DigiLocker

Students checking CBSE Class 12 Result 2026 online on laptop and mobile devices
CBSE Class 12 Result 2026 आज हो सकता है जारी, जानें रिजल्ट चेक करने की वेबसाइट और आसान तरीका

18 लाख से ज्यादा छात्रों को रिजल्ट का इंतजार Central Board of Secondary Education यानी CBSE आज Class 12 बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर सकता है। हालांकि बोर्ड की ओर से अभी तक रिजल्ट की तारीख और समय को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखते हुए आज रिजल्ट आने की संभावना जताई जा रही है। बीते दो वर्षों यानी 2024 और 2025 में भी CBSE ने 13 मई को ही 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। ऐसे में इस बार भी लाखों छात्रों की नजरें रिजल्ट पर टिकी हुई हैं। DigiLocker और UMANG पर दिखा “Coming Soon” रिपोर्ट्स के मुताबिक DigiLocker और UMANG App पर CBSE Class 12 Result 2026 के लिए “Coming Soon” नोटिफिकेशन दिखाई देने लगा है। इससे यह उम्मीद और मजबूत हो गई है कि रिजल्ट कभी भी जारी किया जा सकता है। इस साल करीब 18 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने CBSE Class 12 बोर्ड परीक्षा दी थी। यहां चेक कर सकेंगे CBSE 12वीं का रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र कई प्लेटफॉर्म पर अपना स्कोरकार्ड देख सकेंगे। आधिकारिक वेबसाइट CBSE Official Website CBSE Results Portal मोबाइल ऐप DigiLocker UMANG अन्य माध्यम SMS सेवा IVRS (Interactive Voice Response System) ऐसे डाउनलोड करें CBSE Class 12 Result 2026 सबसे पहले CBSE Results Portal पर जाएं। “CBSE Class 12 Result 2026” लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड ID दर्ज करें। Submit बटन पर क्लिक करें। स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा। स्कोरकार्ड डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। फरवरी से अप्रैल तक हुई थीं परीक्षाएं Central Board of Secondary Education की Class 12 बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की गई थीं। परीक्षा समाप्त होने के बाद कॉपियों का मूल्यांकन शुरू किया गया था और अब रिजल्ट जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।  

surbhi मई 13, 2026 0
Students checking CBSE Class 12 Result 2026 online through DigiLocker and official CBSE result portal
CBSE Board 12th Result 2026: आज जारी हो सकता है रिजल्ट, DigiLocker पर एक्टिव हुआ लिंक

Central Board of Secondary Education यानी CBSE जल्द ही 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर सकता है। रिजल्ट का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। DigiLocker और UMANG ऐप पर “Class XII Results Coming Soon” बैनर एक्टिव होने के बाद रिजल्ट जारी होने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। हालांकि बोर्ड की ओर से रिजल्ट जारी करने की आधिकारिक तारीख और समय का ऐलान अभी नहीं किया गया है, लेकिन छात्रों को सलाह दी गई है कि वे ऑफिशियल वेबसाइट्स पर नजर बनाए रखें। DigiLocker पर मिला बड़ा संकेत DigiLocker ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी है कि Central Board of Secondary Education का रिजल्ट जल्द जारी किया जा सकता है। छात्रों से कहा गया है कि वे अपना रोल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी तैयार रखें, ताकि रिजल्ट जारी होते ही आसानी से मार्कशीट डाउनलोड की जा सके। रिजल्ट चेक करने के लिए चाहिए होंगी ये डिटेल्स छात्रों को रिजल्ट देखने के लिए नीचे दी गई जानकारी की जरूरत पड़ेगी: रोल नंबर स्कूल नंबर एडमिट कार्ड ID इन प्लेटफॉर्म्स पर देख सकेंगे रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इन आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर अपना स्कोरकार्ड देख सकेंगे: CBSE Official Website CBSE Results Portal DigiLocker UMANG App ऐसे चेक करें CBSE 12वीं रिजल्ट 2026 CBSE Official Website पर जाएं होमपेज पर “CBSE Class 12 Result 2026” लिंक पर क्लिक करें अपना रोल नंबर दर्ज करें स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड ID भरें स्क्रीन पर दिख रहा सिक्योरिटी पिन/कैप्चा दर्ज करें Submit बटन पर क्लिक करें रिजल्ट स्क्रीन पर खुल जाएगा भविष्य के लिए स्कोरकार्ड डाउनलोड कर प्रिंटआउट निकाल लें DigiLocker से ऐसे डाउनलोड करें मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र DigiLocker के जरिए डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए: DigiLocker ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करें Education सेक्शन में जाएं CBSE विकल्प चुनें रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड ID दर्ज करें डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर दिखाई देगी SMS और UMANG ऐप से भी मिलेगा रिजल्ट अगर रिजल्ट जारी होने के समय वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक रहता है, तो छात्र UMANG ऐप और SMS सेवा के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे। हर साल बोर्ड इन वैकल्पिक प्लेटफॉर्म्स पर भी रिजल्ट उपलब्ध कराता है, ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।  

surbhi मई 12, 2026 0
Students checking BSE Odisha 10th Result 2026 online on official website and DigiLocker
BSE Odisha 10th Result 2026: आज शाम 4 बजे जारी होगा मैट्रिक रिजल्ट, ऐसे करें आसानी से चेक

ओडिशा के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। Board of Secondary Education Odisha (BSE Odisha) आज यानी 2 मई 2026 को कक्षा 10वीं (मैट्रिक) परीक्षा का परिणाम शाम 4 बजे जारी करेगा। परीक्षा में शामिल हुए छात्र लंबे समय से अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे, जो अब आधिकारिक वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। कहां देखें रिजल्ट? रिजल्ट जारी होते ही छात्र निम्नलिखित आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं: bseodisha.ac.in orissaresults.nic.in इसके अलावा छात्र DigiLocker के जरिए भी अपनी डिजिटल मार्कशीट एक्सेस कर सकते हैं। ऐसे करें ऑनलाइन रिजल्ट चेक रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं “BSE Odisha 10th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें सबमिट करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा भविष्य के लिए डाउनलोड या प्रिंट जरूर लें DigiLocker से ऐसे पाएं डिजिटल मार्कशीट अगर वेबसाइट स्लो हो जाए या ओपन न हो, तो छात्र DigiLocker का विकल्प चुन सकते हैं: DigiLocker ऐप या वेबसाइट खोलें मोबाइल नंबर या आधार के जरिए लॉगिन करें नए यूजर Sign Up करके रजिस्टर करें “Education” या “Boards” सेक्शन में जाएं BSE Odisha चुनें और आवश्यक विवरण भरें सबमिट करते ही डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी पास प्रतिशत और टॉपर्स पर भी रहेगी नजर रिजल्ट के साथ ही इस साल का पास प्रतिशत, टॉपर्स की सूची और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े भी जारी किए जाएंगे। इससे छात्रों को अपने प्रदर्शन का व्यापक अंदाजा मिलेगा।  

surbhi मई 2, 2026 0
Students checking CBSE Class 10 Result 2026 online on official website and DigiLocker
CBSE Board 10th Result 2026: कब आएगा रिजल्ट और कैसे करें चेक?

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जल्द जारी होने वाला है। परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्र-छात्राएं अब अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कब जारी होगा CBSE 10th Result 2026? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CBSE कक्षा 10वीं का रिजल्ट अप्रैल 2026 के दूसरे या तीसरे सप्ताह में जारी किया जा सकता है। परीक्षा का आयोजन: 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 कुल छात्र: लगभग 45 लाख कहां चेक करें रिजल्ट? रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकते हैं: cbseresults.nic.in results.cbse.nic.in cbse.nic.in इसके अलावा, छात्र DigiLocker (digilocker.gov.in) के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। रिजल्ट कैसे डाउनलोड करें? रिजल्ट देखने के लिए ये आसान स्टेप्स फॉलो करें: CBSE की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं “CBSE Class 10 Result 2026” लिंक पर क्लिक करें अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें सबमिट पर क्लिक करें आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा इसे डाउनलोड करें और प्रिंटआउट निकाल लें पास होने के लिए कितने अंक जरूरी? हर विषय में कम से कम 33% अंक लाना अनिवार्य है इससे कम अंक होने पर छात्र को फेल माना जाएगा जरूरी बातें रिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट स्लो हो सकती है, ऐसे में धैर्य रखें DigiLocker पर भी रिजल्ट उपलब्ध रहेगा मार्कशीट का प्रिंटआउट भविष्य के लिए सुरक्षित रखें  

surbhi अप्रैल 3, 2026 0
CBSE Board 10th Result 2026 Date and Update
CBSE Board 10th Result 2026: छात्रों का इंतजार खत्म,इस दिन हो सकता है रिजल्ट घोषित

नई दिल्ली,एजेंसियां। देशभर के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने के करीब है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम जारी कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स और बोर्ड से जुड़े संकेतों के आधार पर माना जा रहा है कि CBSE 10वीं रिजल्ट 2026 लगभग 14 अप्रैल के आसपास जारी हो सकता है। हालांकि, CBSE ने अभी तक आधिकारिक रूप से कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है, इसलिए छात्रों को सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट और बोर्ड की सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।   इस बार 10वीं और 12वीं के परिणाम एक साथ आने की संभावना कम मानी जा रही है। वजह साफ है—कक्षा 10वीं की परीक्षाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं, जबकि कक्षा 12वीं की परीक्षा प्रक्रिया 10 अप्रैल तक चलने की जानकारी बोर्ड से जुड़े शेड्यूल में दिखाई दे रही है। ऐसे में मूल्यांकन और रिजल्ट प्रोसेस अलग-अलग चरणों में होने की संभावना है। यही कारण है कि बोर्ड पहले 10वीं का परिणाम जारी कर सकता है, ताकि छात्र समय पर अपने अगले शैक्षणिक विकल्प चुन सकें।   ऐसे चेक करें CBSE 10वीं रिजल्ट 2026 छात्र अपना रिजल्ट जारी होने के बाद CBSE की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in  और रिजल्ट पोर्टल results.cbse.nic.in  पर जाकर देख सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर, जन्म तिथि, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड में दी गई जरूरी जानकारी भरनी होगी। सबमिट करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड या प्रिंट भी किया जा सकेगा।   DigiLocker से भी मिलेगी डिजिटल मार्कशीट CBSE छात्रों के लिए DigiLocker एक अहम विकल्प बना हुआ है। बोर्ड की DigiLocker सेवा के अनुसार, छात्र 6 अंकों के एक्सेस कोड की मदद से अपना अकाउंट एक्टिवेट कर सकते हैं और रिजल्ट जारी होने के बाद वहीं अपनी डिजिटल मार्कशीट और प्रमाणपत्र देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर OTP के जरिए वेरिफाई करना होता है। डॉक्यूमेंट बाद में “Issued Documents” सेक्शन में उपलब्ध होते हैं।   छात्रों के लिए जरूरी सलाह छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फर्जी रिजल्ट डेट्स या अनऑफिशियल लिंक से बचें। बोर्ड की वेबसाइट, स्कूल और DigiLocker जैसे आधिकारिक माध्यमों पर ही नजर रखें। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि 14 अप्रैल की तारीख संभावित है, अंतिम नहीं। जैसे ही CBSE आधिकारिक घोषणा करेगा, रिजल्ट लिंक सक्रिय कर दिया जाएगा।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 2, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
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भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0