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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 18 जुलाई 2026, शनिवार

दिनांक - 18 जुलाई 2026 दिन - शनिवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - आषाढ पक्ष - शुक्ल तिथि - पंचमी 19 जुलाई रात्रि 03:42 तक तत्पश्चात षष्ठी नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी शाम 06:00 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी योग - वरीयान रात्रि 08:46 तक तत्पश्चात परिघ राहुकाल - सुबह 09:26 से सुबह 11:05 तक सूर्योदय - 05:17 सूर्यास्त -  06:21 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- श्री द्वारकाधीश पाटोत्सव  विशेष- पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

anjali kumari जुलाई 18, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 17 जुलाई 2026, शुक्रवार

दिनांक - 17 जुलाई 2026 दिन - शुक्रवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - आषाढ पक्ष - शुक्ल  तिथि - तृतीया सुबह 06:27 तक तत्पश्चात चतुर्थी नक्षत्र - मघा शाम 06:34 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी योग - व्यतीपात रात्रि 10:46 तक तत्पश्चात वरीयान राहुकाल - सुबह 11:05 से दोपहर 12:45 तक सूर्योदय - 05:17 सूर्यास्त -  06:22 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विनायक चतुर्थी,चतुर्थी क्षय तिथि विशेष- तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

anjali kumari जुलाई 17, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 16 जुलाई 2026, गुरूवार

दिनांक - 16 जुलाई 2026 दिन - गुरूवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - आषाढ पक्ष - शुक्ल  तिथि - द्वितीया सुबह 08:52 तक तत्पश्चात तृतीया नक्षत्र - अश्लेशा शाम 07:52 तक तत्पश्चात मघा योग - सिद्धि 17 जुलाई रात्रि 01:22 तक तत्पश्चात व्यतीपात राहुकाल - दोपहर 02:24 से शाम 04:04 तक सूर्योदय - 05:17 सूर्यास्त -  06:22 दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे व्रत पर्व विवरण- भगवान जगन्नाथ रथयात्रा,कर्क संक्रांति (पुण्यकाल: दोपहर 12:33 से सूर्यास्त तक),व्यतीपात योग (मध्यरात्रि 01:22 से 17 जुलाई रात्रि 10:46 तक)* विशेष- *द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

anjali kumari जुलाई 16, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 13 जुलाई 2026, सोमवार

दिनांक - 13 जुलाई 2026 दिन - सोमवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - आषाढ पक्ष - कृष्ण तिथि - चतुर्दशी शाम 06:49 तक तत्पश्चात अमावस्या नक्षत्र - आर्द्रा 14 जुलाई रात्रि 02:51 तक तत्पश्चात पुनर्वसु योग - ध्रुव शाम 04:00  तक तत्पश्चात व्याघात राहुकाल - सुबह 07:45 से सुबह 09:25 तक सूर्योदय - 05:15 सूर्यास्त -  06:22 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- चतुर्दशी-आर्द्रा नक्षत्र योग ( प्रातः 05:41 से शाम 06:49 तक) ( ॐकार का जप अक्षय फलदायी),सोमवती अमावस्या (शाम 06 49 से 14 जुलाई सूर्योदय तक)* विशेष-चतुर्दशी व अमावस्या एवं  व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

anjali kumari जुलाई 13, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 08 जुलाई 2026, बुधवार

दिनांक - 08 जुलाई 2026 दिन - बुधवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - आषाढ पक्ष - कृष्ण तिथि - अष्टमी दोपहर 12:21 तक तत्पश्चात नवमी नक्षत्र - रेवती शाम 04:00 तक तत्पश्चात अश्विनी योग - अतिगण्ड दोपहर 12:38 तक तत्पश्चात सुकर्मा राहुकाल - दोपहर 12:44 से दोपहर 02:24 तक सूर्योदय - 05:14 सूर्यास्त -  06:23 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण- बुधवारी अष्टमी (सूर्योदय से दोपहर 12:21 तक),पंचक (समाप्त: शाम 04:00)* विशेष- *अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)

anjali kumari जुलाई 8, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 06 जुलाई 2026, सोमवार

दिनांक - 06 जुलाई 2026 दिन - सोमवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - आषाढ पक्ष - कृष्ण तिथि - षष्ठी दोपहर 01:47 तक तत्पश्चात सप्तमी नक्षत्र - पूर्वभाद्रपद शाम 04:07 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद योग - सौभाग्य शाम 03:51 तक तत्पश्चात शोभन राहुकाल - सुबह 07:42 से सुबह 09:23 तक सूर्योदय - 05:13 सूर्यास्त -  06:23 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण-  *विशेष- *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l  03 जुलाई 2026, शुक्रवार l

दिनांक - 03 जुलाई 2026 दिन - शुक्रवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - आषाढ पक्ष - कृष्ण तिथि - तृतीया सुबह 11:20 तक तत्पश्चात चतुर्थी नक्षत्र - श्रवण सुबह 11:46 तक तत्पश्चात धनिष्ठा योग - विष्कंभ शाम 05:00 तक तत्पश्चात प्रीति राहुकाल - सुबह 11:02 से दोपहर 12:43 तक सूर्योदय - 05:12 सूर्यास्त -  06:23 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय:रात्रि 09:47),पंचक (आरंभ: मध्यरात्रि 12:48)*  विशेष- *तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l  02 जुलाई 2026, गुरूवार l

दिनांक - 02 जुलाई 2026 दिन - गुरूवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - आषाढ पक्ष - कृष्ण तिथि - द्वितीया सुबह 09:37 तक तत्पश्चात तृतीया नक्षत्र - उत्तराषाढ़ा सुबह 09:27 तक तत्पश्चात श्रवण योग - वैधृति शाम 04:39 तक तत्पश्चात विष्कंभ राहुकाल - दोपहर 02:23 से शाम 04:04 तक सूर्योदय - 05:12 सूर्यास्त -  06:23 दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विद्यालाभ योग (प्रातः 04:21 से सुबह 09:27 तक) विशेष- *द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 01 जुलाई 2026, बुधवार l

दिनांक - 01 जुलाई 2026 दिन - बुधवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन  ऋतु - वर्षा ॠतु  मास - आषाढ पक्ष - कृष्ण  तिथि - प्रतिपदा सुबह 07:38 तक तत्पश्चात द्वितीया नक्षत्र - पूर्वाषाढा सुबह 06:51 तक तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा योग - इन्द्र शाम 04:04 तक तत्पश्चात वैधृति राहुकाल - दोपहर 12:43 से दोपहर 02:23 तक* सूर्योदय - 06:01 सूर्यास्त -  07:23 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विद्यालाभ योग (सुबह 06:51 से रात्रि 11:45 तक) प्रचलनवाले राज्यों को छोड़कर) विशेष- प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

anjali kumari जुलाई 1, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 29 जून 2026, सोमवार l

दिनांक - 29 जून 2026 दिन - सोमवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल तिथि - पूर्णिमा 30 जून प्रात:05:26  तक तत्पश्चात प्रतिपदा नक्षत्र - मूल 30 जून प्रात: 04:03 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा योग - शुक्ल दोपहर 02:26 तक तत्पश्चात ब्रह्म राहुकाल - सुबह 07:40 से सुबह 09:21 तक सूर्योदय - 05:11 सूर्यास्त -  06:23 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- व्रत पूर्णिमा,ज्येष्ठ पूर्णिमा,वट पूर्णिमा,देवस्नान पूर्णिमा,वट सावित्री व्रत विशेष- पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

anjali kumari जून 29, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 27 जून 2026, शनिवार

दिनांक - 27 जून 2026 दिन - शनिवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल  तिथि - त्रयोदशी रात्रि 12:43 तक तत्पश्चात चतुर्दशी नक्षत्र - अनुराधा रात्रि 10:11 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा योग - साध्य दोपहर 12:32 तक तत्पश्चात शुभ राहुकाल - सुबह 09:21 से सुबह 11:01 तक सूर्योदय - 05:10 सूर्यास्त -  06:23 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- शनिप्रदोष व्रत विशेष- त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

anjali kumari जून 27, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 26 जून 2026, शुक्रवार

दिनांक - 26 जून 2026 दिन - शुक्रवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल तिथि - द्वादशी रात्रि 10:22 तक तत्पश्चात त्रयोदशी नक्षत्र - विशाखा शाम 07:16 तक तत्पश्चात अनुराधा योग - सिद्ध सुबह 11:39 तक तत्पश्चात साध्य राहुकाल - सुबह 11:01 से दोपहर 12:42 तक सूर्योदय - 05:10 सूर्यास्त -  06:22 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- चम्पक द्वादशी विशेष- द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

anjali kumari जून 26, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 25 जून 2026, गुरूवार

दिनांक - 25 जून 2026 दिन - गुरूवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल तिथि - एकादशी रात्रि 08:09 तक तत्पश्चात द्वादशी नक्षत्र - स्वाती शाम 04:29 तक तत्पश्चात विशाखा योग - शिव सुबह 10:54 तक तत्पश्चात सिद्ध राहुकाल - दोपहर 02:22 से शाम 04:03 तक सूर्योदय - 05:09 सूर्यास्त -  06:22 दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे व्रत पर्व विवरण- निर्जला-भीम एकादशी विशेष- *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l

anjali kumari जून 25, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 15 जून 2026, सोमवार l

दिनांक - 15 जून 2026 दिन - सोमवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - अधिक ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - अमावस्या सुबह 08:23 तक तत्पश्चात प्रतिपदा नक्षत्र - मृगशिरा शाम 07:08 तक तत्पश्चात आर्द्रा योग - शूल सुबह 08:56 तक तत्पश्चात गण्ड राहुकाल - सुबह 07:37 से सुबह 09:18 तक सूर्योदय - 05:08 सूर्यास्त -  06:20 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- अधिक ज्येष्ठ अमावस्या,अधिक ज्येष्ठ मास समाप्त,सोमवती अमावस्या (सूर्योदय से सुबह 08:23 तक),षडशीति-मिथुन संक्रांति (पुण्यकाल: दोपहर 12:59 से सूर्यास्त तक),प्रतिपदा क्षय तिथि विशेष- अमावस्या एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

anjali kumari जून 15, 2026 0
Hindu Panchang calendar with auspicious timings, Rahukaal and planetary positions for June 8, 2026
आज का पंचांग 8 जून 2026: आज अधिक मास की अष्टमी तिथि, जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त और दिनभर के प्रमुख योग

आज का पंचांग, 8 जून 2026: आज सोमवार, 8 जून 2026 को अधिक ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज शतभिषा नक्षत्र के बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। विष्कुम्भ योग के बाद प्रीति योग का आरंभ होगा। भगवान शिव की आराधना और धार्मिक कार्यों के लिए आज का दिन विशेष माना गया है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष उपाय। आज का पंचांग तिथि: कृष्ण अष्टमी 9 जून तड़के 03:23 बजे तक, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। नक्षत्र: शतभिषा नक्षत्र – प्रातः 09:09 बजे तक इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र योग: विष्कुम्भ योग – प्रातः 09:28 बजे तक इसके बाद प्रीति योग करण: बालव करण – दोपहर 03:29 बजे तक इसके बाद कौलव करण सूर्य और चंद्रमा की स्थिति सूर्योदय: प्रातः 05:23 बजे सूर्यास्त: सायं 07:18 बजे चंद्रोदय: 9 जून को रात्रि 12:50 बजे चंद्रास्त: दोपहर 12:06 बजे चंद्रमा: कुंभ राशि में 9 जून तड़के 03:36 बजे तक रहेंगे, इसके बाद मीन राशि में प्रवेश करेंगे। आज के शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:52 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 03:52 बजे से 04:38 बजे तक अमृत काल 9 जून तड़के 01:29 बजे से 03:07 बजे तक आज के अशुभ मुहूर्त राहुकाल प्रातः 07:30 बजे से 09:00 बजे तक यमगंड काल प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक गुलिक काल दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक आज का नक्षत्र विशेष आज पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इससे पहले प्रातः तक शतभिषा नक्षत्र रहेगा, जिसका स्वामी राहु और देवता वरुण माने जाते हैं। यह नक्षत्र शोध, चिकित्सा, आध्यात्मिकता, रहस्य और नवाचार से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग सामान्यतः बुद्धिमान, सत्यनिष्ठ, स्वतंत्र विचारों वाले और समस्याओं का समाधान खोजने में कुशल माने जाते हैं। इनमें रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता भी प्रबल होती है। आज का विशेष उपाय सोमवार के दिन भगवान शिव का दूध से अभिषेक करें तथा शिव चालीसा का पाठ करें। जरूरतमंद लोगों को चावल, चीनी या मिश्री का दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसा करने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।  

surbhi जून 8, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 06 जून 2026, शनिवार l

दिनांक - 06 जून 2026 दिन - शनिवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - अधिक ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - षष्ठी 07 जून रात्रि 02:40 तक तत्पश्चात सप्तमी नक्षत्र - श्रवण सुबह 06:03 तक तत्पश्चात धनिष्ठा योग - इन्द्र सुबह 10:05 तक तत्पश्चात वैधृति राहुकाल - सुबह 09:17 से सुबह 10:57 तक सूर्योदय - 05:07 सूर्यास्त -  06:27 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- पंचक (आरंभ : रात्रि 07:03) विशेष- *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

Unknown जून 6, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 03 जून 2026, बुधवार l

दिनांक - 03 जून 2026 दिन - बुधवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - अधिक ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - तृतीया रात्रि 09:21 तक तत्पश्चात चतुर्थी नक्षत्र - पूर्वाषाढा रात्रि 12:59 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा योग - शुभ सुबह 08:12 तक तत्पश्चात शुक्ल राहुकाल - दोपहर 12:37 से दोपहर 02:17 तक सूर्योदय - 05:07 सूर्यास्त -  06:26 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण- संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय: रात्रि 09:51) विशेष- तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Unknown जून 3, 2026 0
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Vedic Alamanc: l वैदिक पंचांग l 02 जून 2026, मंगलवार l

दिनांक - 02 जून 2026 दिन - मंगलवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - अधिक ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - द्वितीया शाम 07:01 तक तत्पश्चात तृतीया नक्षत्र - मूल रात्रि 10:06 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा योग - साध्य सुबह 07:16 तक तत्पश्चात शुभ राहुकाल - शाम 03:57 से शाम 05:37 तक सूर्योदय - 05:07 सूर्यास्त -  06:25 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण-  विशेष- *द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Unknown जून 2, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 30 मई 2026, शनिवार l

दिनांक - 30 मई 2026 दिन - शनिवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - अधिक ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल तिथि - चतुर्दशी सुबह 11:57 तक तत्पश्चात पूर्णिमा नक्षत्र - विशाखा दोपहर 01:20 तक तत्पश्चात अनुराधा योग - शिव 31 मई प्रातः 05:25 तक तत्पश्चात सिद्ध राहुकाल - सुबह 09:17 से सुबह 10:56 तक सूर्योदय - 05:07 सूर्यास्त -  06:24 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- पूर्णिमा विशेष-चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

Unknown मई 30, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 29 मई 2026, शुक्रवार l

दिनांक - 29 मई 2026 दिन - शुक्रवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - अधिक ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल तिथि - त्रयोदशी सुबह 09:50 तक तत्पश्चात चतुर्दशी* नक्षत्र - स्वाती सुबह 10:38 तक तत्पश्चात विशाखा योग - परिघ 30 मई प्रातः 04:36 तक तत्पश्चात शिव राहुकाल - सुबह 10:56 से दोपहर 12:36 तक सूर्योदय - 05:08 सूर्यास्त -  06:24 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण-  विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Unknown मई 29, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 28 मई 2026, गुरूवार l

दिनांक - 28 मई 2026 दिन - गुरूवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - अधिक ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल तिथि - द्वादशी सुबह 07:56 तक तत्पश्चात त्रयोदशी नक्षत्र - चित्रा सुबह 08:08 तक तत्पश्चात स्वाती योग - वरीयान 29 मई रात्रि 03:25 तक तत्पश्चात परिघ राहुकाल - दोपहर 02:16 से शाम 03:56 तक सूर्योदय - 05:08 सूर्यास्त -  06:23 दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे व्रत पर्व विवरण- प्रदोष व्रत विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Unknown मई 28, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi अगस्त 7, 2026 0