Sunrisers Hyderabad ने IPL 2026 के 63वें मुकाबले में Chennai Super Kings को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली। लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जीत से ज्यादा Ishan Kishan के सोशल मीडिया पोस्ट की हो रही है। चेपॉक में मिली इस बड़ी जीत के बाद ईशान किशन ने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा कैप्शन पोस्ट किया, जिसे कई फैंस CSK पर सीधा तंज मान रहे हैं। 70 रन की मैच विनिंग पारी चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए CSK ने 20 ओवर में 180 रन बनाए। टीम के लिए Dewald Brevis ने 44 रन और कार्तिक शर्मा ने 32 रन की उपयोगी पारी खेली। जवाब में SRH ने 19 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। ईशान किशन ने 47 गेंदों पर 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि Heinrich Klaasen ने 47 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इंस्टाग्राम पोस्ट ने खींचा ध्यान मैच खत्म होने के बाद ईशान किशन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा: “One thing louder than the whistle was the bat. Into the playoffs.” इस 12 शब्दों के कैप्शन को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई फैंस इसे CSK के मशहूर नारे “Whistle Podu” पर तंज के तौर पर देख रहे हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के घरेलू मुकाबलों में फैंस बड़ी संख्या में व्हिसल लेकर स्टेडियम पहुंचते हैं और टीम को सपोर्ट करते हैं। ऐसे में ईशान का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया। मैदान पर भी दिखा अलग अंदाज रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैच खत्म होने के बाद ईशान किशन ने मैदान पर मौजूद दर्शकों की तरफ व्हिसल बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से “घर जाने” का संकेत भी दिया। यह मुकाबला CSK के घरेलू मैदान चेपॉक में खेला गया था, इसलिए इस प्रतिक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। शुभमन गिल भी कर चुके हैं ऐसा पोस्ट इससे पहले Shubman Gill भी CSK के खिलाफ जीत के बाद व्हिसल बजाते हुए फोटो पोस्ट कर चुके हैं। अब ईशान किशन का पोस्ट भी उसी तरह वायरल हो रहा है। प्लेऑफ में पहुंची SRH इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद के 13 मैचों में 16 अंक हो गए हैं और टीम पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। अब SRH की नजरें टॉप-2 फिनिश पर होंगी। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के लिए प्लेऑफ की राह अब बेहद मुश्किल हो गई है।
Indian Premier League में प्लेऑफ की रेस के साथ-साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की जंग भी बेहद दिलचस्प होती जा रही है। Delhi Capitals के स्टार बल्लेबाज KL Rahul ने पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के बाद ऑरेंज कैप की सूची में एक स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। हालांकि राहुल इस मुकाबले में बड़ी पारी नहीं खेल सके और सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उनके कुल रन 477 हो गए हैं। उन्होंने इस सीजन 12 पारियों में 177.98 के शानदार स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। ऑरेंज कैप की रेस में कांटे की टक्कर KL Rahul अब ऑरेंज कैप की दौड़ में दूसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं, लेकिन उनकी यह स्थिति ज्यादा सुरक्षित नहीं मानी जा रही। Sunrisers Hyderabad के विस्फोटक बल्लेबाज Abhishek Sharma 475 रन के साथ बेहद करीब हैं, जबकि Gujarat Titans के कप्तान Shubman Gill 462 रन के साथ पीछे चल रहे हैं। ऑरेंज कैप फिलहाल Heinrich Klaasen के पास है। Sunrisers Hyderabad के इस बल्लेबाज ने 11 पारियों में 494 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 157.32 का रहा है। Orange Cap टॉप बल्लेबाज स्थान खिलाड़ी टीम रन पारी स्ट्राइक रेट 1 Heinrich Klaasen सनराइजर्स हैदराबाद 494 11 157.32 2 KL Rahul दिल्ली कैपिटल्स 477 12 177.98 3 Abhishek Sharma सनराइजर्स हैदराबाद 475 11 - 4 Shubman Gill गुजरात टाइटंस 462 11 - पर्पल कैप में भुवनेश्वर कुमार का जलवा गेंदबाजी में Bhuvneshwar Kumar ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। Royal Challengers Bengaluru के अनुभवी तेज गेंदबाज ने Mumbai Indians के खिलाफ 23 रन देकर 4 विकेट झटके और पर्पल कैप की दौड़ में अपनी बढ़त मजबूत कर ली। 36 साल के भुवनेश्वर इस सीजन लगातार शानदार लय में नजर आ रहे हैं। यह इस सीजन उनका छठा तीन विकेट हॉल था और पहली बार उन्होंने चार विकेट लेने का कारनामा किया। अब उनके नाम 21 विकेट हो चुके हैं। पर्पल कैप की रेस भी बेहद दिलचस्प Kagiso Rabada 18 विकेट के साथ भुवनेश्वर के पीछे बने हुए हैं। वहीं Anshul Kamboj ने Chennai Super Kings के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए 19 विकेट पूरे कर लिए हैं और कुछ समय के लिए वह शीर्ष पर भी पहुंच गए थे। सीजन के आखिरी चरण में अब बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच यह मुकाबला और रोमांचक होने वाला है।
Delhi Capitals vs Kolkata Knight Riders मुकाबले के बाद Orange और Purple Cap की रेस में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन शनिवार को Rajasthan Royals और Gujarat Titans के बीच होने वाला मुकाबला तस्वीर बदल सकता है। दिल्ली पर आसान जीत के बाद Kolkata Knight Riders के खिलाड़ियों ने जरूर असर डाला, लेकिन अब सबसे ज्यादा नजरें उन खिलाड़ियों पर हैं जो शनिवार रात Orange और Purple Cap की दौड़ को पूरी तरह पलट सकते हैं। Orange Cap की रेस में कौन आगे? रनों की सूची में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। KL Rahul ने 23 रन की पारी खेलकर अपना कुल स्कोर 468 तक पहुंचा दिया है और वह तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। वहीं Abhishek Sharma 475 रन के साथ दूसरे और Heinrich Klaasen 494 रन के साथ Orange Cap की रेस में शीर्ष पर हैं। अब सबकी नजरें Vaibhav Sooryavanshi पर होंगी, जिन्होंने इस सीजन शानदार बल्लेबाजी करते हुए 404 रन बना लिए हैं और फिलहाल पांचवें स्थान पर हैं। इसके अलावा B Sai Sudharsan 385 रन के साथ सातवें और Shubman Gill 378 रन के साथ दसवें नंबर पर मौजूद हैं। अगर शनिवार के मैच में बड़ा स्कोर बनता है तो Orange Cap की टेबल में बड़ा बदलाव संभव है। Purple Cap की रेस में बढ़ा रोमांच Kartik Tyagi लगातार विकेट लेकर चर्चा में हैं। Kolkata Knight Riders के लिए खेलते हुए उन्होंने पिछले चार मैचों में 8 विकेट झटके हैं। दिल्ली के खिलाफ भी उन्होंने दो विकेट लिए, जिससे उनका कुल विकेट आंकड़ा 13 पहुंच गया। हालांकि Purple Cap की टॉप-5 सूची फिलहाल जस की तस बनी हुई है। Bhuvneshwar Kumar – 17 विकेट Anshul Kamboj – 17 विकेट Prince Yadav – 16 विकेट Kagiso Rabada – 16 विकेट Eshan Malinga – 16 विकेट आज की रात बदल सकती है Purple Cap की तस्वीर शनिवार को सबसे ज्यादा नजरें Kagiso Rabada और Jofra Archer पर रहेंगी। रबाडा ने पिछले छह मैचों में 12 विकेट लेकर शानदार फॉर्म दिखाई है। अगर वह इसी लय को जारी रखते हैं, तो शनिवार रात तक Purple Cap उनके सिर पर हो सकती है। दूसरी ओर Jofra Archer 15 विकेट के साथ टॉप खिलाड़ियों के बेहद करीब हैं। सिर्फ दो विकेट उन्हें शीर्ष स्थान तक पहुंचा सकते हैं। पावरप्ले में रबाडा और आर्चर की गेंदबाजी इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण बन सकती है।
Punjab Kings की Indian Premier League 2026 में शानदार शुरुआत अब लड़खड़ाती नजर आ रही है। सीजन के पहले हिस्से में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली पंजाब किंग्स अब लगातार तीन मैच हार चुकी है। ताजा मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने PBKS को 33 रनों से हराकर पॉइंट्स टेबल में टॉप स्थान हासिल कर लिया। इस हार के बाद पंजाब की सबसे बड़ी कमजोरी उनकी खराब फील्डिंग और लगातार छूटते कैच बनकर सामने आई है। मैच में PBKS ने तीन आसान कैच छोड़े और एक स्टंपिंग का मौका भी गंवाया, जिसका हैदराबाद के बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। ‘कैच छोड़ना सबसे बड़ा झटका रहा’ – श्रेयस अय्यर पंजाब किंग्स के कप्तान Shreyas Iyer ने मैच के बाद माना कि ड्रॉप कैच टीम के लिए सबसे बड़ा नुकसान साबित हुए। उनका कहना था कि अगर टीम ने मौके नहीं गंवाए होते, तो हैदराबाद का स्कोर 30-40 रन कम हो सकता था। वहीं टीम के स्पिन बॉलिंग कोच Sairaj Bahutule ने भी माना कि खराब फील्डिंग ने मैच का मोमेंटम पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कहा, “अगर आप ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन जैसे बल्लेबाजों के कैच छोड़ेंगे, तो वे आपको इसकी बड़ी कीमत चुकवाएंगे।” कैसे बदला मैच का रुख? पहला कैच 8वें ओवर में छूटा, जब Ishan Kishan ने Lockie Ferguson की गेंद पर शॉट खेला और Cooper Connolly ने डीप स्क्वायर लेग पर आसान मौका गंवा दिया। उस समय ईशान किशन सिर्फ 9 रन पर थे। बाद में उन्होंने 32 गेंदों में 55 रन ठोक दिए। इसके बाद Shashank Singh ने Heinrich Klaasen का आसान कैच छोड़ दिया। उस वक्त क्लासेन केवल 9 रन पर थे और बाद में उन्होंने 69 रन की मैच बदलने वाली पारी खेली। 11वें ओवर में एक और मौका हाथ से निकल गया, जब फर्ग्यूसन फाइन लेग पर कैच का सही अंदाजा नहीं लगा सके। इसी ओवर में Prabhsimran Singh ने स्टंपिंग का भी मौका गंवा दिया। ‘फील्डिंग में डर बैठ जाता है’ सैराज बहुतुले ने शशांक सिंह के खराब फॉर्म पर बात करते हुए कहा कि लगातार कैच छूटने से खिलाड़ियों के मन में डर और संदेह पैदा होने लगता है। उन्होंने कहा, “जैसे बल्लेबाज रन नहीं बनने पर सोच में पड़ जाता है, वैसे ही फील्डर भी सोचने लगता है कि आखिर उससे कैच क्यों छूट रहे हैं। धीरे-धीरे दबाव और घबराहट बढ़ने लगती है।” एक्सपर्ट्स ने उठाए तकनीक और लाइट्स पर सवाल पूर्व क्रिकेटर Katey Martin और Deep Dasgupta ने भी पंजाब की फील्डिंग पर सवाल उठाए। मार्टिन ने कहा कि खिलाड़ियों की कैचिंग तकनीक कमजोर दिखी और संभव है कि फ्लडलाइट्स की वजह से गेंद को ट्रैक करने में दिक्कत हुई हो। वहीं दीप दासगुप्ता ने कहा कि लगातार कैच छूटने के बाद खिलाड़ी गेंद से बचने की कोशिश करने लगता है। उन्होंने कहा, “फील्डिंग पूरी तरह आत्मविश्वास और मानसिकता का खेल है। सबसे खराब स्थिति तब होती है जब खिलाड़ी गेंद अपने पास नहीं चाहता।” अब बढ़ा PBKS पर दबाव लगातार तीन हार के बाद पंजाब किंग्स पर प्लेऑफ की रेस में दबाव बढ़ गया है। टीम की बल्लेबाजी अब भी मजबूत दिख रही है, लेकिन फील्डिंग की कमजोरियां उन्हें भारी पड़ रही हैं। अगर PBKS को टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उन्हें जल्द से जल्द अपनी फील्डिंग में सुधार करना होगा, क्योंकि IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में छोटे-छोटे मौके ही मैच का नतीजा बदल देते हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की प्रमुख सरकारी कंपनी Coal India Limited ने मैनेजमेंट ट्रेनी (MT) पदों पर भर्ती के लिए बड़ा ऐलान किया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 660 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी 12 मई 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 11 जून 2026 तय की गई है। शैक्षणिक योग्यता और पात्रता इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित विषय में न्यूनतम 60% अंकों के साथ स्नातक डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अलावा, उम्मीदवारों को अन्य निर्धारित योग्यताओं को भी पूरा करना होगा, जिसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी जाएगी। आयु सीमा और छूट उम्मीदवारों की आयु की गणना 30 अप्रैल 2026 के आधार पर की जाएगी। अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष निर्धारित है। हालांकि, आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को 3 वर्ष, एससी/एसटी को 5 वर्ष और दिव्यांग उम्मीदवारों को 10 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी। सैलरी और लाभ चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन पैकेज दिया जाएगा। मैनेजमेंट ट्रेनी पद के लिए सैलरी 60,000 रुपये से शुरू होकर 1,80,000 रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है। इसके अलावा अन्य सरकारी भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी। आवेदन प्रक्रिया उम्मीदवारों को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके लिए सबसे पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “Jobs” सेक्शन में जाना होगा। वहां रजिस्ट्रेशन कर आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसके बाद जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी और अंत में फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रखना होगा। युवाओं के लिए बड़ा मौका Coal India जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी पाने का यह एक शानदार अवसर है। प्रतियोगिता को देखते हुए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते आवेदन करें और अपनी तैयारी मजबूत रखें।
Indian Premier League 2026 में हर मुकाबले के साथ Orange Cap और Purple Cap की रेस और रोमांचक होती जा रही है। Sunrisers Hyderabad की Punjab Kings पर 33 रन की जीत के बाद बल्लेबाजों और गेंदबाजों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हैदराबाद की जीत के साथ टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच गई, जबकि उसके स्टार बल्लेबाजों ने Orange Cap की रेस में भी दबदबा बना लिया। Orange Cap की रेस में क्लासेन नंबर-1 Heinrich Klaasen इस सीजन लगातार शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। पंजाब के खिलाफ उन्होंने 69 रन की दमदार पारी खेली, जो इस सीजन उनका पांचवां अर्धशतक रहा। इसी के साथ क्लासेन 494 रनों के साथ Orange Cap लिस्ट में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 157.32 का है, जो दिखाता है कि वह SRH के मिडिल ऑर्डर की सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं। अभिषेक शर्मा दूसरे स्थान पर कायम Abhishek Sharma ने पंजाब के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में 35 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। वह अब 475 रनों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। पूरे सीजन में अभिषेक और क्लासेन लगातार टॉप-3 बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं और SRH की सफलता में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ईशान किशन ने लगाई लंबी छलांग Ishan Kishan ने 32 गेंदों में 55 रन की विस्फोटक पारी खेली और अब 409 रनों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। तीसरे नंबर पर KL Rahul बने हुए हैं, जिनके नाम 445 रन हैं। हालांकि पिछले मुकाबले में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। 400 रन क्लब में शामिल ये बल्लेबाज इस सीजन अब तक कई बल्लेबाज 400 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं– Vaibhav Suryavanshi – 404 रन Sanju Samson – 402 रन वहीं पंजाब किंग्स के लिए शानदार फॉर्म में चल रहे Cooper Connolly ने SRH के खिलाफ 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए। इस शतक के बाद वह 377 रनों के साथ 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। Purple Cap की रेस भी हुई रोमांचक गेंदबाजों की सूची में टॉप-5 नामों में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन Eshan Malinga ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Purple Cap की रेस को और दिलचस्प बना दिया है। पंजाब के कप्तान Shreyas Iyer का विकेट लेने के बाद मलिंगा के अब 16 विकेट हो गए हैं। वह विकेटों के मामले में Kagiso Rabada की बराबरी पर पहुंच गए हैं, हालांकि इकॉनमी रेट के कारण पीछे हैं। Purple Cap टॉप-5 Bhuvneshwar Kumar – 17 विकेट Anshul Kamboj – 17 विकेट Kagiso Rabada – 16 विकेट Eshan Malinga – 16 विकेट Jofra Archer – 15 विकेट IPL 2026 जैसे-जैसे प्लेऑफ की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे Orange Cap और Purple Cap की रेस और भी रोमांचक होती जा रही है।
आईपीएल 2026 के 49वें मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 33 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ हैदराबाद की टीम अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई, जबकि पंजाब किंग्स को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज Cooper Connolly की रही, जिन्होंने शानदार शतक लगाया, लेकिन उनकी यह पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। हैदराबाद ने खड़ा किया 235 रनों का विशाल स्कोर टॉस जीतकर पंजाब किंग्स ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन हैदराबाद के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। ओपनर Abhishek Sharma और Travis Head ने पहले विकेट के लिए 54 रनों की तेज साझेदारी की। अभिषेक शर्मा ने 35 रन बनाए, जबकि ट्रेविस हेड 38 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद Ishan Kishan और Heinrich Klaasen ने पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 48 गेंदों में 88 रनों की विस्फोटक साझेदारी की। ईशान किशन ने 55 रनों की पारी में 4 छक्के और 2 चौके लगाए। वहीं क्लासेन ने आक्रामक अंदाज में 69 रन बनाए। अंत में Nitish Kumar Reddy ने नाबाद 29 रन जोड़ते हुए टीम का स्कोर 4 विकेट पर 235 तक पहुंचा दिया। पंजाब की ओर से Arshdeep Singh, Lockie Ferguson, Yuzvendra Chahal और Vijaykumar Vyshak को 1-1 विकेट मिला। पंजाब की शुरुआत रही बेहद खराब 236 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। Priyansh Arya सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद Prabhsimran Singh 3 रन और कप्तान Shreyas Iyer 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। महज 23 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद पंजाब पूरी तरह दबाव में आ गई। हालांकि Marcus Stoinis और कूपर कोनोली ने पारी संभालने की कोशिश की। स्टोइनिस ने 28 रन बनाए। कूपर कोनोली का शानदार शतक एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन कूपर कोनोली लगातार लड़ते रहे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए। उनकी इस पारी में कई बड़े शॉट्स देखने को मिले और उन्होंने पंजाब की उम्मीद आखिर तक जिंदा रखी। Suryansh Shedge ने 25 रन और Marco Jansen ने 19 रन का योगदान दिया, लेकिन टीम जीत तक नहीं पहुंच सकी। पंजाब किंग्स 7 विकेट पर 202 रन ही बना सकी। हैदराबाद की ओर से कप्तान Pat Cummins और Shivam Kumar ने 2-2 विकेट लिए। वहीं Nitish Kumar Reddy, Eshan Malinga और Saqib Hussain को 1-1 सफलता मिली। इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए, बल्कि बेहतर नेट रन रेट के दम पर अंक तालिका में शीर्ष स्थान भी कब्जा लिया।
क्रिकेट की दुनिया में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। यूरोप में पहली बार लॉन्च हो रही European T20 Premier League को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। इस लीग में कई दिग्गज खिलाड़ियों ने टीमों में निवेश किया है, जिनमें दक्षिण अफ्रीका के स्टार Faf du Plessis, Jonty Rhodes और Heinrich Klaasen शामिल हैं। रॉटरडैम टीम के को-ओनर बने तीन दिग्गज Faf du Plessis, Jonty Rhodes और Heinrich Klaasen ने मिलकर ETPL की रॉटरडैम फ्रेंचाइजी को खरीदा है। यह छह टीमों की लीग होगी, जिसमें कुल 33 मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट 26 अगस्त से 20 सितंबर तक आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स में आयोजित होगा। खास बात यह है कि Faf du Plessis और Heinrich Klaasen सिर्फ मालिक ही नहीं, बल्कि टीम के लिए खेलते भी नजर आएंगे। डु प्लेसिस टीम की कप्तानी भी संभालेंगे। ‘ग्लोबल लीग के साथ जुड़ना था लक्ष्य’ Faf du Plessis ने कहा कि एक ‘सर्किट प्लेयर’ के तौर पर वह दुनिया की बेहतरीन T20 लीग्स के साथ जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को “नई लीग को बनाने और यूरोप में क्रिकेट को बढ़ाने का शानदार मौका” बताया। वहीं Heinrich Klaasen ने इसे “आसान बिजनेस फैसला” करार दिया। उनका कहना है कि इतने बड़े नामों के साथ जुड़ना एक शानदार अवसर है, जिसे छोड़ना भविष्य में पछतावे का कारण बन सकता था। अन्य बड़े नाम भी जुड़े ETPL में कई और दिग्गज खिलाड़ी भी टीम मालिकों के रूप में शामिल हैं। Steve Waugh एम्स्टर्डम टीम से जुड़े हैं, जबकि Glenn Maxwell बेलफास्ट फ्रेंचाइजी के को-ओनर हैं। Chris Gayle भी ग्लासगो टीम से जुड़े हैं। यूरोप में क्रिकेट को बढ़ावा देने का लक्ष्य Jonty Rhodes ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ चार हफ्तों का टूर्नामेंट खेलना नहीं है, बल्कि यूरोप में क्रिकेट के पूरे इकोसिस्टम को विकसित करना है। उन्होंने जर्मनी, इटली और फ्रांस जैसे देशों में क्रिकेट के बढ़ते क्रेज का भी जिक्र किया। नई लीग, नई चुनौती हालांकि यूरोप में क्रिकेट अभी मुख्य खेल नहीं है, लेकिन ETPL इसे लोकप्रिय बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। Faf du Plessis का मानना है कि अगर लीग का प्रोडक्ट मजबूत होगा, तो दर्शक खुद आकर्षित होंगे और धीरे-धीरे फैनबेस भी बढ़ेगा।
आईपीएल 2026 में Chennai Super Kings की मुंबई इंडियंस पर बड़ी जीत के बाद ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। इस मुकाबले ने न सिर्फ रिकॉर्ड बदले, बल्कि टॉप खिलाड़ियों की रैंकिंग भी हिला दी। ऑरेंज कैप: टॉप-3 में पहुंचे संजू सैमसन Sanju Samson ने शानदार शतक के दम पर ऑरेंज कैप की रेस में लंबी छलांग लगाई है। अब उनके खाते में 293 रन हो चुके हैं और वह सीधे तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। हालांकि, अभी भी टॉप पर Abhishek Sharma (323 रन) और दूसरे स्थान पर Heinrich Klaasen (320 रन) बने हुए हैं। ऑरेंज कैप की रेस और रोमांचक हो सकती है, क्योंकि Shubman Gill (265 रन), Virat Kohli (247 रन) और Rajat Patidar (230 रन) भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पर्पल कैप: कम्बोज ने फिर मारी बाजी गेंदबाजी में Anshul Kamboj ने एक बार फिर बाजी मार ली है। मुंबई के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 3 ओवर में 10 रन देकर 1 विकेट लिया और कुल 14 विकेट के साथ पर्पल कैप अपने नाम कर ली। Prince Yadav 13 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि Eshan Malinga और Prasidh Krishna 12-12 विकेट लेकर रेस में बने हुए हैं। आगे और बदल सकती है तस्वीर आईपीएल 2026 का रोमांच अभी जारी है और हर मैच के साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस में बदलाव देखने को मिल रहा है। खासकर आने वाले मुकाबलों में बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों अपनी पोजिशन मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
आईपीएल 2026 में एक बार फिर Virat Kohli का बल्ला जमकर बोल रहा है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) के स्टार बल्लेबाज कोहली ने लखनऊ के खिलाफ शानदार पारी खेलते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली है। इम्पैक्ट प्लेयर बनकर भी छाए कोहली Lucknow Super Giants के खिलाफ मुकाबले में कोहली ने 34 गेंदों में 49 रन की अहम पारी खेली और टीम को 147 रन का लक्ष्य हासिल करने में मदद की। यह पहली बार था जब RCB ने उन्हें Impact Player के रूप में इस्तेमाल किया। इस पारी के साथ कोहली के इस सीजन में कुल 228 रन हो गए हैं, जिससे वह रन बनाने वालों की सूची में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। खास बात यह है कि कोहली हाल ही में घुटने में दर्द से जूझ रहे थे, फिर भी उन्होंने मैदान पर आकर टीम के लिए अहम योगदान दिया। ऑरेंज कैप की रेस में कड़ी टक्कर कोहली के बाद दूसरे स्थान पर Heinrich Klaasen हैं, जो Sunrisers Hyderabad के लिए खेलते हुए 224 रन बना चुके हैं। तीसरे स्थान पर RCB के कप्तान Rajat Patidar पहुंच गए हैं, जिन्होंने लखनऊ के खिलाफ 13 गेंदों में 27 रन की तेज पारी खेली। इसके अलावा Ishan Kishan और Vaibhav Sooryavanshi भी 200+ रन के आंकड़े को पार कर चुके हैं, जिससे इस सीजन की रन रेस और रोमांचक हो गई है। पर्पल कैप की दौड़ भी दिलचस्प गेंदबाजी में Anshul Kamboj (Chennai Super Kings) और Prasidh Krishna (Gujarat Titans) 10-10 विकेट के साथ टॉप पर बने हुए हैं। उनके पीछे Ravi Bishnoi (Rajasthan Royals) और Prince Yadav (LSG) 9-9 विकेट लेकर दबाव बनाए हुए हैं। वहीं Bhuvneshwar Kumar और Krunal Pandya 7-7 विकेट के साथ रेस में बने हुए हैं। खास बात यह है कि क्रुणाल इस सीजन के टॉप विकेट-टेकर्स में इकलौते फिंगर स्पिनर हैं। सीजन होता जा रहा रोमांचक IPL 2026 में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी फॉर्म में लौटे हैं, वहीं युवा खिलाड़ी भी लगातार चुनौती पेश कर रहे हैं। आने वाले मुकाबलों में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस और भी दिलचस्प होने वाली है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।