CNG Price Hike

CNG Price Hike
मुंबई में फिर महंगी हुई सीएनजी, 17 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम

मुंबई, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच मुंबई के लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सीएनजी की कीमतों में दो रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 29 मई 2026 की मध्यरात्रि से लागू हो चुकी हैं। इसके बाद सीएनजी का खुदरा मूल्य 84 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है।   17 दिनों में दूसरी बार है  यह पिछले 17 दिनों में दूसरी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 14 मई को भी कीमतों में दो रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी। लगातार बढ़ती कीमतों का असर निजी वाहन चालकों, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी संचालकों के साथ-साथ व्यावसायिक परिवहन सेवाओं पर पड़ने की आशंका है। मुंबई में सीएनजी आपूर्ति करने वाली महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने संशोधित दरें लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कंपनी मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, रायगढ़, रत्नागिरी, लातूर और अन्य क्षेत्रों में सीएनजी की आपूर्ति करती है।   इस बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हाल ही में पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ था। वर्तमान में मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।   विशेषज्ञों के अनुसार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है, वहां बढ़ी अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इसी का असर भारत समेत कई देशों में ईंधन कीमतों पर देखने को मिल रहा है

Unknown मई 30, 2026 0
cng price hike
CNG ₹2 तक महंगी, इस महीने चौथी बार दाम बढ़े, अब तक ₹6 इजाफा

नई दिल्ली, एजेंसियां। ईरान जंग के बीच कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी CNG के दाम पिछले दो हफ्तों के भीतर चौथी बार बढ़ गए हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने आज मंगलवार 26 मई को CNG ₹2 प्रति किलोग्राम महंगी कर दी है। दिल्ली-NCR सहित कई शहरों में ये दाम बढ़ाए गए हैं। दिल्ली और NCR के शहरों में अब यह होंगे नए रेट्स दिल्ली में CNG ₹81.09 प्रति किलो से बढ़कर अब ₹83.09 प्रति किलो हो गई है। नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में CNG के लिए ₹91.70 देने होंगे। गुरुग्राम में CNG की कीमत बढ़कर ₹88.12 प्रति किलोग्राम कर दी गई है। पेट्रोल-डीजल के दाम महीने में चौथी बार बढ़े तेल कंपनियों ने कल पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दामों बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रही है तो पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। तेल कंपनियों को हर दिन 600 करोड़ का घाटा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों को करीब 600 करोड़ रुपए प्रति दिन का घाटा हो रहा है। 15 मई से शुरू हुए कीमतों में बदलाव से पहले पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस बेचने पर कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा था।

Unknown मई 26, 2026 0
CNG station fuel dispenser showing revised gas prices amid rising fuel costs in India
पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG भी महंगी, 8 दिनों में 4 रुपये तक बढ़े दाम

Compressed Natural Gas की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बने संकट का असर अब भारत के फ्यूल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। शनिवार, 23 मई को देशभर में CNG, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर इजाफा किया गया। नई दरों के मुताबिक पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। वहीं CNG की कीमत में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में CNG 81 रुपये के पार ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में Compressed Natural Gas की कीमत 80.09 रुपये से बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं अन्य शहरों में नई कीमतें इस प्रकार हैं: नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा: 89.70 रुपये प्रति किलो गुरुग्राम: 86.12 रुपये प्रति किलो कानपुर: 92.42 रुपये प्रति किलो Indraprastha Gas Limited के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी के कारण यह बढ़ोतरी करनी पड़ी है। 8 दिनों में 4 रुपये तक बढ़े दाम मई महीने में यह तीसरी बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। 15 मई से पहले दिल्ली में CNG की कीमत 77.09 रुपये प्रति किलो थी। 15 मई: 2 रुपये की बढ़ोतरी 17 मई: 1 रुपये की बढ़ोतरी 23 मई: 1 रुपये की नई बढ़ोतरी इस तरह सिर्फ 8 से 10 दिनों के भीतर CNG करीब 4 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है। इसी दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगभग पौने पांच रुपये तक का इजाफा दर्ज किया गया है। आम लोगों की जेब पर बढ़ेगा बोझ फ्यूल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर सीधे आम लोगों के बजट पर पड़ेगा। रोजाना कार, बाइक, ऑटो और टैक्सी से सफर करने वालों का खर्च बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा असर कमर्शियल वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ने की संभावना है। ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से आने वाले दिनों में फल, सब्जियां और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। हालांकि कंपनियों का कहना है कि मौजूदा बढ़ोतरी के बाद भी CNG से वाहन चलाने का खर्च पेट्रोल और डीजल की तुलना में करीब 45 प्रतिशत तक कम है।  

surbhi मई 23, 2026 0
Taxi and auto drivers protesting in Delhi-NCR during a three-day strike over rising fuel prices and fares.
Delhi-NCR Drivers Strike: टैक्सी-ऑटो चालकों की 3 दिन की हड़ताल शुरू, सप्लाई और सफर पर पड़ सकता है असर

दिल्ली-एनसीआर में आज से टैक्सी, ऑटो और अन्य कमर्शियल वाहन चालकों की तीन दिन की हड़ताल शुरू हो गई है। बढ़ती महंगाई, सीएनजी और पेट्रोल की कीमतों में इजाफे के विरोध में ड्राइवर यूनियनों ने 21 से 23 मई तक चक्का जाम का ऐलान किया है। इस हड़ताल का असर आम लोगों के सफर से लेकर जरूरी सामानों की सप्लाई तक पर पड़ सकता है। यूनियनों का दावा है कि इस आंदोलन में करीब 17 लाख वाहन प्रभावित होंगे। शुरुआती घंटों में Ola, Uber और Rapido जैसी ऐप आधारित सेवाएं सामान्य रूप से काम करती दिखीं। किराया बढ़ाने की मांग पर अड़े चालक ड्राइवर यूनियनों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर सिटी टैक्सी स्कीम के तहत लगभग 15 साल पहले जो किराया तय किया गया था, उसमें अब तक कोई संशोधन नहीं किया गया है। चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने कहा कि बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों के बीच पुराने किराए पर काम करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि कई बार सरकार और अदालत के सामने यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन अब तक किराया नहीं बढ़ाया गया। इसी वजह से यूनियनों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। 68 से ज्यादा यूनियन हड़ताल के समर्थन में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के मुताबिक 68 से अधिक यूनियन और एसोसिएशन इस हड़ताल का समर्थन कर रही हैं। यूनियन ने दिल्ली सरकार द्वारा कमर्शियल वाहनों पर ग्रीन सेस बढ़ाने के फैसले का भी विरोध किया है। हड़ताल के चलते गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बागपत, शामली, सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम और पानीपत जैसे शहरों से दिल्ली आने वाले मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। फल-सब्जी और दूध की सप्लाई पर असर संभव ट्रक चालकों के भी आंदोलन में शामिल होने की वजह से फल, सब्जी, दूध, ब्रेड और अंडे जैसी जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। दिल्ली की आजादपुर, गाजीपुर और केशोपुर मंडियों तक सामान पहुंचाने वाले कई ट्रक फिलहाल दिल्ली में एंट्री नहीं कर रहे हैं। इसका असर बाजार में कीमतों और सप्लाई चेन पर भी देखने को मिल सकता है। ओला-उबर की सेवाएं फिलहाल सामान्य हड़ताल के बावजूद ऐप आधारित कैब सेवाएं अभी तक सामान्य रूप से चलती दिख रही हैं। नोएडा से दिल्ली रेलवे स्टेशन और अन्य रूट्स पर ओला-उबर की कैब आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। ऑटो सेवाएं भी ऐप के जरिए बुक की जा रही हैं। यदि हड़ताल में और ज्यादा चालक शामिल होते हैं तो आने वाले घंटों में कैब और ऑटो की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। कुछ यूनियनों ने किया किनारा दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन, ऑटो ड्राइवर्स वेलफेयर संघ दिल्ली, प्रगतिशील ऑटो-रिक्शा ड्राइवर्स यूनियन और नेशनल कैपिटल रीजन ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट यूनियन समेत कुछ संगठनों ने इस हड़ताल से खुद को अलग रखा है। ऐसे में राजधानी में पूरी तरह से परिवहन व्यवस्था ठप होने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।  

surbhi मई 21, 2026 0
Fuel station display showing increased petrol and diesel prices amid political reactions in India
पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही कांग्रेस का हमला, बोली- “महंगाई मैन मोदी, चुनाव खत्म अब वसूली शुरू”

देश में पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए उन्हें “महंगाई मैन मोदी” बताया और कहा कि चुनाव खत्म होते ही जनता से “रिकवरी” शुरू कर दी गई है। कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि विधानसभा चुनाव खत्म होते ही सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच अब ईंधन की कीमतों में इजाफा आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ाएगा। कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने चुनावों के दौरान कीमतें नहीं बढ़ाईं, लेकिन नतीजों और राजनीतिक प्रक्रिया पूरी होने के कुछ दिनों बाद ही तेल कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए। पार्टी ने इसे “जनता से वसूली” करार दिया। पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम बढ़े 15 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। वहीं CNG की कीमतों में भी 2 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा किया गया है। पिछले चार साल में यह पहली बार है जब पेट्रोल और डीजल के दामों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही थीं, जिसकी वजह से कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा था। इसी कारण कीमतों में संशोधन करना पड़ा। चुनाव खत्म होने के बाद बढ़े दाम असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होने के करीब 16 दिन बाद यह फैसला सामने आया है। विपक्ष इसी मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी माहौल में जनता की नाराजगी से बचने के लिए कीमतें रोकी गई थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि वेस्ट एशिया में जारी तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारत समेत कई देशों पर देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में महंगाई और परिवहन लागत पर इसका असर पड़ सकता है।  

surbhi मई 15, 2026 0
fuel price hike
पेट्रोल-डीजल ₹3-3 प्रति लीटर महंगे हुए, नई कीमतें लागू

नई दिल्ली, एजेंसियां। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। रांची में अब पेट्रोल 103 रुपए प्रति लीटर में मिलेगा। डीजल की कीमत करीब 101 रुपए प्रति लीटर हो गई है। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। दिल्ली में अब एक किलो CNG के लिए ₹79.09 खर्च करने होंगे।   महानगरों में पेट्रोल की नई कीमते शहर         पहले            अब दिल्ली        94.77         97.77    3.00 मुंबई         103.50        106.68    3.14 कोलकाता    105.45      108.74    3.29 चेन्नई            100.80    103.67    2.87 महानगरों में डीजल की नई कीमतें   दिल्ली    87.67        90.67     मुंबई    90.03        93.14     कोलकाता    92.02        95.13 चेन्नई    92.39        95.25     नोट: ये संभावित कीमतें है।   अन्य चीजों पर पड़ेगा असर डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है।  मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे। खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी। बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। 2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी मार्च 2024 से कीमतें स्थिर थी देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया।

Unknown मई 15, 2026 0
Indian stock market opens higher as Nifty crosses 23,500 and MGL shares gain after CNG price hike
शेयर बाजार में शानदार शुरुआत, निफ्टी 23,500 के पार; CNG महंगी होते ही MGL शेयर में उछाल

घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, फार्मा और मेटल शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहा। बीएसई सेंसेक्स 339 अंकों की तेजी के साथ 74,947.12 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 118 अंकों की बढ़त लेकर 23,530.25 पर पहुंच गया। बाजार खुलते ही निवेशकों का रुझान चुनिंदा स्टॉक्स में खरीदारी की ओर दिखा, जिससे कई शेयरों में जोरदार हलचल रही। फार्मा शेयरों में खरीदारी, IT सेक्टर दबाव में शुरुआती कारोबार में फार्मा सेक्टर ने बाजार को सपोर्ट दिया। सिप्ला समेत कई दवा कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जिसके चलते निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 1.26 फीसदी मजबूत हुआ। दूसरी ओर आईटी शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। HCL Tech, TCS, Tech Mahindra और Infosys जैसे बड़े आईटी स्टॉक्स में बिकवाली हावी रही। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 0.83 फीसदी तक फिसल गया। डॉलर के मुकाबले हल्की कमजोरी के साथ खुला रुपया विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले हल्की कमजोरी के साथ खुला। गुरुवार को रुपया 95.73 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.71 पर बंद हुआ था। यानी शुरुआती कारोबार में रुपये में 2 पैसे की गिरावट दर्ज की गई। CNG महंगी होते ही MGL शेयर में तेजी महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई महानगर क्षेत्र में CNG की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें लागू होने के बाद अब मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में CNG की कीमत 84 रुपये प्रति किलो हो गई है। इस फैसले का असर कंपनी के शेयर पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में MGL का स्टॉक करीब 1.5 फीसदी उछलकर 1,059 रुपये के आसपास पहुंच गया। Kaynes Technology के शेयर में भारी गिरावट आज के कारोबार में Kaynes Technology के शेयर निवेशकों के लिए चिंता का कारण बने रहे। कंपनी के मार्च तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहने के बाद स्टॉक में बड़ी गिरावट आई। करीब 10 बजे तक कंपनी का शेयर लगभग 18 फीसदी टूटकर 3,431.70 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, वैश्विक ब्रोकरेज फर्म JPMorgan द्वारा रेटिंग घटाने से भी निवेशकों की धारणा कमजोर हुई। वेदांता के शेयर में जोरदार उछाल मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में स्टॉक 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 335 रुपये के पार पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कमोडिटी कीमतों में सुधार और मजबूत मांग के संकेतों से मेटल शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है, लेकिन सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फार्मा और मेटल शेयरों में फिलहाल मजबूती दिख रही है, जबकि आईटी सेक्टर पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक संकेत, डॉलर की चाल और कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।  

surbhi मई 14, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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anjali kumari जून 24, 2026 0