी आप पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम चेक कर सकते हैं: Indian Oil: RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें

surbhi अप्रैल 13, 2026 0
Updated petrol and diesel prices in Bihar cities like Patna and Gaya.
Petrol-Diesel Price Today: 11 अप्रैल को जारी हुए नए रेट, बिहार में बढ़ोतरी से जेब पर असर

नई दिल्ली: 11 अप्रैल 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपया विनिमय दर के असर के बीच आज कुछ शहरों में कीमतें स्थिर रहीं, जबकि कई जगह मामूली बदलाव देखने को मिला। राजधानी Mumbai और New Delhi में आज पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहे, लेकिन Patna, Gaya और Muzaffarpur जैसे शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोल की कीमतें: कहां बढ़ोतरी, कहां राहत? आज के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के रेट इस प्रकार हैं: Mumbai: ₹103.54 (स्थिर) New Delhi: ₹94.77 (स्थिर) Kolkata: ₹105.41 (स्थिर) Chennai: ₹100.90 (↓ ₹0.33) Bengaluru: ₹102.96 (↑ ₹0.04) Gurugram: ₹95.43 (↓ ₹0.22) Noida: ₹94.90 (↑ ₹0.02) बिहार में बढ़ोतरी: Patna: ₹105.74 (↑ ₹0.51) Gaya: ₹106.31 (↑ ₹0.37) Muzaffarpur: ₹106.19 (↑ ₹0.41) डीजल के दाम: बिहार में इजाफा डीजल की कीमतों में भी कई शहरों में हल्का उछाल देखा गया: Mumbai: ₹90.03 (स्थिर) New Delhi: ₹87.67 (स्थिर) Kolkata: ₹92.02 (स्थिर) Chennai: ₹92.48 (↓ ₹0.33) बिहार में बढ़ोतरी: Patna: ₹91.97 (↑ ₹0.48) Gaya: ₹92.50 (↑ ₹0.35) Muzaffarpur: ₹92.37 (↑ ₹0.39) क्यों बदलते हैं फ्यूल के दाम? पेट्रोल-डीजल की कीमतें कई प्रमुख कारणों पर निर्भर करती हैं: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स (Excise Duty और VAT) परिवहन और डीलर मार्जिन इसी वजह से अलग-अलग राज्यों और शहरों में कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट घर बैठे मोबाइल से भी आप ताजा कीमतें जान सकते हैं: Indian Oil: RSP <City Code> भेजें 9224992249 पर BPCL: RSP भेजें 9223112222 पर HPCL: HP Price भेजें 9222201122 पर 

surbhi अप्रैल 11, 2026 0
Indian LPG tanker Green Asha arriving at JNPA port after safely crossing the Strait of Hormuz.
गुड न्यूज: 15,400 टन LPG लेकर भारत पहुंचा ‘ग्रीन आशा’, सप्लाई को मिली राहत

Energy Update: मिडिल ईस्ट में ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। 15,400 टन LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) लेकर भारतीय ध्वज वाला पोत ‘ग्रीन आशा’ सुरक्षित भारत पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट पार कर JNPA पहुंचा जहाज ‘ग्रीन आशा’ ने तनावपूर्ण हालात के बीच होर्मुज स्ट्रेट पार कर नवी मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) पर सुरक्षित लंगर डाला। मिडिल ईस्ट में हालिया तनाव के बाद यह पहला जहाज है जो इस रूट से होकर भारत पहुंचा है। सुरक्षित पहुंचा माल और क्रू जेएनपीए ने पोत का औपचारिक स्वागत किया जहाज ने BPCL-IOCL द्वारा संचालित लिक्विड बर्थ पर एंकर किया पोत पर मौजूद सारा LPG कार्गो और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित हैं अब तक 8 जहाज पहुंच चुके ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव शुरू होने के बाद अब तक कुल 8 जहाज भारत पहुंच चुके हैं: ग्रीन सान्वी: 46,650 टन LPG (7 अप्रैल) पाइन गैस जग वसंत MT शिवालिक MT नंदा देवी जग लाडकी: 80,886 MT कच्चा तेल (18 मार्च) क्यों अहम है यह खबर? होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का सबसे अहम समुद्री मार्ग है। यहां तनाव के कारण सप्लाई बाधित होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में ‘ग्रीन आशा’ का सुरक्षित पहुंचना: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए राहत LPG सप्लाई चेन के स्थिर रहने का संकेत वैश्विक बाजार में घबराहट कम करने वाला कदम

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
Fuel station display showing petrol and diesel prices across Indian cities on 9 April 2026
पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी: 9 अप्रैल 2026 के ताजा रेट्स, कई शहरों में बदलाव

देशभर में हर सुबह की तरह आज, 9 अप्रैल 2026 को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू स्तर पर कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। जहां नई दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में दाम स्थिर बने हुए हैं, वहीं कई अन्य शहरों में हल्की बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज की गई है। अगर आप आज वाहन में ईंधन भरवाने की योजना बना रहे हैं, तो ताजा रेट्स पर एक नजर जरूर डाल लें, क्योंकि अलग-अलग शहरों में कीमतों का अंतर आपके खर्च को प्रभावित कर सकता है। आज पेट्रोल की कीमतें: कहां सस्ता, कहां महंगा? देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं: नई दिल्ली: ₹94.77 प्रति लीटर मुंबई: ₹103.54 प्रति लीटर कोलकाता: ₹105.41 प्रति लीटर चेन्नई: ₹100.80 प्रति लीटर हालांकि, अन्य शहरों में बदलाव देखने को मिला: पटना: ₹105.42 (+0.19) मुजफ्फरपुर: ₹106.36 (+0.38) जमशेदपुर: ₹98.64 (+0.84) नोएडा: ₹94.90 (-0.15) बेंगलुरु: ₹102.96 (-0.03) भोपाल: ₹106.52 (-0.04) भागलपुर: ₹105.84 (-0.56) डीजल की कीमतों में क्या बदलाव आया? डीजल के दाम भी कई शहरों में बदले हैं, जबकि कुछ जगहों पर स्थिरता बनी हुई है: नई दिल्ली: ₹87.67 प्रति लीटर मुंबई: ₹90.03 प्रति लीटर कोलकाता: ₹92.02 प्रति लीटर चेन्नई: ₹92.39 प्रति लीटर अन्य प्रमुख बदलाव: जमशेदपुर: ₹93.38 (+0.83) पटना: ₹91.67 (+0.18) मुजफ्फरपुर: ₹92.53 (+0.36) नोएडा: ₹88.01 (-0.18) बेंगलुरु: ₹90.99 (-0.07) भागलपुर: ₹92.04 (-0.53) धनबाद: ₹92.62 (-0.03) भोपाल: ₹91.89 (-0.04) कैसे तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें? भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू ईंधन दरों पर पड़ता है। इसके अलावा: केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी राज्य सरकारों का वैट (VAT) डीलर कमीशन इन सभी कारकों को जोड़कर अंतिम खुदरा कीमत तय होती है। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग होते हैं। SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट आप घर बैठे मोबाइल के जरिए भी ताजा कीमतें जान सकते हैं: Indian Oil: RSP <शहर कोड> लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर SMS करें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
Cold watermelon health
क्या सीधे फ्रिज से निकला तरबूज खाना सेहत के लिए नुकसानदायक है? जानें एक्सपर्ट  की राय

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मी के मौसम में तरबूज सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन देने वाला सुपरफ्रूट भी माना जाता है। इसमें लगभग 92 प्रतिशत पानी होता है, इसलिए तेज धूप और पसीने के मौसम में यह शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। लेकिन अक्सर लोग इसे खाने के तरीके में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती हैं। खासकर फ्रिज से निकाले गए बहुत ठंडे तरबूज को तुरंत खाना कई लोगों के लिए परेशानी की वजह बन सकता है। सीनियर डाइटिशियन गीतिका चोपड़ा के अनुसार, तरबूज को सही तापमान और सही समय पर खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है।   तरबूज क्यों है गर्मियों का बेस्ट फ्रूट? तरबूज का वैज्ञानिक नाम Citrullus lanatus है और इसका मूल अफ्रीका माना जाता है। यह लो-कैलोरी फल है, इसलिए वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प है। इसमें विटामिन C, विटामिन A, विटामिन B6, पोटैशियम, लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि यह इम्यूनिटी बढ़ाने, शरीर को ठंडक देने और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मददगार माना जाता है।   बहुत ठंडा तरबूज खाने से क्या होता है? एक्सपर्ट के मुताबिक, फ्रिज से निकले तरबूज को तुरंत खाने पर शरीर को उसे सामान्य तापमान तक लाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इससे पाचन प्रक्रिया थोड़ी धीमी हो सकती है। कई लोगों को इसके बाद गैस, पेट फूलना, भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है। जिन लोगों का पेट पहले से संवेदनशील होता है, उन्हें यह दिक्कत ज्यादा हो सकती है।   गले पर भी पड़ सकता है असर बहुत ज्यादा ठंडा तरबूज कुछ लोगों में गले की खराश, खांसी या हल्की जलन का कारण भी बन सकता है। खासकर वे लोग जो लंबे समय तक एसी में रहते हैं या जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, उन्हें इससे जल्दी परेशानी हो सकती है। इसलिए बर्फ जैसा ठंडा तरबूज खाना हर किसी के लिए सही नहीं माना जाता।   स्टोर करने में सबसे ज्यादा होती है गलती तरबूज को काटकर लंबे समय तक फ्रिज में रखना भी नुकसानदायक हो सकता है। ऐसा करने से उसमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है और उसका पोषण स्तर, खासकर विटामिन C, धीरे-धीरे कम होने लगता है। खुले कटे फल को ज्यादा देर तक रखना सेहत के लिए सही नहीं है।   तरबूज खाने का सही तरीका डाइटिशियन की सलाह है कि तरबूज को हल्का ठंडा या रूम टेंपरेचर पर खाना सबसे बेहतर रहता है। अगर तरबूज कटा हुआ है, तो उसे ज्यादा देर तक स्टोर करने के बजाय जल्दी खा लेना चाहिए। गर्मी में सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ क्या खा रहे हैं, यह नहीं बल्कि कैसे खा रहे हैं, यह भी उतना ही जरूरी है।

Unknown अप्रैल 9, 2026 0
Petrol and diesel fuel pumps showing latest prices across Indian cities on 2 April 2026.
पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: जानें 2 अप्रैल 2026 को आपके शहर में क्या है भाव?

देशभर में 2 अप्रैल 2026 की सुबह तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम जारी कर दिए हैं। हर दिन की तरह आज भी फ्यूल की कीमतों में कुछ शहरों में स्थिरता रही, जबकि कुछ इलाकों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अगर आप आज गाड़ी की टंकी फुल कराने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपने शहर के लेटेस्ट रेट जरूर चेक कर लें। बड़े शहरों में क्या है पेट्रोल का हाल? देश के प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर पर स्थिर है। नई दिल्ली में ₹94.77 प्रति लीटर बना हुआ है। कोलकाता ₹105.41 और चेन्नई ₹101.23 प्रति लीटर पर स्थिर हैं। हालांकि, NCR के शहरों में हल्की राहत देखने को मिली है। गुरुग्राम में ₹0.12 और नोएडा में ₹0.14 की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, बिहार के कुछ शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी हुई है- भागलपुर में ₹0.64 और पटना में ₹0.12 की बढ़त दर्ज की गई। डीजल की कीमतों में क्या बदलाव? डीजल के दाम भी आज अधिकतर बड़े शहरों में स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली में डीजल ₹87.67 और मुंबई में ₹90.03 प्रति लीटर है। लेकिन बिहार और झारखंड के कुछ जिलों में डीजल महंगा हुआ है- भागलपुर में ₹0.60 और पटना में ₹0.11 की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, कुछ शहरों में राहत भी मिली है- नोएडा और मुजफ्फरपुर में डीजल के दामों में गिरावट दर्ज की गई। क्यों बदलते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कई अहम कारकों पर निर्भर करता है- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स (VAT और Excise Duty) इन्हीं वजहों से अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट आप घर बैठे मोबाइल से भी पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जान सकते हैं- Indian Oil: “RSP <शहर कोड>” लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर SMS करें

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Petrol pumps in India with normal fuel supply as companies deny shortage rumors amid global tensions
पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों पर तेल कंपनियों का बयान, कहा- देश में पर्याप्त स्टॉक

अमेरिका-ईरान युद्ध और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में रुकावटों के बीच देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर भारतीय तेल कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। भारत पेट्रोलियम (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और इंडियन ऑयल (IOC) ने इन खबरों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। कंपनियों ने क्या कहा? तेल कंपनियों ने संयुक्त रूप से कहा: देश में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है सप्लाई चेन सामान्य रूप से काम कर रही है लोगों को घबराकर खरीदारी करने की कोई जरूरत नहीं BPCL का बयान भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने कहा कि: पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें पूरी तरह गलत हैं कंपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है ईंधन की निर्बाध आपूर्ति जारी है HPCL ने भी किया साफ हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने ग्राहकों से अपील की: “देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य खपत जारी रखें।” क्यों फैली अफवाह? 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद: खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई तेल और गैस टैंकरों में देरी की खबरें आईं इसी के चलते लोगों में ईंधन संकट की आशंका बढ़ने लगी। सरकार और पीएम का संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संसद में कहा था कि: खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है इसके “गंभीर परिणाम” हो सकते हैं हालांकि, फिलहाल देश में सप्लाई सामान्य बनी हुई है। क्या करें उपभोक्ता? अफवाहों पर भरोसा न करें घबराकर ज्यादा ईंधन खरीदने से बचें सामान्य तरीके से ही उपयोग जारी रखें

surbhi मार्च 25, 2026 0
LPG cylinders stacked outside gas agency amid supply shortage affecting commercial use in Jharkhand
झारखंड में गैस संकट की आहट: कॉमर्शियल LPG सप्लाई 80% घटी, बुकिंग और डिलीवरी में बढ़ा इंतजार

झारखंड में गैस संकट गहराने के संकेत मिल रहे हैं। कॉमर्शियल LPG सिलेंडरों की आपूर्ति में भारी कटौती के कारण होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक संस्थानों पर सीधा असर पड़ने वाला है। राज्य में इस संकट को लेकर चिंता बढ़ गई है। सप्लाई में 80% कटौती, बढ़ेंगी मुश्किलें झारखंड विधानसभा में संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार की ओर से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति में 80 प्रतिशत की कमी कर दी गई है। अब राज्य को केवल 20 प्रतिशत ही गैस मिल पा रही है। इस फैसले का असर सीधे तौर पर बाजार, होटल उद्योग और छोटे व्यवसायों पर पड़ेगा।   बुकिंग और रिफिलिंग में बढ़ा इंतजार राज्य में गैस की उपलब्धता कम होने से उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पहले जहां गैस बुकिंग के 48 घंटे के भीतर सिलेंडर मिल जाता था, अब डिलीवरी में 3 से 4 दिन लग रहे हैं। इसके साथ ही घरेलू गैस की बुकिंग अवधि भी बढ़ा दी गई है- शहरी क्षेत्रों में 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक का इंतजार   लाखों रिफिल पेंडिंग, स्थिति गंभीर सरकारी आंकड़ों के अनुसार 16 मार्च 2026 तक राज्य में करीब 3.27 लाख गैस रिफिल लंबित हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों ने यह जानकारी साझा की है। 13 मार्च को केंद्र और राज्य अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि फिलहाल आपूर्ति सीमित रहेगी।   जरूरत 2273 MT, मिल रही सिर्फ 20% गैस मंत्री के अनुसार झारखंड में हर महीने औसतन 2273 मीट्रिक टन कॉमर्शियल गैस की आवश्यकता होती है। लेकिन कटौती के बाद अब सिर्फ करीब 454 मीट्रिक टन गैस ही उपलब्ध हो पा रही है, जो कुल मांग का मात्र 20 प्रतिशत है।   होटल-रेस्तरां और उद्योग पर असर इस कमी का सबसे ज्यादा असर रांची, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर और रामगढ़ जैसे शहरों के होटल, रेस्तरां और औद्योगिक कैंटीन पर पड़ेगा। कॉमर्शियल गैस के बिना इन संस्थानों का संचालन प्रभावित हो सकता है।   राज्य के राजस्व पर भी पड़ेगा असर कॉमर्शियल गैस की कमी से न सिर्फ आम लोगों की परेशानी बढ़ेगी, बल्कि राज्य सरकार को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। होटल और व्यवसायिक गतिविधियों में कमी आने से GST के जरिए मिलने वाला राजस्व घटने की आशंका है।   अंतरराष्ट्रीय हालात का भी असर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव, खासकर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच की स्थिति का असर गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।   स्थिति पर नजर, समाधान की कोशिश जारी राज्य सरकार और गैस कंपनियों के बीच लगातार बातचीत जारी है। हालांकि, फिलहाल आम उपभोक्ताओं और व्यवसायियों को गैस की कमी और बढ़े इंतजार का सामना करना पड़ेगा।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 21, 2026 0