Hair Care Tips

Healthy homemade protein-rich recipes for hair growth during monsoon season served in colorful bowls.
मानसून में Hair Fall से हैं परेशान? डेली डाइट में शामिल करें ये 5 हेल्दी रेसिपी, बालों को मिल सकता है प्राकृतिक पोषण

Hair Growth Diet During Monsoon: मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं बढ़ती नमी और स्कैल्प में पसीना बालों से जुड़ी कई समस्याओं को भी बढ़ा सकता है। इस मौसम में हेयर फॉल, डैंड्रफ और बालों की कमजोर जड़ों की शिकायत आम हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल हेयर केयर प्रोडक्ट्स ही नहीं बल्कि संतुलित और पोषक आहार भी बालों की सेहत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। प्रोटीन, आयरन, बायोटिन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, जिंक और विटामिन C से भरपूर खाद्य पदार्थ बालों को अंदर से पोषण देने में मदद कर सकते हैं। अगर आप मानसून में अपने बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं, तो इन 5 हेल्दी रेसिपीज को अपनी डेली डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। 1. मूंग दाल और पालक चीला आवश्यक सामग्री 1 कप भीगी हुई मूंग दाल 1 कप बारीक कटा पालक अदरक हरी मिर्च जीरा नमक बनाने की विधि : भीगी हुई मूंग दाल को पीस लें। इसमें पालक और बाकी सामग्री मिलाकर बैटर तैयार करें। नॉन-स्टिक तवे पर हल्का तेल लगाकर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें। अनुमानित पोषण (2 चीला) कैलोरी: 220–250 kcal प्रोटीन: 14–16 ग्राम आयरन: अच्छी मात्रा फाइबर: 7–8 ग्राम संभावित फायदे प्रोटीन और आयरन से भरपूर बालों की जड़ों को पोषण देने में सहायक लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार 2. दही, अलसी और मिक्स सीड्स बाउल आवश्यक सामग्री 1 कप दही 1 बड़ा चम्मच अलसी 1 बड़ा चम्मच कद्दू के बीज 1 बड़ा चम्मच सूरजमुखी के बीज मौसमी फल बनाने की विधि : दही में सभी बीज और कटे हुए फल मिलाकर तुरंत सर्व करें। अनुमानित पोषण कैलोरी: 240–280 kcal प्रोटीन: 10–12 ग्राम हेल्दी फैट: 12–15 ग्राम संभावित फायदे ओमेगा-3 और जिंक का अच्छा स्रोत स्कैल्प हेल्थ को सपोर्ट करने में मददगार पाचन के लिए भी लाभदायक 3. चना स्प्राउट्स सलाद आवश्यक सामग्री 1 कप अंकुरित काला चना खीरा टमाटर गाजर नींबू काला नमक हरा धनिया बनाने की विधि : सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर ताजा सलाद तैयार करें। अनुमानित पोषण कैलोरी: 180–220 kcal प्रोटीन: 11–13 ग्राम फाइबर: 8–10 ग्राम संभावित फायदे प्रोटीन और आयरन से भरपूर इम्यूनिटी और बालों की मजबूती में सहायक 4. बाजरा-ओट्स वेज उपमा आवश्यक सामग्री बाजरा ओट्स गाजर मटर शिमला मिर्च करी पत्ता राई बनाने की विधि : हल्के तेल में तड़का लगाकर सब्जियां भूनें और बाजरा व ओट्स डालकर पकाएं। अनुमानित पोषण कैलोरी: 260–300 kcal फाइबर: 8–10 ग्राम प्रोटीन: 8–10 ग्राम संभावित फायदे ऊर्जा देने वाला हेल्दी नाश्ता फाइबर और मिनरल्स से भरपूर 5. पालक-पनीर बेसन चीला आवश्यक सामग्री 1 कप बेसन पालक पनीर अदरक जीरा हरी मिर्च बनाने की विधि :  सभी सामग्री मिलाकर बैटर तैयार करें और हल्का तेल लगाकर तवे पर सेंक लें। अनुमानित पोषण कैलोरी: 250–300 kcal प्रोटीन: 15–18 ग्राम कैल्शियम: अच्छी मात्रा संभावित फायदे प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत बालों और हड्डियों के लिए लाभदायक मानसून में बालों की सेहत के लिए अपनाएं ये आदतें पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। रोजाना प्रोटीन युक्त भोजन लें। मौसमी फल और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। अधिक तला-भुना और जंक फूड सीमित रखें। पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम करें। ध्यान दें: बालों का झड़ना कई कारणों से हो सकता है, जैसे पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव, तनाव या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं। केवल किसी एक रेसिपी से बालों की वृद्धि की गारंटी नहीं दी जा सकती। यदि अत्यधिक हेयर फॉल हो रहा है, तो त्वचा विशेषज्ञ या योग्य चिकित्सक से सलाह लें।  

anmol जुलाई 14, 2026 0
Woman managing oily hair with styling products instead of washing it daily.
रोज़ बाल धोना संभव नहीं? जानिए ऑयली और चिपचिपे बालों को मैनेज करने के आसान और असरदार तरीके

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सुबह ताजे धुले बाल दोपहर तक ही चिपचिपे और बेजान दिखने लगते हैं? गर्मी, उमस, प्रदूषण, वर्कआउट, लगातार बालों को छूने की आदत या व्यस्त दिनचर्या के कारण बाल जल्दी ऑयली दिखने लगते हैं। ऐसे में हर बार बाल धोना संभव नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार शैंपू करने के बजाय यह समझना ज्यादा जरूरी है कि बाल जल्दी ऑयली क्यों होते हैं और उन्हें बिना रोज़ धोए कैसे फ्रेश रखा जा सकता है। बाल जल्दी ऑयली क्यों हो जाते हैं? बालों की जड़ों में मौजूद सेबेशियस ग्लैंड्स (Sebaceous Glands) प्राकृतिक तेल यानी सीबम (Sebum) बनाती हैं, जो स्कैल्प और बालों की सुरक्षा के लिए जरूरी होता है। लेकिन जब यह तेल अधिक मात्रा में बनने लगता है और पसीना, धूल, मृत त्वचा कोशिकाएं तथा प्रोडक्ट्स के अवशेष इसके साथ मिल जाते हैं, तो बाल चिपचिपे और बेजान दिखाई देने लगते हैं। पतले बालों में तेल जल्दी दिखाई देता है, जबकि घुंघराले या घने बालों में यह समस्या थोड़ी देर से नजर आती है। हार्मोन और तनाव भी हैं जिम्मेदार विशेषज्ञों के मुताबिक किशोरावस्था, पीरियड्स, गर्भावस्था, मेनोपॉज या PCOS जैसी स्थितियों में हार्मोनल बदलाव तेल के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा तनाव भी अप्रत्यक्ष रूप से स्कैल्प को ज्यादा ऑयली बना सकता है। क्या रोज़ बाल धोना नुकसानदायक है? जरूरी नहीं। हेयर एक्सपर्ट्स का कहना है कि रोज़ बाल धोना हर किसी के लिए नुकसानदायक नहीं होता। यह पूरी तरह आपके स्कैल्प टाइप और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है। ऑयली स्कैल्प वाले लोग रोज़ या एक दिन छोड़कर बाल धो सकते हैं। ड्राई स्कैल्प वाले लोग लंबे अंतराल के बाद भी बाल धो सकते हैं। अगर स्कैल्प में खुजली, भारीपन या असहजता महसूस हो रही है, तो बाल धोने में ज्यादा देरी करना सही नहीं है। क्या स्कैल्प को कम तेल बनाने के लिए "ट्रेन" किया जा सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार, इसका जवाब है—नहीं। तेल का उत्पादन मुख्य रूप से हार्मोन और जेनेटिक्स पर निर्भर करता है। कम शैंपू करने से स्कैल्प तेल बनाना बंद नहीं करता, बल्कि गंदगी और ऑयल जमा होने लगता है। बिना बाल धोए ऑयली बालों को कैसे मैनेज करें? यदि आप वॉश डे को एक दिन और बढ़ाना चाहते हैं, तो ये उपाय मदद कर सकते हैं: ड्राई शैंपू का इस्तेमाल करें। बार-बार बालों को हाथ लगाने से बचें। बहुत ज्यादा ब्रश न करें। हेयर प्रोडक्ट्स को स्कैल्प पर लगाने से बचें। पोनीटेल या बन जैसी हेयरस्टाइल अपनाएं। ड्राई शैंपू इस्तेमाल करने का सही तरीका केवल जड़ों पर लगाएं। लगाने के बाद एक मिनट तक छोड़ दें। फिर हल्के हाथों से मसाज करें। बहुत अधिक मात्रा में इस्तेमाल न करें। रात में सोने से पहले थोड़ी मात्रा में ड्राई शैंपू लगाने से सुबह तक अतिरिक्त तेल अवशोषित हो सकता है। ऑयली बालों के लिए बेस्ट हेयरस्टाइल जब बाल खुले रखने पर चिपचिपे दिखने लगें, तो ये स्टाइल अपनाएं: लो बन (Low Bun) स्लीक पोनीटेल ब्रेडेड हेयरस्टाइल क्लॉ क्लिप ट्विस्ट हेडबैंड स्टाइल ये हेयरस्टाइल बालों की चमक को स्टाइलिश लुक में बदल देती हैं। कौन-से प्रोडक्ट्स फायदेमंद हैं? क्लैरिफाइंग शैंपू ये शैंपू स्कैल्प पर जमा धूल, पसीना, ड्राई शैंपू और स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स के अवशेष हटाने में मदद करते हैं। ऑयल-कंट्रोल शैंपू इनमें मौजूद कुछ खास तत्व स्कैल्प को संतुलित रखने में मदद करते हैं: सैलिसिलिक एसिड नियासिनामाइड जिंक PCA पिरोक्टोन ओलामीन जिंक पाइरिथियोन ये गलतियां बालों को और ज्यादा ऑयली बना सकती हैं स्कैल्प पर भारी तेल लगाना ज्यादा क्रीम या लीव-इन कंडीशनर का इस्तेमाल वैक्स और सिलिकॉन वाले प्रोडक्ट्स का अधिक उपयोग हेयर मास्क को जड़ों तक लगाना कंडीशनर और हेयर मास्क केवल बालों की लंबाई और सिरों पर ही लगाएं। कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? यदि ऑयली बालों के साथ ये समस्याएं लगातार बनी रहें, तो स्कैल्प संबंधी बीमारी हो सकती है: लगातार खुजली लालपन जलन बदबू चिपचिपी रूसी बार-बार डैंड्रफ होना ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।  

surbhi जून 10, 2026 0
rose water benefits
गुलाब जल से निखारें खूबसूरती, जानें स्किन और बालों के लिए इसके 5 जबरदस्त फायदे

नई दिल्ली, एजेंसियां। गुलाब जल का इस्तेमाल सालों से त्वचा और बालों की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। गर्मियों में यह स्किन को ठंडक देने के साथ चेहरे को फ्रेश और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है और इसे अपनी डेली ब्यूटी रूटीन में शामिल करना भी बेहद आसान है।   चेहरे को देता है इंस्टेंट फ्रेशनेस दिनभर धूल, पसीने और प्रदूषण की वजह से चेहरा थका हुआ नजर आने लगता है। ऐसे में गुलाब जल चेहरे को तुरंत ताजगी देने का काम करता है। इसे कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाया जा सकता है या फिर स्प्रे बोतल में भरकर फेस मिस्ट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा साफ और तरोताजा महसूस होती है।   आंखों की थकान करता है दूर लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखने से आंखों में जलन और थकान हो सकती है। गुलाब जल में भीगी कॉटन को कुछ मिनट आंखों पर रखने से आंखों को ठंडक मिलती है और थकान कम होती है।   बालों को बनाता है मुलायम और खुशबूदार गुलाब जल बालों के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। शैंपू के बाद इसे बालों पर स्प्रे करने से बाल मुलायम महसूस होते हैं और उनमें अच्छी खुशबू आती है। कई लोग इसे हेयर मास्क में मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं, जिससे बालों को अतिरिक्त नमी मिलती है।   मेकअप को लंबे समय तक रखता है फ्रेश गुलाब जल एक नेचुरल फेस मिस्ट की तरह काम करता है। मेकअप से पहले और बाद में इसका इस्तेमाल करने से चेहरा फ्रेश दिखता है और मेकअप लंबे समय तक टिका रहता है।   स्किन की जलन और गर्मी से दिलाता है राहत तेज धूप और गर्मी से त्वचा में जलन या लालपन हो जाए तो ठंडा गुलाब जल लगाने से आराम मिलता है। यह त्वचा को ठंडक देकर उसे रिलैक्स और फ्रेश महसूस कराता है।

Unknown मई 14, 2026 0
Easy hair care hacks to improve shine, volume and manageability for healthy looking hair
हेयर केयर में बड़ा बदलाव: 6 आसान हेयर हैक्स जो बदल देंगे आपकी हेयर रूटीन

बालों की सही देखभाल केवल महंगे प्रोडक्ट्स से नहीं, बल्कि सही तकनीक और छोटे-छोटे स्मार्ट हैक्स से भी संभव है। हेयर एक्सपर्ट्स द्वारा सुझाए गए ये 6 आसान और असरदार हैक्स न सिर्फ आपके बालों की चमक और टेक्सचर सुधारते हैं, बल्कि उन्हें हेल्दी और मैनेजेबल भी बनाते हैं। 1. सेकंड-डे हेयर को करें रिवाइव अगर अगले दिन बाल बेजान और फ्लैट लगते हैं, तो leave-in conditioner और पानी का मिक्स बनाकर स्प्रे करें और हल्के हाथ से scrunch करें। इससे बालों में फिर से वेव्स और वॉल्यूम आ जाता है। 2. ड्राई शैम्पू का सही इस्तेमाल ड्राई शैम्पू को पूरे बालों में लगाने के बजाय सिर्फ oily हिस्सों (जैसे hairline, parting) पर लगाएं। इससे बाल हल्के, फ्रेश और नैचुरल मूवमेंट वाले बने रहते हैं। 3. Leave-in conditioner ऐसे लगाएं जैसे हैंड क्रीम Leave-in या हेयर ऑयल को सीधे बालों पर लगाने के बजाय पहले हाथों पर फैलाएं, फिर उंगलियों से बालों में लगाएं। इससे प्रोडक्ट बराबर फैलेगा और बाल greasy नहीं होंगे। 4. बालों का रंग ऐसे रखें सुरक्षित हार्ड वॉटर और क्लोरीन बालों के रंग को खराब कर सकते हैं। इसके लिए: शावर में फिल्टर का इस्तेमाल करें स्विमिंग से पहले बालों में ऑयल लगाएं इससे बालों का रंग लंबे समय तक चमकदार बना रहता है। 5. ज्यादा शैम्पू नहीं, ज्यादा पानी बाल धोते समय ज्यादा शैम्पू की जगह ज्यादा पानी का इस्तेमाल करें। खासकर sulfate-free shampoo के साथ, इससे बेहतर झाग बनेगा और बालों की नैचुरल नमी भी बरकरार रहेगी। 6. फ्लायअवे बालों को करें सेट छोटे-छोटे उड़ते बालों (flyaways) को सेट करने के लिए clear brow gel का इस्तेमाल करें। यह एक क्विक और प्रोफेशनल फिनिश देने वाला आसान ट्रिक है।  

surbhi अप्रैल 21, 2026 0
Woman with curly hair using anti-frizz products for defined, shiny, and bouncy curls.
Curly Hair का असली राज: फ्रिज़ से फ्री और परफेक्ट कर्ल्स पाने के आसान हैक्स

कर्ली हेयर क्यों बन जाते हैं परेशानी? कर्ली बाल दिखने में जितने स्टाइलिश लगते हैं, उन्हें संभालना उतना ही मुश्किल हो सकता है। कई बार सही प्रोडक्ट्स की जानकारी न होने के कारण बाल फ्रिज़ी, ऑयली या बेजान नजर आने लगते हैं। लेकिन सही तरीका अपनाकर आप अपने कर्ल्स को आसानी से मैनेज कर सकते हैं। 1. बाल ज्यादा फ्रिज़ी दिखते हैं? अगर आपके कर्ल्स रूखे, बिखरे और स्टैटिक जैसे लगते हैं, तो इसका मतलब है कि बालों में नमी की कमी है। क्या करें: हल्के और हाइड्रेटिंग प्रोडक्ट्स जैसे कर्ल क्रीम या लीव-इन कंडीशनर इस्तेमाल करें। “Hydrating”, “Anti-frizz” और “Curl-enhancing” जैसे शब्दों पर ध्यान दें। 2. बाल चिपचिपे या भारी लगते हैं? अगर बालों में तेल जैसा फील आता है या वे बहुत भारी लगते हैं, तो आप गलत प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या करें: पानी आधारित (water-based) प्रोडक्ट्स चुनें। “Strong hold” या पेट्रोलियम बेस्ड प्रोडक्ट्स से बचें। 3. कर्ल्स की शेप नहीं बनती? नहाने के बाद बाल अच्छे दिखते हैं, लेकिन सूखते ही कर्ल्स गायब हो जाते हैं? क्या करें: मूस (mousse) या हल्का जेल इस्तेमाल करें। गीले बालों में लगाकर हल्के हाथ से स्क्रंच करें और हवा में सूखने दें। 4. बालों में सफेद परत (flakes) दिखती है? अगर बालों या कंधों पर सफेद कण नजर आते हैं, तो यह डैंड्रफ नहीं बल्कि गलत प्रोडक्ट का असर हो सकता है। क्या करें: Alcohol-free प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। कर्ली हेयर को सौम्य और हल्की देखभाल की जरूरत होती है। 5. बाल बेजान और फ्लैट लगते हैं? हर व्यक्ति के कर्ल्स अलग होते हैं। जो प्रोडक्ट किसी और पर काम करता है, जरूरी नहीं कि वह आप पर भी करे। क्या करें: छोटे पैक में अलग-अलग प्रोडक्ट्स ट्राय करें। जरूरत पड़े तो हेयर एक्सपर्ट या स्टाइलिस्ट से सलाह लें। आसान कर्ली हेयर रूटीन (Beginners के लिए) अगर आप शुरुआत कर रहे हैं, तो यह बेसिक रूटीन अपनाएं: सल्फेट-फ्री शैंपू और कंडीशनर इस्तेमाल करें गीले बालों में कर्ल क्रीम या लीव-इन कंडीशनर लगाएं हल्का जेल या मूस लगाकर कर्ल्स सेट करें तौलिया से रगड़ें नहीं, हवा में सूखने दें या डिफ्यूज़र का इस्तेमाल करें याद रखें कर्ली बालों को कंट्रोल करने की नहीं, समझने की जरूरत होती है। सही प्रोडक्ट और सही तरीका अपनाकर आप अपने नेचुरल कर्ल्स को और बेहतर बना सकते हैं।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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