Congress News

Prime Minister Narendra Modi and Congress leaders pay tribute to former PM Rajiv Gandhi at Veer Bhumi in Delhi.
पूर्व पीएम राजीव गांधी को श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और कांग्रेस नेताओं ने किया नमन

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर गुरुवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर नरेंद्र मोदी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें याद किया और उनके योगदान को नमन किया। राजधानी दिल्ली स्थित ‘वीर भूमि’ में आयोजित प्रार्थना सभा में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने किया नमन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राजीव गांधी को याद किया। उन्होंने लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर नमन।” प्रधानमंत्री के संदेश के बाद कई राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। वीर भूमि पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने वीर भूमि पहुंचकर राजीव गांधी की समाधि पर फूल चढ़ाए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सोनिया गांधी भी मौजूद रहीं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपने पिता की समाधि पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी ने साझा किया भावुक संदेश राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राजीव गांधी के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा। आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।” उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में रहा। 1984 में बने थे प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल में सूचना प्रौद्योगिकी, टेलीकॉम और आधुनिक भारत की नींव रखने वाले कई कदम उठाए गए। 21 मई 1991 को श्रीपेरंबदूर में चुनाव प्रचार के दौरान एक आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।  

surbhi मई 21, 2026 0
Union Minister Kiren Rijiju speaking about Rahul Gandhi’s foreign visits and parliamentary rules
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर किरेन रिजिजू का सवाल, बोले- संसद को पहले देनी चाहिए जानकारी

केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi की विदेश यात्राओं को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिना पूर्व सूचना दिए विदेश यात्रा करते हैं, जबकि नियमों के तहत सांसदों को अपनी यात्रा की जानकारी पहले देना अनिवार्य है। ‘तीन हफ्ते पहले सूचना देना जरूरी’ किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी भी सांसद को विदेश यात्रा से कम से कम तीन सप्ताह पहले लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय को इसकी सूचना देनी होती है। उन्होंने कहा, “यह अनुमति लेने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि सूचना देने का नियम है। सांसद विदेश यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।” राहुल गांधी की यात्राओं पर उठाए सवाल रिजिजू ने दावा किया कि राहुल गांधी 2004 से सांसद हैं और अब तक उनकी 54 विदेश यात्राएं दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि केवल यात्राओं की संख्या ही नहीं, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि वह विदेश में कितने दिन रहे और उन यात्राओं पर कितना खर्च हुआ। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर कोई सांसद विदेश में किसी संस्था या संगठन की ओर से आतिथ्य स्वीकार करता है, तो वह मामला Foreign Contribution Regulation Act यानी FCRA के दायरे में आता है और इसकी जानकारी गृह मंत्रालय को देना जरूरी होता है। ‘कांग्रेस नियमों का पालन करे’ किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी से नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि विदेश यात्रा से पहले लोकसभा अध्यक्ष और संबंधित एजेंसियों को आवश्यक जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने इतनी विदेश यात्राएं क्यों कीं, किसने उन्हें आमंत्रित किया और विदेश में उनके खर्च का वहन किसने किया।” ‘कानून सबके लिए समान’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यात्रा करना किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता है, लेकिन सभी नागरिकों और खासकर सांसदों को देश के कानूनों का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी मामले में जांच या कार्रवाई होती है, तो इसे किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं माना जाना चाहिए। “कानून सबके लिए बराबर है,” रिजिजू ने कहा।   

surbhi मई 15, 2026 0
V D Satheesan speaking after being announced as Kerala’s new Chief Minister by Congress
कांग्रेस ने किया बड़ा एलान, वीडी सतीशन होंगे केरल के नए मुख्यमंत्री

चुनाव परिणाम के बाद खत्म हुई मुख्यमंत्री पद की चर्चा कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए V. D. Satheesan को केरल का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। पार्टी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया गया। 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। कई नेताओं के नाम सामने आ रहे थे, लेकिन अब कांग्रेस नेतृत्व ने अंतिम फैसला लेते हुए वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगा दी है। कांग्रेस नेतृत्व ने लिया अंतिम निर्णय पार्टी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस आलाकमान और वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार बैठकों का दौर चल रहा था। राज्य में नई सरकार के गठन और नेतृत्व को लेकर मंथन किया जा रहा था। गुरुवार को हुई प्रेस वार्ता में इस सस्पेंस को खत्म कर दिया गया। वीडी सतीशन को पार्टी के अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। संगठन और विधानसभा में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताया है। नई सरकार से बढ़ी राजनीतिक उम्मीदें केरल में नई सरकार के गठन के साथ अब लोगों की नजरें मंत्रिमंडल और आने वाले फैसलों पर टिकी हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि वीडी सतीशन के नेतृत्व में राज्य में विकास और प्रशासन को नई दिशा मिलेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने युवा और सक्रिय नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संदेश देने की कोशिश की है।  

surbhi मई 14, 2026 0
Sonia Gandhi arriving at Medanta Hospital in Gurugram for treatment amid health concerns
सोनिया गांधी फिर अस्पताल में भर्ती, गुरुग्राम के मेदांता में चल रहा इलाज

Sonia Gandhi की तबीयत एक बार फिर खराब हो गई है। उन्हें गुरुग्राम स्थित Medanta - The Medicity में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी आंख से जुड़ी समस्या के कारण अस्पताल पहुंची हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि उनकी हालत स्थिर है और उन्हें कुछ समय बाद डिस्चार्ज किया जा सकता है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी अस्पताल पहुंचे अस्पताल में भर्ती सोनिया गांधी के साथ उनके बेटे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi तथा बेटी Priyanka Gandhi Vadra भी मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों नेता अस्पताल में उनके साथ हैं और डिस्चार्ज के बाद उन्हें घर लेकर जाएंगे। पहले से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहीं सोनिया गांधी कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रही हैं। उन्हें पेट, फेफड़ों और सांस से जुड़ी परेशानियां रहती हैं। उनका इलाज समय-समय पर Sir Ganga Ram Hospital, Indira Gandhi Medical College and Hospital और मेदांता अस्पताल में चलता रहा है। कांग्रेस की अहम रणनीतिक नेता हैं सोनिया गांधी सोनिया गांधी लंबे समय तक Indian National Congress की सबसे प्रभावशाली नेताओं में रही हैं। उन्होंने पार्टी संगठन और रणनीति तय करने में दशकों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की पत्नी हैं और राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा की मां हैं। 1997 में राजनीति में की थी एंट्री राजीव गांधी की हत्या के बाद सोनिया गांधी कई वर्षों तक सक्रिय राजनीति से दूर रहीं। बाद में पार्टी नेताओं के लगातार आग्रह पर उन्होंने 1997 में सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। 1998 में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद संभाला और लगातार 22 वर्षों तक पार्टी का नेतृत्व किया। इसके बाद 2019 में वह दोबारा कांग्रेस अध्यक्ष बनीं और तीन साल तक इस पद पर रहीं। केरल में सरकार गठन के बीच बढ़ी चिंता सोनिया गांधी की तबीयत खराब होने की खबर ऐसे समय आई है जब Kerala में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री चयन को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच चिंता बढ़ गई है।  

surbhi मई 13, 2026 0
Dhurandhar Controversy
धुरंधर को प्रोपेगेंडा बताने वाले पर भड़कीं कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद, बोलीं- पाकिस्तान की नागरिकता ले लो

मुंबई, एजेंसियां। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर फिल्म धुरंधर की तारीफ करते हुए एक पोस्ट की। साथ ही एक यूजर को जवाब देते हुए कहा कि फिल्म में मुसलमानों को नहीं, बल्कि पाकिस्तानियों को नेगेटिव तरीके से दिखाया गया है। दरअसल, शमा ने ऑफिशियल X अकाउंट पर लिखा कि उन्होंने हाल ही में फिल्म धुरंधर देखी और उन्हें इसका डायरेक्शन, स्क्रिप्ट और एक्टिंग काफी पसंद आई। उन्होंने एक्टर रणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ की और डायरेक्टर आदित्य धर की सराहना करते हुए कहा कि फिल्म में पुराने हिंदी गानों को सीन्स से जोड़ने का तरीका शानदार था। यूजर ने फिल्म को बताया प्रोपेगेंडा मूवी शमा की पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने कहा, ‘तुम यह कैसे पोस्ट कर सकती हो? इस प्रोपेगेंडा फिल्म में मुसलमानों को गलत तरीके से दिखाया गया है। तुम्हें शर्म आनी चाहिए।’ इस पर शमा ने जवाब देते हुए कहा, ‘इस फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया गया, बल्कि पाकिस्तानियों को गलत दिखाया गया है। दोनों को एक जैसा बताना गलत है। तुम्हारे जैसे लोग भारत में मुसलमानों की इमेज खराब करते हैं। अगर तुम्हें भारत से इतनी दिक्कत है, तो तुम पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो।’   धुरंधर ने 1,307 करोड़ रुपए कमाए थे धुरंधर 5 दिसंबर 2025 को ग्लोबली रिलीज हुई थी। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन नजर आए थे। फिल्म आदित्य धर ने डायरेक्ट की थी। सैकनिल्क के अनुसार, धुरंधर ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दूसरा पार्ट 19 मार्च को रिलीज हुआ था धुरंधर का दूसरा पार्ट ग्लोबली 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म की अब तक की कुल दुनिया भर में कमाई 1,792 करोड़ रुपए हो चुकी है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 1,141 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 1,365 करोड़ रुपए तक हो गया है। फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अब तक 426 करोड़ रुपए की कमाई की है।

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
Rahul Gandhi addressing a public rally in Haryana while attacking BJP and Prime Minister Narendra Modi
हरियाणा में राहुल गांधी का बीजेपी पर बड़ा हमला, बोले- अब सत्ता से विदाई तय

Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को हरियाणा में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा का सत्ता में बने रहने का समय अब खत्म होने वाला है और जनता जल्द इसका जवाब देगी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ अगर कोई पार्टी मजबूती से खड़ी हो सकती है, तो वह केवल कांग्रेस है. राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाएं और भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए संघर्ष तेज करें. “बीजेपी ने चुनाव चोरी करने का सिस्टम बनाया” राहुल गांधी ने अपने भाषण में भाजपा पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने हरियाणा में चुनाव “चोरी” किया और अब पश्चिम बंगाल तथा असम में भी वही रणनीति अपनाई गई है. उन्होंने आरोप लगाया, “इन्होंने चुनाव चोरी करने का सिस्टम बना दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयोग और नौकरशाही को कंट्रोल कर रखा है.” राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर भाजपा सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रही है. भारत जोड़ो यात्रा का किया जिक्र कार्यक्रम में राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि करीब 4000 किलोमीटर की यात्रा के दौरान उन्हें देश की जनता की समस्याओं को करीब से समझने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के युवा नेताओं को भी ऐसी यात्राएं करनी चाहिए ताकि वे जनता से सीधे जुड़ सकें और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझ सकें. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी साधा निशाना राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की भी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से अमेरिका को फायदा हुआ, जबकि भारत को कोई बड़ा लाभ नहीं मिला. राहुल गांधी ने कहा, “अमेरिका के दबाव में आकर पीएम मोदी ने ऐसा समझौता किया है, जिससे भारत के कृषि क्षेत्र को नुकसान हो सकता है.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से भारत का पक्ष नहीं रख पा रहे हैं. “नफरत नहीं, मोहब्बत से चलेगा हिंदुस्तान” अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने सामाजिक सौहार्द और प्रेम का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि देश नफरत और हिंसा से नहीं, बल्कि मोहब्बत और भाईचारे से आगे बढ़ सकता है. इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला, राव नरेंद्र सिंह और बीके हरिप्रसाद शामिल थे.  

surbhi मई 9, 2026 0
Shashi Tharoor speaking to media after election results, highlighting Congress introspection and strategy concerns
चुनावी नतीजों पर शशि थरूर का बड़ा बयान– कांग्रेस को करना होगा गहरा आत्मचिंतन

Assembly Election Results: चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने पार्टी के प्रदर्शन पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मौजूदा हालात में कांग्रेस को गंभीर और ईमानदार आत्मचिंतन की जरूरत है, ताकि भविष्य की रणनीति को मजबूत बनाया जा सके। “गंभीर आत्ममंथन के बिना आगे बढ़ना मुश्किल” न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में शशि थरूर ने कहा, “मुझे लगता है कि पार्टी को बहुत गंभीर आत्मचिंतन करना होगा, इसमें कोई शक नहीं है। हमने पहले भी यह बात कही है, लेकिन अब इसे और ठोस तरीके से लागू करने की जरूरत है।” उन्होंने इशारों में यह भी माना कि कुछ राज्यों में पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक स्तर पर कमियां सामने आई हैं, जिन्हें दूर करना बेहद जरूरी है। केरल मॉडल से सीखने की सलाह थरूर ने खास तौर पर केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पार्टी ने बेहतर रणनीति, मजबूत संगठन और सही गठबंधन के साथ अच्छा प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 102 सीटें जीतकर मजबूत स्थिति बनाई है। थरूर का कहना है कि अगर केरल में यह मॉडल सफल हो सकता है, तो इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है। अन्य राज्यों में कमजोर प्रदर्शन चिंता का कारण जहां एक ओर केरल में कांग्रेस को सफलता मिली, वहीं अन्य राज्यों में पार्टी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया है। इसके अलावा तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिससे राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। रणनीति और नेतृत्व पर उठ रहे सवाल इन चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस के भीतर भी रणनीति, नेतृत्व और जमीनी संगठन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी को न सिर्फ अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव करना होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को मजबूत करने और मतदाताओं से जुड़ने के नए तरीके अपनाने होंगे। आगे की राह क्या? शशि थरूर के इस बयान को पार्टी के अंदर सुधार की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में कांग्रेस को यह तय करना होगा कि वह किन मुद्दों, नेतृत्व और रणनीतियों के जरिए जनता का विश्वास दोबारा हासिल कर सकती है। कुल मिलाकर, इन चुनावी नतीजों ने कांग्रेस के सामने चुनौती भी रखी है और एक अवसर भी– खुद को नए सिरे से तैयार करने का।  

surbhi मई 5, 2026 0
BJP supporters celebrating Assam election victory as Congress leaders react to major defeats
असम में कांग्रेस को बड़ा झटका: पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे हारे, भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत

Assam Election Results: असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका लगा है। इस बार पार्टी के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे चुनाव हार गए, जिससे राज्य में कांग्रेस की स्थिति कमजोर होती दिख रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। गौरव गोगोई की हार ने चौंकाया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई को जोरहाट सीट से हार का सामना करना पड़ा। उनके पिता तरुण गोगोई 15 साल तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे। गौरव गोगोई को भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 23,182 वोटों के अंतर से हराया। देबब्रत सैकिया भी नहीं बचा पाए गढ़ विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया भी अपनी पारंपरिक नाजिरा सीट नहीं बचा सके। उनके पिता हितेश्वर सैकिया दो बार मुख्यमंत्री रहे थे। देबब्रत सैकिया को भाजपा के मयूर बोरगोहेन ने 46,000 से अधिक वोटों से हराया। दिगंता बर्मन की बड़ी हार एक और पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र दिगंता बर्मन को भी हार का सामना करना पड़ा। उनके पिता भूमिधर बर्मन कार्यवाहक मुख्यमंत्री रह चुके थे। बरखेत्री सीट पर भाजपा के नारायण डेका ने उन्हें 84,000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया। NDA की प्रचंड जीत, भाजपा का दमदार प्रदर्शन असम में सत्तारूढ़ NDA गठबंधन ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। 126 सदस्यीय विधानसभा में NDA ने 102 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। भारतीय जनता पार्टी ने अकेले 82 सीटें जीतकर पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया। वहीं सहयोगी दलों बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) और असम गण परिषद (AGP) को 10-10 सीटें मिलीं। कांग्रेस के लिए बड़ा संदेश इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि असम की राजनीति में वंशवाद का असर कम होता जा रहा है और मतदाता प्रदर्शन के आधार पर फैसले ले रहे हैं। कांग्रेस के लिए यह परिणाम भविष्य की रणनीति को लेकर बड़ा संकेत माना जा रहा है।  

surbhi मई 5, 2026 0
Uttar Pradesh Congress chief Ajay Rai admitted to Medanta Hospital after sudden health scare
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की तबीयत बिगड़ी, मेदांता अस्पताल में भर्ती; पीएम मोदी ने जताई चिंता

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। उन्हें तुरंत मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान महसूस हुई बेचैनी, फिर हुए बेहोश सूत्रों के अनुसार, अजय राय दिन में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित शिक्षकों और डॉक्टरों के एक सम्मेलन में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अचानक सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की कुछ देर बाद चक्कर आने लगे कार्यक्रम खत्म होने के बाद उनकी हालत और बिगड़ी अंततः वे बेहोश हो गए स्थिति गंभीर होती देख उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों की टीम कर रही है लगातार निगरानी अस्पताल प्रशासन के अनुसार: उन्हें सीने में दर्द, बेचैनी और बेहोशी की शिकायत के बाद भर्ती किया गया कार्डियोलॉजी और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है जरूरी मेडिकल जांच (जैसे ECG, ब्लड टेस्ट आदि) किए जा रहे हैं फिलहाल उनकी स्थिति नियंत्रण में और स्थिर बताई जा रही है डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उन्हें निगरानी में रखा है, ताकि किसी भी तरह की जटिलता से तुरंत निपटा जा सके। पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं नरेंद्र मोदी ने अजय राय की तबीयत बिगड़ने पर चिंता जताई है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने लिखा कि अजय राय के अस्वस्थ होने की जानकारी मिली है उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की यह प्रतिक्रिया बताती है कि इस घटना को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता व्यक्त की जा रही है। स्वास्थ्य बिगड़ने से पहले सरकार पर साधा था निशाना गौर करने वाली बात यह है कि अजय राय ने अस्पताल में भर्ती होने से कुछ समय पहले ही मीडिया से बातचीत की थी। उन्होंने कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होते ही कीमतें बढ़ा दी गईं सरकार पर पहले से योजना बनाने का आरोप लगाया उनके इस बयान के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल अजय राय की तबीयत खराब होने की खबर सामने आते ही: कांग्रेस कार्यकर्ताओं में चिंता बढ़ गई कई नेता और समर्थक अस्पताल पहुंचे सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआएं की जा रही हैं राजनीतिक हलकों में भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। क्या है आगे की स्थिति? फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है और अगले 24 घंटे को अहम माना जा रहा है। अगर उनकी हालत स्थिर बनी रहती है, तो जल्द ही उन्हें सामान्य वार्ड या घर भेजा जा सकता है।

surbhi मई 2, 2026 0
Mohsina Kidwai portrait, senior Congress leader who passed away at age 94
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहसिना किदवई का निधन, 94 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस - राजनीति ने खोया अनुभवी चेहरा

भारतीय राजनीति से एक युग का अंत हो गया है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Mohsina Kidwai का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने बुधवार सुबह नोएडा के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। परिवार के अनुसार, वे लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के निजामुद्दीन कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक सफर Mohsina Kidwai का जन्म 1932 में उत्तर प्रदेश के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उन्होंने शुरुआती दौर से ही राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और Indian National Congress के साथ जुड़कर अपने राजनीतिक करियर को मजबूती दी। वे कई बार लोकसभा और राज्यसभा की सदस्य रहीं और केंद्र सरकार में अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। Rajiv Gandhi की सरकार में उन्होंने शहरी विकास, पर्यटन और आवास जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई नीतिगत फैसलों में अहम योगदान दिया। संगठन में भी निभाई अहम भूमिका किदवई कांग्रेस कार्यसमिति और केंद्रीय चुनाव समिति जैसी अहम इकाइयों की भी सदस्य रहीं। पार्टी के भीतर उनकी पहचान एक अनुभवी, संतुलित और मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में थी। राजनीतिक जगत में शोक की लहर उनके निधन को भारतीय राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। उनका जीवन समर्पण, सेवा और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।  

surbhi अप्रैल 8, 2026 0
Assam Police and Delhi Police at Congress leader Pawan Khera’s residence during questioning
पवन खेड़ा के घर पहुंची असम पुलिस, बढ़ा सियासी विवाद

दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर पर असम पुलिस की टीम पहुंची है। उनके साथ दिल्ली पुलिस भी मौजूद है और खेड़ा से पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर लगाए गए आरोपों के बाद हुई है। क्या है पूरा मामला? पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि CM हिमंता सरमा की पत्नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं उन्होंने दावा किया कि उनके पास “विदेश से मिले दस्तावेज” हैं, जो बड़ा खुलासा कर सकते हैं CM हिमंता का जवाब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को- झूठा और मनगढ़ंत बताया राजनीतिक साजिश करार दिया उन्होंने कहा था: 48 घंटे के अंदर आपराधिक और दीवानी मानहानि केस दर्ज करेंगे अब क्या कार्रवाई हुई? 48 घंटे के भीतर ही असम पुलिस दिल्ली में पवन खेड़ा के घर पहुंच गई उनसे पूछताछ जारी है तलाशी भी ली जा रही है इससे साफ है कि मामला अब कानूनी लड़ाई में बदल चुका है क्यों बढ़ा विवाद? मामला सीधे एक सीएम के परिवार से जुड़ा है आरोप बेहद गंभीर हैं (विदेशी पासपोर्ट, दस्तावेज) दोनों पक्षों में तीखा राजनीतिक टकराव

surbhi अप्रैल 7, 2026 0
Kerala: Attack on Shashi Tharoor convoy injures gunman and driver
केरल में शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन और ड्राइवर घायल

वंडूर (केरल): कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले पर शुक्रवार शाम हमला होने की घटना सामने आई है। इस हमले में उनके गनमैन और ड्राइवर घायल हो गए, जबकि शशि थरूर सुरक्षित हैं। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना वंडूर क्षेत्र के चेलिथोडे इलाके में शाम करीब 7:30 बजे हुई। उस समय शशि थरूर एक चुनावी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में पुल के पास सड़क संकरी होने के कारण जाम की स्थिति बन गई थी। इसी दौरान दो गाड़ियों में सवार करीब पांच लोगों ने थरूर के काफिले को रोक लिया। बताया जा रहा है कि जब गनमैन रतीश के पी ने रास्ता खाली करने के लिए सामने खड़ी गाड़ी को हटाने को कहा, तो आरोपियों ने गनमैन और ड्राइवर पर हमला कर दिया। घटना के बाद गनमैन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने देर रात एक आरोपी को हिरासत में लिया, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे की वजह जानने का प्रयास कर रही है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उनके गार्ड पर हमले को लेकर चिंता जताने वाले सभी लोगों का वह धन्यवाद करते हैं। उन्होंने बताया कि गार्ड अब सुरक्षित है और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा। थरूर ने यह भी कहा कि घटना के बावजूद उन्होंने अपने तय कार्यक्रम पूरे किए। फिलहाल, पुलिस जांच के बाद ही इस हमले के कारणों का खुलासा हो सकेगा।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Rahul Gandhi during Bharat Jodo Yatra linked to Savarkar defamation case hearing in Nashik court
सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी को बड़ी राहत, नाशिक कोर्ट ने खत्म की पूरी कार्यवाही

  नाशिक: कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi को सावरकर मानहानि मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। नाशिक की अदालत ने इस मामले की पूरी कार्यवाही आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी है, जिसके बाद अब इस केस में आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। यह मामला वर्ष 2022 में राहुल गांधी के बयान को लेकर दर्ज किया गया था, जो उन्होंने अपनी Bharat Jodo Yatra के दौरान दिया था। अदालत के इस फैसले के साथ ही यह मामला पूरी तरह खत्म हो गया है।   क्या था मामला नवंबर 2022 में राहुल गांधी महाराष्ट्र के वाशिम और अकोला जिलों में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पहुंचे थे। 17 नवंबर 2022 को अकोला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी Vinayak Damodar Savarkar से जुड़े कुछ दस्तावेज दिखाते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। राहुल गांधी के इसी बयान को आधार बनाकर नाशिक के सामाजिक कार्यकर्ता Devendra Bhutada ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी के बयान से सावरकर की छवि को नुकसान पहुंचा और इससे करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुईं।   राहुल गांधी ने क्या कहा था कांग्रेस नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सावरकर द्वारा ब्रिटिश सरकार को लिखे गए एक पत्र का उल्लेख करते हुए दावा किया था कि उन्होंने डर के कारण अंग्रेजों से माफी मांगी थी और बाद में पेंशन भी ली थी। इस बयान को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया था।   अदालत ने किया अंतिम निपटारा राहुल गांधी के वकीलों के अनुसार, नाशिक के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले का अंतिम निपटारा करते हुए पूरी कार्यवाही समाप्त कर दी है। इससे पहले जुलाई 2025 में अदालत ने राहुल गांधी को इस मामले में जमानत दी थी, लेकिन अब अदालत के फैसले के बाद यह केस पूरी तरह बंद हो गया है।   कांग्रेस ने बताया बड़ी राहत नाशिक कोर्ट के इस फैसले के बाद Rahul Gandhi एक बड़े कानूनी विवाद से मुक्त हो गए हैं। कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने इसे बड़ी राहत बताते हुए कहा कि अदालत के फैसले से मामले पर अब पूरी तरह विराम लग गया है।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0