Morning Health Tips: सुबह का पहला भोजन पूरे दिन की पाचन क्रिया और ऊर्जा स्तर को प्रभावित करता है। इसलिए दिन की शुरुआत सही खानपान से करना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खाली पेट कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करने से एसिडिटी, पेट में जलन, गैस और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं, सही और संतुलित नाश्ता शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने के साथ पाचन तंत्र को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है। सुबह खाली पेट किन 3 चीजों से बचें? 1. खट्टे फल और नींबू पानी डॉक्टरों के अनुसार, खाली पेट अत्यधिक खट्टे फल या नींबू पानी पीने से पेट में एसिड का स्तर बढ़ सकता है। इससे कुछ लोगों में एसिडिटी, जलन और पेट की अंदरूनी परत में असहजता हो सकती है, खासकर जिन लोगों को पहले से गैस्ट्रिक समस्या हो। 2. ब्लैक कॉफी खाली पेट ब्लैक कॉफी पीने से पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ सकता है। इससे गैस, पेट फूलना, जलन और बेचैनी जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। यदि कॉफी पीनी हो तो बेहतर है कि हल्का नाश्ता करने के बाद लें। 3. ज्यादा मसालेदार और तला-भुना भोजन सुबह-सुबह कचौड़ी, छोले-भटूरे, पाव भाजी या अन्य मसालेदार और तले हुए खाद्य पदार्थ खाने से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इससे एसिडिटी, अपच और पेट में भारीपन की शिकायत हो सकती है। सुबह खाली पेट क्या खाना बेहतर रहेगा? डॉक्टरों के अनुसार, दिन की शुरुआत हल्के, पौष्टिक और आसानी से पचने वाले भोजन से करनी चाहिए। आप इन विकल्पों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं— भीगे हुए बादाम, अखरोट या अन्य नट्स ओट्स या दलिया केला या सेब इडली-सांभर डोसा-सांभर ब्रेड ऑमलेट 2 उबले अंडे दही के साथ फल (यदि आपको एसिडिटी की समस्या न हो) मूंग दाल चीला पोहा या उपमा अंकुरित मूंग सलाद सुबह स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये आदतें उठने के बाद सबसे पहले पर्याप्त मात्रा में सादा या गुनगुना पानी पिएं। नाश्ता कभी भी स्किप न करें। प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन को प्राथमिकता दें। अत्यधिक मीठे, प्रोसेस्ड और जंक फूड से बचें। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं। ध्यान रखें: हर व्यक्ति की पाचन क्षमता अलग होती है। यदि आपको गैस्ट्रिक अल्सर, एसिडिटी, IBS या कोई अन्य पाचन संबंधी बीमारी है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पंजीकृत डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।
How to Make Moong Dal Dhokla: अगर आप मानसून के मौसम में हल्का, हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर नाश्ता तलाश रहे हैं, तो इस बार बेसन की जगह मूंग दाल से बना ढोकला जरूर ट्राई करें। यह रेसिपी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ डाइट और फिटनेस फॉलो करने वालों के लिए भी बेहतरीन विकल्प है। इसकी खासियत है कि यह बिना ज्यादा तेल के तैयार होता है, आसानी से पचता है और सॉफ्ट व जालीदार बनता है। बारिश के मौसम में अक्सर तली-भुनी चीजें खाने का मन करता है, लेकिन अधिक ऑयली फूड पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। ऐसे में मूंग दाल ढोकला एक ऐसा हेल्दी विकल्प है, जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संतुलन देता है। इसमें मौजूद प्रोटीन, फाइबर और आवश्यक पोषक तत्व लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं और शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। यह रेसिपी बच्चों, ऑफिस जाने वालों, फिटनेस लवर्स और वजन नियंत्रित रखने वाले लोगों के लिए भी उपयुक्त मानी जाती है। इसे सुबह के नाश्ते, शाम के स्नैक या टिफिन में भी शामिल किया जा सकता है। आवश्यक सामग्री 1 कप धुली मूंग दाल (4–5 घंटे भिगोई हुई) 1 इंच अदरक 2 हरी मिर्च 2 बड़े चम्मच दही (वैकल्पिक) 1 छोटा चम्मच नमक 1 छोटा चम्मच चीनी (वैकल्पिक) 1 छोटा चम्मच नींबू का रस 1 छोटा चम्मच ईनो या ½ छोटा चम्मच बेकिंग सोडा 1 बड़ा चम्मच तेल तड़के के लिए 1 बड़ा चम्मच तेल 1 छोटा चम्मच राई 8–10 करी पत्ते 2 हरी मिर्च (लंबाई में कटी हुई) 1 बड़ा चम्मच सफेद तिल थोड़ा हरा धनिया आवश्यकता अनुसार पानी बनाने की विधि 1. बैटर तैयार करें भीगी हुई मूंग दाल का पानी निकालकर अदरक, हरी मिर्च और थोड़ा पानी मिलाकर स्मूद बैटर तैयार करें। इसमें दही, नमक, नींबू का रस और चीनी मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें। 2. बैटर को फुलाएं स्टीम करने से ठीक पहले बैटर में ईनो डालें और ऊपर से थोड़ा पानी डालकर हल्के हाथ से मिलाएं। बैटर तुरंत फूलने लगेगा। 3. स्टीम करें ग्रीस की हुई प्लेट या ढोकला ट्रे में बैटर डालें। पहले से गर्म स्टीमर में 15–20 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं। टूथपिक डालकर जांच लें। साफ निकलने पर ढोकला तैयार है। 4. तड़का लगाएं पैन में तेल गर्म करें। राई चटकाएं, फिर करी पत्ता, हरी मिर्च और तिल डालें। थोड़ा पानी डालकर एक मिनट उबालें और तैयार तड़का ढोकले के ऊपर डाल दें। 5. सर्व करें ऊपर से हरा धनिया डालकर हरी चटनी या धनिया-पुदीना डिप के साथ गरमागरम परोसें। अनुमानित पोषण (प्रति सर्विंग) कैलोरी: 180–220 kcal प्रोटीन: 10–12 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 22–25 ग्राम फाइबर: 5–6 ग्राम फैट: 4–6 ग्राम (पोषण सामग्री उपयोग की गई सामग्री के अनुसार बदल सकती है।) तैयार होने में कितना समय लगेगा? तैयारी का समय: 10 मिनट (दाल भिगोने का समय अलग) स्टीमिंग समय: 20 मिनट कुल समय: लगभग 30 मिनट डाइट और फिटनेस के लिए क्यों है अच्छा? हाई प्रोटीन और हाई फाइबर कम तेल में तैयार होने वाली रेसिपी लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार वर्कआउट के बाद या हेल्दी ब्रेकफास्ट के लिए उपयुक्त मानसून में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन ध्यान रखें :- ढोकला सॉफ्ट बनाने के लिए बैटर ज्यादा पतला न रखें और ईनो मिलाने के तुरंत बाद स्टीम करें। बेहतर स्वाद के लिए ताजा मूंग दाल और कम तेल का उपयोग करें।
PCOS Breakfast Ideas: PCOS से जूझ रही महिलाओं के लिए सही नाश्ता दिनभर की ऊर्जा, ब्लड शुगर कंट्रोल और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकता है। जानिए 4 आसान, हाई-प्रोटीन और फाइबर से भरपूर ब्रेकफास्ट ऑप्शंस। आज के समय में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) महिलाओं में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इस स्थिति में हार्मोनल असंतुलन, इंसुलिन रेजिस्टेंस, वजन बढ़ना, अनियमित पीरियड्स और बार-बार भूख लगने जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इन लक्षणों को काफी हद तक मैनेज किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिन की शुरुआत ऐसे नाश्ते से करनी चाहिए जिसमें प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स पर्याप्त मात्रा में हों। इससे ब्लड शुगर को स्थिर रखने, लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने और अनहेल्दी क्रेविंग्स को कम करने में मदद मिल सकती है। 1. ओट्स-बेसन चीला अगर आप रोजाना पोहा या सूजी का उपमा खाते हैं, तो उसकी जगह ओट्स और बेसन से बना चीला ट्राई करें। क्यों है फायदेमंद? प्रोटीन और फाइबर से भरपूर लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने से बचाने में सहायक कैसे बनाएं? ओट्स का पाउडर, बेसन, प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च और हरी मिर्च मिलाकर बैटर तैयार करें। हल्के घी या ऑलिव ऑयल में दोनों तरफ से सेंक लें। अनुमानित पोषण (1 सर्विंग) कैलोरी: 240–270 kcal प्रोटीन: 11–13 ग्राम 2. अंडा भुर्जी और मल्टीग्रेन टोस्ट यदि आप अंडा खाते हैं, तो यह हाई-प्रोटीन नाश्ता बेहतरीन विकल्प हो सकता है। क्यों है फायदेमंद? प्रोटीन और हेल्दी फैट्स का अच्छा स्रोत मांसपेशियों और हार्मोन हेल्थ को सपोर्ट करने में मदद लंबे समय तक एनर्जी बनाए रखने में सहायक कैसे बनाएं? दो अंडों की भुर्जी में प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च और हरी सब्जियां मिलाएं। इसे एक स्लाइस मल्टीग्रेन या होल व्हीट टोस्ट के साथ खाएं। अनुमानित पोषण कैलोरी: 300–330 kcal प्रोटीन: 20–22 ग्राम 3. मूंग दाल इडली या डोसा चावल की जगह मूंग दाल से बनी इडली या डोसा बेहतर विकल्प हो सकता है। क्यों है फायदेमंद? कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन से भरपूर इंसुलिन स्पाइक कम करने में मदद पाचन के लिए हल्का कैसे बनाएं? रातभर भिगोई हुई मूंग दाल पीसकर बैटर तैयार करें। इसमें अदरक और हरी मिर्च मिलाकर इडली या डोसा बनाएं। नारियल की चटनी के साथ परोसें। अनुमानित पोषण कैलोरी: 230–260 kcal प्रोटीन: 12–15 ग्राम 4. चिया सीड्स पुडिंग अगर आपको सुबह मीठा खाने की इच्छा होती है, तो यह हेल्दी विकल्प हो सकता है। क्यों है फायदेमंद? ओमेगा-3 और फाइबर से भरपूर सूजन कम करने में सहायक लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कैसे बनाएं? बादाम या नारियल के दूध में 2–3 चम्मच चिया सीड्स रातभर भिगो दें। सुबह ऊपर से बेरीज, कद्दू के बीज और थोड़ी दालचीनी डालकर खाएं। अनुमानित पोषण कैलोरी: 220–250 kcal प्रोटीन: 8–10 ग्राम PCOS में नाश्ता बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान हर नाश्ते में प्रोटीन जरूर शामिल करें। रिफाइंड कार्ब्स और पैकेटबंद फूड्स से दूरी बनाएं। हेल्दी फैट्स जैसे बादाम, अखरोट, अलसी और कद्दू के बीज शामिल करें। पर्याप्त पानी पिएं और नियमित शारीरिक गतिविधि करें। मीठे पेय और अतिरिक्त चीनी का सेवन सीमित रखें। ध्यान दें :- सिर्फ हेल्दी नाश्ता करने से PCOS पूरी तरह ठीक नहीं होता। बेहतर परिणाम के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार भी जरूरी है।
Healthy High Protein Breakfast Recipe: अगर आप ऐसा नाश्ता चाहते हैं जो 15 मिनट से भी कम समय में तैयार हो जाए, स्वादिष्ट भी हो और प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद करे, तो स्क्रैम्बल्ड एग ब्रेड और टोफू ब्रेड बेहतरीन विकल्प हैं। एक सर्विंग में लगभग 270–340 कैलोरी मिलती है, जो संतुलित और एनर्जी देने वाला नाश्ता बन सकती है। Breakfast Protein Special: हाई-प्रोटीन नाश्ते के लिए ट्राई करें ये 2 आसान रेसिपीज दिन की अच्छी शुरुआत पौष्टिक नाश्ते से होती है। अगर सुबह का भोजन प्रोटीन से भरपूर हो, तो लंबे समय तक पेट भरा रहने में मदद मिल सकती है और अनहेल्दी स्नैकिंग की संभावना कम हो सकती है। यही वजह है कि न्यूट्रिशन एक्सपर्ट भी दिन की शुरुआत हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट से करने की सलाह देते हैं। अगर आप रोजाना पोहा, पराठा या ब्रेड-बटर खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार स्क्रैम्बल्ड एग ब्रेड और हाई-प्रोटीन टोफू ब्रेड ट्राई करें। ये दोनों रेसिपीज स्वादिष्ट होने के साथ-साथ अच्छी मात्रा में प्रोटीन और संतुलित कैलोरी भी प्रदान करती हैं। 1. स्क्रैम्बल्ड एग ब्रेड (10–12 मिनट) आवश्यक सामग्री 2 अंडे 2 मल्टीग्रेन या ब्राउन ब्रेड स्लाइस 1 छोटा प्याज 1 छोटा टमाटर 1 हरी मिर्च नमक और काली मिर्च 1 छोटा चम्मच ऑलिव ऑयल या घी हरा धनिया बनाने की विधि हल्के तेल में प्याज, टमाटर और हरी मिर्च भूनें। फेंटे हुए अंडे डालकर स्क्रैम्बल तैयार करें। ऊपर से काली मिर्च और हरा धनिया डालें और टोस्टेड ब्राउन ब्रेड के साथ परोसें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 310–340 kcal प्रोटीन: 18–20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 28 ग्राम फैट: 12–15 ग्राम 2. हाई-प्रोटीन टोफू ब्रेड (12–15 मिनट) आवश्यक सामग्री 100 ग्राम फर्म टोफू 2 ब्राउन ब्रेड स्लाइस 1 छोटा प्याज शिमला मिर्च नमक काली मिर्च चिली फ्लेक्स 1 छोटा चम्मच ऑलिव ऑयल ओरिगेनो (वैकल्पिक) बनाने की विधि टोफू को क्रम्बल करें। हल्के तेल में प्याज और शिमला मिर्च भूनें। टोफू और मसाले डालकर 3–4 मिनट पकाएं। तैयार मिश्रण को टोस्टेड ब्रेड पर रखें और गर्मागर्म परोसें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 270–300 kcal प्रोटीन: 16–18 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 26 ग्राम फैट: 9–11 ग्राम हाई-प्रोटीन नाश्ता क्यों है जरूरी? लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद मिल सकती है। बार-बार भूख लगने और ओवरईटिंग को कम करने में सहायक हो सकता है। मांसपेशियों की रिकवरी और विकास में मदद करता है। दिनभर के लिए स्थिर ऊर्जा प्रदान करने में सहायक होता है। संतुलित और एक्टिव लाइफस्टाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। किसे कौन-सी रेसिपी चुननी चाहिए? स्क्रैम्बल्ड एग ब्रेड नॉन-वेज खाने वालों के लिए बेहतर विकल्प। वर्कआउट के बाद भी खाया जा सकता है। टोफू ब्रेड शाकाहारी लोगों के लिए हाई-प्रोटीन विकल्प। हल्का और लो-फैट नाश्ता पसंद करने वालों के लिए उपयुक्त। कब खाएं? सुबह नाश्ते में वर्कआउट के 30–60 मिनट बाद शाम के हेल्दी स्नैक के रूप में ध्यान दें: केवल हाई-प्रोटीन नाश्ता खाने से वजन कम या मसल्स नहीं बनते। बेहतर परिणाम के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी जरूरी है। यदि आपको किडनी, लिवर या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह लें।
Japanese Sushi जैसी लेयर्ड स्टफिंग वाली यह Stuffed Idli स्वाद, पोषण और प्रेजेंटेशन का शानदार कॉम्बिनेशन है। कम तेल में स्टीम होकर तैयार होने वाली यह रेसिपी हेल्दी ब्रेकफास्ट, टिफिन और हल्के डिनर के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। अगर आप रोज एक जैसी इडली खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार उसे नया और आकर्षक ट्विस्ट दें। Stuffed Idli की यह रेसिपी अपनी लेयर्ड स्टफिंग और खूबसूरत प्रेजेंटेशन की वजह से जापानी सुशी जैसी दिखती है। हालांकि यह सुशी नहीं है, लेकिन इसकी स्टफिंग और सर्विंग स्टाइल इसे बेहद खास बनाती है। इस रेसिपी में गाजर, शिमला मिर्च, मटर, स्वीट कॉर्न और पनीर जैसी पौष्टिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर बन जाती है। स्टीम होने के कारण इसमें तेल भी बहुत कम लगता है, इसलिए यह हेल्दी डाइट फॉलो करने वालों के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है। बनने में कितना समय लगता है? तैयारी का समय: 15 मिनट स्टीम करने का समय: 12–15 मिनट कुल समय: लगभग 30 मिनट प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण (2 Stuffed Idli) कैलोरी: 220–250 kcal प्रोटीन: 10–12 ग्राम फाइबर: 4–5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 30–32 ग्राम फैट: 6–8 ग्राम आवश्यक सामग्री 2 कप इडली बैटर 1 गाजर (कद्दूकस) ½ कप शिमला मिर्च ¼ कप स्वीट कॉर्न 2 बड़े चम्मच उबले मटर 2 बड़े चम्मच कद्दूकस किया पनीर अदरक-हरी मिर्च पेस्ट नमक और काली मिर्च हरा धनिया 1 छोटा चम्मच तेल बनाने की आसान विधि सबसे पहले हल्के तेल में अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और सभी सब्जियां 2–3 मिनट तक भून लें। इसमें पनीर, नमक, काली मिर्च और हरा धनिया मिलाकर स्टफिंग तैयार करें। अब इडली मोल्ड में पहले थोड़ा बैटर डालें, फिर स्टफिंग रखें और ऊपर से दोबारा बैटर डाल दें। 12–15 मिनट तक स्टीम करें और गरमागरम परोसें। किसके साथ करें सर्व? नारियल की चटनी मूंगफली की चटनी टमाटर की चटनी सांभर घी और मिलगई पोड़ी कब खाएं? सुबह का नाश्ता बच्चों का टिफिन ऑफिस लंच शाम का हेल्दी स्नैक हल्का डिनर क्यों करें ट्राई? सिंपल इडली का नया और आकर्षक ट्विस्ट जापानी सुशी जैसी लेयर्ड प्रेजेंटेशन कम तेल और स्टीम में तैयार प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर बच्चों और बड़ों दोनों के लिए हेल्दी विकल्प ध्यान दें: यह रेसिपी सुशी नहीं है। "सुशी जैसा" शब्द केवल इसकी लेयर्ड स्टफिंग और आकर्षक प्रेजेंटेशन की तुलना के लिए इस्तेमाल किया गया है।
नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कप्तान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य और संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि टीम प्रबंधन को उनके अनुभव और क्षमता पर पूरा भरोसा है। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में लगातार दो कम स्कोर के बाद रोहित के भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया था, लेकिन कोटक ने कहा कि फिलहाल ऐसे किसी फैसले का सवाल ही नहीं उठता। 'रोहित जैसे खिलाड़ी पर दबाव नहीं' युवा खिलाड़ियों यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन को ओपनिंग में मौका दिए जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी बल्लेबाज पर किसी तरह का दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, “रोहित इतने बड़े खिलाड़ी हैं कि कुछ खराब पारियों से उनकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। भले ही हाल के मैचों में वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए हों, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में लय दिखाई दे रही थी।” लॉर्ड्स में वापसी की उम्मीद दूसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों पर 27 रन बनाए। उनकी धीमी पारी को लेकर उठ रहे सवालों पर कोटक ने कहा कि कार्डिफ की पिच पर गेंद का असमान उछाल बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण था। उनके अनुसार, कई बार परिस्थितियां बल्लेबाज की लय को प्रभावित करती हैं और यही क्रिकेट का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि लॉर्ड्स में रोहित पूरी तरह अलग अंदाज में बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं। 2027 विश्व कप पर नजर रोहित शर्मा पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जिससे उनके वनडे भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, कोटक के बयान से साफ हो गया है कि भारतीय टीम प्रबंधन फिलहाल 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में रोहित को महत्वपूर्ण खिलाड़ी मान रहा है। टीम को उम्मीद है कि अनुभवी बल्लेबाज जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल कर आलोचकों को करारा जवाब देंगे।
India-UK Relations: ब्रिटेन में संभावित राजनीतिक बदलाव के बावजूद भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के संबंध मजबूत बने रहेंगे। दक्षिण एशिया के लिए ब्रिटेन के ट्रेड कमिश्नर और भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के मुख्य वार्ताकार हरजिंदर कंग ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी किसी एक सरकार या प्रधानमंत्री पर निर्भर नहीं है, बल्कि साझा इतिहास, लोकतांत्रिक मूल्यों और आर्थिक हितों पर आधारित है। नेतृत्व बदलने से नहीं बदलेगा भारत-यूके संबंध न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में हरजिंदर कंग ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। इसके अलावा लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानूनी ढांचा, अंग्रेजी भाषा और ब्रिटेन में रह रहे बड़े भारतीय समुदाय ने इन संबंधों को और मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन होने पर भी भारत के साथ रणनीतिक और व्यापारिक साझेदारी प्रभावित होने की संभावना नहीं है। एंडी बर्नहैम को बताया भारत का समर्थक हरजिंदर कंग ने कहा कि ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम, जिन्हें भविष्य में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद का संभावित दावेदार माना जा रहा है, भारत के साथ मजबूत संबंधों के पक्षधर हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में एंडी बर्नहैम के साथ उनकी बातचीत हुई थी। बर्नहैम भारत का दौरा कर व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के इच्छुक थे। उनका लक्ष्य ग्रेटर मैनचेस्टर और भारत के बीच आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देना है। भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था पर ब्रिटेन की नजर ट्रेड कमिश्नर ने कहा कि ब्रिटेन के प्रमुख राजनीतिक दल भारत को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक शक्तियों में से एक मानते हैं। उनका कहना था कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। ऐसे में ब्रिटेन भारत के साथ अपने व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। उन्होंने कहा कि चाहे कीर स्टार्मर हों या ऋषि सुनक, सभी नेताओं की सोच भारत के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को लेकर सकारात्मक रही है। वर्षों की बातचीत के बाद हुआ FTA हरजिंदर कंग ने स्पष्ट किया कि भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किसी वैश्विक व्यापारिक तनाव या अमेरिकी टैरिफ के कारण नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह समझौता कई वर्षों तक चली विस्तृत बातचीत और आपसी सहमति का परिणाम है। उनके मुताबिक, जब दोनों देशों को लगा कि अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, तब इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया। आइसक्रीम खाते हुए बनी अंतिम सहमति कंग ने बातचीत का एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि भारत के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और उस समय के ब्रिटिश ट्रेड सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स ने लंदन के एक पार्क में टहलते हुए और आइसक्रीम खाते-खाते अंतिम मुद्दों पर सहमति बनाई। इसके बाद दोनों नेताओं ने हाथ मिलाकर समझौते को अंतिम रूप दिया। CETA लागू होने से दोनों देशों को होंगे बड़े फायदे भारत और ब्रिटेन के बीच कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) 15 जुलाई से लागू हो चुका है। इस समझौते पर जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे।
High Protein Soya Paratha Recipe: अगर आप वजन घटाने के दौरान ऐसा नाश्ता या मील ढूंढ रहे हैं जो लंबे समय तक पेट भरा रखे और प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद करे, तो हाई-प्रोटीन सोया पराठा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। सही मात्रा और संतुलित डाइट के साथ इसे वेट लॉस प्लान में शामिल किया जा सकता है। वेट लॉस डाइट में क्यों शामिल करें हाई-प्रोटीन सोया पराठा? वजन घटाने के दौरान अक्सर लोग स्वाद और पोषण के बीच संतुलन नहीं बना पाते। ऐसे में सोया पराठा एक हेल्दी विकल्प बन सकता है। सोया प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत है, जबकि गेहूं का आटा जटिल कार्बोहाइड्रेट (Complex Carbohydrates) प्रदान करता है। यह कॉम्बिनेशन लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है, जिससे बार-बार भूख लगने और अनहेल्दी स्नैकिंग की संभावना कम हो सकती है। आवश्यक सामग्री 1 कप सोया चंक्स (उबले और दरदरे पिसे हुए) 1 कप गेहूं या मल्टीग्रेन आटा 1 छोटा प्याज (बारीक कटा) 1–2 हरी मिर्च 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट ½ छोटा चम्मच हल्दी ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर ½ छोटा चम्मच गरम मसाला ½ छोटा चम्मच अजवाइन हरा धनिया नमक स्वादानुसार 1–2 छोटा चम्मच तेल या घी (सेकने के लिए) बनाने की विधि सबसे पहले सोया चंक्स को 10 मिनट तक गर्म पानी में भिगोकर उसका अतिरिक्त पानी निचोड़ लें और दरदरा पीस लें। पैन में थोड़ा तेल गर्म करके अजवाइन, अदरक-लहसुन, हरी मिर्च और प्याज भूनें। अब इसमें सोया और सभी मसाले डालकर 3–4 मिनट तक पकाएं और आखिर में हरा धनिया मिलाएं। गेहूं के आटे का नरम आटा गूंथें। लोई बनाकर उसमें तैयार स्टफिंग भरें और हल्के हाथ से पराठा बेल लें। नॉन-स्टिक तवे पर कम तेल या घी में दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेक लें। प्रति पराठा अनुमानित पोषण कैलोरी: 220–260 kcal प्रोटीन: 18–22 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 24–28 ग्राम फैट: 5–7 ग्राम फाइबर: 6–8 ग्राम वजन घटाने में कैसे मदद कर सकता है? हाई प्रोटीन होने के कारण लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद मिल सकती है। फाइबर अनहेल्दी स्नैकिंग और ओवरईटिंग को कम करने में सहायक हो सकता है। प्रोटीन मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है, खासकर जब आप कैलोरी नियंत्रित डाइट ले रहे हों। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ यह वजन प्रबंधन में उपयोगी विकल्प बन सकता है। डाइट में कब और कितनी बार खाएं? सबसे अच्छा समय: नाश्ता या दोपहर का भोजन हफ्ते में: 2–4 दिन तक शामिल किया जा सकता है। बेहतर संतुलन के लिए इसे दही, सलाद या हरी चटनी के साथ खाएं। ध्यान दें: केवल एक रेसिपी खाने से वजन कम नहीं होता। बेहतर परिणाम के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली जरूरी है। यदि आपको थायरॉयड, किडनी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो अधिक प्रोटीन वाली डाइट शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।
Moringa Paratha Recipe: गेहूं के आटे और मोरिंगा (सहजन) की पत्तियों से तैयार यह हेल्दी परांठा विटामिन, मिनरल्स और फाइबर से भरपूर है। जानें सामग्री, बनाने की आसान विधि, प्रति सर्विंग कैलोरी और सेहत के फायदे। नाश्ते में क्यों खाएं मोरिंगा परांठा? अगर आप दिन की शुरुआत हेल्दी और पौष्टिक नाश्ते से करना चाहते हैं, तो मोरिंगा (सहजन) के पत्तों का परांठा बेहतरीन विकल्प हो सकता है। मोरिंगा की पत्तियां विटामिन A, C, B6, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में इसका सेवन इम्यूनिटी, पाचन, हड्डियों और दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। आवश्यक सामग्री 2 कप गेहूं का आटा 1 कप बारीक कटी मोरिंगा (सहजन) की पत्तियां 1–2 हरी मिर्च (बारीक कटी) ½ छोटा चम्मच अजवाइन ¼ छोटा चम्मच हल्दी नमक स्वादानुसार 1 छोटा चम्मच तेल (आटे के लिए) सेंकने के लिए थोड़ा घी या तेल अनुमानित कैलोरी प्रति परांठा (मध्यम आकार): लगभग 180–220 kcal (घी या तेल की मात्रा के अनुसार) ऐसे बनाएं मोरिंगा परांठा एक बाउल में गेहूं का आटा, बारीक कटी मोरिंगा की पत्तियां, हरी मिर्च, अजवाइन, हल्दी और नमक मिलाएं। इसमें थोड़ा तेल और जरूरत के अनुसार पानी डालकर नरम आटा गूंध लें। आटे को 10 मिनट ढककर रखें। फिर लोई बनाकर परांठा बेलें और गर्म तवे पर दोनों तरफ हल्का घी या तेल लगाकर सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें। सेहत के फायदे विटामिन A, C और B6 का अच्छा स्रोत आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर इम्यूनिटी को सपोर्ट करने में सहायक पाचन और आंतों की सेहत के लिए लाभदायक हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती देने में मददगार लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक किसके साथ करें सर्व? दही हरी चटनी अचार रायता मसाला चाय निष्कर्ष :- अगर आप रोजाना के नाश्ते में पौष्टिक और स्वादिष्ट विकल्प तलाश रहे हैं, तो मोरिंगा परांठा जरूर ट्राई करें। यह कम समय में बनने वाली हेल्दी रेसिपी है, जो स्वाद के साथ शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और फाइबर भी प्रदान करती है।
Healthy Lauki Dosa Recipe: अगर बच्चे हरी सब्जियां खाने से बचते हैं, तो यह आसान और स्वादिष्ट डोसा रेसिपी जरूर ट्राई करें। सूजी, दही और ताजी लौकी से तैयार यह हेल्दी डिश स्वाद के साथ भरपूर पोषण भी देती है। बच्चों को पसंद आएगा ये हेल्दी लौकी डोसा, स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन अगर आपके घर में रखी लौकी देखकर बच्चे मुंह बनाने लगते हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस आसान और झटपट बनने वाली लौकी डोसा रेसिपी की मदद से आप बच्चों को स्वाद के साथ पौष्टिक खाना भी खिला सकते हैं। सूजी, दही और ताजी लौकी से तैयार यह डोसा बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से सॉफ्ट बनता है। इसे नाश्ते, टिफिन या शाम के स्नैक के तौर पर भी परोसा जा सकता है। आवश्यक सामग्री 1 कप कद्दूकस की हुई लौकी 1 कप सूजी ½ कप दही 1 चुटकी जीरा 1 बारीक कटी हरी मिर्च 1 छोटा टुकड़ा अदरक 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया स्वादानुसार नमक जरूरत अनुसार पानी सेंकने के लिए थोड़ा सा तेल या घी बनाने की विधि एक बड़े बाउल में सूजी और दही मिलाएं। इसमें कद्दूकस की हुई लौकी डालें। अब हरी मिर्च, अदरक, जीरा, हरा धनिया और नमक मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें। जरूरत पड़ने पर थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर बैटर तैयार करें। बैटर को 15–20 मिनट तक ढककर रखें ताकि सूजी अच्छी तरह फूल जाए। अब गर्म तवे पर हल्का तेल लगाकर बैटर फैलाएं और मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और हल्का कुरकुरा होने तक सेंक लें। तैयार डोसे को नारियल चटनी, हरी चटनी या टमाटर चटनी के साथ गर्मागर्म सर्व करें। प्रति डोसा अनुमानित पोषण कैलोरी: 170–210 kcal प्रोटीन: 5–7 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 28–32 ग्राम फैट: 4–6 ग्राम फाइबर: 3–4 ग्राम कैल्शियम: 80–120 mg विटामिन C: अच्छी मात्रा (लौकी से) पोटैशियम: 180–220 mg खाने के संभावित फायदे11 फाइबर से भरपूर, पाचन में मददगार। लौकी शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक। सूजी और दही से अच्छी ऊर्जा मिलती है। बच्चों को हरी सब्जियां खिलाने का आसान तरीका। हल्का, पौष्टिक और पेट भरने वाला नाश्ता। वजन प्रबंधन वाली डाइट में सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है। ध्यान दें: पोषण संबंधी आंकड़े सामग्री और मात्रा के अनुसार बदल सकते हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है।
High Protein Breakfast Recipe: ग्रीक योगर्ट, माचा और आम से तैयार यह हेल्दी बाउल देगा इंस्टेंट एनर्जी, लंबे समय तक रखेगा पेट भरा और स्किन को देगा नैचुरल ग्लो आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हेल्दी और जल्दी बनने वाला नाश्ता ढूंढना आसान नहीं है। अक्सर अनहेल्दी खाने की वजह से दोपहर तक शरीर में थकान, सुस्ती और एनर्जी की कमी महसूस होने लगती है। ऐसे में अगर आप ऐसा ब्रेकफास्ट चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ हाई-प्रोटीन, पौष्टिक और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाए, तो Matcha Mango Yogurt Bowl एक शानदार विकल्प हो सकता है। हाल ही में हेल्थ कोच ल्यूक कौटिन्हो ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस हाई-प्रोटीन रेसिपी को शेयर किया। यह रेसिपी न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि इसमें मौजूद प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, हेल्दी फैट्स और फाइबर शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने के साथ त्वचा की सेहत को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। यह हेल्दी बाउल सिर्फ 5 मिनट में तैयार हो जाता है, इसलिए यह बिजी लाइफस्टाइल वाले लोगों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है। Matcha Mango Yogurt Bowl बनाने के लिए आवश्यक सामग्री 1 कप बिना चीनी वाला गाढ़ा ग्रीक योगर्ट 1 छोटा चम्मच सेरेमोनियल माचा पाउडर 1 छोटा चम्मच मंक फ्रूट स्वीटनर (वैकल्पिक) 3 बड़े चम्मच पके आम के छोटे टुकड़े 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स या सब्जा के बीज (10 मिनट भीगे हुए) गार्निशिंग के लिए 1 छोटा चम्मच कद्दू के बीज 1 छोटा चम्मच सूरजमुखी के बीज 4–5 कटे हुए बादाम एक चुटकी माचा पाउडर ऐसे बनाएं हाई-प्रोटीन Matcha Mango Yogurt Bowl सबसे पहले चिया सीड्स या सब्जा के बीज को 10 मिनट तक पानी में भिगो दें। अब एक बाउल में ग्रीक योगर्ट, माचा पाउडर और मंक फ्रूट स्वीटनर डालकर अच्छी तरह फेंटें, ताकि मिश्रण पूरी तरह स्मूद और क्रीमी बन जाए। अब सर्विंग बाउल या ग्लास में सबसे पहले माचा योगर्ट की एक लेयर लगाएं। इसके ऊपर आम के टुकड़े और भीगे हुए चिया सीड्स डालें। इसी तरह दूसरी लेयर भी तैयार करें। अंत में कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज, कटे हुए बादाम और ऊपर से हल्का माचा पाउडर छिड़ककर तुरंत सर्व करें। परफेक्ट रेसिपी के लिए कुकिंग ट्रिक माचा पाउडर को पहले 1 चम्मच गुनगुने पानी में घोल लें, इससे गांठें नहीं बनेंगी। हमेशा गाढ़ा और ठंडा ग्रीक योगर्ट इस्तेमाल करें। मीठे और ठंडे आम का उपयोग करें ताकि स्वाद बेहतर आए। चिया सीड्स को कम से कम 10 मिनट भिगोना न भूलें। ड्राई फ्रूट्स सर्व करने से ठीक पहले डालें, ताकि उनका क्रंच बना रहे। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: लगभग 250 kcal प्रोटीन: 18.5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 21.5 ग्राम हेल्दी फैट: 10 ग्राम फाइबर: लगभग 6 ग्राम क्यों फायदेमंद है यह हाई-प्रोटीन बाउल? शरीर को इंस्टेंट और लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद करता है। मसल रिकवरी और मसल्स ग्रोथ के लिए प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। माचा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को फ्री-रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकते हैं। चिया सीड्स ओमेगा-3, फाइबर और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। ग्रीक योगर्ट में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक हैं। लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। फिटनेस लवर्स, जिम जाने वालों और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वालों के लिए उपयुक्त विकल्प।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग अपनी डाइट में सुपरफूड्स को शामिल कर रहे हैं और इन्हीं में से एक है मोरिंगा। मोरिंगा की पत्तियों को कई जगहों पर सहजन के पत्ते भी कहा जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि मोरिंगा पोषक तत्वों का खजाना है और इसे रोजाना के भोजन में शामिल करने से शरीर को कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स मिल सकते हैं। खासकर सुबह के नाश्ते में मोरिंगा के पत्तों का परांठा खाना बेहद फायदेमंद माना जा रहा है। विटामिन और मिनरल्स का पावरहाउस विशेषज्ञों के अनुसार, मोरिंगा की पत्तियों में विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी6 भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। यही वजह है कि इसे नेचुरल न्यूट्रिशन का पावरहाउस कहा जाता है। मोरिंगा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं। वहीं इसके एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण शरीर में सूजन कम करने में सहायक माने जाते हैं। यही कारण है कि जोड़ों के दर्द और शरीर में सूजन की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी मोरिंगा लाभदायक माना जाता है। इम्यूनिटी और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद डॉक्टर्स का कहना है कि मोरिंगा की पत्तियां इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद कर सकती हैं। इनमें मौजूद विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है, जिससे संक्रमण से लड़ने की ताकत बेहतर होती है। इसके अलावा कई रिसर्च में यह भी सामने आया है कि मोरिंगा शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी सहायक होता है। कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याओं में भी यह राहत पहुंचा सकता है। ऐसे बनाएं हेल्दी मोरिंगा परांठा मोरिंगा परांठा बनाना बेहद आसान है। इसके लिए गेहूं के आटे में बारीक कटी मोरिंगा की पत्तियां, हरी मिर्च, अजवाइन, हल्दी और स्वादानुसार नमक मिलाएं। फिर थोड़ा तेल डालकर नरम आटा गूंथ लें। इसके बाद लोइयां बनाकर परांठे बेलें और तवे पर हल्का घी या तेल लगाकर सुनहरा होने तक सेंक लें। यह हेल्दी परांठा दही, अचार या चाय के साथ खाया जा सकता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सुबह के नाश्ते में मोरिंगा परांठा खाने से शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है और दिनभर एक्टिव महसूस करने में मदद मिल सकती है।
Kuzhi Paniyaram को लेकर फिर बढ़ी चर्चा दक्षिण भारतीय पारंपरिक नाश्ता Kuzhi Paniyaram एक बार फिर चर्चा में है। अभिनेता R. Madhavan ने हाल ही में खुलासा किया कि यह उनकी पसंदीदा ब्रेकफास्ट डिश में से एक है। इसके बाद सेहत विशेषज्ञों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स ने भी इस डिश को हेल्दी मॉर्निंग मील बताया है। उनका कहना है कि यह पारंपरिक फर्मेंटेड डिश पाचन सुधारने, गट हेल्थ बेहतर रखने और वजन नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। क्या है Kuzhi Paniyaram? Kuzhi Paniyaram चावल और उड़द दाल के फर्मेंटेड बैटर से बनाया जाता है। इसे खास तरह के पैन में पकाया जाता है, जिससे इसका बाहरी हिस्सा कुरकुरा और अंदर से नरम रहता है। यह डिश स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर मानी जाती है। फर्मेंटेशन कैसे करता है गट हेल्थ बेहतर? विशेषज्ञों के अनुसार इस डिश का सबसे बड़ा फायदा इसका फर्मेंटेशन प्रोसेस है। डॉक्टरों का कहना है कि फर्मेंटेशन जटिल कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन को आंशिक रूप से तोड़ देता है, जिससे खाना आसानी से पच जाता है। यह शरीर में अच्छे बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा उड़द दाल में मौजूद फाइबर कब्ज और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक माना जाता है। वजन घटाने में भी मिल सकती है मदद विशेषज्ञों के मुताबिक Kuzhi Paniyaram वजन नियंत्रित करने में भी मददगार हो सकता है, खासकर जब इसे कम तेल में बनाया जाए। इसमें मौजूद फाइबर और प्रोटीन लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है। साथ ही यह ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ने से भी रोकने में मदद करता है। पैकेज्ड फूड से बेहतर माने जाते हैं पारंपरिक नाश्ते डॉक्टरों का कहना है कि पारंपरिक भारतीय नाश्ते पैकेज्ड और प्रोसेस्ड ब्रेकफास्ट फूड की तुलना में ज्यादा पौष्टिक होते हैं। जहां पैकेज्ड फूड में अधिक चीनी, मैदा और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, वहीं पारंपरिक व्यंजन प्राकृतिक सामग्री और घरेलू तरीके से बनाए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे नाश्ते ऊर्जा बनाए रखने के साथ पाचन तंत्र पर भी कम दबाव डालते हैं। इन हेल्दी ब्रेकफास्ट विकल्पों को भी माना गया फायदेमंद विशेषज्ञों ने कुछ अन्य पारंपरिक और गट-फ्रेंडली नाश्तों की भी सलाह दी है, जिनमें शामिल हैं: Idli और सांभर Dosa Moong Dal Cheela Besan Chilla Ragi Dosa वेजिटेबल उपमा दही, फल और नट्स Dhokla खानपान में संतुलन जरूरी विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि एसिडिटी, IBS, ब्लोटिंग या डायबिटीज जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अपने शरीर के अनुसार भोजन चुनना चाहिए और बहुत ज्यादा तेल वाला या भारी नाश्ता करने से बचना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक सामग्री और फर्मेंटेड फूड्स को डाइट में शामिल करना लंबे समय में बेहतर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आज के समय में बढ़ता वजन लोगों की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बन चुका है। कई लोग वजन कम करने के लिए जिम, एक्सरसाइज और डाइटिंग का सहारा लेते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी मनचाहा रिजल्ट नहीं मिल पाता। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ वर्कआउट ही नहीं बल्कि सही खानपान भी वजन घटाने में अहम भूमिका निभाता है। खासकर सुबह का नाश्ता यानी ब्रेकफास्ट पूरे दिन की फिटनेस और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है। ओट्स से करें दिन की शुरुआत वजन कम करने के लिए ओट्स को बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और बार-बार भूख लगने से बचाता है। ओट्स को दूध, फलों या ड्राई फ्रूट्स के साथ खाने से शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता है। डा देता है भरपूर प्रोटीन अगर आप तेजी से वजन घटाना चाहते हैं तो ब्रेकफास्ट में अंडा जरूर शामिल करें। अंडे में मौजूद प्रोटीन शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ लंबे समय तक भूख नियंत्रित रखने में मदद करता है। उबले अंडे या ऑमलेट दोनों ही हेल्दी विकल्प माने जाते हैं। दही और फल का हेल्दी कॉम्बिनेशन दही और फलों का मिश्रण वजन कम करने वालों के लिए बेहतरीन ब्रेकफास्ट माना जाता है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं, जबकि फल शरीर को विटामिन और मिनरल्स प्रदान करते हैं। पपीता, सेब, केला और बेरी जैसे फल दही के साथ खाने से फायदा मिल सकता है। स्प्राउट्स से मिलेगा भरपूर पोषण स्प्राउट्स यानी अंकुरित अनाज प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत होते हैं। यह लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं और शरीर को जरूरी न्यूट्रिशन भी देते हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें प्याज, टमाटर और नींबू मिलाया जा सकता है। ग्रीन स्मूदी भी है असरदार पालक, खीरा, सेब और पुदीना से बनी ग्रीन स्मूदी शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है। इसमें कैलोरी कम और पोषण ज्यादा होता है, जिससे वजन घटाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। नियमित रूप से हेल्दी ब्रेकफास्ट अपनाने से कुछ ही हफ्तों में शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगते हैं।
अगर आप बच्चों को हेल्दी और टेस्टी नाश्ता खिलाना चाहते हैं, तो ये गाजर की इडली परफेक्ट ऑप्शन है। इसका रंग, स्वाद और सॉफ्ट टेक्सचर बच्चों को तुरंत पसंद आ जाएगा बनाने के लिए सामग्री सफेद चावल – 1 कप उड़द दाल – ½ कप गाजर – 1 कप (कद्दूकस की हुई) नमक – स्वादानुसार ईनो – 1 छोटा चम्मच (या ¼ छोटा चम्मच बेकिंग सोडा) पानी – जरूरत अनुसार तेल – ग्रीस करने के लिए बनाने की आसान विधि दाल-चावल भिगोएं चावल और उड़द दाल को अलग-अलग 4–5 घंटे पानी में भिगो दें। घोल तैयार करें भीगे हुए चावल और दाल को मिक्सी में पीसकर स्मूद बैटर (घोल) बना लें (न ज्यादा पतला, न ज्यादा गाढ़ा) गाजर मिलाएं अब इसमें कद्दूकस की हुई गाजर नमक डालकर अच्छे से मिक्स करें चाहें तो हल्की तीखापन के लिए काली मिर्च या हरी मिर्च भी डाल सकते हैं ईनो डालें इडली बनाने से ठीक पहले बैटर में ईनो डालें और हल्के हाथ से मिलाएं बैटर तुरंत फूल जाएगा स्टीम करें इडली सांचे को तेल से ग्रीस करें बैटर डालें 10–12 मिनट तक स्टीम करें टूथपिक डालकर चेक करें - साफ निकले तो इडली तैयार कैसे परोसें? गरमा-गरम इडली को परोसें: नारियल चटनी टमाटर चटनी सांभर क्यों है हेल्दी? गाजर से मिलता है विटामिन A और फाइबर हल्की और आसानी से पचने वाली बच्चों और बड़ों दोनों के लिए परफेक्ट टिप अगर समय कम हो तो आप इंस्टेंट रवा इडली बैटर + गाजर मिलाकर भी बना सकते हैं
नई दिल्ली,एजेंसियां। सुबह का नाश्ता पूरे दिन की ऊर्जा और सेहत की बुनियाद माना जाता है। भारतीय घरों में पोहा और परांठा दो ऐसे नाश्ते हैं जो सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। दोनों ही स्वादिष्ट, जल्दी बनने वाले और अलग-अलग स्वाद के अनुसार तैयार किए जा सकते हैं। लेकिन जब बात हेल्थ की आती है, तो सवाल उठता है पोहा ज्यादा हेल्दी है या परांठा? जवाब पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी जरूरत क्या है और आप उसे किस तरीके से बना रहे हैं। परांठा: पेट भरने वाला और एनर्जी देने वाला नाश्ता परांठा आमतौर पर गेहूं के आटे से बनता है, जो कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है। इसका मतलब है कि यह शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता। अगर परांठा साबुत आटे से बनाया गया हो, तो इसमें फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है, जो पाचन को बेहतर बनाने और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है। अगर इसमें पनीर, दाल, आलू, गोभी, पालक या मेथी जैसी स्टफिंग डाली जाए, तो यह और ज्यादा पौष्टिक बन सकता है। खासकर पनीर या दाल वाला परांठा प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। हालांकि, परांठा तभी हेल्दी माना जाएगा जब इसे कम तेल या कम घी में बनाया जाए। मक्खन, अचार या ज्यादा तेल के साथ खाने पर इसकी कैलोरी काफी बढ़ सकती है। पोहा: हल्का, कम फैट और पचने में आसान दूसरी ओर, पोहा हल्का और आसानी से पचने वाला नाश्ता है। यह चपटे चावल से बनता है और कम समय में तैयार हो जाता है। पोहा खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा माना जाता है जो सुबह हल्का खाना पसंद करते हैं या वजन कंट्रोल करना चाहते हैं। इसमें कैलोरी और फैट अपेक्षाकृत कम होते हैं, इसलिए यह पेट पर भारी नहीं पड़ता। अगर पोहा में मटर, गाजर, प्याज, टमाटर, मूंगफली, करी पत्ता और नींबू डाला जाए, तो इसकी न्यूट्रिशन वैल्यू और बढ़ जाती है। इसे लोहे की कढ़ाही में बनाने पर इसमें आयरन की मात्रा भी बढ़ सकती है। पोहा शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट देता है, लेकिन परांठे की तुलना में यह हल्का महसूस होता है। आखिर कौन है ज्यादा हेल्दी? अगर आप हल्का, लो-फैट और जल्दी पचने वाला नाश्ता चाहते हैं, तो पोहा बेहतर विकल्प है। वहीं अगर आपको ज्यादा देर तक पेट भरा रखना है, ज्यादा ऊर्जा चाहिए या शारीरिक मेहनत ज्यादा होती है, तो परांठा बेहतर हो सकता है। कुल मिलाकर, दोनों ही हेल्दी हो सकते हैं—बस फर्क इस बात का है कि आप उन्हें किस सामग्री और किस मात्रा में खा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।